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BJP Wins 128 Seats With Less Than 30k Margin in Bengal

BJP Wins 128 Seats With Less Than 30k Margin in Bengal

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी से मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से से कुल 91 लाख वोट कटे यानी हर सीट पर औसतन 30 हजार वोट कटे। कुल 293 सीटों में से 176 पर जीत का अंतर 30 हजार से कम और 117 सीटों पर 30,000 से अधिक रहा। भाजपा के लिए इस बार 128 सीटें ऐसी रहीं, जहां जीत का अंतर 30 हजार से कम रहा और 79 पर 30 हजार से ज्यादा। 2021 में भाजपा ने 77 में से 72 सीटों पर जीत का मार्जिन 30 हजार से कम था। प्रतिशत में देखें तो भाजपा ने इस बार 62% सीटें 30 हजार से कम मार्जिन पर जीतीं, जबकि 2021 में यह 93.5% था। TMC के लिए इस बार 44 सीटों पर जीत का मार्जिन 30 हजार से कम था, जबकि 36 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा। 2021 में 121 सीटों पर टीएमसी की जीत का अंतर 30 हजार से कम था और 91 सीटों पर 30 हजार से ज्यादा। यानी बहुमत वाले दल के लिए ये आंकड़े ट्रेंड दिखाते हैं। भाजपा और टीएमसी की 25 सीटों पर जीत-हार का अंतर अधिक वोटों से था, यानी ऐसे नतीजों को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। भाजपा को तृणमूल के मुकाबले 32 लाख वोट ज्यादा भाजपा को बंगाल में कुल 2,92,24,804 और तृणमूल को 2,60,13,377 वोट मिले। दोनों दलों के बीच कुल वोट का अंतर 32,11,427 रहा। 293 सीटों के हिसाब से औसत निकालें तो प्रति सीट भाजपा को 10,960 वोटों की बढ़त मिली। एसआईआर पर दलों में भ्रम फैला, कहा गया कि यदि हटाए गए वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम है, तो इसका असर चुनाव परिणाम पर हस्तक्षेप नहीं करता। क्योंकि 30 हजार वोटों के होने या नहीं होने से अंतिम परिणाम पर फर्क नहीं पड़ता। हस्तक्षेप तभी संभव है जब यह दिखाया जा सके कि हटाए गए वोट इतने अधिक थे कि वे जीत-हार के अंतर को बदल सकते थे। उदाहरण के लिए- यदि किसी विजेता को 1 लाख वोट मिले और निकटतम प्रतिद्वंदी को 95 हजार वोट, तो मार्जिन 5 हजार हुआ। अगर हटाए गए वोट 5 हजार से कम हैं, तो असर नहीं होगा, लेकिन ज्यादा होने पर नतीजों पर असर संभव है। देश की 78% आबादी और 72% भूभाग पर अब भाजपा+ का राज गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे। बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है। …………………… पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ममता बोलीं- मैं आजाद पंछी, शेर की तरह लड़ूंगी: इस्तीफा नहीं दूंगी, हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे; कोलकाता में BJP कार्यकर्ता की हत्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी।ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं। केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया। AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। असम में कांग्रेस के 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पांचों राज्यों के रिजल्ट… ——————————————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- 10 साल में भाजपा 3 से 207 पर पहुंची:तमिलनाडु में विजय की 2 साल पुरानी पार्टी जीती; केरलम में कांग्रेस, असम में भाजपा सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

