इनकम टैक्स जांच के बीच वाशु भगनानी की बिगड़ी तबीयत:रकुल प्रीत सिंह के ससुर लंदन में भर्ती; संपर्क करने पर अकेला छोड़ने को बोले

फिल्म निर्माता वाशु भगनानी लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को दी। वाशु ब्रिटेन में रहते हैं। उनकी तबीयत खराब होने की वजह अभी सामने नहीं आई है। ANI के मुताबिक, संपर्क करने पर उन्होंने “अकेला छोड़ने” को कहा। वाशु के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आयकर विभाग की कथित तलाशी के कुछ दिन बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु और उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। 12 ठिकानों पर तलाशी की रिपोर्ट सोमवार को टीवी9 ने बताया था कि आयकर विभाग ने संदिग्ध फंड गड़बड़ी को लेकर 12 ठिकानों पर तलाशी शुरू की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच इस बात की भी हो रही है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के नाम पर कथित तौर पर पैसा विदेश भेजा गया या नहीं। कई टीमों के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की जांच करने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग ने कुमार मंगत की अगुआई वाले पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। वहीं, वाशु और रकुल ने आयकर विभाग की तलाशी की खबरों पर अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया है। वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 1995 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। इसी साल गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने बतौर निर्माता करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी सफल फिल्में बनाईं। हाल के वर्षों में पूजा एंटरटेनमेंट की बॉक्स ऑफिस पर कमाई घटती गई। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ और ‘बेल बॉटम’ जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। वाशु के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में ‘कल किसने देखा’ से एक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। 2011 में उन्हें ‘एफ.ए.एल.टी.यू’ से मध्यम सफलता मिली। कई फिल्में सफल नहीं होने के बाद जैकी भी फिल्म निर्माण में आ गए। 2016 में उन्होंने पूजा एंटरटेनमेंट में अपने पिता वाशु के साथ काम शुरू किया। 2025 में कर्मचारियों ने बकाया भुगतान का आरोप लगाया था वाशु की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट 2025 में भी खबरों में रही थी। कई कर्मचारियों ने महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। उस समय ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि वाशु ने आर्थिक स्थिति संभालने के लिए ऑफिस की जगह बेच दी थी। हालांकि, बाद में वाशु ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने बिल्डिंग को बेचा नहीं, बल्कि रीडेवलप किया था।
इनकम टैक्स जांच के बीच वाशु भगनानी की बिगड़ी तबीयत:रकुल प्रीत सिंह के ससुर लंदन में भर्ती; संपर्क करने पर अकेला छोड़ने को कहा

फिल्म निर्माता वाशु भगनानी लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को दी। वाशु ब्रिटेन में रहते हैं। उनकी तबीयत खराब होने की वजह अभी सामने नहीं आई है। ANI के मुताबिक, संपर्क करने पर उन्होंने अकेला छोड़ने को कहा। वाशु के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आयकर विभाग की कथित तलाशी के कुछ दिन बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु और उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। 12 ठिकानों पर तलाशी की रिपोर्ट सोमवार को टीवी9 ने बताया था कि आयकर विभाग ने संदिग्ध फंड गड़बड़ी को लेकर 12 ठिकानों पर तलाशी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच इस बात की भी हो रही है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के नाम पर कथित तौर पर पैसा विदेश भेजा गया या नहीं। कई टीमों के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की जांच करने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग ने कुमार मंगत की अगुआई वाले पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। वहीं, वाशु और रकुल ने आयकर विभाग की तलाशी की खबरों पर अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया। वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 1986 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। वहीं, 1995 में गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने बतौर निर्माता करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्में बनाईं। हाल के वर्षों में पूजा एंटरटेनमेंट की बॉक्स ऑफिस पर कमाई घटती गई। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ और ‘बेल बॉटम’ जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। वाशु के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में फिल्म ‘कल किसने देखा’ से एक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। 2011 में उन्हें फिल्म ‘फालतू’ (F.A.L.T.U) से पहचान मिली। कई फिल्में सफल नहीं होने के बाद जैकी भी फिल्म निर्माण में आ गए। 2016 में उन्होंने पूजा एंटरटेनमेंट में अपने पिता वाशु के साथ काम शुरू किया। वाशु और रमेश तौरानी का विवाद सामने आया था इससे पहले मई महीने में वाशु भगनानी, रमेश तौरानी और निर्देशक डेविड धवन के बीच 1999 की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के गानों को लेकर विवाद सामने आया था। वाशु भगनानी ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में ‘चुनरी चुनरी’ और ‘इश्क सोना है’ का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति किया गया। उन्होंने ₹400 करोड़ का मुकदमा दायर किया था। वाशु का दावा था कि गानों के ऑडियो राइट्स टिप्स के पास थे, लेकिन वीडियो और दूसरे अधिकार उनकी कंपनी के पास थे। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘कुली नंबर 1’ से उन्हें ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ था। वाशु ने डेविड धवन पर ‘बीवी नंबर 1’ के सीक्वल का वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया था। वहीं रमेश तौरानी ने पुराने मतभेद सुलझने की बात कही थी, जिसे वाशु ने खारिज किया था। 2025 में कर्मचारियों ने बकाया भुगतान का आरोप लगाया था वाशु की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट 2025 में भी खबरों में रही थी। कई कर्मचारियों ने महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। उस समय ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि वाशु ने आर्थिक स्थिति संभालने के लिए ऑफिस की जगह बेच दी थी। हालांकि, बाद में वाशु ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने बिल्डिंग को बेचा नहीं, बल्कि रीडेवलप किया था।
ट्रोलिंग पर रेणुका शहाणे बोलीं:नकारात्मकता डिप्रेशन तक पहुंचा सकती है, ‘दुपहिया’ में भूगोल बने स्पर्श बोले- इमेज नहीं, चुनौतीपूर्ण किरदार जरूरी हैं

वेब सीरीज ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन नए ट्विस्ट और अंदाज के साथ आने वाला है। स्पर्श श्रीवास्तव एक बार फिर भूगोल के किरदार में नजर आएंगे, लेकिन इस बार उनका अंदाज अलग है। रेणुका शहाणे पुष्पलता के किरदार में कॉमेडी और व्यंग्य के नए रंग दिखाती नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों ने अपने किरदारों, ट्रोलिंग, सोशल मीडिया की नकारात्मकता, आत्मविश्वास और अलग तरह के किरदार चुनने पर बात की। रेणुका ने कहा कि लगातार नकारात्मकता पर ध्यान देने से इंसान डिप्रेशन तक पहुंच सकता है। वहीं स्पर्श ने कहा कि वह इमेज की परवाह करने के बजाय चुनौतीपूर्ण और उत्साहित करने वाले किरदार चुनना पसंद करते हैं। सवाल: स्पर्श, ‘दुपहिया 2’ में आपका किरदार भूगोल एक नए अंदाज में नजर आ रहा है। क्या कभी ऐसा हुआ है कि आपने कुछ और करने की सोची हो, लेकिन जिंदगी आपको किसी और दिशा में ले गई हो? जवाब:स्पर्श: बिल्कुल। मेरी डांस की शुरुआत ‘डोला रे डोला’ से हुई थी। मेरा पहला स्टेज परफॉर्मेंस भी इसी गाने पर था। मेरी मां ने अपने हाथों से अपनी साड़ी से मेरे लिए एक ड्रेस बनाई थी और मैंने वही पहनकर परफॉर्म किया था। मुझे लगता है कि जिंदगी अब एक तरह से पूरा चक्कर लगाकर वहीं आ गई है। आज मैं फिर ‘डोला रे डोला’ पर माधुरी दीक्षित के डांस मूव्स करने की कोशिश कर रहा हूं। यह मेरे लिए बहुत खास है। सवाल: रेणुका जी, पुष्पलता के किरदार में नेतृत्व के साथ-साथ व्यंग्य और कॉमेडी भी है। इसे निभाना कितना आसान या मुश्किल था? जवाब/रेणुका: यह आसान इसलिए था, क्योंकि जो मुझे लिखा हुआ मिला, उसे करने में बहुत मजा आया। हमारे क्रिएटर्स, डायरेक्टर और को-एक्टर्स के साथ काम करना भी अच्छा अनुभव रहा, इसलिए किरदार निभाना आसान हो गया। मुश्किल सिर्फ इतनी थी कि कहीं से भी यह नजर न आए कि मैं शहरी हूं। मैंने इससे पहले ऐसा किरदार नहीं किया था, इसलिए उस देसीपन को बनाए रखना चुनौती थी। सवाल: आपके हालिया प्रोजेक्ट्स में कॉमेडी, व्यंग्य और सर्काज्म का अंदाज देखने को मिल रहा है। क्या यह आपके लिए एक अलग तरह का अनुभव है? जवाब/रेणुका: बिल्कुल। सच कहूं तो मैं लंबे समय से कॉमेडी करना चाहती थी। जब मैंने अपने ब्रेक से पहले काम शुरू किया था, तब भी मेरा मन था कि मुझे अलग तरह के किरदार मिलें। लेकिन कलाकार वही कर सकता है, जिसका उसे अवसर मिलता है। उस समय मुझे ऐसा मौका नहीं मिला। अब जब लोग मुझे इन अलग तरह के किरदारों में स्वीकार कर रहे हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। सवाल: स्पर्श, कई कलाकार अपनी एक खास इमेज बनने के बाद उसी तरह के किरदार करने लगते हैं। क्या आपके लिए इमेज से बाहर निकलना एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है? जवाब/स्पर्श: एक अभिनेता के तौर पर मैं हमेशा ऐसे किरदारों की तलाश में रहता हूं, जो मुझे उत्साहित करें। ‘दुपहिया’ में मुझे वही उत्साह भरपूर मिला। अगर कोई किरदार मुझे एक्साइट करता है, तो मैं यह नहीं सोचता कि उससे मेरी इमेज कैसी बनेगी। आज का समय ऐसा है, जब दर्शक कलाकारों में वर्सेटिलिटी देखना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि एक अभिनेता अलग-अलग किरदार निभाए। अगर मैं बार-बार एक ही तरह का किरदार करूंगा, तो दर्शक भी बोर हो जाएंगे। इसलिए मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि अपने दर्शकों का मनोरंजन करता रहूं और उसी हिसाब से किरदार चुनूं। सवाल: भूगोल और असल जिंदगी के स्पर्श में क्या समानता और क्या अंतर है? जवाब/स्पर्श: मैं एक इंसान के तौर पर बहुत एक्सट्रीम हूं। या तो बहुत शांत रहता हूं या फिर बहुत ज्यादा बोलता हूं। मेरे व्यक्तित्व का लाउड हिस्सा भूगोल से काफी मिलता है। असल जिंदगी में मैं इतना लाउड नहीं हो सकता, वरना शायद मैं इस तरह यहां बैठकर इंटरव्यू भी नहीं दे पाता। लेकिन भूगोल के रूप में मुझे अपने उस हिस्से को खुलकर दिखाने का मौका मिलता है। वह जिस तरह बैठता है, जिस तरह बात करता है और जिस तरह अपनी बात रखता है, वह मेरे लिए काफी मजेदार है। सवाल: रेणुका जी, इंडस्ट्री में कलाकार के काम, सोच और लुक तक पर लगातार नजर रहती है। ऐसे में आत्मविश्वास और खुद पर भरोसा कितना जरूरी है? जवाब/रेणुका: मेरे हिसाब से आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। अगर आपको बहुत ज्यादा तारीफ मिले तो घमंड नहीं करना चाहिए और अगर आलोचना मिले तो उससे निराश भी नहीं होना चाहिए। आपके अंदर इतना आत्मविश्वास होना चाहिए कि आप इन चीजों को जरूरत से ज्यादा महत्व न दें। आलोचना सुननी चाहिए, क्योंकि उसमें कुछ ऐसी बातें हो सकती हैं, जिनसे हम सीख सकते हैं। लेकिन नकारात्मकता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। कई बार लोग बहुत बुरी तरह ट्रोल करते हैं या असहमति बहुत आक्रामक तरीके से जताते हैं। हमें उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। आत्मविश्वास इसलिए जरूरी है, क्योंकि लगातार नकारात्मकता इंसान को प्रभावित कर सकती है। सवाल: आपके लंबे करियर में कई फैंस मिले हैं। ऐसा कोई फैन एनकाउंटर है, जो आज भी आपको खास तौर पर याद है? जवाब/रेणुका: ‘सुरभि’ के समय के फैंस आज भी मुझे याद हैं। उस दौर में लोग चिट्ठियां लिखकर अपनी भावनाएं भेजते थे। कुछ लोगों ने तो खून से भी चिट्ठियां लिखी थीं। उस समय हम सोचते थे कि राजेश खन्ना साहब से उनके फैंस मिलने आते हैं, शायद कभी हमसे मिलने भी कोई आएगा। एक दिन जब ऐसा हुआ तो मुझे समझ ही नहीं आया कि कैसे प्रतिक्रिया दूं। मैं मन ही मन सोच रही थी कि खून बर्बाद मत कीजिए, स्याही से लिखिए। ‘हम आपके हैं कौन’ से जुड़े भी कई फैन मोमेंट्स रहे हैं, जो मेरे लिए बेहद यादगार हैं। कुछ फैंस की प्रतिक्रियाएं इतनी भावुक होती थीं कि उन्हें आज भी याद करके अच्छा लगता है। छोटे बच्चे हों या बुजुर्ग दर्शक, सभी का प्यार अलग था। कुछ बुजुर्ग तो कहते थे कि आपका कार्यक्रम देखने से हमें ऊर्जा और खुशी मिलती है। ऐसे बहुत से फैन मोमेंट्स हैं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकती। सवाल: आपके सबसे बड़े फैन और सपोर्ट सिस्टम आशुतोष राणा जी ‘दुपहिया’ के दूसरे सीजन को लेकर क्या सोचते हैं? जवाब/रेणुका:
वेब-सीरीज को सिटी पैलेस में शूटिंग की परमिशन नहीं मिली:अब मूंडोता फोर्ट में शूट करेंगे एक्टर ईशान खट्टर, जयपुर पहुंचे

नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग 18 सितंबर से राजस्थान में शुरू हो गई थी। यूनिट जैसलमेर के बाद अब जयपुर में शूटिंग के लिए पहुंच चुकी हैं। एक्टर ईशान खट्टर और जीनत अमान मंगलवार को पिंक सिटी पहुंच गए हैं। वे एयरपोर्ट से सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। एक्ट्रेस नोरा फतेही भी जल्द यूनिट में शामिल होंगी। वेब सीरीज की शूटिंग के लिए जयपुर के पास स्थित मूंडोता फोर्ट में भी शूटिंग की विशेष तैयारियां की गई हैं। ऐसे में इस बार ‘द रॉयल्स’ में जयपुर की रॉयल विरासत का एक नया अंदाज देखने को मिल सकता है। वेब सीरीज में ईशान खट्टर महाराज अविराज ‘फिजी’ सिंह के किरदार में नजर आएंगे। वहीं नोरा फतेही आयशा धोंडी के किरदार में होंगी। वहीं पहले सीजन का हिस्सा रही भूमि पेडनेकर दूसरे सीजन का हिस्सा नहीं है। सिटी पैलेस की जगह इस बार मूंडोता फोर्ट ‘द रॉयल्स’ के पहले सीजन