Wednesday, 23 Sep 2026 | 07:35 PM

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कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार, छठे स्थान पर पहुंची:चेन्नई को आज जीतना जरूरी; राजस्थान, पंजाब और दिल्ली भी रेस में

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार, छठे स्थान पर पहुंची:चेन्नई को आज जीतना जरूरी; राजस्थान, पंजाब और दिल्ली भी रेस में

IPL 2026 के प्लेऑफ का रोमांच और बढ़ गया है। बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर अपनी प्लेऑफ उम्मीदें जिंदा रखीं। टीम के अब 13 मैचों में 13 पॉइंट्स हो गए हैं और वह छठे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस को सीजन की 9वीं हार मिली। टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। मुंबई 13 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ नौवें स्थान पर है। अब चौथे स्थान के लिए राजस्थान, पंजाब, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला बना हुआ है। चेन्नई आज गुजरात टाइटंस से भिड़ेगी और टीम को हर हाल में जीत चाहिए। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण कोलकाता को दो स्थान का फायदा मुंबई पर जीत के बाद कोलकाता प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है। टीम के 13 मैचों में 13 पॉइंट्स हैं और दो स्थान ऊपर छठे पायदान पहुंच गई हैं। टीम का आखिरी मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स से है। KKR को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए यह मैच जीतना होगा, साथ ही राजस्थान और पंजाब के हारने की भी उम्मीद करनी होगी। चेन्नई की आज जीत जरूरी चेन्नई 13 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर आ गई हैं। टीम को कोलकाता की जीत से एक पायदान का नुकसान हुआ है। चेन्नई का मुकाबला आज गुजरात टाइटंस से होगा। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को यह मैच हर हाल में जीतना होगा। हार के साथ टीम का सफर खत्म हो जाएगा। बेंगलुरु टॉप पर कायम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 पॉइंट्स और +1.065 नेट रनरेट के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। अगर नेट रनरेट में बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो RCB का क्वालिफायर-1 खेलना तय है। गुजरात और हैदराबाद में टॉप-2 की जंग गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद 16-16 पॉइंट्स के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। गुजरात का आखिरी मुकाबला चेन्नई से है। टीम यहां जीत दर्ज करती है तो 18 पॉइंट्स के साथ क्वालिफायर-1 खेल सकती है। वहीं हैदराबाद का सामना बेंगलुरु से होगा। SRH को टॉप-2 में जगह बनाने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना पड़ सकता है। राजस्थान प्लेऑफ रेस में सबसे आगे राजस्थान रॉयल्स 14 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है। टीम का आखिरी मुकाबला मुंबई इंडियंस से है। 24 मई को अगर राजस्थान जीतती हैं तो 16 पॉइंट्स तक पहुंच जाएगी और प्लेऑफ में जगह पक्की कर लेगी। पंजाब के लिए करो या मरो की स्थिति पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम लगातार 6 मैच हार चुकी है। पंजाब को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जीत दर्ज करनी ही होगी। साथ ही राजस्थान के हारने की भी उम्मीद करनी होगी। दिल्ली की उम्मीदें अब भी कायम दिल्ली कैपिटल्स 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर खिसक गई हैं। टीम का नेट रनरेट (-0.871) कमजोर है। दिल्ली को आखिरी मुकाबले में कोलकाता के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। मुंबई-लखनऊ पहले ही प्लेऑफ से बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। मुंबई 8 पॉइंट्स के साथ नौवें, जबकि लखनऊ 8 अंक लेकर आखिरी स्थान पर है। मुंबई का आखिरी मैच राजस्थान से जबकि लखनऊ का पंजाब से होगा। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सूर्यवंशी ऑरेंज कैप होल्डर राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके 13 मैचों में 579 रन हो गए हैं और उन्होंने हेनरिक क्लासन को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। सूर्यवंशी इस सीजन 236.32 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 1 शतक, 3 अर्धशतक और 53 छक्के लगाए हैं, जो इस सीजन सबसे ज्यादा हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के मिचेल मार्श 563 रन के साथ दूसरे, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 555 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप बरकरार बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 20 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

IPL में आज गुजरात vs चेन्नई:प्लेऑफ की रेस के लिए चेन्नई को जीतना ही होगा; गुजरात की नजर टॉप-2 पर