Bengal BJP First Time, Actor Vijays TVK Big in Tamil Nadu

Bengal BJP First Time, Actor Vijays TVK Big in Tamil Nadu

Hindi News National Election Results: Bengal BJP First Time, Actor Vijays TVK Big In Tamil Nadu गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी/चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आए। बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। असम में लगातार तीसरी बार भाजपा ने कब्जा जमाया है। तमिलनाडु में सबसे बड़ा उलटफेर हुआ, यहां 2 साल पुरानी एक्टर विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि टीवीके बहुमत के आंकड़े से पीछे है। इधर पुडुचेरी में एनडीए की ही सरकार सत्ता में बनी रहेगी। चेन्नई स्थित टीवीके के दफ्तर के बाहर भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। वहीं, पार्टी थिरुप्पाथुर से टीवीके प्रत्याशी के श्रीनिवास सेतुपति ने डीएमके उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन को एक वोट से हराया है। श्रीनिवास को 83,365 वोट मिले। इधर, पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। उन्होंने कल आरोप लगाया था कि ‘निर्वाचन आयोग और भाजपा गड़बड़ी कर रहे हैं। 100 से ज्यादा सीटें लूटी गईं हैं। मेरे एजेंटों को बूथ में घुसने नहीं दिया, मुझे रोका गया। पीटा गया। पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी जीते। उन्होंने ममता बनर्जी को हराया है। तमिलनाडु में एक्टर विजय ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की। उनकी पार्टी टीवीके ने 107 सीटें जीती हैं। असम के तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। चुनाव में जीत के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विक्ट्री साइन दिखाकर सीएम हिमंता ने फोटो क्लिक कराया। केरल विधानसभा में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। पार्टी नेता वी.डी. सतीशन ने कांग्रेस समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाया। देश की 78% आबादी और 72% भूभाग पर अब भाजपा+ का राज गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे। बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है। तमिलनाडु, पुदुचेरी में एक ​परिवार को 3 सीटें लॉटरी किंग मार्टिन की पत्नी, बेटा, दामाद तीन दलों से जीते चुनावी बांड के सबसे बड़े खरीदार बनकर देशभर में चर्चा में आए ‘लॉटरी किंग’ सैंटियागो मार्टिन के परिवार के तीन सदस्यों ने तमिलनाडु और पुदुचेरी में तीन सीटें जीती हैं। मार्टिन की पत्नी लीमा रोज ने एआईएडीएमके के टिकट पर तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के लालगुडी से 2,739 वोटों से जीत हासिल की। लीमा चुनाव में राज्य की सबसे अमीर उम्मीदवार (संपत्ति 1,050 करोड़ रुपए) थीं। मार्टिन की बेटी डेजी के पति और टीवीके की चुनाव विंग के सचिव आधव अर्जुन तमिलनाडु के विल्लीवाक्कम से जीते। ​वरिष्ठता के चलते वे मंत्री बन सकते हैं। मार्टिन के बेटे जोस चार्ल्स पुडुचेरी के कामराज नगर से जीते। उन्होंने खुद की पार्टी, लच्चिया जननायगा काची लॉन्च की थी और एनडीए से गठबंधन किया था। लॉटरी किंग ने ₹540 करोड़ तृणमूल कांग्रेस को, ₹500 करोड़ रुपए डीएमके को और ₹100 करोड़ भाजपा को दिए थे। 5 राज्यों के राजनीतिक अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… लाइव अपडेट्स अभी कॉपी लिंक केरल: पिनाराई विजयन तिरुवनंतपुरम रवाना केरल के पूर्व सीएम मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन मंगलवार सुबह अपने आवास से तिरुवनंतपुरम के लिए कार से रवाना हुए। पिनाराई धर्मदम सीट से 19 हजार से ज्यादा वोटों के जीते हैं। हालांकि उनकी पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। कुल 140 सीटों में उन्हें केवल 26 सीटें ही मिलीं। 4 मिनट पहले कॉपी लिंक सुवेंदु बोले- नंदीग्राम में मुस्लिम वोट TMC को मिला पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट से जीतने वाले भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा- इस बार मैंने लगभग दस हजार वोटों से चुनाव जीता है। नंदीग्राम के हिंदू लोगों ने मुझे फिर से जिताया है। वहां, मुसलमानों के सारे वोट TMC को मिले, मैं नंदीग्राम के हिंदुओं के लिए काम करूंगा। TMC खत्म हो जाएगी। 24 घंटे के अंदर यह तबाह हो जाएगी, यह खत्म हो जाएगी। इस भ्रष्ट, परिवार-वादी पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है। हम वही काम करेंगे, जिसका गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणापत्र में ऐलान किया था और प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार भरोसा दिलाया है। हम उसे पूरा करेंगे। 8 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु: टीवीके ने 108 सीटें जीतें चेन्नई में TVK प्रमुख और पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र से विजयी उम्मीदवार विजय के आवास के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। 12 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के 22 राज्यों में BJP-NDA की सरकार दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Bengal BJP First Time, Actor Vijays TVK Big in Tamil Nadu

