केरल चुनाव 2026: केरल विधानसभा चुनाव के कुल, 883 उम्मीदवार मैदान में, कल वोट से पहले जान सहयोगी सब

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रत्न यू.के. केलकर ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए नौ अप्रैल को होने वाले मतदान के सभी हिस्से पूरे कर लिए गए हैं, जिसमें 883 दावेदार राज्य के 2.71 करोड़ का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे। केलकर ने बताया कि राज्य में 30,495 मतदान केंद्र स्थापित किये गये हैं. उन्होंने बताया कि इनमें 24 सहायक मतदान केंद्र भी शामिल हैं, संविधान आवश्यकता सूची के विशेष गहन पुनीक्षण (एसआईआर) के बाद पोस्ट किया गया। केलकर के अनुसार, केरल के कासरगोड, कब्लॉकर, पलक्क, मलप्पुरम और एर्नाकुलम में नए मतदान केंद्र की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन वोटिंग वोटिंग में 352 का ऑपरेशन महिलाएं और 37 का ऑपरेशन डायलॉग लोग शामिल होंगे। केलकर के, 140 वितरण और संग्रह केंद्र स्थापित किये गये हैं और मैटपैटर्न की गिनती 140 ‘स्ट्रांग रूम’ में की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘चुनाव प्रक्रिया के प्रबंधन के तहत, हमने 1.46 लाख प्रशिक्षण चुनाव अधिकारियों की स्थापना की है। ‘कानून-व्यवस्था द्वारा बनाए गए भंडार और प्लास्टिक वोटिंग के लिए 76,000 पुलिस और सेंट्रल सीलिंग की स्थापना की गई है।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)कन्नूर(टी)कासरगोड(टी)पलक्कड़(टी)रतन यू. केलकर(टी)मलप्पुरम(टी)एर्नाकुलम(टी)केरल चुनाव(टी)केरल चुनाव 2026(टी)कन्नूर(टी)मलप्पुरम(टी)रतन यू केलकर(टी)कन्नूर(टी)केरल चुनाव 2026(टी)के बॉलर(टी)कासरगोड(टी)पलक्क(टी)रत्न यू केलकर(टी)मलप्पुरम(टी)एर्नाकुलम(टी)केरल चुनाव(टी)केरल चुनाव 2026
तरबूज के बीज के फायदे: तरबूज खाने के बाद कैसे देते हैं बीज? कई सौ रुपये किलो बिकती हैं ये सीड्स, जानें फायदे और सेवन का सही तरीका

तरबूज के बीज खाने के स्वास्थ्य लाभ: गर्मी का मौसम आते ही हर घर में तरबूज खूब खाया जाता है। लेकिन अक्सर हम एक बड़ी गलती कर देते हैं। क्या आप जानते हैं कि ये छोटे-छोटे बीज स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक होते हैं और बाजार में कई जगहों पर ये तरबूज़ों में बिकते भी हैं? तो जानें कि तरबूज के बीज क्यों इतने खट्टे होते हैं और कैसे खाएं जाएं। तरबूज के बीज के फायदे प्रोटीन से परिपूर्ण तरबूज के बीज में अच्छी मात्रा में प्रोटीन होता है, जो शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। दिल के लिए पागल इन कणों में मैग्नीशियम होता है, जो दिल को स्वस्थ रखता है और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। स्कार्फ और बालों के लिए अच्छा है तरबूज के बीजों में ड्रैगन और आयरन पाए जाते हैं, जो त्वचा को ग्लो ब्लॉक करते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं। पाचन औषधि में इनमें से जो पाचन तंत्र बेहतर काम करता है और कब्ज की समस्या को कम करता है। इम्यूनिटी की कीमतें हैं तरबूज के बीज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होते हैं। कैसे करें सेवन? सुखकर अस्तित्व तरबूज के टुकड़े को धोकर धूप में सुखा लें। अनइंस्टॉल के बाद ऐसे ही खा सकते हैं। भूनकर स्थिर फ़्रैफ़ेक्ट मॉडल नमक स्टूडियो को भून लें। ये एक बस्तर बस्टबस्ट बन जाता है। पाउडर का प्रयोग करें छोटे टुकड़ों को पीसकर पाउडर बना लें और इसे दूध या टोकरे में मिलाकर पिलाया जा सकता है। कुक या सब्जी में डालो आप ऐसे ही केक या सब्जी में रोबोट भी खा सकते हैं। किन बातों का रखें प्रबंध? अधिक मात्रा में सेवन न करें, मात्रा में ही स्थिर। हमेशा साफ और अच्छे से सुखाए हुए बीज ही इस्तेमाल करें। अब जब भी आप स्टारस्टॉल, उसके क्रिस्टल को क्रिएशन की गलती न करें। ये छोटे-छोटे बीज आपकी सेहत के लिए बहुत स्वादिष्ट हैं और आसानी से आपकी सेहत का हिस्सा बन सकते हैं। यह अवश्य पढ़ें: कच्चे आम की चटनी: घर पर कच्चे कच्चे आम की खट्टी-मीठी चटनी, ही सब कहेंगे मूल्यवान; नोट करें सबसे आसान तरीका अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
'फेक रिफंड स्कैम' से ठगी के दो मामले दर्ज:मंडला में अपराधी फर्जी SMS भेजकर पैसे वापस मंगाकर कर रहे धोखाधड़ी

