Thursday, 17 Sep 2026 | 12:52 PM

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Delhi Congress Protest | Mumbai Rahul Gandhi Black Flags; AI Summit

Delhi Congress Protest | Mumbai Rahul Gandhi Black Flags; AI Summit

नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के AI समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा आज दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही है। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता ‘कांग्रेस-राहुल गांधी = गद्दार’, ‘देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे’ के पोस्ट लेकर विरोध कर रहे हैं। इधर, कांग्रेस नेता आज महाराष्ट्र के भिवंडी पहुंचे हैं। उनकी यहां 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ अपनी विवादास्पद टिप्पणी मामले में पेशी है। राहुल गांधी का काफीला जब कोर्ट की ओर बढ़ रहा था, तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। दरअसल, 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। AI समिट में प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे। दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई। 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं। पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले काले रंग के छाते पर स्टिकर चिपकाकर भारत मंडपम में घुसने की योजना बनाई थी। फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे। इसलिए उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर चिपका दिए। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है। दिल्ली के तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उनपर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है। AI समिट में प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रिया तरुण चुघ, भाजपा नेता – ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। ये साजिश के तहत की गई है। जो माफ नहीं की जा सकती है। देश की जनता इस तरह के हरकतों के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’ मनोज झा, RJD सांसद – ‘मेरा मानना ​​है कि देश में आक्रोश है और यह आक्रोश कई मोर्चों पर है लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के समिट में विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं था।’ उदय भानु चिब, इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष- हमारे युवा कांग्रेस के साथी राहुल गांधी के सिपाही हैं। वे डरेंगे नहीं। जब राहुल गांधी के खिलाफ FIR नहीं थी, तब भी ED का मामला इतने सालों तक चलता रहा। भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है, लेकिन हम संविधान के सिपाही हैं, राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम देश के युवाओं के लिए आवाज उठाएंगे।’ 20 फरवरी: राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘राहुल गांधी हाय-हाय’ के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को बस में भरकर अपने साथ ले गई। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख

AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi

AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi

Hindi News National AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi | Delhi Police नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया और लिखा- AI समिट के चमकदार मंच के पीछे सच दबाया नहीं जा सकता। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं। AI समिट में प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे। दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई। पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले काले रंग के छाते पर स्टिकर चिपकाकर भारत मंडपम में घुसने की योजना बनाई थी। फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे। इसलिए उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर चिपका दिए। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है। दिल्ली के तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उनपर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है। AI समिट में प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रिया तरुण चुघ, भाजपा नेता – ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। ये साजिश के तहत की गई है। जो माफ नहीं की जा सकती है। देश की जनता इस तरह के हरकतों के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’ मनोज झा, RJD सांसद – ‘मेरा मानना ​​है कि देश में आक्रोश है और यह आक्रोश कई मोर्चों पर है लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के समिट में विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं था।’ उदय भानु चिब, इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष- हमारे युवा कांग्रेस के साथी राहुल गांधी के सिपाही हैं। वे डरेंगे नहीं। जब राहुल गांधी के खिलाफ FIR नहीं थी, तब भी ED का मामला इतने सालों तक चलता रहा। भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है, लेकिन हम संविधान के सिपाही हैं, राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम देश के युवाओं के लिए आवाज उठाएंगे।’ राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘राहुल गांधी हाय-हाय’ के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को बस में भरकर अपने साथ ले गई। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे हैं, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कारण विवादों में आया AI समिट AI समिट उद्घाटन के बाद से लगातार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर रहा। विवाद तब और बढ़ा जब उत्तर प्रदेश की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने समिट के दौरान अपने स्‍टॉल पर रोबोटिक डॉग

