पंजाबी सिंगर एमी विर्क की गाड़ी पर फायरिंग:कनाडा में शो के बाद 7 गोलियां चलाई गईं, रोल्स रॉयस में होने से बचे

पंजाबी सिंगर और एक्टर एमी विर्क पर कनाडा में शो के बाद फायरिंग का मामला सामने आया है। शनिवार देर रात शो खत्म कर लौट रहे एमी विर्क की रोल्स रॉयस कलिनन पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गाड़ी में एमी विर्क समेत चार लोग सवार थे। करीब 7 से 10 गोलियां चलाई गईं, जिनमें से 7 के निशान गाड़ी पर मिले। हमले में सभी सुरक्षित हैं। शुरुआत में एक कार पर गोलियां चलने की सूचना थी लेकिन आयोजकों ने अब क्लीयर किया है कि इस कार में पंजाबी सिंगर एमवी विर्क भी थे। हालांकि, दुनिया की महंगी कारों में से एक रोल्स रॉयस कुलिनन में होने के चलते गोलियां आरपार नहीं हो पाईं। कार में 7 बुलेट लगे हैं। ज्यादा नुकसान पिछले शीशे पर हुआ। शो खत्म कर निकले, तभी गाड़ी पर बरसीं गोलियां घटना शनिवार रात करीब 11 बजे मैक्कलम रोड और साउथ फ्रेजर वे के पास हुई। एमी विर्क एबॉट्सफोर्ड के रोजर फोर्न में शो खत्म कर रोल्स रॉयस से निकले थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। गोलियों का सबसे ज्यादा असर पिछले शीशे पर हुआ, लेकिन गाड़ी की मजबूत बॉडी के कारण वे आर-पार नहीं हो सकीं। गाड़ी में एमी के साथ ऐसा शख्स भी था, जिस पर पहले 3 हमले हो चुके एमी विर्क के अलावा गाड़ी में सरे का एक व्यक्ति भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक निजता का हवाला देते हुए यह नहीं बताया गया है कि हमलावरों का असली निशाना कौन था। हालांकि, इस व्यक्ति पर पहले तीन बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। इसी वजह से पुलिस कई एंगल से मामले की जांच कर रही है। वारदात के बाद 5 किमी दूर SUV जलाई फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस को घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर सनी साइड प्लेस के पास एक संदिग्ध SUV जली हुई मिली। आशंका है कि इसी वाहन का इस्तेमाल हमले में किया गया था। गाड़ी को आग लगाने से जांच में सबूत जुटाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस जांच में जुटी, पंजाबी इंडस्ट्री में चिंता पुलिस ने फायरिंग और संदिग्ध SUV जलाए जाने की पुष्टि की है। मामले की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। एमी विर्क के गाड़ी में मौजूद होने की पुष्टि पंजाबी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और उनके परिजनों ने भी की है। कनाडा में पंजाबी कलाकारों के कार्यक्रमों और उनकी सुरक्षा को लेकर इस घटना ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राजनीतिक नेता और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई में करीब 1 ₹10 करोड़) का इजाफा होगा। वोंग की मौजूदा सालाना सैलरी करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) है। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पे पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। यह भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी से 135 गुना ज्यादा है। बढ़ी रकम 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे PM वोंग प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वह सैलरी में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे। सबसे ज्यादा कमाने वाले दुनिया के नेताओं में उनके बाद हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं, जिन्हें सालाना करीब 7.19 लाख डॉलर मिलते हैं। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की सालाना कमाई करीब 6.06 लाख डॉलर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सालाना 4 लाख डॉलर, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को करीब 2.30 लाख डॉलर मिलते हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राजनीतिक नेता और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई में करीब ₹11 करोड़ का इजाफा होगा। वोंग की मौजूदा सालाना सैलरी करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) है। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पे पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। यह भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी से 135 गुना ज्यादा है। अमेरिकी राष्ट्रपति 3 करोड़ और ब्रिटेन के PM 2 करोड़ कमाते हैं प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वह सैलरी में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे। सबसे ज्यादा कमाने वाले दुनिया के नेताओं में उनके बाद हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं, जिन्हें सालाना करीब 7.19 लाख डॉलर (₹6.79 करोड़) मिलते हैं। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की सालाना कमाई करीब 6.06 लाख डॉलर (₹5.72 करोड़) है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सालाना 4 लाख डॉलर (₹3.77 करोड़), जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को करीब 2.30 लाख डॉलर (₹2.17 करोड़) मिलते हैं। मंत्रियों की सैलरी भी बढ़ेगी फिलहाल सिंगापुर के मंत्रियों का बेस पे पैकेज करीब 11 लाख सिंगापुर डॉलर (₹8.20 करोड़) है। नए वेतन सिस्टम के तहत यह बढ़कर करीब 12 लाख (₹8.95 करोड़) सिंगापुर डॉलर हो जाएगा। वोंग के मुताबिक, मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक ज्यादातर मंत्रियों की कमाई करीब 13.5 लाख सिंगापुर डॉलर (₹10 करोड़) तक पहुंच सकती है। उनकी सैलरी का कुछ हिस्सा उनके प्रदर्शन के आधार पर बढ़ेगा। मंत्रियों की कमाई का एक हिस्सा देश के बेरोजगारी, लोगों की आय और GDP ग्रोथ जैसे लक्ष्यों को हासिल करने से जुड़ा है। सरकार का तर्क- ज्यादा सैलरी से भ्रष्टाचार कम होगा सिंगापुर सरकार लंबे समय से मंत्रियों को ज्यादा सैलरी देने का बचाव करती रही है। सरकार का कहना है कि ऊंची सैलरी से मंत्रियों के रिश्वत लेने या भ्रष्टाचार करने का लालच कम होता है। सिंगापुर दुनिया के कम भ्रष्ट देशों में शामिल है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भी वह लगातार ऊंची रैंकिंग पर रहता है। सरकार इसे अपनी वेतन व्यवस्था के सही होने के सबूत के तौर पर पेश करती है। आम लोगों में नाराजगी, नौकरी और महंगाई को लेकर चिंता सिंगापुर में मंत्रियों की इतनी ज्यादा सैलरी लंबे समय से विवाद का मुद्दा रही है। आम लोगों की कमाई इसके मुकाबले काफी कम है। देश में अवरेज सालाना इनकम 5775 सिंगापुर डॉलर यानी करीब 4 लाख 30 हजार रुपए है। इस बार भी सैलरी बढ़ाने के फैसले की आलोचना हुई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे लोगों की मौजूदा परेशानियों को नजरअंदाज करने वाला फैसला बताया। लोगों की चिंता नौकरी जाने, नए ग्रेजुएट्स को नौकरी मिलने और बढ़ती महंगाई को लेकर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिंगापुर में पिछली तिमाही में नौकरी जाने यानी रिट्रेंचमेंट का आंकड़ा 5 साल से ज्यादा समय में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, कुछ लोगों ने सरकार के फैसले का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि देश चलाने के लिए ‘सबसे अच्छे लोगों’ को जिम्मेदारी देना जरूरी है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
एक्टर राजेश शर्मा ने बताई तबीयत बिगड़ने की वजह:फिल्म के सेट पर कीड़े ने नहीं काटा था, इंफेक्शन-हाई ब्लड शुगर से सीरियस हुए थे

एक्टर राजेश शर्मा ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह को लेकर चल रही अफवाहों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर उन्हें किसी कीड़े ने नहीं काटा था। उनकी तबीयत दाएं पैर के इंफेक्शन और हाई ब्लड शुगर की वजह से बिगड़ी। राजेश शर्मा ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मेडिकल इमरजेंसी के लिए न तो प्रभास जिम्मेदार हैं और न ही फिल्म की टीम। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ था। तबीयत कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज पूरा हो चुका है और अब रिकवरी चल रही है। राजेश के मुताबिक, वह एक हफ्ते में फिर से काम शुरू कर सकते हैं। एक्टर ने बताया कि उनके दाएं पैर की स्किन पर काफी समय से परेशानी थी। इसी वजह से पैर में इंफेक्शन हो गया। इस दौरान उनका डायबिटीज लेवल भी बहुत बढ़ गया, जिससे हालत सीरियस हो गई थी। पैर की स्किन पर लंबे समय से परेशानी थी राजेश शर्मा ने कहा, “यह झूठी खबर है। प्रभास की फिल्म के सेट पर कुछ नहीं हुआ। प्रभास और यूनिट किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं हैं। वे अच्छे लोग हैं। हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद से कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद हालत गंभीर हो गई। मेरी डायबिटीज बहुत बढ़ गई थी और शुरुआत में मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।” इंफेक्शन की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दाएं पैर की त्वचा पर लंबे समय से परेशानी थी। वहीं से इंफेक्शन हो गया।” राजेश शर्मा ने कहा, “मेरा इलाज पूरा हो गया है। रिकवरी चल रही है। उम्मीद है कि मैं एक हफ्ते में काम शुरू कर दूंगा।” कीड़े के काटने की खबर कैसे फैली राजेश शर्मा की तबीयत को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब उनकी दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान रामोजी फिल्म सिटी में राजेश को किसी कीड़े ने काट लिया था। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि सुदीपा ने चिंता की वजह से पोस्ट की थी, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “वह अच्छी दोस्त हैं। चिंता की वजह से उन्होंने पोस्ट की। लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।” सुदीपा के अब डिलीट हो चुके इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “एक्टर राजेश शर्मा को कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी में मशहूर एक्टर प्रभास के साथ फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े ने काट लिया। यह कीड़ा कोई बग या जहरीली मकड़ी हो सकती है। पैक-अप के बाद राजेश घने पेड़-पौधों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें कीड़े के काटने का अहसास हुआ। उस समय यह गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत इलाज नहीं कराया।” पोस्ट में आगे दावा किया गया था, “हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता की फ्लाइट ली। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आया, बेचैनी बढ़ती गई और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका था, लेकिन उन्हें तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और दाएं पैर में बढ़ता हुआ इंफेक्शन था।” राजेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें निगरानी में रखा गया था। उनके परिवार ने भी तबीयत को लेकर अपडेट जारी किया था। परिवार के मुताबिक, राजेश को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी के साथ दाएं पैर में तेजी से फैलता इंफेक्शन था। कहा गया था कि इंफेक्शन पैर की उंगलियों से घुटने की ओर बढ़ गया था और प्रभावित हिस्से पर बड़े छाले हो गए थे। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई थी साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, राजेश शर्मा की हेल्थ को लेकर ‘फौजी’ की टीम ने कहा था कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम ने कहा था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ की थी वहीं, राजेश शर्मा की सेहत को लेकर यह खबर सामने आई कि उन्हें कीड़े ने काट लिया है। तब इस पर एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
एक्टर राजेश शर्मा ने बताई तबीयत बिगड़ने की वजह:फिल्म के सेट पर कीड़े ने नहीं काटा था, इंफेक्शन-हाई ब्लड शुगर से सीरियस हुए थे

एक्टर राजेश शर्मा ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह को लेकर चल रही अफवाहों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर उन्हें किसी कीड़े ने नहीं काटा था। उनकी तबीयत दाएं पैर के इंफेक्शन और हाई ब्लड शुगर की वजह से बिगड़ी। राजेश शर्मा ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मेडिकल इमरजेंसी के लिए न तो प्रभास जिम्मेदार हैं और न ही फिल्म की टीम। