छतरपुर में शादी के मंडप वाले दिन चोरी:दीवार तोड़कर 3 लाख के जेवर-नकदी ले गए; आरोपियों की तलाश जारी

छतरपुर जिले के ओरछा रोड थाना क्षेत्र में शादी की तैयारियों के बीच बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। ग्राम कैड़ी निवासी लल्जू श्रीवास के घर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोरों ने धावा बोल दिया, जिससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की है, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। चोर मकान के पीछे के हिस्से से आए और पक्की दीवार तोड़कर घर के अंदर प्रवेश कर गए। सुबह करीब 5 बजे जब परिजन जागे तो घर का सामान बिखरा हुआ मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। तीन तस्वीरों में देखिए पुलिस की जांच… 3 लाख के जेवर और नकदी लेकर फरार हुए चोर चोर घर में रखे मंगलसूत्र, करधनी, पायल, नथ, झुमकी सहित अन्य जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर जल्दबाजी में कुछ सामान घर से कुछ दूरी पर छोड़कर भागे हैं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में तलाशी शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बुरहानपुर में प्रदर्शनकारियों के साथ बैठे मंत्री:41 डिग्री में सिलावट और विधायक ने जमीन पर बैठकर सुनी बात; अंबेडकर का बैनर फाड़ने पर विरोध

बुरहानपुर में शनिवार को प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट के सामने समाजजनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शाहपुर के अडगांव में डॉ. अंबेडकर का बैनर फाड़ने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोग नाराज थे। मंत्री सिलावट और विधायक अर्चना चिटनिस 41 डिग्री तापमान में प्रदर्शनकारियों के साथ जमीन पर बैठ गए। वर्तमान में मंत्री ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन लोग गिरफ्तारी होने तक प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। अंबेडकर का बैनर फाड़ने पर बवाल, 24 घंटे में नहीं हुई गिरफ्तारी जल संसाधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट शनिवार को बुरहानपुर पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट में विकास सलाहकार समिति की बैठक और एक कार्यक्रम के बाद वे बाहर निकले। वहां बड़ी संख्या में लोग पहले से इकट्ठा थे। प्रदर्शनकारी शाहपुर के अडगांव में बाबा साहब अंबेडकर के बैनर को फाड़ने का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर 24 घंटे में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया था। गिरफ्तारी नहीं होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। 41 डिग्री में जमीन पर बैठे मंत्री और विधायक, दिया आश्वासन नारेबाजी कर रहे लोगों को मनाने के लिए प्रभारी मंत्री सिलावट और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस 41 डिग्री सेल्सियस की तेज गर्मी में उनके साथ जमीन पर बैठ गए। उन्होंने भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तु मेढ़े और अन्य समाजजनों को समझाया। मंत्री सिलावट ने कहा कि डॉ. अंबेडकर राष्ट्र का गौरव हैं। इस गतिविधि में जो भी लिप्त होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं, भीम आर्मी ने साफ कर दिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक वे अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को देश माफ नहीं करेगा प्रभारी मंत्री सिलावट कलेक्ट्रेट में नारी शक्ति वंदन अभियान के हस्ताक्षर कार्यक्रम में भी शामिल हुए। महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मां शक्ति का विरोध कर रहे हैं, उनका असली चेहरा सामने आ गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहे इस पवित्र कार्य का विरोध करने वालों को देश और मातृ शक्ति कभी माफ नहीं कर सकती। भ्रष्टाचार की जांच होगी, मृत मछलियों पर दिए निर्देश क्रिटिकल केयर सेंटर में सामग्री खरीदी को लेकर हुए भ्रष्टाचार के आरोपों पर मंत्री ने जांच कराने की बात कही है। पिछले दिनों तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोसेस ने सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा पर ये आरोप लगाए थे। इसके अलावा, ताप्ती नदी के राजघाट पर तीन-चार दिनों से सैकड़ों मृत मछलियां मिलने के मामले में भी मंत्री सिलावट ने संज्ञान लिया है। उन्होंने महापौर माधुरी पटेल से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
42 डिग्री तापमान में निकली रैली:महिलाओं और बच्चों को शामिल करने पर विभाग की कार्यशैली पर सवाल