में जयपुर की रॉयल लोकेशन को प्रमुखता से दिखाया गया था। सीरीज की शूटिंग सिटी पैलेस जयपुर में भी हुई थी। इसकी भव्यता को कहानी के रॉयल परिवेश का हिस्सा बनाया गया था। पहले सीजन की शूटिंग लोकेशंस में सिटी पैलेस के अलावा राजस्थान और देश के अन्य प्रमुख पैलेस व एस्टेट भी शामिल थे। जानकारी अनुसार- इस बार सिटी पैलेस में शूटिंग की अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में प्रोडक्शन टीम ने जयपुर के पास स्थित मूंडोता फोर्ट को नई लोकेशन के तौर पर चुना है। यहां शूटिंग के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मूंडोता की ऐतिहासिक और रॉयल आर्किटेक्चर सीरीज के दूसरे सीजन के विजुअल्स में खास भूमिका निभा सकती है। जैसलमेर में शुरू हुआ था दूसरा सीजन ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग 18 सितंबर 2026 से राजस्थान में शुरू हुई थी। ईशान खट्टर ने सोशल मीडिया पर राजस्थान से तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए शूटिंग शुरू होने की जानकारी दी थी। उन्होंने घुड़सवारी की तैयारी से जुड़े दृश्य भी साझा किए थे। नोरा फतेही ने भी अपनी शूट डायरी की झलक सोशल मीडिया पर दी और दूसरे सीजन में आयशा धोंडी के रूप में वापसी की जानकारी दी है। ईशान फिर बनेंगे महाराज अविराज दूसरे सीजन में ईशान खट्टर एक बार फिर महाराज अविराज ‘फिजी’ सिंह के किरदार में नजर आएंगे। पहले सीजन में उनका किरदार एक ऐसे युवा राजकुमार का था, जो अपने आर्थिक संकट से जूझ रहे शाही परिवार और उसकी विरासत को संभालने की कोशिश करता है। पहले सीजन में अविराज की मुलाकात सोफिया कनमनी शेखर से होती है, जिसका किरदार भूमि पेडनेकर ने निभाया था। सोफिया एक महत्वाकांक्षी उद्यमी थी और दोनों मिलकर शाही संपत्ति को लग्जरी बीएंडबी में बदलने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान दोनों के बीच रोमांस और पारिवारिक उलझनों की कहानी आगे बढ़ती है। नेटफ्लिक्स के अनुसार पहले सीजन में कुल आठ एपिसोड थे। भूमि पेडनेकर नहीं होंगी दूसरे सीजन में दूसरे सीजन में सबसे बड़ा बदलाव इसकी कास्ट में देखने को मिलेगा। भूमि पेडनेकर अब इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक दूसरे सीजन की कहानी को अविराज और शाही परिवार की आंतरिक दुनिया की ओर ज्यादा केंद्रित किया जा रहा है। भूमि की जगह सिनी शेट्टी और गुरफतेह पीरजादा नए महत्वपूर्ण किरदारों में शामिल हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में ईशान, सिनी और गुरफतेह के बीच नए रिश्तों और कहानी के नए समीकरणों की बात कही गई है, हालांकि निर्माताओं की ओर से कहानी का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। नोरा फतेही की भी वापसी नोरा फतेही पहले सीजन में आयशा धोंडी के किरदार में नजर आई थीं। दूसरे सीजन में वह इसी भूमिका में वापस आ रही हैं। उन्होंने शूटिंग शुरू होने के बाद अपनी शूट डायरी से कुछ झलकियां भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। दूसरे सीजन में साक्षी तंवर, जीनत अमान, वियान समत, डिनो मोरिया, मिलिंद सोमन, काव्या त्रेहन, लिसा मिश्रा और चंकी पांडे समेत पहले सीजन के कई कलाकारों की वापसी की जानकारी है। वहीं सिनी शेट्टी और गुरफतेह पीरजादा नए कलाकारों के तौर पर जुड़े हैं। पहले सीजन में दिखा था जयपुर का रॉयल अंदाज ‘द रॉयल्स’ का पहला सीजन 9 मई 2025 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ था। सीरीज की कहानी काल्पनिक शहर मोरपुर के एक आर्थिक संकट से जूझ रहे शाही परिवार के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। कहानी में पुराने शाही वैभव और आधुनिक कारोबारी दुनिया का मेल दिखाया गया था। पहले सीजन की शूटिंग राजस्थान के कई रॉयल लोकेशंस पर हुई थी। जयपुर का सिटी पैलेस सीरीज की प्रमुख शूटिंग लोकेशंस में शामिल था। इसके अलावा देश के अन्य महलों और एस्टेट्स को भी सीरीज में रॉयल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के तौर पर इस्तेमाल किया गया। सीरीज का पहला सीजन प्रियंका घोष और नूपुर अस्थाना ने निर्देशित किया था, जबकि इसे रांगिता प्रीतिश नंदी और इशिता प्रीतिश नंदी ने बनाया था और प्रोडक्शन प्रीतिश नंदी कम्युनिकेशंस का था। दूसरे सीजन में बदला निर्देशन दूसरे सीजन के निर्माण के दौरान निर्देशन टीम में भी बदलाव की खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक जसमीत के. रीन शूटिंग शुरू होने के कुछ दिनों बाद प्रोजेक्ट से अलग हुईं और मिताक्षरा कुमार के निर्देशन संभालने की खबर है। हालांकि इस बदलाव को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं और निर्माताओं ने कहा है कि जसमीत का अलग होना आपसी निर्णय था।