Bengal BJP First Time, Actor Vijays TVK Big in Tamil Nadu

Hindi News National Election Results: Bengal BJP First Time, Actor Vijays TVK Big In Tamil Nadu गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी/चेन्नई24 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आए। बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। असम में लगातार तीसरी बार भाजपा ने कब्जा जमाया है। तमिलनाडु में सबसे बड़ा उलटफेर हुआ, यहां 2 साल पुरानी एक्टर विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि टीवीके बहुमत के आंकड़े से पीछे है। इधर पुडुचेरी में एनडीए की ही सरकार सत्ता में बनी रहेगी। चेन्नई स्थित टीवीके के दफ्तर के बाहर भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। वहीं, पार्टी थिरुप्पाथुर से टीवीके प्रत्याशी के श्रीनिवास सेतुपति ने डीएमके उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन को एक वोट से हराया है। श्रीनिवास को 83,365 वोट मिले। इधर, पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। उन्होंने कल आरोप लगाया था कि ‘निर्वाचन आयोग और भाजपा गड़बड़ी कर रहे हैं। 100 से ज्यादा सीटें लूटी गईं हैं। मेरे एजेंटों को बूथ में घुसने नहीं दिया, मुझे रोका गया। पीटा गया। पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी जीते। उन्होंने ममता बनर्जी को हराया है। तमिलनाडु में एक्टर विजय ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की। उनकी पार्टी टीवीके ने 107 सीटें जीती हैं। असम के तीसरी बार भाजपा की सरकार बन रही है। चुनाव में जीत के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विक्ट्री साइन दिखाकर सीएम हिमंता ने फोटो क्लिक कराया। केरल विधानसभा में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। पार्टी नेता वी.डी. सतीशन ने कांग्रेस समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाया। देश की 78% आबादी और 72% भूभाग पर अब भाजपा+ का राज गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे। बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है। तमिलनाडु, पुदुचेरी में एक ​परिवार को 3 सीटें लॉटरी किंग मार्टिन की पत्नी, बेटा, दामाद तीन दलों से जीते चुनावी बांड के सबसे बड़े खरीदार बनकर देशभर में चर्चा में आए ‘लॉटरी किंग’ सैंटियागो मार्टिन के परिवार के तीन सदस्यों ने तमिलनाडु और पुदुचेरी में तीन सीटें जीती हैं। मार्टिन की पत्नी लीमा रोज ने एआईएडीएमके के टिकट पर तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के लालगुडी से 2,739 वोटों से जीत हासिल की। लीमा चुनाव में राज्य की सबसे अमीर उम्मीदवार (संपत्ति 1,050 करोड़ रुपए) थीं। मार्टिन की बेटी डेजी के पति और टीवीके की चुनाव विंग के सचिव आधव अर्जुन तमिलनाडु के विल्लीवाक्कम से जीते। ​वरिष्ठता के चलते वे मंत्री बन सकते हैं। मार्टिन के बेटे जोस चार्ल्स पुडुचेरी के कामराज नगर से जीते। उन्होंने खुद की पार्टी, लच्चिया जननायगा काची लॉन्च की थी और एनडीए से गठबंधन किया था। लॉटरी किंग ने ₹540 करोड़ तृणमूल कांग्रेस को, ₹500 करोड़ रुपए डीएमके को और ₹100 करोड़ भाजपा को दिए थे। 5 राज्यों के राजनीतिक अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… लाइव अपडेट्स 24 मिनट पहले कॉपी लिंक केरल: पिनाराई विजयन तिरुवनंतपुरम रवाना केरल के पूर्व सीएम मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन मंगलवार सुबह अपने आवास से तिरुवनंतपुरम के लिए कार से रवाना हुए। पिनाराई धर्मदम सीट से 19 हजार से ज्यादा वोटों के जीते हैं। हालांकि उनकी पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। कुल 140 सीटों में उन्हें केवल 26 सीटें ही मिलीं। 27 मिनट पहले कॉपी लिंक सुवेंदु बोले- नंदीग्राम में मुस्लिम वोट TMC को मिला पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट से जीतने वाले भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा- इस बार मैंने लगभग दस हजार वोटों से चुनाव जीता है। नंदीग्राम के हिंदू लोगों ने मुझे फिर से जिताया है। वहां, मुसलमानों के सारे वोट TMC को मिले, मैं नंदीग्राम के हिंदुओं के लिए काम करूंगा। TMC खत्म हो जाएगी। 24 घंटे के अंदर यह तबाह हो जाएगी, यह खत्म हो जाएगी। इस भ्रष्ट, परिवार-वादी पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है। हम वही काम करेंगे, जिसका गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणापत्र में ऐलान किया था और प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार भरोसा दिलाया है। हम उसे पूरा करेंगे। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु: टीवीके ने 108 सीटें जीतें चेन्नई में TVK प्रमुख और पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र से विजयी उम्मीदवार विजय के आवास के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। 36 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के 22 राज्यों में BJP-NDA की सरकार दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Amit Shah Bengal Election Strategy

