Arthritis Joint Pain Relief Home Remedies; Giloy Turmeric Ginger

Hindi News Lifestyle Arthritis Joint Pain Relief Home Remedies; Giloy Turmeric Ginger | Diabetes BP Precautions 46 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को आर्थराइटिस है। किसी की समस्या मॉडरेट है तो किसी की गंभीर। आर्थराइटिस के कारण शुरू हुआ जॉइंट पेन लगभग पूरी जिंदगी बना रहता है। कुछ लोग इससे राहत के लिए पेन किलर खाते हैं। ये खतरनाक साबित हो सकता है। इससे किडनी तक डैमेज हो सकती है। ऐसे में सवाल है कि क्या पेन किलर के बिना भी इस दर्द से राहत मिल सकती है? जवाब है– ‘हां’। जॉइंट पेन में घरेलू नुस्खों से राहत मिलती है। ‘जरूरत की खबर’ में आज आर्थराइटिस पेन से राहत के घरेलू नुस्खों की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- आर्थराइटिस क्यों होता है? क्या डायबिटिक और बीपी पेशेंट भी ये घरेलू नुस्खे ले सकते हैं? एक्सपर्ट: डॉ. पी.के. श्रीवास्तव, पूर्व सीनियर कंसल्टेंट, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, लखनऊ सवाल- आर्थराइटिस क्या है? जवाब- आर्थराइटिस में जॉइंट्स में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन हो जाता है। इसके कारण अकड़न बनी रहती है और दर्द होता है। हमारे शरीर में जहां भी दो हड्डियां मिलती हैं, उसे जॉइंट कहते हैं। इन जॉइंट्स में दोनों हड्डियों के बीच एक मुलायम लेयर होती है, जिसे ‘कार्टिलेज’ कहते हैं। जब ये लेयर खराब होने लगती है या इम्यून सिस्टम खुद जॉइंट्स पर हमला करने लगता है (ऑटोइम्यून डिजीज) तो आर्थराइटिस होता है। सवाल- आर्थराइटिस क्यों होता है? जवाब- आर्थराइटिस में कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है या उनमें सूजन आ जाती है। इसकी सबसे कॉमन वजह उम्र बढ़ना है, क्योंकि समय के साथ जोड़ों की फ्लैक्सिबिलिटी कम हो जाती है। मोटापा यानी ज्यादा वजन भी जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे कार्टिलेज डैमेज होता है। पुरानी चोट, गलत तरीके से बैठने-उठने की आदतें, ज्यादा मेहनत वाले काम और विटामिन D या कैल्शियम की कमी भी आर्थराइटिस का कारण बन सकती है। कुछ मामलों में ऑटोइम्यून कंडीशन के कारण भी आर्थराइटिस हो सकता है। इसे रूमेटॉइड आर्थराइटिस कहते हैं। सवाल- आर्थराइटिस के दर्द से राहत के लिए लोग अक्सर पेनकिलर ले लेते हैं? इसमें रोज पेन किलर खाना क्यों खतरनाक है? जवाब- आर्थराइटिस के दर्द में पेनकिलर तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन इन्हें रोज खाने से बहुत नुकसान हो सकता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या पेन किलर के बिना भी आर्थराइटिस के दर्द से राहत मिल सकती है? जवाब- हां, कई मामलों में पेन किलर के बिना भी आर्थराइटिस के दर्द को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- नियमित हल्की एक्सरसाइज करें। फिजियोथेरेपी लें। वजन कंट्रोल में रखें। पौष्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट लें। योग और स्ट्रेचिंग करें। जोड़ों की सिंकाई करें। इसके अलावा कुछ हर्ब्स में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन कम कर सकते हैं। सवाल- आर्थराइटिस पेन का घरेलू इलाज क्या है? जवाब- घरेलू इलाज का मकसद जोड़ों की सूजन को कम करना और जोड़ों को पोषण देना है। कुछ प्रभावी घरेलू नुस्खे ग्राफिक में देखिए- ऊपर ग्राफिक में दिए घरेलू नुस्खों के अलावा हल्का योग, गुनगुने पानी से स्नान, पर्याप्त नींद और संतुलित डाइट भी घरेलू इलाज का अहम हिस्सा हैं। आइए, अब इन सभी नुस्खे के बारे में विस्तार से समझिए- 1. गिलोय और हल्दी दोनों में एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड्स (जैसे करक्यूमिन) सूजन को कम करते हैं। इम्यून सिस्टम को मॉड्यूलेट करके इंफ्लेमेशन कंट्रोल करते हैं। जोड़ों के दर्द और स्टिफनेस को कम करने में मदद करते हैं। इसके एंटीऑक्सिडेंट गुण सेल डैमेज को कम करते हैं। 