उमरिया जिले के मानपुर में भीषण गर्मी के बीच निकाली गई ‘नारी शक्ति वंदन’ जागरूकता रैली ने महिला बाल विकास विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को आयोजित इस रैली में महिलाओं के साथ बच्चों को भी शामिल किया गया, जबकि उस समय तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रैली के दौरान भीषण धूप के कारण महिलाएं और बच्चे अपनी आंखें भी ठीक से नहीं खोल पा रहे थे। जिले में पिछले कई दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। 12 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच यह 39 डिग्री से बढ़कर 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। स्थानीय लोगों ने तेज धूप और गर्मी में बच्चों और महिलाओं को सड़कों पर घुमाने को उनकी सेहत के लिए जोखिम भरा बताया है। ऐसे हालात में दोपहर के समय रैली निकालना और उसमें बच्चों को शामिल करना लापरवाही माना जा रहा है। जांच के निर्देश जारी मामले की जानकारी मिलने के बाद महिला बाल विकास अधिकारी दिव्या गुप्ता ने जांच के निर्देश दिए हैं। मानपुर के परियोजना अधिकारी राज नारायण सिंह ने कहा कि रैली में केवल महिलाओं को शामिल किया गया था और बच्चे स्वयं ही शामिल हो गए थे। मौसम के आंकड़े 12 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस था, जो 13 अप्रैल को 38 डिग्री और 14 अप्रैल को 39.2 डिग्री रहा। इसके बाद 15 अप्रैल को 40.8 डिग्री, 16 अप्रैल को 41.4 डिग्री और 17 अप्रैल को 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी 17 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था।
मां को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन:कहा- मां दुपट्टा गोल कर, सांसों से गर्म कर आंखों पर लगाती थी, तो तुरंत सुकून मिल जाता था

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में मां तेजी बच्चन को याद कर भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने मां के स्पर्श और उनकी बातों पर एक ब्लॉग लिखा है। बिग बी ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘कभी-कभी जिस बात से हम परेशान होते हैं, उसमें बस एक छोटा सा बदलाव कर देने से जिंदगी बहुत आसान हो जाती है। बस उस बदलाव को सही तरह से अपनाना और लगातार करना जरूरी होता है। फिर उसके बाद जो सुकून मिलता है, वो अलग ही होता है और तब लगता है कि क्या सच में इतनी छोटी सी बात के लिए हमने इतना समय, ऊर्जा और तनाव खर्च किया था?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘और घर के आसान, देसी तरीके हमेशा सबसे बेहतर काम करते हैं। मां का वो प्यार भरा स्पर्श, उनकी बातों में छुपा भरोसा, उनका दुपट्टा गोल करके, अपनी सांसों से गर्म करके आंखों पर लगाना और तुरंत मिल जाने वाला सुकून और उनके वो शब्द- “सब ठीक हो जाएगा, बेटा।” अब वो हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उन पलों को याद करने भर से वही अपनापन, भरोसा और सुकून फिर से महसूस होने लगता है। मां सच में एक आशीर्वाद होती हैं, जिन्होंने हमें इस दुनिया में लाया।’ बता दें कि अमिताभ बच्चन, मां तेजी बच्चन से बेहद करीब थे। साल 2007 में तेजी बच्चन का 93 साल की उम्र में निधन हुआ था। अमिताभ बच्चन अक्सर अपने मां-बाबूजी से जुड़ी भावुक पोस्ट शेयर करते रहते हैं।
मां को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन:कहा- मां दुपट्टा गोल कर, सांसों से गर्म कर आंखों पर लगाती थी, तो तुरंत सुकून मिल जाता था

