50 लाख आबादी वाला न्यूजीलैंड क्रिकेट में इतना बेहतर कैसे:वहां हर 50वां व्यक्ति क्रिकेटर; टैलेंट सर्च, कोचिंग और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी

2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन…2024 में इंडिया को पहली बार उसी के घर में क्लीन स्वीप किया। फिर विमेंस टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप भी जीत लिया। ये न्यूजीलैंड के हालिया अचीवमेंट्स हैं। इसके अलावा कीवी टीम ने ओवरऑल 18 ICC टूर्नामेंट्स के सेमीफाइनल भी खेले हैं। न्यूजीलैंड को क्रिकेट की सबसे अनुशासित टीमों में भी गिना जाता है। यही वजह है कि टीम को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। लेकिन 50 लाख की आबादी वाला यह छोटा-सा देश क्रिकेट में इतना बेहतर कैसे बन गया? इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब देंगे। स्टोरी 3 पार्ट में पढ़िए… 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा 1832 में एंग्लिकन मिशनरी हेनरी विलियम्स ने नॉर्थलैंड में एक मैच आयोजित किया था। यह कीवियों के इतिहास का पहला मैच है। इसके 10 साल बाद दिसंबर 1842 में वेलिंगटन में एक मैच खेला गया, जिसका स्कोर दर्ज किया गया। यह क्रिकेट इतिहास का पहला ऐसा मैच, जिसमें स्कोर दर्ज किया गया था। 1864 में इंटरनेशनल क्रिकेट न्यूजीलैंड पहुंचा, जब जॉर्ज पार की पेशेवर ऑल-इंग्लैंड इलेवन टीम यहां खेलने आई। इस अंग्रेजी टीम ने ओटागो और कैंटरबरी की 22 खिलाड़ियों वाली टीमों के खिलाफ चार मैच जीते। 1906 में गवर्नर लॉर्ड प्लंकेट ने प्लंकेट शील्ड ट्रॉफी शुरू की। पहली जीत के लिए 26 साल का इंतजार न्यूजीलैंड 1930 में टेस्ट खेलने वाला देश बना। टीम को अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए 26 साल इंतजार करना पड़ा। कीवियों को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ जीत हासिल करने में दो दशक और लग गए। जब उसने ऑकलैंड के ईडन पार्क में वेस्टइंडीज को हराया। न्यूजीलैंड ने अपना पहला वनडे मैच 11 फरवरी 1973 को खेला और पाकिस्तान को 22 रन से हराया। न्यूजीलैंड की महिला टीम ने अपना पहला टेस्ट मैच 1935 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। पिछले 6 साल में 3 फाइनल खेले, एक जीता न्यूजीलैंड की टीम ने 2020 के बाद 3 बार ICC टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई, इसमें से उसे एक में जीत, जबकि 2 में हार का सामना करना पड़ा। साउथैम्प्टन के द रोज बाउल स्टेडियम में कीवियों ने जून 2021 में भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में 8 विकेट से हराया। उसी साल 14 नवंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में न्यूजीलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से हराया। कीवियों को पिछले साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत से फाइनल मैच खेला था। इसमें उसे 4 विकेट की पराजय झेलनी पड़ी थी। 2000 में पहला ICC टाइटल जीता न्यूजीलैंड की मेंस टीम 2000 में पहली बार किसी ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची। टीम ने पहले ही मौके में टीम इंडिया को 4 विकेट से हराया था। उसके बाद कीवियों ने अगले 20 साल में 3 फाइनल खेले, लेकिन एक भी नहीं जीत सकी। कीवियों को 2009 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 में वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल हराया। 2019 में न्यूजीलैंड फिर फाइनल में पहुंचा, लेकिन इस बार इंग्लैंड के खिलाफ ICC के बाउंड्री के नियम की वजह से हार गया। 