Monday, 21 Sep 2026 | 10:42 PM

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चुनाव के बाद पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का आलोचकों को संदेश: ‘इसे जारी रखें’ | भारत समाचार

AP EAMCET 2026 Results Soon at cets.apsche.ap.gov.in — Steps To Check AP EAPCET Scorecard, Rank Card Today. (Representative/File Photo)

आखरी अपडेट:01 जून, 2026, 17:08 IST द्रमुक पर कटाक्ष करते हुए विजय ने कहा कि जिन लोगों ने छह महीने तक चुप रहने का वादा किया था, वे छह दिन भी उनकी सरकार की आलोचना नहीं कर सके। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय तिरुचिरापल्ली में। (आईएएनएस) तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय ने सोमवार को तिरुचिरापल्ली में अपनी पहली मेगा सार्वजनिक धन्यवाद रैली आयोजित की, जहां उन्होंने सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों बाद अपनी सरकार की आलोचना करने के लिए प्रतिद्वंद्वियों पर हमला बोला। रैली को संबोधित करते हुए सीएम विजय ने डीएमके पर कटाक्ष करते हुए कहा, “हमें सत्ता में आए अभी कुछ हफ्ते भी नहीं हुए हैं। जो लोग कहते थे कि वे छह महीने तक चुप रहेंगे, वे छह दिन भी चुप नहीं रह सकते। हमारे सत्ता संभालने के आधे घंटे के भीतर ही उन्होंने शिकायत करना शुरू कर दिया। तमिलनाडु के लोगों ने उन दोनों पार्टियों को खारिज कर दिया है जो बारी-बारी से सत्ता में आईं और उन्हें सालों तक धोखा दिया।” उन्होंने कहा, “आपने अपने बड़े भाई विजय को चुना है, अपने छोटे भाई को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि अपने मुख्य सेवक के रूप में चुना है जो आपके लिए ईमानदारी से काम करने आया है।” “हम बेहतर कर सकते थे, लेकिन आपने टीवीके को जो समर्थन दिया है, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं।” तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय जनसुनवाई कार्यक्रम में भाग लेने के लिए तिरुचिरापल्ली पहुंचे pic.twitter.com/K2hiYcPuTM– आईएएनएस (@ians_india) 1 जून, 2026 अभिनेता से नेता बने अभिनेता भविष्य के चुनावों में प्रचंड बहुमत पाने को लेकर आश्वस्त दिखे और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों से उनकी आलोचना करते रहने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा, ”इससे ​​हमें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।” टीवीके बनाम डीएमके विजय ने यह भी दोहराया कि हाल ही में संपन्न चुनाव टीवीके और डीएमके के बीच सीधा मुकाबला था और सरकार बनाने के लिए खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने द्रमुक और अन्नाद्रमुक पर टीवीके को सत्ता में आने से रोकने के लिए एक असामान्य गठबंधन बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि द्रमुक का खराब प्रदर्शन ‘पारिवारिक राजनीति’, नशीली दवाओं के खतरे और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति लोगों के असंतोष का प्रतिबिंब है। उन्होंने टीवीके के तहत भ्रष्टाचार मुक्त शासन और सभी जाति-आधारित राजनीति को समाप्त करने का भी आश्वासन दिया। तमिलनाडु में ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत की प्रशंसा करते हुए, विजय ने कहा, “उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि दिवंगत सीएम एमजी रामचंद्रन ने भी अपने पहले चुनाव में इतना वोट शेयर हासिल नहीं किया था। फिर भी आज, आपने तमिलागा वेट्ट्री कड़गम को इतना जबरदस्त समर्थन दिया है। मैं अपनी तुलना एमजीआर से नहीं कर रहा हूं। एमजीआर। एमजीआर है।, लेकिन मैं आपका विजय हूं, जो एमजीआर, अन्ना और पेरियार द्वारा दिखाए गए रास्ते पर काम करने आया हूं।” विजय ने सूट क्यों पहना है? विजय ने उन सवालों का भी जिक्र किया कि उन्होंने सार्वजनिक उपस्थिति के दौरान सूट क्यों पहना था। उन्होंने कहा, “क्या हमें कोट और सूट पहनने की अनुमति नहीं है? क्या यह केवल उच्च पदों पर बैठे लोगों के लिए है? ऐसा कुछ नहीं है। मैं कई रंग नहीं पहन रहा हूं। यह सिर्फ काले और सफेद हैं, जैसे हम सभी के दिल में हैं। इन रंगों का चयन यह दिखाने के लिए है कि मैं काले और सफेद की तरह हर चीज में पारदर्शी और सरल रहूंगा।” विजय ने दो सीटों से चुनाव लड़कर अपनी शानदार राजनीतिक शुरुआत की: चेन्नई में पेरम्बूर और त्रिची पूर्व में। हालांकि बाद में उन्होंने त्रिची पूर्व सीट खाली कर दी, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्वाचन क्षेत्र के लोग हमेशा उनके बहुत करीब रहेंगे। टीवीके ने कुल 234 सीटों में से 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु की राजनीति को नया आकार दिया। यह रैली क्षेत्र में एक बड़े राजनीतिक बदलाव के साथ मेल खाती है, क्योंकि कई विपक्षी अन्नाद्रमुक पदाधिकारी और विधायक हाल ही में सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुचिरापल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया चुनाव के बाद पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का आलोचकों को संदेश: ‘इसे जारी रखें’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विजय टीवीके रैली(टी)विजय धन्यवाद रैली(टी)विजय तिरुचिरापल्ली रैली(टी)विजय का राजनीतिक पदार्पण(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके बनाम डीएमके(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)भ्रष्टाचार मुक्त शासन