Priyanka Gandhi Vs Himanta Sarma; Assam Election Politics

Priyanka Gandhi Vs Himanta Sarma; Assam Election Politics

Hindi News National Priyanka Gandhi Vs Himanta Sarma; Assam Election Politics | Gaurav Gogoi गुवाहाटी16 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी दो दिन के असम दौरे पर हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि गौरव गोगोई और उनके परिवार को ‘पाकिस्तान लिंक’ के आरोपों में घसीटना गलत राजनीति है। प्रियंका ने कहा कि असम के सीएम चुनाव से पहले डर गए हैं, इसलिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्हें निजी आरोपों की बजाय राज्य के विकास पर बात करनी चाहिए। प्रियंका बोली- गौरव जी और उनके परिवार को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उससे साफ है कि यह गलत राजनीति है। असम की जनता जानती है कि दूसरी तरफ के लोग उनसे घबराए हुए हैं। वह सही रास्ते पर चल रहे हैं। यह उनके लिए सम्मान की बात है। प्रियंका गांधी का आज असम दौरे का दूसरा दिन है। सुबह वह गुवाहाटी के पास सोनापुर पहुंचीं। गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। प्रियंका की बातों के तीन बड़े पॉइंट्स… मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने असम के विकास के लिए क्या किया है। असम की युवा पीढ़ी को नौकरी और रोजगार की जरूरत है। जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां चुनाव से पहले महिलाओं को पैसा दिया जाता है, लेकिन क्या उन्हें पांच साल सुरक्षा मिली? कितनी महिलाओं को रोजगार मिला और कितनों को आत्मनिर्भर बनाया गया? राज्य की संपत्ति जनता के हाथ से निकलकर ‘एक परिवार’ के पास जा रही है और योजनाओं का इस्तेमाल सिर्फ चुनावी फायदा लेने के लिए किया जा रहा है। हिमंता के CM नहीं बनाने पर भी तंज प्रियंका गांधी ने हिमंता के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए कई कारक तय करते हैं। अगर वे दस साल बाद भी मुख्यमंत्री नहीं बनने देने कि बात पर रो रहे हैं, तो मुझे और कुछ कहने की जरूरत नहीं है। असम सरकार के खिलाफ 20 पॉइंट्स की चार्जशीट जारी प्रियंका गांधी ने असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार के खिलाफ 20 पॉइंट्स की चार्जशीट जारी की। यह चार्जशीट असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से तैयार की गई है। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि प्रियंका गांधी असम की जनता की भावनाएं समझने आई हैं और कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। असम की राजनीति में हाल के तीन बड़े घटनाक्रम… 18 फरवरी: गौरव गोगोई बोले- CM हिमंता असम के जिन्ना, नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करें असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हिमंता ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताया है। हिमंता ‘असम के जिन्ना’ हैं, उन्हें नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करना चाहिए। गोगोई ने ये भी कहा- भाजपा में शामिल होने वाले नेता अपनी पार्टी के लिए गैरजरूरी हो जाते हैं। ऐसा ही हाल असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा का होगा। पूरी खबर पढ़ें… 17 फरवरी: असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ी, भाजपा जॉइन करेंगे असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा जॉइन करने की अटकलों पर मुहर लगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उन्होंने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा। पूरी खबर पढ़ें… 16 फरवरी: हिमंता बोले- कांग्रेस सांसद ने पाकिस्तान की यात्रा की, उनकी पत्नी ने भारत की जानकारी शेयर की असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तान लिंक के मामले की जांच अब केंद्र सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़े सभी सबूत केंद्र को सौंप दिए हैं और अब केंद्रीय एजेंसी इसकी जांच करेगी। मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी का पाकिस्तान से जुड़े कुछ लोगों से संबंध रहा है और यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें… —— ये खबर भी पढ़ें… असम विधानसभा चुनाव सिंगल फेज में हो सकता है:अप्रैल के पहले हफ्ते में वोटिंग संभव; BJP-कांग्रेस की EC से अपील- तारीख बिहू के आसपास हो असम विधानसभा के चुनाव अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकते हैं। चुनाव आयोग इसका ऐलान अगले महीने 4 से 8 मार्च के बीच कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी 126 सीटों के लिए एक या अधिकतम दो फेज में वोटिंग होने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

16 मार्च को 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव: एनडीए बनाम भारत ब्लॉक नंबर गेम की व्याख्या | राजनीति समाचार

