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रतलाम में चलती कार में लगी आग, VIDEO:इंदौर से आ रहा था, आलोट-जावरा मार्ग पर हादसा; आगे का हिस्सा जलकर राख

रतलाम में चलती कार में लगी आग, VIDEO:इंदौर से आ रहा था, आलोट-जावरा मार्ग पर हादसा; आगे का हिस्सा जलकर राख

रतलाम के आलोट में एक चलती कार में बुधवार दोपहर 4 बजे अचानक आग लग गई। ड्रायवर ने कार की बोनट से आग की लपटे देख तुरंत कार को रोड की साईड में लेकर खड़ा करते हुए बाहर निकल आया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग के कारण कार का आधा हिस्सा जलकर राख हो गया। कार में आग लगने की घटना आलोट-जावरा सड़क मार्ग पर हुई। कार क्रमांक एमपी 13 सीई 2359 इंदौर की तरफ से आ रही थी। कार में केवल ड्रायवर ही सवार था। अचानक आग देख कार को साइड में कर रोक दिया। दोनों तरफ वाहनों को रोका इसके बाद आग की तेज लपटे शुरू हो गई। आग के कारण सड़क मार्ग से गुजर रहे वाहनों को दोनों तरफ रोकना पड़ा। आग की सूचना पर स्थानीय पुलिस व फायर लॉरी पहुंची। आग पर करीब आधे घंटे में काबू पाया। पुलिस आग के लगने का कारण तलाश रही है।

शिमला में लेंसकार्ट विवाद में हिंदू संघर्ष समिति का प्रदर्शन:स्टोर के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ा; कर्मचारियों को राखी बांध लगाया तिलक

शिमला में लेंसकार्ट विवाद में हिंदू संघर्ष समिति का प्रदर्शन:स्टोर के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ा; कर्मचारियों को राखी बांध लगाया तिलक

आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड के खिलाफ हिंदू संघर्ष समिति ने आज (बुधवार को) शिमला के संजौली स्थित स्टोर में प्रदर्शन किया। इस दौरान स्टोर के भीतर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और लेंसकार्ट कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। शिमला में प्रदर्शनकारियों ने लेंसकार्ट स्टोर के सभी कर्मचारियों को राखी बांधी और तिलक लगाया। शिमला से पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इत्यादि राज्यों में लेंसकार्ट के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके है। दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर कंपनी का एक पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ था। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, कलावा और बुर्का पहनने पर रोक की बात थी। हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। डॉक्यूमेंट वायरल होने के बाद भड़के लोग इस डॉक्यूमेंट के वायरल होने के बाद शिमला में भी हिंदू संघर्ष समिति के लोग भड़क उठे हैं। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंपनी के संस्थापक और सीईओ पियूष बंसल ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल दस्तावेज़ “गलत” है और कंपनी की वर्तमान नीतियों को नहीं दर्शाता। हिंदू भावनाओं को आहत किया: विजय संघर्ष समिति के पदाधिकारी विजय ने कहा कि “कॉर्पोरेट जिहाद” के जरिए हिंदू भावनाओं को आहत किया जा रहा है और निवेश के दबाव में कंपनियां पक्षपातपूर्ण नीतियां अपना रही हैं। शिमला के संजौली में प्रदर्शन के फोटो..

बंगाल झालमुड़ी स्नैक रेसिपी: घर पर मिनटों में पीएम मोदी वाली बंगाल की झालमुरी, बच्चों से लेकर बड़े तक हो जाएं आपके फैन

