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भोपाल में गोमांस से भरे कंटेनर मामले में चालान पेश:SIT के चालान में भी मांस गाय का होने की पुष्टि, 56 दिन बाद गुपचुप तरीके से पेश किया

भोपाल में गोमांस से भरे कंटेनर मामले में चालान पेश:SIT के चालान में भी मांस गाय का होने की पुष्टि, 56 दिन बाद गुपचुप तरीके से पेश किया

भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने गोमांस से भरे कंटेनर पकड़ाने के मामले में एसआईटी ने चालान पेश कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के 56 दिन बाद गुरुवार को गुपचुप तरीके से चालान पेश किया गया। एसआईटी की जांच में भी मांस गाय का ही होने की पुष्टि हुई है। दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को गोमांस से भरा कंटेनर मिला था। जिसमें 26 टन से अधिक गोमांस अलग-अलग पैकेट में भरा था। मांस से भरे कंटेनर को जय मां भवानी हिंदू संगठन के प्रमुख भानू हिंदू और उनकी टीम ने पकड़ा था। मांस की सैम्पलिंग मथुरा की लैब में कराई गई। 5 जनवरी को आई सैंपल रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया था। इस रिपोर्ट में मांस गाय का ही होने की पुष्टि हुई थी। यह मांस भोपाल के जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकला था। जिसका संचालन असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा करता था। 7 जनवरी को असलम और कंटेनर के ड्राइवर शोएब की गिरफ्तारी की गई थी। 265 क्विंटल मांस से 5 डिब्बों में लिए सैंपल चालान के मुताबिक कंटेनर को रोककर जांच के दौरान पैकेट में मांस मिला था। जहांगीराबाद के तत्कालीन थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने एफआईआर दर्ज की। 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया है। 18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्‌द्दीन को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया। पुलिस ने जो सैंपल कंटेनर में मिले मांस के लिए थे, उन्हें पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा को भेजे। संदिग्ध मांस के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी मिल गई। जिसमें मांस में गोमांस (SAMPLE BELONG TO COW OR IT’S PROGENY) का होना सामने आया। जल्दबाजी में पेश किया चालान जेल में बंद आरोपी स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा और उसके ड्राइवर शोएब के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य के न्यायालय में पांच सौ पृष्ठ का चालान पेश किया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने जल्दबाजी में अधूरा चालान पेश किया है। मथुरा के लैब की जांच रिपोर्ट तो चालान के साथ पेश की गई है, लेकिन हैदराबाद के लैब की जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई। हंगामे के बाद थाने में हुआ था प्रदर्शन गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए। स्लॉटर हाउस का संचालक असलम चमड़ा कुरैशी का होना पाया गया। इसके बाद निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस ने ली। ड्राइवर शोएब पिता कमालउ‌द्दीन निवासी थाना खरखोदा मुस्कान पब्लिक स्कूल के पास इकबाल नगर हुमायूं नगर मेरठ (यूपी) से पूछताछ की गई। उसने माल असलम का होने की पुष्टि की। आगे की जांच के बाद पुलिस ने संचालक असलम चमड़ा, ड्राइवर शोएब व अन्य के विरुद्ध मप्र गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 और 9, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धार 61 (2) के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने माना कि गोवंश का वध कर उसके मांस को षड्यंत्रपूर्वक परिवहन किया जा रहा था। वेटनरी डॉक्टर ने बताया था- भैंसें कटी इस पूरे मामले में वेटनरी डॉ. गौर को सस्पेंड किया गया है। इसी डॉक्टर ने 17 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में प्रमाणित किया था कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब दो सप्ताह में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया। इसके बाद मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी गई। मांस की इसी खेप से पुलिस ने जो सैंपल लिए, उनमें गोमांस की पुष्टि हुई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्लॉटर हाउस में या तो गायों का वध हुआ या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाणन किया गया। ये खबरें भी पढ़ें… 26 टन गो-मांस पर अफसर बोले- ले-देकर केस निपटाओ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 टन गोमांस की तस्करी के मामले ने पूरे प्रशासनिक अमले को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी असलम चमड़ा को पुलिस ने रिमांड पर ले लिया है। उससे यह जानने की कोशिश की कि 260 गायों के बराबर यह मांस आखिर आया कहां से? पढ़ें पूरी खबर… गोमांस तस्करी केस में नया खुलासा, भानू-राजेश का ऑडियो भोपाल के बर्खास्त रेलकर्मी राजेश तिवारी का एक और ऑडियो सामने आया है। इसे जारी किया है भानू हिंदू ने। दावा किया गया है कि दूसरी तरफ आवाज राजेश तिवारी की है, जिसमें भानू हिंदू से बातचीत करते हुए मामले में असलम चमड़ा के मामले में सेटलमेंट की कोशिश की जा रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Phalsa Health Benefits: गर्मी में फालसा खाने के फायदे