16 मार्च को 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव: एनडीए बनाम भारत ब्लॉक नंबर गेम की व्याख्या | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:19 फरवरी, 2026, 10:15 IST सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए राज्यसभा में अपनी संख्या में संभावित वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जबकि विपक्षी भारत गुट को उच्च सदन में अपनी संख्या में गिरावट देखने को मिल सकती है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं। (फाइल फोटो) भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी, 16 मार्च को मतदान और मतगणना होगी। 37 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। चुनाव आयोग के अनुसार, चुनाव 10 राज्यों – महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार में होंगे। जैसा कि सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए उच्च सदन में अपनी संख्या में संभावित वृद्धि सुनिश्चित करना चाह रहा है, विपक्षी भारतीय गुट को राज्यसभा में अपनी संख्या में गिरावट देखने को मिल सकती है। राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान कई सदस्यों की सेवानिवृत्ति के बाद राज्यसभा की सीटें 2 और 9 अप्रैल को खाली हो जाएंगी। उच्च सदन के महत्वपूर्ण सदस्य जो सेवानिवृत्त होने वाले हैं उनमें शामिल हैं: राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश (जेडीयू), एनसीपी-एसपी सांसद शरद पवार (एनसीपी-एसपी), पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई (एआईएडीएमके) और केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर (जेडीयू) और रामदास अठावले (आरपीआई-ए)। जिन सीटों पर मतदान होना है, वे महाराष्ट्र (7), ओडिशा (4), तेलंगाना (2), तमिलनाडु (6), छत्तीसगढ़ (2 सीटें), पश्चिम बंगाल (5), असम (3), हरियाणा (2), हिमाचल प्रदेश (1) और बिहार (5) में फैली हुई हैं। बीजेपी को फायदा रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी 37 राज्यसभा सीटों में से कम से कम आधी सीटें जीतने के लिए तैयार है और उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए तैयार है। भगवा पार्टी वर्तमान में उन 10 राज्यों में से छह में सत्ता में है या सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, जहां सीटें खाली हो रही हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, सीटें महाराष्ट्र (7), ओडिशा (4), तेलंगाना (2), तमिलनाडु (6), छत्तीसगढ़ (2 सीटें), पश्चिम बंगाल (5), असम (3), हरियाणा (2), हिमाचल प्रदेश (1) और बिहार (5) में फैली हुई हैं। एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक: नंबर गेम नंबर गेम पर नजर डालें तो बीजेपी को राज्यसभा में करीब 15 से 18 सीटें मिलने की उम्मीद है. फिलहाल उसके नौ सांसद अगले महीने रिटायर हो रहे हैं. भाजपा और उसके गठबंधन सहयोगी (महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और असम में) पार्टी को उच्च सदन में संख्या हासिल करने में मदद करेंगे। इस बीच, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में, विपक्षी दल सत्ता में हैं, जो दर्शाता है कि कांग्रेस को चार सीटें जीतने की संभावना है – तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में एक-एक। विशेष रूप से, कांग्रेस पार्टी को उच्च सदन में कोई संख्या हासिल नहीं होगी क्योंकि उसके चार सांसद अप्रैल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अपर्याप्त संख्या बल के कारण बिहार में लालू प्रसाद यादव की राजद अपनी दोनों सीटें गंवाने को तैयार है। कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में भी एक सीट गंवानी तय है महाराष्ट्र में, सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को सात में से छह सीटें जीतने की संभावना है, जबकि विपक्षी एमवीए को एक सीट मिल सकती है, अगर वे लड़ाई में एकजुट रहे। राज्य में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी-एसपी को एक-एक सीट का नुकसान होने की संभावना है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक को छह में से चार सीटें जीतने की संभावना है, जबकि अन्नाद्रमुक को एक सीट मिलने की उम्मीद है। वहीं, बची हुई एक सीट पर कड़ा मुकाबला हो सकता है। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी को चार सीटें और बीजेपी को एक सीट मिलने की उम्मीद है. असम में सत्तारूढ़ भाजपा के तीनों सीटें जीतने की संभावना है। (एजेंसी इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 19 फरवरी, 2026, 10:15 IST समाचार राजनीति 16 मार्च को 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव: एनडीए बनाम भारत ब्लॉक नंबर गेम समझाया गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राज्यसभा(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस

केरल टिप्पणी विवाद के बीच एमएस अय्यर ने पवन खेड़ा को बुलाया, शशि थरूर की ‘महत्वाकांक्षा’ की आलोचना की | राजनीति समाचार