तस्वीर का विवरण

झालमुरी पश्चिम बंगाल का एक बहुत ही लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है। इसे मुरमुरे और चिप्स के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसमें कच्चे तेल के मसाले और मसालों का स्वाद बहुत काम आता है। छवि: एआई आवश्यक सामग्री: 2 कप मुरमुरे, 1 प्याज, 1 लाल आलू, 1 टमाटर, 2-3 हरी मिर्च, ½ कप भूरी मूंगफली, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च का मसाला, ½ काली मिर्च का मसाला, 1 काली मिर्च का तेल, धनिया, 1 मसाले का रस छवि: सोशल मीडिया सबसे पहले एक बड़ा बाउल लेन और इसमें मुरमुरे शामिल थे। अब इसमें टमाटर, टमाटर, आलू और हरी मिर्च डालें। इसके बाद मॉयुअल नोबेल से वॉल्व। छवि: सोशल मीडिया अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और काला नमक डालें। ऊपर से हल्दी का तेल और नींबू का रस डालें। सभी बेकार को अच्छी तरह से करें। फाइनल में हरा धनिया मॉड्यूल तुरंत सर्व करें। छवि: एआई मुरमुरे के बाद तुरंत सर्व करें, अन्यथा ये प्राकृतिक हो जायेंगे। सरसों का तेल जरूर डालें, इससे असली बैलर का स्वाद आता है। आप यात्रा कर सकते हैं तो इसमें सेव या स्टेटस भी मिला सकते हैं। छवि: सोशल मीडिया झालमुरी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि रसायन भी है। इसमें ज्यादा तेल नहीं होता और यह असरदार होता है, जिसे आप भी कभी खा सकते हैं। शाम की चाय के साथ या बच्चों के टिफ़िन में। छवि: सोशल मीडिया अगर आप घर पर कुछ अलग और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो बंगाल की झालमुरी जरूर ट्राई कर सकते हैं। इसे बनाना बहुत ही आसान है, इसका स्वाद ही लाजवाब है। एक बार देखें, हर कोई आपका सितारा है। छवि: सोशल मीडिया छवि: सोशल मीडिया (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाली झालमुरी रेसिपी(टी)पीएम मोदी(टी)झालमुरी रेसिपी(टी)शाम के नाश्ते की रेसिपी(टी)मसालेदार स्नैक(टी)इंस्टेंट स्नैक रेसिपी(टी)हेल्दी स्नैक(टी)बच्चों के लिए झालमुड़ी रेसिपी(टी)बंगाली स्टाइल झालमुरी रेसिपी(टी)झालमुरी नमकीन

खरगोन में 40 पार तापमान, दोपहर में लू जैसे हालात:10 दिन से 40-41 डिग्री पारा, 70 लाख मिर्च पौधों को बचाने कर रहे स्प्रे

खरगोन में 40 पार तापमान, दोपहर में लू जैसे हालात:10 दिन से 40-41 डिग्री पारा, 70 लाख मिर्च पौधों को बचाने कर रहे स्प्रे

खरगोन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे दोपहर 1 बजे के बाद लू जैसे हालात बन रहे हैं। भीषण गर्मी का असर जनजीवन के साथ खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी से बचाव के लिए किसान खेतों में मिर्च के पौधों पर पानी का स्प्रे कर रहे हैं और स्लाइडिंग नेट का उपयोग कर रहे हैं, ताकि तापमान को नियंत्रित रखा जा सके। बामखल के उन्नत किसान विजय यादव ने बताया कि वे पानी का छिड़काव कर करीब 70 लाख मिर्च के पौधों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। नेट हाउस में सुबह-शाम स्प्रे किया जा रहा है। मिर्च की फसल के लिए 20 से 27 डिग्री तापमान उपयुक्त होता है, जबकि वर्तमान में तापमान इससे कहीं अधिक है। स्लाइडिंग नेट करीब 50% तक गर्मी को रोकने में मदद कर रहे हैं। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मिर्च की रोपाई होती है। यहां की मिर्च निमाड़-मालवा के साथ महाराष्ट्र के कई शहरों में भी भेजी जाती है। इसके लिए पहले से ऑर्डर बुक किए जाते हैं। पिछले 10 दिनों से 40-41 डिग्री तापमान पिछले 10 दिनों से जिले में तापमान 40 से 41 डिग्री के बीच बना हुआ है। पिछले दो दिनों से बादल छाने के कारण रात में भी उमस बढ़ गई है और न्यूनतम तापमान 22-23 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा और गर्मी और बढ़ सकती है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर में बिना टोपी या गमछे के धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।

गर्मियों में डायरिया का अटैक! स्ट्रीट फूड ही नहीं, चॉकलेट भी बच्चों को कर रही बीमार, एक्सपर्ट से जानें