IPL 2026 का 66वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। चेन्नई के लिए यह मैच करो या मरो जैसा है। टीम ने 13 मैच में 6 मुकाबले जीते हैं और 12 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल के छठे स्थान पर है। उसे प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए हर हाल में जीत चाहिए। दूसरी ओर शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। टीम ने 13 में से 8 मुकाबले जीते हैं और 16 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है। हेड-टू-हेड में गुजरात आगे IPL में दोनों टीमों के बीच अब तक कांटे की टक्कर देखने को मिली है। गुजरात और चेन्नई के बीच अब तक कुल 9 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें गुजरात ने 5 मैच जीते, जबकि चेन्नई को 4 मैचों में जीत मिली है। इस सीजन दोनों टीमों के बीच 26 अप्रैल को एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहली भिड़ंत हुई थी। उस मैच में गुजरात ने चेन्नई को 8 विकेट से हरा दिया। साई सुदर्शन गुजरात के टॉप स्कोरर गुजरात के लिए इस सीजन में साई सुदर्शन ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने अब तक खेले 13 मैचों में 554 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 157.83 का रहा है। वहीं गेंदबाजी में कगिसो रबाडा ने सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। उन्होंने 13 मैचों में 9.22 की इकोनॉमी से रन देते हुए 21 विकेट चटकाए हैं। 25 रन देकर 3 विकेट उनका बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस है। सैमसन ने चेन्नई के टॉप स्कोरर चेन्नई की ओर से संजू सैमसन टॉप स्कोरर रहे हैं। सैमसन ने सीजन के 13 मैचों में 166.20 की स्ट्राइक रेट से 477 रन बनाए हैं। उन्होंने 2 शतक और 1 फिफ्टी लगाई है। गेंदबाजी में टीम के लिए अंशुल कंबोज ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 13 मुकाबलों में 20 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट प्रदर्शन 22 रन देकर 3 विकेट रहा है। हालांकि उन्होंने 10.23 इकोनॉमी से रन दिए हैं। पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की लाल और काली मिट्टी से बनी पिच पर हाई स्कोरिंग मुकाबले होते हैं। हालांकि, यहां की बाउंड्री बड़ी है। गेंदबाज इसका इस्तेमाल कर बल्लेबाजों को फंसा सकते हैं। यहां IPL में 51 मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 25 और चेज करने वाली टीम ने भी 25 मैच जीते हैं। एक मुकाबला टाई रहा है। हालांकि टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मैच के समय बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान गर्म रहेगा और मैच के समय आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा। चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अकील हुसैन, अंशुल कंबोज, स्पेंसर जॉनसन, नूर अहमद और मुकेश चौधरी।

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार, छठे स्थान पर पहुंची:चेन्नई को आज जीतना जरूरी; राजस्थान, पंजाब और दिल्ली भी रेस में

कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदें बरकरार, छठे स्थान पर पहुंची:चेन्नई को आज जीतना जरूरी; राजस्थान, पंजाब और दिल्ली भी रेस में

IPL 2026 के प्लेऑफ का रोमांच और बढ़ गया है। बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर अपनी प्लेऑफ उम्मीदें जिंदा रखीं। टीम के अब 13 मैचों में 13 पॉइंट्स हो गए हैं और वह छठे स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस को सीजन की 9वीं हार मिली। टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। मुंबई 13 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ नौवें स्थान पर है। अब चौथे स्थान के लिए राजस्थान, पंजाब, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला बना हुआ है। चेन्नई आज गुजरात टाइटंस से भिड़ेगी और टीम को हर हाल में जीत चाहिए। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा स्थिति… सभी टीमों का समीकरण कोलकाता को दो स्थान का फायदा मुंबई पर जीत के बाद कोलकाता प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है। टीम के 13 मैचों में 13 पॉइंट्स हैं और दो स्थान ऊपर छठे पायदान पहुंच गई हैं। टीम का आखिरी मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स से है। KKR को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए यह मैच जीतना होगा, साथ ही राजस्थान और पंजाब के हारने की भी उम्मीद करनी होगी। चेन्नई की आज जीत जरूरी चेन्नई 13 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर आ गई हैं। टीम को कोलकाता की जीत से एक पायदान का नुकसान हुआ है। चेन्नई का मुकाबला आज गुजरात टाइटंस से होगा। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए CSK को यह मैच हर हाल में जीतना होगा। हार के साथ टीम का सफर खत्म हो जाएगा। बेंगलुरु टॉप पर कायम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 पॉइंट्स और +1.065 नेट रनरेट के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। अगर नेट रनरेट में बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो RCB का क्वालिफायर-1 खेलना तय है। गुजरात और हैदराबाद में टॉप-2 की जंग गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद 16-16 पॉइंट्स के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। गुजरात का आखिरी मुकाबला चेन्नई से है। टीम यहां जीत दर्ज करती है तो 18 पॉइंट्स के साथ क्वालिफायर-1 खेल सकती है। वहीं हैदराबाद का सामना बेंगलुरु से होगा। SRH को टॉप-2 में जगह बनाने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना पड़ सकता है। राजस्थान प्लेऑफ रेस में सबसे आगे राजस्थान रॉयल्स 14 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है। टीम का आखिरी मुकाबला मुंबई इंडियंस से है। 24 मई को अगर राजस्थान जीतती हैं तो 16 पॉइंट्स तक पहुंच जाएगी और प्लेऑफ में जगह पक्की कर लेगी। पंजाब के लिए करो या मरो की स्थिति पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। टीम लगातार 6 मैच हार चुकी है। पंजाब को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जीत दर्ज करनी ही होगी। साथ ही राजस्थान के हारने की भी उम्मीद करनी होगी। दिल्ली की उम्मीदें अब भी कायम दिल्ली कैपिटल्स 12 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर खिसक गई हैं। टीम का नेट रनरेट (-0.871) कमजोर है। दिल्ली को आखिरी मुकाबले में कोलकाता के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। मुंबई-लखनऊ पहले ही प्लेऑफ से बाहर मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। मुंबई 8 पॉइंट्स के साथ नौवें, जबकि लखनऊ 8 अंक लेकर आखिरी स्थान पर है। मुंबई का आखिरी मैच राजस्थान से जबकि लखनऊ का पंजाब से होगा। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स… सूर्यवंशी ऑरेंज कैप होल्डर राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके 13 मैचों में 579 रन हो गए हैं और उन्होंने हेनरिक क्लासन को पीछे छोड़कर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। सूर्यवंशी इस सीजन 236.32 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 1 शतक, 3 अर्धशतक और 53 छक्के लगाए हैं, जो इस सीजन सबसे ज्यादा हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स के मिचेल मार्श 563 रन के साथ दूसरे, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन 555 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप बरकरार बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। गुजरात के कगिसो रबाडा 21 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई के अंशुल कम्बोज 20 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर बने हुए हैं।

