तेज रफ्तार वाहन ने 2 साइकिल सवारों मारी टक्कर:बुजुर्ग की मौत; युवक की हालत गंभीर, ग्रामीणों में आक्रोश

सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में 64 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे जबलपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बरोदा माल निवासी अक्तू लाल कन्हेरिया (64) मंगलवार सुबह करीब 8 बजे रविंद्र कुलस्ते नामक युवक के साथ साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। बरोदा पटरी ग्राम के समीप एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों साइकिल सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में रेफर तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने अक्तू लाल कन्हेरिया को मृत घोषित कर दिया। रविंद्र कुलस्ते की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे की वजह रफ्तार बताया जा रहा है कि यह हादसा वाहन चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण हुआ। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत और एक के गंभीर घायल होने की सूचना मिली थी। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन व चालक की तलाश जारी है।
क्या कोल्ड ड्रिंक पीने से शरीर को ठंडक मिल सकती है? इस बात में कितनी हकीकत, सभी के लिए जानना जरूरी

Last Updated:April 07, 2026, 11:12 IST Cold Drinks and Body Temperature: गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद लोग तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग गर्मी से छुटकारा पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन यह शरीर को केवल कुछ देर के लिए ठंडक देती है. शरीर के टेंपरेचर पर इसका कोई स्थायी असर नहीं पड़ता है. लंबे समय तक कोल्ड ड्रिंक का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से कुछ देर के लिए ठंडक मिलती है, लेकिन यह टेंपररी होती है. Truth About Cold Drinks and Heat: गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और अब आपको जगह-जगह कोल्ड ड्रिंक्स आसानी से मिल जाएंगी. छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़क किनारे खोखे में भी कोल्ड ड्रिंक्स खूब बेची जाती हैं. चिलचिलाती धूप से आने के बाद कोल्ड ड्रिंक पीने से लोगों को गर्मी से निजात मिलती है और वे तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग कोल्ड ड्रिंक को गर्मी कम करने वाली चीज मानते हैं और इसका जमकर सेवन करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद कुछ देर तक ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन इससे बॉडी के टेंपरेचर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता है. इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लोगों को कोल्ड ड्रिंक के बजाय देसी चीजों को चुनना चाहिए. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जब आप कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो इसका सबसे पहला असर मुंह, गले और पेट की सतह पर महसूस होता है. ठंडी ड्रिंक के संपर्क में आते ही इन हिस्सों की नसें सिकुड़ जाती हैं और दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर ठंडा हो रहा है. यही वजह है कि कुछ मिनटों के लिए ताजगी और ठंडक का अनुभव होता है. हालांकि यह अनुभव केवल कुछ मिनट के लिए होता है. शरीर के अंदरूनी तापमान पर इसका बहुत कम या कोई असर नहीं पड़ता है. यही कारण है कि कुछ समय बाद ठंडक का एहसास खत्म हो जाता है. इसके बाद फिर गर्मी सताने लगती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि हमारा शरीर नेचुरल तरीके से अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए थर्मोरगुलेशन सिस्टम अपनाता है. जब शरीर गर्म होता है, तो पसीना आता है और त्वचा की सतह से गर्मी निकलती है. जब आप ठंडी ड्रिंक पीते हैं, तो असल में यह शरीर को अंदर से ठंडा नहीं करती. शरीर ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबोलिज्म के माध्यम से तापमान को स्थिर रखने का काम करता है. इसलिए ठंडी ड्रिंक पीने से केवल शरीर की सतह पर या मुंह और गले में ठंडक का अनुभव होता है, लेकिन शरीर के अंदर का तापमान लगभग वैसा ही रहता है. इसलिए कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक बार-बार ठंडी और शुगरी ड्रिंक पीने के कई नुकसान