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Last Updated:April 22, 2026, 17:30 IST Summer Health Tips: बदलता मौसम अपने साथ बीमारियों का खतरा लेकर आता है, जिसमें डायरिया सबसे ज्यादा पैर पसार रहा है. चिलचिलाती धूप और बिना मौसम की बारिश के बीच छोटे बच्चे तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ स्ट्रीट फूड ही नहीं, बल्कि बच्चों की पसंदीदा चॉकलेट भी इस गर्मी में उनके पेट को खराब कर रही है. डॉक्टरों के पास आने वाले मरीजों में 30 से 40 फीसदी मामले अकेले डायरिया के हैं. देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है. कभी तेज धूप तो कभी अचानक होने वाली बारिश की वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं, जिनमें डायरिया सबसे गंभीर समस्या बनकर उभरा है. खासकर छोटे बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है और उसमें मौजूद बैक्टीरिया शरीर में पहुंचते ही पेट दर्द और लूज मोशन जैसी परेशानियां खड़ी कर देते हैं.देहरादून के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सिराज सिद्दीकी के अनुसार, उनके पास आने वाले मरीजों में लगभग 30 से 40 प्रतिशत मामले डायरिया के ही आ रहे हैं. उन्होंने बच्चों की सेहत से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. चॉकलेट भी बन रही है डायरिया की वजहआमतौर पर माता-पिता को लगता है कि बाहर का खाना या गंदा पानी ही बच्चों को बीमार करता है, लेकिन डॉक्टर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि गर्मियों में ज्यादा तापमान होने की वजह से चॉकलेट बहुत जल्दी खराब हो जाती है और अंदर ही अंदर सड़ने लगती है. इसमें पनपने वाले बैक्टीरिया ही बच्चों में डायरिया और फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बन रहे हैं. यही वजह है कि देहरादून के अस्पतालों में पहुंचने वाले ज्यादातर बच्चों में इस तरह की शिकायतें देखने को मिल रही हैं. इसलिए गर्मियों के दिनों में बच्चों को ज्यादा चॉकलेट देने से परहेज करना चाहिए. स्ट्रीट फूड और मोमोज की चटनी से रहें सावधानदेहरादून के हर कोने में मिलने वाले स्ट्रीट फूड बच्चों और युवाओं की पहली पसंद हैं, लेकिन यही उनकी सेहत के दुश्मन बन रहे हैं. डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि मोमोज के साथ दी जाने वाली तीखी चटनी में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं जो सीधे पेट पर हमला करते हैं. इसके अलावा, ज्यादातर फास्ट फूड मैदे से तैयार किए जाते हैं जो हमारे मेटाबॉलिज्म को कमजोर करने के साथ ही लीवर पर भी बुरा असर डालते हैं. जब शरीर का पाचन तंत्र कमजोर होता है, तो बीमारियां बहुत जल्दी शरीर को अपनी चपेट में ले लेती हैं. बेमौसम बारिश और दूषित पानी का खतराडॉक्टर के मुताबिक, इन दिनों होने वाली बिना मौसम की बारिश प्राकृतिक रूप से शुद्ध नहीं होती है. इसमें मौजूद टॉक्सिन्स यानी जहरीले तत्व पानी के साथ मिलकर उसे दूषित कर देते हैं. हालांकि सरकार पानी को फिल्टर करके सप्लाई करती है, लेकिन उन प्लांट्स की भी अपनी एक सीमा होती है. अगर पीने के पानी में किसी भी तरह के माइक्रोप्स रह जाते हैं, तो डायरिया होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में पानी की शुद्धता को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. लापरवाही पड़ सकती है भारीउल्टी और दस्त होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और मरीज बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करने लगता है. वैसे तो इलाज करवाने पर मरीज जल्दी ठीक हो जाता है, लेकिन अगर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर लापरवाही बरती गई, तो यह स्थिति मरीज के लिए जानलेवा भी हो सकती है. बच्चों के मामले में यह और भी संवेदनशील हो जाता है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम वयस्कों के मुकाबले कमजोर होता है. इसलिए बचाव के लिए घर में बनी ताजी चीजें ही खिलाएं और पानी हमेशा अच्छी तरह फिल्टर किया हुआ ही इस्तेमाल करें. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : April 22, 2026, 17:30 IST