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ था। तबीयत कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज पूरा हो चुका है और अब रिकवरी चल रही है। राजेश के मुताबिक, वह एक हफ्ते में फिर से काम शुरू कर सकते हैं। एक्टर ने बताया कि उनके दाएं पैर की स्किन पर काफी समय से परेशानी थी। इसी वजह से पैर में इंफेक्शन हो गया। इस दौरान उनका डायबिटीज लेवल भी बहुत बढ़ गया, जिससे हालत सीरियस हो गई थी। पैर की स्किन पर लंबे समय से परेशानी थी राजेश शर्मा ने कहा, “यह झूठी खबर है। प्रभास की फिल्म के सेट पर कुछ नहीं हुआ। प्रभास और यूनिट किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं हैं। वे अच्छे लोग हैं। हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद से कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद हालत गंभीर हो गई। मेरी डायबिटीज बहुत बढ़ गई थी और शुरुआत में मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।” इंफेक्शन की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दाएं पैर की त्वचा पर लंबे समय से परेशानी थी। वहीं से इंफेक्शन हो गया।” राजेश शर्मा ने कहा, “मेरा इलाज पूरा हो गया है। रिकवरी चल रही है। उम्मीद है कि मैं एक हफ्ते में काम शुरू कर दूंगा।” कीड़े के काटने की खबर कैसे फैली राजेश शर्मा की तबीयत को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब उनकी दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान रामोजी फिल्म सिटी में राजेश को किसी कीड़े ने काट लिया था। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि सुदीपा ने चिंता की वजह से पोस्ट की थी, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “वह अच्छी दोस्त हैं। चिंता की वजह से उन्होंने पोस्ट की। लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।” सुदीपा के अब डिलीट हो चुके इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “एक्टर राजेश शर्मा को कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी में मशहूर एक्टर प्रभास के साथ फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े ने काट लिया। यह कीड़ा कोई बग या जहरीली मकड़ी हो सकती है। पैक-अप के बाद राजेश घने पेड़-पौधों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें कीड़े के काटने का अहसास हुआ। उस समय यह गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत इलाज नहीं कराया।” पोस्ट में आगे दावा किया गया था, “हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता की फ्लाइट ली। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आया, बेचैनी बढ़ती गई और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका था, लेकिन उन्हें तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और दाएं पैर में बढ़ता हुआ इंफेक्शन था।” राजेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें निगरानी में रखा गया था। उनके परिवार ने भी तबीयत को लेकर अपडेट जारी किया था। परिवार के मुताबिक, राजेश को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी के साथ दाएं पैर में तेजी से फैलता इंफेक्शन था। कहा गया था कि इंफेक्शन पैर की उंगलियों से घुटने की ओर बढ़ गया था और प्रभावित हिस्से पर बड़े छाले हो गए थे। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई थी साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, राजेश शर्मा की हेल्थ को लेकर ‘फौजी’ की टीम ने कहा था कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम ने कहा था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ की थी वहीं, राजेश शर्मा की सेहत को लेकर यह खबर सामने आई कि उन्हें कीड़े ने काट लिया है। तब इस पर एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
मुंबई का आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी थिएटर बंद:हनुमान अंश की स्क्रीनिंग से पहले केबल जले, हंगामे के बाद पुलिस का एक्शन, दावा- मैनेजमेंट के खिलाफ FIR