हैं. कोल्ड ड्रिंक पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ सकती है, जिससे कभी-कभी पेट में दर्द या ऐंठन हो सकती है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है. कोल्ड ड्रिंक शुगर लेवल बढ़ा सकती है और लंबे समय में वजन बढ़ने का खतरा रहता है. कोल्ड ड्रिंक के बजाय गर्मी में राहत पाने के लिए ठंडा पानी या नींबू पानी पिएं. यह शरीर को हाइड्रेट और ताजगी देने के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है. तरबूज, खीरा और खट्टे फल खाएं. इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है और शरीर को ठंडक मिलती है. गर्मी में हल्के और सूती कपड़े पहनें. इससे आपको कम गर्मी लगेगी. सूप या हर्बल ड्रिंक पिएं, जिससे शरीर को पोषण मिलेगा और गर्मी से राहत मिलेगी. ये विकल्प न केवल ठंडक देते हैं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड और स्वस्थ भी बनाए रखते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 11:12 IST
खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन के ओझरा गांव के किसानों ने एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की है। किसानों का कहना है कि रास्ता संकरा होने के कारण खेतों में खड़ी तैयार फसल को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। किसानों के अनुसार, रास्ते के एक तरफ पत्थरों का ढेर लगा दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ खुदाई कर दी गई है। इस वजह से रास्ता इतना संकरा हो गया है कि मिनी ट्रक और हार्वेस्टर जैसे बड़े वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले इस रास्ते का उपयोग बड़े वाहनों के लिए आसानी से होता था, लेकिन अब केवल बैलगाड़ी ही निकल पाती है। किसानों ने कसरावद तहसीलदार को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्हें अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया है। किसान रुपेश पटेल ने बताया कि उनकी फसल खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन वाहनों की पहुंच न होने के कारण वे उपज को बाहर नहीं ला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रास्ता पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। एक किसान ने मेड़ की तरफ पत्थर की पाल खड़ी कर दी है, जबकि एक अन्य किसान ने मेड़ किनारे 3 फीट चौड़ी और 2 फीट गहरी खुदाई कर दी है, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस दौरान राजेश पटेल, विक्रम पटेल, राकेश पटेल, दिनेश पटेल, राहुल पटेल, निर्मल पटेल, हेमंत पटेल सहित कई अन्य किसान मौजूद थे। सभी किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग का समर्थन किया।
वृंदावन में मोहन भागवत ने संत के पैर छुए:संत मलूक दास के जयंती उत्सव में शामिल हुए, रामदेव ने समाधि के दर्शन किए

संत मलूक दास की आज 452वीं जयंती है। वृंदावन के मलूक पीठ में उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे हैं। मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। भागवत ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। योग गुरु बाबा रामदेव भी संत मलूक दास की जयंती में पहुंचे। उन्होंने संत की समाधि के दर्शन-पूजन किए। सीएम योगी दोपहर ढाई बजे पहुंचेंगे। हालांकि, उनकी मोहन भागवत से मुलाकात नहीं होगी, क्योंकि तब तक संघ प्रमुख कार्यक्रम से जा चुके होंगे। कृष्ण भक्त संत मलूक दास का जन्म कौशांबी में खत्री परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। यहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई, जिसे मलूक पीठ के नाम से जाना जाता है। संत का गोलोक गमन (मृत्यु) वृंदावन में हुआ, जहां उनकी समाधि बनी हुई है। संत मलूक दास का अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम दोहा सबसे मशहूर हुआ। इसका अर्थ है कि अजगर किसी की नौकरी नहीं करता, पक्षी काम नहीं करता, लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो राम जी सबका भला करते हैं। तस्वीरें देखिए- संत मलूक दास की जयंती पर कार्यक्रम से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
गर्मियों में 5 मसाले बन सकते हैं शरीर के लिए ‘जहर’, थाली से आज ही करें आउट, वरना पड़ेगा पछताना

