Tuesday, 22 Sep 2026 | 12:31 PM

Trending :

जालंधर के गुरिंदर ने जीतकर मां को कहा-देखी मेरी रेस:पिता से बोला-डेडी दस्स फेर किदां, 12 साल से दौड़ना शुरू किया; नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया

जालंधर के गुरिंदर ने जीतकर मां को कहा-देखी मेरी रेस:पिता से बोला-डेडी दस्स फेर किदां, 12 साल से दौड़ना शुरू किया; नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया

जालंधर के गुरिंदर वीर सिंह ने रांची में भारतीय एथलेटिक्स का नया इतिहास लिख दिया है। 29वें नेशनल सीनियर फेडरेशन कप में पंजाब के इस धावक ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.09 सेकंड में पूरी की। गुरिंदर वीर की उलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। करीब 90 साल की दादी ने भी लड्डू खाकर पोते को आशीर्वाद दिया। गुरिंदर वीर के पिता कमलजीत सिंह ने कहा कि जैसे ही बेटे ने रेस जीती तो उसके मोबाइल पर बधाइयों के फोन आना शुरू हो गए। फोन बिजी होने से बेटे से पहली बात उसकी मां की हुई। जब उसने मुझे फोन किया तो एक ही बात कही कि डेडी दस्स फेर किदां (अब बताओ कैसा लगा) गुरिंदर की मां गुरविंदर कौर ने बताया कि रेस जीतने के बाद उसने पहला फोन मुझे किया और कहा कि मम्मी मेरी रेस देखी। मैंने कहा कि हां तूने कमाल कर दिया। रेस जीतने और रिकॉर्ड तोड़ने का पता लगने के बाद से गुरिंदर वीर के घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। आस-पड़ोस के लोग घर के बाहर पहुंचे और परिवार को बधाई दी। पिता बोले-पहले ही रिकॉर्ड लिखा था, मुझे पता नहीं था नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले गुरिंदर वीर ने कॉमनवेल्थ गेम्ज में अपनी जगह पक्की कर ली। बिरसा मुंडा स्टेडियम में फाइनल दौड़ पूरी करते ही गुरिंदर ने अपनी छाती पर लगे नंबर (चेस्ट नंबर) की ओर इशारा किया। उन्होंने फाइनल से पहले ही उस नंबर के पीछे अपना लक्ष्य 10.10 लिख दिया था। इस बारे में पूछने पर उनके पिता ने कहा कि गुरिंदर ने पहले ही रिकॉर्ड का समय लिख रखा था, इसकी जानकारी उनको भी न्यूज के माध्यम से चली। इसके साथ ही उसने लिखा था- रुको, मैं अब भी खड़ा हूं। बता दें कि 100 मी. दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड (9.58 सेकंड) जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट के नाम है। मां बोलीं- मुझे गोल्ड की पक्की उम्मीद है मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। परमात्मा ने उस बच्चे को गुण बख्शा है। उसने पहले ही तय कर लिया था कि 10.10 सेंकेंड में रेस पूरी करनी है। उसने इस मुकाम के लिए बहुत मेहनत की है। वो रोज 8 घंटे प्रेक्टिस करता था। घर पर बात करने के लिए उसके पास वक्त नहीं मिलता था। उसने अपने शरीर को बहुत तोड़ा है। रेस जीतने के बाद पहले मुझसे बात कि और बोला कि मम्मा देखी है रेस। मैंने कहा कि हां देखी तूने आज खुश कर दिया है। परमात्मा इसी तरह मेहर रखेंगे तो कॉमनवेल्थ में भी गोल्ड आएगी। मुझे उस पर पूरा विश्वास है। वो एक बार जो ठान लेता है उसे पूरा करता है। 12 साल की उम्र में पिता के साथ रेस लगानी शुरू की गुरिंदर वीर के पिता कमलजीत सिंह ने बताया कि वह खुद भी वॉलीबाल के प्लेयर रहे हैं। वो तो इतना ऊंचा मुकाम हासिल नहीं कर पाए लेकिन मन में एक सपना था कि बेटा स्पोर्ट्स में कुछ कर दिखाए। गुरिंदर वीर बचपन से उनके साथ दौड़ लगाने जाता था। 12 साल की उम्र में उसने ठीक से प्रेक्टिस शुरू की। छोटी उम्र में ही वो मुझे भी पीछे छोड़ देता था। दौड़ने में उसकी मेहनत और लगन देख उसे इसी स्पोर्ट्स में डाला।

