Monday, 13 Apr 2026 | 09:58 PM

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हिमाचल में लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन सिंयूर पुल टूटा:रावी नदी में समाया, कई गांवों का कटा संपर्क, 4 करोड़ से हो रहा था निर्माण

हिमाचल में लैंडस्लाइड से निर्माणाधीन सिंयूर पुल टूटा:रावी नदी में समाया, कई गांवों का कटा संपर्क, 4 करोड़ से हो रहा था निर्माण

हिमाचल प्रदेश के चंबा में आज सुबह लैंडस्लाइड से एक निर्माणाधीन पुल टूट गया। भरमौर और होली क्षेत्र को जोड़ने वाला सिंयूर पुल रावी नदी में समा गया। इसके बाद क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस पुल का निर्माण पिछले 2 वर्षों से किया जा रहा था। लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल के दोनों छोर पर स्टील की रैलिंग का काम पूरा हुआ था। अगले कुछ महीनों में इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद थी। 200 फीट ऊंचाई तक उड़े धूल के गुबार इससे पहले ही आज करीब आठ बजे पहाड़ी से भारी मलबा और चट्टानें पुल पर गिर गईं। इससे पुल का एक कोना नदी में समा गया। लैंडस्लाइड के बाद जोर-जोर से आवाजें सुनाई दीं और 200 फीट ऊंचाई तक धूल के गुबार उड़े। बड़े वाहनों के लिए बनाया जा रहा था लोहे का पुल इस पुल का निर्माण बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। इसके साथ ही एक अन्य लकड़ी का पुल है, जिस पर केवल छोटे वाहनों की आवाजाही होती है। दुर्गम क्षेत्र भरमौर में खड़ामुख-होली मार्ग बंद होने पर इस पुल का वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। मानसून सीजन में एक महीने तक इसी पुल से चला ट्रैफिक बीते मानसून सीजन में खड़ामुख-होली सड़क बंद होने के बाद एक महीने तक लकड़ी के पुल से ट्रैफिक चला था। मगर अब पुल बंद होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। लैंडस्लाइड से पश्चिम बंगाल का दंपत्ति घायल बता दें कि पहाड़ों पर बीते एक सप्ताह से बारिश हो रही है। इससे जगह जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल रही है। बीते सोमवार दोपहर बाद भी लाहौल के मोसूमा थेतुप कुरकुर में पहाड़ी से बड़ा पत्थर गिरने के बाद सीधा HP-01-KA-3006 नंबर गाड़ी पर गिरा। इस हादसे में कार में सवार पश्चिम बंगाल के दंपती मनोजित सिंह रॉय और उनकी पत्नी पॉलिनी सिंघा घायल हो गए, जबकि ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है। घायल दंपती को केलांग अस्पताल में प्राथमिक उपाचर के बाद कुल्लू रेफर कर दिया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। मनाली में भी चचोगा के पास सड़क धंस गई। इससे वाहन चालकों के साथ राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल्लू-मनाली में कई जगह मानसून से पहले ही इस तरह जमीन धंसने और लैंडस्लाइड की घटनाएं पेश आ रही है।

सेहत के लिए खजाना है मां दुर्गा का प्रिय गुड़हल का फूल, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन से भरपूर, इन बीमारियों के लिए फायदेमंद