Last Updated:April 07, 2026, 10:25 IST Harmful Spices In Summer : गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है. हम अपनी हर चीज की देखभाल कर रहे हैं. स्किन से लेकर कपड़े, जूते और खाने पीने तक में ऐसी में ऐसी चीजें शामिल कर रहे हैं जो हमें फायदा पहुचाए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके किचन के डिब्बे में रखे कुछ मसाले इस चिलचिलाती गर्मी में आपके शरीर के लिए ‘स्लो पॉइजन’ का काम कर सकते हैं? आयुर्वेद और साइंस दोनों कहते हैं कि हर मौसम का अपना खान-पान होता है. SpicesTo Avoid In Summer : हम भारतीय बिना मसालों के खाने की कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन जो मसाला सर्दियों में आपको गर्माहट देकर बचा रहा था, वही इस वक्त आपके पेट में ‘आग’ लगा सकता है. सबसे पहले बात करते हैं ‘लाल मिर्च’ की. चटपटा खाना किसे पसंद नहीं? लेकिन लाल मिर्च की तासीर बहुत गर्म होती है. गर्मियों में इसे ज्यादा खाने से सीने में जलन और पेट में अल्सर का खतरा बढ़ जाता है, साथ ही शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है. अब बात करते हैं ‘अदरक और सोंठ’ की. सर्दियों में अदरक वाली चाय जान बचाती थी, लेकिन गर्मियों में सोंठ या बहुत ज्यादा कच्चा अदरक आपके लिए मुसीबत बन सकता है. इसकी तासीर बेहद गर्म होती है. गर्मी में इसके ज्यादा सेवन से नाक से खून आना (नकसीर) या पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर आप चाय के शौकीन हैं, तो इस मौसम में अदरक की मात्रा कम से कम रखने की कोशिश करें. ‘लहसुन’ वैसे तो औषधीय गुणों की खान है और दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इसमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है. गर्मियों में ज्यादा लहसुन खाने से शरीर में आंतरिक गर्मी बढ़ती है और पसीने में दुर्गंध की समस्या भी हो जाती है. इसके अलावा, यह आपके एसिड रिफ्लेक्स को ट्रिगर कर सकता है, जिससे रात में सोते समय बेचैनी और गले में जलन महसूस हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google ‘काली मिर्च’ को हम अक्सर हेल्दी मानकर हर चीज में डाल देते हैं, लेकिन गर्मियों में यह आंखों और पेट पर भारी पड़ सकती है. काली मिर्च शरीर में ‘पित्त’ को बढ़ाती है. अगर आप गर्मियों में इसका ज्यादा सेवन करते हैं, तो आपको त्वचा पर रैशेज, मुँहासे और गले में खराश की समस्या हो सकती है. इसे सूप या सलाद में केवल नाममात्र के लिए ही इस्तेमाल करना इस मौसम में बेहतर होता है. तो फिर सवाल उठता है कि इस मौसम में क्या खाएं? प्रकृति ने हमें गर्मियों के लिए बेहतरीन विकल्प दिए हैं. सौंफ, जीरा और धनिया जैसे मसाले इस मौसम में ‘सुपरफूड’ की तरह काम करते हैं. सौंफ एक नेचुरल कूलेंट है जो पेट की जलन को शांत करती है, जबकि जीरा डाइजेशन को सुधार कर शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है. इनका पानी पीना भी गर्मी में बहुत फायदेमंद है. इसके अलावा, ताजी हरी धनिया और पुदीना को अपनी डाइट का अनिवार्य हिस्सा बनाएं. पुदीना न केवल आपको लू से बचाता है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को भी ताजगी देता है. सूखे धनिया पाउडर का इस्तेमाल ग्रेवी में करने से सब्जी की तासीर ठंडी रहती है. ये छोटे-छोटे बदलाव आपको गर्मी के साइड इफेक्ट्स से बचा सकते हैं और आपकी एनर्जी लेवल को भी बनाए रखते हैं. याद रखिए कि आयुर्वेद के अनुसार गर्मी का मौसम ‘पित्त’ बढ़ाने वाला होता है. अगर आप गर्म मसालों पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो चिड़चिड़ापन और पेट की बीमारियां आपको घेर लेंगी. इसलिए, इस सीजन में अपनी डाइट को ‘लाइट और कूल’ रखें. स्वाद से ज्यादा अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और आज ही अपनी रसोई के उन ‘गर्म’ मसालों पर थोड़ा कंट्रोल शुरू करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : April 07, 2026, 10:24 IST
2 रुपये की यह गोली किडनी कर सकती है खराब ! ऐसे मरीज भूलकर भी न करें गलती, रिसर्च में बड़ा खुलासा