बॉलीवुड में अलग पहचान बना चुके कुमुद मिश्रा से बातचीत:बोले- ‘सतरंगी’ में मेरा किरदार रसूखदार, पर बेहद गंभीर है

बॉलीवुड में अलग पहचान बना चुके कुमुद मिश्रा से बातचीत:बोले- ‘सतरंगी’ में मेरा किरदार रसूखदार, पर बेहद गंभीर है

फिल्मों और ओटीटी पर अपनी अदाकारी से अलग पहचान बना चुके कुमुद मिश्रा अब जी 5 की वेब सीरीज ‘सतरंगी’ में एक जटिल और रसूखदार किरदार निभाते दिख रहे हैं। उन्होंने सीरीज, अपने को-एक्टर्स, सेट के माहौल और अभिनय के नजरिए पर खुलकर बात की… अच्छी स्क्रिप्ट और निर्देशक का विजन सबसे ज्यादा प्रभावित करता है कुमुद ने बताया…‘किसी भी प्रोजेक्ट को हां कहने की पहली वजह हमेशा स्क्रिप्ट होती है। ‘सतरंगी’ में निर्देशक का विजन और कहानी को लेकर उनका जुनून सबसे ज्यादा असर छोड़ गया। जब मुझे पता चला कि टीम में अंशुमन जैसे कलाकार हैं, तो भरोसा और बढ़ गया। वहीं आरजे महविश शुरुआत में भले वह थोड़ी संकोची लगीं, लेकिन कैमरे के सामने आते ही उनकी प्रतिभा साफ नजर आने लगी।’ काम के बाद जिंदगी को हल्केपन से जीना भी बहुत ज्यादा जरूरी है अपनी गंभीर छवि पर कुमुद ने कहा कि ‘कैमरे के सामने पूरी शिद्दत से काम करता हूं, लेकिन काम खत्म होने के बाद खुद को बहुत ज्यादा गंभीरता से लेना सही नहीं मानता। जब शॉट खत्म होता है, तो जिंदगी को हल्केपन से जीना चाहिए। सेट पर मजाक, बातचीत और एक-दूसरे की खिंचाई भी जरूरी है। ‘जॉली एलएलबी 2’ और ‘सतरंगी’ के किरदारों की कमजोरी अलग है… अपने किरदारों की तुलना पर कुमुद ने कहा कि ‘जॉली एलएलबी 2’ का इंस्पेक्टर सिंह और ‘सतरंगी’ का मौजूदा किरदार दोनों अलग दुनिया के लोग हैं। ‘सतरंगी’ का किरदार रसूखदार जरूर है, लेकिन भीतर से वह एक संवेदनशील पिता और भाई भी है।’ अक्षय के प्रैंक्स से अभी तक बचा हूं… अक्षय कुमार के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए कुमुद ने कहा- अब तक उनके मशहूर प्रैंक्स से बचता आया हूं। अभी तक तो मै साफ बच गया हूं, लेकिन अब आप मुझे याद मत दिलाइए, वरना अगली बार वो कसर पूरी कर देंगे। बाकी सतरंगी के सेट पर माहौल ज्यादा सीखने और नए लोगों को समझने वाला था, न कि सिर्फ प्रैंक्स और मस्ती वाला।

भारत में आवारा कुत्ते बड़ी समस्या:पर ताइवान ने इनकी देखरेख का सबसे सफल मॉडल बनाया, यहां आवारा कुत्तों के लिए पार्क और पूल बने

भारत में आवारा कुत्ते बड़ी समस्या:पर ताइवान ने इनकी देखरेख का सबसे सफल मॉडल बनाया, यहां आवारा कुत्तों के लिए पार्क और पूल बने