केरल टिप्पणी विवाद के बीच एमएस अय्यर ने पवन खेड़ा को बुलाया, शशि थरूर की 'महत्वाकांक्षा' की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 13:24 IST अय्यर की टिप्पणी केरल के सीएम विजयन की हालिया प्रशंसा को लेकर उठे विवाद के बीच आई है, जिसमें उनका यह दावा भी शामिल है कि आगामी चुनावों के बाद वामपंथी नेता पद पर बने रहेंगे। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को वरिष्ठ सहयोगियों पर तीखा हमला करने, कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाने और केरल में चुनावी झटके की भविष्यवाणी करने के बाद पार्टी के भीतर ताजा विवाद पैदा कर दिया। अय्यर की टिप्पणी केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की हालिया प्रशंसा को लेकर उठे विवाद के बीच आई है, जिसमें उनका यह दावा भी शामिल है कि वामपंथी नेता आगामी विधानसभा चुनाव के बाद भी पद पर बने रहेंगे। कांग्रेस ने तुरंत ही अय्यर की टिप्पणियों से दूरी बना ली, पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि अय्यर अब पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और “पूरी तरह से व्यक्तिगत क्षमता में बोलते हैं”। पलटवार करते हुए, अय्यर ने खेरा को “कठपुतली” बताया और संगठन के भीतर उनके अधिकार को खारिज कर दिया। अय्यर ने बताया, “वह पार्टी के प्रवक्ता नहीं हैं। अगर कांग्रेस को अपने पक्ष में बोलने के लिए पवन खेड़ा के अलावा कोई और नहीं मिला, तो पार्टी उसी स्थिति में रहेगी।” एनडीटीवीउन्होंने कहा कि खेड़ा पिछले दो साल से उन्हें निशाना बना रहे थे। केरल में कांग्रेस की संभावनाओं पर, अय्यर ने भी इसी तरह की टिप्पणी की। “मैं चाहता हूं कि कांग्रेस जीते, लेकिन मुझे विश्वास नहीं है कि ऐसा होगा। कांग्रेस के नेता कम्युनिस्टों से जितनी नफरत करते हैं, उससे कहीं ज्यादा एक-दूसरे से नफरत करते हैं,” उन्होंने गहरे आंतरिक विभाजन की ओर इशारा करते हुए कहा। अय्यर ने तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद शशि थरूर पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेता अगले विदेश मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। विदेश नीति के मुद्दों पर थरूर के रुख का जिक्र करते हुए, अय्यर ने उन्हें “पाकिस्तान विरोधी” करार दिया और सुझाव दिया कि उनकी राजनीतिक आकांक्षाओं ने उन्हें पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद में डाल दिया है। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश को भी नहीं बख्शा गया, अय्यर ने टिप्पणी की कि रमेश का ध्यान “अपनी नौकरी बनाए रखने” पर था। नवीनतम हमला अय्यर के विवादास्पद बयानों की एक श्रृंखला को जोड़ता है, जिन्होंने पहले केरल चुनाव से कुछ महीने पहले तिरुवनंतपुरम में एक सेमिनार में विजयन की प्रशंसा करके पार्टी को शर्मिंदा किया था, जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्तारूढ़ वामपंथियों से मुकाबला करने के लिए तैयार है। “विज़न 2031: विकास और लोकतंत्र” सेमिनार में बोलते हुए, अय्यर ने विकेंद्रीकृत शासन में केरल की उपलब्धियों की सराहना की और विजयन से आग्रह किया कि वे जो कहते हैं वह पंचायती राज में कांग्रेस की अधूरी विरासत को आगे बढ़ाएं। कांग्रेस नेतृत्व ने नए सिरे से हुई आलोचना का दृढ़ता से जवाब दिया। खेड़ा ने एक्स पर दोहराया कि अय्यर का पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस के साथ कोई संबंध नहीं है, जबकि रमेश ने जोर देकर कहा कि मतदाता यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को सत्ता में बहाल करेंगे। रमेश ने कहा, “केरल के लोग अधिक जिम्मेदार और उत्तरदायी शासन के लिए यूडीएफ को वापस लाएंगे। वे यह भी जानते हैं कि एलडीएफ और भाजपा गुप्त भागीदार हैं।” विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ, अय्यर की टिप्पणियों ने एक बार फिर कांग्रेस के भीतर की खामियां उजागर कर दी हैं, जबकि पार्टी एकता प्रदर्शित करने और केरल में सत्तारूढ़ वामपंथ के खिलाफ अपने हमले को तेज करने की कोशिश कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 फरवरी, 2026, 13:23 IST समाचार राजनीति केरल टिप्पणी विवाद के बीच एमएस अय्यर ने पवन खेड़ा को बुलाया, शशि थरूर की ‘महत्वाकांक्षा’ की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मणिशंकर अय्यर(टी)शशि थरूर(टी)केरल(टी)कांग्रेस

‘दूसरी महिला प्रधानमंत्री का समय’: संजय बारू ने किया ममता बनर्जी का समर्थन, टीएमसी की प्रतिक्रिया | भारत समाचार