Last Updated:April 07, 2026, 10:16 IST Statins and Kidney Health: कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर्स आमतौर पर स्टैटिन्स दवाएं देते हैं. ये दवाएं खून में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करती हैं. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है. कुछ रिसर्च बताती हैं कि ये दवाएं किडनी के लिए भी फायदेमंद होती हैं. हालांकि लंबे समय तक स्टैटिन यूज करने से किडनी डिजीज का रिस्क भी बढ़ सकता है. कोलेस्ट्रॉल की दवा स्टैटिन्स का लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी डिजीज का रिस्क बढ़ा सकता है. Do Statins Affect Your Kidneys: आजकल हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं. जब कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तब डॉक्टर्स मरीजों को रोज स्टैटिन दवा लेने की सलाह देते हैं. स्टैटिन्स दवाओं का इस्तेमाल खून में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए किया जाता है. ये दवाएं कोलेस्ट्रॉल कम करने और हार्ट डिजीज से बचाने में बेहद असरदार मानी जाती हैं. खास बात यह है कि स्टैटिन्स की कीमत काफी कम होती है. इन दवाओं की पूरी स्ट्रिप आपको 20-25 रुपये में मिल जाती है. ये दवाएं लिवर में जाकर उस एंजाइम को रोकती हैं, जो कोलेस्ट्रॉल बनाने में जिम्मेदार होता है. इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिजीज के हाई रिस्क मरीजों को अक्सर स्टैटिन्स लिखी जाती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कोलेस्ट्रॉल घटाने के अलावा स्टैटिन्स शरीर को कई अन्य तरीकों से फायदा पहुंचाती हैं. इनमें से एक किडनी की सुरक्षा है. एक रिसर्च में पता चला है कि जिन लोगों में जिनको पहले से किडनी की समस्या है, उन्हें स्टैटिन्स लेने से किडनी के कामकाज को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. कई स्टडी बताती हैं कि स्टैटिन्स का उपयोग किडनी डिजीज की प्रोग्रेस को धीमा कर सकता है और एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) जैसी घटनाओं के जोखिम को कम कर सकता है. अधिकतर रिसर्च और क्लीनिकल ट्रायल स्टैटिन्स को सुरक्षित और फायदेमंद बताते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक एक स्टडी में दावा किया गया कि कई सालों तक स्टैटिन्स लेने से किडनी की समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है. इस अध्ययन में 40,000 से अधिक मरीजों का 8.4 साल तक अध्ययन किया गया और तुलना की गई कि कौन स्टैटिन्स ले रहा था और कौन नहीं. अध्ययन में यह पाया गया कि स्टैटिन्स लेने वालों में तीन प्रकार की किडनी की समस्याएं ज्यादा थीं. इनमें एक्यूट किडनी इंजरी का खतरा 30% ज्यादा पाया गया. क्रोनिक किडनी डिजीज का रिस्क 36% ज्यादा देखने को मिला और नेफ्राइटिस या रीनल स्क्लेरोसिस का जोखिम 35% अधिक पाया गया. यह जोखिम केवल बीमारियों वाले मरीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ लोगों में भी क्रोनिक किडनी डिजीज का संबंध पाया गया. स्टैटिन्स के फायदे कई रिसर्च में साबित हो चुके हैं, जबकि कुछ स्टडी में इसे लॉन्ग टर्म के लिए रिस्की भी माना गया है. क्लीनिकल ट्रायल आमतौर पर केवल कुछ सालों के लिए होते हैं और इनमें स्टैटिन्स के शॉर्ट टर्म फायदे दिखाई देते हैं. जब लोग इन दवाइयों को दस साल या उससे अधिक समय तक रोजमर्रा की ज़िंदगी में लेते हैं, तो किडनी पर दीर्घकालिक प्रभाव अलग हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि स्टैटिन्स सीधे किडनी डिजीज का कारण हैं, बल्कि इससे कनेक्शन जुड़ा हुआ है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 10:16 IST
हिमाचल में लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन सिंयूर पुल टूटा:रावी नदी में समाया, कई गांवों का कटा संपर्क, 4 करोड़ से हो रहा था निर्माण

हिमाचल प्रदेश के चंबा में आज सुबह लैंडस्लाइड से एक निर्माणाधीन पुल टूट गया। भरमौर और होली क्षेत्र को जोड़ने वाला सिंयूर पुल रावी नदी में समा गया। इसके बाद क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस पुल का निर्माण पिछले 2 वर्षों से किया जा रहा था। लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल के दोनों छोर पर स्टील की रैलिंग का काम पूरा हुआ था। अगले कुछ महीनों में इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद थी। 