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पानी में उगने वाले इस फूल का तना है बेहद पौष्टिक, सेवन से मिलेंगे ये जबरदस्त फायदे, खून की कमी है तो जरूर खाएं – Uttar Pradesh News

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Last Updated:February 20, 2026, 23:09 IST आप अक्सर हरी और ताजी सब्जियां खाते होंगे. कुछ सब्जियां देखने में बिल्कुल सब्जी नहीं लगती है, लेकिन उनमें पौष्टिक तत्व ग्रीन वेजिटेबल्स से भी अधिक होते हैं. ऐसी ही एक सब्जी है कमल ककड़ी. जिसे इंग्लिश में लोटस स्टेम कहते हैं. कमल ककड़ी में पोषक तत्वों का खजाना होता है. ये देखने में बेशक आपको सूखी लकड़ी लगे, लेकिन स्वाद जबरदस्त होता है. इससे कई तरह की चीजें बनाई जाती हैं जैसे ग्रेवी वाली सब्जी, कोफ्ता, अचार. आपको बता दें कि यह कमल के फूल की जड़ से आता है और इसका स्वाद हल्का और मीठा होता है. सेहतमंद रहने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है.सर्दियों के मौसम में बाजार में मिलने वाली कमल ककड़ी पोषण से भरपूर सब्जी मानी जाती है. कमल के तने से मिलने वाली यह सब्जी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है. आयुर्वेद में इसे शरीर को ताकत देने और कई रोगों से बचाव करने वाली प्राकृतिक औषधि के रूप में देखा जाता है. दरअसल रायबरेली जिले के आयुष चिकित्सक गौरव कुमार (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बात करते हुए बताते है कि कमल ककड़ी फाइबर, आयरन, पोटैशियम और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है.इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है. इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई में मदद करता है, जिससे शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलते है. कमल ककड़ी खून की कमी दूर करने में भी सहायक होती है.इसमें मौजूद आयरन हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी दूर होती है.जिन लोगों को थकान या एनीमिया की समस्या रहती है, उनके लिए यह सब्जी फायदेमंद मानी जाती है. Add News18 as Preferred Source on Google गौरव कुमार के मुताबिक कमल ककड़ी दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी है.इसमें पाया जाने वाला पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करता है.यह शरीर में सोडियम के प्रभाव को संतुलित कर हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है.विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट तत्व इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, जिससे शरीर मौसमी बीमारियों से बचा रहता है. कमल ककड़ी का सेवन सब्जी, अचार या सूप के रूप में किया जा सकता है.हालांकि इसे अच्छी तरह साफ कर और पकाकर ही खाना चाहिए.जिन लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, वे इसे नियमित आहार में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. वह बताते हैं कि कमल ककड़ी एक पौष्टिक और गुणकारी सब्जी है, जो पाचन सुधारने, खून बढ़ाने, दिल को स्वस्थ रखने और शरीर को ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. First Published : February 20, 2026, 23:09 IST

कई बीमारियों का काल है ये पौधा, सेहत के लिए अमृत समान, सर्दी-खांसी, बुखार हमेशा रहेगा दूर – Uttarakhand News

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Last Updated:February 20, 2026, 21:54 IST गिलोय, जिसे आयुर्वेद में अमृत बेल और अमृता कहा गया है. यह बेल किसी वरदान से कम नहीं क्योंकि यह शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर थकान मिटाने, बुखार और पाचन की समस्या को दूर करने तक हर तरह की बीमारियों में असरदार मानी जाती है. स्थानीय लोग इसे देसी डॉक्टर के नाम से भी जानते हैं. गिलोय का सेवन कई रूपों में किया जा सकता है, जिसमें काढ़ा, चाय या जूस शामिल हैं. सुबह शाम इसका जूस लेने से मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा और ताजगी बनी रहती है. बुखार, कमजोरी या बार-बार बीमार पड़ना आज के बदलते मौसम में आम समस्या बन चुकी है. लोग छोटी-छोटी बीमारियों से परेशान रहते है और अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए उपाय ढूंढते है. ऐसे में आयुर्वेद की अमूल्य देन गिलोय को ‘इम्यूनिटी बूस्टर’ और ‘आयुर्वेद में अमृत’ के रूप में जाना जाता है. गिलोय केवल एक औषधीय पौधा नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य के कई पहलुओं में लाभकारी साबित होती है. लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गिलोय का सेवन आयुर्वेद में हजारों सालों से होता आया है. इसे आयुर्वेद की दृष्टि से कई लाभकारी गुणों वाला माना गया है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है और शरीर को बाहरी संक्रमणों से लड़ने में सक्षम बनाता है. बदलते मौसम में जहां लोग अक्सर बुखार, सर्दी-खांसी और कमजोरी जैसी परेशानियों से जूझते है, वहीं गिलोय इन समस्याओं को कम करने में फायदेमंद हो सकती है. अंगों का स्वास्थ्य बेहतर रहतागिलोय शरीर को डिटॉक्स करने में भी सहायक होती है. यह खून साफ करने और शरीर में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है. इसके सेवन से लीवर और किडनी जैसी महत्वपूर्ण अंगों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है. इसके साथ ही यह पाचन शक्ति को मजबूत करती है और गैस, कब्ज और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करती है. गिलोय का सेवन कई रूपों में किया जा सकता है. सबसे आम तरीका इसके ताजे रस का है, जिसे लोग सुबह खाली पेट पीना पसंद करते हैं. इसके अलावा गिलोय की गोलियां, चूर्ण और कैप्सूल भी उपलब्ध है. ताकत और ऊर्जा बनाने में उपयोगीगिलोय केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और शरीर को तरोताजा बनाए रखती है. आयुर्वेद में इसे वृद्धावस्था में शरीर की ताकत और ऊर्जा बनाए रखने के लिए भी उपयोगी बताया गया है. इस तरह गिलोय का नियमित और सही सेवन शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाने में सहायक होता है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : February 20, 2026, 21:54 IST