मंडला जिले में साइबर ठगी के हाल के मामलों के बाद पुलिस ने आम जनता के लिए चेतावनी जारी की है। अपराधी ‘फेक रिफंड स्कैम’ का सहारा लेकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग पहले फोन कर बताते हैं कि गलती से आपके खाते में पैसे ट्रांसफर हो गए हैं। इसके बाद फर्जी एसएमएस या स्क्रीनशॉट भेजकर पैसे आने का भ्रम पैदा किया जाता है। फिर भावनात्मक दबाव डालकर तुरंत रकम वापस भेजने के लिए कहा जाता है। पुलिस ने हाल ही में दो मामले दर्ज पहले मामले में एक दुकानदार को फर्जी बैंक मैसेज भेजकर 50 हजार रुपए लौटवाए गए। दूसरे मामले में बैंक में काम करने वाली महिला को 9 हजार रुपए लौटाने के लिए फंसाया गया, जबकि उसके खाते में कोई पैसा आया ही नहीं था। पुलिस ने जारी किया अलर्ट एसपी रजत सकलेचा ने लोगों से कहा कि केवल एसएमएस या स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें। पहले अपने बैंक बैलेंस की पुष्टि करें और किसी भी अनजान कॉल या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिफंड या खाते में पैसे जमा होने के लिए कभी भी ओटीपी साझा करने की जरूरत नहीं होती। किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, मंडला पुलिस हेल्पलाइन 7049141561 या साइबर क्राइम की बेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।
उमरिया में सुबह से तेज बारिश, गेंहू की फसलें बर्बाद:कटाई में देरी और रंग फीका पड़ने से भाव गिरने की आशंका

उमरिया में बुधवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। बूंदाबांदी के बाद तेज बारिश के कारण गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे किसान चिंतित हैं। फसल कटाई में देरी और गेहूं का रंग फीका पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पाली क्षेत्र में भी सुबह से हो रही बारिश जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में बुधवार सुबह 5 बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई, जो बाद में तेज बारिश में बदल गई। सुबह 8:30 बजे तक बारिश की तीव्रता और बढ़ गई। पाली क्षेत्र में भी सुबह से तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दूध पहुंचाने वाले भी रेनकोट पहनकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। मौसम में आए इस बदलाव से जिले में ठंडक बढ़ गई है। किसान बोले-बारिश से गेहूं की फसलों का रंग होगा खराब बारिश से किसान विशेष रूप से चिंतित हैं। किसान गुड्डा ने बताया कि इस बारिश से सभी फसलों पर असर पड़ेगा, खासकर गेहूं की फसल का रंग खराब हो जाएगा। इससे बाजार में गेहूं का सही भाव नहीं मिल पाएगा। सुबह से आसमान में बादल भी छाए हुए हैं। जिले में 8 अप्रैल को लगभग 3 घंटे में 2.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। तापमान में भी गिरावट आई है; जहां 7 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं 8 अप्रैल को यह 19.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अधिकारी रजनीश यादव के मुताबिक, जिले में बूंदाबांदी जारी रह सकती है।
5 घंटे तालाब में छिपा रहा 400 चोरियों का मास्टरमाइंड:कमल की डंठल से लेता रहा सांस, AC कोच से महिला का पर्स खींचकर भागा था

जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतरराज्यीय चोर के बीच मंगलवार शाम फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी खितौला रेलवे स्टेशन के पास एक काई से भरे तालाब में कूद गया। वह करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि वह सांस लेने के लिए कमल की डंठल (कमल-नाल) का सहारा लेता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से उसे दबोच लिया गया। घटना रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है। एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी आरपीएफ (RPF) की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागने लगा। आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो वह खितौला के एक गहरे और काई से भरे तालाब में जा कूदा। रात के अंधेरे और घनी शैवाल के कारण वह पुलिस की आंखों से ओझल हो गया। तीन विजुअल से समझें घटनाक्रम आरोपी ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू शुरू किया तो पाया कि आरोपी पानी की सतह पर नहीं है। शातिर चोर ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया था। केवल एक पाइपनुमा कमल-नाल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई के बीच से ढूंढ़ निकाला। देखिए दो तस्वीरें पुराने फोटो ने खोली पोल, ‘सनी’ नाम सुनते ही उगली असलियत गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया, लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को कुछ शक हुआ। उन्हें याद आया कि 2018 में उन्होंने एक वाॅन्टेड चोर का फोटो मोबाइल फोन में सेव किया था। जैसे ही उन्होंने आरोपी को उसके पुराने नाम सनी से पुकारा। आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत उगल दी। यूपी के बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका जांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी का असली नाम हरविंदर सिंह है। उसकी उम्र 32 साल है। वह यूपी के बिजनौर का रहने वाला है। वह अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है। 2018 में 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे 2018 में आरोपी के पास से 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे। उसने अवंतिका एक्सप्रेस ट्रेन से एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और कैश भी चोरी किया था। वह हमेशा एसी कोच को निशाना बनाता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता। बिना टिकट सफर करता था। 8 राज्यों की पुलिस को थी तलाश हरविंदर के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और मुंबई समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था। कभी कोई पहचान-पत्र साथ नहीं रखता था। फिलहाल, जबलपुर पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य वारदातों के सिलसिले में पूछताछ कर रही है। ………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी मध्य प्रदेश के खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी हो गई है। बंगला परिसर में बने स्टोर रूम से अज्ञात चोर ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड उड़ा ले गए हैं। वारदात 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात की है। इसका खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ है। पढ़ें पूरी खबर
रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला:मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज

मुरैना में रेत माफिया ने अवैध परिवहन पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। बदमाशों ने वन रक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि अवैध रेत परिवहन की सूचना पर वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। वन रक्षक हरकेश गुर्जर रोकने के लिए आगे बढ़े तो विनोद ने उनको कुचल दिया। फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकला। पास ही बने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी विनोद कोरी की तस्वीरें कैद हुई हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। देखिए, 7 तस्वीरें… इलाके में पुलिस फोर्स तैनात कलेक्टर जांगिड़ ने दैनिक भास्कर से फोन पर चर्चा में बताया कि उन्होंने घटना स्थल का मुआयना किया है। पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देने के निर्देश दिए हैं। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा, ‘दिमनी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है।’ नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त ये खबर भी पढ़ें… तहसीलदार को कुचलने की कोशिश, कार को टक्कर मारी शहडोल में अवैध रेत खनन रोकने गए तहसीलदार पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। ब्यौहारी में बदमाशों ने तहसीलदार शनि द्विवेदी की सरकारी बोलेरो को जानबूझकर टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की। इसके बाद सड़क पर रेत फैलाकर अफसर की जान और खतरे में डाल दी। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। पढे़ं पूरी खबर…
ग्रामीण इलाकों में आम सा दिखने वाला मकोय का पौधा, पेट की गंभीर बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट की सलाह पर करें उपयोग