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Last Updated:April 07, 2026, 09:37 IST आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, गुड़हल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से ही इसका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. गुड़हल का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. इसका काढ़ा या चाय बनाकर पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और दिल स्वस्थ रहता है. गुड़हल में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इससे सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों से बचाव होता है. ख़बरें फटाफट गोंडा: गांव-देहात से लेकर शहरों तक घरों में आसानी से मिलने वाला गुड़हल का फूल सिर्फ पूजा-पाठ में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है खास तौर पर मां दुर्गा को यह फूल बहुत प्रिय है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह खूबसूरत लाल फूल कई बीमारियों में प्राकृतिक दवा की तरह काम करता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, गुड़हल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से ही इसका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मददगार गुड़हल का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. इसका काढ़ा या चाय बनाकर पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और दिल स्वस्थ रहता है. गुड़हल में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इससे सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों से बचाव होता है.गुड़हल का फूल त्वचा और बालों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है. इसका पेस्ट या तेल बालों में लगाने से बाल मजबूत और घने होते हैं. वहीं, चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आता है और दाग-धब्बे कम होते हैं. वजन कम करने में सहायक जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए भी गुड़हल फायदेमंद है. इसकी चाय पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिलती है. गुड़हल का सेवन पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज और अपच को दूर करने में मदद करता है यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. वायरल इन्फेक्शन के दौरान अक्सर बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द होता है. गुड़हल की चाय पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है. यह शरीर को अंदर से शांत और ऊर्जा देने का काम करता है. गुड़हल में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण होते हैं, जो गले की खराश और खांसी में राहत देते हैं. इसका काढ़ा या चाय पीने से गले को आराम मिलता है. जान लें उपयोग का तरीका डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि गुड़हल का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. इसके फूलों को सुखाकर चाय बनाई जा सकती है. इसके अलावा पत्तियों और फूलों का पेस्ट बनाकर बालों और त्वचा पर लगाया जा सकता है. कुछ लोग इसका काढ़ा बनाकर भी पीते हैं. हालांकि गुड़हल के कई फायदे हैं, लेकिन इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. खासकर गर्भवती महिलाएं या कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें Location : Gonda,Uttar Pradesh First Published : April 07, 2026, 09:37 IST

तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव उनके चेन्नई स्थित अपार्टमेंट में मिला है। 36 साल की एक्ट्रेस डिप्रेशन में थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौत से कुछ समय पहले ही उनका पति से वीडियो कॉल पर झगड़ा हुआ था। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, सुभाषिनी, चेन्नई के इयप्पंथंगल इलाके में किराए के फ्लैट में रह रही थीं, जहां उनका शव मिला है। उन्होंने 2 साल पहले 2024 में बिपिन चंद्रन से शादी की थी। कुछ समय से दोनों अलग रह रहे थे। 6 अप्रैल को मौत होने से पहले उन्होंने पित बिपिन को वीडियो कॉल किया था, जिसमें दोनों का झगड़ा हुआ था। पुलिस जांच के अनुसार, झगड़े के बाद ही सुभाषिनी ने आत्महत्या की है, हालांकि अब तक मौत का सटीक कारण और वजह सामने नहीं आ सकी ही। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुभाषिनी सुब्रमण्यम श्रीलंका की रहनेवाली थीं। वो तमिल टीवी इंडस्ट्री में काम मिलने के बाद चेन्नई आकर बस गई थीं। साल 2012 में फिल्म इनी अवन से करियर की शुरुआत करने के बाद वह कई टीवी शोज और फिल्मों में नजर आ चुकी थीं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान टीवी शो कायल में दीपिका का किरदार निभाने पर मिली थी। इसके अलावा वो इल्लाम मेला इरुकुरवन पाथुप्पन और वेब जैसी कई फिल्मों का हिस्सा रही हैं। एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम में करीब साढ़े 4 लाख फॉलोअर्स हैं। उन्होंने 2 दिन पहले आखिरी पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने जिंदगी के सार का जिक्र किया था। वो अक्सर सोशल मीडिया पर पति बिबिन के साथ तस्वीरें भी पोस्ट किया करती थीं।

तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव उनके चेन्नई स्थित अपार्टमेंट में मिला है। 36 साल की एक्ट्रेस डिप्रेशन में थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौत से कुछ समय पहले ही उनका पति से वीडियो कॉल पर झगड़ा हुआ था। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, सुभाषिनी, चेन्नई के इयप्पंथंगल इलाके में किराए के फ्लैट में रह रही थीं, जहां उनका शव मिला है। उन्होंने 2 साल पहले 2024 में बिपिन चंद्रन से शादी की थी। कुछ समय से दोनों अलग रह रहे थे। 6 अप्रैल को मौत होने से पहले उन्होंने पित बिपिन को वीडियो कॉल किया था, जिसमें दोनों का झगड़ा हुआ था। पुलिस जांच के अनुसार, झगड़े के बाद ही सुभाषिनी ने आत्महत्या की है, हालांकि अब तक मौत का सटीक कारण और वजह सामने नहीं आ सकी ही। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुभाषिनी सुब्रमण्यम श्रीलंका की रहनेवाली थीं। वो तमिल टीवी इंडस्ट्री में काम मिलने के बाद चेन्नई आकर बस गई थीं। साल 2012 में फिल्म इनी अवन से करियर की शुरुआत करने के बाद वह कई टीवी शोज और फिल्मों में नजर आ चुकी थीं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान टीवी शो कायल में दीपिका का किरदार निभाने पर मिली थी। इसके अलावा वो इल्लाम मेला इरुकुरवन पाथुप्पन और वेब जैसी कई फिल्मों का हिस्सा रही हैं। एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम में करीब साढ़े 4 लाख फॉलोअर्स हैं। उन्होंने 2 दिन पहले आखिरी पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने जिंदगी के सार का जिक्र किया था। वो अक्सर सोशल मीडिया पर पति बिबिन के साथ तस्वीरें भी पोस्ट किया करती थीं।

प्रेमिका के पति को शराब पिलाकर रेता था गला:शादी के बाद भी थे युवती से संबंध; 2 गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार

प्रेमिका के पति को शराब पिलाकर रेता था गला:शादी के बाद भी थे युवती से संबंध; 2 गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार

मैहर जिले में अमरपाटन थाना क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र पडक्का में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय राजभान कोल की हत्या उसकी पत्नी के पुराने प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह घटना 3 अप्रैल की शाम को शुरू हुई, जब मौहरिया-जगन्नाथ निवासी राजभान कोल (23) एक फोन आने के बाद घर से निकला और वापस नहीं लौटा। अगले दिन, गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर पडक्का इंडस्ट्रियल एरिया में उसका शव मिला। राजभान के चेहरे और गले पर गहरे घाव थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। पूछताछ में लगा सुराग अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक की पत्नी साधना कोल और परिजनों से पूछताछ की, जिससे प्रेम प्रसंग का सुराग मिला। इसी आधार पर पुलिस ने दिलीप पटेल उर्फ कल्लू को हिरासत में लिया। शुरुआत में दिलीप ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी दिलीप पटेल ने बताया कि उसका और साधना का प्रेम-संबंध शादी से पहले का था, जो राजभान से शादी के बाद भी गुपचुप तरीके से जारी रहा। हाल ही में राजभान को अपनी पत्नी और दिलीप के रिश्ते पर शक होने लगा था, जिससे उनके मिलने-जुलने में बाधा आ रही थी। दिलीप ने राजभान को रास्ते से हटाने के लिए अपने दोस्त जितेंद्र उर्फ बिज्जू, करण केवट और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। शराबी पार्टी कर उतारा मौत के घाट आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए राजभान को ही मोहरा बनाया। 3 अप्रैल को करण केवट ने राजभान को फोन कर पडक्का बुलाया। वहां सभी ने साथ बैठकर जमकर शराब पी। जैसे ही राजभान नशे में धुत हुआ, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले राजभान को बेदम पीटा, फिर भारी पत्थर से उसका सिर कूच दिया। मौत पक्की करने के लिए टूटी हुई कांच की बोतल से उसका गला रेत दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी दिलीप पटेल और उसके साथी जितेन्द्र कुशवाहा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। जबकी तीन फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

इंदौर में जिम संचालक पर तलवार से हमला, VIDEO:इंदौर में कार पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद, 60 फीट रोड की घटना, थाने में हुआ समझौता

इंदौर में जिम संचालक पर तलवार से हमला, VIDEO:इंदौर में कार पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद, 60 फीट रोड की घटना, थाने में हुआ समझौता

