Bengaluru Professor Calls Student Terrorist, Sparks Controversy

बेंगलुरु9 घंटे पहले कॉपी लिंक AI इमेज कर्नाटक के बेंगलुरु में निजी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ स्टूडेंट को आतंकी कहने पर शनिवार को केस दर्ज हुआ। यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है। घटना का 58 सेकेंड का वीडियो वायरल है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पुलिस ने मामले पर खुद से नोटिस लिया। घटना 24 मार्च की है। एफआईआर के मुताबिक, विशेष समुदाय के छात्र ने प्रोफेसर से क्लास से बाहर जाने की परमिशन मांगी। इस पर प्रोफेसर को गुस्सा आ गया। उन्होंने कहा- शर्म नहीं आती तुमको… आतंकी। प्रोफेसर यहां नहीं रुके, उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा था कि मैं आज बहुत शांत रहूंगा। ईरान युद्ध तुम्हारे जैसे लोगों की वजह से हुआ। ट्रम्प तुम्हें ले जाएगा। तुम बेवकूफ हो…तुम नरक में जाओगे।’ AI इमेज पीड़ित छात्र को बार-बार आतंकी कहा पुलिस के मुताबिक प्रोफेसर ने क्लास में पीड़ित छात्र को बार-बार आतंकी कहा और उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। घटना के वक्त क्लास में 60 स्टूडेंट मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि छात्र की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन प्रोफेसर के खिलाफ BNS की धारा 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करने का प्रयास) और 352 (जानबूझकर अपमान) में केस दर्ज किया है। आरोप- पीड़ित का सर्पोट करने पर साथी स्टूडेंट सस्पेंड यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर आरोप है कि क्लास में पीड़ित छात्र का सपोर्ट करने वाले स्टूडेंट्स को भी सस्पेंड कर दिया गया है। छात्रों से मामले को दबाने को कहा गया। इसके अलावा सोशल मीडिया से वीडियो हटाने का दवाब भी बनाया गया। वहीं, इस मामले में प्रोफेसर ने कॉलेज को लिखित माफी दी है, लेकिन पीड़ित छात्र से सीधे माफी नहीं मांगी। विभाग के एचओडी ने प्रोफेसर की तरफ से छात्रों से माफी मांगी। हालांकि 27 मार्च को प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया। ………………. ये खबर भी पढ़ें… प्रोफेसर ने क्लासरूम में छात्रा को प्रपोज किया: लड़की ने चप्पल से पीटा, कॉलेज के बाहर स्टूडेंट्स ने भी घेरकर मारपीट की बेंगलुरु के एक मेडिकल कॉलेज में एक प्रोफेसर ने क्लास के दौरान ही एक छात्रा को प्रपोज कर दिया। छात्रा के विरोध के बाद विवाद बढ़ा और इसके बाद अन्य छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रोफेसर के साथ मारपीट कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
IndiGo Flight Emergency Landing Controversy; Delhi Airport

Hindi News National IndiGo Flight Emergency Landing Controversy; Delhi Airport | Engine Failure नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक (फाइल फोटो) विशाखापट्टनम से आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E 579 का इंजन फेल हो गया। जिसके बाद उसकी दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी 160 यात्री सुरक्षित हैं। विमान की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट के रनवे 28 पर ‘फुल इमरजेंसी’ लागू की गई थी। SOP के तहत, रनवे के चारों ओर दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौजूद थीं। फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, शनिवार सुबह 10.53 बजे इमरजेंसी कॉल आया। टीम को अलर्ट पर रखा गया था। हालांकि विमान बोइंग 737 ने 10:59 पर सुरक्षित लैंडिंग की। इंडिगो एयरलाइंस बोली- विमान में तकनीकी खराबी आई, जांच जारी इंडिगो एयरलाइंस के प्रवक्ता ने कहा, विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट (6E 579) में लैंडिंग से पहले तकनीकी खराबी (टेक्निकल स्नैग) सामने आई। सुरक्षा के तौर पर पायलट ने तुरंत लैंडिंग की अनुमति मांगी। विमान एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुआ। विमान की जांच की जा रही है। यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इंडिगो के 148 विमानों में बार-बार खराबी, सरकार ने संसद में बताया था जनवरी 2025 से देश की छह प्रमुख एयरलाइंस के कुल 754 विमानों की तकनीकी जांच की गई। इनमें से 377 विमानों में बार-बार आने वाली खराबियों की पहचान हुई। यानी एक ही खराबी बार-बार सामने आई, भले ही उसे पहले ठीक कर दिया गया था। एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में से 191 (72%) में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। इसके बाद इंडिगो का नंबर था। इसके 405 विमानों की जांच की गई। उनमें से 148 में इस साल 3 फरवरी तक रिपीटेटिव डिफेक्ट ( एक ही खराबी बार-बार) पाई गई। लोकसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि DGCA ने पिछले साल सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जांच की। इस दौरान 3890 सर्विलांस इंस्पेक्शन, 56 ऑडिट, 492 रैंप चेक और 84 विदेशी विमानों की जांच की गई। 