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए, 39% जीते न्यूजीलैंड, ऐसी टीम है, जो ज्यादा बयानबाजी नहीं करती है और न ही उसके खिलाड़ी अनुशासनहीनता करते हैं। प्लेयर्स का हाव-भाव जीत और हार में एक समान रहता है। न्यूजीलैंड की टीम शांतिपूर्ण तरीके से अपना गेम खेलती है और सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। NZ की टीम ने 18 मौकों में ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसमें से 7 जीते, जबकि 11 मौकों पर कीवियों के हाथ निराशा हाथ लगी है। टीम ने 61% सेमीफाइनल मैच गंवाए हैं और 39% मैच जीते हैं। न्यूजीलैंड को इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत 26 साल बाद मिली। टीम पहले वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई। उसने 1979 और 1992 में भी टॉप-4 में जगह बनाई। लेकिन, टीम टाइटल नहीं जीत पा रही थी। इस कारण 1990 के दशक में न्यूजीलैंड क्रिकेट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार किया गया। नया गवर्नेंस स्ट्रक्चर बना। स्टेट के प्रतिनिधियों की जगह योग्यता के आधार पर नियुक्तियां होने लगीं। इसका असर भी हुआ और टीम ने 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती। न्यूजीलैंड के सक्सेस मॉडल को 4 फैक्टर्स में समझिए… फैक्टर-1. कम आबादी, लिमिटेड टैलेंट; ज्यादा फोकस न्यूजीलैंड के इतिहासकार डॉन नीली ने कहा था- ‘हम छोटे हैं, इसलिए पूरे देश को एक टारगेट के लिए साथ लाना आसान है। कई लोग इसे कमजोरी मानते हैं, वहीं हम इसे अपनी ताकत मानते हैं।’ यही बात क्रिकेट पर लागू होती है, वहां एक लाख रजिस्टर्ड क्रिकेटर्स हैं। प्लेयर्स को कम उम्र में स्कूल और क्लब लेवल से स्काउट किया जाता है। फिर उनके स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाता है। संख्या कम होने के कारण कोचिंग और अन्य सुविधाओं के लिहाज से हर प्लेयर्स पर कोचेस और एडमिनिस्ट्रेटर का फोकस ज्यादा होता है। फैक्टर-2. मजबूत ग्रासरूट सिस्टम न्यूजीलैंड की असली ताकत उसका मजबूत ग्रासरूट सिस्टम है। उसके शहर छोटे जरूर हैं, लेकिन खेल सुविधाओं से भरपूर हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि टौरंगा के माउंट माउंगानुई में एक छोटा लेकिन शानदार क्रिकेट स्टेडियम, दो रग्बी मैदान, वाइकाटो हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ और एथलेटिक्स ट्रैक मौजूद है। पास में यॉटिंग और सेलिंग क्लब भी है। इससे वहां के रहवासियों की जीवनशैली में स्पोर्ट्स कल्चर बिल्ट होता है। न्यूजीलैंड की सफलता में आउटडोर जीवनशैली का बड़ा योगदान है। स्कूलों में दौड़ने, कूदने और थ्रो करने जैसी शारीरिक गतिविधियों पर खास जोर दिया जाता है। हर साल आधे से ज्यादा बच्चे कम से कम एक प्रतिस्पर्धी खेल में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्कूल और क्लब से प्लेयर्स को स्काउट करने के बाद उन्हें वहां के डोमेस्टिक और नेशनल टूर्नामेंट में मौका दिया गया है। इन टूर्नामेंट में स्टेज की 6 टीमें हिस्सा लेती हैं। विमेंस कैटेगरी में भी 6 टीमें खेलती हैं। टी-20 में सुपर स्मैश और मल्टी-डे क्रिकेटर्स के लिए प्लुनकेट शील्ड का आयोजन होता है। फैक्टर-3. हॉकस बे कैंप क्रिकेट की नर्सरी न्यूजीलैंड क्रिकेट के टैलेंट को तैयार करने में नॉर्थ आइलैंड के दक्षिणी हिस्से में स्थित हॉकस बे के क्रिकेट कैंपों की अहम भूमिका है। इसे कीवी क्रिकेट
Gorakhpur International Cricket Stadium Planned

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. भारत इंडियन ओशियन नेवल सिंपोजियम का अध्यक्ष बना 20 फरवरी को हिंद महासागर नौसेना सिम्पोजियम यानी IONS के नौसेना प्रमुखों का 9वां सम्मेलन विशाखापत्तनम में हुआ। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने बताया कि भारत ने सम्मेलन के दौरान IONS की अध्यक्षता ग्रहण की है। IONS एक पहल है जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय राज्यों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाना है। यह अंतर्राष्ट्रीय आयोजन इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और मिलान 2026 के साथ हो रहा है। भारत 2026-2028 फोरम के लिए इस मंच को लीड करेगा। IONS की शुरुआत नई दिल्ली में 2008 में हुई थी। तब से यह दूसरी बार है जब भारत अध्यक्ष बनकर नेतृत्व कर रहा है। इस समय IONS में 25 सदस्य नौसेनाएं और 9 ऑब्जर्वर देश शामिल हैं। 