फिल्म रामायण के बिहाइंड द सीन विजुअल आए:रणबीर बोले- ये सिर्फ रोल नहीं, जिम्मेदारी है; देखिए ग्रीन स्क्रीन में किस तरह हुई फिल्म की शूटिंग

28 सितंबर 2026 को रणबीर कपूर के 44वें जन्मदिन के खास मौके पर मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण का बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किया गया है। फिल्म के कई हिस्सों को ग्रीन स्क्रीन में शूट कर VFX के जरिए भव्य इमारत में तब्दील किया गया है। इस दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर भी बात की है। देखिए कैसे ग्रीन स्क्रीन पर हुई रामायण की शूटिंग- रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर कहा है कि यह सिर्फ फिल्म का रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “यह रोल नहीं है। ऐसा नहीं है कि मुझे एक फिल्म ऑफर हुई और यह रोल रोमांचक लगा। यह एक जिम्मेदारी है।” अरुण गोविल की बात रणबीर को याद रही रणबीर ने अरुण गोविल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अरुण सर हम सभी के लिए आइकॉनिक भगवान राम हैं। रणबीर ने बताया कि अरुण गोविल की एक बात उनके मन में रह गई। उन्होंने कहा, “क्षमा धर्म, क्षमा यज्ञ, क्षमा वेद, सनातन। भगवान राम की सबसे बड़ी शक्ति उनका धनुष नहीं था। वह उनकी क्षमा थी। उनके अंदर माफ करने की क्षमता थी।” रणबीर की कास्टिंग पर अरुण गोविल ने कहा- ‘मौजूदा समय में जितने भी स्टार्स हैं, रणबीर उन सबसे राम का किरदार निभाने के सबसे करीब हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- प्रमोशनल इवेंट में हुआ था विवाद रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। रामायण: पार्ट-1 दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। जबकि पार्ट 2 को दिवाली 2027 पर रिलीज करने की योजना है। देखिए फिल्म से सभी कलाकारों के लुक- शांत, तेजस्वी और मर्यादा पुरुषोत्तम की छवि में रणबीर कपूर का लुक प्रभावशाली नजर आया। भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे हैं। माता सीता के किरदार में साई पल्लवी के लुक में सादगी और शालीनता नजर आ रही है। दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खतरनाक अंदाज में रावण बने यश सबसे ज्यादा चर्चा में है। गरिमामयी व्यक्तित्व के साथ अरुण गोविल का दशरथ का रोल प्रभावी लगा। वह रामायण शो में पहले राम बन चुके हैं। फिल्म ‘रामायण’ में लारा दत्ता कैकेयी के किरदार में हैं। फिल्म ‘रामायण’ में रकुल प्रीत सिंह रावण की बहन शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं।
फिल्म रामायण के बिहाइंड द सीन विजुअल आए:रणबीर बोले- ये सिर्फ रोल नहीं, जिम्मेदारी है; देखिए ग्रीन स्क्रीन में किस तरह हुई फिल्म की शूटिंग

28 सितंबर 2026 को रणबीर कपूर के 44वें जन्मदिन के खास मौके पर मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण का बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किया गया है। फिल्म के कई हिस्सों को ग्रीन स्क्रीन में शूट कर VFX के जरिए भव्य इमारत में तब्दील किया गया है। इस दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर भी बात की है। देखिए कैसे ग्रीन स्क्रीन पर हुई रामायण की शूटिंग- रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर कहा है कि यह सिर्फ फिल्म का रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “यह रोल नहीं है। ऐसा नहीं है कि मुझे एक फिल्म ऑफर हुई और यह रोल रोमांचक लगा। यह एक जिम्मेदारी है।” अरुण गोविल की बात रणबीर को याद रही रणबीर ने अरुण गोविल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अरुण सर हम सभी के लिए आइकॉनिक भगवान राम हैं। रणबीर ने बताया कि अरुण गोविल की एक बात उनके मन में रह गई। उन्होंने कहा, “क्षमा धर्म, क्षमा यज्ञ, क्षमा वेद, सनातन। भगवान राम की सबसे बड़ी शक्ति उनका धनुष नहीं था। वह उनकी क्षमा थी। उनके अंदर माफ करने की क्षमता थी।” रणबीर की कास्टिंग पर अरुण गोविल ने कहा- ‘मौजूदा समय में जितने भी स्टार्स हैं, रणबीर उन सबसे राम का किरदार निभाने के सबसे करीब हैं।’ फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- प्रमोशनल इवेंट में हुआ था विवाद रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। रामायण: पार्ट-1 दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। जबकि पार्ट 2 को दिवाली 2027 पर रिलीज करने की योजना है। देखिए फिल्म से सभी कलाकारों के लुक- शांत, तेजस्वी और मर्यादा पुरुषोत्तम की छवि में रणबीर कपूर का लुक प्रभावशाली नजर आया। भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे हैं। माता सीता के किरदार में साई पल्लवी के लुक में सादगी और शालीनता नजर आ रही है। दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खतरनाक अंदाज में रावण बने यश सबसे ज्यादा चर्चा में है। गरिमामयी व्यक्तित्व के साथ अरुण गोविल का दशरथ का रोल प्रभावी लगा। वह रामायण शो में पहले राम बन चुके हैं। फिल्म ‘रामायण’ में लारा दत्ता कैकेयी के किरदार में हैं। फिल्म ‘रामायण’ में रकुल प्रीत सिंह रावण की बहन शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं।