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में मां तेजी बच्चन को याद कर भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने मां के स्पर्श और उनकी बातों पर एक ब्लॉग लिखा है। बिग बी ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘कभी-कभी जिस बात से हम परेशान होते हैं, उसमें बस एक छोटा सा बदलाव कर देने से जिंदगी बहुत आसान हो जाती है। बस उस बदलाव को सही तरह से अपनाना और लगातार करना जरूरी होता है। फिर उसके बाद जो सुकून मिलता है, वो अलग ही होता है और तब लगता है कि क्या सच में इतनी छोटी सी बात के लिए हमने इतना समय, ऊर्जा और तनाव खर्च किया था?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘और घर के आसान, देसी तरीके हमेशा सबसे बेहतर काम करते हैं। मां का वो प्यार भरा स्पर्श, उनकी बातों में छुपा भरोसा, उनका दुपट्टा गोल करके, अपनी सांसों से गर्म करके आंखों पर लगाना और तुरंत मिल जाने वाला सुकून और उनके वो शब्द- “सब ठीक हो जाएगा, बेटा।” अब वो हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उन पलों को याद करने भर से वही अपनापन, भरोसा और सुकून फिर से महसूस होने लगता है। मां सच में एक आशीर्वाद होती हैं, जिन्होंने हमें इस दुनिया में लाया।’ बता दें कि अमिताभ बच्चन, मां तेजी बच्चन से बेहद करीब थे। साल 2007 में तेजी बच्चन का 93 साल की उम्र में निधन हुआ था। अमिताभ बच्चन अक्सर अपने मां-बाबूजी से जुड़ी भावुक पोस्ट शेयर करते रहते हैं।
Green Tea Vs Black Coffee: कन्फ्यूज न हों! तेजी से वजन कम करने के लिए ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी में से कौन है बेस्ट?

Last Updated:April 18, 2026, 13:57 IST Green Tea Vs Black Coffee: वज़न घटाने और मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाने की कोशिश में, ग्रीन टी और ब्लैक कॉफ़ी दोनों को ही सेहत के लिए अहम माना जाता है. इन दोनों के बीच के सटीक अंतर को समझना आपकी फ़िटनेस के लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. Green Tea Vs Black Coffee: वज़न घटाने के सफ़र में, सही ड्रिंक्स चुनना उतना ही ज़रूरी है जितना कि सही एक्सरसाइज़ चुनना. जब मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने की बात आती है, तो ग्रीन टी और ब्लैक कॉफ़ी दो सबसे असरदार नैचुरल चीज़ों के तौर पर सामने आती हैं. हालांकि दोनों ही वज़न घटाने में मदद करती हैं, लेकिन वे अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं. आपके फ़िटनेस लक्ष्यों के लिए कौन सा विकल्प सही रहेगा? आइए यहां जानते हैं विस्तार से… ग्रीन टी: ग्रीन टी में EGCG (एपिगैलोकैटेचिन गैलेट) नाम का एक कंपाउंड होता है, जो शरीर को फैट जलाने में मदद करता है, खासकर एक्सरसाइज़ के दौरान. इसमें कैफीन की मात्रा कम होती है और आमतौर पर इससे घबराहट या बेचैनी नहीं होती. ब्लैक कॉफी: ब्लैक कॉफी में कैफीन की मात्रा ज़्यादा होती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कैफीन एनर्जी लेवल को बढ़ा सकता है और शरीर को कैलोरी ज़्यादा तेज़ी से जलाने में मदद कर सकता है. यह एक्सरसाइज़ के दौरान फिजिकल परफॉर्मेंस को भी बेहतर बना सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google मेटाबॉलिज़्म और पाचन: कैफीन नैचुरल फैट को तोड़ने में मदद करता है. चूंकि ब्लैक कॉफी में ग्रीन टी की तुलना में ज़्यादा कैफीन होता है, इसलिए यह मेटाबॉलिज़्म को ज़्यादा असरदार तरीके से तेज़ कर सकती है और आराम करते समय भी कैलोरी जलाने में मदद कर सकती है. ग्रीन टी अलग तरह से काम करती है. इसमें कैफीन की मात्रा कम होती है और इसमें EGCG भी होता है, जो धीरे-धीरे पेट की चर्बी कम करने में मददगार हो सकता है. इसे रेगुलर पीना ही सफलता की कुंजी है. भूख पर कंट्रोल: ये दोनों ड्रिंक्स आपको पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकती हैं. ब्लैक कॉफी कुछ घंटों के लिए भूख को दबा सकती है; इसलिए, खाने से पहले इसे पीने से खाने की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है। ग्रीन टी ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करके लंबे समय तक वज़न कंट्रोल करने में मदद करती है. बहुत ज़्यादा कैफीन लेने से बेचैनी, घबराहट, नींद न आना और दिल की धड़कन तेज़ होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. दिन में देर से ब्लैक कॉफी पीने से नींद में खलल पड़ सकता है. ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा कम होती है, जिससे यह पाचन तंत्र के लिए ज़्यादा हल्की होती है और एसिडिटी या अपच से परेशान लोगों के लिए एक सही ऑप्शन है. धीरे-धीरे और लगातार वज़न कम करने के लिए, ग्रीन टी एक बेहतरीन ऑप्शन है. अगर आप अपने मेटाबॉलिज़्म को ज़्यादा तेज़ी से बढ़ाना चाहते हैं, तो ब्लैक कॉफी ज़्यादा असरदार ऑप्शन हो सकती है. First Published : April 18, 2026, 13:54 IST
इंदौर में चलती कार में लगी आग:बॉम्बे हॉस्पिटल के पास हादसा, CNG कार में शॉर्ट सर्किट की आशंका, परिवार बाल-बाल बचा