दही और योगर्ट में क्या अंतर होता है? जानिये दोनों को खाने के फायदे और नुकसान

UP Board result: न मोबाइल, न इंटरनेट… तब ऐसे पता चलता था यूपी बोर्ड का रिजल्ट

दही और योगर्ट देखने में भले ही एक जैसे लगते हों, लेकिन दोनों में बनाने की विधि, बैक्टीरिया, स्वाद और सेहत के असर के लिहाज से कई अंतर होते हैं. आजकल लोग सेहत को लेकर जागरूक हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि दही और योगर्ट में क्या फर्क है और आपके लिए कौन‑सा बेहतर है. दही क्या है?दही परंपरागत भारतीय खाद्य पदार्थ है. इसे दूध में थोड़ा‑सा पुराना दही (जामन) मिलाकर जमाया जाता है. इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया होते हैं, जो पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं. दही के फायदेपाचन तंत्र को मजबूत करता है.शरीर को ठंडक देता है.कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत.गैस, कब्ज और एसिडिटी में राहत.आसानी से घर पर शुद्ध रूप में बनाया जा सकता है. दही के नुकसानज्यादा खट्टा होने पर नुकसानदायक.सर्दी‑जुकाम या कफ की समस्या में रात को दही खाना ठीक नहीं.ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों को सूजन हो सकती है. योगर्ट क्या है?योगर्ट पश्चिमी देशों में ज्यादा प्रचलित होता है. इसे दूध में विशेष प्रोबायोटिक बैक्टीरिया डालकर नियंत्रित तापमान में जमाया जाता है. बाजार में मिलने वाले योगर्ट कई बार फ्लेवर्ड और मीठे होते हैं. योगर्ट के फायदेप्रोबायोटिक्स से भरपूर.इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार.वजन घटाने में सहायक.लैक्टोज डाइजेस्ट करने में आसान.स्किन और आंतों के लिए फायदेमंद. योगर्ट के नुकसानबाजार के फ्लेवर्ड योगर्ट में चीनी ज्यादा.प्रिज़र्वेटिव होने की संभावना.महंगा होता है.घर का बना दही जितना ताजा नहीं. दही और योगर्ट में मुख्य अंतरबनाने का तरीका: दही घरेलू तरीके से, योगर्ट इंडस्ट्रियल तरीके से.स्वाद: दही हल्का खट्टा, योगर्ट ज्यादा क्रीमी.बैक्टीरिया: योगर्ट में खास और ज्यादा प्रोबायोटिक्स.उपलब्धता: दही घर पर, योगर्ट ज्यादातर बाजार में. कौन‑सा है बेहतर?अगर आप प्राकृतिक, सस्ता और रोजमर्रा के लिए कुछ चाहते हैं, तो दही बेहतर है.अगर आप प्रोबायोटिक फायदे, वजन कंट्रोल या खास डाइट पर हैं, तो बिना चीनी वाला योगर्ट चुन सकते हैं. दही और योगर्ट दोनों ही फायदेमंद हैं, बस सही चुनाव आपकी जरूरत और सेहत पर निर्भर करता है. सबसे जरूरी है, अनस्वीटेंड और ताजे विकल्प को प्राथमिकता देना.

पाकिस्तानी ऑलराउंडर नवाज ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाए गए:PCB ने जांच शुरू की; टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिए गए सैंपल में फेल

पाकिस्तानी ऑलराउंडर नवाज ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाए गए:PCB ने जांच शुरू की; टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिए गए सैंपल में फेल

पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। ESPNcricinfo के मुताबिक यह सैंपल 2026 टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिया गया था। इस मामले में ICC ने PCB को जानकारी दी है और बोर्ड ने अपनी जांच शुरू कर दी है। अंतिम फैसला आना बाकी- PCB PCB के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा- ICC ने इस मामले की जानकारी दी है और PCB ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके नतीजे आज ICC को बताए जाएंगे। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। 32 साल के नवाज ने इस साल श्रीलंका में हुए टी-20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान के सभी सात मैच खेले थे। टीम सुपर-8 स्टेज में बाहर हो गई थी। इस दौरान उन्होंने 15 रन बनाए और 7 विकेट लिए। ICC गोपनीय तरीके से जांच कर रहा नवाज के खिलाफ यह मामला ICC की एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के तहत चल रहा है। पॉजिटिव टेस्ट रिक्रिएशनल ड्रग (नशीली दवाएं) से जुड़ा है। ICC ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है और पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से चल रही है। सरे ने डील रद्द की इस विवाद का असर नवाज के करियर पर दिखने लगा है। नवाज को इंग्लैंड में टी-20 ब्लास्ट के लिए सरे टीम के साथ जुड़ना था। PCB ने उन्हें NOC भी दे दिया था और क्लब इस हफ्ते उनके साइनिंग का ऐलान करने वाला था। लेकिन अब यह डील टूट गई है और नवाज इस सीजन सरे के लिए नहीं खेलेंगे। क्लब ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पॉजिटिव होने के बाद भी PSL खेल रहे नवाज जांच के बावजूद पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। वे मुल्तान सुल्तांस की ओर से लगातार मैच खेल रहे हैं। हाल ही में कराची में रावलपिंडी के खिलाफ मैच में उन्होंने तीन ओवर फेंके, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया। 98 टी-20 इंटरनेशनल खेल चुके नवाज अब तक पाकिस्तान के लिए 98 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। टीम के व्हाइट-बॉल सेटअप में वह नियमित खिलाड़ी रहे हैं और अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन और लोअर ऑर्डर बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। अगर जांच में एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उन्हें सस्पेंशन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

मैहर में तीन जगह आग लगी, एक मकान जला:अनाज और भूसा राख; नरवाई से फैली लपटें, ग्रामीणों ने पाया काबू

मैहर में तीन जगह आग लगी, एक मकान जला:अनाज और भूसा राख; नरवाई से फैली लपटें, ग्रामीणों ने पाया काबू

मैहर जिले में मंगलवार को आगजनी की तीन अलग-अलग घटनाओं से हड़कंप मच गया। इन घटनाओं में कहीं खेत जलकर खाक हो गए तो कहीं एक गरीब का घर राख हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों ने काबू पा लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। अमरपाटन इलाके के ओबरा गांव में खेतों में लगी नरवाई की आग ने तेज हवा के कारण विकराल रूप ले लिया और करीब 2 किलोमीटर तक फैल गई। आग की लपटें खेतों के बीच बने गोरेलाल पटेल के कच्चे मकान तक पहुंच गईं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। इस हादसे में घर में रखा अनाज, भूसा और गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। हवा के साथ कई गांवों तक पहुंची लपटें दूसरी घटना पहाड़ी मंटोलवा क्षेत्र की है। यहां भी नरवाई में लगी आग तेज हवा के कारण तेजी से बेकाबू हो गई। आग मड़ई, धनवाही और उमरी फीफरी जैसे कई गांवों के खेतों तक पहुंच गई। प्रशासन को सूचना तो दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने का इंतजार किए बिना ग्रामीणों ने खुद ही हिम्मत दिखाई। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत और पानी की मदद से लोगों ने आग को आगे बढ़ने से रोका। कब्रिस्तान के पास झाड़ियों में लगी आग तीसरी घटना मैहर शहर में कब्रिस्तान के पास हुई, जहां झाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। शहर के बीचों-बीच धुआं और लपटें देख लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वक्त रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। दहशत में ग्रामीण, घटना का कारण पता नहीं इन तीनों ही मामलों में फिलहाल आग लगने की सही वजह सामने नहीं आ पाई है। लेकिन एक ही दिन में तीन जगह लगी आग से ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल है। लगातार बढ़ती गर्मी और खेतों में सूखी नरवाई के कारण आग लगने का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन अब नुकसान का आकलन करने में जुटा है।

सुप्रीम कोर्ट बोला-जांच में ममता का दखल, लोकतंत्र को खतरा:देश में ऐसा होगा, सोचा नहीं था; ED जांच के दौरान फाइल लेकर चली गईं थीं