भारत में आवारा कुत्तों की समस्या सिरदर्द बन चुकी है। सुप्रीम कोर्ट इन्हें मौत की नींद सुलाने की टिप्पणियां कर रहा है, लेकिन ताइवान की राजधानी ताइपे ने इस समस्या का ऐसा समाधान निकाला है, जो अब विश्व मॉडल बन रहा है। आज यहां आवारा कुत्तों को लोग गोद लेते हैं। उनके लिए मेट्रो ट्रेनें हैं। डॉग पार्क हैं। स्वीमिंग पूल हैं, लेकिन ताइपे के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। इसकी भी एक दिलचस्प कहानी है, जो भास्कर को ताइपे में हुई डॉग ​​स्प्रिंग आउटिंग इवेंट में पता चली। इसमें मेयर वांग एन चियांग भी डॉग फ्रेंडली मेट्रो और बस में सवारी करते हुए 100 से अधिक पेट मालिकों के बीच मिलने पहुंचे थे। यहां एरिजोना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फ्रांसिस नोबर्ट ने इस बदलाव की पूरी कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि एक समय यहां आवारा कुत्तों की गंभीर समस्या थी। इन्हें रोकने के लिए 1998 में एनिमल प्रोटेक्शन एक्ट लागू हुआ। फिर 2013 में ‘12 नाइट्स’ नामक डॉक्यूमेंट्री आई। इसने सरकारी शेल्टरों की भयावह तस्वीर दुनिया के सामने रखी। इसके बाद ताइवान में बड़ा जनांदोलन खड़ा हुआ। पांच उपाय: कुत्तों के कान में माइक्रोचिप, ताकि उसे व मालिक को ढूंढ सकें 1. अनिवार्य डिजिटल पहचान: हर पालतू कुत्ते के कान में माइक्रोचिप लगाई। इसमें कुत्ते और उसके मालिक की जानकारी होती है। इसकी लागत सिर्फ 650 रु. है। 2. जियो-टैगिंग एप से ट्रैकिंग: आवारा कुत्तों की ट्रैकिंग के लिए कृषि मंत्रालय ने एक एप लॉन्च किया है। नागरिक इस पर कुत्ते की फोटो जियो-टैगिंग (लोकेशन) के साथ अपलोड करते हैं, जिसके बाद नगर निकाय की टीम तुरंत उसका टीकाकरण करती है। 3. भारी जुर्माना भी: यदि कोई मालिक अपने कुत्ते को सड़क पर बेसहारा छोड़ता है तो उस पर 10 हजार रु. का जुर्माना लगाते हैं। इसे सख्ती से वसूला जाता है। 4. नसबंदी पर सब्सिडी: सरकार और नगर निगम में नर कुत्ते के लिए 3 हजार रुपए और मादा के लिए करीब 9 हजार रुपए की सब्सिडी दे रहा है। 5. स्मार्ट आउटडोर फीडिंग: खुले में खाना खिलाने वालों को नसबंदी अभियान से जोड़ा।

फ्रेंच ओपन आज से, डिफेंडिंग चैम्पियन अल्कारेज नहीं खेलेंगे:पुरुष वर्ग में सिर्फ सिनर बड़े दावेदार, महिला सिंगल्स में कई स्टार खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर

फ्रेंच ओपन आज से, डिफेंडिंग चैम्पियन अल्कारेज नहीं खेलेंगे:पुरुष वर्ग में सिर्फ सिनर बड़े दावेदार, महिला सिंगल्स में कई स्टार खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर

साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन की शुरुआत के साथ ही पेरिस की लाल मिट्टी एक बार फिर टेनिस की सबसे बड़ी कहानियों की गवाह बनने जा रही है। लेकिन इस बार पुरुष और महिला सिंगल्स की तस्वीर बिल्कुल अलग है। पुरुष वर्ग में पूरा टूर्नामेंट लगभग वर्ल्ड नंबर-1 यानिक सिनर के इर्द-गिर्द घूमता दिख रहा है, जबकि महिला सिंगल्स में इतनी दावेदार हैं कि हर दिन नई टक्कर और नया उलटफेर देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि इस बार फ्रेंच ओपन में पुरुष और महिला वर्ग दो अलग-अलग दुनिया जैसे नजर आ रहे हैं। पुरुष सिंगल्स: सिनर के सामने 127 खिलाड़ी पुरुष टेनिस में इस समय सबसे बड़ा नाम सिनर का है। इटैलियन ओपन के सेमीफाइनल में डेनियल मेदवेदेव ने शायद इस साल का अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। लंबी रैलियां, तेज शॉट्स और लगातार दबाव के बावजूद वह सिनर को पूरी तरह नहीं तोड़ सके। मैच के बाद मेदवेदेव ने कहा कि सिनर को हराने के लिए सर्विस, रिटर्न, फिटनेस और मानसिक मजबूती, हर चीज परफेक्ट होनी चाहिए। इस बार सिनर के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी कार्लोस अल्कारेज चोट के कारण टूर्नामेंट में नहीं हैं। पिछले साल अल्कारेज ने ही फ्रेंच ओपन फाइनल में सिनर को हराया था। उनकी गैरमौजूदगी में 128 प्लेयर्स में सिनर अकेले दावेदार लग रहे हैं। मास्टर्स 1000 स्तर पर सिनर की जीत की कड़ी 34 मैच तक पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलियन ओपन, यूएस ओपन और विम्बलडन जीत चुके सिनर के पास अब करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने का मौका है। महिला सिंगल्स: टॉप-10 में से 9 के पास बड़ी ट्रॉफी महिला सिंगल्स में दावेदारों की लंबी कतार है और यही इस टूर्नामेंट को बेहद रोमांचक बना रहा है। यहां टॉप-10 में से नौ के पास ग्रैंड स्लैम या डब्ल्यूटीए 1000 खिताब है। यानी हर राउंड में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। नंबर-1 आर्यना सबालेंका लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन क्ले कोर्ट सीजन में वह थोड़ी कमजोर दिखीं। ऐसे में बाकी खिलाड़ियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। एलिना रायबकिना ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत चुकी हैं और हर सतह पर मजबूत मानी जाती हैं। इगा स्वातेक पांचवीं बार फ्रेंच ओपन जीतने उतरेंगी, जबकि डिफेंडिंग चैम्पियन कोको गॉफ भी शानदार फॉर्म में हैं। इसके अलावा एलिना स्वितोलिना, जेसिका पेगुला और युवा स्टार मिरा एंड्रीवा भी खिताब की बड़ी दावेदार हैं। यही वजह है कि जहां पुरुष वर्ग में सबकी नजर सिर्फ सिनर पर है, वहीं महिला सिंगल्स में हर दिन नई कहानी बनने की उम्मीद है।

पंत से छिन सकती है लखनऊ की कप्तानी:टॉम मूडी बोले- दबाव झेलने में फेल रहे, टीम आखिरी लीग मैच भी हारी

पंत से छिन सकती है लखनऊ की कप्तानी:टॉम मूडी बोले- दबाव झेलने में फेल रहे, टीम आखिरी लीग मैच भी हारी

टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत से IPL की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छिन सकती है। टीम के क्रिकेट डायरेक्टर टॉम मूडी ने शनिवार को स्वीकार किया है कि पंत दबाव को झेलने में विफल रहे हैं। मूडी ने कहा, ‘अगर कप्तानी की बात करें तो मुझे यह चुनौतीपूर्ण लगी है। हमें इस पर विचार करना होगा कि कहीं कप्तानी के दबाव का असर पंत की बैटिंग पर तो नहीं पड़ रहा।’ पंत की टीम लखनऊ IPL में अपना आखिरी लीग मैच भी हार गई। उसे पंजाब किंग्स ने 7 विकेट से हराया। पंत की कप्तानी में टीम पिछले 2 सीजन में 28 मैचों में केवल 10 में जीत सकी है। मौजूदा सीजन में लखनऊ 10वें नंबर पर है। टॉम मूडी की खास बातें लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा था लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, इसलिए उनके प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। वे मौजूदा सीजन में महज 312 रन ही बना सके। पंत ने IPL 2018 में 173.60 के स्ट्राइक रेट से 684 रन बनाए थे। उसके बाद 2019 में 162.66 के स्ट्राइक रेट से 488 रन बनाए। लखनऊ के लिए उन्होंने पिछले दो सीजन में 135.74 के स्ट्राइक रेट से 581 रन बनाए। जो करियर 144.18 के स्ट्राइक रेट से कम है। इनकी कप्तानी पर भी सवाल पंजाब के कोच हैडिन बोले- हमारी टीम ने अच्छा खेला इस बीच पंजाब किंग्स के सहायक कोच ब्रैड हैडिन ने अपनी टीम के प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम ने इस मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। आप चाहते हैं कि इस तरह के मैच में आपके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करें।’ हैडिन ने कहा, ‘ये वह मैच हैं जिन्हें आप खेलना चाहते हैं, जिनमें सब कुछ दांव पर लगा होता है। पिछले कुछ दिनों से कप्तान (इस मैच में शतक जड़ने वाले श्रेयस अय्यर) की आंखों में यही चमक थी। वह अपने प्रदर्शन से मैच का रुख बदलने और हमें फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान देना चाहते हैं।’ —————————————- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पंजाब की उम्मीदें बरकरार, टॉप-4 में शामिल, राजस्थान जीती तो प्लेऑफ खेलना पक्का IPL 2026 के लीग स्टेज में सिर्फ 2 मैच बाकी हैं, लेकिन अभी तक प्लेऑफ की 4 टीमें तय नहीं हुई हैं। शनिवार को पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें कायम रखी हैं। टीम 14 मैचों में 15 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई है। पंजाब की इस जीत से दिल्ली प्लेऑफ से बाहर होने वाली चौथी टीम बन गई। उससे पहले लखनऊ, चेन्नई और मुंबई बाहर हो चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर

फिनलैंड में दोहरे इस्तेमाल वाले बंकर:अनोखा प्लेग्राउंड, इसे आपातकाल के समय 72 घंटे में बंकर में बदल सकते हैं

फिनलैंड में दोहरे इस्तेमाल वाले बंकर:अनोखा प्लेग्राउंड, इसे आपातकाल के समय 72 घंटे में बंकर में बदल सकते हैं

वैश्विक तनाव के बीच तस्वीर में दिख रहे फिनलैंड में बने ‘ड्यूल-यूज’ (दोहरे उपयोग) वाले बंकरों की मांग तेजी से बढ़ गई है। राजधानी हेलसिंकी का ‘मेरीहाका’ सिविल शेल्टर इसका अहम उदाहरण है। जमीन से 25 मीटर नीचे बना यह शेल्टर आम दिनों में स्विमिंग पूल, जिम, प्लेग्राउंड और पार्किंग की तरह इस्तेमाल होता है, लेकिन आपातकाल में इसे 72 घंटे के भीतर 6,000 लोगों के लिए सारी सुविधाओं के साथ सुरक्षित बंकर में बदला जा सकता है। 2003 में बने इस विशालकाय शेल्टर को देखने और इसकी तकनीक समझने के लिए यूक्रेन, पोलैंड, जर्मनी और यूएई सहित कई यूरोपीय व एशियाई देशों के करीब 800 प्रतिनिधिमंडल फिनलैंड का दौरा कर चुके हैं। फिनलैंड में दूसरे विश्व युद्ध के समय से ही 1,200 वर्ग मीटर से बड़ी इमारतों के नीचे बंकर बनाना कानूनन अनिवार्य है। मेरीहाका शेल्टर 71,000 घन मीटर में फैला है, जिसका आकार लगभग एक 7-मंजिला कॉमर्शियल इमारत के बराबर है। पूरे फिनलैंड में ऐसे कुल 50,500 शेल्टर मौजूद हैं, जिनमें से अकेले हेलसिंकी में 48 बड़े और 5,500 छोटे बंकर हैं। अब इन शेल्टर्स और सुरक्षा उपकरणों के निर्यात को तेज करने के लिए ‘रेजिलिएंस सेंटर फिनलैंड’ संस्था भी बनाई गई है।

IPL में आज MI-RR का मैच:प्लेऑफ में पहुंचने के लिए वैभव की टीम के पास आज आखिरी मौका, मुंबई में मुकाबला

IPL में आज MI-RR का मैच:प्लेऑफ में पहुंचने के लिए वैभव की टीम के पास आज आखिरी मौका, मुंबई में मुकाबला