874 स्पॉट चेक और 550 नाइट सर्विलांस भी किए गए। देश में विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग की पिछली घटनाएं… जनवरी 2026: लखनऊ में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, 275 यात्री थे; सऊदी जाते वक्त तकनीकी खराबी आई जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ एयरपोर्ट से सऊदी अरब जा रहे एक विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। सूत्रों के मुताबिक, जब विमान मुंबई के पास पहुंचा, तब केबिन प्रेशर में समस्या आ गई। इसके चलते कुछ यात्रियों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। यह विमान सऊदिया अरबिया एयरलाइंस का था। फ्लाइट नंबर SV-891 जेद्दा जा रही थी। विमान में 275 यात्री, 4 पायलट और 6 क्रू मेंबर सवार हैं। पूरी खबर पढ़ें… दिसंबर 2025: एअर इंडिया प्लेन का एक इंजन हवा में बंद, दूसरे इंजन से दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग दिल्ली से मुंबई जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट को 40 मिनट में ही इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बोइंग 777-300ER AI887 फ्लाइट का दाहिना इंजन टेक-ऑफ के बाद बंद हो गया। उसमें ऑइल प्रेशर जीरो हो गया था। इसके चलते उसे दिल्ली एयरपोर्ट लौटना पड़ा। हालांकि 2 इंजन वाले प्लेन एक इंजन के जरिए भी सुरक्षित लैंड कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बीजेपी विधायक संजय पाठक से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई टली:जस्टिस से किया था संपर्क, कार्रवाई नहीं होने पर दायर हुई याचिका

हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी है। जस्टिस से संपर्क के मामले में अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी, जबकि गैंगस्टर अब्दुल रज्जाक की याचिका पर 1 अप्रैल को सुनवाई तय की गई है। कटनी विधायक संजय पाठक द्वारा जस्टिस विशाल मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश के मामले में गुरुवार को सुनवाई टल गई। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने अगली तारीख 2 अप्रैल तय की है। ओपन कोर्ट में हुआ था संपर्क का खुलासा 1 सितंबर 2025 को जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। इसके बाद उन्होंने मामला अपनी बेंच से हटाने के निर्देश दिए थे। कार्रवाई नहीं होने पर दायर हुई याचिका विधायक के खिलाफ कार्रवाई न होने पर आशुतोष दीक्षित ने याचिका दाखिल की। 17 मार्च को याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव और पुनीत श्रोती पेश हुए थे। गुरुवार को हुई सुनवाई में विधायक संजय पाठक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने याचिका पर आपत्तियां पेश कीं, जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई। अब्दुल रज्जाक की याचिका 1 अप्रैल को जबलपुर के गैंगस्टर अब्दुल रज्जाक की याचिका पर जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की बेंच ने सुनवाई 1 अप्रैल तक स्थगित कर दी। रज्जाक ने याचिका में आरोप लगाया है कि विधायक के इशारे पर उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई। मामले में दोनों पक्षों के अधिवक्ता अदालत में पैरवी कर रहे हैं।
Mumbai Sikh Group Complaint Against Ranveer Singh Poster Controversy

2 दिन पहले कॉपी लिंक बॉक्स ऑफिस पर 900 करोड़ कमा चुकी फिल्म धुरंधर: द रिवेंज के मेकर्स और रणवीर सिंह के खिलाफ पुलिस कंप्लेन की गई है। मुंबई में एक सिख संगठन ने फिल्म के मेकर्स और लीड एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। सिख्स इन महाराष्ट्र’ नामक संगठन ने मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में यह शिकायत दी है। संगठन का कहना है कि फिल्म के एक पोस्टर में सिख मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया है। सिख प्रतीकों के साथ सिगरेट पर आपत्ति संगठन के मुताबिक, फिल्म के एक पोस्टर में रणवीर सिंह को पगड़ी, लंबी दाढ़ी और हाथ में कड़ा पहने दिखाया गया है, जो सिख धर्म के बेहद पवित्र प्रतीक हैं। इसी लुक में एक्टर को हाथ में सिगरेट