शहर के एरोड्रम इलाके में कार पार्किंग को लेकर हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक हो गया। गुस्साए पड़ोसी ने जिम संचालक पर तलवार से हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लिया है। मामला 60 फीट रोड का है, जहां आशू व्यास जिम का संचालन करते हैं। उनका पास में रहने वाले व्यक्ति से कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ा कि पड़ोसी तलवार लेकर मौके पर पहुंच गया और अचानक हमला कर दिया। हाथ से रोकी तलवार, लोगों ने बचाया हमले के दौरान आशू व्यास ने हाथ से तलवार रोकने की कोशिश की। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। वीडियो वायरल, पुलिस ने लिया संज्ञान घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामले को संज्ञान में लिया है और जांच शुरू कर दी है। देर शाम दोनों पक्षों में समझौता जानकारी के मुताबिक देर शाम दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता हो गया। हालांकि तलवार से हमले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।

रतलाम-नागदा में रहेगा समर वेकेशन दो जोड़ी ट्रेन का स्टॉपेज:बांद्रा टर्मिनस-गोमती नगर और वलसाड से मऊ के बीच चलेगी

रतलाम-नागदा में रहेगा समर वेकेशन दो जोड़ी ट्रेन का स्टॉपेज:बांद्रा टर्मिनस-गोमती नगर और वलसाड से मऊ के बीच चलेगी

समर वेकेशन के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे बांद्रा टर्मिनस-गोमती नगर एवं वलसाड से मऊ के बीच दो जोड़ी ग्रीष्मकालीन स्‍पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है। यह ट्रेनें विशेष किराये के साथ रतलाम रेल मंडल के स्टेशनों से होकर चलेगी। बांद्रा टर्मिनस-गोमती नगर स्‍पेशल ट्रेन संख्या 05034 बांद्रा टर्मिनस-गोमती नगर स्पेशल प्रत्येक मंगलवार को 23 बजे चलकर रतलाम मंडल के रतलाम (9.45/09.55 बुधवार) होते हुए गुरुवार को 7.45 बजे गोमती नगर पहुंचेगी। यह ट्रेन 7 अप्रैल से 12 मई तक चलेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 05033 गोमती नगर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल प्रत्येक सोमवार 14 बजे प्रस्थान कर रतलाम (9.00/09.10 बजे मंगलवार) होते हुए अगले दिन 20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन तत्काल प्रभाव से 11 मई तक चलेगी। यहां रहेगा स्टॉपेज यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, गंगापुर सिटी, मथुरा, कासगंज, इज्जत नगर, पीलीभीत, मैलानी, सीतापुर, एवं डालिगंज पर ठहरेगी। वलसाड-मऊ स्‍पेशल ट्रेन संख्या 05018 वलसाड-मऊ स्‍पेशल, वलसाड से तत्‍काल प्रभाव से 10 मई 2026 तक प्रति रविवार को 15.10 बजे चलेगी। जो रतलाम (22.35/22.45) एवं नागदा (23.48/23.50) बजे होते हुए अगले दिन 22.45 बजे मऊ रेलवे स्‍टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 05017 मऊ-वलसाड स्‍पेशल, मऊ से तत्‍काल प्रभाव से 9 मई 2026 तक प्रति शनिवार को 6 बजे चलेगी। नागदा (4.28/04.30 रविवार) एवं रतलाम (5.15/05.25) बजे होते हुए रविवार को 12.35 बजे वलसाड पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर स्टॉपेज यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सुरत, वडोदरा, रतलाम, नागदा, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा, गंगापुर सिटी, बयाना, ईदगाह आगरा, टूंडला, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, और औड़िहार स्टेशनों पर रुकेगी।

राजस्थान के स्कूलों में आज जज पढ़ाएंगे:1400 जज लेंगे क्लास, 8 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स का कॉमन सेशन होगा

राजस्थान के स्कूलों में आज जज पढ़ाएंगे:1400 जज लेंगे क्लास, 8 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स का कॉमन सेशन होगा

