चंडीगढ़ में रैपर बादशाह का क्लब सील:मंजूर नक्शे से ज्यादा निर्माण किया, कई नोटिसों के बावजूद नहीं हटाया

चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित मशहूर रैपर बादशाह के क्लब सागो को मंगलवार सुबह प्रशासन की बिल्डिंग ब्रांच ने सील कर दिया है। क्लब संचालकों को भवन नियमों के उल्लंघन को लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद बिल्डिंग ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई की। प्रशासन के मुताबिक, क्लब में भवन संबंधी नियमों और स्वीकृत नक्शे से जुड़े कुछ उल्लंघनों को लेकर लंबे समय से मामला चल रहा था। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद संतोषजनक जवाब और अनुपालन नहीं मिलने पर आखिरकार क्लब को सील करने का फैसला लिया गया। यह वही क्लब है, जो इससे पहले भी एक बड़े विवाद के कारण चर्चा में आ चुका है। क्लब के बाहर हुए धमाकों की जिम्मेदारी सोशल मीडिया के जरिए गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा की ओर से लिए जाने की बात सामने आई थी। सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में दावा किया गया था कि क्लब संचालकों से कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी मांगी गई थी और मांग पूरी नहीं होने पर धमाके किए गए। हालांकि, उस मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा की गई थी। अब एक बार फिर यह क्लब प्रशासनिक कार्रवाई के चलते चर्चा में आ गया है। मंजूर नक्शे से अलग निर्माण पड़ा भारी प्रशासन के अनुसार, क्लब के लिए जो नक्शा मंजूर कराया गया था, उसके बाद अंदर अतिरिक्त निर्माण कर लिया गया था। इसी को लेकर बिल्डिंग ब्रांच की ओर से क्लब संचालकों को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित समय के भीतर निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे बिल्डिंग ब्रांच की टीम पुलिस की मौजूदगी में मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए क्लब को सील कर दिया। 2 साल पहले हुआ था क्लब के बाहर धमाका करीब दो साल पहले सेक्टर-26 स्थित दो क्लबों के बाहर धमाके हुए थे। इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग की ओर से ली गई थी। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी सामने आई थी, जिसमें धमाकों की वजह कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी न देना बताई गई थी। धमाके सेविले बार एंड लाउंज और डि’ओरा क्लब के बाहर हुए थे। इस घटना में क्लबों के बाहर लगे शीशे टूट गए थे। सेविले बार एंड लाउंज के मालिकों में मशहूर रैपर बादशाह भी पार्टनर हैं। गोल्डी बराड़ के हवाले से सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में दावा किया गया था कि दोनों क्लबों के मालिकों से प्रोटेक्शन मनी के लिए संपर्क किया गया था। पोस्ट में कहा गया था कि उनकी ओर से कॉल और संदेशों का जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद धमाके किए गए। साथ ही यह भी दावा किया गया था कि जो लोग उनकी कॉल्स को नजरअंदाज कर रहे हैं, वे इसे चेतावनी के तौर पर लें। हालांकि, इस मामले की जांच पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई थी। इस खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं……
ऋतब्रत बनर्जी बने नेता प्रतिपक्ष? बंगाल में चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी खुले विद्रोह की ओर देख रही हैं | भारत समाचार