Amit Shah Bengal Election Strategy

नई दिल्ली/कोलकाता27 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा की बंगाल विजय ऐतिहासिक है। इस बदलाव के रणनीतिकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रहे जो 15 दिन से ज्यादा बंगाल में डटे रहे। उन्होंने चुनाव अभियान को मिशन में बदल दिया। शाह दिन में रैली और रोड शो करते, रात में हर सीट की समीक्षा करते। इसी आधार पर माइक्रो मैनेजमेंट देखते थे। 50 से अधिक रैली और रोड शो किए। उनके साथ 5 और प्रमुख नेता कोर टीम की तरह हर मोर्चे पर डटी रही। 2021 की हिंसा के बाद घर-घर पहुंचा संघ भाजपा की जीत के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की करीब डेढ़ दशक लंबी तैयारी भी है। 2011 में राज्य में करीब 530 शाखाएं थीं, जो 2500 से ज्यादा हो चुकी हैं। पिछले साल में 583 नई शाखाएं खुलीं। चुनाव से पहले संघ ने पर्दे के पीछे रहकर एक लाख से ज्यादा छोटी बैठकों के जरिए परिवर्तन का नैरेटिव सेट कर दिया। जानते हैं संघ के 5 असरदार कदम क्या रहे… पीड़ितों का ‘कवच’: 2021 की हिंसा के बाद संघ सुरक्षा कवच की भूमिका में आया। पीड़ितों के घर जाकर आर्थिक और कानूनी मदद दी। शीर्ष नेतृत्व से संवाद कराया। संदेश गया कि संगठन साथ है। संदेशखाली से आवाज: संदेशखाली जैसे इलाकों में सीधे टकराव के बजाय भरोसे की रणनीति अपनाई। महिलाओं व पीड़ितों से संवाद के जरिए उन्हें बात उठाने को प्रेरित किया। बड़ी संख्या में लोग सामने आए। बाहरी नैरेटिव खत्म: सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर काम किया। स्थानीय त्योहारों, विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए भाजपा को स्थानीय विकल्प के रूप में पेश किया। डर तोड़ने का अभियान: गांव-मोहल्ले तक पहुंच वोटर्स-वर्कर्स में भरोसा बनाया कि निडर हो वोट दें। लोगों को बूथ तक लाने की तैयारी की। हर क्षेत्र-बूथ की जमीनी स्थिति भाजपा तक पहुंचाई। मुद्दे भविष्य से जोड़े: शिक्षक भर्ती घोटाला, आरजीकर व अन्य मामलों को परिवार और महिलाओं की सुरक्षा व भविष्य से जोड़ा। मुद्दे गांव और शहरी मध्यमवर्ग तक पहुंचाए। असंतोष को वोट में बदलने का माहौल बना। ………………… यह खबर भी पढ़ें… बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, असम में हैट्रिक: तमिलनाडु में एक्टर विजय बनेंगे CM; केरलम में कांग्रेस लौटी, लेफ्ट सरकार अब देश में कहीं नहीं पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

west bengal tamil nadu keralam assam puducherry election results

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कोलकाता/चेन्नई/गुवाहाटीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें DMK या AIADMK नहीं होगी। दो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एम के स्टालिन चुनाव हार गए। बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म भाजपा को वोट शेयर 7.50% बढ़ा, TMC का इतना ही घटा बंगाल में 12 मंत्री हारे, भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट महिला को मिल सकती है कमान: बंगाल में भाजपा ने बिना चेहरे के चुनाव लड़ा, इसलिए अब बड़ा सवाल यह है कि कौन मुख्यमंत्री होगा। संभावित नामों में सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य का नाम सबसे आगे है। पार्टी किसी महिला चेहरे को भी ला सकती है। भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट: बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा। ममता समेत 12 मंत्री हारे: सीएम ममता समेत 12 मंत्री चुनाव हार गए। ममता के पास होम मिनिस्ट्री समेत 7 महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा, उदयन गुहा, ब्रत्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुजीत बसु, सिद्दीकुल्लाह चौधरी, रथिन घोष, बेचाराम मन्ना, बिरबाहा हंसदा, मोलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है। पहली बार राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार: 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अब ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्ता में है। 