Last Updated:April 08, 2026, 08:16 IST वैद्य वेद प्रकाश पांडेय बताते हैं कि मकोय का पौधा लीवर से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है. पीलिया के मरीजों को इसका उपयोग करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा यह पेट से जुड़ी दिक्कतों जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी राहत देता है. यह पौधा आमतौर पर गांव में नजर आता है. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. खेतों और आसपास के इलाकों में आसानी से मिलने वाला मकोय का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे लंबे समय से घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. मकोय को कई जगह काकमाची भी कहा जाता है. इसके छोटे-छोटे काले फल और हरे पत्ते होते हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है. मकोय लीवर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी में इसका इस्तेमाल पुराने समय से घरेलू इलाज के रूप में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसके पत्तों का रस या काढ़ा बनाकर पीते हैं, जिससे लीवर को साफ करने और उसकी कार्यक्षमता बेहतर करने में मदद मिलती है. मकोय में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकालने में सहायक होते हैं. मकोय पेट से जुड़ी समस्याओं में भी काफी लाभकारी माना जाता है. आजकल बदलती खानपान की आदतों की वजह से गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें आम हो गई है, ऐसे में मकोय एक आसान घरेलू उपाय बन सकता है. लोग इसके पत्तों का साग बनाकर खाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. यह पेट को साफ रखने में सहायक होता है और कब्ज की समस्या को धीरे-धीरे कम कर सकता है.
मंदसौर में आंधी-तूफान, बोट से गिरी युवती की मौत:शादी समारोह में जा रही थी आशा, रात में मिला शव

मंदसौर जिले में मंगलवार देर शाम से रात तलक आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते जहां कई जगह पेड़ गिर गए, वहीं शादी समारोहों के लिए लगाए गए पंडाल तक उखड़ गए। इस बीच एक दर्दनाक हादसे में मोटर बोट (स्टीमर) से नदी में गिरने पर एक युवती की मौत हो गई। नदी में डोली बोट, युवती गिरी पानी में जानकारी के अनुसार, गांव कुशालपुरा निवासी 24 वर्षीय आशा पिता कन्हैयालाल सूर्यवंशी, गांव खात्याखेड़ी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। इसी दौरान ग्राम ढौर्री के पास नदी पार करते समय तेज हवा के झोंकों से मोटर बोट अनियंत्रित हो गई। बोट के डोलने से आशा संतुलन खो बैठी और नदी में गिर गई। घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन, देर रात मिला शव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। नाहरगढ़ थाना पुलिस ने स्थानीय गौताखोरों और एसडीईआरएफ की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत और घंटों की खोजबीन के बाद मंगलवार देर रात युवती का शव नदी से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र नाहरगढ़ लाया गया है। बुधवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार में पसरा मातम, इलाके में शोक की लहर अचानक हुए इस हादसे से मृतका के परिवार में गहरा शोक है और पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवती की मौत नदी में गिरने से होना सामने आया है। मंगलवार देर शाम को आए तेज आंधी-तूफान ने जिलेभर में व्यापक असर डाला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और शादी के पंडाल उखड़ने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गर्मी मतलब बच्चों के लिए खतरा! बीमारियों से बचाना है, तो जरूर फॉलो करें एक्सपर्ट के टिप्स