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Last Updated:March 06, 2026, 23:22 IST Phalsa Health Benefits: गर्मियों में फालसा का सेवन न सिर्फ लू और गर्मी से बचाता है, बल्कि पाचन, डायबिटीज, दिल की सेहत और इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है. इसे आप ताजा खा सकते है या इसका जूस बनाकर भी पी सकते हैं. ख़बरें फटाफट गर्मी के मौसम में सबसे बड़ी समस्या लो एनर्जी और डिहाइड्रेशन की होती है. इसलिए ऐसे फलों और सब्जियों को खाना जरूरी हो जाता है, जो शरीर को ठंडक और एनर्जी देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाव में भी मददगार हो. फालसा ऐसा ही एक फल है. फालसा का सेवन न सिर्फ लू और गर्मी से बचाता है, बल्कि पाचन, डायबिटीज, दिल की सेहत और इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है. फालसा का वैज्ञानिक नाम ग्रेविया एशियाटिका है. यह भारत के शुष्क और अर्द्धशुष्क इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है. फालसा में पोषक तत्वअमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस के अनुसार, फालसा में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. इसमें कैलोरी और फैट बहुत कम होते हैं. मैग्नीशियम, पोटेशियम, सोडियम और प्रोटीन भी मौजूद रहते हैं. ये सभी तत्व मिलकर फालसा को एक शक्तिशाली इम्युनिटी बूस्टर बनाते हैं. फालसा के फायदे गर्मियों में फालसा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को अंदर से ठंडक देता है, लू लगने से बचाता है और पसीने के कारण होने वाली कमजोरी को दूर करता है. इसका रस एक प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है. आयुर्वेद के अनुसार, खून की कमी या एनीमिया में पके फालसे का सेवन लाभकारी है. त्वचा की जलन, पेट में जलन, पित्त विकार, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन संबंधी समस्याओं में भी यह रामबाण साबित होता है. फालसा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, कब्ज और दस्त दोनों को नियंत्रित करता है. यह तन मन दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह कई गंभीर रोगों से बचाव में भी सहायक होता है. कैसे करें सेवनखास बात है कि फालसा को ताजा खाया जा सकता है, इसका जूस बनाया जा सकता है या चाट-सलाद में भी डाला जा सकता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है, इसलिए कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में खाने से एलर्जी या पेट की हल्की परेशानी हो सकती है. इसलिए पहले थोड़ी मात्रा में आजमाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 06, 2026, 23:22 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

‘मैं उनकी उंगली काट देता’: सीईसी ज्ञानेश कुमार पर टिप्पणी से कल्याण बनर्जी का विवाद | राजनीति समाचार

Jemimah Rodrigues has scored a fifty against Australia (Picture credit: X @BCCIWomen)

आखरी अपडेट:मार्च 06, 2026, 21:04 IST तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त को धमकी देकर विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति उनके व्यवहार की आलोचना की। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की फाइल फोटो। (पीटीआई फाइल फोटो) तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी ने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के बारे में एक टिप्पणी कर विवाद पैदा कर दिया। “धरना मंचो” में समर्थकों को संबोधित करते हुए बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया और कहा, “सीईसी ने ममता बनर्जी के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया, अगर वह सीईसी नहीं होते तो मैं उस दिन उनकी उंगली काट देती।” इससे पहले, 1 मार्च को, बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन से जुड़े मामलों को सुलझाने में देरी पर चिंता जताई थी और कहा था कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद लाखों मामले अभी भी लंबित हैं। पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित लगभग 60 लाख मामले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 21 फरवरी को इन मामलों से निपटने के लिए न्यायाधीशों के स्तर पर निर्णायक अधिकारियों की नियुक्ति का निर्देश दिया था। हालाँकि, उन्होंने कहा कि प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। बनर्जी ने कहा, “60 लाख मामले न्यायनिर्णय के अधीन हैं। हालांकि 21 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों को निपटाने के लिए न्यायाधीश स्तर पर न्यायनिर्णयन अधिकारियों की नियुक्ति का निर्देश दिया था… आज तक, उस निर्देश को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन एक भी न्यायनिर्णयन नहीं हुआ है। इसे तत्काल, दैनिक रूप से करने की आवश्यकता है, और नियमित रूप से सूचित और अपलोड किया जाना चाहिए।” यह बयान भारत के चुनाव आयोग द्वारा राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी करने के तुरंत बाद आया। आयोग के अनुसार, दिसंबर 2025 में मतदाता सूची का मसौदा जारी होने के बाद फॉर्म 7 का उपयोग करके 5,46,053 मतदाताओं को हटा दिया गया था। संशोधन अभ्यास के बाद, पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की कुल संख्या 7,04,59,284 (7.04 करोड़) है, जबकि संशोधन से पहले यह 7,66,37,529 (7.66 करोड़) थी। यह मतदाता सूची में 61 लाख से अधिक नामों की कमी को दर्शाता है। पहले प्रकाशित: मार्च 06, 2026, 16:34 IST समाचार राजनीति ‘मैं उनकी उंगली काट देता’: कल्याण बनर्जी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कल्याण बनर्जी विवाद(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)मुख्य चुनाव आयुक्त(टी)ममता बनर्जी(टी)धरना मंचो(टी)कोलकाता में विरोध(टी)सीईसी टिप्पणी(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में तीसरी प्रॉपर्टी खरीदी:₹35 करोड़ में 2.67 एकड़ जमीन की डील हुई; अयोध्या में 90 करोड़ का निवेश कर चुके