बच्चे दिन-ब-दिन क्यों हो रहे हैं कमजोर? कहीं शरीर में छिपी ये कमी तो नहीं बना रही वजह

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बच्चों का स्वस्थ, एक्टिव और खुश रहना हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है. लेकिन कई बार शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी, खासकर आयरन की कमी, बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकती है. नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, 2 साल से कम उम्र के बच्चों में एनीमिया की समस्या मस्तिष्क के विकास, सीखने की क्षमता और सामान्य ग्रोथ पर असर डाल सकती है. इसलिए बचपन से ही सही और संतुलित आहार देना बेहद जरूरी माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर बच्चे को शुरुआती उम्र से ही पूरा पोषण मिले, तो उसका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से होता है. इसके विपरीत, जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो बच्चा अक्सर थका हुआ, कमजोर और कम एक्टिव दिखाई देता है. लंबे समय तक यह कमी बनी रहने पर इसका असर बच्चे की याददाश्त, समझने की क्षमता और पढ़ाई में ध्यान लगाने की क्षमता पर भी पड़ सकता है. नेशनल हेल्थ मिशन ने बच्चों में एनीमिया से बचाव के लिए रोजमर्रा के भोजन में आयरन से भरपूर चीजें शामिल करने की सलाह दी है. इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, गुड़, अनार और खजूर जैसे फूड शामिल हैं, जो शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. इसके साथ ही विटामिन-सी युक्त फल जैसे संतरा, आंवला और नींबू भी काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि ये शरीर को आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे को छह महीने की उम्र के बाद धीरे-धीरे ठोस और पौष्टिक आहार देना शुरू कर देना चाहिए. इस दौरान मां के दूध के साथ-साथ सही पूरक भोजन देना बच्चे की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी होता है. सही डाइट से न केवल बच्चे की ताकत बढ़ती है, बल्कि उसकी इम्युनिटी भी मजबूत होती है, जिससे वह बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है. इसके अलावा, NHM यह भी सुझाव देता है कि 6 से 59 महीने तक के बच्चों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार आयरन और फोलिक एसिड (IFA) सिरप भी दिया जाना चाहिए. यह सप्लीमेंट शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने में मदद करता है और एनीमिया जैसी समस्या से बचाव करता है. हालांकि, इसे हमेशा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही देना चाहिए. कुल मिलाकर, बच्चों की सेहत का आधार उनका रोजाना का खानपान होता है. अगर शुरुआत से ही सही पोषण, संतुलित डाइट और नियमित देखभाल पर ध्यान दिया जाए, तो बच्चों को एनीमिया जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचाया जा सकता है और उनका विकास बेहतर तरीके से हो सकता है.