मुंबई के बांद्रा स्थित आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी थिएटर को पुलिस ने सोमवार को बंद करा दिया। थिएटर में हनुमान अंश लगी थी, लेकिन शो के पहले ही केबल वायर जलने से दर्शकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी थिएटर में लगे मिर्जापुर के पोस्टर भी फाड़े गए। पुलिस के पहुंचने के बाद दस्तावेजों की जांच में लाइसेंस से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई। सोमवार को हनुमान अंश दिखाई जा रही थी। कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता ये फिल्म देखने पहुंचे थे, लेकिन केबल जलने से शो शुरू नहीं हो सका। वहां पहुंचे लोगों ने फिल्म शुरू न होने पर विरोध में जमकर हंगामा किया। वहां मौजूद स्टाफ से बहस बढ़ने के बाद उन्होंने कथित तौर पर मिर्जापुर: द मूवी के पोस्टर फाड़ दिए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि थिएटर का लाइसेंस 2021-22 में ही खत्म हो चुका है। तब से लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया गया है। इसके बाद नियमों का पालन नहीं होने के कारण थिएटर मैनेजमेंट को परिसर बंद करने और शो रोकने का निर्देश दिया गया। बांद्रा पुलिस ने थिएटर के मालिक, मैनेजर और सिनेमा चलाने वाली कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत केस दर्ज किया है। थिएटर के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए थिएटर की दीवारों के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए हैं। इनमें शो बंद होने की जानकारी दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मिड-डे से कहा, “थिएटर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसलिए हमने मैनेजमेंट को इसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया।” एक अन्य अधिकारी ने बताया, “हर थिएटर को चलाने के लिए एंटरटेनमेंट लाइसेंस जरूरी है। यह लाइसेंस फोर्ट में क्रॉफर्ड मार्केट के पास स्थित मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर से जारी होता है। गैटी-गैलेक्सी का लाइसेंस 2021-22 से रिन्यू नहीं हुआ था।” थिएटर मालिक मनोज देसाई बोले- लाइसेंस से जुड़ी खबरें फर्जी थिएटर के मालिक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में लाइसेंस रिन्यू न करवाने के दावों का खंडन किया है। उन्होंने टेक्निकल सुधार के चलते थिएटर बंद होने की बात कही है। उनके अनुसार, थिएटर के अंदर कुछ केबल जल गई थीं। इन्हें बदलने के लिए दक्षिण मुंबई के लोहार चॉल से नई केबल मंगाई गई है। मैनेजमेंट का कहना है कि समस्या ठीक होते ही शोज दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे। 1972 में शुरू हुआ था गैटी-गैलेक्सी मुंबई के सबसे पहचान वाले सिनेमाघरों में शामिल गैटी-गैलेक्सी की शुरुआत 1972 में हुई थी। शुरुआत में यहां तीन स्क्रीन थीं, गैटी, गैलेक्सी और जेमिनी। बाद में चार और स्क्रीन,ग्लैमर, जेम, गॉसिप और ग्रेस जोड़ी गईं। इन सातों स्क्रीन को मिलाकर यह कॉम्प्लेक्स G7 के नाम से मशहूर हुआ। मुंबई के सिंगल स्क्रीन और मास ऑडियंस वाले सिनेमाघरों में गैटी-गैलेक्सी की खास पहचान रही है। 7 स्क्रीन से रोज 17-18 लाख रुपए तक के नुकसान का अनुमान ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने थिएटर के संभावित नुकसान का आकलन किया। उन्होंने बताया कि गैटी-गैलेक्सी में करीब 7 स्क्रीन हैं। एक स्क्रीन से एक शो में औसतन 1 से 1.5 लाख रुपए की कमाई हो सकती है। इसमें थिएटर का हिस्सा करीब 50 हजार रुपए होता है। वानखेड़े के मुताबिक, एक दिन में हर स्क्रीन पर करीब 2.5 लाख रुपए का नुकसान हो सकता है। 7 स्क्रीन के हिसाब से यह नुकसान रोज करीब 17 से 18 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि अगर थिएटर 7 दिन बंद रहता है, तो नुकसान 1 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। उनके मुताबिक, यह बंदी हफ्ते के ऐसे समय में हुई है, जब टॉक्सिक और मिर्जापुर: द मूवी जैसी मास-ओरिएंटेड फिल्में चल रही हैं। गिरीश वानखेड़े ने कहा कि गैटी ऐसे थिएटरों में शामिल है, जहां ओवर-द-टॉप पॉटबॉयलर और मास फिल्मों को अच्छी भीड़ मिलती है। इसलिए थिएटर मालिक एक अहम कारोबारी दौर का नुकसान उठा रहे हैं। पहली फिल्म थी ‘सीता और गीता’ गैटी-गैलेक्सी में पहली फिल्म रमेश सिप्पी की ‘सीता और गीता’ रिलीज हुई थी। 24 नवंबर 1972 को इसकी शुरुआत हुई थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटर ही फिल्मों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा पैमाना हुआ करते थे और गैटी-गैलेक्सी ने जल्द ही मुंबई में अपनी अलग पहचान बना ली।