आखरी अपडेट:02 जून, 2026, 12:25 IST जो बात हस्ताक्षरों को लेकर शिकायत के रूप में शुरू हुई वह लंबे समय से ममता बनर्जी के प्रभुत्व वाली पार्टी के अंदर नेतृत्व, असहमति और नियंत्रण पर एक बड़ी बहस में बदल गई है। ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी (दाएं)। कथित “पार्टी विरोधी गतिविधियों” के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा निष्कासित पूर्व विधायक रीतब्रत बनर्जी पार्टी के विधायी रैंकों के भीतर पनप रहे विद्रोह के केंद्र में उभर रहे हैं। टीएमसी के नेता विपक्ष (एलओपी) के उम्मीदवार के समर्थन वाले एक प्रस्ताव पर कथित रूप से जाली हस्ताक्षर को लेकर जो विवाद शुरू हुआ था, वह अब पार्टी नेतृत्व के लिए एक संभावित चुनौती बन गया है। सीएनएन-न्यूज18 को पता चला है कि पार्टी के 80 में से 50 से अधिक विधायक “असली तृणमूल” के रूप में दावा करने की तैयारी कर रहे हैं और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए बनर्जी का समर्थन कर रहे हैं, जबकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस भूमिका के लिए अनुभवी नेता सोभोंदेब चट्टोपाध्याय को नामित किया है। इस घटनाक्रम से विपक्षी खेमे में बड़े विभाजन की अटकलें तेज हो गई हैं, राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने स्थिति की तुलना हाल के वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति में देखी गई आंतरिक टूट से की है। हस्ताक्षर पंक्ति जिसने संकट को जन्म दिया विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय को सौंपे गए एक प्रस्ताव पर केंद्रित है जिसमें चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के रूप में समर्थन दिया गया है। बनर्जी और साथी विधायक संदीपन साहा ने आरोप लगाया कि दस्तावेज़ पर कई विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके बाद वे जांच की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रतिंद्र बोस के पास पहुंचे। यह भी पढ़ें | राय | टीएमसी पर शिवसेना जैसी विभाजन की आशंका के चलते ममता बनर्जी पार्टी और चुनाव चिह्न दोनों खो सकती हैं उनकी शिकायत पर सीआईडी जांच शुरू हुई। तब से कई टीएमसी विधायकों से पूछताछ की गई है, कुछ ने कथित तौर पर दावा किया है कि प्रस्ताव पर दिखाई देने वाले हस्ताक्षर उनके नहीं थे। हालाँकि, टीएमसी ने इस कदम को अनुशासनहीनता के रूप में देखा। पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि विधायकों को संवैधानिक अधिकारियों से संपर्क करने के बजाय आंतरिक रूप से अपनी चिंताओं को उठाना चाहिए था। मामला बढ़ने के कुछ ही घंटों के भीतर बनर्जी और साहा को पहले निलंबित कर दिया गया और फिर पार्टी से निकाल दिया गया। रीताब्रता सुर्खियों में बनर्जी के नाम का महत्व इस बात से है कि यह विवाद अब केवल कथित जालसाजी का नहीं रह गया है। हाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद यह टीएमसी के भीतर अधिकार की परीक्षा के रूप में विकसित हुआ है। निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने दावा किया है कि विधायकों का एक बड़ा हिस्सा वैकल्पिक एलओपी उम्मीदवार के रूप में बनर्जी के पीछे एकजुट होना शुरू हो गया है। टीएमसी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, “तृणमूल के 80 विधायक हैं। इनमें से 50 से अधिक विधायकों की बैठक सोमवार दोपहर गेटवे होटल में हुई। वे कह रहे हैं कि वे ‘असली तृणमूल’ हैं और वे स्पीकर को एक नई सूची सौंपेंगे, जिसमें कहा जाएगा कि विपक्ष का एक अलग नेता होगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई टीएमसी सांसद भाजपा में जाने की संभावना तलाश रहे हैं। “12 लोकसभा सांसद हैं, मैं आपको सटीक संख्या दे रहा हूं, और कुछ राज्यसभा सांसद भी। वास्तव में, 12 लोकसभा सांसद और 6 राज्यसभा सांसद पहले ही भाजपा के साथ ‘पेंसिल बुकिंग’ कर चुके हैं। जहां तक तृणमूल विधायकों की बात है, भाजपा अभी उन्हें नहीं ले रही है, लेकिन वे हर दिन फोन करते रहते हैं, कहते हैं, ‘कृपया हमारी बुकिंग लें, कृपया हमारी बुकिंग लें।’ मैं यह बात खुलकर कह रहा हूं।” यह भी पढ़ें | लुप्त हो रहे कैडर: ममता बनर्जी की सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी नहीं हो सकती बढ़ता असंतोष उन रिपोर्टों के साथ मेल खाता है कि बड़ी संख्या में टीएमसी विधायक हाल की पार्टी बैठकों में शामिल नहीं हुए, जिससे अटकलें तेज हो गईं कि असंतोष दो निष्कासित विधायकों से भी आगे तक फैला हुआ है। जबकि पार्टी ने विभाजन के सुझावों को खारिज कर दिया है, प्रमुख संगठनात्मक बैठकों से दर्जनों विधायकों की अनुपस्थिति ने सवाल खड़े कर दिए हैं। नंबर गेम बनर्जी को वास्तव में विपक्ष के नेता पद के लिए दावा पेश करने के लिए विपक्षी विधायकों के बीच पर्याप्त समर्थन प्रदर्शित करना होगा। यह दावा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एलओपी मुद्दा पहले से ही प्रक्रियात्मक विवादों में उलझा हुआ है। चट्टोपाध्याय ने पहले शिकायत की थी कि टीएमसी के पास पद के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए पर्याप्त सीटें होने के बावजूद, विधानसभा सचिवालय को सौंपे गए दस्तावेजों और हस्ताक्षरों पर सवालों के बीच नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी मान्यता में देरी हुई है। यदि विधायकों का एक बड़ा समूह खुले तौर पर बनर्जी का समर्थन करता है, तो स्पीकर को अंततः प्रतिस्पर्धी दावों का सामना करना पड़ सकता है कि कौन वैध रूप से विपक्षी बेंच का प्रतिनिधित्व करता है। ममता के नियंत्रण के लिए परीक्षण? क्या बनर्जी अंततः विपक्ष के नेता बनेंगे या नहीं यह अनिश्चित बना हुआ है। लेकिन यह तथ्य कि अब पार्टी के आधिकारिक तौर पर चुने गए उम्मीदवार के विकल्प के रूप में उनके नाम पर चर्चा हो रही है, टीएमसी के सामने संकट की गंभीरता को रेखांकित करता है। यह भी पढ़ें | अभिषेक बनर्जी का हमला 1990 में ममता के हमले जैसा नहीं, लेकिन पस्त टीएमसी अब भी इसे 3 तरीकों से इस्तेमाल कर सकती है जो बात हस्ताक्षरों को लेकर शिकायत के रूप में शुरू हुई वह लंबे समय से ममता बनर्जी के प्रभुत्व वाली पार्टी के अंदर नेतृत्व, असंतोष और नियंत्रण पर एक बड़ी बहस में बदल गई है। यदि आने वाले दिनों में अधिक विधायक सार्वजनिक रूप से बनर्जी के साथ आते हैं, तो एलओपी की लड़ाई बंगाल की प्रमुख विपक्षी पार्टी के भीतर व्यापक सत्ता संघर्ष का पहला स्पष्ट संकेत बन सकती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के
फोर्ब्स बिलियनेयर्स की लिस्ट में माइक्रॉन के भारतवंशी सीईओ शामिल:संजय ने कोडेक का ऑफर ठुकराकर सैंडिस्क को घर-घर पहुंचाया

अमेरिकी चिप कंपनी माइक्रॉन टेक्नोलॉजी के सीईओ संजय मेहरोत्रा फोर्ब्स की चिप कंपनियों के अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। फोर्ब्स के मुताबिक उनकी संपत्ति 11,406 करोड़ रुपए है। वे इस लिस्ट में शामिल इकलौते भारतीय हैं। इसमें शीर्ष पर एनवीडिया के सीईओ जेन्संग हुआंग हैं जिनकी नेटवर्थ 17.46 लाख करोड़ रु. है। कानपुर में जन्मे मेहरोत्रा (67) ने सैंडिस्क की सह-स्थापना से लेकर माइक्रॉन को 104 लाख करोड़ मार्केट कैप तक पहुंचाने में काफी योगदान दिया है। 1976 में संजय ने अमेरिका में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीसा मांगा, लेकिन तीन बार दूतावास ने मना कर दिया। अंत में पिता उनके साथ नई दिल्ली दूतावास पहुंचे और काउंसलर अधिकारी के लंच पर जाने के बावजूद लॉबी में डटे रहे। अंत में उन्हें वीसा मिला। इंटेल में पहली नौकरी के दौरान वे रात दो बजे तक नौकरी करते थे। 1988 में संजय ने दो दोस्तों के साथ मिलकर सैंडिस्क की नींव रखी। उस समय फ्लैश मेमोरी नई तकनीक थी, लेकिन संजय ने इसी पर दांव लगाया। आगे चलकर पेनड्राइव, एसडी कार्ड और मोबाइल मेमोरी को दुनिया भर तक पहुंचाने में सैनडिस्क की बड़ी भूमिका रही। 