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सेंट्रल एजेंसी की जांच के बीच CM ममता बनर्जी के दखल को गलत ठहराया। कहा- किसी भी राज्य का सीएम ऐसा करता है जो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है। जस्टिस कुमार ने कहा- यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा जब कोई मौजूदा CM उस दफ्तर में चली जाएंगी जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही हो। दरअसल इसी साल 8 जनवरी को ED की टीम ने I-PAC हेड प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। छापेमारी के बीच ममता प्रतीक के घर पहुंच गईं थीं और कुछ दस्तावेज लेकर चली गईं। ED ने ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। ममता की तरफ से पेश वकील की 4 दलील बेंच के 4 कमेंट; इसे केंद्र बनाम राज्य का विवाद बताना सही नहीं ममता की चुनावी रणनीति बनाने वाली I-PAC का ऑफिस बंद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म ‘आई-पैक’ का कोलकाता के विधाननगर स्थित दफ्तर 20 अप्रैल से बंद है। सूत्रों के अनुसार इसके एचआर ने 1300 कर्मियों को काम पर न आने का लेटर भेजा है। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पहले चरण के मतदान को एक दिन बचे हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, तृणमूल की बूथ लेवल की गतिविधि से लेकर नेताओं की सभाएं, रैलियां, सब कुछ तय करने में I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी की अहम भूमिका निभा रही है। बंगाल में पार्टी के मौजूदा करीब 33% विधायकों के टिकट काटने के फैसले के पीछे भी इसी का सर्वे आधार था। इसने बंगाल के 93 हजार पोलिंग बूथों के लिए एक लाख शैडो एजेंट्स तैयार किए थे। तृणमूल भले ही इसके बंद होने की खबरों को खारिज कर रही है, लेकिन मतदान से ठीक पहले संगठन और कार्यकर्ता असमंजस में आ गए हैं। हालांकि भास्कर के सवाल पर पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हम संसद में दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी हैं। 5 एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। सभी ठीक हैं। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि टीएमसी संगठन 4 स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे समझें… तृणमूल के लिए आईपैक इतनी जरूरी क्यों I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। —————————————–

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सेंट्रल एजेंसी की तरफ से की जा रही जांच के बीच CM ममता बनर्जी के दखल को भी गलत ठहराया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी राज्य का सीएम ऐसा करता है जो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है। जस्टिस कुमार ने कहा- यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा जब कोई मौजूदा CM उस दफ्तर में चली जाएंगी जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही हो। दरअसल इसी साल 8 जनवरी को ED की टीम ने I-PAC हेड प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। छापेमारी के बीच ममता प्रतीक के घर पहुंच गईं थीं और कुछ दस्तावेज लेकर चली गईं। ED ने ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। ममता की चुनावी रणनीति बनाने वाली I-PAC का ऑफिस बंद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म ‘आई-पैक’ का कोलकाता के विधाननगर स्थित दफ्तर 20 अप्रैल से बंद है। सूत्रों के अनुसार इसके एचआर ने 1300 कर्मियों को काम पर न आने का लेटर भेजा है। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पहले चरण का मतदान को 3 दिन बचे हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। चुनाव प्रचार 21 को खत्म हो जाएगा। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, तृणमूल की बूथ लेवल की गतिविधि से लेकर नेताओं की सभाएं, रैलियां, सब कुछ तय करने में I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी की अहम भूमिका निभा रही है। बंगाल में पार्टी के मौजूदा करीब 33% विधायकों के टिकट काटने के फैसले के पीछे भी इसी का सर्वे आधार था। इसने बंगाल के 93 हजार पोलिंग बूथों के लिए एक लाख शैडो एजेंट्स तैयार किए थे। तृणमूल भले ही इसके बंद होने की खबरों को खारिज कर रही है, लेकिन मतदान से ठीक पहले संगठन और कार्यकर्ता असमंजस में आ गए हैं। हालांकि भास्कर के सवाल पर पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हम संसद में दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी हैं। 5 एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। सभी ठीक हैं। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि टीएमसी संगठन 4 स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे समझें… तृणमूल के लिए आईपैक इतनी जरूरी क्यों I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। —————————————–