200 फीट ऊंचाई तक उड़े धूल के गुबार इससे पहले ही आज करीब आठ बजे पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें पुल पर गिर गईं। इससे पुल का एक कोना नदी में समा गया। लैंडस्लाइड के बाद जोर-जोर से आवाजें सुनाई दीं और 200 फीट ऊंचाई तक धूल के गुबार उड़े। बड़े वाहनों के लिए बनाया जा रहा था लोहे का पुल इस पुल का निर्माण बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। इसके साथ ही एक अन्य लकड़ी का पुल है, जिस पर केवल छोटे वाहनों की आवाजाही होती है। दुर्गम क्षेत्र भरमौर में खड़ामुख-होली मार्ग बंद होने पर इस पुल का वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। मानसून सीजन में एक महीने तक इसी पुल से चला ट्रैफिक बीते मानसून सीजन में खड़ामुख-होली सड़क बंद होने के बाद एक महीने तक लकड़ी के पुल से ट्रैफिक चला था। मगर अब पुल बंद होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। लैंडस्लाइड से पश्चिम बंगाल का दंपत्ति घायल बता दें कि पहाड़ों पर बीते एक सप्ताह से बारिश हो रही है। इससे जगह जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल रही है। बीते सोमवार दोपहर बाद भी लाहौल के मोसूमा थेतुप कुरकुर में पहाड़ी से बड़ा पत्थर गिरने के बाद सीधा HP-01-KA-3006 नंबर गाड़ी पर गिरा। इस हादसे में कार में सवार पश्चिम बंगाल के दंपती मनोजित सिंह रॉय और उनकी पत्नी पॉलिनी सिंघा घायल हो गए, जबकि ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है। घायल दंपती को केलांग अस्पताल में प्राथमिक उपाचर के बाद कुल्लू रेफर कर दिया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। मनाली में भी चचोगा के पास सड़क धंस गई। इससे वाहन चालकों के साथ राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल्लू-मनाली में कई जगह मानसून से पहले ही इस तरह जमीन धंसने और लैंडस्लाइड की घटनाएं पेश आ रही है।
सेहत के लिए खजाना है मां दुर्गा का प्रिय गुड़हल का फूल, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन से भरपूर, इन बीमारियों के लिए फायदेमंद

Last Updated:April 07, 2026, 09:37 IST आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, गुड़हल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से ही इसका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. गुड़हल का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. इसका काढ़ा या चाय बनाकर पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और दिल स्वस्थ रहता है. गुड़हल में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इससे सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों से बचाव होता है. ख़बरें फटाफट गोंडा: गांव-देहात से लेकर शहरों तक घरों में आसानी से मिलने वाला गुड़हल का फूल सिर्फ पूजा-पाठ में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है खास तौर पर मां दुर्गा को यह फूल बहुत प्रिय है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह खूबसूरत लाल फूल कई बीमारियों में प्राकृतिक दवा की तरह काम करता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, गुड़हल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से ही इसका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मददगार गुड़हल का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. इसका काढ़ा या चाय बनाकर पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और दिल स्वस्थ रहता है. गुड़हल में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इससे सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों से बचाव होता है.गुड़हल का फूल त्वचा और बालों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है. इसका पेस्ट या तेल बालों में लगाने से बाल मजबूत और घने होते हैं. वहीं, चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आता है और दाग-धब्बे कम होते हैं. वजन कम करने में सहायक जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए भी गुड़हल फायदेमंद है. इसकी चाय पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती है. गुड़हल का सेवन पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज और अपच को दूर करने में मदद करता है यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. वायरल इन्फेक्शन के दौरान अक्सर बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द होता है. गुड़हल की चाय पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है. यह शरीर को अंदर से शांत और ऊर्जा देने का काम करता है. गुड़हल में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण होते हैं, जो गले की खराश और खांसी