मई में रिकॉर्ड 25.31 लाख गाड़ियां बिकीं:इनमें पहली बार EV की हिस्सेदारी 11% के पार, मिडल ईस्ट संकट से महंगे हुए ईंधन का असर

मई महीने में देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बिक्री का एक नया रिकॉर्ड बनाया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के मुताबिक, मई 2026 में देश की कुल ऑटो रिटेल सेल्स 9.55% बढ़कर 25,31,067 यूनिट पर पहुंच गई। पिछले साल मई में यह आंकड़ा 23,10,451 यूनिट था। इस रिकॉर्ड बिक्री के बीच सबसे बड़ी बात यह रही कि देश में पहली बार कुल बिकने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की हिस्सेदारी 11% के पार निकल गई है। मिडल ईस्ट संकट के कारण पिछले दिनों देश में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई थी, उसकी वजह से ग्राहकों का रुझान ग्रीन और फ्यूल-एफिशिएंट वाहनों की तरफ बढ़ा है। मई में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 23.25% बढ़ी FADA के आंकड़ों के अनुसार, मई के महीने में पैसेंजर व्हीकल्स (कार) की रिटेल बिक्री 23.25% की भारी बढ़त के साथ रिकॉर्ड 4,02,591 यूनिट रही। पिछले साल मई 2025 में यह आंकड़ा 3,26,656 यूनिट था। इसके अलावा टू-व्हीलर्स (दोपहिया वाहनों) की बिक्री भी 7.54% बढ़कर 18,44,947 यूनिट रही। दोपहिया वाहन की बिक्री 7% बढ़ी दोपहिया वाहनों में EV का शेयर 9% के करीब पहुंचा मई में ईंधन की कीमतों में हुए बदलाव का असर ग्राहकों की पूछताछ पर साफ देखा गया। डीलर्स का कहना है कि लोग अब ज्यादा माइलेज देने वाले और वैकल्पिक ईंधन (जैसे EV और हाइब्रिड) वाले वाहनों के बारे में ज्यादा पूछ रहे हैं। यही वजह है कि दोपहिया वाहनों के बाजार में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का शेयर एक साल पहले के 6.11% से बढ़कर अब 9.25% पर पहुंच गया है। कमर्शियल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट का प्रदर्शन थ्री-व्हीलर्स की बिक्री पिछले महीने 3.56% बढ़कर 1,11,526 यूनिट रही, जो पिछले साल मई में 1,07,688 यूनिट थी। वहीं, कमर्शियल व्हीकल्स (CV) यानी भारी वाहनों के सेगमेंट में भी 5.29% की ग्रोथ देखी गई और यह रिकॉर्ड 83,823 यूनिट पर पहुंच गया। हालांकि, पिछले साल के ऊंचे बेस के कारण कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (पहियों वाले निर्माण उपकरण) की बिक्री में 17.51% की गिरावट आई है।
मई में रिकॉर्ड 25.31 लाख गाड़ियां बिकीं:इनमें पहली बार EV की हिस्सेदारी 11% के पार, मिडल ईस्ट संकट से महंगे हुए ईंधन का असर

मई महीने में देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बिक्री का एक नया रिकॉर्ड बनाया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के मुताबिक, मई 2026 में देश की कुल ऑटो रिटेल सेल्स 9.55% बढ़कर 25,31,067 यूनिट पर पहुंच गई। पिछले साल मई में यह आंकड़ा 23,10,451 यूनिट था। इस रिकॉर्ड बिक्री के बीच सबसे बड़ी बात यह रही कि देश में पहली बार कुल बिकने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की हिस्सेदारी 11% के पार निकल गई है। मिडल ईस्ट संकट के कारण पिछले दिनों देश में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई थी, उसकी वजह से ग्राहकों का रुझान ग्रीन और फ्यूल-एफिशिएंट वाहनों की तरफ बढ़ा है। मई में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 23.25% बढ़ी FADA के आंकड़ों के अनुसार, मई के महीने में पैसेंजर व्हीकल्स (कार) की रिटेल बिक्री 23.25% की भारी बढ़त के साथ रिकॉर्ड 4,02,591 यूनिट रही। पिछले साल मई 2025 में यह आंकड़ा 3,26,656 यूनिट था। इसके अलावा टू-व्हीलर्स (दोपहिया वाहनों) की बिक्री भी 7.54% बढ़कर 18,44,947 यूनिट रही। दोपहिया वाहन की बिक्री 7% बढ़ी दोपहिया वाहनों में EV का शेयर 9% के करीब पहुंचा मई में ईंधन की कीमतों में हुए बदलाव का असर ग्राहकों की पूछताछ पर साफ देखा गया। डीलर्स का कहना है कि लोग अब ज्यादा माइलेज देने वाले और वैकल्पिक ईंधन (जैसे EV और हाइब्रिड) वाले वाहनों के बारे में ज्यादा पूछ रहे हैं। यही वजह है कि दोपहिया वाहनों के बाजार में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का शेयर एक साल पहले के 6.11% से बढ़कर अब 9.25% पर पहुंच गया है। कमर्शियल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट का प्रदर्शन थ्री-व्हीलर्स की बिक्री पिछले महीने 3.56% बढ़कर 1,11,526 यूनिट रही, जो पिछले साल मई में 1,07,688 यूनिट थी। वहीं, कमर्शियल व्हीकल्स (CV) यानी भारी वाहनों के सेगमेंट में भी 5.29% की ग्रोथ देखी गई और यह रिकॉर्ड 83,823 यूनिट पर पहुंच गया। हालांकि, पिछले साल के ऊंचे बेस के कारण कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (पहियों वाले निर्माण उपकरण) की बिक्री में 17.51% की गिरावट आई है।
Ola Electric FY26 Loss ₹1,833 Cr | Share Drops 29%

