एक दिन में अंडे फेंकने की तीन घटनाएं: पूरे बंगाल में टीएमसी नेताओं को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 जून, 2026, 20:10 IST बंगाल में जनता का गुस्सा देखने को मिल रहा है क्योंकि निवासियों ने टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंके हैं, जिसमें सुजॉय हाजरा, बप्पादित्य दासगुप्ता और मोहम्मद जसीमुद्दीन भ्रष्टाचार और आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। मिदनापुर में, स्थानीय लोगों ने टीएमसी नेता सुजॉय हाजरा को ले जा रहे एक पुलिस वाहन पर अंडे फेंके और उन पर आवास निर्माण के लिए पैसे लेने लेकिन वादा किए गए घर देने में विफल रहने का आरोप लगाया। रविवार को पूरे पश्चिम बंगाल में जनता के गुस्से की लहर फैल गई क्योंकि निवासियों ने भ्रष्टाचार और आपराधिक आरोपों से जुड़ी कई घटनाओं में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं पर अंडे फेंके। मिदनापुर में, स्थानीय लोगों ने टीएमसी नेता सुजॉय हाजरा को ले जा रहे एक पुलिस वाहन पर अंडे फेंके और उन पर आवास निर्माण के लिए पैसे लेने लेकिन वादा किए गए घर देने में विफल रहने का आरोप लगाया। वीडियो | मिदनापुर, पश्चिम बंगाल: निवासियों ने टीएमसी नेता सुजॉय हाजरा को ले जा रहे एक पुलिस वाहन पर अंडे फेंके, दावा किया कि उन्होंने आवास निर्माण के लिए पैसे लिए थे, लेकिन वादा किए गए घर देने में विफल रहे। (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/o9LkCQu08B – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 7 जून, 2026 सरकारी अभियोजक नजीम हबीब के अनुसार, हाजरा ने 2021 में इमरान नाम के एक शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 10 लाख रुपये लिए थे और बार-बार मांगने के बावजूद पैसे वापस नहीं किए या विवाद का समाधान नहीं किया। ताजा गिरफ्तारियों से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है कोलकाता में अलग-अलग घटनाओं में, दो टीएमसी पार्षदों को आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया, जिससे अराजक दृश्य और सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पाटुली में पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता और उत्तरी कोलकाता में मोहम्मद जसीमुद्दीन पर गुस्साए निवासियों ने अंडे से हमला किया, क्योंकि पुलिस उन्हें ले जा रही थी। दासगुप्ता को जबरन वसूली, धमकी, आपराधिक अतिक्रमण और आगजनी के प्रयास सहित आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने निर्माण कार्य की अनुमति देने के लिए पैसे की मांग की थी और बाद में आंशिक भुगतान के बाद शिकायतकर्ताओं पर दबाव डाला। एक अलग मामले में, जसीमुद्दीन को यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि ताला बनाने वाले की मदद से हिरासत में लेने से पहले उसने कथित तौर पर कई घंटों तक खुद को अपने आवास के अंदर बंद कर लिया था। व्यापक अशांति कोलकाता के दोनों मामलों में, निवासियों के बड़े समूह पुलिस स्टेशनों के बाहर और एस्कॉर्ट मार्गों पर एकत्र हुए, नारे लगाए और नेताओं पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। जब आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत ले जाया गया तो अंडे फेंकने की घटनाएं सामने आईं। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भाजपा सरकार में मंत्री इंद्रनील खान ने कहा कि ये घटनाएं कथित गलत कामों के खिलाफ बोलने की बढ़ती सार्वजनिक इच्छा को दर्शाती हैं। “लोगों का ये आक्रोश इन टीएमसी नेताओं द्वारा उन्हें लंबे समय तक प्रताड़ित किए जाने का नतीजा है। लोग अब शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने आ रहे हैं क्योंकि उन्हें पीएम मोदी के ‘भोय बाहर, भरोसा अंदर’ के नारे पर भरोसा है।” खान ने कहा, “ये आरोपी नेता कानून से बच नहीं सकते, जो अपना काम करेगा। मैं केवल वही दोहराऊंगा जो हमारे मुख्यमंत्री ने बंगाल के लोगों से कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की है।” (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया एक दिन में अंडे फेंकने की तीन घटनाएं: पूरे बंगाल में टीएमसी नेताओं को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुजॉय हाजरा आवास घोटाला(टी)सुजॉय हाजरा(टी)टीएमसी नेता विवाद(टी)मिदनापुर विरोध(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)आवास निर्माण धोखाधड़ी(टी)पुलिस वाहन पर हमला(टी)अंडे फेंकने की घटना
आधी रात को किडनैप हो गए थे इम्तियाज अली:कॉलेज के दिनों पर डायरेक्टर का खुलासा; बोले- पोस्टर हटाने पर गैंग ने किया था अगवा

फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली ने अपने कॉलेज के दिनों का एक चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। समदिश भाटिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि दिल्ली में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की दीवार से एक पॉलिटिकल पोस्टर हटाने को लेकर उनका स्थानीय गैंग से विवाद हो गया था। इसके बाद गैंग के लोग आधी रात को हॉस्टल से उनका अपहरण कर ले गए थे। हालांकि, बाद में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद वे सुरक्षित बचकर निकलने में कामयाब रहे। इम्तियाज अली इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं। दीवार से पोस्टर हटाने पर हुआ था विवाद इम्तियाज अली ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से साल 1993 में ग्रेजुएशन पूरा किया था। उन्होंने बताया कि उस समय यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में एनएसयूआई (NSUI) और एबीवीपी (ABVP) के बीच छात्र राजनीति का कड़ा मुकाबला रहता था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके हॉस्टल की मुख्य सामने वाली दीवार पर एक राजनीतिक पोस्टर लगा दिया था। इम्तियाज ने उन लोगों से पोस्टर को सामने की बजाय साइड की दीवार पर लगाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद इम्तियाज ने उनके सामने ही पोस्टर को वहां से हटाकर साइड की दीवार पर लगा दिया, जिससे वे लोग नाराज होकर चले गए। आधी रात को साइकिल रिक्शा से लेने आई थी गैंग इम्तियाज ने बताया कि इस घटना के कुछ दिनों बाद रात के करीब 2 बजे उनके एक हॉस्टल साथी ने आकर उन्हें जगाया और वहां से भागने के लिए कहा। उसने बताया कि वे लोग वापस आ रहे हैं। कुछ ही देर में गैंग के लोग हॉस्टल पहुंचे और इम्तियाज से अपने साथ चलने को कहा। जब इम्तियाज ने उनसे पूछा कि कहां जाना है, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वे लोग इम्तियाज को जबरन एक साइकिल रिक्शा में बैठाकर एक सरकारी क्वार्टर जैसी जगह पर ले गए। वहां एक राजनीतिक संगठन से जुड़ा उनका गैंग लीडर मौजूद था, जिसने इम्तियाज से पूछताछ शुरू की। गैंग लीडर ने अपने ही आदमी को मारे थप्पड़ गैंग लीडर ने इम्तियाज से पूछा कि उन्होंने पोस्टर क्यों फाड़ा। इम्तियाज ने उसे सच बताते हुए कहा कि उन्होंने पोस्टर फाड़ा नहीं था, बल्कि हॉस्टल की बिल्डिंग सामने से खराब न दिखे, इसलिए उसे केवल हटाकर दूसरी जगह लगाया था। इसके बाद गैंग लीडर ने अपने उस आदमी से पूछा जो इम्तियाज को पकड़कर लाया था कि क्या सच में पोस्टर फाड़ा गया था। उस आदमी ने जवाब दिया कि हटाना या फाड़ना एक ही बात है। यह सुनते ही गैंग लीडर नाराज हो गया और झूठ बोलने के लिए उसने अपने ही आदमी को दो थप्पड़ मार दिए। इस आपसी बहस के बीच इम्तियाज वहां से सुरक्षित बचकर निकल आए। 12 जून को रिलीज होगी नई फिल्म कॉलेज के दिनों के इस किस्से के अलावा इम्तियाज अली इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी और नसीरुद्दीन शाह मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म की कहानी भारत के विभाजन (पार्टीशन) के बैकग्राउंड पर आधारित एक गंभीर प्रेम कहानी है। इसमें बीते दौर और वर्तमान समय को आपस में जोड़कर प्यार, जुदाई और पीढ़ियों के संबंधों को पर्दे पर उतारा गया है।
एक्शन थ्रिलर:सलमान-नयनतारा मुंबई में पूरे करेंगे बड़े स्टंट, नया शूट 10 जून से होगा शुरू

सलमान खान की अगली फिल्म को लेकर हलचल तेज हो गई है। नयनतारा के साथ उनकी पहली ऑनस्क्रीन जोड़ी वाली इस एक्शन थ्रिलर की शूटिंग अब मुंबई के बांद्रा इलाके में होने जा रही है। मनाली शेड्यूल पूरा करने के बाद फिल्म की टीम 10 जून से मुंबई के नए शेड्यूल की शुरुआत करेगी, जहां सलमान और नयनतारा कई बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्माएंगे। सूत्रों के मुताबिक बांद्रा और उसके आसपास के कई वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग होगी, क्योंकि निर्देशक वामशी पेडिपल्ली इन सीन्स को पूरी तरह शहरी परिवेश और रियल टेक्सचर के साथ परदे पर उतारना चाहते हैं। फिल्म में चेज सीक्वेंस, व्हीकल बेस्ड स्टंट, क्लोज-कॉम्बैट फाइट्स और भीड़ के बीच फिल्माए जाने वाले हाई-वोल्टेज एक्शन सीन्स शामिल हैं। नए शेड्यूल की खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस होगा फिल्म के इस नए शेड्यूल की सबसे बड़ी खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस बताया जा रहा है, जिसे कहानी का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह सीक्वेंस एक पीछा करने वाली घटना से शुरू होगा और धीरे-धीरे बड़े टकराव में बदल जाएगा। निर्माता दिल राजू इस फिल्म को पैन-इंडिया स्तर पर डेवलप कर रहे हैं और इसके एक्शन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मनाली के बाद मुंबई और फिर जुलाई में हैदराबाद में फिल्म का अगला बड़ा शेड्यूल रखा गया है। सलमान के खास लुक के लिए प्रीतीशील सिंह फिल्म से जुड़ीं फिल्म की तकनीकी तैयारियां भी बड़े स्तर पर चल रही हैं। सलमान के लुक के लिए चर्चित मेकअप और प्रॉस्थेटिक्स डिजाइनर प्रीतीशील सिंह को जोड़ा गया है, जो सुपरस्टार के लिए पहले कभी न देखे गए कई अलग-अलग लुक तैयार कर रही हैं। प्रीतीशील इससे पहले ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज, ‘करप्पु’, ‘छावा’, ‘खलनायक रिटर्न्स’ आदि में एक्टर्स के लुक पर काम कर चुकी हैं। म्यूजिक को लेकर भी चर्चा है कि अनिरुद्ध रविचंदर और थमन एस जैसे नाम प्रोजेक्ट से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल फिल्म को ईद 2027 पर रिलीज करने की योजना है। ऐसे में मुंबई में शुरू होने वाला यह नया एक्शन शेड्यूल फिल्म के सबसे अहम शेड्यूल्स में से एक माना जा रहा है। नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा फिल्म को लेकर हाल के हफ्तों में कई अन्य दिलचस्प जानकारियां भी सामने आई हैं। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का संभावित टाइटल ‘द मैसेंजर्स’ बताया गया, हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि यह एक इंटेंस स्पाई-एक्शन थ्रिलर होगी, जो सलमान की स्पाई ड्रामा फिल्म ‘टाइगर’ फ्रेंचाइज से अलग टोन और शैली में बनाई जा रही है। वहीं नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा, बल्कि उन्हें एक मजबूत और एक्शन-ओरिएंटेड भूमिका में पेश किया जाएगा। अप्रैल 2026 में मुंबई में फिल्म की शूटिंग आधिकारिक रूप से शुरू हुई थी और तभी से यह प्रोजेक्ट ट्रेड और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
