Bangladesh T20 WC 2026 Controversy; Mohammad Salahuddin Vs Asif Nazrul

स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक मोहम्मद सलाहुद्दीन नवंबर, 2024 से बांग्लादेश मेंस टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच हैं। बांग्लादेश क्रिकेट टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने देश के पूर्व खेल सलाहकार असिफ नजरुल को कड़ी चेतावनी दी है और उन्हें झूठा बताया है। यह विवाद उस बयान को लेकर है जिसमें नजरुल ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से भारत में खेलने का बायकॉट करने के फैसले को लेकर अपनी बात बदल दी। शुरू में नजरुल ने कहा था कि बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा कारणों से टीम को भारत में मैच खेलने से मना किया। लेकिन बाद में यू-टर्न लेते हुए उन्होंने दावा किया कि यह निर्णय खुद खिलाड़ियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने लिया था। शिक्षक कम ही झूठ बोलते हैं सलाहुद्दीन ने कहा, इतनी साफ तौर पर झूठ बोला। मैं खुद एक शिक्षक हूं और आम तौर पर शिक्षक कम झूठ बोलते हैं। लेकिन जिस तरह उन्होंने खुलेआम ऐसी बातें कही, मैं इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता। अब मैं खिलाड़ियों के सामने अपना चेहरा कैसे दिखाऊं? उन्होंने आगे कहा, नजरुल ने पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया। वह ढाका विश्वविद्यालय जैसे देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान में शिक्षक हैं। मेरे देश के इतने बड़े संस्थान से जुड़े व्यक्ति का इस तरह झूठ बोलना हम स्वीकार नहीं कर सकते। पहले उन्होंने एक बात कही और बाद में पूरी तरह पलट गए।। भारत में खिलाड़ियों के सुरक्षा की चिंता- नजरुल बांग्लादेश सरकार के पूर्व खेल मंत्री आसिफ नजरुल ने नेशनल टीम को भारत भेजने से मना किया था। उन्होंने कहा था, ‘हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता है। नए स्पोर्ट्स मिनिस्टर रिश्ते सुधारना चाहते हैं बांग्लादेश के नए स्पोर्ट्स मिनिस्टर अमीनुल हक BCCI और भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि वे इस मुद्दे को जल्दी सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने बांग्लादेश के मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा न लेने का जिक्र किया। हक ने कहा था- शपथ लेने के बाद मैं पार्लियामेंट बिल्डिंग में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर से मिला। मैंने उनसे टी-20 वर्ल्ड कप पर बात की। यह एक अच्छी बातचीत थी। मैंने उनसे कहा कि हम इस मुद्दे को बातचीत से जल्दी सुलझाना चाहते हैं क्योंकि हम अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं। बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार क्यों किया, जानिए 2 वजह 1. बांग्लादेश में हिंदुओं की लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करवा दिया। BCB ने इसका विरोध किया। 2. मुस्तफिजुर को बाहर किए जाने को बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों ने मुद्दा बना दिया। फिर यूनुस सरकार ने अपने देश में IPL प्रसारण पर बैन लगा दिया। इसके बाद क्रिकेट बोर्ड ने भारत में वर्ल्ड कप न खेलने की मांग की, जिसे ICC ने ठुकरा दिया। मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करने पर विवाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण BCCI ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL में खेलने की अनुमति नहीं दी। उन्हें KKR ने 3 जनवरी को BCCI के कहने पर टीम से बाहर कर दिया था। इससे बौखलाई बांग्लादेश सरकार ने अपने यहां IPL मैचों के प्रसारण पर रोक लगा दी। इसके बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर 7 फरवरी से होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की मांग भी की। KKR ने मुस्तफिजुर को ₹9.2 करोड़ में खरीदा था 16 दिसंबर को IPL मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण भारत में मुस्तफिजुर का विरोध होने लगा। अब तक वहां 7 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है। बाद में BCCI ने मुस्तफिजुर को IPL खेलने की अनुमति नहीं दी और 3 जनवरी को KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बिग-बी ने एमपी के नागदा को गांव कहा, केस दर्ज:कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट मांगी; अमिताभ ने केबीसी में पानी की कमी से जूझता गांव बताया था