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर जल्द ही जी 5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में नजर आने वाली हैं। अभिनय देव के निर्देशन में बनी यह सीरीज 5 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी। इस नियो-नोयर क्राइम थ्रिलर सीरीज में करिश्मा के साथ जिस्सू सेनगुप्ता, सूर्या शर्मा, सोनी राजदान और अनुभवी अभिनेत्री हेलेन शामिल हैं। वहीं परेश पाहुजा, मेघना मलिक, अजिंक्य देव, के.के. रैना और गायक शान भी विशेष भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस सीरीज और इसकी शूटिंग के अनुभव को लेकर अभिनय देव ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। अपराध से ज्यादा किरदारों की कहानी बताएगी यह सीरीज इस कहानी की सबसे अच्छी बात को लेकर अभिनय ने कहा कि जब मैंने इस पर बेस्ड किताब पढ़ी थी, तब मुझे यह बात बहुत पसंद आई कि यह एक क्राइम स्टोरी की तरह लिखी गई है, लेकिन इसके सभी किरदार बेहद बेहतरीन हैं। किताब में इन पात्रों को बहुत गहराई से लिखा गया है और हमने सीरीज में भी उन्हें उसी संवेदनशीलता के साथ दिखाने की कोशिश की है। ये ऐसे किरदार हैं, जो हमें रोजमर्रा की जिंदगी में तो दिखाई देते हैं, लेकिन फिल्मों में कम नजर आते हैं। कोलकाता की अनदेखी गलियों में हुई इस वेब सीरीज की शूटिंग अभिनय ने बताया कि पूरी सीरीज की शूटिंग वास्तविक लोकेशनों पर की गई है और इसके लिए एक भी सेट नहीं बनाया गया। हमने पूरी शूटिंग कोलकाता में की, लेकिन जानबूझकर शहर के उन हिस्सों को चुना जो आमतौर पर फिल्मों में दिखाई नहीं देते। इसमें आपको कोलकाता का ऐसा चेहरा देखने को मिलेगा, जिसे शायद पहले किसी फिल्म या सीरीज में नहीं दिखाया गया है। कई लोकेशन इतनी रहस्यमयी और भयावह थीं कि अगर किसी को वहां आधे घंटे खड़े रहने के लिए भी कहा जाए, तो वह सहज महसूस नहीं करेगा। सस्पेंस और ड्रामा का संतुलन सबसे बड़ी चुनौती रही क्राइम थ्रिलर बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात क्या होती है, इस पर अभिनय ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में सस्पेंस और ड्रामा दोनों को साथ लेकर चलना पड़ता है। एक निर्देशक की पकड़ इन दोनों पहलुओं पर समान रूप से मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि दर्शकों को कहानी से जोड़े रखने के लिए रहस्य और भावनात्मक जुड़ाव, दोनों जरूरी हैं। उनके मुताबिक, अगर कोई निर्देशक इन दोनों तत्वों को बराबर महत्व देने की कोशिश करता है, तो वह अपने लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर लेता है, क्योंकि दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता।

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

5 जून को रिलीज होगी करिश्मा कपूर स्टारर सीरीज:‘ब्राउन’ में दिखेगा कोलकाता का अनदेखा चेहरा; डायरेक्टर अभिनय देव से खास बातचीत

बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर जल्द ही जी 5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में नजर आने वाली हैं। अभिनय देव के निर्देशन में बनी यह सीरीज 5 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी। इस नियो-नोयर क्राइम थ्रिलर सीरीज में करिश्मा के साथ जिस्सू सेनगुप्ता, सूर्या शर्मा, सोनी राजदान और अनुभवी अभिनेत्री हेलेन शामिल हैं। वहीं परेश पाहुजा, मेघना मलिक, अजिंक्य देव, के.के. रैना और गायक शान भी विशेष भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस सीरीज और इसकी शूटिंग के अनुभव को लेकर अभिनय देव ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। अपराध से ज्यादा किरदारों की कहानी बताएगी यह सीरीज इस कहानी की सबसे अच्छी बात को लेकर अभिनय ने कहा कि जब मैंने इस पर बेस्ड किताब पढ़ी थी, तब मुझे यह बात बहुत पसंद आई कि यह एक क्राइम स्टोरी की तरह लिखी गई है, लेकिन इसके सभी किरदार बेहद बेहतरीन हैं। किताब में इन पात्रों को बहुत गहराई से लिखा गया है और हमने सीरीज में भी उन्हें उसी संवेदनशीलता के साथ दिखाने की कोशिश की है। ये ऐसे किरदार हैं, जो हमें रोजमर्रा की जिंदगी में तो दिखाई देते हैं, लेकिन फिल्मों में कम नजर आते हैं। कोलकाता की अनदेखी गलियों में हुई इस वेब सीरीज की शूटिंग अभिनय ने बताया कि पूरी सीरीज की शूटिंग वास्तविक लोकेशनों पर की गई है और इसके लिए एक भी सेट नहीं बनाया गया। हमने पूरी शूटिंग कोलकाता में की, लेकिन जानबूझकर शहर के उन हिस्सों को चुना जो आमतौर पर फिल्मों में दिखाई नहीं देते। इसमें आपको कोलकाता का ऐसा चेहरा देखने को मिलेगा, जिसे शायद पहले किसी फिल्म या सीरीज में नहीं दिखाया गया है। कई लोकेशन इतनी रहस्यमयी और भयावह थीं कि अगर किसी को वहां आधे घंटे खड़े रहने के लिए भी कहा जाए, तो वह सहज महसूस नहीं करेगा। सस्पेंस और ड्रामा का संतुलन सबसे बड़ी चुनौती रही क्राइम थ्रिलर बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात क्या होती है, इस पर अभिनय ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में सस्पेंस और ड्रामा दोनों को साथ लेकर चलना पड़ता है। एक निर्देशक की पकड़ इन दोनों पहलुओं पर समान रूप से मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि दर्शकों को कहानी से जोड़े रखने के लिए रहस्य और भावनात्मक जुड़ाव, दोनों जरूरी हैं। उनके मुताबिक, अगर कोई निर्देशक इन दोनों तत्वों को बराबर महत्व देने की कोशिश करता है, तो वह अपने लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर लेता है, क्योंकि दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता।