पकड़े हुए दिखाया गया है। संगठन का कहना है कि इस चित्रण से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह शिकायत 17 मार्च को मिली थी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। संगठन ने अपनी शिकायत में फिल्म के निर्देशक, प्रोड्यूसर और रणवीर सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आर. माधवन पर भी लग चुके आरोप इससे पहले आर. माधवन पर फिल्म में गुरु गोविंद सिंह जी के ‘दशम ग्रंथ’ की लाइनें बोलते वक्त सिगरेट पीने का आरोप लग चुका है। हालांकि विवाद को बढ़ता देख माधवन इस पर माफी मांग चुके हैं। माधवन ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था, मैं साफ करना चाहता हूं कि यह पूरी तरह गलतफहमी है। डायरेक्टर आदित्य धर इन चीजों का बहुत ध्यान रखते हैं। शूटिंग के दौरान उन्होंने मुझे साफ निर्देश दिया था कि ये पवित्र लाइनें बोलने से पहले सिगरेट बुझा देनी है और स्क्रीन पर धुआं भी नहीं दिखना चाहिए। मैंने ऐसा ही किया था। डायलॉग बोलते वक्त मेरे हाथ में सिगरेट नहीं थी। माधवन ने भावुक होते हुए कहा कि वे अनजाने में भी किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते। उन्होंने कहा, “हम पूरे सिख समुदाय के साथ खड़े हैं। मेरी हर फिल्म की रिलीज से पहले मैं खुद गोल्डन टेंपल (स्वर्ण मंदिर) जाता हूं, यह बात सबको पता है। सीन की शुरुआत में मेरे हाथ में सिगरेट जरूर थी, लेकिन जैसे ही पवित्र लाइनें शुरू हुईं, मैंने उसे बुझा दिया था। फिल्म में कहीं भी डायलॉग के दौरान धुआं या सिगरेट का नामोनिशान नहीं है।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
कांतारा विवाद में रणवीर सिंह मांगेंगे बिना शर्त माफी:स्टेज पर दैवा सीन की मिमिक्री की थी, 10 अप्रैल को कर्नाटक हाईकोर्ट में देंगे हलफनामा

फिल्म ‘कांतारा’ के दैवा सीन की मिमिक्री करने के मामले में रणवीर 10 अप्रैल को कर्नाटक हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी का हलफनामा दाखिल करेंगे। एक्टर की ओर से यह कदम कन्नड़ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज FIR के बाद उठाया गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान रणवीर सिंह के वकील ने स्वेच्छा से एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि एक्टर खुद मैसूर के चामुंडी मंदिर जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने के लिए तैयार हैं। इससे पहले फरवरी में हाईकोर्ट ने रणवीर को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। विवाद पिछले साल नवंबर में गोवा में हुए फिल्म फेस्टिवल (IFFI) के दौरान शुरू हुआ था। जहां रणवीर ने ऋषभ शेट्टी के आइकॉनिक दैवा सीन की नकल की थी। यह इसके बाद कन्नड़ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इंस्टाग्राम वाली माफी सिर्फ दिखावा हालांकि, शिकायतकर्ता और एडवोकेट प्रशांत मेथल ने रणवीर की माफी को ‘दिखावा’ बताया है। उन्होंने दलील दी कि एक्टर ने अब तक केवल इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर माफी मांगी थी, जो दिल से निकली हुई नहीं लगती। मेथल का कहना है कि इंस्टाग्राम पर माफी मांगना और कोर्ट में आकर या व्यक्तिगत रूप से बोलना अलग बात है। मिमिक्री के बाद शुरू हुआ था रणवीर सिंह 28 नवंबर 2025 को गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का हिस्सा बने थे। इस दौरान मंच पर उन्होंने फिल्म कांतारा में दिखाई गईं चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया था। रणवीर सिंह ने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी से कहा, ‘ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी, खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।’ आगे रणवीर सिंह ने कहा, ‘क्या आपने कांतारा देखी है। जब वो शॉट आता है’। आगे रणवीर सिंह ने खुद उस कैरेक्टर की मिमिक्री करते हुए मजाक उड़ाया। आगे रणवीर ने कहा, ‘क्या यहां कोई है, जो मुझे कांतारा 3 में देखना चाहता है, वो इस आदमी से कहे।’ फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें वो मंच से उतरने के बाद भी ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखाई दिए, हालांकि ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर उन्हें रोकते नजर आए थे। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना भी हुई थी। रणवीर ने मामले को लेकर माफी मांगी थी रणवीर सिंह ने मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। रणवीर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।