कौन बनेगा करोड़पति के 23 दिसंबर 2025 को प्रसारित एपिसोड में मध्यप्रदेश के नागदा को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन द्वारा नागदा को पानी की समस्या से जूझता छोटा सा गांव बताए जाने पर स्थानीय स्तर पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस मामले में नागदा के ज्यूडिशयल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। न्यायालय ने परिवाद स्वीकार करते हुए प्रकरण को सीआईएस (Case Information System) में दर्ज करने और संबंधित थाने से प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, किसी भी सिविल या आपराधिक प्रकरण को अदालत में प्रस्तुत किए जाने पर उसे CIS में रजिस्टर किया जाता है। इसके बाद पिटीशन को कोर्ट द्वारा स्वीकार (एक्सेप्ट) किया हुआ माना जाता है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को निर्धारित की गई है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के सीईओ भी पक्षकार स्थानीय निवासी एवं अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा ने अमिताभ बच्चन के साथ-साथ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के सीईओ गौरव बैनर्जी के खिलाफ भी अपराध पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया है। अब अगली सुनवाई के बाद न्यायालय आगे की कार्रवाई तय करेगा। शहर की छवि धूमिल करने का आरोप प्रकरण की पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजेश मंडवारिया (आलोट) और दीपमाला अवाना (नागदा) का कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में नागदा शहर के बारे में भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे शहर की छवि प्रभावित हुई है। अधिवक्ता जैना श्रीमाल के अनुसार, कार्यक्रम में नागदा को छोटा गांव और पानी संकटग्रस्त बताया गया, जबकि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। नागदा की पहचान और दावे परिवाद में उल्लेख किया गया है कि नागदा मालवा क्षेत्र का प्रमुख रेलवे जंक्शन है और इसकी आबादी डेढ़ लाख से अधिक बताई गई है। यह एक विकसित औद्योगिक नगर के रूप में पहचाना जाता है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तीन बार नागदा को जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं।
West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee

Hindi News National West Bengal Voter List Controversy; BJP TMC Mamata Banerjee | Election 2026 कोलकाता17 घंटे पहले कॉपी लिंक 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तीन माह ही बचे हैं। यहां अभी भाषण और रैलियों का शोर नहीं है। लेकिन, सियासत भरपूर गर्म है। कोलकाता के न्यू मार्केट से चांदनी चौक, न्यू टाउन से जेसप बिल्डिंग और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बर्द्धमान तक करीब 600 किमी के सफर में साफ हो गया कि अभी वोटर लिस्ट ही चुनावी रणभूमि बनी हुई है। कोलकाता के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि ममता बनर्जी ने SIR की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट ले जाकर अपनी जुझारू छवि फिर हाईलाइट की है। टीएमसी उनके सुप्रीम कोर्ट के वीडियो वायरल कर रही है। जगह-जगह ममता की काले कोट में होर्डिंग लगे हैं। भाजपा SIR को घुसपैठियों के खिलाफ लड़ाई बता रही थी। पर, ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ यानी विसंगति के आधार पर जारी सवा करोड़ बंगाली लाइन में लग गए हैं। हर सीट पर औसतन 19 हजार से ज्यादा नाम हटे हैं। टीएमसी बोली- ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में खड़ा कर दिया टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष कहते हैं, भाजपा ने SIR से हमारी लड़ाई आसान कर दी। 15 साल की सत्ता की कुछ एंटी-इंकंबेंसी होगी, तो खत्म हो गई। एसआईआर भाजपा के लिए उल्टा तीर हो गया। वे फील्ड में नहीं जा पा रहे। ‘भाजपा आयोग’ ने सवा करोड़ बंगालियों को लाइनों में लगवा दिया। भाजपा का आरोप- ममता अपने ‘घोस्ट वोटर्स’ के नाम कटने से डर में हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं कि ममता ‘घोस्ट’ वोटर्स और घुसपैठियों के नाम कटने से डरी हैं। वह इनकी बदौलत जीतती थीं। मैं ऐसे लोगों को जानता हूं, जो कई साल पहले गुजर चुके, लेकिन उनके वोट पड़ते थे। सिर्फ वोटर लिस्ट की सफाई नहीं हो रही, यह ममता के विसर्जन का रास्ता बन रहा है। एनालिस्ट ने बताया नाम कटने से जीत-हार का गणित एक पार्टी के लिए काम कर रहे डेटा एनालिस्ट बताते हैं कि 2021 में पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 166 पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी 102 और भाजपा 64 सीट जीती थी। एसआईआर के तहत ड्राफ्ट सूची से प्रति सीट औसतन 19,795 नाम हटे हैं। जहां जीत का अंतर कम था, वहां मतदाता सूची में बदलाव का असर ज्यादा दिख सकता है। वे यह भी कहते हैं कि टीएमसी 68 सीटें 25,001 से 50,000 के अंतर से जीती थी, जबकि भाजपा को ऐसी 12 ही सीटें मिली थीं। 50 हजार से ज्यादा अंतर से टीएमसी 43 और भाजपा सिर्फ एक सीट जीती थी। यानी जहां मुकाबला करीबी था, वहां अंतिम सूची की बारीकी राजनीतिक रूप से ज्यादा मायने रखेगी। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत ज्यादातर नोटिस SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 58 लाख 20 हजार 898 नाम हटे हैं। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ तथा ‘अनमैप्ड’ श्रेणियों को मिलाकर करीब 1.26 करोड़ नोटिस जारी हुए हैं। निर्वाचन आयोग के दफ्तरों में दस्तावेज अपलोड करने और जांच की आपाधापी है। कोलकाता नॉर्थ के जिला निर्वाचन ऑफिस जेसप बिल्डिंग में 14 फरवरी को ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ की सुनवाई में मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक बुजुर्ग पत्नी और बेटे के साथ आए। वे लंबे समय से कोलकाता में हैं, पहले वोट दे चुके हैं, लेकिन इस बार नोटिस मिला। कोलकाता की बबीता ने बताया कि वोटर लिस्ट में उनके पिता के नाम में ‘कुमार’ है, लेकिन 2002 की लिस्ट में ‘KR’ लिखा है। इसलिए मेरा नाम लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में आ गया। एक अन्य महिला के पति का नाम ‘Ashok’ लिखा है लेकिन लिस्ट में नाम ‘Asoke’ है। इसलिए सुनवाई में आना पड़ा। देवी की स्पेलिंग ‘Devi’ या ‘Debi’ होना, गांगुली और गंगोपाध्याय, चटर्जी और चट्टोपाध्याय को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस मिले हैं। वोटर लिस्ट से नाम हटने पर क्या करें? चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांच लें। मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर देखकर पुष्टि कर सकते हैं। अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया 6 आसान सवाल-जवाब में पढ़ें… सवालः फॉर्म-6 कहां से मिलेगा? जवाबः फॉर्म-6 आप अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से ले सकते हैं। यह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा तहसील, SDM कार्यालय या इलेक्शन ऑफिस से भी फॉर्म-6 मिल जाता है। सवालः फॉर्म-6 कैसे भरें? जवाबः फॉर्म-6 भरते समय अपना पूरा नाम, सही पता, उम्र और मोबाइल नंबर ध्यान से लिखें। अगर पहले कहीं आपका नाम वोटर लिस्ट में था और उसकी जानकारी याद हो तो वह भी दर्ज करें। फॉर्म पूरा भरने के बाद अंत में अपना हस्ताक्षर करना न भूलें। सवालः कौन-से दस्तावेज लगेंगे? जवाबः फॉर्म के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी लगानी होगी। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, बिजली का बिल या बैंक पासबुक की कॉपी दी जा सकती है। उम्र के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट की कॉपी लगानी होगी। सवालः फॉर्म जमा कहां करें? जवाबः फॉर्म आप अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दे सकते हैं। चाहें तो इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी इलेक्शन ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है। सवालः जांच और सुनवाई कैसे होगी? जवाबः फॉर्म जमा होने के बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके बताए पते पर आकर जांच करेगा। अगर किसी जानकारी को लेकर जरूरत पड़ी, तो आपको सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। सवालः नाम कब तक जुड़ेगा? जवाबः जांच पूरी होने के बाद अगर सब जानकारी सही पाई जाती है, तो आपका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा। ……………………………….. SIR से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में SIR से 97 लाख वोटर के नाम कटे: गुजरात में 73 लाख नाम हटाए; राजस्थान-बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा नाम कट चुके चुनाव आयोग ने शुक्रवार
Donald Trump Vs Emmanuel Macron; Message Leak Controversy

नई दिल्ली12 घंटे पहले कॉपी लिंक मैक्रों ने कहा कि असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। (बैकग्राउंड में मैक्रों के लीक मैसेज का स्कीनशॉट) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि देशों के बीच रिश्तों में सम्मान बहुत जरूरी होता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों नेताओं के बीच हुए प्राइवेट मैसेज लीक कर दिए। भारत के तीन दिन के दौरे पर आए मैक्रों ने भारतीय पॉडकास्टर राज शमानी के शो में यह बात कही। उनसे पूछा गया कि उनके निजी मैसेज लीक होने पर उन्हें कैसा लगा। इस पर मैक्रों ने सीधे ट्रम्प का नाम लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि कूटनीति में एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है। मैक्रों ने कहा कि देश आपस में सहमत हों या असहमत, लेकिन अपनी बात सम्मान के साथ रखनी चाहिए। असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। मैक्रों ने ट्रम्प पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता आगे बढ़ने के बजाए पीछे जाते हुए दिख रहे हैं। मैक्रों के मैसेज का स्क्रीनशॉट ट्रम्प ने 20 जनवरी को मैक्रों का निजी मैसेज लीक किया था। उस मैसेज में मैक्रों ने ट्रम्प से कहा था कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ट्रम्प ग्रीनलैंड को लेकर क्या करना चाहते हैं। उन्होंने आगे मिलकर काम करने की बात भी कही थी और G7 बैठक की मेजबानी का सुझाव दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस बैठक में यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस जैसे देशों को शामिल किया जा सकता है। मैक्रों बोले- हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं मैक्रों ने पॉडकास्ट में यह भी कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपने नेता बदलने का अधिकार होता है, इसलिए हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं है। वे समाज में नफरत भरी भाषा और हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या दुनिया को अमेरिका के मौजूदा लीडरशिप से डरने की जरूरत है, तो उन्होंने कहा कि आज के हालात में यह थोड़ा हैरान करने वाला है कि कुछ नेता आगे बढ़ने की बजाय पीछे की तरफ जाते दिख रहे हैं। ट्रम्प ने फ्रांसीसी वाइन पर 200% टैरिफ की धमकी दी थी ट्रम्प और मैक्रों के बीच लंबे समय के तल्खी रही है, लेकिन हाल में विवाद तब बढ़ा जब फ्रांस ने ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया। यह बोर्ड गाजा के विकास के लिए बनाया गया है। फ्रांस समेत कई देशों ने इस बात पर चिंता जताई कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है। इसके बाद ट्रम्प ने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी और कहा कि इससे मैक्रों पर दबाव पड़ेगा। बाद में ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दोनों के बीच हुए निजी मैसेज भी शेयर कर दिए, जिनमें मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी पर चिंता जताई थी। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले महीने दावोस में कहा था कि फ्रांस धमकी नहीं, सम्मान में भरोसा करता है। यूरोप पर और पाबंदियां लगाने की धमकी देना गलत है। फ्रांस दुनिया की वाइन राजधानी कही जाती है फ्रेंच वाइन और शैम्पेन दुनिया भर में बहुत प्रसिद्ध हैं। फ्रांस की वाइन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता हैं। फ्रांस को दुनिया की वाइन राजधानी कहा जाता है। फ्रेंच वाइन में कई तरह की रेड, व्हाइट, रोजे और स्पार्कलिंग वाइन शामिल हैं। फ्रेंच वाइन फ्रांस के विभिन्न क्षेत्रों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। फ्रेंच वाइन में आमतौर पर कोई बुलबुले नहीं होते। ये स्टिल वाइन होती हैं, जिनमें अल्कोहल 11-15% तक होता है। इनकी क्वालिटी मिट्टी, मौसम और अंगूर की किस्म पर निर्भर करती है। इटली के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश है। 2025 में वैश्विक वाइन उत्पादन लगभग 23.2 खरब मिलीलीटर रहा, जिसमें फ्रांस का उत्पादन 3.59 खरब मिलीलीटर है, यानी दुनिया की कुल वाइन का लगभग 15-16%। फ्रेंच वाइन फ्रांस के अलग-अलग इलाकों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। इसमें 11-15% तक अल्कोहल होता है। ट्रम्प और मैक्रों के बीच कई बार तनातनी हुई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बीच पिछले कुछ समय में कई बार तनातनी देखी गई है। 1. बोर्ड ऑफ पीस विवाद (2026) जब ट्रम्प ने गाजा के विकास के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाया, तो फ्रांस ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस समेत कई देशों ने कहा कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है। 2. ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी (2026) ग्रीनलैंड में अमेरिका की दिलचस्पी को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए। ट्रम्प ने शेयर किए गए मैसेज में मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी चिंता जताई थी। 3. ट्रेड और टैरिफ को लेकर तनाव ट्रम्प ने फ्रांस के उत्पादों, खासकर वाइन और शैम्पेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और कहा कि इससे फ्रांस पर दबाव बनेगा। इस पर फ्रांस ने नाराजगी जताई थी। 4. NATO और डिफेंस खर्च (2018–2019) ट्रम्प बार-बार कहते है कि यूरोपीय देश NATO पर कम खर्च कर रहे हैं और अमेरिका पर ज्यादा बोझ है। मैक्रों ने एक बार NATO को “ब्रेन-डेड” (दिमागी रूप से निष्क्रिय) तक कह दिया था। इस बयान पर ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और दोनों के बीच सार्वजनिक बहस हुई थी। 5. डिजिटल टैक्स विवाद (2019) फ्रांस ने बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाने का फैसला किया था। ट्रम्प ने इसे अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ कदम बताया और फ्रांसीसी सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। बाद में बातचीत के जरिए मामला कुछ हद तक सुलझ गया था। 6. ईरान परमाणु समझौता (2018) ट्रम्प ने अमेरिका को जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) से बाहर कर लिया था। यह एक एक परमाणु समझौता था, जो 2015 में ईरान और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच हुआ था। मैक्रों चाहते थे कि समझौता बना रहे और उन्होंने ट्रम्प को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन
The Kerala Story 2 Controversy; CBFC

15 घंटे पहले कॉपी लिंक फिल्म द केरल स्टोरी 2 में मुख्य भूमिकाओं में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा नजर आएंगी। केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ के प्रोड्यूसर्स को नोटिस जारी किया। यह नोटिस उस याचिका पर सुनवाई के बाद जारी हुआ, जिसमें संबंधित फिल्म को दिए गए सेंसर सर्टिफिकेट को कैंसिल करने की मांग की गई। कन्नूर जिले के चिट्टारिपरम्बा के रहने वाले श्रीदेव नम्बूथिरी ने यह याचिका दायर की। उन्होंने कहा कि फिल्म में बिना किसी ठोस सबूत के पूरे राज्य को गलत तरीके से बदनाम किया गया और रूढ़िवादी तरीके से दिखाया गया। याचिका में कहा गया, “फिल्म का ट्रेलर देखने से साफ है कि कहानी तीन अलग-अलग राज्यों की महिलाओं पर आधारित है और ज्यादातर घटनाएं उत्तर भारत में घटित होती हैं। इसके बावजूद, फिल्म का टाइटल और सीन केरल को गलत तरीके से नकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं। यह फिल्म केरल और