'दूसरी महिला प्रधानमंत्री का समय': संजय बारू ने किया ममता बनर्जी का समर्थन, टीएमसी की प्रतिक्रिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 13:17 IST संजय बारू ने ममता बनर्जी को स्व-निर्मित, पहली पीढ़ी की नेता बताया जिसके पैर मजबूती से जमीन पर हैं। ममता बनर्जी (बाएं) और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू (दाएं) अर्थशास्त्री, राजनीतिक टिप्पणीकार और मनमोहन सिंह के पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू ने प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का समर्थन किया है। द टेलीग्राफ में प्रकाशित एक लेख में बारू ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश को दूसरी महिला प्रधानमंत्री मिले। उनकी टिप्पणी राज्य विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आई है। उन्होंने लिखा, “किसी भी मामले में, हमें एक महिला प्रधान मंत्री मिले काफी समय हो गया है। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में अत्यधिक पुरुष वर्चस्व को देखते हुए, अब समय आ गया है कि देश को दूसरी महिला प्रधान मंत्री मिले और सुश्री बनर्जी से बेहतर कोई भी इस पद के लिए उपयुक्त नहीं है।” ‘सुश्री बनर्जी अलग खड़ी हैं’ बारू ने कहा कि ममता बनर्जी अन्य नेताओं से अलग हैं. उन्होंने कहा, “वर्तमान में एक राजनीतिक दल और सरकार दोनों का नेतृत्व करने वाली एकमात्र महिला के रूप में, सुश्री बनर्जी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के सभी मौजूदा पीढ़ी के नेताओं से अलग हैं।” उन्होंने उन्हें स्व-निर्मित, पहली पीढ़ी की नेता बताया जिसके पैर मजबूती से जमीन पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह तीन भाषाओं में संवाद कर सकती हैं, उन्होंने दावा किया कि अधिकांश उत्तर भारतीय राजनेताओं के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। भारत ब्लॉक नेतृत्व तीन साल पहले इंडिया ब्लॉक के गठन का जिक्र करते हुए बारू ने कहा कि बनर्जी को इसका अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा, ”सोनिया गांधी-मनमोहन सिंह मॉडल को राहुल गांधी-मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ दोहराने से कोई फायदा नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में बनर्जी की हालिया उपस्थिति ने उस आत्मविश्वास को रेखांकित किया जो उनके व्यक्तित्व को परिभाषित करता है। बारू ने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन बनर्जी की चुनावी जीत को आसान बनाता है, तो वह बीजेपी से मुकाबला करने के लिए बेहतर स्थिति में होगा। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उन्हें वापस आमंत्रित करने और उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाने से कांग्रेस पार्टी को फायदा होगा। टीएमसी की प्रतिक्रिया लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकार और टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा, “एक विचार जिसका समय आ गया है।” यह तब हुआ जब कांग्रेस ने विपक्ष की ओर से राहुल गांधी को पीएम चेहरे के रूप में पेश किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 फरवरी, 2026, 13:08 IST न्यूज़ इंडिया ‘दूसरी महिला प्रधानमंत्री का समय’: संजय बारू ने किया ममता बनर्जी का समर्थन, टीएमसी की प्रतिक्रिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)संजय बारू(टी)ममता पीएम उम्मीदवार(टी)कांग्रेस(टी)इंडिया ब्लॉक(टी)टीएमसी(टी)संजय बारू ममता पर

‘यूडीएफ केरल में वापसी करेगा’: कांग्रेस ने सीएम विजयन की वापसी पर मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी को खारिज कर दिया | राजनीति समाचार

'यूडीएफ केरल में वापसी करेगा': कांग्रेस ने सीएम विजयन की वापसी पर मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी को खारिज कर दिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 07:54 IST कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सीएम पिनाराई विजयन की वापसी पर अय्यर की भविष्यवाणी को खारिज करते हुए कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) केरल में सत्ता में वापसी करेगी। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर कांग्रेस ने रविवार को वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर की उस टिप्पणी से दूरी बना ली, जिसमें उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अगले विधानसभा चुनाव के बाद भी पद पर बने रहेंगे। पार्टी ने अन्यथा दिए गए किसी भी सुझाव को खारिज करते हुए कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) राज्य में सत्ता में वापसी करेगी। विवाद को संबोधित करते हुए, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि अय्यर की टिप्पणियां पार्टी की स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं। खेड़ा ने कहा, ”मणिशंकर अय्यर का पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है। वह पूरी तरह से अपनी व्यक्तिगत क्षमता में बोलते और लिखते हैं।” उन्होंने रेखांकित किया कि पार्टी उनके विचारों का समर्थन नहीं करती है। इस रुख को दोहराते हुए, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केरल में विपक्ष की संभावनाओं के बारे में आश्वस्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है। केरल के लोग अधिक जिम्मेदार और उत्तरदायी शासन के लिए यूडीएफ को वापस लाएंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी राज्य में “गुप्त साझेदार” के रूप में काम करते हैं। यह विवाद लोकतंत्र और विकास पर विजन 2031 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में अय्यर की टिप्पणियों से उपजा है, जहां उन्होंने एलडीएफ सरकार के पंचायती राज मॉडल की प्रशंसा की और विश्वास व्यक्त किया कि विजयन लगातार तीसरा कार्यकाल हासिल करेंगे। कार्यक्रम में बोलते हुए, अय्यर ने केरल को विकेंद्रीकृत शासन का एक प्रमुख उदाहरण बताया, यहां तक ​​कि इसे विडंबनापूर्ण भी कहा कि महात्मा गांधी के जमीनी स्तर के लोकतंत्र के दृष्टिकोण में वामपंथी सरकार के तहत महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की गई थी। अय्यर की टिप्पणियों का विजयन ने स्वागत किया, जिन्होंने बाद में सोशल मीडिया पर उन्हें स्वीकार किया और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। हालाँकि, यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षण में आई है, जब कांग्रेस ने केरल में वापसी के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कथित तौर पर अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन सहित प्रमुख आमंत्रित लोगों से सेमिनार से दूर रहने का आग्रह किया था, क्योंकि यह राजनीतिक रूप से भरा हुआ था। हालाँकि, अय्यर ने इस कार्यक्रम में भाग लेने और बोलने का फैसला किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 16 फरवरी, 2026, 07:47 IST समाचार राजनीति ‘यूडीएफ केरल में वापसी करेगा’: कांग्रेस ने सीएम विजयन की वापसी पर मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी को खारिज कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पिनाराई विजया(टी)मणिशंकर अय्यर(टी)केरल(टी)कांग्रेस

