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क्या कोल्ड ड्रिंक पीने से शरीर को ठंडक मिल सकती है? इस बात में कितनी हकीकत, सभी के लिए जानना जरूरी

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Last Updated:April 07, 2026, 11:12 IST Cold Drinks and Body Temperature: गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद लोग तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग गर्मी से छुटकारा पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन यह शरीर को केवल कुछ देर के लिए ठंडक देती है. शरीर के टेंपरेचर पर इसका कोई स्थायी असर नहीं पड़ता है. लंबे समय तक कोल्ड ड्रिंक का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से कुछ देर के लिए ठंडक मिलती है, लेकिन यह टेंपररी होती है. Truth About Cold Drinks and Heat: गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और अब आपको जगह-जगह कोल्ड ड्रिंक्स आसानी से मिल जाएंगी. छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़क किनारे खोखे में भी कोल्ड ड्रिंक्स खूब बेची जाती हैं. चिलचिलाती धूप से आने के बाद कोल्ड ड्रिंक पीने से लोगों को गर्मी से निजात मिलती है और वे तरोताजा महसूस करते हैं. कई लोग कोल्ड ड्रिंक को गर्मी कम करने वाली चीज मानते हैं और इसका जमकर सेवन करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद कुछ देर तक ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन इससे बॉडी के टेंपरेचर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता है. इसका ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लोगों को कोल्ड ड्रिंक के बजाय देसी चीजों को चुनना चाहिए. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जब आप कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो इसका सबसे पहला असर मुंह, गले और पेट की सतह पर महसूस होता है. ठंडी ड्रिंक के संपर्क में आते ही इन हिस्सों की नसें सिकुड़ जाती हैं और दिमाग को संकेत मिलता है कि शरीर ठंडा हो रहा है. यही वजह है कि कुछ मिनटों के लिए ताजगी और ठंडक का अनुभव होता है. हालांकि यह अनुभव केवल कुछ मिनट के लिए होता है. शरीर के अंदरूनी तापमान पर इसका बहुत कम या कोई असर नहीं पड़ता है. यही कारण है कि कुछ समय बाद ठंडक का एहसास खत्म हो जाता है. इसके बाद फिर गर्मी सताने लगती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि हमारा शरीर नेचुरल तरीके से अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए थर्मोरगुलेशन सिस्टम अपनाता है. जब शरीर गर्म होता है, तो पसीना आता है और त्वचा की सतह से गर्मी निकलती है. जब आप ठंडी ड्रिंक पीते हैं, तो असल में यह शरीर को अंदर से ठंडा नहीं करती. शरीर ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबोलिज्म के माध्यम से तापमान को स्थिर रखने का काम करता है. इसलिए ठंडी ड्रिंक पीने से केवल शरीर की सतह पर या मुंह और गले में ठंडक का अनुभव होता है, लेकिन शरीर के अंदर का तापमान लगभग वैसा ही रहता है. इसलिए कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक बार-बार ठंडी और शुगरी ड्रिंक पीने के कई नुकसान हैं. कोल्ड ड्रिंक पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ सकती है, जिससे कभी-कभी पेट में दर्द या ऐंठन हो सकती है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस या एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है. कोल्ड ड्रिंक शुगर लेवल बढ़ा सकती है और लंबे समय में वजन बढ़ने का खतरा रहता है. कोल्ड ड्रिंक के बजाय गर्मी में राहत पाने के लिए ठंडा पानी या नींबू पानी पिएं. यह शरीर को हाइड्रेट और ताजगी देने के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है. तरबूज, खीरा और खट्टे फल खाएं. इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है और शरीर को ठंडक मिलती है. गर्मी में हल्के और सूती कपड़े पहनें. इससे आपको कम गर्मी लगेगी. सूप या हर्बल ड्रिंक पिएं, जिससे शरीर को पोषण मिलेगा और गर्मी से राहत मिलेगी. ये विकल्प न केवल ठंडक देते हैं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड और स्वस्थ भी बनाए रखते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 07, 2026, 11:12 IST

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन में किसानों ने रास्ता खोलने की मांग की:खुदाई से वाहन नहीं जाने के कारण खेत में फंसी फसल, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