में राहत देते हैं. इसका काढ़ा या चाय पीने से गले को आराम मिलता है. जान लें उपयोग का तरीका डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि गुड़हल का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. इसके फूलों को सुखाकर चाय बनाई जा सकती है. इसके अलावा पत्तियों और फूलों का पेस्ट बनाकर बालों और त्वचा पर लगाया जा सकता है. कुछ लोग इसका काढ़ा बनाकर भी पीते हैं. हालांकि गुड़हल के कई फायदे हैं, लेकिन इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. खासकर गर्भवती महिलाएं या कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें Location : Gonda,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 09:37 IST
IPL में आज MI-RR के बीच मुकालबा मैच:30 सिक्स पूरे करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन को भी पीछे छोड़ा

IPL में आज का मुकाबला इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। आज मैच में सभी की निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी, जो IPL में अपने 30 सिक्स पूरे करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने गेंद के मामलों में ईशान किशन को भी पिछे छोड़ दिया है। CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। हालांकि, गुजरात टाइटंस के खिलाफ पिछले मैच में वो 18 गेंद पर 31 रन ही बना सके। वैभव के IPL में 30 सिक्स पूरे वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 30 सिक्स पूरे कर लिए हैं। वे 19 साल या उससे कम उम्र में सबसे तेजी से इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सिर्फ 157 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया। ऋषभ पंत और ईशान किशन ने भी 30-30 सिक्स लगाए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेलें। वैभव ने सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की थी चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था वहीं, GT के खिलाफ वैभव ने अपनी पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था। वहीं, सिराज के चौथे गेंद पर भी वैभव ने चौका जड़ा, पहले ओवर में 2 चौके जड़े। जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी का कैच छूट गया था। उनके हाथ से छूटी कैच चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। वैभव ने 18 गेंद पर 31 रन बनाए। IPL में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। वे पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय की ओर से आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था।
चाय की चाननी की सफाई: 5 रुपए में होगी सफाई, काम आएगा ये देसी तरीका; कोई अन्य घिसने की जरूरत नहीं

7 अप्रैल 2026 को 09:26 IST पर अद्यतन किया गया गंदी चाय छलनी की सफाई: रोजाना चाय बनाने वाली छलनी कुछ ही दिनों में काली और गंदी हो जाती है। चाय की बोतल और दूध में स्पष्ट रूप से जैम होता है, जिससे इसे साफ करना मुश्किल लगता है। कई लोग इसे घिसाते हैं, फिर भी बिल्कुल साफ नहीं होते। लेकिन एक आसान और सस्ता देसी तरीका है, जिससे आपकी चाय की चन्नी बिना ज्यादा मेहनत के चमकने लगेगी और वो भी सिर्फ करीब 5 रुपये में- अनुसरण करना : चाय की पत्ती जाल में जाम हो जाती है। दूध और पानी की परत बन जाती है। ऐसे में रोजाना इस्तेमाल से पेस्ट को सख्त किया जाता है। इसके लिए 1 चम्मच सिरका, 1 सोडा सोडा और 1-2 सिरका सिरका या नींबू चाहिए। छवि: फ्रीपिक एक पॉश्चर में पानी गरम करें और इसमें सोडा डालें। अब चाय की छलनी उस पानी में डाल दे। इसके बाद 5-10 मिनट तक स्मोकिंग डे। छवि: फ्रीपिक गैस बंद करके सिरका या लेबल लगाएं। 2-3 मिनट बाद छलनी हटा लें। अब आप देख रहे हैं कि मच्छर खुदी ही गोदाम अरेस्ट लगी है। छवि: फ्रीपिक इसके बाद दांतों से ब्रश या स्पूल से धो लें और साफ पानी से धो लें। बिना ज्यादा मेहनत के आपकी चन्नी बिल्कुल साफ और चमकदार होगी। छवि: फ्रीपिक सप्ताह में 1 बार ऐसा करने से चन्नी हमेशा साफ रहेगी। इसका उपयोग तुरंत बाद धोने की आदत डालें। बहुत आम होने का इंतज़ार न करें, बाकी छलनी में से विघटन व्यवसाय। छवि: फ्रीपिक इस आसान देसी तरीके से आप अपनी चाय की छलनी को बिना घिसे, कम खर्च में और जल्दी साफ कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 7 अप्रैल 2026 08:57 IST पर