राजस्थान के स्कूलों में अब टीचर्स के साथ-साथ जजेज भी क्लास लेंगे। ‘एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनेशेटिव-2026’ के तहत स्टूडेंट्स में विधिक जागरूकता लाने के लिए यह पहल की गई है। इसके तहत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे (मंगलवार) अभियान शुरू किया हैं। इसकी शुरुआत अप्रैल माह के पहले मंगलवार (7 अप्रैल) से हो रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के 1400 जज (सिविल जज से डीजे कैडर) चयनित 1400 स्कूलों में स्टूडेंट्स को सुबह 7.30 से 9.30 बजे के बीच साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाएंगे। इसमें साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग आदि विषयों पर जागरूक किया जाएगा। एक दिन में 4 लाख स्टूडेंट्स को करेंगे जागरूक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने बताया कि यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की पहल से शुरू किया गया है। अभियान का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति सूर्यकांत द्वारा 20 फरवरी को साइबर लॉ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस के अवसर पर किया गया था। अभियान का प्रदेशव्यापी क्रियान्वयन आज से प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत क्लास 8 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स का कॉमन सेशन होगा। इसमें जजेज उन्हें अलग-अलग विषयों पर जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत एक दिन में 4 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स तक पहुंचा जाएगा। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टील के कोलकाता वाले खतरे के निमंत्रण पर लाल से टूटे हुए, बोले- ‘उनके घर में दरवाजे…’

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टील के कोलकाता वाले खतरे के निमंत्रण पर लाल से टूटे हुए, बोले- 'उनके घर में दरवाजे...'

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टार्स कोलकाता पर हमलों के खतरे पर डेमोक्रेट कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार (06 अप्रैल, 2026) को प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और इंडिया अलायंस के सत्ता में आने के बाद हम उनके घर में उन्हें मार डालेंगे। सिलीगुड़ी में एक पिरामिड रैली में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टील के गोदाम का ताला लगा दिया गया। ख्वाजा स्टूडियो ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित जंग में कोलकाता का भी भविष्य देखा जा सकता है। जिस दिन सरकार बनी, उनके घर में चोर मार डालेंगे: अभिभाषण गिरजाघर बनर्जी ने कहा, ‘दो दिन पहले ख्वाजा स्टूडियो ने कोलकाता को खतरे की धमकी दी थी। हमारे प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री चुप रहे। मैंने ख्वाजा स्टूडियो का नाम अपनी सूची में लिखा है, जिस दिन ममता बनर्जी और इंडिया अलायंस सरकार मिशिगन, हम उनके घर में उन्हें मार डालेंगे।’ कट्टरपंथी नेताओं ने आगे कहा, ‘वे पाकिस्तान में कोलकाता पर हमले की धमकी दे रहे हैं, जबकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में चुनाव प्रचार में शामिल हुए हैं और लोगों से उद्योग को हटाने का आह्वान कर रहे हैं।’ अमित शाह पर हमला उन्होंने साम्यवादी अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे खारिज कर दिया। अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘अमित शाह और राजनाथ सिंह चुप हैं। शाह हमें हर रोज बांग्लादेशी और विदेशी कहते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान, कोलकाता को खतरा देता है तो वे मूक दर्शक बन जाते हैं।’ ख्वाजा स्टूडियो ने दी थी कोलकाता पर खतरनाक हमले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टूडियो ने कहा कि भारत के भविष्य के साथ कोई भी समुद्र तट तक सीमित नहीं रहेगा। सियालकोट में ब्रिटिश से बात करते हुए ख्वाजा स्टूडियो ने दावा किया, ‘अगर भारत ने कोई दंगा अभियान चलाया तो पाकिस्तान उसे कोलकाता तक ले जाएगा।’ राजनाथ सिंह ने दी थी पाकिस्तान को चेतावनी भारत की ओर से ख्वाजा स्टूडियो के धमाकियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान किसी भी तरह से दुस्साहस को जवाब देगा। अप्रैल 2025 में पहली बार आतंकवादी हमलों का ज़िक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की प्रतिक्रिया से उनकी स्थिति स्पष्ट हो गई है और आगे भी किसी तरह का कड़ा जवाब दिया जाएगा। अभिषेक बनर्जी की ये संस्था पश्चिम बंगाल में तीव्र राजनीतिक संकट के बीच में हैं, जहां पार्टी ने राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिरता को लेकर केंद्र सरकार को बार-बार समर्थन देने की मांग की है, जबकि बीजेपी ने पहली बार अपने चुनावी प्रचार में आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 लॉटरी असेंबली के लिए वोटिंग 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होनी है, जबकि बाकी टीमों की गिनती 4 मई को होगी।