इंदौर में बांबे हॉस्पिटल के पास शुक्रवार रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना रेडिसन से बांबे हॉस्पिटल जाने वाले मार्ग की है। कार में सवार परिवार समय रहते बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। कार में मालिक, उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी और बेटी सवार थे। आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि किसी को भी चोट नहीं आई। घटना के दौरान मौके से गुजर रहे एक पानी के टैंकर ने आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई। टैंकर से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया, वरना कार पूरी तरह जल सकती थी और आसपास के लोगों के लिए भी खतरा बढ़ सकता था। वीडियो वायरल, लोग बनाते रहे क्लिप घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार के अगले हिस्से से तेज लपटें उठती नजर आ रही हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते दिख रहे हैं। सड़क पर भीड़ जमा होने से कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। CNG कार में शॉर्ट सर्किट की आशंका पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया है कि कार में CNG किट लगी हुई थी। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कार को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। तस्वीरों में देखें कार में लगी आग
गर्मियों में तरबूज खा रहे हैं? बीज भी रखिए संभालकर, सेहत बनेगी कमाल, जानिए सेवन का तरीका

Last Updated:April 18, 2026, 13:26 IST गर्मी का मौसम आते ही तरबूज हर किसी की पहली पसंद बन जाता है. यह फल न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. खास बात यह है कि इसके बीज भी उतने ही फायदेमंद होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. गर्मी के मौसम में तरबूज सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फल है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाता है बल्कि स्वाद में भी बेहद मीठा और रसदार होता है. बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसे बड़े चाव से खाता है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और लू से बचाव भी करता है. अक्सर लोग तरबूज खाने के बाद उसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वास्तव में ये बीज पोषण का खजाना होते हैं. इनमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनका नियमित सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) ने बताया कि तरबूज का फल ही नहीं, इसके बीज भी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इनमें कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं. तरबूज के फल और बीज दोनों में प्रोटीन, विटामिन ए, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. बुखार की स्थिति में तरबूज भी फायदेमंद माना जाता है. इसके छिलके को पीसकर लेप करने से बुखार और उससे होने वाली शरीर की जलन में राहत मिलती है. वहीं 10-40 मिली तरबूज के रस में चीनी और मधु मिलाकर पीने से बुखार में लाभ होता है. Add News18 as Preferred Source on Google सिर दर्द की समस्या में तरबूज का सेवन फायदेमंद माना जाता है. 30-40 मिली तरबूज के रस में मिश्री मिलाकर पीने से सिर दर्द में आराम मिलता है. पीलिया की समस्या में तरबूज फायदेमंद माना जाता है. इसके फल के रस में समान मात्रा में छाछ और स्वादानुसार नमक मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है. इसके अलावा 10-30 मिली तरबूज के रस का सेवन करने से भी पीलिया में फायदा मिलता है. उल्टी की समस्या में तरबूज का सेवन फायदेमंद माना जाता है. उल्टी को रोकने के लिए 5-10 मिली तरबूज के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से राहत मिलती है. शारीरिक कमजोरी की समस्या में तरबूज का सेवन फायदेमंद माना जाता है. इसके लिए 5-10 ग्राम तरबूज के बीज का चूर्ण बनाकर उसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर सेवन करने से कमजोरी दूर होती है और शरीर में शक्ति आती है. खुजली की समस्या में तरबूज के बीज फायदेमंद माने जाते हैं. इसके लिए तरबूज के बीज को पीसकर खुजली वाले स्थान पर लगाने से राहत मिलती है. First Published : April 18, 2026, 13:26 IST
अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर लोगों ने किया चक्काजाम:गैस एजेंसी पर सुबह से इंतजार के बाद फूटा गुस्सा