90 के दशक में जब सैनडिस्क एक स्टार्टअप था, तब कोडेक ने उनकी डिजिटल मेमोरी तकनीक को सिर्फ अपने लिए बनाने का ऑफर दिया और इसके बदले बड़ी रकम देने की बात कही, लेकिन संजय और उनके साथी एली हरारी ने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने तकनीक को खुले मानक के रूप में रखने का फैसला किया। इसी सोच से कॉम्पैक्ट फ्लैश और आगे एसडी कार्ड बने, जो आज हर डिवाइस में इस्तेमाल होते हैं। उसी दौरान जब वैश्विक मंदी आई तो कंपनी पर दबाव बढ़ गया, लेकिन संजय ने कर्मचारियों की छंटनी के बजाय अलग रास्ता चुना। उन्होंने अपनी बेसिक सैलरी शून्य कर दी और बड़े अधिकारियों की सैलरी भी घटाई। उनका मानना था कि मुश्किल समय में सबसे पहले त्याग नेतृत्व को करना चाहिए। इस फैसले ने उन्हें कर्मचारियों के बीच खास भरोसा दिलाया। पद से ज्यादा तकनीक पसंद थी इसलिए नौकरी तक छोड़ दी 80 के दशक में संजय आईडीटी में थे। कंपनी उन्हें बेहतर पद देने को तैयार थी, लेकिन जिस नॉन-वोलेटाइल मेमोरी प्रोजेक्ट पर वे काम कर रहे थे, उसे बंद कर दिया गया। तब पसंदीदा तकनीक के चलते उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। बाद में कहा, ‘मुझे मेमोरी का जुनून था।’ यही जिद सैनडिस्क की नींव बनी। 2017 में वे माइक्रॉन से जुड़े, जो अब गुजरात के साणंद में 26 हजार करोड़ रुपए की चिप फैसिलिटी बना रही है, जिसमें कंपनी की हिस्सेदारी 7838 करोड़ रुपए है।
भारतीय शेयर बाजार को साउथ कोरिया ने पीछे छोड़ा:AI में तेजी से मार्केट कैप ₹475 लाख करोड़ हुआ, भारत की वैल्यू ₹456 लाख करोड़

साउथ कोरिया का शेयर बाजार भारत को पछाड़कर दुनिया का छठा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। इस तेजी की बड़ी वजह चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियां हैं, जो दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के दम पर लगातार रिकॉर्ड बना रही हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल साउथ कोरिया की लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 475 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ, भारतीय शेयर बाजार की मार्केट कैप घटकर 4.8 ट्रिलियन डॉलर (करीब 456 लाख करोड़ रुपए) रह गई है। अमेरिकी शेयर बाजार का मार्केट कैप 78 ट्रिलियन सोर्स: ब्लूमबर्ग भारतीय बाजार के पिछड़ने की 3 मुख्य वजहें भारतीय शेयर बाजार के दुनिया में एक पायदान नीचे खिसकने के पीछे जानकारों ने तीन बड़े कारण बताए हैं: इकोनॉमी के मामले में भारत अभी भी साउथ कोरिया से दोगुने से ज्यादा बड़ा भले ही शेयर बाजार के वैल्यूएशन (मार्केट कैप) के मामले में साउथ कोरिया ने भारत को पछाड़ दिया हो, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था (GDP) के आकार के मामले में भारत अब भी साउथ कोरिया से बहुत आगे है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के अनुमानों के मुताबिक, भारत की इकोनॉमी का साइज 4.15 लाख करोड़ डॉलर ($4.15 ट्रिलियन) है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वहीं, साउथ कोरिया की जीडीपी महज 1.93 लाख करोड़ डॉलर ($1.93 ट्रिलियन) है, जो भारत के मुकाबले आधे से भी कम है। मार्केट कैप क्या होता है? किसी भी देश के शेयर बाजार की ‘मार्केट कैपिटलाइजेशन’ का मतलब वहां की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की कुल कीमत होती है। अगर किसी देश का मार्केट कैप बढ़ रहा है, तो इसका मतलब है कि वहां की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
भारतीय शेयर बाजार को साउथ कोरिया ने पीछे छोड़ा:AI में तेजी से मार्केट कैप ₹475 लाख करोड़ हुआ, भारत की वैल्यू ₹456 लाख करोड़

साउथ कोरिया का शेयर बाजार भारत को पीछे छोड़कर दुनिया का छठा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। इसकी बड़ी वजह चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियां हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के दम पर लगातार रिकॉर्ड बना रही हैं। ब्लूमबर्ग के अनुसार इस साल साउथ कोरिया की लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 475 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच गई है। वहीं, भारतीय शेयर बाजार की मार्केट कैप घटकर 4.8 ट्रिलियन डॉलर (करीब 456 लाख करोड़ रुपए) रह गई है। भारतीय बाजार के पिछड़ने की 3 मुख्य वजहें भारतीय शेयर बाजार के दुनिया में एक पायदान नीचे खिसकने के पीछे जानकारों ने तीन बड़े कारण बताए हैं: इकोनॉमी के