1972 में राज्य में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतीं थीं और उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी। बांग्लादेश सीमा, घुसपैठ और प्रशासनिक नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भी सख्ती हो सकती है। मोदी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में इसका ऐलान भी किया। नॉर्थ से साउथ तक BJP: साउथ बंगाल पहले TMC का मजबूत गढ़ था, यहां BJP ने सबसे ज्यादा 33 सीटें जीतीं। नॉर्थ 24 परगना में BJP ने 18 सीटें जीत लीं। TMC को यहां 15 सीटें मिलीं। पूर्वी मेदिनीपुर में BJP ने 16 और हुगली में 15 सीटें जीतीं। नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं। मालदा में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिलीं। जंगलमहल में भाजपा ने पुरुलिया की 9, बांकुरा की 11 पश्चिम मेदिनीपुर 12 सीटें जीतीं। टीएमसी ने सबसे अधिक सीटें दक्षिणी बंगाल में जीतीं। सबसे छोटी और सबसे बड़ी जीत: बंगाल की सतगछिया सीट पर सबसे कम मार्जिन वाली जीत हुई। BJP के अग्निस्वर नास्कर ने TMC के सोमाश्री बेताल को 401 वोट से हराया है। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर जीत का मार्जिन सबसे बड़ा रहा। यहां BJP के आनंदमय बर्मन ने TMC के शंकर मलाकर को 1,04,265 वोट से हराया। मोदी का 242 सीट पर प्रचार, 184 में भाजपा जीती मोदी ने सोमवार शाम को भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वे बंगाली कुर्ता-धोती पहनकर पहुंचे। मोदी ने अपनी जनसभाओं और रोड-शो के जरिए बंगाल की 294 में से 242 सीटें कवर कीं। इनमें से 184 सीटों पर भाजपा की जीत हुई। भाजपा ने राज्य में 208 सीटें जीतीं। जिन सीटों पर मोदी ने सभा या रोड-शो किया, वहां पार्टी का स्ट्राइक रेट 76% रहा। ममता भवानीपुर से चुनाव हारीं, सुवेंदु दोनों सीट पर जीते SIR से अनुपात में मुस्लिम वोटर्स के नाम ज्यादा कटे SIR के तहत बंगाल में वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। भाजपा को 2.89 और TMC को 2.57 करोड़ वोट मिले। दोनों पार्टियों के बीच 31 लाख 84 वोटों का अंतर रहा। SIR में 63% (लगभग 57.47 लाख) हिंदू और 34% (लगभग 31.1 लाख) मुस्लिमों के नाम कटे थे। सीधा मतलब है कि आबादी के अनुपात में मुस्लिम वोट ज्यादा कटे। जिन इलाकों में मुस्लिम वोटर निर्णायक हो सकते थे, वहां कमजोर हो गए। इसका फायदा भाजपा को हुआ। भाजपा की स्ट्रैटजी, शाह 15 दिन बंगाल में रहे शाह 15 दिन बंगाल में रहे। बंगाल में पहली बार ‘पन्ना प्रमुख’ स्ट्रैटजी पर काम किया। 44,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों को ‘मजबूत’, ‘केंद्रित’ व ‘कमजोर’ श्रेणियों में बांटा। हर पन्ना प्रमुख को 30-60 मतदाताओं की सीधी जिम्मेदारी दी। उनका कार्य प्रचार करना और यह सुनिश्चित करना था कि उनके आवंटित वोटर मतदान केंद्र पहुंचें। टीएमसी की महिलाओं में ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कल्याणकारी योजनाएं काफी लोकप्रिय हुईं। इसमें 1000-1200 रु. दिए जा रहे थे। भाजपा सबके लिए 3 हजार की योजना लाई। सुवेंदु अधिकारी और अमित शाह ने बार-बार मंचों से आश्वासन दिया कि भाजपा कोई मौजूदा योजना बंद नहीं करेगी, उनके लाभ और बढ़ाएगी। राज्य के कर्मियों के लिए 7वें केंद्रीय वेतन आयोग को तुरंत लागू करने और सभी बकाया वेतन विसंगतियों को दूर करने का प्रमुख वादा किया। तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा है। TVK का उत्तर-मध्य में दबदबा, 46% स्ट्राइक रेट विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा। सीएम स्टानिल 8795 वोट से हारे 59 साल बाद पहली बार गैर