केरलवासियों को देश के बाकी हिस्सों से अलग दिखाने की कोशिश करती है, जबकि केरलवासी भारत और विदेशों में काम कर देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं और दूसरे राज्यों से आए लोगों को रोजगार व रहने की जगह भी देते हैं।” याचिका में आगे कहा गया, “फिल्म का नाम लेखक या डायरेक्टर के अधिकतर अनुमानित भय को वास्तविकता की तरह प्रस्तुत करने का एक सोचा-समझा प्रयास है। याचिकाकर्ता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी भी अनुमानित भय को पूरे केरल राज्य से झूठा जोड़ना उचित नहीं है।” ‘द केरल स्टोरी’ (2023) का सीक्वल, ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ 27 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय बता दें कि याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने फिल्म के निर्माता सनशाइन पिक्चर्स से भी अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 24 फरवरी को निर्धारित की गई है। हाल ही में ‘द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर जारी किया गया, जिसमें दिखाया गया है कि प्रेम के नाम पर हिंदू महिलाओं को कथित तौर पर फंसाया जाता है। फिल्म की कहानी अमरनाथ झा और विपुल अमृतलाल शाह ने लिखी है, जबकि फिल्म का डायरेक्शन कमाख्या नारायण सिंह ने किया है। वहीं, गुरुवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल का कड़ा विरोध करते हुए इसे राज्य में सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने की एक और कोशिश बताया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Pakistan Cricket Controversy; PCB Vs Shadab Khan

नई दिल्ली8 घंटे पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद की यह तस्वीर शादाब खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शादाब खान ने पूर्व खिलाड़ियों को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) नाराज बताया जा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर शादाब खान को अपने बयान के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। शादाब ने कहा था कि पाकिस्तान के सीनियर प्लेयर कभी वर्ल्डकप में भारत को हरा नहीं पाए, लेकिन हमनें हराया है। शादाब का इशारा 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भारत पर जीत को लेकर था। अब PCB ने पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना पर दिए शादाब के बयान को अनुचित माना है। बोर्ड ने शादाब को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह दी है। यह पूरा मामला 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ मैच के बाद हुई पाकिस्तान की प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ, जहां शादाब ने पूर्व क्रिकेटरों पर बयान दिया था। इस मैच में पाकिस्तान ने नामीबिया से जीत हासिल की थी। वहीं, इससे पिछले मैच में पाकिस्तान को भारत से 61 रन से हार था। शादाब ने कहा था- जो हमने किया, वो दिग्गज भी नहीं कर सके नामीबिया के खिलाफ 36 रन बनाने और 3 विकेट लेने के बाद शादाब खान ने पूर्व खिलाड़ियों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, ‘आलोचना क्रिकेट के इतिहास का हिस्सा है। पूर्व क्रिकेटर्स की अपनी राय है। वे दिग्गज थे, लेकिन हमने जो किया, वे नहीं कर सके। हमने वर्ल्ड कप में भारत को हराया है।’ भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में पाकिस्तान को 61 रन से हराया। PCB ने टीम मैनेजर के जरिए मैसेज भेजा न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक PCB ने टीम मैनेजर नवीद चीमा के जरिए शादाब से नाराजगी जाहिर की है। चीमा ने शादाब को फोन कर बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी सीमाएं लांघी हैं। शादाब को याद दिलाया गया कि उनके ससुर सकलैन मुश्ताक समेत सभी पूर्व खिलाड़ी पाकिस्तान के दिग्गज हैं और वे सम्मान के हकदार हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों को ऐसी भाषा के इस्तेमाल से बचना चाहिए। मैनेजमेंट की अन्य खिलाड़ियों को भी चेतावनी PCB ने सिर्फ शादाब ही नहीं, बल्कि पूरी टीम को नसीहत दी है। टीम मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी खिलाड़ियों को समझाएं कि वे अपनी टिप्पणियों को सिर्फ मैच तक ही सीमित रखें। अगर कोई खिलाड़ी दोबारा मर्यादा लांघता है तो बोर्ड उस पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है। पूर्व क्रिकेटर कामरान अकमल ने भी शादाब के बयान को गैरजरूरी बताया और कहा कि दिग्गजों के खिलाफ बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। भारत से हार के बाद पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप के आखिरी लीग मैच में नामीबिया को 102 रन सो हराकर सुपर-8 में अपना स्थान पक्का किया। मीडिया से बातचीत पर टीम मैनेजमेंट सख्त पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट फिलहाल मीडिया इंटरैक्शन को लेकर काफी सतर्क है। भारत के साथ हुए अहम मैच से दो दिन पहले तक मैनेजमेंट ने किसी भी खिलाड़ी को मीडिया के सामने नहीं भेजा था। नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले जब उस्मान तारिक से भारत के खिलाफ उनकी गेंदबाजी को लेकर सवाल पूछा गया तो मीडिया मैनेजर नईम गिलानी ने उन्हें जवाब देने से रोक दिया। उन्होंने तर्क दिया कि हेड कोच माइक हेसन इस पर पहले ही सफाई दे चुके हैं। पाकिस्तान ने 2021 में पहली बार वर्ल्ड कप में हराया था पाकिस्तान ने 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में पहली बार भारत को 10 विकेट से हराया था। 