Last Updated:April 08, 2026, 07:41 IST Satna News: गर्मियों में बच्चों को तैलीय और भारी भोजन देने से बचना चाहिए. इसकी जगह हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन देना ज्यादा लाभकारी होता है. दलिया, मूंग दाल की खिचड़ी, लौकी और तोरई की सब्जी जैसे विकल्प बच्चों के लिए बेहतर माने जाते हैं. सतना. गर्मी का मौसम जहां बच्चों के लिए छुट्टियों और मस्ती का समय होता है, वहीं यह मौसम कई तरह के वायरल इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और शरीर में पानी की कमी बच्चों की सेहत पर सीधा असर डालती है. ऐसे में अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो बच्चे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं लेकिन सही खानपान, हाइड्रेशन और साफ-सफाई का ध्यान रखकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है. लोकल 18 से बातचीत में सतना के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ अखिलेश खरे ने बताया कि गर्मियों में बच्चों के शरीर से पानी की कमी तेजी से होती है. जहां सर्दियों में शरीर से लगभग दो लीटर पानी निकलता है, वहीं गर्मियों में यह मात्रा 30-40 फीसदी तक बढ़ जाती है और तीन लीटर से ज्यादा पानी शरीर से बाहर निकल सकता है. ऐसे में अगर बच्चों का हाइड्रेशन मेंटेन नहीं किया गया, तो डिहाइड्रेशन के साथ साथ वायरल फीवर और अन्य इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए दिनभर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना बेहद जरूरी है. डॉक्टर के अनुसार, सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ भी बच्चों की डाइट में शामिल करना जरूरी है. तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल बच्चों के शरीर को हाइड्रेट रखते हैं क्योंकि इनमें 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है. इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का जूस भी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. ये सभी चीजें बच्चों की इम्युनिटी को मजबूत बनाती हैं और गर्मी के असर को कम करती हैं. हल्का और पचने वाला भोजन सबसे बेहतर विकल्पगर्मियों में बच्चों को भारी और तैलीय भोजन देने से बचना चाहिए. इसकी जगह हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन देना ज्यादा फायदेमंद होता है. मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, लौकी और तोरई की सब्जी जैसे विकल्प बच्चों के लिए बेहतर माने जाते हैं. इसके साथ ही दही, छाछ और रायता जैसे पेय पदार्थ शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. वहीं इन दिनों भोजन में पुदीना, धनिया और प्याज का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है. स्वच्छता और मच्छरों से बचाव है जरूरीडॉ खरे ने यह भी बताया कि गर्मियों और मानसून के दौरान वायरल फीवर तेजी से फैलता है, इसलिए स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. बच्चों को बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले कम से कम साबुन से हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए. साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास साफ सफाई रखें और जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें. बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उनकी इम्युनिटी मजबूत होना बेहद जरूरी है. इसके लिए मौसमी फल जैसे- आम, जामुन और आड़ू को डाइट में शामिल करें. संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और साफ सफाई मिलकर बच्चों को वायरल इंफेक्शन से दूर रखने में मदद करते हैं. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. Location : Satna,Madhya Pradesh First Published : April 08, 2026, 07:41 IST
रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख उड़ाए, VIDEO:पासबुक प्रिंट कर रहे थे रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, महिलाओं ने उड़ाईं गड्डियां

ग्वालियर के मुरार इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बारादरी ब्रांच में मंगलवार दोपहर एक चौंकाने वाली चोरी की वारदात सामने आई। यहां रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर केएस श्रीवास्तव के बैग से 1 लाख रुपए चोरी कर लिए गए। पीड़ित के अनुसार, वे दोपहर करीब 3 बजे बैंक पहुंचे थे और अपने खाते से 5 लाख रुपए कैश निकाले। इसके बाद उन्होंने 500-500 रुपए की 10 गड्डियां बैग में रखीं और पासबुक प्रिंटिंग मशीन पर पासबुक अपडेट कराने लगे। इसी दौरान उनके पीछे लाइन में खड़ी दो महिलाओं ने भीड़ का फायदा उठाते हुए बैग से 500-500 रुपए की दो गड्डियां (करीब 1 लाख रुपए) निकाल लीं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों महिलाएं इशारों में एक-दूसरे को संकेत देते हुए मौके से फरार हो गईं। घर पहुंचने पर चला चोरी का पता घटना की जानकारी पीड़ित को तब लगी, जब वे घर पहुंचे और बैग चेक किया। इसके बाद वे तुरंत बैंक लौटे और प्रबंधन को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। CCTV में कैद हुई पूरी घटना बैंक प्रबंधन ने CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें दोनों महिलाएं लाइन में खड़ी होकर चोरी करते हुए नजर आईं। फुटेज मिलने के बाद पीड़ित ने मुरार थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो पहले रेकी करता है और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देता है।