खरगोन के ओझरा गांव के किसानों ने एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की है। किसानों का कहना है कि रास्ता संकरा होने के कारण खेतों में खड़ी तैयार फसल को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। किसानों के अनुसार, रास्ते के एक तरफ पत्थरों का ढेर लगा दिया गया है, जबकि दूसरी तरफ खुदाई कर दी गई है। इस वजह से रास्ता इतना संकरा हो गया है कि मिनी ट्रक और हार्वेस्टर जैसे बड़े वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले इस रास्ते का उपयोग बड़े वाहनों के लिए आसानी से होता था, लेकिन अब केवल बैलगाड़ी ही निकल पाती है। किसानों ने कसरावद तहसीलदार को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्हें अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया है। किसान रुपेश पटेल ने बताया कि उनकी फसल खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन वाहनों की पहुंच न होने के कारण वे उपज को बाहर नहीं ला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रास्ता पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। एक किसान ने मेड़ की तरफ पत्थर की पाल खड़ी कर दी है, जबकि एक अन्य किसान ने मेड़ किनारे 3 फीट चौड़ी और 2 फीट गहरी खुदाई कर दी है, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस दौरान राजेश पटेल, विक्रम पटेल, राकेश पटेल, दिनेश पटेल, राहुल पटेल, निर्मल पटेल, हेमंत पटेल सहित कई अन्य किसान मौजूद थे। सभी किसानों ने इस समस्या के समाधान की मांग का समर्थन किया।

एसिडिटी से राहत का देसी उपाय I Sultanpur news

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Last Updated:April 07, 2026, 10:47 IST गलत खान-पान और तनाव की वजह से बढ़ रही एसिडिटी अब आम समस्या बन चुकी है. आयुर्वेद के अनुसार मुलेठी का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत कर पित्त दोष को शांत करने में मदद करता है और बार-बार होने वाली जलन से राहत दे सकता है. सुल्तानपुर. आज के समय में गलत दिनचर्या और गलत खान-पान की वजह से हमारा स्वास्थ्य कई तरह की बीमारियों का शिकार होता चला जा रहा है. उसी में एक आम समस्या पित्त अम्ल दोष की भी लोगों को ज्यादा हो रही है. पीत अम्ल दोष जिसे आम बोलचाल की भाषा में एसिडिटी भी कहा जाता है. यह समस्या आज के लोगों में ज्यादा हो रही है और एसिडिटी की वजह से कई बार लोगों को ज्यादा तेज पीड़ा भी होने लगती है. ऐसे में आयुर्वेद में एसिडिटी और पित्त को साफ करने के लिए मुलेठी के सेवन को बताया गया है. चिकित्सकों के मुताबिक मुलेठी का सेवन एसिडिटी के लिए रामबाण इलाज है. तीन चीज़ें हैं महत्वपूर्ण सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि इसके लिए हरी करी और बरी यह तीन चीज काफी इंपोर्टेंट होती हैं. इन्हीं तीनों की वजह से लोगों को एसिडिटी की समस्या होती है. जिसमें हरी का मतलब होता है जल्दी-जल्दी खाना खाना क्योंकि जब हम जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो इससे हमारा पाचन तंत्र खाने को पचाने में अधिक समय लेता है और सही से पचा भी नहीं पाता. वहीं करी का मतलब है मिर्च, मसाला और तली-भुनी हुई चीज का अधिक सेवन करना, ये भी एसिडिटी का कारण बनता है और बरी का मतलब अधिक चिंता करना यानी कि आप अधिक चिंता करते हैं तो भी आपको एसिडिटी हो सकती है. करें यह उपायअगर आपको भी बार-बार एसिडिटी की समस्या आती है तो इसके लिए आप आयुर्वेद के देसी उपाय में मुलेठी का सेवन कर सकते हैं. अगर आप मुलेठी के स्वरस का प्रयोग करते हैं तो यह एसिडिटी के लिए और अधिक फायदेमंद होता है अन्यथा आप मुलेठी के टुकड़े को भी मुंह में रखकर एसिडिटी से छुटकारा पा सकते हैं या फिर आप इसका चूर्ण बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अन्य में भी है फायदेमंद मुलेठी का सेवन करने से हमारे शरीर का पाचन तंत्र मजबूत होता है इसके साथ ही एसिडिटी की भी समस्या दूर होती है लेकिन इन सबके अलावा मुलेठी का सेवन हमारे लिए उन चीजों में भी फायदेमंद है जिन लोगों को खांसी आदि की समस्या है. वह लोग भी मुलेठी का सेवन कर सकते हैं और खांसी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 10:47 IST