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में तीसरी प्रॉपर्टी खरीदी:₹35 करोड़ में 2.67 एकड़ जमीन की डील हुई; अयोध्या में 90 करोड़ का निवेश कर चुके

बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने राम मंदिर की जन्मभूमि अयोध्या में एक और बड़ी प्रॉपर्टी खरीदी है। उन्होंने ‘हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ (HoABL) से 2.67 एकड़ जमीन खरीदी है। इस सौदे की कीमत 35 करोड़ रुपए है। कंपनी ने 6 मार्च को इस निवेश की आधिकारिक जानकारी दी है। अयोध्या में अमिताभ बच्चन का यह तीसरा बड़ा निवेश है। यह जमीन 75 एकड़ की ‘द सरयू’ परियोजना के पास स्थित है। अमिताभ की कंपनी ‘AB Corp Ltd’ के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश यादव ने इस पूरी डील को फाइनल किया है। अभिनंदन लोढ़ा ग्रुप के साथ अमिताभ बच्चन का यह कुल चौथा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट है। पिछले डेढ़ साल में खरीदे तीन प्लॉट अमिताभ बच्चन अयोध्या में लगातार निवेश कर रहे हैं। इससे पहले मई 2025 में उन्होंने ‘द सरयू’ के पास ही 40 करोड़ रुपए में 25,000 वर्ग फुट का एक प्लॉट खरीदा था। वहीं, साल 2024 में उन्होंने इसी प्रोजेक्ट में 14.5 करोड़ रुपए में 10,000 वर्ग फुट का प्लॉट लिया था। मंदिर नगर में अब तक वे जमीन पर करीब 90 करोड़ रुपए खर्च कर चुके हैं। विरासत के रूप में देख रहे हैं जमीन इस निवेश पर ‘हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा, अमिताभ बच्चन का निवेश जमीन को एक ऐसी संपत्ति के रूप में देखने के हमारे भरोसे को दिखाता है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी वैल्यू बनाए रखती है। अयोध्या में आस्था और विरासत का मेल है। बुनियादी ढांचे के विकास के कारण यह शहर निवेश के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। अलीबाग में 10 करोड़ रुपए का निवेश कर चुके अयोध्या के अलावा बिग बी ने अलीबाग की ‘सोल दे अलीबाग’ परियोजना में भी 10 करोड़ रुपए निवेश किए हैं। वहां उन्होंने 10,000 वर्ग फुट की जमीन खरीदी है। अलीबाग के इसी प्रोजेक्ट में बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन और कार्तिक आर्यन ने भी अपने प्लॉट खरीदे हैं। 5 साल में 4.5 गुना बढ़ी कीमतें अयोध्या में जमीन की कीमतों में पिछले 5 साल में बड़ा उछाल आया है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और राम मंदिर निर्माण के बाद सरयू नदी के तट और राम मंदिर कॉरिडोर के आसपास जमीन के रेट साल 2020 से 2025 के बीच 4.5 गुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं।

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में 2.67 एकड़ जमीन खरीदी:15 मिनट की दूरी पर राम मंदिर; BIG B का यहां तीसरी बड़ी संपत्ति

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में 2.67 एकड़ जमीन खरीदी:15 मिनट की दूरी पर राम मंदिर; BIG B का यहां तीसरी बड़ी संपत्ति