‘बरतन मंझने वाली’ हाल ही में मंत्री बनीं – और वह बंगाल की पहली बीजेपी कैबिनेट में सबसे चर्चित चेहरा हैं

'बरतन मंझने वाली' हाल ही में मंत्री बनीं - और वह बंगाल की पहली बीजेपी कैबिनेट में सबसे चर्चित चेहरा हैं

जिस क्षण उसका नाम पुकारा गया: राजभवन के लोक भवन में सोमवार सुबह जैसे ही मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल के नए मंत्रियों की सूची पढ़ी, एक नाम ने हंगामा रोक दिया। कलिता माझी – जिन्होंने वर्षों तक दूसरे लोगों के घरों में बर्तन धोए और फर्श साफ किया – को बंगाल की पहली भाजपा सरकार में राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा रही थी। सबसे नीचे जिया गया जीवन: कलिता माझी की यात्रा में कोई शॉर्टकट नहीं था। गरीबी का मतलब था घरेलू काम – किसी और की रसोई, किसी और के बर्तन, किसी और की फर्श। राजनीति ने उन्हें बाहर निकलने का रास्ता दिया, और जब भाजपा ने उन्हें टिकट दिया, तो उन्होंने इसे दोनों हाथों से ले लिया, और टीएमसी के मजबूत गढ़ को हरा दिया, जिसकी कुछ लोगों ने भविष्यवाणी की थी। शपथ लेना: जैसे ही राज्यपाल आरएन रवि ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, कलिता माझी वह छवि बन गईं जो इस कैबिनेट विस्तार को परिभाषित करेंगी – क्रिकेटर नहीं, दलबदलू नहीं, रणनीतिकार नहीं, बल्कि एक महिला जिसके पास कभी कुछ नहीं था, राजभवन के हॉल में खड़े होकर शासन करने की शपथ ली। सीएम अधिकारी का क्या इरादा था: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कलिता माझी को चुनना आकस्मिक नहीं था। ऐसे राज्य में जहां राजनीतिक पूंजी को लंबे समय से ताकत और धन में मापा जाता रहा है, एक पूर्व घरेलू कामगार को कैबिनेट में रखना एक जानबूझकर दिया गया संदेश था – कि इस सरकार में, जमीनी स्तर का संघर्ष संरक्षण से अधिक मायने रखता है। घर वापस उत्सव: जबकि शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता में चल रहा था, हुगली में माझी के गृह गांव ने अपनी कहानी खुद बताई। बात तेजी से फैली, और मध्य सुबह तक, जश्न सड़कों पर फैल गया – पड़ोसियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम निवासियों ने एक ऐसे क्षण को चिह्नित किया, जो कई लोगों को, राजनीति की तरह कम और प्रतिशोध की तरह अधिक लगा। वह जिस मंत्रिमंडल में शामिल हुईं: कलिता माझी 35 सदस्यीय कैबिनेट में अपनी सीट लेती हैं जिसमें एक पूर्व टेस्ट क्रिकेटर, वरिष्ठ रणनीतिकार, टीएमसी दलबदलू और युवा जमीनी स्तर के चेहरे शामिल हैं। यह जानबूझकर फैलाया गया जाल है – लेकिन इस विस्तार की कहानी में, बर्तन धोने वाली महिला ने ही सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया है, और शायद, सबसे अधिक आशा भी।

रणबीर कपूर के राम बनने पर इम्तियाज अली का बयान:बोले- रणबीर में हर तरह के रोल करने की क्षमता, वे कुछ भी कर सकते हैं

रणबीर कपूर के राम बनने पर इम्तियाज अली का बयान:बोले- रणबीर में हर तरह के रोल करने की क्षमता, वे कुछ भी कर सकते हैं

डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर के भगवान राम का किरदार निभाने पर फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। रणबीर के साथ ‘रॉकस्टार’ और ‘तमाशा’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके इम्तियाज ने फिल्मबीट को दिए इंटरव्यू में रणबीर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि रणबीर एक प्योर एक्टर हैं और वे पर्दे पर कुछ भी कर सकते हैं। इम्तियाज के मुताबिक, भगवान राम का किरदार निभाना खुद रणबीर के लिए भी काफी फायदेमंद रहेगा, क्योंकि वे जिस भी किरदार को निभाते हैं, उससे बहुत कुछ सीखते हैं। रणबीर में हर तरह के रोल करने की क्षमता इम्तियाज अली से पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी सोचा था कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म करने वाले रणबीर कपूर ‘रामायण’ में भगवान राम का रोल करेंगे? इस पर इम्तियाज ने कहा, ‘रणबीर एक एक्टर के तौर पर कुछ भी कर सकते हैं। उन्हें अलग-अलग तरह के रोल करने चाहिए। जब वे कोई नया रोल करते हैं, तो वे पूरी तरह उसी में ढल जाते हैं। मैं बहुत खुश हूं कि वे भगवान राम का रोल कर रहे हैं क्योंकि वे इस किरदार में एक असलियत और असर लेकर आएंगे। भगवान राम के किरदार को मानवीय और पर्सनल तरीके से देखना काफी अच्छा होगा।’ इस रोल से रणबीर की जिंदगी होगी समृद्ध इम्तियाज ने आगे कहा कि वे रणबीर को स्क्रीन पर श्री राम के रूप में देखने के लिए काफी उत्सुक हैं। उनके मुताबिक, इस रोल से रणबीर को खुद बहुत फायदा होने वाला है। वे एक ऐसे एक्टर हैं जो अपने निभाए जा रहे किरदार की खूबियों को खुद के अंदर सोख लेते हैं। वे भगवान राम के चरित्र से काफी कुछ अच्छी चीजें अपनी असल जिंदगी में साथ लेकर जाएंगे। यह अनुभव उनके लिए बहुत समृद्ध करने वाला साबित होगा। दो पार्ट में रिलीज होगी फिल्म रामायण नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बन रही इस मेगा बजट फिल्म को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला पार्ट दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में आएगा, जबकि इसका दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज करने की तैयारी है। इस फिल्म का संगीत ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान और हंस जिमर तैयार कर रहे हैं। हाल ही में फिल्म का पहला टीजर भी रिलीज किया गया था। फिल्म की स्टारकास्ट और रणबीर का डबल रोल इस फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा कई बड़े स्टार्स नजर आने वाले हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। वहीं केजीएफ फेम एक्टर यश रावण के रोल में दिखेंगे। इनके अलावा सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। रणबीर कपूर इस फिल्म में भगवान राम के साथ-साथ भगवान परशुराम का किरदार भी निभाते नजर आएंगे। रणबीर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें भगवान विष्णु के दो अलग-अलग अवतारों को निभाने का मौका मिला, जो उनके लिए शानदार अनुभव है।

रणबीर कपूर के राम बनने पर इम्तियाज अली का बयान:बोले- रणबीर में हर तरह के रोल करने की क्षमता, वे कुछ भी कर सकते हैं

रणबीर कपूर के राम बनने पर इम्तियाज अली का बयान:बोले- रणबीर में हर तरह के रोल करने की क्षमता, वे कुछ भी कर सकते हैं

डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर के भगवान राम का किरदार निभाने पर फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। रणबीर के साथ ‘रॉकस्टार’ और ‘तमाशा’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके इम्तियाज ने फिल्मबीट को दिए इंटरव्यू में रणबीर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि रणबीर एक प्योर एक्टर हैं और वे पर्दे पर कुछ भी कर सकते हैं। इम्तियाज के मुताबिक, भगवान राम का किरदार निभाना खुद रणबीर के लिए भी काफी फायदेमंद रहेगा, क्योंकि वे जिस भी किरदार को निभाते हैं, उससे बहुत कुछ सीखते हैं। रणबीर में हर तरह के रोल करने की क्षमता इम्तियाज अली से पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी सोचा था कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्म करने वाले रणबीर कपूर ‘रामायण’ में भगवान राम का रोल करेंगे? इस पर इम्तियाज ने कहा, ‘रणबीर एक एक्टर के तौर पर कुछ भी कर सकते हैं। उन्हें अलग-अलग तरह के रोल करने चाहिए। जब वे कोई नया रोल करते हैं, तो वे पूरी तरह उसी में ढल जाते हैं। मैं बहुत खुश हूं कि वे भगवान राम का रोल कर रहे हैं क्योंकि वे इस किरदार में एक असलियत और असर लेकर आएंगे। भगवान राम के किरदार को मानवीय और पर्सनल तरीके से देखना काफी अच्छा होगा।’ इस रोल से रणबीर की जिंदगी होगी समृद्ध इम्तियाज ने आगे कहा कि वे रणबीर को स्क्रीन पर श्री राम के रूप में देखने के लिए काफी उत्सुक हैं। उनके मुताबिक, इस रोल से रणबीर को खुद बहुत फायदा होने वाला है। वे एक ऐसे एक्टर हैं जो अपने निभाए जा रहे किरदार की खूबियों को खुद के अंदर सोख लेते हैं। वे भगवान राम के चरित्र से काफी कुछ अच्छी चीजें अपनी असल जिंदगी में साथ लेकर जाएंगे। यह अनुभव उनके लिए बहुत समृद्ध करने वाला साबित होगा। दो पार्ट में रिलीज होगी फिल्म रामायण नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बन रही इस मेगा बजट फिल्म को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला पार्ट दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में आएगा, जबकि इसका दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज करने की तैयारी है। इस फिल्म का संगीत ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान और हंस जिमर तैयार कर रहे हैं। हाल ही में फिल्म का पहला टीजर भी रिलीज किया गया था। फिल्म की स्टारकास्ट और रणबीर का डबल रोल इस फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा कई बड़े स्टार्स नजर आने वाले हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। वहीं केजीएफ फेम एक्टर यश रावण के रोल में दिखेंगे। इनके अलावा सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। रणबीर कपूर इस फिल्म में भगवान राम के साथ-साथ भगवान परशुराम का किरदार भी निभाते नजर आएंगे। रणबीर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें भगवान विष्णु के दो अलग-अलग अवतारों को निभाने का मौका मिला, जो उनके लिए शानदार अनुभव है।