बेहद खास है यह मुरब्बा, गुलाब के फूलों से होता है तैयार, स्वाद के साथ सेहत का है खजाना

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X बेहद खास है यह मुरब्बा, गुलाब के फूलों से होता है तैयार, स्वाद के साथ सेहत भी   Gulkand Murabba Recipe: गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी से बनने वाला गुलकंद सिर्फ मीठे पान का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि गर्मियों में सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. गोरखपुर के प्राणनाथ इलाके में गुलकंद से तैयार होने वाला खास मुरब्बा लोगों के बीच लोकप्रिय है और गर्मियों में इसकी मांग बढ़ जाती है. भारत में इसका सबसे अधिक उपयोग मीठे पान में होता है. जिससे स्वाद बढ़ने के साथ मुंह में ठंडक मिलती है. इसके अलावा गुलकंद से मुरब्बा, शरबत, लस्सी, मिल्कशेक और मिठाइयां भी बनाई जाती है. आयुर्वेद के अनुसार इसकी तासीर ठंडी होती है जो शरीर का तापमान संतुलित रखती है. यह पेट की गर्मी कम करता है. पाचन सुधारता है और एसिडिटी में राहत देता है. नियमित सेवन से कब्ज कम होती है. मुंह की बदबू दूर होती है और शरीर को हल्की ऊर्जा भी मिलती है.

गर्मियों में 5 मसाले बन सकते हैं शरीर के लिए ‘जहर’, थाली से आज ही करें आउट, वरना पड़ेगा पछताना