गर्मियों के लिए पुदीना शिकंजी ड्रिंक: लू वाली गर्मी में शरीर को तुरंत ऊर्जावान ऊर्जा-ठंडी पुदीना शिकंजी, 5 मिनट से कम में तैयार करें

गर्मियों में ठंडक देने वाले पेय के लिए पुदीना शिकंजी ड्रिंक, 5 मिनट में पुदीना नींबू शिकंजी रेसिपी

20 मई 2026 को 23:17 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों के लिए पुदीना नींबू शिकंजी रेसिपी: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को बार-बार ठंडक और एनर्जी की जरूरत महसूस होती है। तेज धूप और लू से बचने के लिए तरह-तरह के कोल्ड ड्रिंक्स लोग छोड़ देते हैं, लेकिन सेहत के लिए बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स ज्यादा स्वादिष्ट नहीं होते। ऐसे में घर पर बनी पुदीना शिकंजी स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का बेहतरीन विकल्प है। नींबू और पुदीने से बनी यह शिकांजी शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाती है और गर्मी में ठंडक महसूस कराती है। इसे बनाने में सिर्फ 5 मिनट का समय लगता है। अनुसरण करना : पुदीना शिकंजी बनाने की सामग्री: 2 नींबू, 1 छोटा चम्मच ताजा पुदीना, 3-4 बड़े टुकड़े चीनी या शहद, 1/2 छोटा टुकड़ा काला नमक, 1/2 छोटा टुकड़ा जीरा पाउडर, 2 चम्मच ठंडा पानी, बर्फ के टुकड़े छवि: फ्रीपिक कैसे बनाएं नुस्खा-ठंडी पुदीना शिंजी: सबसे पहले पुदीने की नाव को अच्छे से धो लें। अब वैक्सिन पिलेशियन में लिटिल वॉटर मैकेनिक पीस लें। एक बड़े पोचेल में नींबू का रस निकाल लें। छवि: एआई इसमें चीनी या सुपरमार्केट अच्छी तरह से नासा लें। अब इसमें काला नमक और साथ ही जीरा पाउडर डालें। इससे शिकंजी का स्वाद और भी बढ़ेगा। छवि: एआई अब तैयार करें पुना पेस्ट और ठंडा पानी स्टॉक अच्छी तरह से मिक्स करें। बर्फ के गोले में और ऊपर से शिकन भर दें। नामांकन तो पुदीने की और नामांकन के लिए गार्निश करें। छवि: एआई पुदीना शिक्जी शरीर को ठंडा रखने में मदद करती है। लू और डिलाईशन से बचती है। पाचन क्रिया बेहतर होती है। शरीर को तत्काल ऊर्जा मिलती है। पेट को फर्क और ताजा महसूस करवाती है। छवि: एआई अगर आप भी समरस्लैम में कुछ स्ट्रेंथ और टेस्टी स्ट्राइक चाहते हैं, तो घर पर बनी पुदीना शिकंजी स्ट्रेंथ जरूर बनाएं। इसका ताज़ा स्वाद आपको पूरे दिन ताज़ा महसूस कराएगा। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 20 मई 2026 को 23:17 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)पुदीना शिकांजी रेसिपी(टी)शिकंजी रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय(टी)पुदीना शिकंजी(टी)नींबू ड्रिंक(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)पुदीना नींबू(टी)पुदीना नींबू शिकंजी रेसिपी गर्मियों के लिए(टी)पुदीना नींबू शिकंजी

मूंग दाल पकौड़ा रेसिपी: कम तेल में बनेंगी एक्स्ट्रा क्रंची मूंग दाल पकौड़ा, जानिए परफेक्ट बैटर से लेकर फ्राई करने तक का राज