मामले में भारत अभी भी साउथ कोरिया से दोगुने से ज्यादा बड़ा भले ही शेयर बाजार के वैल्यूएशन (मार्केट कैप) के मामले में साउथ कोरिया ने भारत को पछाड़ दिया हो, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था (GDP) के आकार के मामले में भारत अब भी साउथ कोरिया से बहुत आगे है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के अनुमानों के मुताबिक, भारत की इकोनॉमी का साइज 4.15 लाख करोड़ डॉलर (4.15 ट्रिलियन डॉलर) है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वहीं, साउथ कोरिया की GDP महज 1.93 लाख करोड़ डॉलर (1.93 ट्रिलियन डॉलर) है, जो भारत के मुकाबले आधे से भी कम है। मार्केट कैप क्या होता है? किसी भी देश के शेयर बाजार की ‘मार्केट कैपिटलाइजेशन’ का मतलब वहां की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की कुल कीमत होती है। अगर किसी देश का मार्केट कैप बढ़ रहा है, तो इसका मतलब है कि वहां की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
गोल्डन मिल्क रेसिपी: मौसम में बदलाव ही रात में लगी है ठंड? नोट करें वायरल फ्लू से बचाव वाले हल्दी-मसाला दूध की आसान रेसिपी

2 जून 2026 को 11:01 IST पर अपडेट किया गया गोल्डन मिल्क रेसिपी: भीषण गर्मी के बाद अचानक मौसम बदल गया। मौसम में बदलाव से रात को ठंड लगने की संभावना रहती है और अक्सर लोगों को फ्लू और कोल्ड-कोल्ड नामक वायरस हो जाता है। इन समस्याओं से बचने के लिए एक बेहतरीन और असरदार उपाय घरेलू हल्दी और मसाला वाला दूध होता है, जिसे गोल्डन मिल्क भी कहा जाता है। यह प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करता है। नोट कर लें रेसिपी। अनुसरण करना : गोल्डन मिल्क बनाने की सामग्री दूध: 1 बड़ा कप हल्दी पाउडर: आधा चीनी पैन पाउडर: आधा भाग काली मिर्च पाउडर: 2 चुटकी अदरक: घिसी हुई लम्बाई: 2 पिसी हुई शहद या गुड़: स्वाद का सामान घी: एक ओर छवि: एआई गोल्डन मिल्क या फिर मसाला दूध बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन दूध में बाकी सभी चीजें जैसे हल्दी, दालचीनी, काली मिर्च, अदरक, लौंग और घी को शामिल कर लें। इन सभी मूर्तियों को अच्छे से प्यार करें। छवि: एआई अब दूध कच्चे माल और कच्चे माल पर पांच से साल मिनच तक स्टॉक। सभी सामान मिले हुए जब दूध के आर्क में अच्छी तरह से उतरें तब तक स्टॉक का सामान। छवि: एआई अब मसाले वाले बने मसाला दूध को एक कप में अच्छा लें। इसका थोड़ा ठंडा या पीने का गुनगुना होने का इंतजार करें। फिर दूध का स्वाद बढ़ाने के लिए शहद या फिर गुड़ का स्वाद ऑफर करने वाली मशीन में। छवि: एआई इसे बनाने में ध्यान रखने वाली बात ये है कि गोल्डन मिल्क या एक्स्ट्रा वाले दूध को रात में सोने से आधा घंटा पहले बिजली गर्म करके सिप- सिप करके पिएं। छवि: एआई ये अनोखी चटनी आपको घर के अंदर से गर्म और खांसी-जुकाम से तुरंत राहत दिलाएगी। इसके साथ ही अगर आपको किसी भी प्रकार के पाउडर से एलर्जी है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 2 जून 2026 11:01 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)गोल्डन मिल्क रेसिपी(टी)हल्दी मसाला दूध(टी)गोल्डन मिल्क कैसे बनाएं(टी)हल्दी दूध के फायदे(टी)वायरल फ्लू के लिए घरेलू उपचार(टी)खांसी और सर्दी के लिए हल्दी दूध(टी)इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक(टी)आयुर्वेदिक हल्दी दूध(टी)मसालेदार दूध रेसिपी(टी)रात में गोल्डन मिल्क के फायदे
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, गैरकानूनी रूप से रह रहे थे

अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इन लोगों पर आरोप है कि वे अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें जल्द ही अमेरिका से बाहर भेजा जाएगा। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने बताया कि 11 से 15 मई के बीच ऑपरेशन चेकमेट के तहत एरिजोना में कुल 52 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 36 लोग ट्रक चला रहे थे। इनमें से 30 भारतीय है। बाकी 6 लोग मेक्सिको, एल साल्वाडोर और रूस के थे। इन ट्रक ड्राइवरों के पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ लोगों के पास कोई लाइसेंस ही नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर लोगों के पास काम करने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज थे, जो बाइडन प्रशासन के दौरान मिले थे। लेकिन अब वे दस्तावेज मान्य नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… रूस का यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला: 5 की मौत, 55 से ज्यादा घायल रूस ने मंगलवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव समेत द्नीप्रो और खार्किव पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए। हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 55 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद कई शहरों में एयर रेड अलर्ट जारी कर लोगों को शेल्टर में भेजा गया। यूक्रेन के पूर्वी शहर द्नीप्रो में रूसी हमले में 4 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र हांझा के मुताबिक 16 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, वाहन जल गए और बच्चों का खेल मैदान भी तबाह हो गया। राजधानी कीव में एक व्यक्ति की मौत हुई है और 29 लोग घायल हुए हैं। मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार मिसाइल हमले से 24 मंजिला अपार्टमेंट का हिस्सा ढह गया। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है। एक अन्य 9 मंजिला इमारत में आग लग गई। ओबोलोन जिले में मिसाइल के मलबे से कई कारें जल गईं और किंडरगार्टन के पास भी आग लगी। हमले के दौरान पूरे यूक्रेन में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया। कीव में हजारों लोग मेट्रो स्टेशनों और अन्य सुरक्षित ठिकानों में शरण लेने पहुंचे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक दिन पहले ही बड़े रूसी हमले की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि खुफिया एजेंसियों की चेतावनियां अब भी प्रभावी हैं और बड़े पैमाने पर हमला संभव है। खार्किव में ड्रोन और मिसाइल हमलों में एक बच्चे समेत 10 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में नुकसान की जानकारी दी है। रूस ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह कीव में सैन्य ठिकानों और निर्णय लेने वाले केंद्रों पर “सिस्टमेटिक स्ट्राइक” करेगा। रूस का कहना है कि यह कार्रवाई लुहान्स्क क्षेत्र में छात्रावास पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की जा रही है, जबकि यूक्रेन ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार किया है। फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों देशों के बीच हमले लगातार तेज हो रहे हैं। शांति प्रयासों के बावजूद अब तक संघर्ष समाप्त होने के संकेत नहीं मिले हैं। अमेरिका में घरेलू विवाद के बाद परिवार के 6 लोगों की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने भी की आत्महत्या अमेरिका के आयोवा राज्य के मस्कटीन शहर में घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति ने परिवार के 6 सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना में कुल 7 लोगों की मौत हुई है। पुलिस को सोमवार दोपहर एक घर में गोलीबारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने घर के अंदर 4 लोगों के शव बरामद किए। सभी की मौत गोली लगने से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने 52 वर्षीय रयान विलिस मैकफारलैंड को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया। वारदात के बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ समय बाद उसे ढूंढ़ लिया। मस्कटीन पुलिस प्रमुख एंथनी कीस के मुताबिक, पुलिस उससे बातचीत कर रही थी तभी उसने खुद को गोली मार ली। इसके