अशोकनगर जिले के तूमैंन गांव में गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को चक्का जाम कर दिया। उन्होंने सड़क पर बैठकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। यह विरोध प्रदर्शन सुबह से गैस एजेंसी पर इंतजार करने के बाद शुरू हुआ, जब एजेंसी नहीं खोली गई। ग्रामीण सुबह से ही गैस एजेंसी पर पहुंच गए थे और उन्होंने खुद ही अपने सिलेंडर रखकर कतारें बना ली थीं। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब एजेंसी नहीं खुली और सिलेंडर नहीं मिले, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनमें से कई लोगों के घरों में एक दिन बाद शादी है। एजेंसी संचालक ने एक दिन पहले आश्वासन दिया था कि शनिवार सुबह उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें टोकन भी दिए गए थे। हालांकि, काफी इंतजार के बाद भी दोपहर तक न तो एजेंसी संचालक पहुंचा और न ही सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। इस स्थिति से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। चक्का जाम के दौरान लोग कई बार रास्ते से हटे और फिर वापस बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित होता रहा।
स्पॉटिफाई ने एक साल में हटाए 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक:एआई म्यूजिक का खतरा; रोज 50 हजार ट्रैक रिलीज, वर्चुअल बैंड्स के 10 लाख श्रोता

एआई से अब टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से सेकेंड्स में गाना तैयार हो रहा है और उसे किसी भी असली सिंगर के नाम से अपलोड किया जा सकता है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग न सिर्फ व्यूज बटोर रहे हैं, बल्कि रॉयल्टी भी कमा रहे हैं। गार्डियन न्यूजपेपर के अनुसार स्पॉटिफाई पर एआई से बनाए गए फेक आर्टिस्ट्स की बढ़ती संख्या अब एक बड़े इंडस्ट्री संकट में बदल गई है। अनुमान है कि कुल स्ट्रीम्स में 5% से 10% तक फर्जी हैं, जिससे हर साल 1 से 2 अरब डॉलर तक की रॉयल्टी गलत दिशा में चली जाती है। इस तरह बन रहे एआई से गाने AI टूल (जैसे Suno, Udio) से गाना तैयार हो जाता है। डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए प्लेटफॉर्म पर अपलोड होता है। असली आर्टिस्ट का नाम टैग कर देते हैं और एल्गोरिद्म उसे उसी आर्टिस्ट के फैंस तक पहुंचा देता है। इससे नकली गानों को व्यूज मिलते हैं। द वेलवेट संडाउन- इस AI बैंड के लाखों फैन ‘द वेलवेट संडाउन’ नाम के बैंड के स्पॉटिफाई पर 10 लाख लिसनर्स हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनका म्यूजिक, प्रमोशनल इमेज और यहां तक कि उनकी पूरी बैकस्टोरी भी एआई से बनाई गई है। समस्या – रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड हो रहे म्यूजिक प्लेटफॉर्म डीजर पर रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड होते हैं। वहीं स्पॉटिफाई ने 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक हटाए हैं। एपल म्यूजिक ने 2 अरब फर्जी स्ट्रीम्स को ब्लॉक किया है। समाधान – प्लेटफॉर्म्स में आर्टिस्ट प्रोटेक्शन की तैयारी बढ़ी स्पॉटिफाई अपने प्लेटफॉर्म में Artist Profile Protection टेस्ट कर रहा है। एपल म्यूजिक ने एआई कंटेंट के लिए ट्रांसपेरेंसी टैग शुरू किए हैं।