वैभव सूर्यवंशी बोले- मैं वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करूंगा:मुझे रेड बॉल खेलना पसंद, कोहली के कंधे पर हाथ रखना सपने जैसा था

वैभव सूर्यवंशी के भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने सोशल मीडिया पर उनका एक इंटरव्यू शेयर किया है। इंटरव्यू के दौरान वैभव ने कहा कि वे आने वाले 20 साल तक सिर्फ क्रिकेट ही नहीं खेलेंगे, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट को डोमिनेट करने का काम करेंगे। वैभव ने कहा कि उनका सपना क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खेलना है। राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर के साथ इंटरव्यू में उन्होंने IPL 2026 के फाइनल मुकाबले का भी जिक्र किया और कहा, ‘जब विराट कोहली ने मेरे कंधे पर हाथ रखा तो मुझे ये किसी सपने की तरह लगा।’ बता दें वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। 15 साल, 71 दिन के वैभव को जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के साथ-साथ सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए चुना गया है। पढ़िए वैभव सूर्यवंशी का पूरा इंटरव्यू राजस्थान रॉयल्स की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में टीम मैनेजर रोमी भिंडर ने वैभव सूर्यवंशी से पूछा- IPL 2026 की पूरी जर्नी को किस तरह देखते हैं? इस पर वैभव ने कहा, “IPL का टूर्नामेंट दो से ढाई महीने तक चलता है। इसमें मेंटली और फिजिकली रूप से मजबूत रहना पड़ता है। हर मैच के बाद हम टीम में बैठकर चर्चा करते थे कि क्या कमी रह गई। कौन-सी गलती हुई और उसे दोबारा कैसे नहीं दोहराना है। इससे हमें काफी फायदा हुआ, क्योंकि आपस में बातचीत करने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।” ऑरेंज कैप छूने का शौक था, आज पहन रहा हूं रोमी भिंडर ने फिर एक पुराना किस्सा याद दिलाते हुए कहा- वैभव जब पहली बार आपको ऑरेंज कैप मिली थी, तब आप हनुमान मंदिर गए थे और कहा था कि ऑरेंज कैप के बारे में नहीं सोचेंगे, वरना नजर लग जाएगी। इस पर वैभव ने मुस्कुराते हुए कहा, “जब मैं IPL में किसी खिलाड़ी के सिर पर ऑरेंज कैप देखता था, तो सोचता था कि एक बार इसे छूकर देखूं, लेकिन आज मैं खुद इसे पहन रहा हूं, तो बहुत अच्छा लग रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान मैंने इसके बारे में नहीं सोचा, क्योंकि मुझे लगता है कि ज्यादा सोचने से नजर लग जाती है।” फाइनल खेलता तो और ज्यादा अच्छा लगता रोमी भिंडर ने वैभव से यह भी पूछा- क्या आप IPL 2026 के अपने परफॉर्मेंस से संतुष्ट हैं? वैभव ने कहा, “अगर आखिरी मैच में हम जल्दी विकेट नहीं गंवाते, तो शायद हम IPL 2026 का फाइनल देख नहीं रहे होते, बल्कि खेलते। अगर टीम ट्रॉफी जीतती और उसके बाद मुझे ये अवॉर्ड्स मिलते, तो ज्यादा खुशी होती।” उन्होंने आगे कहा, “लोग पूछते हैं कि दूसरी ट्रॉफी कब आएगी। मुझे उम्मीद है कि सिर्फ दूसरी ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि आने वाले 20 सालों में तीसरी, चौथी और पांचवीं ट्रॉफी भी जीतेंगे।” मुझे रेड बॉल खेलना पसंद है सुनील गावस्कर से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने कहा- कई लोगों ने मुझसे पूछा था कि क्या मैं भविष्य में रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहता हूं या नहीं। मैंने इसी सवाल का जवाब सुनील गावस्कर सर को भी दिया था कि मुझे रेड बॉल क्रिकेट खेलना पसंद है। मैं रेड-बॉल क्रिकेट के लिए लगातार प्रैक्टिस भी कर रहा हूं। अपने राज्य के लिए भी मैंने काफी रेड-बॉल मैच खेले हैं। रेड-बॉल और वनडे क्रिकेट में टीम की जरूरत के अनुसार, जिस तरह की बल्लेबाजी करनी होगी, मैं अपने खेल को उसी हिसाब से ढालूंगा।” वैभव ने आगे कहा, “मेरा सपना भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलना है। बाकी सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है।” IPL में सिलेक्ट होने के बाद भगवान को 1 हजार बार थैंक्यू बोला वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “जब IPL ऑक्शन में मेरे लिए बोली लगी थी, तब मेरे मन में यह सवाल आया था कि मुझ पर सिर्फ दो टीमों ने ही बोली क्यों लगाई। मुझे लगता था कि मैं अच्छा खेलता हूं और ट्रायल्स में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था, इसलिए बाकी टीमों को भी मुझमें रुचि दिखानी चाहिए थी।” हालांकि, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के प्रति आभार जताते हुए कहा, “पिछले करीब डेढ़ साल से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहने के बाद मैं भगवान को कम-से-कम हजार बार धन्यवाद दे चुका हूं कि उन्होंने