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Last Updated:April 07, 2026, 10:25 IST Harmful Spices In Summer : गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है. हम अपनी हर चीज की देखभाल कर रहे हैं. स्किन से लेकर कपड़े, जूते और खाने पीने तक में ऐसी में ऐसी चीजें शामिल कर रहे हैं जो हमें फायदा पहुचाए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके किचन के डिब्बे में रखे कुछ मसाले इस चिलचिलाती गर्मी में आपके शरीर के लिए ‘स्लो पॉइजन’ का काम कर सकते हैं? आयुर्वेद और साइंस दोनों कहते हैं कि हर मौसम का अपना खान-पान होता है. SpicesTo Avoid In Summer : हम भारतीय बिना मसालों के खाने की कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन जो मसाला सर्दियों में आपको गर्माहट देकर बचा रहा था, वही इस वक्त आपके पेट में ‘आग’ लगा सकता है. सबसे पहले बात करते हैं ‘लाल मिर्च’ की. चटपटा खाना किसे पसंद नहीं? लेकिन लाल मिर्च की तासीर बहुत गर्म होती है. गर्मियों में इसे ज्यादा खाने से सीने में जलन और पेट में अल्सर का खतरा बढ़ जाता है, साथ ही शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है. अब बात करते हैं ‘अदरक और सोंठ’ की. सर्दियों में अदरक वाली चाय जान बचाती थी, लेकिन गर्मियों में सोंठ या बहुत ज्यादा कच्चा अदरक आपके लिए मुसीबत बन सकता है. इसकी तासीर बेहद गर्म होती है. गर्मी में इसके ज्यादा सेवन से नाक से खून आना (नकसीर) या पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर आप चाय के शौकीन हैं, तो इस मौसम में अदरक की मात्रा कम से कम रखने की कोशिश करें. ‘लहसुन’ वैसे तो औषधीय गुणों की खान है और दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इसमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है. गर्मियों में ज्यादा लहसुन खाने से शरीर में आंतरिक गर्मी बढ़ती है और पसीने में दुर्गंध की समस्या भी हो जाती है. इसके अलावा, यह आपके एसिड रिफ्लेक्स को ट्रिगर कर सकता है, जिससे रात में सोते समय बेचैनी और गले में जलन महसूस हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google ‘काली मिर्च’ को हम अक्सर हेल्दी मानकर हर चीज में डाल देते हैं, लेकिन गर्मियों में यह आंखों और पेट पर भारी पड़ सकती है. काली मिर्च शरीर में ‘पित्त’ को बढ़ाती है. अगर आप गर्मियों में इसका ज्यादा सेवन करते हैं, तो आपको त्वचा पर रैशेज, मुँहासे और गले में खराश की समस्या हो सकती है. इसे सूप या सलाद में केवल नाममात्र के लिए ही इस्तेमाल करना इस मौसम में बेहतर होता है. तो फिर सवाल उठता है कि इस मौसम में क्या खाएं? प्रकृति ने हमें गर्मियों के लिए बेहतरीन विकल्प दिए हैं. सौंफ, जीरा और धनिया जैसे मसाले इस मौसम में ‘सुपरफूड’ की तरह काम करते हैं. सौंफ एक नेचुरल कूलेंट है जो पेट की जलन को शांत करती है, जबकि जीरा डाइजेशन को सुधार कर शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है. इनका पानी पीना भी गर्मी में बहुत फायदेमंद है. इसके अलावा, ताजी हरी धनिया और पुदीना को अपनी डाइट का अनिवार्य हिस्सा बनाएं. पुदीना न केवल आपको लू से बचाता है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को भी ताजगी देता है. सूखे धनिया पाउडर का इस्तेमाल ग्रेवी में करने से सब्जी की तासीर ठंडी रहती है. ये छोटे-छोटे बदलाव आपको गर्मी के साइड इफेक्ट्स से बचा सकते हैं और आपकी एनर्जी लेवल को भी बनाए रखते हैं. याद रखिए कि आयुर्वेद के अनुसार गर्मी का मौसम ‘पित्त’ बढ़ाने वाला होता है. अगर आप गर्म मसालों पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो चिड़चिड़ापन और पेट की बीमारियां आपको घेर लेंगी. इसलिए, इस सीजन में अपनी डाइट को ‘लाइट और कूल’ रखें. स्वाद से ज्यादा अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और आज ही अपनी रसोई के उन ‘गर्म’ मसालों पर थोड़ा कंट्रोल शुरू करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : April 07, 2026, 10:24 IST

दुष्कर्म का आरोपी एक साल बाद गिरफ्तार:सूरत से लेकर आए पुलिस, बचने के लिए बदल लेता था ठिकाना

दुष्कर्म का आरोपी एक साल बाद गिरफ्तार:सूरत से लेकर आए पुलिस, बचने के लिए बदल लेता था ठिकाना

उमरिया जिले की सिविल लाइन पुलिस ने दुष्कर्म के एक फरार आरोपी को सोमवार को सूरत से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म करने का आरोप है और वह पिछले एक साल से फरार चल रहा था। पीड़िता की शिकायत पर एक वर्ष पूर्व आरोपी जयप्रकाश यादव के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही जयप्रकाश गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर छिप रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी। तकनीकी निगरानी के दौरान आरोपी की मोबाइल लोकेशन गुजरात में मिली। सूचना के आधार पर एक पुलिस टीम सूरत के लिए रवाना हुई और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

हाथठेला पर पोहा-जलेबी बेचने पहुंची पूर्व CM उमा भारती:अपने बंगले के सामने लगाई दुकान, प्रशासन से बोलीं- गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनों

हाथठेला पर पोहा-जलेबी बेचने पहुंची पूर्व CM उमा भारती:अपने बंगले के सामने लगाई दुकान, प्रशासन से बोलीं- गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनों

टीकमगढ़ में मंगलवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची। उन्होंने एक दिन पहले नगर पालिका द्वारा हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस ठेले लगाने के लिए बुलाया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीबों की रोजी-रोटी नहीं छीनी जाए। दरअसल, सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान जेसीबी मशीन से कई छोटी दुकानें और हाथठेले हटा दिए गए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और छोटे दुकानदारों को हटाने को गलत बताया था। इसी के मद्देनजर, मंगलवार सुबह वह अपने सिविल लाइन रोड स्थित बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और खुद पोहा-जलेबी बेचकर दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने हाथठेला वालों से दोबारा सड़क किनारे अपने ठेले लगाने कहा। पहले जगह उपलब्ध कराए प्रशासन उमा भारती का कहना था कि पार्षदों ने इसके लिए पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था। तीन चार स्थान भी बताए थे। प्रशासन पहले इन्हें दुकानों लगाने के स्थान दे, बाद में हटाया जाए। उमा भारती ने हटाए गए दुकानदारों से अपील की है कि वह वापस आए और यही पर अपनी दुकानें लगाए, मैं उनके साथ हूं। उनके ठेलो को यहां से नहीं हटने दिया जाएगा। उमा भारती से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मामले में प्रशासन से बात की है तो उनका कहना था कि मुझे अभी इसकी जानकारी हुई है। मै अभी प्रशासन से बात करूंगी, सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे।

हिमाचल में लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन सिंयूर पुल टूटा:रावी नदी में समाया, कई गांवों का कटा संपर्क, 4 करोड़ से हो रहा था निर्माण

हिमाचल में लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन सिंयूर पुल टूटा:रावी नदी में समाया, कई गांवों का कटा संपर्क, 4 करोड़ से हो रहा था निर्माण

हिमाचल प्रदेश के चंबा में आज सुबह लैंडस्लाइड से एक निर्माणाधीन पुल टूट गया। भरमौर और होली क्षेत्र को जोड़ने वाला सिंयूर पुल रावी नदी में समा गया। इसके बाद क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस पुल का निर्माण पिछले 2 वर्षों से किया जा रहा था। लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल के दोनों छोर पर स्टील की रैलिंग का काम पूरा हुआ था। अगले कुछ महीनों में इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद थी। 200 फीट ऊंचाई तक उड़े धूल के गुबार इससे पहले ही आज करीब आठ बजे पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें पुल पर गिर गईं। इससे पुल का एक कोना नदी में समा गया। लैंडस्लाइड के बाद जोर-जोर से आवाजें सुनाई दीं और 200 फीट ऊंचाई तक धूल के गुबार उड़े। बड़े वाहनों के लिए बनाया जा रहा था लोहे का पुल इस पुल का निर्माण बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। इसके साथ ही एक अन्य लकड़ी का पुल है, जिस पर केवल छोटे वाहनों की आवाजाही होती है। दुर्गम क्षेत्र भरमौर में खड़ामुख-होली मार्ग बंद होने पर इस पुल का वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। मानसून सीजन में एक महीने तक इसी पुल से चला ट्रैफिक बीते मानसून सीजन में खड़ामुख-होली सड़क बंद होने के बाद एक महीने तक लकड़ी के पुल से ट्रैफिक चला था। मगर अब पुल बंद होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। लैंडस्लाइड से पश्चिम बंगाल का दंपत्ति घायल बता दें कि पहाड़ों पर बीते एक सप्ताह से बारिश हो रही है। इससे जगह जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल रही है। बीते सोमवार दोपहर बाद भी लाहौल के मोसूमा थेतुप कुरकुर में पहाड़ी से बड़ा पत्थर गिरने के बाद सीधा HP-01-KA-3006 नंबर गाड़ी पर गिरा। इस हादसे में कार में सवार पश्चिम बंगाल के दंपती मनोजित सिंह रॉय और उनकी पत्नी पॉलिनी सिंघा घायल हो गए, जबकि ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है। घायल दंपती को केलांग अस्पताल में प्राथमिक उपाचर के बाद कुल्लू रेफर कर दिया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। मनाली में भी चचोगा के पास सड़क धंस गई। इससे वाहन चालकों के साथ राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल्लू-मनाली में कई जगह मानसून से पहले ही इस तरह जमीन धंसने और लैंडस्लाइड की घटनाएं पेश आ रही है।

सेहत के लिए खजाना है मां दुर्गा का प्रिय गुड़हल का फूल, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन से भरपूर, इन बीमारियों के लिए फायदेमंद