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में फिर जमीन खरीदी है। इस बार उन्होंने 2.67 एकड़ यानी 4.27 बीघा जमीन खरीदी है। इसकी कीमत करीब 35 करोड़ रुपए है। यह प्रॉपर्टी मुंबई बेस्ड डेवलपर ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ (HoABL) से ली गई है। कंपनी के मुताबिक, शुक्रवार को जमीन की रजिस्ट्री हुई। जमीन 75 एकड़ में बन रहे लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ के पास और राम मंदिर से महज 15-20 मिनट की दूरी पर है। डील की प्रक्रिया AB कॉर्प लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश यादव के जरिए की गई। अयोध्या में अमिताभ बच्चन का यह तीसरा और कंपनी में चौथा इन्वेस्टमेंट है। कब-कब जमीनें खरीदी देखिए 2 तस्वीरें.. जनवरी, 2024 में 86 लाख की 2 बीघा जमीन खरीदी थी अमिताभ बच्चन ने इससे पहले अयोध्या में 31 जनवरी, 2024 को 2 बीघा (करीब 5,069 वर्ग मीटर) जमीन खरीदी थी। इसकी कीमत 86 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई थी। अमिताभ ने यह जमीन अपने पिता हरिवंश राय बच्चन के मेमोरियल ट्रस्ट के नाम पर ली थी। अमिताभ बच्चन का यह प्लॉट तिहुरा मांझा इलाके में स्थित है। यहां से राम मंदिर की दूरी करीब 7 किलोमीटर है, यानी उन्हें मंदिर पहुंचने में लगभग 15-20 मिनट लगेंगे। 9 फरवरी 2024 को अमिताभ बच्चन रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे थे। उस समय उन्होंने कहा था- अब अयोध्या आना-जाना लगा रहेगा। मैं हमेशा छोरा गंगा किनारे वाला हूं। सरयू किनारे बस रही 75 एकड़ में कॉलोनी लोढ़ा ग्रुप की कॉलोनी सरयू नदी के किनारे बस रही है, जिसका नाम ‘द सरयू’ रखा गया है। यह कॉलोनी करीब 75 एकड़ में फैली हुई है। 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहली बार अमिताभ बच्चन के यहां जमीन खरीदने की चर्चा सामने आई थी। उस समय अभिनंदन लोढ़ा ग्रुप के प्रतिनिधि ने बताया था कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी इस कॉलोनी में जमीन लेने वाले हैं। उस दौरान अमिताभ बच्चन के जमीन खरीदने की खबरें काफी सुर्खियों में रहीं। कहा गया था कि उन्होंने करीब 10,000 वर्ग फीट का प्लॉट लिया है, जिसकी कीमत लगभग 14.5 करोड़ रुपए बताई गई थी। द सरयू प्रोजेक्ट का कुछ ऐसा है लेआउट… अभिनंदन लोढ़ा को जानिए… अभिनंदन लोढ़ा ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा के फाउंडर और चेयरमैन हैं, जो देश में प्लॉटेड डेवलपमेंट और लैंड प्रोजेक्ट्स के लिए जानी जाती है। वे रियल एस्टेट टाइकून मंगल प्रभात लोढ़ा के बेटे हैं। उनके बड़े भाई अभिषेक लोढ़ा मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा ग्रुप) का नेतृत्व करते हैं। कुछ साल पहले परिवार के बिजनेस का अलग-अलग संचालन तय हुआ, जिसके बाद अभिनंदन ने अपनी अलग कंपनी शुरू की। पिछले चार साल में ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ ने 150 एकड़ जमीन अधिगृहीत की है। कंपनी महाराष्ट्र में दापोली और अलीबाग, अयोध्या और गोवा में बड़े पैमाने पर डिलीवरी की तैयारी कर रही है। उत्तर प्रदेश में भी भारी निवेश किया जा रहा है। 3 हजार करोड़ के निवेश के साथ अयोध्या में बदलाव ला रहे हैं। सिर्फ अयोध्या के लिए 1,200 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी की एक प्रमुख परियोजना द सरयू है। यह 75 एकड़ का लग्जरी प्रोजेक्ट है, जिसमें भारत का पहला पूरी तरह शाकाहारी 5 स्टार होटल भी शामिल है। इसका मैनेजमेंट होटल चेन ‘द लीला’ की तरफ से किया जा रहा है। हर साल 5.75 करोड़ श्रद्धालु आते हैं सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या में हर साल करीब 5.75 करोड़ श्रद्धालु आते थे। वहीं जनवरी से जून 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर करीब 23 करोड़ तक पहुंच गई। अनुमान है कि 2026 के अंत तक यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 करोड़ से भी ज्यादा हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर 85 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च पिछले कुछ सालों में अयोध्या में सड़कों, रेलवे, एयरपोर्ट और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर 85 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया है। इसी वजह से अयोध्या अब सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट निवेश का बड़ा केंद्र भी बनती जा रही है। कंपनी चेयरमैन बोले-जमीन एक पीढ़ियों की विरासत हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा- अयोध्या में जमीन केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि पीढ़ियों तक सुरक्षित रहने वाली विरासत है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ती कनेक्टिविटी के कारण यहां लंबे समय के निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। ———————————- ये खबर भी पढ़िए… यूपी में बिक रहा मिलावटी तेल, 38 कंपनियों को नोटिस:6 करोड़ का सरसों का तेल जब्त; खाने से हो सकती है दिल की बीमारी यूपी में खाने के तेल में बड़े पैमाने पर मिलावट हो रही है। सरसों के तेल में घटिया तेल मिलाया जा रहा है। रंग और झाग के लिए केमिकल मिलाकर बनाया और बेचा जा रहा। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग (FSDA) की कार्रवाई में हुआ है। FSDA की जांच के दौरान कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए। उन्नाव और मुजफ्फरनगर में FIR दर्ज की गई है। 38 तेल कंपनियों और फर्मों को नोटिस जारी किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

वर्षा उसगांवकर समेत 5 एक्ट्रेस से ₹47 लाख की ठगी:प्रोड्यूसर के खिलाफ केस दर्ज; प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर फंसाया, पैसे मांगने पर धमकी दी