मूंग दाल पकौड़ा

20 मई 2026 को 22:59 IST पर अपडेट किया गया मूंग दाल पकौड़ा रेसिपी: बारिश हो या गर्मी, चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़ी का स्वाद हर मौसम में लोगों को पसंद आता है. आलू और पनीर की पकौड़ी के अलावा मूंग दाल की पकौड़ी के स्वाद भी काफी पसंद किये जाते हैं. हालांकि घर पर बेकार समय अक्सर लोग इस बात से परेशान रहते हैं कि पकौड़ी बाजार में क्रिस्पी और कम तेली क्यों नहीं दिखते। ये आसान टिप्स आपके बेहद काम आ सकते हैं। इन ट्रिक्स की मदद से मूंग दाल के पकौड़े के पत्ते बाहर से करारी और अंदर से बिल्कुल आकर्षक दिखते हैं। अनुसरण करना : भीगी हुई मूंग दाल को बिना पानी के पीस लें। इससे बैटर अच्छा बनता है और पकौड़ी लकड़ी कम तेल सोखती हैं। बैटर को अच्छी तरह से फेंटना भी जरूरी है, ताकि वह फ्लफी बन सके। छवि: फ्रीपिक एक कटोरी पानी में बैटर की एक बूंद। अगर बैटर ऊपर तैरने लगे तो समझ लीजिए कि बैटर पूरी तरह से तैयार है और पकाउ लुक बनाने के लिए प्रभावित है। छवि: फ्रीपिक बैटर में छोटे चावल का आटा मिलाने से पकौड़े के स्वाद ज्यादा कुरकुरे होते हैं। इसके अलावा एक इंस्टिट्यूट बिटकॉइन चिप्स और करारा बनाने में भी मदद करता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप चाहते हैं कि पकाऊ लकड़ी ज्यादा तेल न सोखें तो बैटर में थोड़ा सा गर्म तेल मिला लें। इससे शिक्षक भी बेहतर बना है। छवि: Pexels पकौड़ियों को पहले तेज गरम तेल में डालें और फिर धीमी आंच पर पकाएं। इसके पकौड़े बाहर से कुरकुरे और अंदर से अच्छे तरह के पकते हैं। छवि: फ्रीपिक इन आसान युक्तियों की मदद से घर पर भी स्वादिष्ट, स्वादिष्ट, करारी और कम तेली मूंग दाल पकौड़ी बनाई जा सकती है। चाय के साथ इनका स्वाद हर मौसम में शानदार लगता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 20 मई 2026 को 22:59 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)मूंग दाल पकोड़ा(टी)क्रिस्पी पकोड़ा रेसिपी(टी)टी टाइम स्नैक्स(टी)पकोड़ा कुकिंग टिप्स(टी)क्रंची पकोड़ा रेसिपी(टी)घर का बना पकोड़ा(टी)भारतीय स्नैक्स(टी)क्रिस्पी पकौड़ा(टी)कुकिंग हैक्स(टी)मानसून स्नैक्स

वजन कंट्रोल से लेकर मजबूत हड्डियों तक, गर्मी में मिलेट्स खाने के कई फायदे, सेवन का तरीका जान लें

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Last Updated:May 20, 2026, 22:57 IST Best Millets For Summer: अगर रोजाना के भोजन में श्री अन्न को शामिल किया जाए, तो शरीर को संपूर्ण पोषण मिलता है. इससे गर्मी में होने वाली थकान, कमजोरी और पाचन संबंधी समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है और शरीर लंबे समय तक स्वस्थ और एक्टिव बना रहता है. ख़बरें फटाफट गर्मियों के मौसम में शरीर को स्वस्थ और ऊर्जा से भरपूर रखने के लिए खानपान का खास ध्यान रखना जरूरी होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में मिलेट्स यानी श्री अन्न को रोजाना के भोजन में शामिल करना काफी फायदेमंद हो सकता है. बाजरा, रागी, ज्वार और दूसरे मिलेट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को ताकत देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, श्री अन्न को पोषण का पावरहाउस माना जाता है. इनमें फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और जरूरी मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. ये शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करते हैं. मिलेट्स के फायदेहेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि वजन नियंत्रित करने में भी श्री अन्न काफी उपयोगी होता है. इनमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती. इससे ज्यादा खाने की आदत कम होती है और वजन बढ़ने की समस्या पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है. इसके अलावा, बाजरा और रागी जैसे मिलेट्स कैल्शियम और फॉस्फोरस के अच्छे स्रोत माने जाते हैं. ये पोषक तत्व हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए श्री अन्न का सेवन खासतौर पर लाभकारी माना जाता है. कई लोगों के मन में यह धारणा होती है कि गर्मियों में श्री अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए, लेकिन विशेषज्ञ इस बात को गलत मानते हैं. उनका कहना है कि गर्मी में शरीर जल्दी थक जाता है और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. ऐसे में मिलेट्स शरीर को जरूरी ऊर्जा देने और डिहाइड्रेशन से बचाने में सहायक हो सकते हैं. मिलेट्स खाने का सेवनविशेषज्ञ सलाह देते हैं कि श्री अन्न को पकाने से पहले कुछ घंटों तक पानी में भिगो देना चाहिए. ऐसा करने से इसमें मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं और इसे पचाना आसान हो जाता है. आप इसे अलग-अलग तरीकों से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. जैसे दलिया, खिचड़ी, रोटी, इडली, डोसा या ठंडाई के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है. गर्मियों में बाजरे की खीर और रागी का सत्तू भी अच्छा विकल्प माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

घर पर टोफू बनाने की विधि: घर में ऐसे एक मिनट में सोयाबीन की मदद से टोफू, नहीं बाजार से टूटने की जरूरत; विधि नोट करें