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। पहले टॉस जीत कर पाकिस्तान ने फील्डिंग करने का फैसला किया था। टीम इंडिया ने 7 विकेट खोकर 151 रन बनाए थे। इस मैच में शाहीन शाह अफरीदी ने 3, हसन अली ने 2, शादाब खान ने 1 और हारिश रउफ ने 1 विकेट लिए थे। वहीं, 152 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी पाकिस्तान ने बिना विकेट खोए 17.5 ओवर में ही टारगेट को हासिल कर लिया था। सुपर-8 में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा पाकिस्तान भारत से हार और नामीबिया पर 102 रनों की जीत के बाद अब पाकिस्तान की नजरें सुपर-8 राउंड पर हैं। पाकिस्तान अपना पहला सुपर-8 मैच 21 फरवरी को कोलंबो में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 24 फरवरी को पल्लेकेले में इंग्लैंड और 28 फरवरी को श्रीलंका से उनका मुकाबला होगा। टीम की कोशिश मैदान के बाहर चल रहे विवादों को पीछे छोड़कर सेमीफाइनल की रेस में बने रहने की होगी। ———————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप सुपर-8 टीमों के खिलाफ भारत का टी-20 प्रदर्शन:वेस्टइंडीज वर्ल्ड कप में भारी पड़ा, साउथ अफ्रीका को पिछला फाइनल हराया टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज के बाद 8 टीमें सेकेंड राउंड में पहुंच चुकी हैं। यहां 4-4 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया। टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के ग्रुप में रखा है। विंडीज को छोड़कर बाकी दोनों टीमों के खिलाफ भारत का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड अच्छा है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पाकिस्तान- CM मरियम के लिए लग्जरी जेट खरीदने का आरोप:10 अरब रुपए कीमत; मंत्री बोलीं- सरकारी एयरलाइन के लिए खरीदा

पाकिस्तान में पंजाब सरकार पर मुख्यमंत्री मरियम नवाज के लिए लग्जरी जेट खरीदने का आरोप लगा है। ट्रिब्यून एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गल्फस्ट्रीम G500 मॉडल के इस विमान की कीमत करीब 10 अरब पाकिस्तानी रुपए है। विमान की खरीद को लेकर सोशल मीडिया में विवाद तेज हो गया है। दावा किया जा रहा है कि यह जेट मुख्यमंत्री मरियम नवाज के उपयोग के लिए खरीदा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विमान फिलहाल अमेरिका में रजिस्टर्ड है और अभी पाकिस्तान में इसका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर N144S बताया जा रहा है। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बोखारी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि यह जेट मुख्यमंत्री के लिए नहीं, बल्कि एयर पंजाब के लिए तैयार की जा रही फ्लीट का हिस्सा है। फाइव-स्टार होटल से कम नहीं गल्फस्ट्रीम G500 गल्फस्ट्रीम G500 को दुनिया के सबसे लग्जरी बिजनेस जेट्स में गिना जाता है। इसकी केबिन डिजाइन और सुविधाएं इसे आसमान में चलता फाइव-स्टार सुइट बनाती हैं। विमान में आमतौर पर 10 से 19 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है, जिसे जरूरत के मुताबिक तीन अलग-अलग रहने के हिस्सों में बांटा जा सकता है। सीटें पूरी तरह फ्लैट बेड में बदल जाती हैं। बीच में कॉन्फ्रेंस टेबल लगाई जा सकती है, जहां मीटिंग की जा सके। लंबी उड़ान के दौरान आराम के लिए अलग विश्राम क्षेत्र भी बनाया जा सकता है। G500 का केबिन इंडस्ट्री में सबसे शांत केबिन में गिना जाता है। केबिन प्रेशर और हवा की गुणवत्ता ऐसी रखी जाती है कि लंबी दूरी की उड़ान में यात्रियों को कम थकान महसूस हो। बड़ी-बड़ी अंडाकार खिड़कियां ज्यादा प्राकृतिक रोशनी देती हैं। विमान में अलग गैली (किचन स्पेस), पर्याप्त लगेज स्पेस और एडवांस एयर-फिल्ट्रेशन सिस्टम दिया गया है। सुरक्षा के लिए आधुनिक कॉकपिट सिस्टम और दो ताकतवर इंजन लगाए गए हैं। लंबी दूरी, कम शोर और होटल जैसी सुविधाओं की वजह से इसे वीआईपी और कॉर्पोरेट यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पायलट भर्ती के विज्ञापन से शुरू हुआ विवाद लग्जरी जेट खरीदने का पूरा विवाद एक पायलट भर्ती विज्ञापन से शुरू हुआ। सर्विसेज एंड जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (SGAD) की ओर से जारी इस विज्ञापन में गल्फस्ट्रीम जी-500 उड़ाने के लिए प्रशिक्षित पायलट को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। विज्ञापन सामने आते ही सवाल उठने लगे कि क्या सरकार पहले से ही इस मॉडल का विमान खरीद चुकी है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी अहम शर्त आमतौर पर तभी रखी जाती है, जब विमान पहले से संचालन में हो या बहुत जल्द शामिल होने वाला हो। इसी के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा फैल गया कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री के उपयोग के लिए लग्जरी जेट खरीदा है। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बोखारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एयर पंजाब के लिए एक बेड़ा तैयार किया जा रहा है। कुछ विमान खरीदे जाएंगे और कुछ किराये पर लिए जाएंगे। पाकिस्तान की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं CM मरियम नवाज पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में पद संभाला और इस पद पर पहुंचने वाली वह देश के किसी भी प्रांत की पहली महिला बनीं। मरियम नवाज 2011 में सक्रिय राजनीति में आई थीं। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत यूनिवर्सिटीज में और महिलाओं के मुद्दों पर भाषण देकर की थी। साल 2017 मरियम के लिए सबसे अच्छा रहा, लेकिन इसी साल उनके पिता नवाज शरीफ को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स में नाम आने पर चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। यहां से मरियम ने अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की कमान संभाली। इसी साल BBC ने उन्हें अपनी 100 प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में जगह दी। इसके बाद वह न्यूयॉर्क टाइम्स की दुनिया की 11 ताकतवर महिलाओं की लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहीं।
Ghooskhor Pandat Movie Title Controversy; Neeraj Pandey SC

नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडत का नाम बदल दिया गया है। फिल्ममेकर नीरज पांडेय ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल करके इसकी जानकारी दी। जिसमें बताया गया कि फिल्म का विवादित टाइटल हटा दिया गया है। अब इसका कहीं इस्तेमाल नहीं होगा। नया नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन जो भी रखा जाएगा, वह पुराने नाम जैसा या उससे मिलता-जुलता नहीं होगा। नीरज पांडेय ने कोर्ट में बताया कि नया नाम फिल्म की कहानी और उद्देश्य को सही ढंग से दिखाएगा और कोई गलत मतलब नहीं निकलेगा। इसके अलावा पुराने नाम से जुड़े सभी पोस्टर, ट्रेलर और प्रचार सामग्री भी पहले ही हटा दी गई है। दरअसल 12 फरवरी को पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिल्ममेकर और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को फिल्म का नाम बदलने का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता अतुल मिश्रा ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। 3 फरवरी को टीजर के साथ फिल्म के नाम का ऐलान हुआ था नेटफ्लिक्स ने 3 फरवरी 2026 को मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ का ऐलान भी टीजर रिलीज करके किया गया था। लेकिन जैसे ही इसका टीजर जारी किया गया तो इसके टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक, दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया। फिल्म में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार निभा रहे हैं। ब्राह्मण समाज ने फिल्म का विरोध किया अलग-अलगह जगहों पर ब्राह्मण समाज ने नेटफ्लिक्स की ‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा मुंबई के वकील आशुतोष दुबे का आरोप है कि ‘पंडत’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार के साथ जोड़ना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचती है। नोटिस में कहा गया है कि यह फिल्म जानबूझकर एक समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है। यह केवल क्रिएटिव फ्रीडम नहीं है बल्कि कला के नाम पर किसी समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। उनका कहना है कि फिल्म का नाम केवल सनसनी फैलाने के इरादे से रखा गया है, जिसमें सामाजिक संवेदनशीलता की अनदेखी की गई है। इसके साथ ही, वकील ने फिल्म का नाम बदलने की मांग भी की है। विवाद बढ़ता देख फिल्ममेकर ने टीजर हटाया फिल्म का टीजर और उससे जुड़ा सभी प्रमोशनल कंटेंट नेटफ्लिक्स इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब से हटा दिया गया। फिल्म को लेकर नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए आम बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। इस कहानी का फोकस एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने आगे लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता हूं और ऐसी कहानियां कहना चाहता हूं जो सोच-समझकर और सम्मान के साथ बनाई जाएं। यह फिल्म भी मेरे पिछले कामों की तरह ईमानदार नीयत से और सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनाई गई है। —————– इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें.. सुप्रीम कोर्ट बोला- घूसखोर पंडत फिल्म का नाम बदलें:नया नाम बताओ, तब रिलीज होगी; किसी वर्ग को ऐसे बदनाम नहीं कर सकते सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर फिल्ममेकर और नेटफ्लिक्स को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि समाज के किसी वर्ग को ऐसे नाम से बदनाम नहीं किया जा सकता। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
थाने पहुंची हरियाणवी कलाकारों की कन्ट्रोवर्सी:'जीजा जी' सॉन्ग पर विवाद, सिंगर मीता बोले-बिग बॉस ऑफर के लिए कर रही; सोनिका ने गंदा आदमी बताया