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई के बढ़ते खतरे और महंगी पढ़ाई के बीच कॉरपोरेट नौकरियों के मुकाबले फ्रेंचाइजी बिजनेस का क्रेज बढ़ रहा है। अब लोग लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरियों के बजाय पिलेट्स (खास तरह का व्यायाम) सिखाने और खाना पकाने जैसे व्यावहारिक बिजनेस को सुरक्षित मान रहे हैं। अमेरिका के 8.5 लाख फ्रेंचाइजी आउटलेट्स को 2.5 लाख मालिक संभाल रहे हैं। ये 90 लाख रोजगार देते हैं। अमेरिकी जीडीपी में 3% योगदान कर रहे हैं। आईएफए के मैट हॉलर का कहना है कि एक दशक पहले तक, अमीर बनने का रास्ता कॉलेज की डिग्री और लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरी माना जाता था। लेकिन अब महंगी पढ़ाई और एआई के आने से युवाओं का ध्यान पारंपरिक और जमीनी व्यवसायों की तरफ गया है। पायलट क्लास सिखाना या खाना पकाना जैसे बिजनेस अब ज्यादा सुरक्षित लगते हैं, क्योंकि इन्हें इंसानों के बिना नहीं चलाया जा सकता। जो इंसानों के बिना नहीं चल सकते, उन बिजनेस की मांग अमेरिका में डंकिन डोनट्स से लेकर यूपीएस स्टोर और अधिकांश मैरियट होटल इसी मॉडल पर चलते हैं। अब यह मॉडल फिटनेस स्टूडियो, घरेलू सेवाओं और चाइल्ड केयर जैसे नए क्षेत्रों में भी फैल रहा है। ये मॉडल लंबे समय से प्रवासियों को आकर्षित करता आया है। अमेरिका के कुल मोटल्स में से दो-तिहाई के मालिक भारतीय मूल के हैं। अधिकांश उन गुजरातियों के वंशज हैं, जिन्होंने 1980 के दशक में सुपर 8 और ट्रैवलॉज की फ्रेंचाइजी खरीदी थी। सफलता – मैकडॉनल्ड्स से बने ज्यादा करोड़पति मैकडॉनल्ड्स के अमेरिका में स्थित लगभग 14,000 आउटलेट्स में से करीब 95% को स्वतंत्र फ्रेंचाइजी मालिक चलाते हैं। इस चेन ने इतिहास में किसी भी अन्य कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा आम लोगों को करोड़पति बनाया है। लागत – अमेरिका में 3 से 9.5 करोड़ रुपए तक खर्च एक फिटनेस स्टूडियो शुरू करने में 3-8 करोड़ रुपए का खर्च होते हैं। वहीं, रेस्टोरेंट फ्रेंचाइजी में 9.5 करोड़ का निवेश करना पड़ सकता है। सफलता की दर स्वतंत्र बिजनेस की तुलना में पहले 1-2 साल बेहतर होती है, लेकिन बाद में जोखिम बराबर ही रहता है। भारत – फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% की गति से बढ़ रहा भारतीय रिटेल और कंज्यूमर मार्केट में फ्रेंचाइजी मॉडल अब सबसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस बन चुका है। अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्रेंचाइजी बाजार है। फ्रैंकोर्प इंडिया और फैनकास्ट की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% बढ़ रहा है। अभी यह करीब 95 हजार करोड़ रुपए का है। अगले 5 वर्षों में इसके 14.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए हर साल 72% कम्पाउंडेड ग्रोथ की जरूरत होगी। नेटवर्क – देश में 5 हजार से अधिक एक्टिव ब्रांड्स भारत में 5,000 से अधिक सक्रिय फ्रेंचाइजर ब्रांड हैं। आउटलेट्स 2 लाख से ज्यादा हैं। 5 साल बाद लक्ष्य पूरा होने पर जीडीपी में यह सेक्टर 4.2% का बड़ा योगदान देगा। अभी यह योगदान 2-2.2% है। विस्तार – छोटे शहरों में बढ़ रहे फ्रेंचाइजी आउटलेट्स महानगरों के मुकाबले टियर-2, 3 शहरों में फ्रेंचाइजी आउटलेट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। नए उद्यमी बैंक लोन और जमा पूंजी का इस्तेमाल करके फ्रेंचाइजी मॉडल में निवेश कर रहे हैं। फूड, प्री-स्कूल कोचिंग, डायग्नोस्टिक लैब्स और ब्यूटी-वेलनेस डिमांड में हैं। लागत – भारत में न्यूनतम 5 लाख निवेश की जरूरत देश में छोटे स्तर के कियोस्क या सेंटर के लिए 5-15 लाख की जरूरत होती है। इंटरनेशनल ब्रांड्स के लिए 1 करोड़ तक की जरूरत होती है। स्वतंत्र स्टार्टअप्स के मुकाबले भारत में फ्रेंचाइजी बिजनेस टिके रहने की दर 85% ज्यादा है। तैयार सिस्टम और स्थापित ब्रांड वैल्यू के कारण रिस्क काफी कम हो जाता है।