Hindi News Business Ola Electric FY26 Loss ₹1,833 Cr | Share Drops 29% | Q4 Loss ₹500 Cr मुंबई17 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को मार्च तिमाही (जनवरी-मार्च) में ₹500 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹870 करोड़ का घाटा हुआ था, यानी सालाना आधार पर कंपनी ने अपने घाटे को 42.5% कम किया है। तिमाही आधार पर बढ़ा घाटा सालाना आधार पर सुधार के बावजूद पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी की स्थिति कमजोर हुई है। अक्टूबर-दिसंबर (दिसंबर तिमाही) के ₹487 करोड़ के घाटे के मुकाबले मार्च तिमाही में कंपनी का लॉस 2.7% बढ़ गया है। ऑपरेशंस रेवेन्यू में 56.6% की गिरावट मार्च तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक का ऑपरेशंस रेवेन्यू सालाना आधार पर 56.6% गिरकर ₹265 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹611 करोड़ था। वहीं, तिमाही आधार पर देखें तो दिसंबर तिमाही के ₹470 करोड़ के मुकाबले इसमें 43.6% की गिरावट आई है। कंपनी की कुल आय भी पिछले साल की मार्च तिमाही के ₹728 करोड़ से 58.2% घटकर ₹304 करोड़ पर आ गई है। कुल खर्चों में 58.2% की कमी की कमजोर रेवेन्यू के बीच कंपनी ने अपने खर्चों में कटौती की है। मार्च तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च ₹546 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1,306 करोड़ के मुकाबले 58.2% कम है। वहीं, पिछली तिमाही (₹741 करोड़) के मुकाबले खर्चे 26.3% कम हुए हैं। पूरे वित्त वर्ष (FY26) में रेवेन्यू आधा हुआ पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ओला इलेक्ट्रिक का ऑपरेशंस रेवेन्यू ₹2,253 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के ₹4,514 करोड़ के मुकाबले 50.1% कम है। हालांकि, पूरे साल का नेट लॉस 19.5% घटकर ₹1,833 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹2,276 करोड़ था। सालाना आधार पर कंपनी का कुल खर्च भी ₹6,253 करोड़ से घटकर ₹3,245 करोड़ रह गया है। QIP के जरिए फंड जुटाने की तैयारी कंपनी ने बताया कि वह लगातार अपनी लिक्विडिटी पोजीशन (नकदी की स्थिति) का आकलन कर रही है। फंड की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी एक प्रस्तावित क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के माध्यम से एडिशनल फंड जुटाने (अतिरिक्त पूंजी जुटाने) की कोशिश कर रही है। एक साल में ओला का शेयर 29% गिरा आज कंपनी कर शेयर 8 पैसे गिरकर 36.50 रुपए पर बंद हुआ। बीते 6 महीने में 12.85%, एक साल में 28.60% और इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक ओला का शेयर 2.72% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब 15.46 हजार करोड़ रुपए है। 2017 में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की हुई थी स्थापना बेंगलुरु स्थित ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की स्थापना 2017 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से ओला फ्यूचर फैक्ट्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी पैक, मोटर्स और व्हीकल फ्रेम बनाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