मुझे इस टीम तक पहुंचाया।” वैभव ने आगे कहा, “यहां सपोर्ट स्टाफ से लेकर ट्रेनर तक सभी लोग बेहद सपोर्टिव हैं। पूरी टीम एक परिवार की तरह है। सीनियर खिलाड़ी लगातार मेरा मार्गदर्शन करते हैं और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है।” खेलते समय दिमाग को मजबूत रखना बेहद जरूरी मैच से पहले की तैयारी और विजुअलाइजेशन (मेनिफेस्टेशन) को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “मैं हर मैच से पहले सोचता हूं कि किस गेंदबाज के खिलाफ मुझे किस तरह बल्लेबाजी करनी है। अगर मैच में किसी तरह की विशेष परिस्थिति आती है, तो उसमें मैं क्या करूंगा, इसकी भी पहले से कल्पना करता हूं। इससे काफी मदद मिलती है और मानसिक रूप से मजबूती मिलती है। जब आपको पहले से पता होता है कि अलग-अलग परिस्थितियों में क्या करना है, तो आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए माइंड को मजबूत रखना बहुत जरूरी है।” फैंस के सपोर्ट को शब्दों में बयां नहीं कर सकता फैंस के समर्थन पर वैभव सूर्यवंशी ने कहा, “जिस तरह से फैंस मुझे सपोर्ट करते हैं, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मैदान पर खेलते समय भी और सोशल मीडिया पर भी मुझे लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला है। यह मेरे लिए बेहद खास है।” वैभव ने कहा, “जब मैं पटना एयरपोर्ट पर उतरता हूं, तो ऐसा महसूस होता है कि अब घर आ गया हूं। मन में एक अलग तरह की सुरक्षा और सुकून का एहसास होता है। जब मैं बिहार में होता हूं, तो मन करता है कि कभी भी पैदल निकलकर घूमूं। यहां के लोगों का अपनापन अलग ही है। किसी अनजान व्यक्ति से भी बात कीजिए, तो ऐसा लगता है जैसे वर्षों से जानते हों। लोग बेहद सम्मान के साथ बात करते हैं और मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यही चीज बिहार को मेरे लिए खास
ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भारत की सड़कों पर बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। इस एक मिनट के AI वीडियो में ट्रम्प अलग-अलग अंदाज में दिखते है। वीडियो में उन्हें रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते, पैराग्लाइडिंग करते और एक शेर पर बैठे दिखाया गया है। एक सीन में वह स्पेससूट पहनकर चांद पर अमेरिकी झंडा लगाते भी नजर आते हैं। वीडियो में उनका चेहरा पिज्जा, बस, होर्डिंग, नॉर्दर्न लाइट्स और माउंट रशमोर पर भी दिखाया गया। वीडियो के बैकग्राउंड में खुद की तारीफ वाला गाना चल रहा है। इसमें लगातार ‘सब डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद करते है’ और ‘धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रम्प’ जैसे लिरिक्स सुने जा सकते हैं। वीडियो में भारत से लेकर चीन तक का जिक्र वीडियो के गाने में दावा किया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। गाने की लाइन में कहा गया कि मेक्सिको, मिडिल ईस्ट, चीन और भारत में सब ट्रम्प को पसंद करते है। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक मिनट का था, लेकिन इसके बोल में ‘ट्रम्प’ शब्द का इस्तेमाल पूरे 45 बार और ‘डोनाल्ड’ नाम का 29 बार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ‘एवरीबडी लव्स डोनाल्ड ट्रम्प’ गाना ट्रुथ सोशल पर ‘ac132’ नाम के यूजर ने बनाया था। वीडियो के आखिर में गाने का क्रेडिट एंथनी कॉन्स्टैंटिनो को दिया गया है। वह न्यूयॉर्क से ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। वीडियो शेयर होने के बाद कॉन्स्टैंटिनो ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके गाने को शेयर किया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया बताया, जबकि कई लोगों ने इसे ट्रम्प की खुद की तारीफ करने वाला प्रचार वीडियो कहा। एक यूजर कहा कि ट्रम्प इस वीडियो में कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसे लग रहे हैं। ट्रम्प पहले भी शेयर कर चुके हैं AI तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने AI-जनरेटेड कंटेंट शेयर किया हो। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद को जेम्स बॉन्ड के अंदाज में ‘ट्रम्प 007’ कैप्शन के साथ दिखाया था। इससे पहले वह खुद को ‘ग्रेटेस्ट अट्रैक्शन’ बताते हुए भी तस्वीर शेयर कर चुके हैं। पिछले महीने ट्रम्प ने एक AI-जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था। बाद में पोस्ट हटा ली गई, लेकिन ट्रम्प ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें लगा था कि तस्वीर में वह डॉक्टर की तरह दिख रहे हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह पारंपरिक मीडिया से ज्यादा सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का अहम जरिया मानते हैं। इसी वजह से ट्रुथ सोशल पर उनकी लगभग हर पोस्ट कुछ ही देर में राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन जाती है। ईरान युद्ध से जुड़ी AI तस्वीरें भी शेयर कीं ईरान युद्ध की शुरूआत से ही ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर सैन्य ताकत से जुड़ी कई AI-जनरेटेड तस्वीरें भी पोस्ट कीं है। इनमें ईरान की नौसेना को तबाह हालत में दिखाया गया था। एक तस्वीर में समुद्र में बड़ी संख्या में युद्धपोत डूबते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाया गया था। इन तस्वीरों के जरिए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर पड़ चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाके में अमेरिका बढ़त बना रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी और इन्हें AI से तैयार किया गया विजुअल कंटेंट माना गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा और डर पैदा करने वाला कंटेंट बताया, जबकि ट्रम्प समर्थकों ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि से जोड़कर देखा। एक्सपर्ट्स बोले- डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट बनाने की कोशिश ट्रम्प पिछले कुछ समय से AI का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग के बड़े हथियार के तौर पर कर रहे हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे “डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट” बनाने की कोशिश मानते हैं, जिसमें नेता को असाधारण और सर्वशक्तिमान दिखाया जाता है। यानी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति (जैसे- इन्फ्लुएंसर, नेता या सेलिब्रिटी) को एक निर्दोष, अलौकिक या ईश्वर जैसी छवि में पेश किया जाता है, और प्रशंसक बिना किसी तर्क के उन्हें फोलो करते हैं। ट्रम्प का यह मॉडल पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है क्योंकि इसमें मीम कल्चर, वायरल वीडियो और AI विजुअल्स का मिश्रण दिखाई देता है। इसका मकसद सिर्फ समर्थकों को उत्साहित करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने रहना भी होता है। आलोचकों का कहना है कि AI कंटेंट के जरिए वास्तविकता और कल्पना की सीमा धुंधली हो रही है, जिससे गलत नैरेटिव और भ्रम फैलने का खतरा बढ़ता है।
ट्रम्प ने भारत में बाइक चलाने का AI-वीडियो शेयर किया:शेर की सवारी करते, चांद पर झंडा भी लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह भारत की सड़कों पर बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। इस एक मिनट के AI वीडियो में ट्रम्प अलग-अलग अंदाज में दिखते है। वीडियो में उन्हें रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते, पैराग्लाइडिंग करते और एक शेर पर बैठे दिखाया गया है। एक सीन में वह स्पेससूट पहनकर चांद पर अमेरिकी झंडा लगाते भी नजर आते हैं। वीडियो में उनका चेहरा पिज्जा, बस, होर्डिंग, नॉर्दर्न लाइट्स और माउंट रशमोर पर भी दिखाया गया। वीडियो के बैकग्राउंड में खुद की तारीफ वाला गाना चल रहा है। इसमें लगातार ‘सब डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद करते है’ और ‘धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रम्प’ जैसे लिरिक्स सुने जा सकते हैं। वीडियो में भारत से लेकर चीन तक का जिक्र वीडियो के गाने में दावा किया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग ट्रम्प को पसंद करते हैं। गाने की लाइन में कहा गया कि मेक्सिको, मिडिल ईस्ट, चीन और भारत में सब ट्रम्प को पसंद करते है। हालांकि यह वीडियो सिर्फ एक मिनट का था, लेकिन इसके बोल में ‘ट्रम्प’ शब्द का इस्तेमाल पूरे 45 बार और ‘डोनाल्ड’ नाम का 29 बार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ‘एवरीबडी लव्स डोनाल्ड ट्रम्प’ गाना ट्रुथ सोशल पर ‘ac132’ नाम के यूजर ने बनाया था। वीडियो के आखिर में गाने का क्रेडिट एंथनी कॉन्स्टैंटिनो को दिया गया है। वह न्यूयॉर्क से ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। वीडियो शेयर होने के बाद कॉन्स्टैंटिनो ने कहा कि उन्हें गर्व है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनके गाने को शेयर किया। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने इसे मजाकिया बताया, जबकि कई लोगों ने इसे ट्रम्प की खुद की तारीफ करने वाला प्रचार वीडियो कहा। एक यूजर कहा कि ट्रम्प इस वीडियो में कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसे लग रहे हैं। ट्रम्प पहले भी शेयर कर चुके हैं AI तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने AI-जनरेटेड कंटेंट शेयर किया हो। कुछ दिन पहले उन्होंने खुद को जेम्स बॉन्ड के अंदाज में ‘ट्रम्प 007’ कैप्शन के साथ दिखाया था। इससे पहले वह खुद को ‘ग्रेटेस्ट अट्रैक्शन’ बताते हुए भी तस्वीर शेयर कर चुके हैं। पिछले महीने ट्रम्प ने एक AI-जनरेटेड फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को जीसस के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्ट को लेकर काफी विवाद हुआ था। बाद में पोस्ट हटा ली गई, लेकिन ट्रम्प ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें लगा था कि तस्वीर में वह डॉक्टर की तरह दिख रहे हैं। ट्रम्प पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह पारंपरिक मीडिया से ज्यादा सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का अहम जरिया मानते हैं। इसी वजह से ट्रुथ सोशल पर उनकी लगभग हर पोस्ट कुछ ही देर में राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन जाती है। ईरान युद्ध से जुड़ी AI तस्वीरें भी शेयर कीं ईरान युद्ध की शुरूआत से ही ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर सैन्य ताकत से जुड़ी कई AI-जनरेटेड तस्वीरें भी पोस्ट कीं है। इनमें ईरान की नौसेना को तबाह हालत में