वर्षा उसगांवकर समेत 5 एक्ट्रेस से ₹47 लाख की ठगी:प्रोड्यूसर के खिलाफ केस दर्ज; प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर फंसाया, पैसे मांगने पर धमकी दी

तिरंगा और दूध का कर्ज जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम करने वाली एक्ट्रेस वर्षा उसगांवकर लाखों की धोखाधड़ी का शिकार हो गई हैं। ऊषा के अलावा 4 अन्य एक्ट्रेसेस से भी धोखाधड़ी की गई है। जिसके बाद फिल्म निर्माता और बिल्डर अविनाश जाधव के खिलाफ मुंबई में शिकायत दर्ज की गई है। आरोप हैं कि अविनाश जाधव ने निवेश की आड़ में इन एक्ट्रेसेस से 47 लाख रुपए की ठगी की है। मराठी फिल्म और थिएटर एक्ट्रेस मृणालिनी सुभाष जांभले भी इन पीड़ितों में शामिल हैं। उन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस में अविनाश जाधव के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। मुनाफे का लालच देकर ठगे पैसे शिकायत के अनुसार, आरोपी अविनाश जाधव लंबे समय से इन एक्ट्रेसेस को जानता था। जाधव ने खुद को एक बड़ा बिल्डर और फिल्म प्रोड्यूसर बताया था। उसने एक्ट्रेसेस को डोंबिवली स्थित एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में निवेश करने पर कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का लालच दिया। उसने वादा किया था कि एक साल के अंदर ही वह पूरी मूल राशि लौटा देगा। नवंबर 2019 से फरवरी 2020 के बीच एक्ट्रेसेस ने निवेश करना शुरू कर दिया। मृणालिनी जांभले, वर्षा उसगांवकर और तीन अन्य लोगों ने मिलकर चेक और ऑनलाइन पेमेंट से कुल 47 लाख रुपए जाधव को दिए थे। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए जाधव ने 4 लाख 52 हजार रुपए वापस भी किए, लेकिन इसके बाद उसने पैसे देना बंद कर दिया। जाधव ने नंबर बदला और धमकी दी पीड़ित एक्ट्रेसेस का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने के लिए संपर्क किया, तो आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर और पता बदल लिया। काफी तलाश के बाद जब एक्ट्रेसेस डोंबिवली पहुंचीं और उससे अपना हक मांगा, तो जाधव ने उन्हें धमकी दी। उसने साफ कह दिया कि वह पैसे नहीं लौटाएगा, जिसे जो करना है कर ले। इसके बाद ठगी का एहसास होने पर एक्ट्रेसेस ने पुलिस स्टेशन जाकर एफआईआर दर्ज कराई। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में केस दर्ज शिवाजी पार्क पुलिस ने आरोपी अविनाश जाधव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह और कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया है। पुलिस जल्द ही आरोपी को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। फिल्मों में अभी भी एक्टिव हैं वर्षा उसगांवकर वर्षा उसगांवकर 90 के दशक की पॉपुलर एक्ट्रेस रही हैं। उन्होंने ‘हनीमून’, ‘तिरंगा’, ‘सोने की जंजीर’ और ‘घर आया मेरा परदेसी’ जैसी कई बड़ी हिंदी फिल्मों में काम किया है। हिंदी के साथ-साथ वह मराठी सिनेमा का भी जाना-माना नाम हैं और आज भी फिल्मों और सीरियल्स में काफी सक्रिय हैं।

रोहतक में बॉलीबुड सिंगर पर भड़के नवीन जयहिंद:बादशाह को भांडशाह बताया, बोले-लड़कियों को लेकर गाने में भरी अश्लीलता

रोहतक में बॉलीबुड सिंगर पर भड़के नवीन जयहिंद:बादशाह को भांडशाह बताया, बोले-लड़कियों को लेकर गाने में भरी अश्लीलता