‘समय जवाब देगा…’: शिवकुमार ने सोनिया गांधी के साथ सत्ता-साझाकरण फॉर्मूले पर चर्चा के संकेत दिए | राजनीति समाचार

Pakistan vs New Zealand Live Cricket Score: PAK vs NZ T20 World Cup 2026 Match Scorecard Latest Updates Today

आखरी अपडेट:12 फरवरी, 2026, 12:58 IST नई दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात के बाद शिवकुमार ने दोहराया, “समय हर चीज का जवाब देगा”। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात के बाद अपने “समय हर चीज का जवाब देगा” दावे को दोहराया। शिवकुमार ने कहा, “मैंने अंदर क्या चर्चा की और किससे की, इसका खुलासा करने की मुझे कोई जरूरत नहीं है। मैं अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिला हूं और जो भी जरूरी है, मैंने चर्चा की है।” उन्होंने कहा, “मैं यहां धूप सेंकने नहीं आया हूं, मैं यहां राजनीतिक कारणों से हूं और जो भी जरूरी है, मैंने उस पर चर्चा की है। समय हर चीज का जवाब देगा।” इससे पहले मंगलवार को शिवकुमार ने सभी पार्टी नेताओं से सत्ता साझेदारी के संबंध में सार्वजनिक बयान देना बंद करने का आह्वान किया था और कहा था कि ऐसी टिप्पणियों से पार्टी को नुकसान होता है। उन्होंने आगे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सलाह का हवाला दिया कि “यह अच्छा है अगर हर कोई अपना मुंह बंद रखे” और सभी से इसका पालन करने का आग्रह किया। शिवकुमार ने कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे साहब ने कहा है कि अगर हर कोई अपना मुंह बंद रखे तो अच्छा है। हमें उसका पालन करना चाहिए।” इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर बार-बार मीडिया के सवालों पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि उन्हें और उनके उपमुख्यमंत्री को इस मामले पर कांग्रेस आलाकमान के फैसले का पालन करना चाहिए। सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र ने पिछले हफ्ते इस बात पर जोर दिया था कि उनके पिता अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सत्ता संघर्ष का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया है। पिछले साल नवंबर में नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो गई थी, जब ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि राज्य में कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा होने के बाद नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। 2023 में सरकार गठन के समय सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित “सत्ता-साझाकरण” व्यवस्था से अटकलों को हवा मिली है। (एजेंसी इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : कर्नाटक, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 12 फरवरी, 2026, 12:58 IST समाचार राजनीति ‘समय जवाब देगा…’: शिवकुमार ने सोनिया गांधी के साथ सत्ता-साझाकरण फॉर्मूले पर चर्चा के संकेत दिए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)डीके शिवकुमार(टी)सोनिया गांधी(टी)सिद्धारमैया(टी)कर्नाटक(टी)कांग्रेस

कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसे, उन्हें धमकाया: किरण रिजिजू ने शेयर किया वीडियो | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:12 फरवरी, 2026, 12:29 IST वीडियो में कांग्रेस की महिला सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष के अंदर इकट्ठा होते हुए दिखाया गया है, जहां उन्हें भाजपा मंत्रियों के साथ बहस करते देखा जा सकता है। लोकसभा स्पीकर को धमकाते दिखे कांग्रेस सांसद. (छवि: स्क्रीनग्रैब/@किरेनरिजिजू) केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष के अंदर से एक वीडियो साझा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि 4 फरवरी को संसद में विपक्ष और सरकार के बीच टकराव के दौरान कांग्रेस सांसदों के एक बड़े समूह ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी दी। वीडियो में कांग्रेस पार्टी की महिला सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष के अंदर दिखाया गया है, जहां उन्हें भाजपा मंत्रियों के साथ बहस करते देखा जा सकता है। रिजिजू ने वीडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा, ”यह एक कांग्रेस सांसद द्वारा लिया गया अवैध वीडियो क्लिप है जब 20-25 कांग्रेस सांसद माननीय अध्यक्ष के कक्ष में घुस गए, उनके साथ दुर्व्यवहार किया और माननीय प्रधान मंत्री को धमकी दी।” रिजिजू ने आगे कांग्रेस पर अपने सांसदों को देश के प्रधानमंत्री को धमकी देने के लिए प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, “हमारी पार्टी बहस और चर्चा में विश्वास करती है और कभी भी सांसदों को शारीरिक रूप से धमकी देने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती है।” यह एक कांग्रेस सांसद द्वारा लिया गया अवैध वीडियो क्लिप है जब 20-25 कांग्रेस सांसदों ने माननीय अध्यक्ष के कक्ष में प्रवेश किया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया और माननीय प्रधान मंत्री को धमकी दी। हमारी पार्टी बहस और चर्चा में विश्वास करती है और कभी भी सांसदों को शारीरिक रूप से धमकी देने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती है। https://t.co/bezzALc7D3 pic.twitter.com/iM0a50Z4rg– किरेन रिजिजू (@KirenRijiju) 12 फ़रवरी 2026 यह वीडियो मंगलवार को रिजिजू द्वारा लोकसभा के अंदर आक्रामक विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों के एक वीडियो को साझा करने के बाद आया, जिसके कारण उच्च नाटक हुआ और अंततः कार्यवाही स्थगित कर दी गई। लोकसभा के अंदर के दृश्यों में 4 फरवरी का नाटक दिखाया गया जब महिला कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री मोदी के भाषण देने से कुछ मिनट पहले ही उनकी सीट के पास जमा हो गईं। कांग्रेस की महिला सांसद एक विशाल बैनर के साथ प्रधान मंत्री की सीट के पास इकट्ठा हुईं, जिस पर लिखा था, “जो उचित समझो, वहीं करो (वही करो जो तुम्हें सबसे अच्छा लगता है)। कांग्रेस पार्टी को अपने सांसदों के सबसे अपमानजनक व्यवहार पर गर्व है !! यदि हमने सभी भाजपा सांसदों को नहीं रोका होता और महिला सांसदों को कांग्रेस से मुकाबला करने की अनुमति नहीं दी होती। सांसदों, इससे बहुत बदसूरत दृश्य पैदा हो सकता था। संसद की गरिमा और पवित्रता की रक्षा के लिए हम बहुत उच्च विचार रखते हैं। https://t.co/tRj5HjLKFH pic.twitter.com/aTmktk4Y7E– किरेन रिजिजू (@KirenRijiju) 10 फ़रवरी 2026 विशेष रूप से, उनके हाथ में जो बैनर था वह जनरल (सेवानिवृत्त) एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर आधारित एक लेख के एक वाक्य के संदर्भ में था। पिछले हफ्ते संसद में राहुल गांधी द्वारा उल्लेखित संस्मरण ने बड़े पैमाने पर विवाद खड़ा कर दिया और कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई। यह घटना पिछले हफ्ते हुई थी जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2020 के भारत-चीन गतिरोध पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण को उद्धृत करने की अनुमति नहीं दी गई थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 फरवरी, 2026, 11:21 IST समाचार राजनीति कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसे, उन्हें धमकाया: किरेन रिजिजू ने शेयर किया वीडियो अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)किरेन रिजिजू(टी)लोकसभा अध्यक्ष कक्ष(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)प्रधानमंत्री

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता विवाद: कांग्रेस के पुराने ‘शीत युद्ध के रहस्य’ ने खड़ा किया नया राजनीतिक तूफान | राजनीति समाचार

US President Donald Trump. (IMAGE: REUTERS)