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टोफू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री: 2 कप सोयाबीन, 8-10 कप पानी, 2 बड़े नींबू का रस या सिरका, मलमल का कपड़ा छवि: फ्रीपिक घर पर टोफू बनाने की आसान विधि: सबसे पहले सोयाबीन को अच्छी तरह धो लें। अब रातभर या कम से कम 8 घंटे के लिए पानी में सोलाकर रख दें। सोयाबीन फूलेगा और आसानी से पीसी जाएगा। छवि: एआई भीगी हुई सोयाबीन का पानी निकाल लें और प्लास्टिक में सीधे-थोड़े पानी के साथ पीस लें। अब इस पेस्ट को बड़े पैमाने पर रखा जाए और पानी को बड़े पैमाने पर रखा जाए। छवि: फ्रीपिक ज्वालामुखी में आने के बाद गैस का मिश्रण और करीब 10 मिनट तक का समय लें। फिर मलमल के कपड़ों की मदद से इसे अच्छा लें। जो सफ़ेद उत्पाद निकलागा वही सोया दूध है। छवि: फ्रीपिक अब सोया दूध को फिर से प्रभावित करें। इसमें धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे लेबल का रस या सिरका मिलाया जाता है और पसंद किया जाता है। कुछ ही मिनटों में दूध फटना शुरू हो जाएगा और पानी अलग दिखने लगेगा। छवि: एआई अब फटे हुए मिक्स को मल केमल कपड़े में कोरियोग्राफी पानी अलग कर लें। ऊपर से प्रभाव वजन की मांग करता है ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए। इसे 20-30 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। छवि: एआई/फ़्रीपिक अब हटाएं और टोफू को कार्टून आकार में काट लें। आपका ताजा और मुलायम टोफू तैयार है। छवि: फ्रीपिक टोफू खाने के फायदे: प्रोटीन से भरपूरता होती है। वजन कम करने में मदद मिलती है। दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। पनीर का दस्तावेज़ विकल्प है। शाकाहारी लोगों के लिए होता है बेहतरीन खाना। छवि: एआई टोफू को अधिक मुलायम होना चाहिए तो वजन कम होना चाहिए। भारी वजन वाले बर्तनों के ऊपर टोफू को अधिक सख्त करना। इसे फ़र्ज़ी में 2-3 दिन तक स्टोर किया जा सकता है। छवि: एआई (टैग अनुवाद करने के लिए)सोयाबीन टोफू रेसिपी(टी)सोयाबीन टोफू रेसिपी(टी)घर पर टोफू बनाना(टी)घर पर टोफू कैसे बनाएं(टी)घर का बना टोफू(टी)सोयाबीन का उपयोग करके टोफू कैसे बनाएं(टी)सोयाबीन टोफू आसान रेसिपी

40 की उम्र के बाद फिटनेस टिप्स: 40 की उम्र में क्या चाहिए 20 साल वाली फिटनेस? आज ही करें एलेक्जेंड्रा में ये 5 बदलाव, अव्यवस्थित कोसोन दूर