मजरूह सुल्तानपुरी से पहली मुलाकात पर बोले ललित पंडित:उन्होंने कहा था- तुम क्यों आ गए, मैं तो अब काम नहीं करता

हिंदी सिनेमा में 90 के दशक के संगीत की बात हो और संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। इस जोड़ी ने ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘खामोशी’, ‘कभी हां कभी ना’ और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी फिल्मों के संगीत से अपनी अलग पहचान बनाई। इसी दौर में गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी के साथ उनका खास रिश्ता बना। अब मजरूह सुल्तानपुरी की बर्थ एनिवर्सरी पर संगीतकार ललित पंडित उनका लिखा पुराना गीत ‘बात नजर की है’ रिलीज करने जा रहे हैं। यह गीत कई साल पहले रिकॉर्ड किया गया था और मूल रूप से ललित और जतिन के प्राइवेट एल्बम का हिस्सा बनने वाला था। खास बात यह है कि इसकी धुन ललित पंडित ने बनाई थी और मजरूह सुल्तानपुरी ने उसी धुन पर बोल लिखे थे। ललित पंडित ने दैनिक भास्कर से बातचीत में मजरूह सुल्तानपुरी के साथ अपने रिश्ते, काम करने के अनुभव और धुन पर गीत लिखने की प्रक्रिया से जुड़े कई किस्से साझा किए। सवाल: मजरूह सुल्तानपुरी की बर्थ एनिवर्सरी पर आप उनका लिखा गीत रिलीज कर रहे हैं। इसके बारे में बताइए? जवाब: पहली अक्टूबर को मजरूह साहब का जन्मदिन होता है। जो गाना मैं रिलीज करने जा रहा हूं, वह हमने बहुत पहले रिकॉर्ड किया था। एक वक्त था जब मैं और जतिन एक एल्बम करना चाहते थे और मजरूह साहब उसके गाने लिख रहे थे। यह उन्हीं गानों में से एक है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह मजरूह साहब का लिखा हुआ गीत है और उनके जन्मदिन पर ही रिलीज हो रहा है। मजरूह साहब के साथ हमारा बहुत अच्छा रिश्ता रहा। उन्होंने हमारे साथ काफी काम किया। ‘जो जीता वही सिकंदर’ उन्हीं की लिखी हुई थी। मेरे करियर के शुरुआती दौर में फिल्म ‘यारा दिलदारा’ के गीत ‘बिन तेरे सनम’ ने जतिन-ललित को जो पहचान दिलाई, उसके बोल भी मजरूह साहब ने लिखे थे। इसके अलावा ‘कभी हां कभी ना’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों में उनके साथ काम करने का मौका मिला। मजरूह साहब से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे मन में हमेशा था कि उनके जन्मदिन पर उनका लिखा कोई गीत रिलीज करूं। अब पहली अक्टूबर को यह गाना सभी म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। सवाल: मजरूह साहब के साथ काम करते हुए आपको कब एहसास हुआ कि आपके पसंदीदा कई गाने उन्हीं ने लिखे हैं? जवाब: जब मैंने उनके साथ काम करना शुरू किया था, तब मुझे भी इतनी जानकारी नहीं थी कि उन्होंने कितना बड़ा काम किया है। बाद में एहसास हुआ कि मेरे जितने पसंदीदा गाने हैं, उनमें से कई मजरूह साहब के लिखे हुए हैं। बेशक आनंद बख्शी साहब और कई दूसरे बड़े गीतकार भी थे, लेकिन मेरे व्यक्तिगत पसंदीदा गानों में, जिन्हें मैं अक्सर गाता हूं, मजरूह साहब के कई गाने शामिल हैं। इसलिए जतिन और मुझे उनसे बहुत लगाव था। हमारे संगीत के शुरुआती दौर में उनकी बहुत गाइडेंस रही। वह हमारे लिए गुरु जैसे थे। उनके गानों के अलावा उनकी बातें सुनने में भी बहुत मजा आता था। वह हमारे साथ काफी फ्रेंडली हो गए थे। वह दौर हमारे लिए बहुत यादगार रहा। सवाल: जब आपने संगीत में करियर शुरू करने के बारे में सोचा, तब मजरूह साहब से मुलाकात कैसे हुई? जवाब: जब मैं और जतिन ‘यारा दिलदारा’ फिल्म पर काम कर रहे थे, तब हम सोच रहे थे कि किस गीतकार के साथ काम किया जाए। हमारी दीदी सुलक्षणा पंडित ने मजरूह साहब के साथ काम किया था। उन्होंने ही सुझाव दिया कि तुम लोग मजरूह साहब के साथ काम करो। उस समय वह काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद हम मजरूह साहब से मिलने उनके घर गए। रिजवी कॉलेज के पास उनका घर था। वहीं हमारी पहली मुलाकात हुई और उसके बाद एक अच्छा सिलसिला शुरू हुआ। सवाल: पहली मुलाकात में मजरूह साहब का क्या रिएक्शन था? जवाब: मजरूह साहब उस समय इंडस्ट्री से थोड़े नाराज थे, क्योंकि काफी समय से लोग उनके साथ काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने हमसे कहा, ‘तुम क्यों आ गए हो? मैं तो काम नहीं करता। तुम मेरे पास क्यों आ गए?’ हमने कहा कि हम दोनों आपके साथ काम करना चाहते हैं और अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने हमसे बात की। जब उन्हें पता चला कि हम सुलक्षणा से जुड़े हैं और हमारे परिवार का संगीत से रिश्ता है, तो वह समझ गए कि हम संगीत से जुड़े परिवार के लड़के हैं। इसके बाद उन्होंने प्यार से कहा कि वह हमारे साथ जरूर काम करेंगे। सवाल: इसके बाद जब आपके गाने सफल हुए तो मजरूह साहब के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी हो गई? जवाब: जब कोई काम सफल होता है तो अपने आप एक बॉन्डिंग बन जाती है। एक-दूसरे पर विश्वास बढ़ता है। मजरूह साहब ने हमारे साथ काम शुरू किया तो उनके कई शानदार गाने आए। उन्हें नॉमिनेशन मिले और अवॉर्ड भी मिले। इसके बाद इंडस्ट्री में दूसरे लोग भी उनके साथ काम करना चाहते थे। वह दौर उन्होंने भी देखा। वह हमसे बहुत खुश रहते थे, क्योंकि हमारा म्यूजिक उनके साथ बहुत अच्छा चल रहा था। काम में बहुत मेहनत होती थी, लेकिन उसके साथ बहुत मजा भी आता था। सवाल: मजरूह साहब के साथ गाने तैयार करने की प्रक्रिया कैसी होती थी? आप उन्हें सिचुएशन और धुन कैसे समझाते थे? जवाब: मजरूह साहब ने हमारे साथ जितने भी गाने लिखे, उनमें से ज्यादातर धुन पर लिखे गए थे। हम धुन बनाकर उन्हें देते थे और वह उस पर बोल लिखकर लाते थे। जो गाना अब रिलीज हो रहा है, उसकी धुन भी मैंने मजरूह साहब को दी थी। उन्होंने उसी पर बोल लिखे थे। यह उस समय की रिकॉर्डिंग है। इसमें आपको उस दौर का एनालॉग फील मिलेगा। इस गाने की खास बात यह है कि इसे उसी दौर में रिकॉर्ड किया गया था, जब हमने ‘कुछ कुछ होता है’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी बड़ी फिल्मों के गाने रिकॉर्ड किए थे। मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि यह गीत उस समय लिखा गया था, जब मजरूह साहब हमारे बीच थे और उनके साथ बैठकर तैयार हुआ था। सवाल: क्या यह गाना किसी फिल्म के लिए रिकॉर्ड
हनुमान अंश ने वर्ल्डवाइड कमाए 400 करोड़:52वें दिन में कमाई का रिकॉर्ड बनाया, 2026 की तीसरी बड़ी फिल्म; जानिए कैसी रही दूसरी फिल्मों की कमाई

महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश ने 52 दिनों में 400 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने 52वें दिन यानी रविवार को रिकॉर्ड 9 करोड़ रुपए की कमाई की है। इस मामले में इसने धुरंधर और धुरंधर 2 जैसी बड़ी फिल्मों का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 52वें दिन 1-2 करोड़ ही कमाए थे। इसी के साथ हनुमान अंश मिर्जापुर, भूत बंगला जैसी फिल्मों को पछाड़ते हुए साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड भी बना चुकी है। फिल्म हनुमान अंश ने शुक्रवार, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में अपने 50 दिन पूरे कर लिए। आमतौर पर इतनी लंबी अवधि के बाद ज्यादातर फिल्मों की कमाई धीमी पड़ने लगती है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ के मामले में ऐसा नहीं हुआ। शनिवार (26 सितंबर) को फिल्म ने 6.50 करोड़ और रविवार (27 सितंबर) को 9 करोड़ का कलेक्शन किया। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 401.20 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म ने 52वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड बनाया है। इसमें भारत से 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों से 38.50 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। फिल्म की विदेशों में रिलीज 11 सितंबर को होम्बले फिल्म्स के जरिए शुरू हुई थी, इसलिए वहां इसका सफर अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले दिनों में वर्ल्डवाइड कमाई और बढ़ने के अनुमान हैं। इस फिल्म के 49वें दिन यानी 25 सितंबर को सिनेमाघरों में सिद्धार्थ मल्होत्रा- तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म द-वनः फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट रिलीज हुई। फिल्म ने 8 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया, जबकि इस दिन हनुमान अंश ने 3.35 करोड़ कमाए। फिल्म वी-वन ने 33 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है। साउथ फिल्म पैराडाइज ने कमाई में सिद्धार्थ की फिल्म को पछाड़ा वी-वन से पहले 23 सितंबर को साउथ फिल्म पैराडाइज रिलीज हुई। ये फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने 11 करोड़ रुपए से ओपनिंग की थी और रविवार तक इसका कलेक्शन सभी भाषाओं में 92 करोड़ हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमान अंश के सिंगर की परफॉर्मेंस में अचानक पहुंचे नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
हनुमान अंश ने वर्ल्डवाइड कमाए 400 करोड़:52वें दिन में कमाई का रिकॉर्ड बनाया, 2026 की तीसरी बड़ी फिल्म; जानिए कैसी रही दूसरी फिल्मों की कमाई

महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश ने 52 दिनों में 400 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने 52वें दिन यानी रविवार को रिकॉर्ड 9 करोड़ रुपए की कमाई की है। इस मामले में इसने धुरंधर और धुरंधर 2 जैसी बड़ी फिल्मों का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 52वें दिन 1-2 करोड़ ही कमाए थे। इसी के साथ हनुमान अंश मिर्जापुर, भूत बंगला जैसी फिल्मों को पछाड़ते हुए साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड भी बना चुकी है। फिल्म हनुमान अंश ने शुक्रवार, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में अपने 50 दिन पूरे कर लिए। आमतौर पर इतनी लंबी अवधि के बाद ज्यादातर फिल्मों की कमाई धीमी पड़ने लगती है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ के मामले में ऐसा नहीं हुआ। शनिवार (26 सितंबर) को फिल्म ने 6.50 करोड़ और रविवार (27 सितंबर) को 9 करोड़ का कलेक्शन किया। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 401.20 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म ने 52वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड बनाया है। इसमें भारत से 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों से 38.50 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। फिल्म की विदेशों में रिलीज 11 सितंबर को होम्बले फिल्म्स के जरिए शुरू हुई थी, इसलिए वहां इसका सफर अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले दिनों में वर्ल्डवाइड कमाई और बढ़ने के अनुमान हैं। इस फिल्म के 49वें दिन यानी 25 सितंबर को सिनेमाघरों में सिद्धार्थ मल्होत्रा- तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म द-वनः फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट रिलीज हुई। फिल्म ने 8 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया, जबकि इस दिन हनुमान अंश ने 3.35 करोड़ कमाए। फिल्म वी-वन ने 33 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है। साउथ फिल्म पैराडाइज ने कमाई में सिद्धार्थ की फिल्म को पछाड़ा वी-वन से पहले 23 सितंबर को साउथ फिल्म पैराडाइज रिलीज हुई। ये फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने 11 करोड़ रुपए से ओपनिंग की थी और रविवार तक इसका कलेक्शन सभी भाषाओं में 92 करोड़ हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमान अंश के सिंगर की परफॉर्मेंस में अचानक पहुंचे नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। श्वेता सिंह कीर्ति ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आप सब जानते हैं कि जो भाई के साथ हुआ वो गलत है। हमें कुछ समय पहले ही पता चला है कि भाई का पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने कहा है कि उस पर स्टन गन इस्तेमाल हुई थी। उसके पैर टूटे हुए थे। उस पर काफी सारा फोर्स लगाया गया था। आंखों में भी चोट आई थी।’ आगे श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा, ‘आप लोगों को लगता है कि भाई के साथ जो हुआ वो गलत था, जाहिर तौर पर गलत था। हम सब दिलों में जानते हैं कि जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था। मैं आप सबसे कहना चाहती हूं कि मैं उसकी बहन हूं, मैं जानती हूं कि ये कैसा लगता है कि हमारे किसी करीबी से साथ ऐसा कुछ हुआ है। जब ये हमारे साथ हो, तो हम माफ कर सकते हैं, लेकिन किसी अपने के साथ ऐसा हो तो ये भूलने के लिए काफी हिम्मत लगती है।’ श्वेता ने वीडियो के आखिर में लोगों से अपील की है कि वो नफरत या बदले की भावना न रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी फैंस भगवान पर भरोसा रखें। वीडियो के कैप्शन में श्वेता ने लिखा है, ‘मैं ये नहीं कह रही हूं कि न्याय और सही के लिए लड़ाई मत करो, मैं कह रही हूं कि इसे प्यार की भावना के साथ करें बदले की भावना के साथ नहीं।’ बता दें कि श्वेता सिंह कीर्ति में कहीं भी साफ नहीं किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने उनसे या किसी एथॉरिटी से बात की है या नहीं। ना ही उन्होंने इन दावों से जुड़े कोई साक्ष्य दिखाए हैं। दैनिक भास्कर उनके दावों की पुष्टि नहीं करता है। CBI जांच में मौत को आत्महत्या करार दिया गया सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस से फिर चर्चा में सुशांत का मामला सुशांत सिंह राजपूत के निधन से एक हफ्ते पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा के पिता की मांग पर 13 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच CBI का सौंपी गई है। दिशा सालियान डेथ केस की जांच दोबारा शुरू होने से सुशांत का केस भी फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है, ‘मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।’ चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।