आखरी अपडेट:11 फरवरी, 2026, 17:37 IST जैसा कि राहुल गांधी ने अमेरिकी व्यापार समझौते को ‘थोक आत्मसमर्पण’ बताया है, सरकारी सूत्रों ने शीत युद्ध के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने एक बार सीआईए फंड स्वीकार किया था सरकारी सूत्रों ने राजनीतिक अस्तित्व के लिए राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के कांग्रेस पार्टी के भीतर एक कथित ऐतिहासिक पैटर्न की ओर इशारा किया है। फ़ाइल छवि/फेसबुक जैसे ही नरेंद्र मोदी सरकार ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को औपचारिक रूप दिया, नई दिल्ली में एक भयंकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। बुधवार को, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर राष्ट्रीय संप्रभुता के “थोक आत्मसमर्पण” का आरोप लगाया और आरोप लगाया कि यह सौदा भारत की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से समझौता करता है। हालाँकि, सरकारी सूत्रों ने शीत युद्ध के दौरान गुप्त विदेशी सहयोग के दस्तावेजी उदाहरणों का हवाला देते हुए, राजनीतिक अस्तित्व के लिए राष्ट्रीय हितों से समझौता करने के कांग्रेस पार्टी के भीतर एक कथित ऐतिहासिक पैटर्न की ओर इशारा करते हुए इस कथा का खंडन किया है। 1970 के दशक की ‘खतरनाक’ विरासत इस खंडन के केंद्र में पॉल एम मैकगर की पुस्तक “दक्षिण एशिया में जासूसी: ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत का गुप्त शीत युद्ध” में पाए गए विस्फोटक खुलासे हैं। मैक्गार भारत में पूर्व अमेरिकी राजदूत डैनियल पैट्रिक मोयनिहान के 1978 के संस्मरण का हवाला देते हैं, जिसका शीर्षक ए डेंजरस प्लेस है। अपने लेखन में, मोयनिहान ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को धन मुहैया कराकर कम से कम दो मौकों पर भारतीय घरेलू राजनीति में हस्तक्षेप किया था। इन गुप्त भुगतानों का प्राथमिक उद्देश्य पश्चिम बंगाल और केरल में कम्युनिस्ट सरकारों के लोकतांत्रिक चुनाव को विफल करना था। सबसे अधिक नुकसानदेह बात यह है कि मोयनिहान ने आरोप लगाया कि एक मामले में, सीआईए फंड सीधे इंदिरा गांधी को दिया गया था, जबकि वह कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष थीं। जवाहरलाल नेहरू के राजनीतिक विश्वासपात्र के रूप में उनकी भूमिका और बाद में कैबिनेट में उनकी पदोन्नति को देखते हुए, मैकगर का तर्क है कि यह “कल्पना करना कठिन” है कि वह अमेरिकी खुफिया के साथ इन संयुक्त पहलों से अनजान थीं, या इसमें शामिल नहीं थीं। नेहरू का संशयवाद और बुद्धि का ठहराव सरकार की आलोचना भारत के ख़ुफ़िया तंत्र की नींव तक फैली हुई है। मैकगर ने नोट किया कि जुलाई 1950 में निदेशक के रूप में संजीव पिल्लई को हटाने के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का विस्तार गंभीर रूप से बाधित हुआ था। प्रधान मंत्री नेहरू “भौगोलिक रूप से व्यापक” खुफिया नेटवर्क की आवश्यकता पर गहराई से संदेह करते रहे, प्रसिद्ध रूप से यह कहते रहे कि ऐसा बुनियादी ढांचा “हमारी क्षमता से परे” था। सूत्रों का कहना है कि मजबूत, स्वतंत्र खुफिया जानकारी में निवेश करने की अनिच्छा ने भारत को भू-राजनीतिक पुनर्संरेखण के एक महत्वपूर्ण युग के दौरान कमजोर बना दिया, एक खालीपन जिसे कांग्रेस पार्टी ने कथित तौर पर विदेशी संरक्षण से भरा था। ‘समर्पण’ की विडंबना वर्तमान प्रशासन का तर्क है कि इस पृष्ठभूमि में देखने पर राहुल गांधी की “आत्मसमर्पण” की बयानबाजी गहरी विडंबनापूर्ण है। जबकि 2026 के व्यापार समझौते पर आर्थिक लचीलेपन के उद्देश्य से एक पारदर्शी, द्विपक्षीय समझौते के रूप में बातचीत की जा रही है, ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि कांग्रेस पार्टी ने एक बार प्रांतीय चुनावों में हेरफेर करने के लिए गुप्त विदेशी फंडिंग स्वीकार की थी। सरकारी समर्थकों का सुझाव है कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के तहत आज का “अमेरिका फर्स्ट” संरेखण भारत के $ 5-ट्रिलियन अर्थव्यवस्था लक्ष्यों का एक व्यावहारिक अनुसरण है, जबकि ऐतिहासिक “इंदिरा-सीआईए” लिंक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रत्यक्ष समझौते का प्रतिनिधित्व करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 11 फरवरी, 2026, 17:37 IST समाचार राजनीति भारत-अमेरिका व्यापार समझौता विवाद: कांग्रेस के पुराने ‘शीत युद्ध के रहस्य’ ने खड़ा किया नया राजनीतिक तूफान अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अमेरिका-भारत व्यापार समझौता(टी)डोनाल्ड ट्रम्प(टी)नरेंद्र मोदी(टी)व्यापार समझौता(टी)सीआईए(टी)शीत युद्ध(टी)संयुक्त राज्य अमेरिका(टी)कांग्रेस