विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में आज डबल हेडर:न्यूजीलैंड-श्रीलंका और इंग्लैंड-आयरलैंड आमने-सामने; डिफेंडिंग चैंपियन पहली जीत की तलाश में
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार को साउथम्पटन के रोज बाउल मैदान पर डबल हेडर मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड का सामना श्रीलंका से रात 7 बजे होगा। दूसरे मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड और आयरलैंड रात 11 बजे आमने-सामने होंगे। न्यूजीलैंड और श्रीलंका दोनों ही टीमें अपना पहला मैच हार चुकी हैं। न्यूजीलैंड को वेस्टइंडीज ने हराया था, जबकि श्रीलंका को इंग्लैंड ने मात दी थी। दूसरी ओर इंग्लैंड ने टूर्नामेंट के पहले मैच में श्रीलंका को हराया था। वहीं आयरलैंड को स्कॉटलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच अब तक 16 महिला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले पूरे हुए हैं। इनमें न्यूजीलैंड ने 14 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका सिर्फ 2 मुकाबले जीत सकी है। हालांकि पिछले चार मैचों में श्रीलंका ने दो बार न्यूजीलैंड को हराया है, जिससे मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। सुजी बेट्स और ताहुहू की वापसी पर नजर न्यूजीलैंड की अनुभवी बल्लेबाज सुजी बेट्स वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला मैच नहीं खेल सकी थीं। यह पहला मौका था जब न्यूजीलैंड ने उनके बिना महिला टी-20 वर्ल्ड कप का मैच खेला। टीम मैनेजमेंट उन्हें श्रीलंका के खिलाफ प्लेइंग-11 में वापस ला सकता है। अनुभवी तेज गेंदबाज लिया ताहुहू की वापसी भी संभव है। न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया कर टीम की सबसे अहम खिलाड़ी होंगी। उन्होंने इस साल 11 पारियों में 477 रन बनाए हैं और 12 मैचों में 11 विकेट भी लिए हैं। पहले मैच में नाकाम रहने के बाद उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। श्रीलंका बदलाव कर सकती है इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद श्रीलंका अपनी बैटिंग ऑर्डर में बदलाव कर सकती है। ओपनर हसिनी परेरा की वापसी पर विचार किया जा सकता है। कप्तान चमारी अट्टापट्टू के साथ टीम को हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी से भी बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी। श्रीलंका की हर्षिता समरविक्रमा शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने इस साल पांच पारियों में 147 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 148.48 रहा है। पिछले चार मैचों में उनके बल्ले से दो बार 40 से ज्यादा रन निकले हैं। इंग्लैंड की नजर लगातार दूसरी जीत पर दिन के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड की टीम आयरलैंड से भिड़ेगी। इंग्लैंड ने पहले मैच में श्रीलंका को हराकर टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की थी। टीम ने तीन प्रमुख स्पिनरों के साथ खेला था। आयरलैंड के लिए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। टीम अब तक महिला टी-20 वर्ल्ड कप में 18 मैच खेल चुकी है, लेकिन एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। हालांकि 2024 में आयरलैंड ने इंग्लैंड को टी-20 मुकाबले में हराया था, इसलिए वह उलटफेर की उम्मीद लेकर उतरेगी। इंग्लैंड की ऑफ स्पिनर चार्ली डीन 2025 की शुरुआत से 23 विकेट ले चुकी हैं, जो इस पीरियड में किसी भी इंग्लिश स्पिनर द्वारा सबसे ज्यादा हैं। वहीं आयरलैंड की कप्तान गैबी लुईस पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी होगी। मौसम और पिच रिपोर्ट साउथम्पटन में मंगलवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। शाम के समय हल्की बारिश की संभावना है और तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस मैदान पर टूर्नामेंट का अब तक एक ही मैच खेला गया है, जिसमें वेस्टइंडीज ने 163 रन का लक्ष्य चेज किया था। पिच पर घास मौजूद है, जिससे तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिल सकती है। पॉसिबल प्लेइंग-11 पहला मैच न्यूजीलैंड: जॉर्जिया प्लिमर, सुजी बेट्स/इज़ी गेज, मेली केर (कप्तान), सोफी डिवाइन, ब्रूक हॉलिडे, मैडी ग्रीन, इज़ी शार्प, जेस केर, नेन्सी पटेल, रोजमेरी मेयर, लिया ताहुहू। श्रीलंका: विश्मी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), इमेशा दुलानी, हर्षिता समरविक्रमा, हंसिमा करुणारत्ने, कविशा दिलहारी, निलाक्षिका सिल्वा, कौशिनी नुथ्यांगना, सुगंधिका कुमारी, माल्की मदारा, मिथाली अयोध्या। दूसरा मैच इंग्लैंड: डैनी वायट-हॉज, एमी जोन्स, नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डैनी गिब्सन, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिंसी स्मिथ, लॉरेन बेल। आयरलैंड: एमी हंटर, अलाना डालजेल, गैबी लुईस (कप्तान), ऑर्ला प्रेंडरगास्ट, रेबेका स्टोकेल, लिया पॉल, एलिस टेक्टर, आर्लीन केली, एवा कैनिंग, कारा मरे, एमी मैग्वायर।
विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में डबल हेडर आज:न्यूजीलैंड-श्रीलंका, इंग्लैंड-आयरलैंड में मुकाबला; डिफेंडिंग चैंपियन को पहली जीत की तलाश
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार को साउथम्पटन के रोज बाउल ग्राउंड पर डबल हेडर मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड का सामना श्रीलंका से रात 7 बजे से होगा। फिर रात 11 बजे से मेजबान इंग्लैंड और आयरलैंड दूसरे मुकाबले में आमने-सामने होंगे। न्यूजीलैंड और श्रीलंका दोनों ही टीमें अपना पहला मैच हार चुकी हैं। न्यूजीलैंड को वेस्टइंडीज ने हराया था, जबकि श्रीलंका को इंग्लैंड ने मात दी थी। आयरलैंड को स्कॉटलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच अब तक 16 महिला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले पूरे हुए हैं। इनमें न्यूजीलैंड ने 14 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका सिर्फ 2 मुकाबले जीत सकी है। एक मैच नो रिजल्ट रहा है। हालांकि, पिछले चार मैचों में श्रीलंका ने दो बार न्यूजीलैंड को हराया है, जिससे मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। सुजी बेट्स और ताहुहू की वापसी पर नजर न्यूजीलैंड की अनुभवी बल्लेबाज सुजी बेट्स वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला मैच नहीं खेल सकी थीं। यह पहला मौका था जब न्यूजीलैंड ने उनके बिना महिला टी-20 वर्ल्ड कप का मैच खेला। टीम मैनेजमेंट उन्हें श्रीलंका के खिलाफ प्लेइंग-11 में वापस ला सकता है। अनुभवी तेज गेंदबाज लिया ताहुहू की वापसी भी संभव है। न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया कर टीम की सबसे अहम खिलाड़ी होंगी। उन्होंने इस साल 11 पारियों में 477 रन बनाए हैं और 12 मैचों में 11 विकेट भी लिए हैं। पहले मैच में नाकाम रहने के बाद उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। श्रीलंका बदलाव कर सकती है इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद श्रीलंका अपनी बैटिंग ऑर्डर में बदलाव कर सकती है। ओपनर हसिनी परेरा की वापसी पर विचार किया जा सकता है। कप्तान चमारी अट्टापट्टू के साथ टीम को हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी से भी बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी। श्रीलंका की हर्षिता समरविक्रमा शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने इस साल पांच पारियों में 147 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 148.48 रहा है। पिछले चार मैचों में उनके बल्ले से दो बार 40 से ज्यादा रन निकले हैं। इंग्लैंड की नजर लगातार दूसरी जीत पर दिन के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड की टीम आयरलैंड से भिड़ेगी। इंग्लैंड ने पहले मैच में श्रीलंका को हराकर टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की थी। टीम ने तीन प्रमुख स्पिनरों के साथ खेला था। आयरलैंड के लिए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। टीम अब तक महिला टी-20 वर्ल्ड कप में 18 मैच खेल चुकी है, लेकिन एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। हालांकि 2024 में आयरलैंड ने इंग्लैंड को टी-20 मुकाबले में हराया था, इसलिए वह उलटफेर की उम्मीद लेकर उतरेगी। इंग्लैंड की ऑफ स्पिनर चार्ली डीन 2025 की शुरुआत से 23 विकेट ले चुकी हैं, जो इस पीरियड में किसी भी इंग्लिश स्पिनर द्वारा सबसे ज्यादा हैं। वहीं आयरलैंड की कप्तान गैबी लुईस पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी होगी। मौसम और पिच रिपोर्ट साउथम्पटन में मंगलवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। शाम के समय हल्की बारिश की संभावना है और तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस मैदान पर टूर्नामेंट का अब तक एक ही मैच खेला गया है, जिसमें वेस्टइंडीज ने 163 रन का लक्ष्य चेज किया था। पिच पर घास मौजूद है, जिससे तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिल सकती है। पॉसिबल प्लेइंग-11 पहला मैच न्यूजीलैंड: जॉर्जिया प्लिमर, सुजी बेट्स/इज़ी गेज, मेली केर (कप्तान), सोफी डिवाइन, ब्रूक हॉलिडे, मैडी ग्रीन, इज़ी शार्प, जेस केर, नेन्सी पटेल, रोजमेरी मेयर, लिया ताहुहू। श्रीलंका: विश्मी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), इमेशा दुलानी, हर्षिता