ध्रुव राठी पर भड़के धुरंधर एक्टर:नवीन कौशिक बोले- फिल्म को हेट का सोर्स मत बनाओ, सिर्फ फ्लो एन्जॉय करो

यूट्यूबर ध्रुव राठी के धुरंधर 2 को प्रोपेगेंडा बताए जाने पर एक्टर नवीन कौशिक नाराज हो गए हैं। धुरंधर 1 में ‘डोंगा’ का किरदार निभाने वाले एक्टर नवीन कौशिक ने कहा है कि, जिंदगी का हर पहलू पॉलिटिक्स से जुड़ा है, चाहे वह नेशनल पॉलिटिक्स हो या आपसी रिश्ते। कोई भी अच्छी फिल्म किसी न किसी तरह की आइडियोलॉजी को जरूर दिखाएगी। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म को नफरत फैलाने का जरिया नहीं बनाना चाहिए। सबके पास बोलने की आजादी है, मैं बहस कर सकता हूं। लेकिन फिल्म को हेट का सोर्स मत बनाओ। फिल्म है, इसे फिल्म के फ्लो में देखो और एन्जॉय करो। नवीन कौशिक ने यूट्यूब चैनल हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं। ध्रुव राठी ने फिल्म को बताया ‘दिमाग की बकवास’ विवाद की शुरुआत यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक वीडियो से हुई, जिसमें उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर को ‘बीजेपी प्रचारक’ बताया। ध्रुव ने सोशल मीडिया पर लिखा, मैंने 3 महीने पहले ही आदित्य धर को प्रोपेगेंडा करने वाला कहा था। पिछली फिल्म में यह हल्का था, लेकिन इस बार वह ओवरकॉन्फिडेंस में खुलकर बोल गए हैं। अच्छी तरह से बनाया गया प्रोपेगेंडा खतरनाक होता है, लेकिन यह फिल्म तो अच्छी तरह बनी भी नहीं है। पहले भी आलोचना कर चुके ध्रुव राठी यह पहली बार नहीं है जब आदित्य धर की फिल्म पर सवाल उठे हों। पिछले साल दिसंबर 2025 में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट को भी ध्रुव राठी ने ‘झूठा और वाहियात प्रोपेगेंडा’ बताया था। उस वक्त भी उन्होंने आदित्य धर पर झूठ बेचने का आरोप लगाया था। 5 दिन और 800 करोड़ से ज्यादा की कमाई प्रोपेगेंडा के आरोपों और आलोचनाओं के बावजूद फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत में फिल्म ने 5 दिनों में 519.12 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। फिल्म ने रिलीज के पांचवें दिन यानी सोमवार को भारत में 65 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर में 800 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है और फिल्म छावा और पीके के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है।
धुरंधर 2 में आर माधवन के सीन पर विवाद:शिवसेना नेता ने गुरबाणी के अपमान पर उठाया सवाल, फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की

फिल्म धुरंधर 2 को लेकर नया विवाद सामने आया है। फिल्म के एक सीन में गुरबाणी के कथित अपमान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शिव सेना गुरजोत सिंह कीर ने ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए फिल्म मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की है। रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद उस सीन को लेकर है जिसमें आर माधवन का किरदार गुरबाणी का उच्चारण करता नजर आता है। आरोप है कि इस दौरान उनके हाथ में सिगरेट दिखाई गई है। सिख समुदाय और नेताओं का कहना है कि यह प्रस्तुति धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। यही इस पूरे विवाद का मुख्य कारण बन गया है। शिवसेना नेता गुरजोत सिंह कीर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी इस सीन को बेहद आहत करने वाला और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि गुरबाणी सिख धर्म की पवित्र वाणी है और इसे इस तरह दिखाना किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से तुरंत माफी मांगने और विवादित सीन को हटाने की मांग की है। नेता ने चेतावनी भी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हो सकता है। उनका कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतना जरूरी है, खासकर जब बात किसी समुदाय की आस्था की हो। यह मामला अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। खबर के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शिकायत में फिल्म से जुड़े लोगों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, फिल्म के मेकर्स या कलाकारों की तरफ से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि बढ़ते विरोध के बीच मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गौरतलब है कि धुरंधर 2 पहले भी अलग-अलग कारणों से चर्चा में रही है, लेकिन गुरबाणी से जुड़े इस विवाद ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है।