रूस में हिमस्खलन, 11 पर्वतारोहियों की मौत:33 लोगों के ग्रुप पर बर्फ गिरी; 6 अभी लापता, 50 से ज्यादा बचावकर्मी तलाश में जुटे

रूस के उत्तरी काकेशस इलाके में स्थित माउंट मिजहिरगी पर रविवार शाम हिमस्खलन हुआ। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में 11 पर्वतारोहियों की मौत हो गई। वहीं 10 लोग किसी तरह सुरक्षित नीचे उतर आए, लेकिन 6 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल उनकी तलाश में जुटा हुआ है। जब हादसा हुआ उस समय 33 पर्वतारोहियों का एक समूह पहाड़ पर चढ़ाई कर रहा था। अचानक पहाड़ से बड़ी मात्रा में बर्फ खिसककर उनके ऊपर आ गिरी, जिससे कई लोग बर्फ के नीचे दब गए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
फ्रांस में कर्मचारियों की हड़ताल से एफिल टॉवर बंद रहा:आरोप- हिंदू संगठन के दौरे पर महिला कर्मचारियों को हटाया

फ्रांस का मशहूर एफिल टॉवर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सोमवार को बंद रहा। हड़ताल हिंदू संगठन BAPS के प्रतिनिधिमंडल के दौरे को लेकर हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि शनिवार को BAPS के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी की जगह से हटा दिया गया। स्टाफ यूनियन की प्रतिनिधि डायने डावोआन ने रॉयटर्स से कहा कि प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर महिलाओं से अपनी जगह छोड़ने को कहा गया, ताकि वहां पुरुष कर्मचारियों को लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस घटना से महिला कर्मचारी काफी आहत और अपमानित महसूस कर रही हैं। गुस्सा बढ़ने के बाद सोमवार को कर्मचारियों ने बैठक की और प्रबंधन से बात की। मैंनेजमेंट बोला- ऐसा अनुरोध नहीं मानना चाहिए था एफिल टॉवर चलाने वाली कंपनी SETE ने AFP को बताया कि BAPS ने ऐसा इंतजाम करने को कहा था, जिसमें महिलाओं से बातचीत कम से कम हो। SETE ने माना कि उसे यह अनुरोध नहीं मानना चाहिए था। कंपनी ने कहा कि यह उसकी नीतियों और महिला-पुरुष बराबरी के खिलाफ था। SETE के अध्यक्ष एरियल वील ने इसे बिल्कुल गलत बताया। उन्होंने कहा कि एफिल टॉवर महिला-पुरुष बराबरी और फ्रांस के नियमों का सम्मान करता है। BAPS ने घटना पर माफी मांगी BAPS ने कहा कि करीब 100 लोगों का दौरा एफिल टॉवर की टीम के साथ मिलकर तय किया गया था। समय ऐसा रखा गया था कि दूसरे पर्यटकों को कम परेशानी हो। संगठन ने कहा कि उसकी जानकारी में किसी को टॉवर में जाने से नहीं रोका गया। फिर भी, इस घटना से किसी को दुख या परेशानी हुई हो तो उसने माफी मांगी। BAPS खुद को हिंदू आध्यात्मिक और स्वयंसेवी संगठन बताता है। लंदन, लॉस एंजिल्स और सिडनी समेत कई शहरों में इसके मंदिर हैं। रविवार को पेरिस में BAPS के फ्रांस में पहले बड़े मंदिर का उद्घाटन हुआ। पेरिस के मेयर बोले- घटना की जांच होगी पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों के गुस्से को जायज बताया। फ्रांस की समानता मंत्री ऑरोर बर्जे ने कहा, “फ्रांस में महिलाओं से खुद को छिपाने के लिए नहीं कहा जाता। कोई धर्म देश के कानून से ऊपर नहीं है।” दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने कहा कि फ्रांस महिलाओं की मौजूदगी को सीमित करने की बात कभी नहीं मानेगा। पूर्व प्रधानमंत्री गैब्रियल अताल ने कहा कि कोई संस्कृति, आस्था या धर्म महिलाओं को यह नहीं बता सकता कि उन्हें कहां रहना चाहिए। —————————- ये खबर भी पढ़ें…. ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। इलेक्ट्रॉनिक्स से IT तक में रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल रेयर अर्थ मटेरियल 17 रासायनिक तत्वों का समूह है। इनका इस्तेमाल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मिलिट्री उपकरणों तक में होता है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा और कई आधुनिक तकनीकों में इनकी अहम भूमिका है। इनका इस्तेमाल IT, केमिकल और ऑयल रिफाइनिंग जैसी इंडस्ट्रीज में भी होता है। आधुनिक तकनीक और हाई-टेक उपकरणों में इनकी मांग लगातार बनी हुई है। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…