समरविक्रमा, हंसिमा करुणारत्ने, कविशा दिलहारी, निलाक्षिका सिल्वा, कौशिनी नुथ्यांगना, सुगंधिका कुमारी, माल्की मदारा, मिथाली अयोध्या। दूसरा मैच इंग्लैंड: डैनी वायट-हॉज, एमी जोन्स, नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डैनी गिब्सन, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिंसी स्मिथ, लॉरेन बेल। आयरलैंड: एमी हंटर, अलाना डालजेल, गैबी लुईस (कप्तान), ऑर्ला प्रेंडरगास्ट, रेबेका स्टोकेल, लिया पॉल, एलिस टेक्टर, आर्लीन केली, एवा कैनिंग, कारा मरे, एमी मैग्वायर। ————————————— विमेंस वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारतीय खिलाड़ियों ने 11वीं बार पाकिस्तानियों से हाथ नहीं मिलाया भारत ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में अपने पहले मैच में पाकिस्तान को 64 रन से हराया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस के समय पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया। अब टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बन गई हैं। पढ़ें पूरी खबर
मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए
कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल
‘विधानसभा में कोई गठबंधन नहीं’: ऋतब्रत बनर्जी ने एनसीपीआई विलय से बागी टीएमसी विधायकों को दूर किया | भारत समाचार
आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 21:21 IST ऋतब्रत बनर्जी का कहना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में 65 बागी विधायक एनसीपीआई में विलय नहीं करेंगे। ऋतब्रत बनर्जी ने बागी टीएमसी विधायकों के लिए एनसीपीआई विलय से इनकार कर दिया है। (छवि: एएनआई/फ़ाइल) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर गहराते संकट के बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और निष्कासित टीएमसी नेता रीतब्रत बनर्जी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि 20 बागी टीएमसी सांसदों का नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का निर्णय राज्य विधानसभा में विद्रोही विधायकों पर लागू नहीं होता है। असंतुष्ट सांसदों की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, बनर्जी ने कहा, “लोकसभा के 20 सांसदों ने नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के साथ विलय का फैसला किया है। यह उनका निर्णय है… जहां तक हमारे सामूहिक का सवाल है, हमारा ऐसा कोई विचार नहीं है। बंगाल विधानसभा में टीएमसी विधायकों के एनसीपीआई में विलय का कोई सवाल ही नहीं है… फिलहाल, हमें 65 बागी विधायकों का समर्थन प्राप्त है।” #देखें | कोलकाता: 20 बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई (नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया) में विलय पर पश्चिम बंगाल के एलओपी और निष्कासित टीएमसी नेता रीतब्रत बनर्जी का कहना है, “लोकसभा के 20 सांसदों ने नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का फैसला किया है। यह उनका फैसला है…हमारा… pic.twitter.com/Cz18fg2w3t– एएनआई (@ANI) 15 जून, 2026 ’65 विधायकों ने हमारा समर्थन किया’ उन्होंने आगे कहा, “…हमने स्पीकर को एक पत्र दिया है कि अगर नाम सार्वजनिक होते हैं, तो यह विशेषाधिकार का उल्लंघन है…” बागी विधायक की टिप्पणी असंतुष्ट सांसदों के एक समूह द्वारा एनसीपीआई के साथ विलय और बाद में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने की योजना की घोषणा के एक दिन बाद आई है। सूत्रों के मुताबिक, एनसीपीआई को मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दिल्ली में असंतुष्ट नेताओं की बैठक के बाद इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा, “हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं।” चुनाव में हार के बाद टीएमसी में दरार बढ़ी काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, अरूप चक्रवर्ती, सायोनी घोष, माला रॉय, बापी हलदर और प्रसून बनर्जी समेत कई बागी सांसद रविवार को केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के आवास पर एक बैठक में शामिल हुए। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे. इसके बाद विद्रोही खेमा एक और बैठक के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास की ओर चला गया। यह विद्रोह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद हुआ है और इसने पार्टी के भीतर बढ़ते विभाजन को उजागर कर दिया है। जबकि सांसद एनसीपीआई के माध्यम से एक नया राजनीतिक रास्ता तय करने के लिए तैयार हैं, बनर्जी की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि बागी विधायक फिलहाल विलय में शामिल होने के बजाय विधानसभा के भीतर अपनी ताकत मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मनीषा रॉय मनीषा रॉय News18.com के जनरल डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक हैं। उन्हें मीडिया उद्योग में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह राजनीति और अन्य कठिन समाचारों को कवर करती है। उनसे मनीष पर संपर्क किया जा सकता है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘विधानसभा में कोई गठबंधन नहीं’: ऋतब्रत बनर्जी ने एनसीपीआई विलय से बागी टीएमसी विधायकों को दूर किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद(टी)टीएमसी संकट(टी)ऋताब्रता बनर्जी(टी)नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया(टी)एनसीपीआई विलय(टी)बागी टीएमसी विधायक(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए
टीएमसी विद्रोहियों का नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय, ममता के नेतृत्व को चुनौती |राजनीति
बंगाल में एक नाटकीय राजनीतिक उथल-पुथल सामने आई है, जब काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में विद्रोही तृणमूल कांग्रेस के सांसद, ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती देते हुए, नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर रहे हैं। यह रणनीतिक कदम पार्टी की पहचान, कानूनी मान्यता, संसदीय ताकत, टीएमसी प्रतीक और ममता के नेतृत्व वाले खेमे के भविष्य पर बड़े सवाल उठाता है। जैसे-जैसे विद्रोही गुट एनसीपीआई के साथ एक नया रास्ता बना रहा है, लड़ाई आंतरिक विद्रोह से एक बड़ी कानूनी और संस्थागत लड़ाई में बदल रही है कि कौन वैधता का दावा कर सकता है। यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक बड़ी वृद्धि का संकेत देता है और आगे की जटिल कानूनी लड़ाई के लिए मंच तैयार करता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_the-right-stand News18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 21:03 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिषेक बनर्जी(टी)दलबदल विरोधी कानून(टी)बंगाल राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)भारतीय राजनीति(टी)काकोली दस्तीदार(टी)काकोलिकुश दस्तीदार(टी)ममता बनर्जी(टी)नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया(टी)एनसीपीआई(टी)न्यूज18(टी)संसदीय ताकत(टी)पार्टी मान्यता(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)वास्तविक टीएमसी(टी)बागी एमपीएस(टी)बागी टीएमसी एमपीएस(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी पहचान की लड़ाई(टी)टीएमसी कानूनी उथल-पुथल(टी)टीएमसी एनसीपीआई विलय(टी)टीएमसी विद्रोही(टी)टीएमसी प्रतीक(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।
US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।
ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंची जियो:ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी बनी; 320 पायदान की छलांग लगाई
जियो प्लेटफॉर्म्स ने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी रैंकिंग में टॉप-20 में जगह बनाई है। कंपनी 2025 की सूची में 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है। जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर बन गई है। हुआवे, सैमसंग और एपल जैसी कंपनियों के ग्रुप में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी यूनिट है। इस नई रैंकिंग के बाद कंपनी अब हुआवे, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एपल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों के ग्रुप में शामिल हो गई है। नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है पेटेंट फाइलिंग जियो की पेटेंट फाइलिंग नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इनमें मुख्य रूप से ये क्षेत्र शामिल हैं: इसके अलावा कंपनी सैटेलाइट कम्युनिकेशन और एजेंटिक AI की अगली दिशा ‘जियो ब्रेन’ जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। आकाश अंबानी बोले- ये कई सालों की मेहनत का नतीजा इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, “WIPO PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई साल की मेहनत को दिखाता है। यह जियो में कई उन्नत तकनीकों पर हो रहे शानदार इनोवेशन का सबूत है, जो आने वाले सालों में और बढ़ेगा।” प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को समर्पित की उपलब्धि आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं। उनके अनुसार यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जियो भारत को ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनने की यात्रा में योगदान देकर गर्व महसूस करता है। 