बॉलीवुड सिंगर एवं रैपर बादशाह के आए नए गाने टटीरी को लेकर रोहतक में नवीन जयहिंद भड़क गए। उन्होंने कहा कि गाने में हरियाणा रोडवेज की बस का प्रयोग किया गया है। साथ ही लड़कियों से स्कूल ड्रेस में बस के ऊपर डांस करवाया गया है, जो गलत है। गाने में काफी अश्लीलता परोसी गई है, जिसको लेकर सभी लोगों को आवाज उठानी चाहिए। नवीन जयहिंद ने रैपर बादशाह को भांडशाह कहते हुए कहा कि हरियाणा रोडवेज की बस का प्रयोग एक गाने में रैपर बादशाह ने किया है, जिसके ऊपर लड़कियों को सरकारी स्कूल की ड्रेस में नचाया है। साथ ही गाने के बोल भी अश्लील है, जिसको लेकर तुरंत हरियाणा सरकार को हस्तक्षेप करते हुए बादशाह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। विधानसभा में उठानी चाहिए आवाज नवीन जयहिंद ने कहा कि विधानसभा का सत्र चला हुआ है। ऐसे में विपक्ष के विधायकों को विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाना चाहिए। हरियाणा की बहन बेटियों के लिए एक व्यक्ति द्वारा अश्लील शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिसके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। लड़कियों के फोन आए, रोने लगी नवीन जयहिंद ने कहा कि 3-4 लड़कियों के फोन आए है, जो फोन पर रोने लगी। लड़कियों ने बताया कि रास्ते में कुछ युवक उन्हें गाना गाकर छेड़ रहे हैं। क्योंकि गाने में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है। गाना बनाने वाले बेवकुफ नहीं है, जानबुझकर हरियाणा की लड़कियों को लेकर यह गाना बनाया गया है। परिवहन मंत्री को लेना चाहिए संज्ञान नवीन जयहिंद ने कहा कि हरियाणा रोडवेज की बस का प्रयोग गाने में किया गया, इस मामले में परिवहन मंत्री अनिल विज को संज्ञान लेना चाहिए। उनके विभाग की बस को कोई कैसे अश्लील गाने के लिए प्रयोग कर रहा है। कल को कोई अश्लील फिल्म बनाकर हरियाणा रोडवेज को बदनाम कर सकता है। शिक्षामंत्री करवाए मामले में जांच नवीन जयहिंद ने कहा कि इस मामले में शिक्षामंत्री को भी जांच करवानी चाहिए कि कौन से स्कूल की लड़कियों को स्कूल ड्रेस में बस के ऊपर नचाया गया है। यह गाने की वीडियो कहा शूट की गई है, इसको लेकर भी जांच होनी चाहिए। साथ ही सभी सरपंच, विधायक, नेता व मंत्रियों के साथ सामाजिक संगठनों को भी आवाज उठानी चाहिए।

परचून की दुकान चलाने वाले की बेटी IAS बनी:शामली की आस्था जैन की UPSC में 9वीं रैंक; पिछले साल IPS में सिलेक्ट हुई थीं

परचून की दुकान चलाने वाले की बेटी IAS बनी:शामली की आस्था जैन की UPSC में 9वीं रैंक; पिछले साल IPS में सिलेक्ट हुई थीं

UPSC ने सिविल सर्विस एग्‍जाम 2025 का फाइनल रिजल्‍ट जारी कर दिया है। इसमें यूपी के शामली की 23 साल की आस्था जैन को 9वीं रैंक मिली है। आस्था ने 2024 में UPSC क्वालीफाई किया था। 131 वीं रैंक पाकर वो IPS बनी थीं। हैदराबाद में IPS की ट्रेनिंग से छुट्‌टी लेकर सिविल सर्विस की पढ़ाई की। सेल्फ स्टडी के दम पर ये मुकाम पाया। आस्था का परिवार कांधला में रहता है। उनके पिता किराने की दुकान चलाते हैं। मां हाउस वाइफ हैं। परिवार में तीन बहनें और एक भाई है। इनमें आस्था दूसरे नंबर पर हैं। बड़ी बहन डॉक्टर हैं, जबकि तीसरे नंबर की बहन भी MBBS कर रही है। IPS बनने से पहले आस्था ने कुछ समय के लिए दिल्ली में कोचिंग भी की थी। इसके बाद उन्होंने सेल्फ स्टडी की। मां ममता जैन ने बताया- बेटी इससे पहले भी 2 बार यूपीएससी क्वालीफाई कर चुकी है। पहले प्रयास में उसने 131वीं रैंक पाई थी। दूसरे प्रयास में 186वीं रैंक पाई। अब तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया में 9वीं रैंक आई है। यूपीएससी के फाइनल रिजल्ट में यूपी के 20 से ज्यादा छात्र सिलेक्ट हुए हैं। गोंडा के कार्तिकेय सिंह की 269वीं रैंक, लखनऊ के आदर्श पांडेय की 347वीं रैंक और जौनपुर के शुभम सिंह चंदेल की 378वीं रैंक आई है। 5 साल में यूपी के 95 छात्र IAS बने हैं। 2 तस्वीरें देखिए… UPSC सिविल सर्विस एग्‍जाम 2025 के फाइनल रिजल्‍ट में 958 कैंडिडेट्स अलग-अलग सर्विसेज के लिए चयनित हुए हैं। कुल 180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित हुए हैं। IFS के लिए 55 कैंडिडेट्स का चयन हुआ है। वहीं, 150 IPS चुने गए हैं। UPSC रिजल्ट से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे दिए गए ब्लाग से गुजर जाइए…

कर्नाटक में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध से आंध्र के साथ राजनीतिक जुबानी जंग शुरू | राजनीति समाचार

Jemimah Rodrigues has scored a fifty against Australia (Picture credit: X @BCCIWomen)