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Last Updated:April 07, 2026, 09:37 IST आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, गुड़हल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से ही इसका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. गुड़हल का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. इसका काढ़ा या चाय बनाकर पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और दिल स्वस्थ रहता है. गुड़हल में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इससे सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों से बचाव होता है. ख़बरें फटाफट गोंडा: गांव-देहात से लेकर शहरों तक घरों में आसानी से मिलने वाला गुड़हल का फूल सिर्फ पूजा-पाठ में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है खास तौर पर मां दुर्गा को यह फूल बहुत प्रिय है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह खूबसूरत लाल फूल कई बीमारियों में प्राकृतिक दवा की तरह काम करता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, गुड़हल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से ही इसका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मददगार गुड़हल का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. इसका काढ़ा या चाय बनाकर पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और दिल स्वस्थ रहता है. गुड़हल में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इससे सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों से बचाव होता है.गुड़हल का फूल त्वचा और बालों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है. इसका पेस्ट या तेल बालों में लगाने से बाल मजबूत और घने होते हैं. वहीं, चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आता है और दाग-धब्बे कम होते हैं. वजन कम करने में सहायक जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए भी गुड़हल फायदेमंद है. इसकी चाय पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती है. गुड़हल का सेवन पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज और अपच को दूर करने में मदद करता है यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. वायरल इन्फेक्शन के दौरान अक्सर बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द होता है. गुड़हल की चाय पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है. यह शरीर को अंदर से शांत और ऊर्जा देने का काम करता है. गुड़हल में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण होते हैं, जो गले की खराश और खांसी में राहत देते हैं. इसका काढ़ा या चाय पीने से गले को आराम मिलता है. जान लें उपयोग का तरीका डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि गुड़हल का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. इसके फूलों को सुखाकर चाय बनाई जा सकती है. इसके अलावा पत्तियों और फूलों का पेस्ट बनाकर बालों और त्वचा पर लगाया जा सकता है. कुछ लोग इसका काढ़ा बनाकर भी पीते हैं. हालांकि गुड़हल के कई फायदे हैं, लेकिन इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. खासकर गर्भवती महिलाएं या कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें Location : Gonda,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 09:37 IST

तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव उनके चेन्नई स्थित अपार्टमेंट में मिला है। 36 साल की एक्ट्रेस डिप्रेशन में थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौत से कुछ समय पहले ही उनका पति से वीडियो कॉल पर झगड़ा हुआ था। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, सुभाषिनी, चेन्नई के इयप्पंथंगल इलाके में किराए के फ्लैट में रह रही थीं, जहां उनका शव मिला है। उन्होंने 2 साल पहले 2024 में बिपिन चंद्रन से शादी की थी। कुछ समय से दोनों अलग रह रहे थे। 6 अप्रैल को मौत होने से पहले उन्होंने पित बिपिन को वीडियो कॉल किया था, जिसमें दोनों का झगड़ा हुआ था। पुलिस जांच के अनुसार, झगड़े के बाद ही सुभाषिनी ने आत्महत्या की है, हालांकि अब तक मौत का सटीक कारण और वजह सामने नहीं आ सकी ही। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुभाषिनी सुब्रमण्यम श्रीलंका की रहनेवाली थीं। वो तमिल टीवी इंडस्ट्री में काम मिलने के बाद चेन्नई आकर बस गई थीं। साल 2012 में फिल्म इनी अवन से करियर की शुरुआत करने के बाद वह कई टीवी शोज और फिल्मों में नजर आ चुकी थीं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान टीवी शो कायल में दीपिका का किरदार निभाने पर मिली थी। इसके अलावा वो इल्लाम मेला इरुकुरवन पाथुप्पन और वेब जैसी कई फिल्मों का हिस्सा रही हैं। एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम में करीब साढ़े 4 लाख फॉलोअर्स हैं। उन्होंने 2 दिन पहले आखिरी पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने जिंदगी के सार का जिक्र किया था। वो अक्सर सोशल मीडिया पर पति बिबिन के साथ तस्वीरें भी पोस्ट किया करती थीं।