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6,817 पेटेंट फाइल किए 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशी बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं। इनमें 538 भारत में और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले हैं। जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित और कॉमर्शियलाइज किया है। कंपनी 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और एजेंटिक-AI की अगली दिशा- जियोब्रेन जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव का संकेत जियो की यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। यह बदलाव केवल बड़े पैमाने पर तकनीक इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर भारत में मूल तकनीक तैयार करने और उसे दुनिया तक ले जाने की दिशा में है।
टीएमसी की पहचान की लड़ाई छिड़ गई है क्योंकि विद्रोही गुट का नई पार्टी में विलय हो गया है और वास्तविक टीएमसी स्थिति का दावा किया गया है
तृणमूल कांग्रेस की पहचान को लेकर कानूनी लड़ाई छिड़ गई है क्योंकि विद्रोही गुट एक छोटी पार्टी में विलय कर रहा है और असली टीएमसी होने का दावा कर रहा है। यह घटनाक्रम विलय की वैधता, पार्टी के नाम, प्रतीक और फंड के भविष्य और क्या विद्रोही गुट मूल पार्टी की पहचान पर दावा कर सकता है, इस पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। उम्मीद है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला खेमा दावों को चुनौती देगा, जिससे एक जटिल राजनीतिक और कानूनी टकराव पैदा होगा। यह विवाद अब आंतरिक विद्रोह से आगे बढ़ रहा है और संस्थागत क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, जिसमें चुनाव आयोग, संसद और अदालतें संभावित रूप से मान्यता की लड़ाई में प्रमुख क्षेत्र बन रहे हैं। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_plain-speakNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:06 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल पॉलिटिक्स(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)चुनाव आयोग(टी)भारतीय राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)न्यूज18(टी)पार्टी फंड(टी)पार्टी का नाम विवाद(टी)पार्टी मान्यता(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक प्रतीक विवाद(टी)असली टीएमसी(टी)विद्रोही गुट का विलय(टी)छोटी पार्टी विलय(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी फंड्स(टी)टीएमसी पहचान की लड़ाई(टी)टीएमसी कानूनी लड़ाई(टी)टीएमसी विलय(टी)टीएमसी पार्टी चिन्ह(टी)टीएमसी विद्रोही गुट(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)टीएमसी विभाजन(टी)टीएमसी प्रतीक(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
आरएसएस के कार्यक्रम में तीन कुलपतियों के शामिल होने से केरल में राजनीतिक तूफान, मुख्यमंत्री ने की निंदा | #साफ बात
केरल में तीन कुलपतियों के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसकी मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने तीखी आलोचना की है। यह विवाद शैक्षणिक तटस्थता, संस्थागत स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय स्थानों में राजनीतिक या वैचारिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। यह बहस सांप्रदायिक समूहों के साथ कांग्रेस पार्टी के पिछले गठबंधनों पर भी सवाल उठा रही है, जिससे केरल के राजनीतिक टकराव में एक और परत जुड़ रही है। जैसे-जैसे विवाद गहराता जा रहा है, ध्यान इस बात पर बना हुआ है कि क्या विश्वविद्यालय के नेताओं को वैचारिक कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए और अकादमिक जुड़ाव और राजनीतिक संबद्धता के बीच कहां रेखा खींची जानी चाहिए। n18oc_plain-speak n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:04 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)शैक्षणिक स्वतंत्रता(टी)शैक्षणिक तटस्थता(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)कैंपस राजनीति(टी)मुख्यमंत्री आलोचना(टी)कांग्रेस(टी)कांग्रेस गठबंधन(टी)भारतीय राजनीति(टी)संस्थागत स्वतंत्रता(टी)केरल(टी)केरल सीएम(टी)केरल की राजनीति(टी)केरल के कुलपति(टी)न्यूज18(टी)विपक्षी नेता केरल(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक तूफान केरल(टी)आरएसएस कार्यक्रम(टी)आरएसएस पंक्ति केरल(टी)सांप्रदायिक समूह(टी)तीन कुलपति(टी)विश्वविद्यालय तटस्थता(टी)विश्वविद्यालय की राजनीति(टी)कुलपति आरएसएस कार्यक्रम में भाग लेते हैं(टी)कुलपति