आखरी अपडेट:मार्च 06, 2026, 14:56 IST इस मुद्दे ने दो दक्षिणी राज्यों के बीच नए सिरे से राजनीतिक खींचतान शुरू कर दी है, जिसने सबसे पहले नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को प्रतिबंधित करने के विचार को हरी झंडी दिखाई थी। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया. (छवि: न्यूज18) भले ही कर्नाटक और आंध्र प्रदेश बच्चों में डिजिटल लत और उनके सीखने और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव पर बढ़ती चिंता को संबोधित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे ने दो दक्षिणी राज्यों के बीच एक ताजा राजनीतिक टकराव पैदा कर दिया है कि किसने सबसे पहले नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को प्रतिबंधित करने के विचार को हरी झंडी दिखाई थी। दोनों राज्य मानते हैं कि मामले के मूल में स्मार्टफोन के युग में बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य और युवा दिमागों पर सोशल मीडिया की बढ़ती पकड़ है। यह बहस तब शुरू हुई जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2026-27 के लिए अपना रिकॉर्ड 17वां राज्य बजट पेश करते हुए घोषणा की कि सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए कदम उठाएगी। सिद्धारमैया ने क्या कहा सिद्धारमैया ने बजट पेश करते हुए कहा, “बच्चों पर बढ़ते मोबाइल उपयोग के प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने हाल ही में बच्चों के बीच डिजिटल निर्भरता में चिंताजनक वृद्धि के बारे में चिंता जताई थी और चेतावनी दी थी कि अनियंत्रित गैजेट का उपयोग छात्रों के व्यवहार, ध्यान देने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। 22 फरवरी को, सिद्धारमैया ने कर्नाटक राज्य उच्च शिक्षा परिषद में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ एक बैठक के दौरान, 16 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों के लिए मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की पहुंच को प्रतिबंधित करने पर उनके विचार मांगे। ऑस्ट्रेलिया और अन्य पश्चिमी देशों जैसे देशों का उदाहरण देते हुए, जिन्होंने बच्चों के बीच सोशल मीडिया के उपयोग को विनियमित करना शुरू कर दिया है, सिद्धारमैया ने तर्क दिया कि अत्यधिक गैजेट का उपयोग छात्रों के व्यवहार और सीखने के पैटर्न को चिंताजनक तरीके से आकार देना शुरू कर रहा है। आंध्र की योजना 24 फरवरी को, आंध्र प्रदेश सरकार ने अपनी विधानसभा को बताया कि वह भी स्कूली छात्रों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग को विनियमित करने के लिए कानून का अध्ययन कर रही है। गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को विनियमित करने, झूठे प्रचार पर अंकुश लगाने और बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन सामग्री से बचाने के तरीकों की जांच करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति पहले ही दो बार मिल चुकी है और कर्नाटक और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में अपनाए गए नीतिगत उपायों की जांच कर रही है। गृह मंत्री के अनुसार, राज्य ने अब तक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित 1,384 मामले दर्ज किए हैं, जिसमें 1,067 लोगों को गिरफ्तार किया गया और अदालतों में पेश किया गया। शब्दों का राजनीतिक युद्ध इस मुद्दे ने जल्द ही राजनीतिक मोड़ ले लिया, आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने सुझाव दिया कि यह विचार सबसे पहले उनके राज्य में प्रस्तावित किया गया था। लोकेश ने लिखा, “नकल चापलूसी का सबसे गंभीर रूप है। यह देखकर खुशी हुई कि कर्नाटक 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है – एक विचार जिसे हमने पहले आंध्र प्रदेश में युवा दिमागों को डिजिटल दुनिया के अंधेरे पक्ष से बचाने के लिए प्रस्तावित किया था। कभी-कभी अच्छे विचार तेजी से आगे बढ़ते हैं।” लोकेश ने यह भी कहा कि सरकार सोशल मीडिया तक आयु-उपयुक्त पहुंच सुनिश्चित करने और इसके हानिकारक प्रभावों को कम करने के लिए कानूनी ढांचे का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर भरोसा टूट रहा है। बच्चे इसका लगातार उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनका ध्यान और शिक्षा प्रभावित हो रही है। महिलाओं को लगातार ऑनलाइन दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।” प्रस्तावित प्रतिबंध के साथ-साथ, सिद्धारमैया के बजट में छात्र कल्याण को मजबूत करने के उद्देश्य से उपायों की भी रूपरेखा दी गई है। सरकार ने कहा कि छात्रों के बीच मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए 204 ब्लॉक संसाधन केंद्रों में से प्रत्येक में एक योग्य मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता नियुक्त किया जाएगा। कर्नाटक ने जागरूकता अभियानों, परामर्श केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में सख्त अनुशासन के माध्यम से परिसरों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए कदमों की भी घोषणा की। इसके अलावा, सरकार ने कहा कि वह विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए रोहित वेमुला अधिनियम बनाएगी और छात्रों के बीच नेतृत्व और लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव आयोजित करेगी। अंडर-13 के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव जल्द ही लागू किया जाएगा: आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश विधानसभा में बोलते हुए, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सरकार 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया की पहुंच को प्रतिबंधित करने के कदमों पर विचार कर रही है। आईटी मंत्री नारा लोकेश द्वारा सुझाए गए एक प्रस्ताव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही अगले 90 दिनों के भीतर 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया तक पहुंचने से रोकने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार 13-16 आयु वर्ग के लिए संभावित नियमों पर भी चर्चा कर रही है और व्यापक सहमति के आधार पर निर्णय लेगी। नायडू ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि बच्चे सोशल मीडिया से नकारात्मक रूप से प्रभावित न हों और आश्वासन दिया कि उनकी भलाई की रक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 06, 2026, 14:55 IST समाचार राजनीति कर्नाटक में बच्चों

खिलचीपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर परिषद टीम से विवाद:युवक ने पावड़ा उठाकर कर्मचारियों को डराने की कोशिश की

खिलचीपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर परिषद टीम से विवाद:युवक ने पावड़ा उठाकर कर्मचारियों को डराने की कोशिश की

राजगढ़ के खिलचीपुर में शुक्रवार को नगर परिषद की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। नगर परिषद के राजस्व उप निरीक्षक राजेन्द्र दांगी कर्मचारियों और जेसीबी मशीन के साथ चौराहे पर स्थित नेहरू बाल उद्यान के सामने लगी गुमटियों को हटाने पहुंचे थे। टीम ने अतिक्रमणकारियों से पहले स्वयं अपनी गुमटियां हटाने के लिए कहा, लेकिन इसी दौरान एक युवक ने कर्मचारियों को डराने के लिए पावड़ा उठा लिया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शिकायत के बाद युवक को थाने में बैठा लिया गया। नेहरू बाल उद्यान के सामने हुई कार्रवाई नगर परिषद की टीम शुक्रवार को नेहरू बाल उद्यान के सामने सड़क किनारे लगी गुमटियों को हटाने पहुंची थी। टीम के साथ नगर परिषद के कर्मचारी और जेसीबी मशीन भी मौजूद थी। अधिकारियों ने पहले गुमटी संचालकों से कहा कि वे स्वयं अपनी गुमटियां हटा लें, ताकि उन्हें नुकसान न हो। युवक ने पावड़ा उठाकर किया विवाद कार्रवाई के दौरान एक युवक ने अचानक पावड़ा उठा लिया और कर्मचारियों को डराने की कोशिश करने लगा। युवक के इस व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ने की आशंका के बीच नगर परिषद के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के बाद युवक को थाने में बैठा लिया गया। जेसीबी से हटाई गईं गुमटियां नगर परिषद की टीम ने कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से कुछ गुमटियों को हटाकर जब्त किया। वहीं कई दुकानदारों ने कार्रवाई शुरू होते ही अपनी गुमटियां खुद ही हटाना शुरू कर दिया, ताकि उनका सामान खराब न हो। कार्रवाई को लेकर उठे सवाल इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर परिषद की कार्रवाई केवल नेहरू बाल उद्यान के सामने तक ही सीमित रही, जबकि शहर के कई प्रमुख स्थानों पर लंबे समय से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण फैला हुआ है। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण स्थानीय लोगों के अनुसार तहसील चौराहा, इमली स्टैंड, छापीहेड़ा नाका, बस स्टैंड, झालावाड़ नाका और सोमवारिया क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी जमीन पर गुमटियां रखी हुई हैं। कई जगह इन गुमटियों को किराए पर भी दिया जा रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि नगर परिषद कार्यालय के सामने ही कुछ दुकानदारों ने 10 फीट की दुकानों को बढ़ाकर करीब 30 फीट तक कर लिया है, लेकिन वहां अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अनुमति लेकर दुकान लगाने का दावा इसी बीच उत्तर प्रदेश निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने फरवरी माह में 4500 रुपए जमा कर नगर परिषद से दुकान लगाने की अनुमति ली थी। इसके लिए उन्हें रसीद भी दी गई थी। लेकिन शुक्रवार को अचानक उनकी अनुमति निरस्त कर दी गई, रसीद फाड़ दी गई और पैसे वापस कर दिए गए। इसके साथ ही उनसे तुरंत गुमटी हटाने के लिए कहा गया। दुकानदारों ने उठाई वैकल्पिक व्यवस्था की मांग दुकानदारों का कहना है कि यदि नगर परिषद को अतिक्रमण हटाना ही था, तो पहले उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था देनी चाहिए थी। अचानक कार्रवाई से उनका रोजगार संकट में पड़ गया है और कई परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। रंग पंचमी के बाद होगी बड़ी कार्रवाई नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) देवनारायण दांगी ने बताया कि जिस युवक ने कार्रवाई के दौरान विवाद किया था, उसके खिलाफ थाने में आवेदन दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन दुकानों की शिकायत मिली थी, उन्हें हटाया गया है। CMO के अनुसार जल्द ही शहर में मुनादी कराई जाएगी और रंग पंचमी के बाद पूरे शहर में फैले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।