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5 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक कंगना की फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ को जर्मन भाषा में डब करके रिलीज किया गया था। साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना रनोट की बचपन तस्वीरें। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। फिल्म गैंगस्टर में कंगना ने सिमरन नाम की महिला की मुख्य भूमिका निभाई थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। तनु वेड्स मनु में कंगना ने ‘तनु’ (तनुजा त्रिवेदी) का किरदार निभाया था। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो ‘आप की अदालत’ में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर
Kangana Ranaut Birthday Interesting Facts Aditya Pancholi Nepotism Controversy

1 घंटे पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक कंगना की फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ को जर्मन भाषा में डब करके रिलीज किया गया था। साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। वो भी उनके साथ चली गई और ऑडिशन दे दिया। पहले तो उसे वो रोल नहीं मिला, लेकिन जब चुनी गई एक्ट्रेस से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसे मेकर्स का अचानक फोन आया और पूछा, ‘पासपोर्ट है? अगर नहीं है, तो एक हफ्ते में बनवा लो, फिल्म मिल सकती है।’ इसके बाद उसे फिल्म मिली और उसकी फिल्म गैंगस्टर सुपरहिट साबित हुई और वो रातों-रात सुपरस्टार बन गई। हम बात कर रहे हैं कंगना रनोट की। आज वही कंगना 40 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिद, संघर्ष और कामयाबी के दिलचस्प किस्से- माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे कंगना का जन्म 23 मार्च 1986 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के भांबला (अब सूरजपुर) में एक राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां आशा रनोट एक स्कूल टीचर हैं, जबकि पिता अमरदीप रनोट एक बिजनेसमैन हैं। संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं कंगना बचपन से ही जिद्दी और विद्रोही स्वभाव की थीं और समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव पर सवाल उठाती थीं। कंगना रनोट की बचपन तस्वीरें। कंगना के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और उन्होंने चंडीगढ़ के DAV स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की थी। हालांकि, 12वीं में केमिस्ट्री के टेस्ट में फेल होने और मॉडलिंग/एक्टिंग में रुचि के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अचार और ब्रेड पर भी किया गुजारा महज 16 साल की उम्र में कंगना अपनी खुद की पहचान बनाने की तलाश में दिल्ली आ गईं। यहां उन्होंने मॉडलिंग से शुरुआत की, फिर एक्टिंग की ओर रुख किया और अस्मिता थिएटर ग्रुप में डायरेक्टर अरविंद गौर के मार्गदर्शन में एक्टिंग सीखी और नाटकों में हिस्सा लिया। फिर अरविंद गौर की ही सलाह पर फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए कंगना मुंबई पहुंच गईं। मुंबई पहुंचने के बाद कंगना को कई बार केवल ब्रेड और अचार खाकर दिन गुजारने पड़े। ‘गैंगस्टर’ में रोल पहले चित्रांगदा को मिला था साल 2006 में कंगना ने फिल्म गैंगस्टर से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके एक्टिंग को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू मिला। पहली फिल्म गैंगस्टर मिलने को लेकर कंगना ने टीवी शो ‘आप की अदालत’ में बताया था कि एक दिन वह कॉफी के एक एड का ऑडिशन देने गई थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लड़कियां महेश भट्ट के ऑफिस फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए जा रही हैं। जिसके बाद कंगना भी ऑडिशन देने के लिए चली गईं। ऑडिशन के बाद फिल्म के मेकर्स ने उन्हें बुलाया कंगना की तारीफ तो की, लेकिन कहा कि वह इस रोल के लिए काफी छोटी हैं, क्योंकि किरदार एक बच्चे की मां का था। इसके बाद उस वक्त इस रोल के लिए एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह को सेलेक्ट कर लिया गया। फिल्म गैंगस्टर में कंगना ने सिमरन नाम की महिला की मुख्य भूमिका निभाई थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शूटिंग से ठीक एक हफ्ते पहले अचानक कुछ पर्सनल वजहों से चित्रांगदा ने मेकर्स का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद कंगना को फोन आया और पूछा गया कि क्या उनके पास पासपोर्ट है? कंगना के पास पासपोर्ट नहीं था, लेकिन उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते में बनवा लो, तो उन्हें फिल्म मिल सकती है। इसके बाद कंगना ने अपने पिता की मदद से सिर्फ 2 दिन में पासपोर्ट बनवाया और इस तरह उन्हें यह फिल्म मिली। फैशन के लिए पहला नेशनल अवॉर्ड मिला गैंगस्टर के बाद कंगना ने वो लम्हे और लाइफ इन ए मेट्रो जैसी फिल्मों में इमोशनल और मुश्किल किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। साल 2008 में आई फिल्म फैशन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए पहला नेशनल अवार्ड मिला। इसके बाद साल 2009 से 2012 के बीच कंगना के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2009 में उन्होंने फिल्म राज: द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ में एक मॉडल की भूमिका निभाई, जो हिट रही, लेकिन उन्हें एक जैसे रोल मिलने लगे। उसी साल आई फिल्म वादा रहा और एक निरंजन ने खास प्रदर्शन नहीं किया। 2010 में फिल्म काइट्स में उनका छोटा सा रोल था। हालांकि, फिल्म वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई में उनके काम की तारीफ हुई। बाद की फिल्में नॉक आउट और नो प्रॉब्लम उनके करियर को ज्यादा आगे नहीं ले जा सकीं। लेकिन फिर 2011 में आई फिल्म तनु वेड्स मनु ने उनकी इमेज बदल दी और दर्शकों ने उनके कॉमिक अंदाज को भी खूब पसंद किया। तनु वेड्स मनु में कंगना ने ‘तनु’ (तनुजा त्रिवेदी) का किरदार निभाया था। फिल्म क्वीन ने करियर को ऊंचाई दी 2013 में कृष 3 जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद कंगना ने 2014 में क्वीन से अपने करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में एक साधारण लड़की के आत्मनिर्भर बनने की कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद तनु वेड्स मनु रिटर्न्स (2015) में डबल रोल निभाकर उन्होंने लगातार दूसरा नेशनल अवॉर्ड जीता। आगे चलकर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी और पंगा के लिए उन्हें चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। बता दें कि कंगना किसी महिला कलाकार द्वारा जीते गए नेशनल अवॉर्ड्स की संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। शबाना आजमी पहले स्थान पर हैं, जिन्हें 5 नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। आदित्य पंचोली के डर से अनुराग बसु के ऑफिस में छिपीं कंगना रनोट फिल्मों के अलावा अपने बयानों और विवादों के कारण खबरों में रही हैं। उन्होंने बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली पर शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के कई गंभीर आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 2017 में टीवी शो ‘आप की अदालत’ में आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लंबे समय तक घर
हिंदू संगठनों ने युवक की पिटाई कर पुलिस को सौंपा:युवती के साथ मिला था, मोबाइल में आपत्तिजनक फोटो-वीडियो मिलने का आरोप

इंदौर के आजाद नगर में हिंदू संगठनों ने शनिवार रात हंगामा कर दिया। यहां एक युवती के साथ शिप्रा के एक युवक को पकड़ा गया। संगठन के लोगों ने युवक की जमकर पिटाई की, बाद में उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आजाद नगर पुलिस ने धन्ना सेठ उर्फ रूहाब शाह, निवासी शिप्रा, पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक इलाके में हिंदूवादी संगठन और कुछ वकीलों ने युवती के साथ इलाके में धन्ना को पकड़ा था। रहवासियों ने यहां काफी देर तक हंगामा किया। बाद में हिंदूवादियों ने धन्ना को पुलिस के हवाले कर दिया। उनका आरोप था कि धन्ना के मोबाइल में आपत्तिजनक सामग्री मिली है और वह हिंदू युवतियों को अपना शिकार बनाता है। यहां लोगों ने युवती के साथ भी मारपीट की। युवती ने शिकायत से किया इनकार थाने में युवती को भी पूछताछ के लिए लाया गया। पुलिस अधिकारियों ने उससे एफआईआर को लेकर बात की, लेकिन उसने शिकायत करने से इनकार कर दिया। उसने बताया कि वह धन्ना को कई सालों से जानती है। रात में हंगामे को देखते हुए पुलिस ने धन्ना को थाने में ही रखा। वहीं शिप्रा पुलिस से भी उसकी जानकारी मंगाई जा रही है। थाने के घेराव की चेतावनी इस मामले में हिंदूवादी युवकों और वकीलों ने आजाद नगर थाने का घेराव करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि धन्ना लंबे समय से इलाके में आता-जाता रहा है और उसके साथ कुछ अन्य युवक भी रहते हैं। उस पर पहले से शादीशुदा होने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि युवती द्वारा शिकायत नहीं करने के चलते पुलिस ने केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।