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

एआई के बढ़ते खतरे और महंगी पढ़ाई के बीच कॉरपोरेट नौकरियों के मुकाबले फ्रेंचाइजी बिजनेस का क्रेज बढ़ रहा है। अब लोग लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरियों के बजाय पिलेट्स (खास तरह का व्यायाम) सिखाने और खाना पकाने जैसे व्यावहारिक बिजनेस को सुरक्षित मान रहे हैं। अमेरिका के 8.5 लाख फ्रेंचाइजी आउटलेट्स को 2.5 लाख मालिक संभाल रहे हैं। ये 90 लाख रोजगार देते हैं। अमेरिकी जीडीपी में 3% योगदान कर रहे हैं। आईएफए के मैट हॉलर का कहना है कि एक दशक पहले तक, अमीर बनने का रास्ता कॉलेज की डिग्री और लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरी माना जाता था। लेकिन अब महंगी पढ़ाई और एआई के आने से युवाओं का ध्यान पारंपरिक और जमीनी व्यवसायों की तरफ गया है। पायलट क्लास सिखाना या खाना पकाना जैसे बिजनेस अब ज्यादा सुरक्षित लगते हैं, क्योंकि इन्हें इंसानों के बिना नहीं चलाया जा सकता। जो इंसानों के बिना नहीं चल सकते, उन बिजनेस की मांग अमेरिका में डंकिन डोनट्स से लेकर यूपीएस स्टोर और अधिकांश मैरियट होटल इसी मॉडल पर चलते हैं। अब यह मॉडल फिटनेस स्टूडियो, घरेलू सेवाओं और चाइल्ड केयर जैसे नए क्षेत्रों में भी फैल रहा है। ये मॉडल लंबे समय से प्रवासियों को आकर्षित करता आया है। अमेरिका के कुल मोटल्स में से दो-तिहाई के मालिक भारतीय मूल के हैं। अधिकांश उन गुजरातियों के वंशज हैं, जिन्होंने 1980 के दशक में सुपर 8 और ट्रैवलॉज की फ्रेंचाइजी खरीदी थी। सफलता – मैकडॉनल्ड्स से बने ज्यादा करोड़पति मैकडॉनल्ड्स के अमेरिका में स्थित लगभग 14,000 आउटलेट्स में से करीब 95% को स्वतंत्र फ्रेंचाइजी मालिक चलाते हैं। इस चेन ने इतिहास में किसी भी अन्य कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा आम लोगों को करोड़पति बनाया है। लागत – अमेरिका में 3 से 9.5 करोड़ रुपए तक खर्च एक फिटनेस स्टूडियो शुरू करने में 3-8 करोड़ रुपए का खर्च होते हैं। वहीं, रेस्टोरेंट फ्रेंचाइजी में 9.5 करोड़ का निवेश करना पड़ सकता है। सफलता की दर स्वतंत्र बिजनेस की तुलना में पहले 1-2 साल बेहतर होती है, लेकिन बाद में जोखिम बराबर ही रहता है। भारत – फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% की गति से बढ़ रहा भारतीय रिटेल और कंज्यूमर मार्केट में फ्रेंचाइजी मॉडल अब सबसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस बन चुका है। अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्रेंचाइजी बाजार है। फ्रैंकोर्प इंडिया और फैनकास्ट की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% बढ़ रहा है। अभी यह करीब 95 हजार करोड़ रुपए का है। अगले 5 वर्षों में इसके 14.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए हर साल 72% कम्पाउंडेड ग्रोथ की जरूरत होगी। नेटवर्क – देश में 5 हजार से अधिक एक्टिव ब्रांड्स भारत में 5,000 से अधिक सक्रिय फ्रेंचाइजर ब्रांड हैं। आउटलेट्स 2 लाख से ज्यादा हैं। 5 साल बाद लक्ष्य पूरा होने पर जीडीपी में यह सेक्टर 4.2% का बड़ा योगदान देगा। अभी यह योगदान 2-2.2% है। विस्तार – छोटे शहरों में बढ़ रहे फ्रेंचाइजी आउटलेट्स महानगरों के मुकाबले टियर-2, 3 शहरों में फ्रेंचाइजी आउटलेट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। नए उद्यमी बैंक लोन और जमा पूंजी का इस्तेमाल करके फ्रेंचाइजी मॉडल में निवेश कर रहे हैं। फूड, प्री-स्कूल कोचिंग, डायग्नोस्टिक लैब्स और ब्यूटी-वेलनेस डिमांड में हैं। लागत – भारत में न्यूनतम 5 लाख निवेश की जरूरत देश में छोटे स्तर के कियोस्क या सेंटर के लिए 5-15 लाख की जरूरत होती है। इंटरनेशनल ब्रांड्स के लिए 1 करोड़ तक की जरूरत होती है। स्वतंत्र स्टार्टअप्स के मुकाबले भारत में फ्रेंचाइजी बिजनेस टिके रहने की दर 85% ज्यादा है। तैयार सिस्टम और स्थापित ब्रांड वैल्यू के कारण रिस्क काफी कम हो जाता है।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं:चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

शादी की खुशियां मातम में बदलीं:चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