आयुर्वेद का अनमोल खजाना है गुम्मा: पीलिया को जड़ से करता है खत्म, लिवर की बीमारियां रहती हैं कोसों दूर, जानें चमत्कारी फायदे

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Last Updated:April 07, 2026, 06:37 IST Health Tips: सीतामढ़ी के मशहरू आयुर्वेद एक्सपर्ट भाग्यनारायण सिंह ने गुम्मा द्रोणपुष्पी को पीलिया लिवर और पेट के कीड़ों की सस्ती असरदार औषधि बताया. उन्होंने कहा कि अब यह पौधा खेतों से दुर्लभ होता जा रहा है. इसके चमत्कारी फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. ख़बरें फटाफट सीतामढ़ी: आयुर्वेद जगत में कई ऐसी औषधियां हैं. जो हमारे आस-पास ही मौजूद हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में हम उनसे वंचित रह जाते हैं. इन्हीं में से एक है गुम्मा (द्रोणपुष्पी), जिसे आयुर्वेद में लिवर और पेट संबंधी विकारों के लिए अमृत माना गया है. सीतामढ़ी के आयुर्वेद एक्सपर्ट भाग्यनारायण सिंह बताते हैं कि गुम्मा एक अत्यंत प्रभावशाली औषधीय पौधा है, जो कभी खेतों की मेड़ों पर बहुतायत में पाया जाता था. हालांकि यह चिंता का विषय है कि आधुनिक खेती के तरीकों और रसायनों (कीटनाशकों) के बढ़ते प्रयोग के कारण यह दुर्लभ होता जा रहा है. खेतों से इस कीमती पौधे का विलुप्त होना प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के लिए एक बड़ी क्षति है. पीलिया रोगियों के लिए है रामबाण एक्सपर्ट भाग्यनारायण सिंह के अनुसार पीलिया (Jaundice) के उपचार में गुम्मा का कोई सानी नहीं है. पीलिया होने पर लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में गुम्मा की पत्तियों का ताजा रस किसी वरदान से कम नहीं है. इसका नियमित और सही मात्रा में सेवन करने से लिवर की कोशिकाएं पुनर्जीवित होने लगती हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. यह न केवल पीलिया को जड़ से खत्म करने में सक्षम है. बल्कि लिवर को नई शक्ति भी प्रदान करता है, जिससे पाचन तंत्र फिर से सुचारू रूप से कार्य करने लगता है. पेट के कीड़ों का अचूक और प्राकृतिक उपचार बच्चों और वयस्कों में पेट के कीड़ों की समस्या एक आम बात है, जो कुपोषण और थकान का कारण बनती है. भाग्यनारायण सिंह बताते हैं कि बाजार में उपलब्ध रसायन युक्त दवाओं के मुकाबले गुम्मा एक सुरक्षित और अचूक उपचार है. इसकी पत्तियों के रस में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं. जो पेट के हानिकारक कीड़ों को पूरी तरह समाप्त कर देते हैं. इसके कड़वे और तीखे गुणों के कारण यह पेट की कृमि (Worms) का नाश करता है और आंतों की सफाई कर भूख को बढ़ाता है. यह एक ऐसा घरेलू नुस्खा है जिसे सदियों से ग्रामीण भारत में आजमाया जाता रहा है. संरक्षण और उपयोग की आवश्यकता आज के दौर में जब लोग वापस प्राकृतिक जीवनशैली की ओर लौट रहे हैं. तब गुम्मा जैसे पौधों का संरक्षण बेहद अनिवार्य है. भाग्यनारायण सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तभी सार्थक है. जब हम अपने पारंपरिक ज्ञान को सहेजें. गुम्मा न केवल औषधीय गुणों से भरपूर है. बल्कि यह कम लागत में असाध्य रोगों के इलाज का सामर्थ्य रखता है. यदि हम अपने खेतों और बगीचों में रसायनों का प्रयोग कम करें तो इस अमूल्य औषधि को फिर से पुनर्जीवित किया जा सकता है. अपनी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए प्रकृति के इन अनमोल उपहारों को पहचानना और अपनाना आज समय की मांग है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें Location : Sitamarhi,Bihar First Published : April 07, 2026, 06:37 IST