India Election Results | West Bengal, Tamil Nadu, Kerala Govt Change; NDA Returns Assam, Puducherry

India Election Results | West Bengal, Tamil Nadu, Kerala Govt Change; NDA Returns Assam, Puducherry

Hindi News National India Election Results | West Bengal, Tamil Nadu, Kerala Govt Change; NDA Returns Assam, Puducherry 1 मिनट पहले कॉपी लिंक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें DMK या AIADMK नहीं होगी। दो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एम के स्टालिन चुनाव हार गए। बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म भाजपा को वोट शेयर 7.50% बढ़ा, TMC का इतना ही घटा बंगाल में 12 मंत्री हारे, भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट 1. महिला को मिल सकती है कमान: बंगाल में भाजपा ने बिना चेहरे के चुनाव लड़ा, इसलिए अब बड़ा सवाल यह है कि कौन मुख्यमंत्री होगा। संभावित नामों में सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य का नाम सबसे आगे है। पार्टी किसी महिला चेहरे को भी ला सकती है। 2. भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट: बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा। 3. ममता समेत 12 मंत्री हारे: सीएम ममता समेत 12 मंत्री चुनाव हार गए। ममता के पास होम मिनिस्ट्री समेत 7 महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा, उदयन गुहा, ब्रत्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुजीत बसु, सिद्दीकुल्लाह चौधरी, रथिन घोष, बेचाराम मन्ना, बिरबाहा हंसदा, मोलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है। 4. पहली बार राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार: 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अब ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्ता में है। 1972 में राज्य में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतीं थीं और उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी। बांग्लादेश सीमा, घुसपैठ और प्रशासनिक नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भी सख्ती हो सकती है। मोदी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में इसका ऐलान भी किया। 5. नॉर्थ से साउथ तक BJP: साउथ बंगाल पहले TMC का मजबूत गढ़ था, यहां BJP ने सबसे ज्यादा 33 सीटें जीतीं। नॉर्थ 24 परगना में BJP ने 18 सीटें जीत लीं। TMC को यहां 15 सीटें मिलीं। पूर्वी मेदिनीपुर में BJP ने 16 और हुगली में 15 सीटें जीतीं। नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं। मालदा में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिलीं। जंगलमहल में भाजपा ने पुरुलिया की 9, बांकुरा की 11 पश्चिम मेदिनीपुर 12 सीटें जीतीं। टीएमसी ने सबसे अधिक सीटें दक्षिणी बंगाल में जीतीं। 6. सबसे छोटी और सबसे बड़ी जीत: बंगाल की सतगछिया सीट पर सबसे कम मार्जिन वाली जीत हुई। BJP के अग्निस्वर नास्कर ने TMC के सोमाश्री बेताल को 401 वोट से हराया है। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर जीत का मार्जिन सबसे बड़ा रहा। यहां BJP के आनंदमय बर्मन ने TMC के शंकर मलाकर को 1,04,265 वोट से हराया। मोदी का 242 सीट पर प्रचार, 184 में भाजपा जीती मोदी ने सोमवार शाम को भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वे बंगाली कुर्ता-धोती पहनकर पहुंचे। मोदी ने अपनी जनसभाओं और रोड-शो के जरिए बंगाल की 294 में से 242 सीटें कवर कीं। इनमें से 184 सीटों पर भाजपा की जीत हुई। भाजपा ने राज्य में 208 सीटें जीतीं। जिन सीटों पर मोदी ने सभा या रोड-शो किया, वहां पार्टी का स्ट्राइक रेट 76% रहा। ममता भवानीपुर से चुनाव हारीं, सुवेंदु दोनों सीट पर जीते SIR से अनुपात में मुस्लिम वोटर्स के नाम ज्यादा कटे SIR के तहत बंगाल में वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। भाजपा को 2.89 और TMC को 2.57 करोड़ वोट मिले। दोनों पार्टियों के बीच 31 लाख 84 वोटों का अंतर रहा। SIR में 63% (लगभग 57.47 लाख) हिंदू और 34% (लगभग 31.1 लाख) मुस्लिमों के नाम कटे थे। सीधा मतलब है कि आबादी के अनुपात में मुस्लिम वोट ज्यादा कटे। जिन इलाकों में मुस्लिम वोटर निर्णायक हो सकते थे, वहां कमजोर हो गए। इसका फायदा भाजपा को हुआ। भाजपा की स्ट्रैटजी, शाह 15 दिन बंगाल में रहे शाह 15 दिन बंगाल में रहे। बंगाल में पहली बार ‘पन्ना प्रमुख’ स्ट्रैटजी पर काम किया। 44,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों को ‘मजबूत’, ‘केंद्रित’ व ‘कमजोर’ श्रेणियों में बांटा। हर पन्ना प्रमुख को 30-60 मतदाताओं की सीधी जिम्मेदारी दी। उनका कार्य प्रचार करना और यह सुनिश्चित करना था कि उनके आवंटित वोटर मतदान केंद्र पहुंचें। टीएमसी की महिलाओं में ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कल्याणकारी योजनाएं काफी लोकप्रिय हुईं। इसमें 1000-1200 रु. दिए जा रहे थे। भाजपा सबके लिए 3 हजार की योजना लाई। सुवेंदु अधिकारी और अमित शाह ने बार-बार मंचों से आश्वासन दिया कि भाजपा कोई मौजूदा योजना बंद नहीं करेगी, उनके लाभ और बढ़ाएगी। राज्य के कर्मियों के लिए 7वें केंद्रीय वेतन आयोग को तुरंत लागू करने और सभी बकाया वेतन विसंगतियों को दूर करने का प्रमुख वादा किया। तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा है। TVK का उत्तर-मध्य में दबदबा, 46% स्ट्राइक रेट विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ

PM Narendra Modi BJP Headquarter LIVE Speech Update; West Bengal Election Result – Assam

PM Narendra Modi BJP Headquarter LIVE Speech Update; West Bengal Election Result - Assam