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40 के बाद फिट कैसे रहें: 40 की उम्र पार करते ही शरीर में होते हैं कई बदलाव। मेटाबॉलिज्म धीमा लगता है, मॉस मसल कम हो रहा है और ऊर्जा स्तर में थोड़ी गिरावट महसूस हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप फिट नहीं रह सकते। अगर आप 40 साल की उम्र के साथ-साथ 20 साल की उम्र में भी फिटनेस और फिटनेस चाहते हैं, तो आपको किसी चीज की जरूरत नहीं है। बस अपनी लाइफस्टाइल में ये 5 बदलाव करने से आपको कोसोन दूर जाना पड़ेगा: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को रूटीन में शामिल करें 20 साल की उम्र में आप सिर्फ दौड़कर या वॉक करके फिट रह सकते थे, लेकिन 40 के बाद शरीर की मांस पेशियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। इसे रोकने के लिए सप्ताह में 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या रेजिस्टेंस की मांग अवश्य करें। क्या करें: आप फिजिकल डंबल्स उठा सकते हैं, रेजिस्टेंस बैंड का इस्तेमाल कर सकते हैं, या खुद के शरीर के वजन से जुड़ी चीजें जैसे स्क्वाट्स और पुश-अप्स कर सकते हैं। यह आपके जोड़ों को भी मजबूत बनाए रखता है। साबुत अनाज में प्रोटीन मसाले और रिहाइड्रा कार्ब्स कम करें उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर को मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए भरपूर मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। साथ ही, अब बॉडी एक्स्ट्रा कैलोरी को इतना जल्दी बर्न नहीं कर पाता, इसलिए चीनी और मैदे जैसे फाइबर से दूरी बनाना जरूरी है। क्या वास्तव में: अपने हर भोजन में प्रोटीन शामिल करें जैसे दालें, पनीर, दही, अंडा, लीन मीट, या स्प्राउट्स। स्ट्रेंथ फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और मैस्टिक मीट मीट बिल्कुल कम कर दीजिए। मेटाबोलिज्म के लिए तीव्रता और गहरी नींद लें अक्सर लोग फिटनेस के चक्कर में नींद को परेशान कर देते हैं। 40 की उम्र के बाद रात में 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना किसी भी वरदान से कम नहीं है। नींद की कमी से तनाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे पेट की चर्बी तेजी से बढ़ जाती है और वजन कम होना मुश्किल हो जाता है। अध्ययन करना जरूरी है उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई बार हमें प्यास की परत का निशान कम होने लगता है, जिससे शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण) हो जाती है। पानी कम पीने से जोड़ों में दर्द, थकान और सुस्ती जैसे खतरे सामने आते हैं। रिजर्व में कम से कम 3 किलोलीटर पानी जरूर पिएं ताकि टॉक्सिन्स बाजार में बने रहें। सक्रिय सिटिंग अपनाएं और स्थिर बैठे से असबाब अगर आप जिम में एक घंटे रुकते हैं लेकिन बाकी के 9 घंटे ऑफिस की कुर्सी पर लगातार बैठे रहते हैं, तो जिम का फायदा आधा हो जाता है। 40 के बाद “सिडेंटरी लाइफस्टाइल” चैलेंज का सबसे बड़ा कारण बना है। हर एक घंटे में अपनी सीट से उठें, 5 मिनट के लिए सैर करें या हल्की-फुल्की सैर करें। 40 की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जैसे ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और विटामिन डी और बी12 जरूर करवाएं। इससे शरीर के अंदर चल रही किसी भी समस्या का समय पर पता चल जाता है। बदलाव हमेशा छोटे-छोटे कदमों से शुरू होते हैं। इनमें से कोई भी दो बदलाव आपके जीवन में करने से आप खुद महसूस करेंगे कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। यह अवश्य पढ़ें: अनुपूरक कैसे चुनें: आप स्वास्थ्य और सौंदर्य प्रसाधन क्या लेते हैं? इन बातों के खास नुस्खे, सेहत को हो सकता है भारी नुकसान! अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)फिटनेस टिप्स(टी)स्वास्थ्य टिप्स(टी)फिटनेस टिप्स(टी)स्वस्थ आहार(टी)40 के बाद फिटनेस टिप्स(टी)स्वस्थ जीवनशैली के लिए फिटनेस टिप्स(टी)स्वस्थ जीवनशैली

बॉडी को फ्रिज बना देगा पहाड़ों का ये नन्हा फल, गर्मी का दुश्मन, डिहाइड्रेशन चुटकियों में छूमंतर