बाद जांच में सामने आया कि मामले में दो और लोग भी मारे गए हैं। पुलिस ने एक अन्य मकान और एक स्थानीय व्यवसायिक प्रतिष्ठान से दो पुरुषों के शव बरामद किए। दोनों की मौत भी गोली लगने से हुई थी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच के अनुसार पूरा घटनाक्रम घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि सभी पीड़ित आरोपी के रिश्तेदार थे। मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। करीब 23 हजार आबादी वाले मस्कटीन शहर में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, गैरकानूनी रूप से रह रहे थे

अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इन लोगों पर आरोप है कि वे अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें जल्द ही अमेरिका से बाहर भेजा जाएगा। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने बताया कि 11 से 15 मई के बीच ऑपरेशन चेकमेट के तहत एरिजोना में कुल 52 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 36 लोग ट्रक चला रहे थे। इनमें से 30 भारतीय है। बाकी 6 लोग मेक्सिको, एल साल्वाडोर और रूस के थे। इन ट्रक ड्राइवरों के पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ लोगों के पास कोई लाइसेंस ही नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर लोगों के पास काम करने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज थे, जो बाइडन प्रशासन के दौरान मिले थे। लेकिन अब वे दस्तावेज मान्य नहीं हैं।
कौन हैं बिशाल लामा, जिन्होंने 55 वर्षों में बंगाल कैबिनेट में पहले गोरखा के रूप में इतिहास रचा?

भाजपा विधायक बिशाल लामा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल कैबिनेट में राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली – 55 वर्षों में राज्य मंत्री पद संभालने वाले पहले गोरखा नेता। आख़िरी बार 1971 में दिवंगत देव प्रकाश राय थे। एक ऐसे समुदाय के लिए जो लंबे समय से बंगाल की राजनीति में खुद को दरकिनार महसूस कर रहा था, इस पल ने आधी सदी से अधिक के इंतजार का भार उठाया। टाइम्स ऑफ इंडिया ने लामा के हवाले से कहा, ”भाजपा ने मुझे यह जिम्मेदारी देकर मुझ पर भरोसा जताया है।” “हमारे समुदाय के लिए सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।” कालचीनी (एसटी) से दो बार के विधायक, लामा ने 2026 के विधानसभा चुनावों में 1,14,759 वोटों के साथ अपनी सीट बरकरार रखी – अपने तृणमूल प्रतिद्वंद्वी को 37,843 वोटों के भारी अंतर से हराया। विश्लेषकों का कहना है कि लामा का शामिल होना न केवल डुआर्स के लिए बल्कि उत्तरी बंगाल और दार्जिलिंग हिल्स में व्यापक गोरखा आबादी के लिए महत्वपूर्ण है – एक ऐसा क्षेत्र जो ऐतिहासिक रूप से नबन्ना के गलियारों में अपने राजनीतिक वजन से कम रहा है। लामा ने कहा, “पर्याप्त प्रतिनिधित्व से वंचित होने के बाद, 55 साल बाद मंत्री पद मिलना दिखाता है कि आखिरकार ध्यान हम पर केंद्रित किया जा रहा है।” लामा की पदोन्नति ने देव प्रकाश राय (फोटो में) की यादें ताजा कर दी हैं – लगभग 25 वर्षों तक हिल्स की प्रमुख राजनीतिक आवाज, जिन्होंने लगातार तीन राज्य मंत्रिमंडलों में कार्य किया, फिर भी क्षेत्र के लिए प्रशासनिक स्वायत्तता के सवाल को कभी हल नहीं कर सके। दार्जिलिंग की सेवानिवृत्त नर्सिंग अधीक्षक, 77 वर्षीय उनकी भतीजी इंदिरा राय ने टीओआई को बताया कि उनके चाचा ने “मंत्री बनने के बाद भी कभी भी खुद को आम नागरिकों से दूर नहीं किया।” टीओआई ने इंदिरा राय के हवाले से कहा, “गोरखा समुदाय के लिए, यह एक गर्व और भावनात्मक क्षण है।” “इतने लंबे अंतराल के बाद, एक और गोरखा नेता को बंगाल सरकार में जगह मिली है। हमें उम्मीद है कि यह प्रतिनिधित्व हिल्स और डुआर्स के लोगों की आवाज को मजबूत करेगा।” 1981 में देव प्रकाश की मृत्यु के बाद, अखिल भारतीय गोरखा लीग धीरे-धीरे लुप्त हो गई, जिससे जीएनएलएफ और अन्य ताकतों को रास्ता मिल गया। (फेसबुक) लामा ने चाय बागान भूमि अधिकार, विकास और सामुदायिक गरिमा को प्राथमिकताओं के रूप में चिह्नित करते हुए कहा, “यह पद अत्यधिक जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण चुनौतियों के साथ आता है।” 2021 में पहली बार चुने गए, अब वह एक मजबूत जनादेश और उच्च दांव के साथ कैबिनेट में प्रवेश करते हैं – एक ऐसे समुदाय की आशाओं को लेकर, जिसने बंगाल की कैबिनेट मेज पर बिना किसी आवाज के 55 साल बिताए हैं। (फेसबुक) (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल बीजेपी(टी)कोलकाता