Hindi News National PM Narendra Modi BJP Headquarter LIVE Speech Update; West Bengal Election Result Assam | TMC Congress नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने 14 नवंबर को बिहार में जीत के बाद दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। भाजपा का 5 राज्यों में से 3 (पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी) में सरकार बनाना तय है। केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में एक्टर विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज शाम 6:30 बजे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। मोदी ने पिछले साल 14 नवंबर को बिहार में जीत के बाद कहा था कि गंगाजी बिहार से बहते हुए बंगाल जाती है। बिहार ने बंगाल में भाजपा की विजय का रास्ता बना दिया है। BJP कार्यकर्ताओं के जश्न से जुड़ी 4 तस्वीरें… 3 राज्यों के चुनाव में जीत के बाद दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ता पीएम मोदी की फोटो को मिठाई को खिलाते हुए। कोलकाता में जीत के बाद जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता। कर्नाटक के चिकमंगलूर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े। भाजपा को बहुमत मिलने की खुशी में दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 1. बंगाल में भाजपा सरकार, 159 सीटों पर बढ़त; 6% वोट बढ़ा 2. तमिलनाडु में उलटफेर, TVK नंबर वन पार्टी, DMK तीसरे नंबर पर खिसकी 3. कोलकाता में TMC ऑफिस पर सन्नाटा, भाजपा हेडक्वार्टर में जलेबी बनी पिछले 5 मौके, जब चुनाव में जीत के बाद PM मोदी पार्टी हेडक्वार्टर पहुंचे 14 नवंबर 2025: बिहार चुनाव में बीजेपी की जीत भाजपा ने बिहार में NDA की जीत का दिल्ली हेडक्वार्टर में जश्न मनाया। इस मौके पर पीएम ने 42 मिनट के भाषण में कहा, बिहार के लोगों ने गर्दा उड़ा दिया। अब कट्टा सरकार कभी वापस नहीं आएगी। उन्होंने छठी मईया के जयकारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि जो छठ पूजा को ड्रामा कह सकते हैं, वे बिहार की क्या इज्जत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी 2025: दिल्ली चुनाव में बीजेपी की जीत दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पीएम मोदी ने भाजपा हेडक्वॉर्टर में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत यमुना मैया की जय के नारे के साथ की थी। उन्होंने कहा था कि आज दिल्ली में दिल्ली के लोगों में एक उत्साह भी है और सुकून भी है। उत्साह विजय का है, सुकून दिल्ली को आप-दा से मुक्त कराने का है। आपने दिल खोलकर प्यार दिया। मैं दिल्लीवालों को नमन करता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 23 नवंबर 2024: महाराष्ट्र में महायुति की जीत तस्वीर 23 नवंबर की है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत के बाद पीएम मोदी दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर पहुंचे थे। महाराष्ट्र चुनाव में महायुति (बीजेपी-शिवसेना-NCP) की जीत के बाद पीएम मोदी पार्टी हेडक्वार्टर पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र ने कुर्सी फर्स्ट वालों को नकारते हुए डंके की चोट पर कहा- एक हैं तो सेफ हैं। अपने 49 मिनट के भाषण की शुरुआत पीएम मोदी ने जय भवानी, जय शिवाजी के नारे के साथ की और समापन भारत माता की जय और वंदेमातरम से किया था। पूरी खबर पढ़ें… 8 अक्टूबर 2024: हरियाणा में बीजेपी की जीत 8 अक्टूबर 2024 को हरियाणा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पीएम मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने 35 मिनट भाषण दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में संबोधित किया था। उन्होंने 35 मिनट भाषण दिया था। पीएम ने कहा- जनता के सामने कांग्रेस की पोल खुल चुकी है। उनका डिब्बा गोल हो गया है। सरकार से बाहर होते ही कांग्रेस जल बिन मछली जैसी हो जाती है। वो समाज में जाति का जहर फैला रही है। पूरी खबर पढ़ें… 4 जून 2024: लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनी तस्वीर 4 जून 2024 की है। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में NDA की सरकार बनने पर पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 4 जून की शाम प्रधानमंत्री मोदी पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, लेकिन जबान पर भाजपा कम और NDA का नाम ज्यादा रहा था। 34 मिनट के धन्यवाद भाषण में भाजपा का नाम 8 बार लिया तो NDA (भाजपा के सहयोगी दल) का हवाला 10 बार आया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बंगाल चुनाव रिजल्ट का पंजाब पर क्या असर:BJP जीती तो AAP में टूट का खतरा, कांग्रेस को डेंट; 3 एक्सपर्ट के हवाले से सब कुछ जानिए

बंगाल चुनाव रिजल्ट का पंजाब पर क्या असर:BJP जीती तो AAP में टूट का खतरा, कांग्रेस को डेंट; 3 एक्सपर्ट के हवाले से सब कुछ जानिए