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Last Updated:May 20, 2026, 20:57 IST Hisalu benefits : उत्तराखंड के पहाड़ों में गर्मियों में मिलने वाला हिसालू सेहत के लिए वरदान से कम नहीं. मई-जून में झाड़ियों पर लगने वाला ये छोटा पीले रंग का फल स्वाद में खट्टा-मीठा और बेहद रसदार होता है. इसका सेवन शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है. हिसालू की मांग हर साल बढ़ रही है, लेकिन इसकी उपलब्धता सीमित रहती है. यह फल बेहद जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए इसे दूर के बाजारों तक पहुंचाना मुश्किल होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मियों में मौसमी और प्राकृतिक फलों के सेवन को बेहद जरूरी मानते हैं. हिसालू जैसे जंगली फल शरीर को पोषण देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं. इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करने में सहायक है. इसका सेवन शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में भी मदद करता है. पहाड़ों में लोग लंबे समय से इसे पारंपरिक स्वास्थ्यवर्धक फल के रूप में खाते आ रहे हैं. प्राकृतिक फलों का सेवन शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी होता है. हिसालू स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को ताजगी और ऊर्जा भी देता है. गर्मियों में इसे सेहत का खजाना माना जाता है. उत्तराखंड की लोक संस्कृति में हिसालू का विशेष महत्व है. पहाड़ों के कई लोकगीतों और पारंपरिक कहानियों में इस फल का जिक्र मिलता है. ग्रामीण इलाकों में हिसालू को बचपन और प्रकृति से जुड़ी यादों का प्रतीक माना जाता है. गर्मियों के मौसम में बच्चे जंगलों में जाकर हिसालू तोड़ते हैं, परिवार के साथ इसका आनंद लेते हैं. पहले समय में लोग जंगल से लौटते वक्त हिसालू जरूर लेकर आते थे. यह फल पहाड़ की जीवनशैली और प्राकृतिक खानपान का हिस्सा रहा है. आज भी गांवों में हिसालू का इंतजार गर्मियों के खास मौसम की तरह किया जाता है. लोगों का मानना है कि यह फल केवल स्वाद नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है. हिसालू की मांग हर साल बढ़ रही है, लेकिन इसकी उपलब्धता सीमित रहती है. यह फल बेहद जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए इसे दूर के बाजारों तक पहुंचाना मुश्किल है. कई स्थानीय लोग इसे छोटे स्तर पर बेचकर अतिरिक्त आय भी कमाते हैं. गर्मियों में सड़क किनारे और स्थानीय बाजारों में हिसालू बेचते ग्रामीण आसानी से दिखाई देते हैं. पर्यटक भी इस पारंपरिक पहाड़ी फल का स्वाद लेना पसंद करते हैं. यदि इसके संरक्षण और पैकेजिंग पर काम किया जाए तो यह पहाड़ के किसानों और ग्रामीणों के लिए आय का अच्छा स्रोत बन सकता है. पहाड़ की पहचान बन चुका हिसालू अब धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्रों में भी लोकप्रिय हो रहा है. Add News18 as Preferred Source on Google हिसालू को पहाड़ों में प्राकृतिक ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है. जंगलों और खेतों में काम करने वाले लोग थकान मिटाने के लिए हिसालू खाते हैं. इसमें मौजूद प्राकृतिक शर्करा और पोषक तत्व शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करते हैं. गर्मियों में अधिक पसीना आने से शरीर कमजोर महसूस करता है, ऐसे में हिसालू राहत देने में मदद करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं. यह फल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग इसे बिना किसी प्रसंस्करण के सीधे खाते हैं, जिससे इसके प्राकृतिक गुण बरकरार रहते हैं. हिसालू बेहद नाजुक होता है. जंगल से तोड़ने के कुछ घंटों बाद ही यह खराब होने लगता है, इसलिए इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना आसान नहीं होता है. यही वजह है कि यह फल बाजारों में कम दिखाई देता है, ज्यादातर स्थानीय क्षेत्रों तक ही सीमित रहता है. ग्रामीण लोग सुबह के समय ताजा हिसालू तोड़कर सीधे सेवन करते हैं. इसका स्वाद ताजा रहने पर सबसे ज्यादा अच्छा माना जाता है. कई जगहों पर लोग इसका जूस और चटनी भी बनाते हैं. पहाड़ों में बच्चों के लिए हिसालू केवल फल नहीं, बल्कि गर्मियों की खास याद माना जाता है. इस पारंपरिक फल को पहचान मिले और इसके संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाए. भीषण गर्मी के दौरान हिसालू शरीर को ठंडा रखने में काफी मददगार है. पहाड़ों में रहने वाले लोग इसे प्राकृतिक कूलिंग फल के रूप में जानते हैं. यह फल रसदार होने के कारण शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में सहायक है. जंगल में काम करने वाले लोग गर्मी से राहत पाने के लिए हिसालू खाते हैं. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की थकान कम करने और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करते हैं. खास बात यह है कि यह फल पूरी तरह प्राकृतिक होता है, इसमें किसी तरह का केमिकल नहीं होता है. डॉक्टर भी गर्मियों में मौसमी और प्राकृतिक फलों के सेवन की सलाह देते हैं. बागेश्वर के चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल लोकल 18 से बताते हैं कि हिसालू पोषक तत्वों से भरपूर फल है. इसमें विटामिन-सी, आयरन, फाइबर और कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में हिसालू खाने से शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है. गर्मियों में शरीर में पानी की कमी होने लगती है, ऐसे में हिसालू शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा और पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गर्मियों के मौसम में मिलने वाला हिसालू इन दिनों लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. स्थानीय लोग इसे बचपन की यादों और पहाड़ की पारंपरिक पहचान से जोड़कर देखते हैं. हिसालू को वैज्ञानिक भाषा में रुबस एलिप्टिकस कहा जाता है, जो गुलाब परिवार का पौधा माना जाता है. यह फल प्राकृतिक रूप से पहाड़ों में उगता है, बिना किसी रासायनिक खाद के तैयार होता है. ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे और महिलाएं जंगलों से हिसालू तोड़कर घर लाते हैं. गर्मियों में यह फल शरीर को ठंडक देने और ऊर्जा बनाए रखने में काफी मददगार माना जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।