हरियाणा में बैठकर अमेरिका के लोगों से फ्रॉड:अमेजन अधिकारी बनकर बात करते 21 लोग पकड़े; ₹11 लाख कैश, नोट गिनने की मशीन भी मिली

पंचकूला पुलिस ने सोमवार देर रात एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड के रैकेट का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह करीब 6 बजे तक चली। साइबर क्राइम टीम ने सेक्टर-2 मार्केट स्थित एक ऑफिस से 21 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से चार लोगों को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 11.30 लाख कैश, 3 वॉकी-टॉकी, 16 हैंडसेट, 2 वाई-फाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, 3 पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें और सोने के आभूषण बरामद किए हैं। सेक्टर-2 मार्केट में स्थित अल्फा इवेंट कंपनी के ऑफिस से यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। आरोपी खुद को अमेजन कंपनी का अधिकारी बताकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाते थे और उनसे ठगी करते थे। आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब जानिए कैसे चल रहा ठगी का खेल… अमेरिका के नागरिकों को बनाते थे निशाना पुलिस ने मामले में नवदीप, अक्षय टिक्कू, रजा और अंकुर कपूर को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अमेरिका (USA) के नागरिकों के साथ साइबर ठगी करते थे। इसी वजह से उनका कॉल सेंटर भी अमेरिकी समय के अनुसार संचालित होता था। कॉल सेंटर का काम शाम करीब 7 बजे शुरू होता था और रात 3 बजे तक चलता था। खुद को अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे पुलिस जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग अमेरिका के नागरिकों को फोन कर खुद को अमेजन कंपनी का कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे। बातचीत के दौरान वे लोगों को झांसे में लेकर उनके क्रेडिट कार्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लेते थे। इसके बाद उन्हीं जानकारियों का इस्तेमाल कर ठगी को अंजाम दिया जाता था। 20 से अधिक युवक-युवतियों को रखा था नौकरी पर ठगी के इस नेटवर्क को चलाने के लिए इंग्लिश बोलने वाले करीब 20 युवक-युवतियों को नौकरी पर रखा गया था। उन्हें 20 से 25 हजार रुपए तक सैलरी दी जाती थी। काम शुरू करने से पहले उन्हें एक हफ्ते से 10 दिन तक ट्रेनिंग भी दी जाती थी, ताकि वे विदेशी नागरिकों से आसानी से बातचीत कर सकें। RSO सदस्य और वकील करते थे पूरे नेटवर्क को कवर पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार वकील नवदीप और रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (RSO) मेंबर अंकुर कपूर इस पूरे नेटवर्क को देखते थे। अंकुर कपूर सड़क सुरक्षा के नाम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता था, जिनमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाता था। इसी वजह से उस पर किसी को आसानी से शक नहीं होता था। कमिश्नर बोले- अभी और खुलासे होंगे पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बताया कि साइबर टीम ने बेहतरीन कार्य करते हुए साइबर ठगी का रैकेट पकड़ा है। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए पूरा खेल चल रहा था। पकड़े गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर अभी और खुलासे किए जांएगे।