IPL में आज मुंबई इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मुकाबला खेला जाएगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से मैच शुरू होगा। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए राजस्थान के पास ये आखिरी मौका है। अगर राजस्थान आज हार जाती है, तो टीम प्लेऑफ से बाहर हो जाएगी। वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। वे ऑरेंज कैप की रेस में चौथे स्थान पर हैं। वैभव 13 मैच में 236.32 के स्ट्राइक रेट से 579 रन बना चुके हैं, जिसमें 53 छक्के शामिल हैं। उनके नाम एक शतक और 3 अर्धशतक हैं। वैभव तोड़ सकते हैं क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बैटर बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल (52 सिक्स) का रिकॉर्ड तोड़ा है। वैभव ने बतौर भारतीय एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाया है। उनके नाम अब 426 रन हो गए हैं। अगर आज वैभव 7 छक्के लगाते हैं, तो वो क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले टॉप बैटर बन जाएंगे। क्रिस गेल ने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पिछले मैच में वैभव ने कई रिकार्ड बनाते। वे IPL के एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर नंबर-1 पर हैं। वॉर्नर ने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी ने तीसरी बार इनिंग में 10+ सिक्स लगाए वैभव IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा 10 या इससे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ 10 या इससे ज्यादा सिक्स लगाए। वैभव ने तीसरी बार एक पारी में 10 से ज्यादा छक्के लगाए। इस लिस्ट में क्रिस गेल नंबर एक पर है, जिन्होंने 4 बार यह कारनामा किया है। इसके अलावा वैभव सूर्यवंशी दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने IPL के एक ही सीजन में दो बार 10 या उससे ज्यादा सिक्स लगाए हैं। सूर्यवंशी सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाज वैभव IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने इस सीजन 236.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। यह IPL के एक सीजन में कम से कम 500 रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले आंद्रे रसेल के नाम यह रिकॉर्ड था, जिन्होंने 2019 में 204.8 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। वैभव ने A बनाकर विक्ट्री सेलिब्रेट की थी 10वें ओवर की दूसरी बॉल पर वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 23 गेंद में फिफ्टी पूरी की। फिर उंगलियों से ‘A’ का निशान बनाकर फिफ्टी सेलिब्रेट की थी। इसके पीछे वजह पूछने पर उन्होंने कहा कि “ये चीजें पर्सनल होती हैं और मैं इसे आगे भी करना चाहता था, इसलिए किसी को बताना नहीं चाहता था।” बाद में उन्होंने खुलासा किया कि यह ‘A’ सेलिब्रेशन अपनी मां के लिए किया था, क्योंकि उनकी मां का नाम ‘A’ अक्षर से शुरू होता है।

यूरोप से चोरी हुए फोन चीन भेजे जा रहे:लंदन में आईफोन छीना, फिर चीन से मां को धमकियां भेजीं; एपल आईडी हटवाकर माने चोर

यूरोप से चोरी हुए फोन चीन भेजे जा रहे:लंदन में आईफोन छीना, फिर चीन से मां को धमकियां भेजीं; एपल आईडी हटवाकर माने चोर

शिकागो के 37 वर्षीय एलेक्स पिकुला मई 2024 में लंदन घूमने गए थे। वेस्ट एंड में थिएटर से बाहर निकलते ही ई-बाइक सवार बदमाश ने उनके हाथ से आईफोन छीन लिया। एलेक्स को लगा, फोन गया और बात खत्म। लेकिन असली परेशानी इसके बाद शुरू हुई। कुछ दिन बाद उनकी 65 वर्षीय मां जूडी पिकुला को अजीब मैसेज आने लगे। पहले मैसेज एपल-पे जैसा दिखा। उसमें लिखा था कि फोन चीन में इस्तेमाल हो रहा है और बेटे के बैंक अकाउंट खतरे में हैं। फिर फिलीपींस के नंबर से मैसेज आया- हमारे पास आपके बेटे के ईमेल, कार्ड, बैंक डिटेल और निजी जानकारी है। इसके बाद धमकियां तेज हो गईं। जूडी को एक वीडियो भेजा गया, जिसमें एक व्यक्ति बंदूक दिखा रहा था। मैसेज में दुष्कर्म, हत्या और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी थी। गैंग की एक ही मांग थी- चोरी हुए फोन से एपल आईडी हटाओ। एलेक्स ने मां से कहा कि इसे नजरअंदाज करें, लेकिन धमकियां बढ़ती गईं। आखिरकार एलेक्स ने फोन से एपल आईडी हटा दी और डेटा मिटा दिया। इसके बाद धमकी भरे मैसेज बंद हो गए। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में लंदन में रिकॉर्ड 81 हजार फोन चोरी हुए। 2025 में यह संख्या घटकर करीब 71 हजार रही, लेकिन चोरी के बाद धमकियों का ट्रेंड बढ़ गया। लंदन पुलिस अब उन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर फोकस कर रही है, जो चोरी के फोन चीन भेजते हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि फोन चीन के शेन्जेन शहर में दिखा। क्रिमिनोलॉजिस्ट डेविड वॉल के मुताबिक, गैंग पहले फर्जी एपल मैसेज भेजते हैं। फिर खुद को मददगार खरीदार बताते हैं। जब पीड़ित नहीं मानता, तो हिंसक धमकियां शुरू हो जाती हैं। ये मनोवैज्ञानिक हमला है विशेषज्ञ इसे मनोवैज्ञानिक हमला बताते हैं, क्योंकि फोन में बैंकिंग, फोटो, ईमेल और निजी डेटा होता है। चोरी के आईफोन को नया खरीदार तभी इस्तेमाल कर सकता है, जब पुरानी एपल आईडी हटे। आईडी जुड़ी रहे तो फोन रीसेट नहीं होता और उसकी रीसेल वैल्यू खत्म हो जाती है। इसलिए गैंग पीड़ितों को धमकाकर फोन को अनलिंक करवाते हैं, ताकि उसे ब्लैक मार्केट में बेचा जा सके। साइबर विशेषज्ञों की सलाह है कि चोरी के बाद फोन को लॉक और वाइप करें, लेकिन एपल आईडी से न हटाएं। एपल भी कहता है कि फोन को फाइंड माई लिस्ट में रहने दें, ताकि चोर उसे नए यूजर के लिए सेटअप न कर सकें।

बलूचिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला:23 लोगों की मौत, 53 घायल, जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

बलूचिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला:23 लोगों की मौत, 53 घायल, जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक आत्मघाती हमला किया गया, जिसकी चपेट में जाफर एक्सप्रेस आ गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 53 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके के समय ट्रेन क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी। विस्फोट इतना जोरदार था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद रेलवे ट्रैक के पास आग लग गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के असर से आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और धमाके की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं।

बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला, 26 मौतें:70 लोग घायल; जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

बलूचिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला:23 लोगों की मौत, 53 घायल, जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक आत्मघाती हमला किया गया, जिसकी चपेट में जाफर एक्सप्रेस आ गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा घायल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके के समय ट्रेन क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी। विस्फोट इतना जोरदार था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद रेलवे ट्रैक के पास आग लग गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के असर से आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और धमाके की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। धमाके से जुड़ी 3 तस्वीरें… किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही हैं। जाफर एक्सप्रेस को पहले भी निशाना बनाया गया जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान रेलवे की एक लंबी दूरी की प्रमुख पैसेंजर ट्रेन है। यह ट्रेन बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा को पाकिस्तान के बड़े शहरों से जोड़ती है। यह बलूचिस्तान समेत कई संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती है। हाल के सालों में बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक, सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर कई बड़े हमले हो चुके हैं। यह ट्रेन जिन इलाकों से गुजरती है वहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दबदबा है, इस वजह से इस ट्रेन को कई बार निशाने पर लिया गया है। पिछले साल BLA ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया। तब BLA ने 214 पैसेंजर्स को बंधक बनाने और 30 सैनिकों की हत्या की बात कही थी। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी क्या है बलूचिस्तान में कई लोगों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद वे एक आजाद देश के तौर पर रहना चाहते थे। लेकिन बिना उनकी मर्जी से उन्हें पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था। ऐसा नहीं हुआ इस वजह से बलूचिस्तान में सेना और लोगों का संघर्ष आज भी जारी है। BBC के मुताबिक बलूचिस्तान में आजादी की मांग करने वाले कई संगठन हैं मगर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) सबसे ताकतवर संगठन है। ये संगठन 70 के दशक में अस्तित्व में आया लेकिन 21वीं सदी में इसका प्रभाव बढ़ा है। BLA बलूचिस्तान को पाकिस्तानी सरकार और चीन से मुक्ति दिलाना चाहता है। उनका मानना है कि बलूचिस्तान के संसाधनों पर उनका हक है। पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को 2007 में आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया था। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं। —————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के नाम बदले गए:लाहौर का इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक पाकिस्तान के पंजाब सूबे में कहावत है ‘जिन्ने लाहौर नहीं वेख्या, ओ जमिया ही नहीं’ (जिसने लाहौर नहीं देखा, उसका जन्म ही नहीं हुआ)। अमृतसर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाहौर दशकों तक इस्लामीकरण के शिकंजे में रहने के बाद जड़ों की ओर लौट रहा है। पढ़ें पूरी खबर