अमेरिका के जॉर्जिया में शादी के कुछ घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट डेव फिजी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे में हेलिकॉप्टर पायलट की भी जान चली गई, जबकि दुल्हन जेस्नी घायल अवस्था में करीब छह घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। यह हादसा उस समय हुआ जब नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद विशेष विदाई के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुआ था। खुशियों का दिन कुछ घंटों में मातम में बदला शुक्रवार को डॉसनविल स्थित ‘द रिवेरे’ वेडिंग वेन्यू में डेव फिजी और जेस्नी की शादी हुई थी। समारोह में करीब 400 मेहमान शामिल हुए थे। परिवार और दोस्तों के बीच जश्न का माहौल था। शादी के बाद दोनों के लिए हेलिकॉप्टर विदाई की विशेष व्यवस्था की गई थी। डेव और जेस्नी रॉबिन्सन R66 हेलिकॉप्टर में सवार होकर डीकाल्ब-पीचट्री एयरपोर्ट जाने वाले थे, जहां से उन्हें अटलांटा में रात बितानी थी। लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पिता बोले- मेरा बेटा जिंदगी के सबसे खुश दिन पर था डेव के पिता जॉर्ज फिजी ने बताया कहा, “मेरा बेटा बहुत खुश था। मैं उसे देख रहा था और उसकी खुशी महसूस कर रहा था। वह बेहद हैंडसम लग रहा था।” जॉर्ज के मुताबिक, डेव और जेस्नी की दोस्ती चर्च के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों का संबंध अमेरिकी राज्यों साउथ कैरोलाइना और जॉर्जिया के चर्च समुदायों से रहा है। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। बचपन का सपना पूरा कर पायलट बना था डेव परिवार के अनुसार डेव फिजी बचपन से ही पायलट बनना चाहता था। उसने अपनी मेहनत और लगन से यह सपना पूरा किया और बाद में डेल्टा एयर लाइंस में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर नियुक्त हुआ। डेव को उड़ान और विमानन क्षेत्र से बेहद लगाव था। परिवार के अनुसार वह बेहदे अनुशासित और जिम्मेदार पेशेवर पायलट था। मौसम को लेकर पहले ही जता दी थी चिंता हादसे से पहले डेव ने मौसम को लेकर चिंता भी जताई थी। उसके पिता के अनुसार, समारोह खत्म होने तक इलाके में कोहरा और बारिश बढ़ चुकी थी, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई थी। जॉर्ज फिजी ने बताया, “डेव ने हेलिकॉप्टर पायलट से कहा था कि ऐसी विजिबिलिटी में हम उड़ान नहीं भरते। उसने साफ कहा था कि हालात उड़ान के लिए ठीक नहीं हैं।” हालांकि, परिवार के अनुसार हेलिकॉप्टर पायलट ने जवाब दिया कि वे अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे और यात्रा जारी रखी गई। घने जंगल में गिरा हेलिकॉप्टर उड़ान के कुछ समय बाद हेलिकॉप्टर डॉसनविल के पास घने जंगल वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इलाके की भौगोलिक स्थिति और घने पेड़ों के कारण दुर्घटनास्थल का पता लगाने में राहत दलों को काफी समय लगा। जॉर्ज फिजी ने बताया कि खोजी दलों को हेलिकॉप्टर का मलबा खोजने में कई घंटे लग गए। इसी वजह से बचाव अभियान भी देर से शुरू हो पाया। छह घंटे तक मलबे में फंसी रही दुल्हन परिवार के अनुसार जेस्नी लगभग छह घंटे तक दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं। जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलिकॉप्टर के बीच पाया। जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी ने उन्हें जो घटना बताई, वह बेहद दर्दनाक थी। उन्होंने कहा, “जेस्नी ने बताया कि जब उसकी आंख खुली तो डेव उसका सिर उसकी छाती पर रखे हुए था। उसने देखा कि उसके शरीर पर खून था। वह पेशे से नर्स है, इसलिए उसने तुरंत समझ लिया कि डेव अब इस दुनिया में नहीं रहा।” शरीर पर चोटें, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी हादसे में जेस्नी को कई जगह चोटें और कट लगे हैं, लेकिन कोई हड्डी नहीं टूटी। परिवार के मुताबिक वह शारीरिक रूप से धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं, हालांकि पति को खोने का सदमा बहुत गहरा है। जॉर्ज ने कहा, “वह पूरी तरह टूट चुकी है, लेकिन इलाज चल रहा है और वह रिकवर कर रही है।” हादसे की जांच शुरू अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) हादसे की जांच कर रहा है। एजेंसी ने अभी तक दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांचकर्ता मौसम की स्थिति, उड़ान मार्ग, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति और पायलट के फैसलों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। ‘भगवान ने परफेक्ट शादी दी, फिर सब बदल गया’ बेटे की मौत के बावजूद जॉर्ज फिजी ने कहा कि उनका परिवार अपने ईसाई विश्वास के सहारे इस दुख का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान ने हमें एक परफेक्ट शादी का दिन दिया। कुछ ही घंटों बाद सब कुछ त्रासदी में बदल गया। ऐसे समय में हमारे सवाल बहुत हैं, लेकिन हमें शांति और जवाब सिर्फ भगवान में ही मिलते हैं।”

खुशियां मातम में बदलीं:शादी के चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

खुशियां मातम में बदलीं:शादी के चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची

अमेरिका के जॉर्जिया में शादी के कुछ घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट डेव फिजी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे में हेलिकॉप्टर पायलट की भी जान चली गई, जबकि दुल्हन जेस्नी घायल अवस्था में करीब छह घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। यह हादसा उस समय हुआ जब नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद विशेष विदाई के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुआ था। खुशियों का दिन कुछ घंटों में मातम में बदला शुक्रवार को डॉसनविल स्थित ‘द रिवेरे’ वेडिंग वेन्यू में डेव फिजी और जेस्नी की शादी हुई थी। समारोह में करीब 400 मेहमान शामिल हुए थे। परिवार और दोस्तों के बीच जश्न का माहौल था। शादी के बाद दोनों के लिए हेलिकॉप्टर विदाई की विशेष व्यवस्था की गई थी। डेव और जेस्नी रॉबिन्सन R66 हेलिकॉप्टर में सवार होकर डीकाल्ब-पीचट्री एयरपोर्ट जाने वाले थे, जहां से उन्हें अटलांटा में रात बितानी थी। लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पिता बोले- मेरा बेटा जिंदगी के सबसे खुश दिन पर था डेव के पिता जॉर्ज फिजी ने बताया कहा, “मेरा बेटा बहुत खुश था। मैं उसे देख रहा था और उसकी खुशी महसूस कर रहा था। वह बेहद हैंडसम लग रहा था।” जॉर्ज के मुताबिक, डेव और जेस्नी की दोस्ती चर्च के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों का संबंध अमेरिकी राज्यों साउथ कैरोलाइना और जॉर्जिया के चर्च समुदायों से रहा है। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। बचपन का सपना पूरा कर पायलट बना था डेव परिवार के अनुसार डेव फिजी बचपन से ही पायलट बनना चाहता था। उसने अपनी मेहनत और लगन से यह सपना पूरा किया और बाद में डेल्टा एयर लाइंस में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर नियुक्त हुआ। डेव को उड़ान और विमानन क्षेत्र से बेहद लगाव था। परिवार के अनुसार वह बेहदे अनुशासित और जिम्मेदार पेशेवर पायलट था। मौसम को लेकर पहले ही जता दी थी चिंता हादसे से पहले डेव ने मौसम को लेकर चिंता भी जताई थी। उसके पिता के अनुसार, समारोह खत्म होने तक इलाके में कोहरा और बारिश बढ़ चुकी थी, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई थी। जॉर्ज फिजी ने बताया, “डेव ने हेलिकॉप्टर पायलट से कहा था कि ऐसी विजिबिलिटी में हम उड़ान नहीं भरते। उसने साफ कहा था कि हालात उड़ान के लिए ठीक नहीं हैं।” हालांकि, परिवार के अनुसार हेलिकॉप्टर पायलट ने जवाब दिया कि वे अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे और यात्रा जारी रखी गई। घने जंगल में गिरा हेलिकॉप्टर उड़ान के कुछ समय बाद हेलिकॉप्टर डॉसनविल के पास घने जंगल वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इलाके की भौगोलिक स्थिति और घने पेड़ों के कारण दुर्घटनास्थल का पता लगाने में राहत दलों को काफी समय लगा। जॉर्ज फिजी ने बताया कि खोजी दलों को हेलिकॉप्टर का मलबा खोजने में कई घंटे लग गए। इसी वजह से बचाव अभियान भी देर से शुरू हो पाया। छह घंटे तक मलबे में फंसी रही दुल्हन परिवार के अनुसार जेस्नी लगभग छह घंटे तक दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं। जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलिकॉप्टर के बीच पाया। जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी ने उन्हें जो घटना बताई, वह बेहद दर्दनाक थी। उन्होंने कहा, “जेस्नी ने बताया कि जब उसकी आंख खुली तो डेव उसका सिर उसकी छाती पर रखे हुए था। उसने देखा कि उसके शरीर पर खून था। वह पेशे से नर्स है, इसलिए उसने तुरंत समझ लिया कि डेव अब इस दुनिया में नहीं रहा।” शरीर पर चोटें, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी हादसे में जेस्नी को कई जगह चोटें और कट लगे हैं, लेकिन कोई हड्डी नहीं टूटी। परिवार के मुताबिक वह शारीरिक रूप से धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं, हालांकि पति को खोने का सदमा बहुत गहरा है। जॉर्ज ने कहा, “वह पूरी तरह टूट चुकी है, लेकिन इलाज चल रहा है और वह रिकवर कर रही है।” हादसे की जांच शुरू अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) हादसे की जांच कर रहा है। एजेंसी ने अभी तक दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांचकर्ता मौसम की स्थिति, उड़ान मार्ग, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति और पायलट के फैसलों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पुष्टि की है कि हेलिकॉप्टर में तीन लोग सवार थे। एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट अगले 30 दिनों में आने की संभावना है। ‘भगवान ने परफेक्ट शादी दी, फिर सब बदल गया’ डेव फिजी के माता-पिता मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम जिले के मुवट्टुपुझा के रहने वाले हैं। वहीं, जेस्नी का परिवार केरल के अलाप्पुझा जिले से जुड़ा हुआ है। बेटे की मौत के बावजूद जॉर्ज फिजी ने कहा कि उनका परिवार अपने ईसाई विश्वास के सहारे इस दुख का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान ने हमें एक परफेक्ट शादी का दिन दिया। कुछ ही घंटों बाद सब कुछ त्रासदी में बदल गया। ऐसे समय में हमारे सवाल बहुत हैं, लेकिन हमें शांति और जवाब सिर्फ भगवान में ही मिलते हैं।”