बंगाल में BJP और ममता बनर्जी की TMC के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। शुरूआती रूझान में भाजपा बढ़त बनाए हुए हैं। बंगाल में भाजपा की परफॉर्मेंस पर पंजाब के पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की भी नजर टिकी हुई है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पॉलिटिकल एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अगर BJP बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढहाने में कामयाब रही तो अगली बारी पंजाब की होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे बंगाल में भाजपा कभी सरकार नहीं बना सकी, उसी तरह पंजाब में अकेले दम पर सत्ता पाना भी भाजपा के लिए किसी सपने से कम नहीं। अगर भाजपा बंगाल में सरकार बना गई या फिर TMC से हार गई तो इसका पंजाब चुनाव पर क्या असर होगा, इस बारे में दैनिक भास्कर ने पंजाब के 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बात की। उनका कहना है कि भाजपा बंगाल जीती तो पंजाब में एग्रेसिव ढंग से पॉलिटिकल कैंपेन करेगी। इससे AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। चुनाव हार गई तो फिर भाजपा पंजाब को लेकर और इंतजार कर सकती है। एक्सपर्ट बंगाल चुनाव का असर कांग्रेस पर भी मान रहे हैं। … पढ़िए उनकी क्या राय? बंगाल जीती तो BJP पर भरोसा बढ़ेगा, विधायकों की टूट होगी जालंधर की DAV यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रो. डॉक्टर केके रत्तू कहते हैं- अगर BJP बंगाल जीत गई तो पंजाब में भी साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाएगी। BJP के लिए पंजाब भी बंगाल की तरह सियासी कामयाबी की बड़ी पहेली है, ऐसे में भाजपा का बंगाल में जो अभी परफॉर्मेंस दिख रहा है, उसे पंजाब में भी लागू करेगी। इतना जरूर है कि अगर भाजपा ने बंगाल जीता तो AAP में टूट का खतरा बढ़ेगा। विधायक समझेंगे कि अगर भाजपा बंगाल में सरकार बना सकती है तो पंजाब में भी चौंका सकती है। उनका भरोसा बढ़ेगा और टूट के मौके ज्यादा बनेंगे। हालांकि ये टूट अभी नहीं होगी। इसकी वजह डॉ. रत्तू बताते हैं कि अभी कोई टूटकर गया तो AAP सरकार उसे नहीं छोड़ेगी। रेड होंगी या फिर केस भी हो सकता है। फिर जमानत के चक्कर या फिर जेल जाना होगा। ऐसा ही AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसदों के साथ हुआ। राजिंदर गुप्ता पर रेड हुई, राघव चड्‌ढा और हरभजन भज्जी की सिक्योरिटी वापस ले ली, संदीप पाठक पर भी FIR की चर्चा है। ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेगा। असली टूट चुनाव आने के 1-2 महीने के बाद होगी। पर यह तभी है, जब भाजपा बंगाल में सरकार बना लेती है। वर्ना विधायक भी समझ लेंगे कि भाजपा भले ही केंद्र में तीसरी बार सरकार बना गई लेकिन अभी पंजाब को जीतना संभव नहीं है। बंगाल के बाद भाजपा पंजाब को सीरियसली लेगी, कांग्रेस-आप डेंट दे सकती पॉलिटिकल एक्सपर्ट एडवोकेट नईम खान कहते हैं- बंगाल में भाजपा जीती तो इसका इंपैक्ट बिल्कुल पंजाब में दिखेगा। भाजपा यहां सरकार बनाने के लिए कितना जोर लगाएगी, यह तो देखना होगा लेकिन बंगाल के बाद भाजपा पंजाब में भी चौंकाने वाली परफॉर्मेंस दिखा सकती है। ऐसा भी लग रहा है कि पंजाब में RSS भी चुनाव में भाजपा की प्लानिंग को लेकर एक्टिव है। भाजपा पंजाब को बंगाल के बाद ही ज्यादा सीरियस लेगी, हालांकि अभी भी डेरा फैक्टर की गोटियां बिल्कुल भाजपा सैट कर रही है। इसमें डेरा बल्लां हो या ब्सास व डेरा सच्चा सौदा, तीनों जगह भाजपा संपर्क में है। हालांकि इसका वोट बैंक पर कितना असर होता है, यह कभी सामने नहीं आता, लेकिन एक परसेप्शन जरूर भाजपा बनाने की कोशिश कर रही है। बंगाल चुनाव से बड़ा मैसेज कांग्रेस के लिए भी आ रहा है। रूझानों में BJP और TMC के बीच फाइट है लेकिन कांग्रेस डबल फिगर के आंकड़े तक नहीं पहुंची है। पंजाब में भी अगर भाजपा का वोट शेयर बढ़ा तो कांग्रेस-आप को डेंट लग सकता है। ऐसा भी संभव है कि 2027 में पंजाब का चुनावी मुकाबले का शोर AAP और BJP के बीच का ज्यादा हो। बंगाल रिजल्ट पंजाब की 2027 की चुनावी राजनीति तय करेगा इस बारे में हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट व पूर्व VC डॉ. किरपाल सिंह औलख से बात की। उनका कहना था- बंगाल चुनाव में BJP की परफॉर्मेंस पंजाब की चुनावी राजनीति को तय करेगा। भाजपा अगर जीत गई तो मानकर चलिए कि 2027 में भाजपा मिशन पंजाब को इनडेप्थ तरीके से लागू करेगी। जो फॉर्मूला बंगाल में कामयाब रहेगा, उसे पंजाब के लिहाज से भी देखा जाएगा। विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर AAP में भी टूट दिखाई दे सकती है। यही वजह है कि अभी राघव चड्‌ढा और संदीप पाठक पंजाब को लेकर बहुत एक्टिव नजर नहीं आ रहे। अभी बैकएंड प्लानिंग होगी, फिर भाजपा मैदान में आएगी और पंजाबियों को यकीन दिलाएगी कि बंगाल में लोगों ने भरोसा किया तो इस बार पंजाब को भी भाजपा को मौका देना चाहिए।