हरियाणवी सिंगर अमित खासा उर्फ मीता बरोदा और मॉडल सोनिका सिंह का विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। सोनिका सिंह का कहना है कि लगातार हो रही बदनामी से परेशान होकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दी है। बता दें कि दोनों स्टॉर्स के बीच ‘जीजा जी’ सॉन्ग को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों सोशल मीडिया पर भी एक- दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर चुके हैं। दोनों ने सॉन्ग की ऑनरशिप, यू-ट्यूब इनकम को लेकर अपना दावा कर रहे हैं। जीजा जी सॉन्ग करीब एक साल पहले आजाद सिंह खांडा खेड़ी की रागनी का मॉडिफाई वर्जन था। सिंगर मीता बरोदा का कहना है कि आजाद सिंह से परमिशन लेने के बाद ही उन्होंने इस गाने को रिकॉर्ड किया था। मीता बरोदा ने कहा… सोनिका बेवजह कन्ट्रोवर्सी को लंबा खींच रही है। उन्हें बिग बॉस में जाना है। इसीलिए कॉन्ट्रोवर्सी कर रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए विवाद की वजह… अब पढ़िए सोनिका सिंह ने क्या दावा किया… 3 पॉइंट में पढ़िए…विवाद पर मीता बरोदा क्या बोले सोनिका बोलीं- पुलिस को शिकायत दी सोनिका का कहना है कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों और बदनाम करने के प्रयास के चलते उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मीता के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं की है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच को धमकाया, VIDEO:मंच से उतारकर बोले- MLA-मंत्री तक को कुछ नहीं समझता, भीड़ से भी धक्का-मुक्की की हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एक लाइव शो के दौरान उन्होंने स्टेज पर खड़े पूर्व सरपंच व समर्थकों पर चिल्लाते हुए नीचे उतरने को कह दिया। सिंगर ने कहा- मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। (पूरी खबर पढ़ें)
Epstein Files Sex Scandal Controversy; Hyatt Hotels Chairman

न्यूयॉर्क2 दिन पहले कॉपी लिंक हयात होटल्स के कार्यकारी अध्यक्ष अरबपति थॉमस प्रित्जकर 2018 से जेफ्री एपस्टीन के संपर्क में थे। अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ संबंधों का खुलासा होने के बाद दुनियाभर में इस्तीफों का दौर जारी है। ताजा इस्तीफा अमेरिकी होटल चेन हयात होटल्स के कार्यकारी अध्यक्ष अरबपति थॉमस प्रित्जकर का है। वे इस पद पर 1999 से थे। अमेरिकी न्याय विभाग की फाइल से पता चला है कि 2008 से एपस्टीन और प्रित्जकर लगातार संपर्क में थे। 2018 में एपस्टीन ने प्रित्जकर से अपनी प्रेमिका की दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा की व्यवस्था में मदद का अनुरोध किया था। 2015 का एक अन्य ईमेल बताता है कि एपस्टीन ने दुबई में निवेश बढ़ाने के लिए डीपी वर्ल्ड के सीईओ बिन सुलेयम और प्रित्जकर को जोड़ने की कोशिश की थी। उसने सुलेयम और जेस स्टेली के बीच कारोबारी संबंध बढ़ाने की भी कोशिश की, जो उस समय जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी में वरिष्ठ कार्यकारी थे। हयात होटल्स के कार्यकारी चेयरमैन थॉमस जे. प्रित्जकर। हयात होटल्स के उत्तराधिकारियों में दूसरे सबसे धनी हैं प्रित्जकर थॉमस जे. प्रित्जकर, परिवार के 13 अरबपति होटल उत्तराधिकारियों में दूसरे सबसे धनी हैं। संपत्ति 6.2 अरब डॉलर है। 1999 से हयात के अध्यक्ष और 1999 से 2006 तक सीईओ रहे। एपस्टीन विवाद में अब तक ये छोड़ चुके पद एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद 10 देशों के 15 प्रोफेशनल्स, नेता और बैंकर्स इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें प्रमुख हैं… वर्ल्ड की टॉप लॉजिस्टिक्स कंपनियों में से एक डीपी वर्ल्ड के सीईओ बिन सुलेयम गोल्डमैन सैक्स की शीर्ष वकील कैथी रुएमलर अमेरिकी लॉ फर्म पॉल वीस के चेयरमैन ब्रैड कार्प हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष लैरी समर्स नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोरब्योर्न जगलैंड नॉर्वे की राजनयिक मोना जुउल और उनके पति पूर्व राजनयिक टेर्जे रोड-लार्सन अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू फुटबॉल टीम न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिस्क यूएनएचसीआर की स्वीडन की अध्यक्ष जोआना रुबिनस्टीन कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर ‘#MeToo’ लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की। —————- ये खबर भी पढ़ें… अपनी नर्सरी में धतूरे का पौधा उगाता था जेफ्री एपस्टीन:नशे में इस्तेमाल होता है, भगवान शिव से जुड़ा है इसका फूल हाल ही में जारी हुए एपस्टीन फाइल्स के ईमेल्स में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जहरीले पौधों में दिलचस्पी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन ईमेल्स में खास तौर पर ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ (धतुरा का पौधा) का जिक्र है। ईमेल्स में ऐसे लेख फॉरवर्ड किए गए थे, जिनमें कोलंबिया में इसके इस्तेमाल का जिक्र था। बताया गया कि इसके असर में व्यक्ति को कहीं भी ‘ले जाया’ जा सकता है, क्योंकि वह पूरी तरह आज्ञाकारी और भ्रमित हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