दिखाया गया था। एक तस्वीर में समुद्र में बड़ी संख्या में युद्धपोत डूबते नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बेहद आक्रामक अंदाज में दिखाया गया था। इन तस्वीरों के जरिए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर पड़ चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक इलाके में अमेरिका बढ़त बना रहा है। हालांकि इन तस्वीरों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी और इन्हें AI से तैयार किया गया विजुअल कंटेंट माना गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा और डर पैदा करने वाला कंटेंट बताया, जबकि ट्रम्प समर्थकों ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व वाली छवि से जोड़कर देखा। एक्सपर्ट्स बोले- डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट बनाने की कोशिश ट्रम्प पिछले कुछ समय से AI का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग के बड़े हथियार के तौर पर कर रहे हैं। राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे “डिजिटल पर्सनैलिटी कल्ट” बनाने की कोशिश मानते हैं, जिसमें नेता को असाधारण और सर्वशक्तिमान दिखाया जाता है। यानी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए किसी व्यक्ति (जैसे- इन्फ्लुएंसर, नेता या सेलिब्रिटी) को एक निर्दोष, अलौकिक या ईश्वर जैसी छवि में पेश किया जाता है, और प्रशंसक बिना किसी तर्क के उन्हें फोलो करते हैं। ट्रम्प का यह मॉडल पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से अलग है क्योंकि इसमें मीम कल्चर, वायरल वीडियो और AI विजुअल्स का मिश्रण दिखाई देता है। इसका मकसद सिर्फ समर्थकों को उत्साहित करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने रहना भी होता है। आलोचकों का कहना है कि AI कंटेंट के जरिए वास्तविकता और कल्पना की सीमा धुंधली हो रही है, जिससे गलत नैरेटिव और भ्रम फैलने का खतरा बढ़ता है।
मोहम्मद शमी की ईडन गार्डन्स पर हैट्रिक:सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स जीते: बंगाल टी-20 लीग में राढ़ टाइगर्स को 24 रन से हराया

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बंगाल टी-20 लीग सीजन 3 में हैट्रिक ली। शनिवार को ईडनगार्डन्स में सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स और राढृ टाइगर्स के बीच मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में मोहम्मद शमी ने हैट्रिक लेकर अपनी टीम सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स को 24 जीत दिलाई। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स ने विशाल भाटी की 86 रनों की ताबड़तोड़ पारी की मदद से 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 208 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में राढ़ टाइगर्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 184 रन ही बना सकी। सिलीगुड़ी के लिए शमी ने 27 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि करण लाल ने 36 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। 16वें ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर झटके विकेट मैच के 16वें ओवर में मोहम्मद शमी ने ओवर की चौथी गेंद पर शाहबाज अहमद को आउट किया। इसके बाद अगली ही गेंद (पांचवीं गेंद) पर रोहित कुमार को पवेलियन का रास्ता दिखाया। ओवर की आखिरी यानी छठी गेंद पर दीपांजन मुखर्जी को आउट कर शमी ने अपनी हैट्रिक पूरी की। शमी ने अपने 4 ओवर के कोटे में कुल 27 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। विशाल भाटी और प्रमोद चंदीला की तेज बल्लेबाजी इससे पहले सिलीगुड़ी स्ट्राइकर्स की शुरुआत बेहद मजबूत रही। टीम के बल्लेबाज विशाल भाटी ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले। विशाल ने महज 46 गेंदों का सामना करते हुए 86 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 6 छक्के और 5 चौके लगाए। पारी के आखिरी ओवरों में प्रमोद चंदीला ने विस्फोटक बल्लेबाजी की। प्रमोद ने सिर्फ 16 गेंदों पर नाबाद 36 रन ठोककर टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। राढ़ टाइगर्स के लिए शुभम और राहुल की पारी बेकार गई 209 रनों के बड़े टारगेट का पीछा करने उतरी श्राची राढ़ टाइगर्स की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। हालांकि, शुभम डे सीनियर ने 25 गेंदों में 48 रन और राहुल प्रसाद ने 26 गेंदों में 44 रनों की पारी खेलकर मैच को संभाला, लेकिन शमी और करण लाल की कसी हुई गेंदबाजी के सामने टीम लक्ष्य से 24 रन दूर रह गई। राढ़ टाइगर्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 184 रन ही बना पाई। दिन के पहले मैच में मालदा ने मुर्शिदाबाद किंग्स को हराया शनिवार को खेले गए दिन के पहले मुकाबले में सोबिस्को स्मैशर्स मालदा ने मुर्शिदाबाद किंग्स को 7 विकेट से मात दी। बारिश के कारण इस मैच को 15-15 ओवर का कर दिया गया था। पहले बैटिंग करते हुए मुर्शिदाबाद किंग्स ने 15 ओवर में 7 विकेट पर 134 रन बनाए थे। टीम की तरफ से दीपांशु ने सबसे ज्यादा 47 रन (33 गेंद) बनाए। मालदा के गेंदबाज सूरज सिंधु जायसवाल ने शानदार बॉलिंग करते हुए 18 रन देकर 3 विकेट लिए। ऋतम पोरेल और अभिमन्यु ईश्वरन ने दिलाई मालदा को जीत 135 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी मालदा की टीम ने बेहद आसानी से 13.4 ओवर में 3 विकेट खोकर 138 रन बना लिए और मैच जीत लिया। मालदा की जीत में ऋतम पोरेल ने 29 गेंदों पर 50 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, टीम के कप्तान और घरेलू क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने 31 गेंदों पर 48 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज पार कराई।
वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द:टॉस के बाद एक भी बॉल नहीं डली, सीरीज 1-1 की बराबरी पर आई

श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे का दूसरा वनडे मैच लगातार बारिश के कारण रद्द कर दिया गया है। किंग्स्टन के सबीना पार्क स्टेडियम में टॉस के बाद एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। काफी देर इंतजार करने के बाद अंपायर्स ने मुकाबले को रद्द करने का फैसला लिया। बारिश की वजह से टॉस निर्धारित समय से 30 मिनट देरी से हुआ था। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था, लेकिन इसके बाद मौसम ने खेल नहीं होने दिया। विंडीज के लिए तीसरा मैच करो या मरो जैसा पहला वनडे हार चुकी वेस्टइंडीज टीम के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा था। मैच रद्द होने के साथ ही उसकी सीरीज जीतने की संभावना समाप्त हो गई। मेजबान टीम सोमवार को होने वाला तीसरा और अंतिम वनडे जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर सकती है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी मैच वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन के लिहाज से भी अहम होगा। क्योंकि वनडे रैंकिंग में सुधार टीम की वर्ल्ड कप राह आसान कर सकता है। शाई होप को स्पेशल जर्सी दी गई इस बीच कप्तान शाई होप ने अपने करियर का 150वां वनडे खेलने का उपलब्धि हासिल की। उन्हें मैच से पहले विशेष जर्सी देकर सम्मानित किया गया, लेकिन बारिश के कारण उनका यह यादगार दिन मैदान पर अधूरा रह गया। ————————————
वेस्टइंडीज-श्रीलंका दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द:टॉस के बाद एक भी बॉल नहीं डली, सीरीज 1-1 की बराबरी पर आई

श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे का दूसरा वनडे बारिश के कारण रद्द कर दिया गया। किंग्स्टन के सबीना पार्क स्टेडियम में शनिवार रात को टॉस के बाद एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। काफी देर इंतजार के बाद अंपायर्स ने मैच रद्द कर दिया। बारिश के कारण टॉस निर्धारित समय से 30 मिनट देरी से हुआ था। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था, लेकिन इसके बाद खेल नहीं हो सका। विंडीज के लिए तीसरा मैच करो या मरो जैसा पहला वनडे हार चुकी वेस्टइंडीज के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा था। मैच रद्द होने के साथ ही उसकी सीरीज जीतने की संभावना समाप्त हो गई। मेजबान टीम सोमवार को तीसरा और अंतिम वनडे जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर सकती है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी मैच वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन के लिहाज से भी अहम होगा। वनडे रैंकिंग में सुधार टीम की वर्ल्ड कप राह आसान कर सकता है। शाई होप को स्पेशल जर्सी दी गई इस बीच कप्तान शाई होप ने अपने करियर का 150वां वनडे खेलने की उपलब्धि हासिल की। उन्हें मैच से पहले विशेष जर्सी देकर सम्मानित किया गया, लेकिन बारिश के कारण उनका यह यादगार दिन मैदान पर अधूरा रह गया। ———————————— श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे की खबर भी पढ़िए… श्रीलंका ने पहला वनडे में वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 41 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। किंग्सटन के सबीना पार्क स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। श्रीलंका ने 7 विकेट पर 303 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज 262 रन पर ऑलआउट हो गई। दुष्मंथा चमीरा ने 4 विकेट लिए। कप्तान कुसल मेंडिस प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
डेढ़ लाख गंवाने के बाद भी नहीं टूटा हौसला:फर्जी वादों और इंडस्ट्री के धोखों पर बोले 'द पिरामिड स्कीम' के सितारे

पिरामिड स्कीम्स सिर्फ पैसे नहीं डुबोतीं, बल्कि रिश्तों और भरोसे को भी तोड़ देती हैं। TVF की नई वेब सीरीज ‘द पिरामिड स्कीम’ इसी सच्चाई को दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रणवीर शौरी, अल्फिया जाफरी, परमवीर सिंह चीमा और क्रिएटर-निर्देशक श्रेयांश पांडे ने अपने अनुभव साझा किए। किसी ने मॉडलिंग के नाम पर लाखों रुपए गंवाए, तो किसी ने झूठे वादों और फर्जी ऑफर्स का सामना किया। कलाकारों ने भरोसा टूटने, संघर्ष, इंडस्ट्री की हकीकत और पिरामिड स्कीम्स के असर पर बात की। सवाल: क्या कभी किसी ने आपसे कहा कि बस यह काम कर लो, फिर जिंदगी बदल जाएगी? जवाब/रणवीर शौरी: हमारी इंडस्ट्री में यह बात अक्सर सुनने को मिलती है। कहा जाता है कि यह लाइफ-चेंजिंग रोल है, इसके बाद सब बदल जाएगा। जिंदगी बदलती है, लेकिन उतनी नहीं जितनी बताई जाती है। हर प्रोजेक्ट के बाद खुद को फिर से साबित करना पड़ता है। एक बार नीचे गिर जाएं तो दो-तीन साल दोबारा खड़े होने में लग जाते हैं। सवाल: क्या आप कभी किसी स्कीम या झांसे में फंसे हैं? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, शुरुआती दिनों में मैं एक फोटोग्राफर के झांसे में आ गया था। मॉडलिंग के लिए पोर्टफोलियो बनवाने की सलाह दी गई। बताया गया कि वह फोटोग्राफर आमतौर पर 2 लाख रुपए लेता है, लेकिन मुझसे 1.25 लाख लेगा। मैंने पैसे दिए और शूट कराया। बाद में पता चला कि वह फोटोग्राफर मुफ्त में शूट करता था। स्टाइलिस्ट को अलग से 25 हजार रुपए दिए। कुल मिलाकर डेढ़ लाख रुपए खर्च हो गए। सवाल: उस घटना का सबसे ज्यादा दुख किस बात का था? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: पैसों का नुकसान था, लेकिन उससे ज्यादा दुख विश्वास टूटने का था। मुझे लगा था कि लोग मेरी मदद कर रहे हैं, लेकिन बाद में पता चला कि मेरे साथ खेल हुआ है। सवाल: अल्फिया, क्या आप कभी ऐसी किसी स्कीम का शिकार हुई हैं? जवाब/अल्फिया जाफरी: सीधे तौर पर नहीं। लेकिन बचपन से सुनती आई हूं कि बस थोड़ी बड़ी हो जाओ, तुम्हें लॉन्च कर देंगे, हीरोइन बना देंगे। ऐसे कई वादे किए गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। एक समय ऐसा आया कि मैंने सोचा कि मुझे यह सब नहीं करना है। सवाल: श्रेयांश, ‘द पिरामिड स्कीम’ बनाने का विचार कहां से आया? जवाब/श्रेयांश पांडे: हमने इस विषय पर काफी रिसर्च की। कॉलेज के दिनों में ऐसी कई कंपनियों को करीब से देखा, जो युवाओं को बड़े सपने दिखाती थीं। उन्हें बताया जाता था कि उनकी पर्सनैलिटी डेवलप होगी, नौकरी मिल जाएगी और जिंदगी बदल जाएगी। लेकिन असल में पूरा सिस्टम लोगों को फंसाने के लिए बनाया जाता था। सवाल: पिरामिड स्कीम में सबसे बड़ा नुकसान क्या होता है? जवाब/श्रेयांश पांडे: सिर्फ पैसों का नुकसान नहीं होता। सबसे बड़ा नुकसान रिश्तों का होता है। लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को जोड़ते हैं। जब स्कीम टूटती है तो रिश्ते भी टूट जाते हैं। पैसा वापस कमाया जा सकता है, लेकिन टूटा भरोसा वापस नहीं आता। सवाल: रणवीर, क्या आपने भी कभी पोर्टफोलियो शूट कराया था? जवाब/रणवीर शौरी: हां, मैंने भी पोर्टफोलियो बनवाया था, लेकिन परमवीर जैसा अनुभव नहीं रहा। मेरे लिए सबसे अहम बात यह है कि जब कोई आपकी मासूमियत और भरोसे का फायदा उठाता है, तो वही सबसे ज्यादा तकलीफ देता है। सवाल: क्या आपके साथ कभी भरोसा टूटने वाली कोई घटना हुई? जवाब/रणवीर शौरी: फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा मेरे साथ ज्यादा नहीं हुआ, क्योंकि मैं बचपन से इस माहौल को देखता आया हूं। यहां की चालबाजियों और स्कीम्स के बारे में पहले से जानता था। इसलिए मुझे बेवकूफ बनाना आसान नहीं है। सवाल: अल्फिया, जब भरोसा टूटता है तो उससे कैसे उबरना चाहिए? जवाब/अल्फिया जाफरी: हर इंसान अलग तरह से चीजों को देखता है। मैं पहले बहुत लोगों पर भरोसा करती थी, लेकिन कुछ अनुभवों के बाद लोगों पर भरोसा करना कम कर दिया। आज मेरे बहुत कम दोस्त हैं। मेरे लिए आगे बढ़ना आसान नहीं था, लेकिन हर किसी का तरीका अलग होता है। सवाल: परमवीर, भरोसा टूटने के बाद क्या बदलाव आया? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: जब बार-बार ऐसे अनुभव होते हैं, तो इंसान लोगों से दूरी बनाने लगता है। कई बार सही लोगों पर भी भरोसा नहीं कर पाता। मेरे साथ भी ऐसा हुआ था। सवाल: क्या समय के साथ इंसान मजबूत हो जाता है? जवाब/रणवीर शौरी: बिल्कुल। उम्र और अनुभव के साथ आपकी ‘स्किन मोटी’ हो जाती है। बार-बार चोट खाने के बाद आप चीजों को बेहतर तरीके से समझने लगते हैं। सवाल: आपने पिरामिड स्कीम से जुड़ी सबसे अजीब चीज क्या देखी? जवाब/श्रेयांश पांडे: हमने इंटरनेट पर ऐसी कई वीडियो देखीं। एक महिला दावा कर रही थी कि वह इतनी विदेश यात्राएं करती है कि अब पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे दावे सुनकर हैरानी होती है। सवाल: इंडस्ट्री में नेटवर्किंग ज्यादा जरूरी है या टैलेंट? जवाब/रणवीर शौरी: दोनों जरूरी हैं। परमवीर सिंह चीमा: अनुभव भी जरूरी है। अल्फिया जाफरी: मैं उम्मीद करती हूं कि मेरे मामले में टैलेंट ज्यादा महत्वपूर्ण हो। सवाल: क्या सिर्फ कॉन्टैक्ट्स होने से सब कुछ संभव हो जाता है? जवाब/रणवीर शौरी: यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की नहीं, बल्कि देश की भी हकीकत है कि कॉन्टैक्ट्स कई जगह काम आते हैं। सवाल: क्या कभी फेक कास्टिंग कॉल या झूठे वादे का सामना करना पड़ा? जवाब/अल्फिया जाफरी: हां। एक बार मुझे कॉल आया कि मुझे ‘हाउस ऑफ द ड्रैगन’ के लिए कास्ट करना चाहते हैं। मैं बहुत उत्साहित हो गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि वह फर्जी कॉल था। सवाल: आखिर में, इंडस्ट्री में ज्यादा एक्टिंग कैमरे के सामने होती है या पीछे? जवाब/रणवीर शौरी: कैमरे के सामने ही होती है। शुरुआत में लोग कैमरे के पीछे भी एक्टिंग करते हैं, लेकिन बाद में समझ आ जाता है कि उसका कोई फायदा नहीं है। सवाल: दर्शकों को ‘द पिरामिड स्कीम’ क्यों देखनी चाहिए? जवाब/श्रेयांश पांडे: क्योंकि यह सिर्फ एक स्कैम की कहानी नहीं है। यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने अपने सपनों, पैसों और सबसे बढ़कर रिश्तों को दांव पर लगा दिया।