2. ‘मेरी परंपरा-मेरी विरासत’ सब्जेक्ट पर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित 19 फरवरी को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में “मेरी परंपरा-मेरी विरासत” विषय पर एक दिवसीय सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पंचायती राज मंत्रालय ने इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स, संस्कृति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जनजातीय विरासत के संरक्षण के लिए किया गया। यह कार्यक्रम दो विषयों पर केंद्रित था- छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का डॉक्यूमेंटेशन और डिजिटल प्रिजर्वेशन और परियोजना के क्रियान्वयन के लिए बनाए गए फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देना। सबसे पहले मेरी परंपरा- मेरी विरासत की पहल पंचायती राज मंत्रालय द्वारा की गई थी। यह अभियान झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा 26 जनवरी 2025 को ‘हमारी परंपरा हमारी विरासत’ विषय के अंतर्गत शुरू किया था। छत्तीसगढ़ इस पहल को अपनाने वाला दूसरा राज्य है। छत्तीसगढ़ में 42 मान्यता प्राप्त अनुसूचित जनजातियां हैं, जिनके संरक्षण के लिए इस सत्र का आयोजन किया गया। निधन (Death) 3. अमेरिकन अभिनेता एरिक डेन का निधन 19 फरवरी को अमेरिकन अभिनेता एरिक डेन का निधन हो गया। एरिक मेडिकल ड्रामा ‘ग्रेज एनाटॉमी और यूफोरिया में अपने किरदार के लिए जाने जाते थे। डेन ने पिछले साल यह बताया था कि उन्हें एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस बीमारी है। एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है जो दिमाग और रीढ़ की हड्डी में मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली मोटर न्यूरॉन्स को नष्ट कर देती है। डेन ने अमेरिकन एक्ट्रेस रेबेका गेहार्ट से 2004 में शादी की थी। डेन और गेहार्ट की दो बेटियां बिली और जॉर्जिया हैं। डेन की नेटवर्थ 7 मिलियन डॉलर थी। उन्होंने फिल्मों के अलावा टीवी शोज के जरिये भी अपनी खास पहचान बनाई थी। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. NASA ने आर्टेमिस 2 लूनार लॉन्च की सफल रिहर्सल की 19 फरवरी को NASA ने आर्टेमिस 2 लूनर लॉन्च की सफल रिहर्सल की। आर्टेमिस 2 मिशन के लिए की जाने वाली इस प्रोसेस को wet dress rehearsal नाम दिया गया। इसे फ्लोरिडा के केप कनावेरल में किया गया। इस रिहर्सल में ईंधन भरने की प्रक्रिया, उलटी गिनती और प्रक्षेपण रद्द होने की स्थितियों की जांच की गई, लेकिन उड़ान नहीं भरी गई। इस प्रैक्टिस को रियल कंडिशन के तहत फुल रॉकेट टैंक्स और टेक्निकल चेकिंग के साथ पूरा किया गया। इससे पहले 2 फरवरी को NASA ने 50 साल बाद चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशन आर्टेमिस-II के लिए दो दिवसीय प्रैक्टिस काउंटडाउन शुरू किया था। ये तकनीकी खराबी के कारण विफल हो गया था। रिहर्सल के आधार पर यह तय होगा कि अंतरिक्ष यात्री चांद की परिक्रमा के लिए कब रवाना होंगे। 5. गोरखपुर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 20 फरवरी को गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए यूपी सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक समझौते यानी MoU पर साइन हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए गए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए इंडियन ऑयल 60 करोड़ रुपए देगा। MoU के अनुसार, दिसंबर 2027 तक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण पूरा किया जाएगा। इस स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की कैपेसिटी होगी। स्टेडियम के निर्माण की अनुमानित लागत 392.94 करोड़ रुपए है। स्टेडियम में आधुनिक पिच, अभ्यास सुविधाएं, फ्लडलाइट, ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर होंगे जिससे यहां बड़े अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित किए जा सकेंगे। आज का इतिहास 21 फरवरी : 1707 – औरंगजेब की मौत अहमदनगर में हुई। 1959 – प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया की नई दिल्ली में स्थापना। 1974 – युगोस्लाविया ने संविधान स्वीकार किया। ऐसी ही और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बिहार के आखिरी नक्सली सुरेश कोड़ा ने हथियार डाले:एपस्टीन से नाम जुड़ने के चलते AI समिट से हटे बिल गेट्स; 20 फरवरी करेंट अफेयर्स