2. गिलोय और अदरक अदरक के जिंजरोल्स दर्द और सूजन को कम करते हैं। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाकर जकड़न घटाते हैं। गिलोय इम्यून बैलेंस और टॉक्सिन क्लियरेंस में मदद करता है। दोनों मिलकर इंफ्लेमेशन और पेन सिग्नल्स को कम करते हैं। 3. गिलोय और अश्वगंधा अश्वगंधा का एडाप्टोजेनिक प्रभाव स्ट्रेस-इंफ्लेमेशन को घटाता है। मसल्स और जॉइंट स्ट्रेंथ को सपोर्ट करता है। गिलोय इम्यून-रिलेटेड सूजन को कंट्रोल करता है। दर्द और जॉइंट स्टिफनेस में राहत मिलती है। 4. गिलोय और गुग्गुल गुग्गुल इंफ्लेमेटरी मार्कर्स (जैसे साइटोकाइन्स) को कम करता है। क्रॉनिक जॉइंट पेन और सूजन को कम करता है। गिलोय डिटॉक्स और इम्यून रेगुलेशन में मदद करता है। आर्थराइटिस में सूजन और अकड़न कम करने में सहायक है। 5. गिलोय और निर्गुंडी निर्गुंडी में एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। नसों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद मिलती है। गिलोय इम्यून रिस्पॉन्स और सूजन को कंट्रोल करता है। दोनों मिलकर जॉइंट पेन, सूजन और स्टिफनेस घटाते हैं। सवाल- इन दर्द निवारक घरेलू नुस्खों को कैसे तैयार करें? जवाब- ये दर्द निवारक घरेलू नुस्खे ऐसे तैयार करें- गिलोय+हल्दी/अदरक: आधा चम्मच गिलोय पाउडर में चुटकी भर हल्दी या अदरक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। गिलोय+अश्वगंधा: दोनों का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर लें। गिलोय+गुग्गुल: यह आमतौर पर टैबलेट या पाउडर के रूप में लिया जाता है। गिलोय+निर्गुंडी: काढ़े के रूप में या तेल से मालिश के लिए इस्तेमाल करें। सभी नुस्खे साफ-सफाई का ध्यान रखकर और सीमित मात्रा में ही तैयार करें। गिलोय को काढ़े या पाउडर के रूप में लिया जा सकता है। सवाल- ये नुस्खे दिन में कितनी बार और कितने दिन तक लेने चाहिए? जवाब- आमतौर पर दिन में 1-2 बार लिया जा सकता है। गिलोय वाले नुस्खे सुबह या शाम लेना बेहतर माना जाता है। इन्हें 4-8 हफ्ते तक लगातार लिया जा सकता है। आयुर्वेदिक उपाय धीरे असर करते हैं, इसलिए धैर्य बनाए रखें। लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। सवाल- इन्हें खाली पेट लेना सही है या खाने के बाद लेना ठीक है? जवाब- इसका सही समय आपकी पाचन क्षमता और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। गिलोय और हल्दी जैसे नुस्खे खाली पेट लेने से बेहतर अवशोषित होते हैं। अगर गैस, एसिडिटी या कमजोर पाचन है, तो खाने के बाद लें। अश्वगंधा और गुग्गुल भोजन के बाद लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। कोई परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लें। सवाल- क्या इन दर्द-निवारक घरेलू नुस्खों का कोई साइड इफेक्ट भी हो सकता है? जवाब- ज्यादा मात्रा या लंबे समय तक लेने पर कुछ साइड
Hyderabad Ginger Garlic Paste Adulteration Scam Exposed

Hindi News Lifestyle Hyderabad Ginger Garlic Paste Adulteration Scam Exposed | Fake Vs Real Testing Methods 48 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक हाल ही में ‘हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम’ (H-FAST) ने 4,032 किलो जिंजर-गार्लिक (अदरक-लहसुन) पेस्ट जब्त किया। साथ ही 6,210 किलो घटिया कच्चा माल भी सीज किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे अनहाइजीनिक तरीके से बनाया जा रहा था। अमूमन हर भारतीय किचन में हर रोज जिंजर-गार्लिक पेस्ट का इस्तेमाल होता है। ऐसे में फूड सेफ्टी मानकों के विपरीत तैयार पेस्ट सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसलिए ‘जरूरत की खबर‘ में आज जिंजर-गार्लिक पेस्ट पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे- अनहाइजीनिक पेस्ट से क्या हेल्थ रिस्क हो सकते हैं? शुद्ध और मिलावटी पेस्ट में अंतर कैसे पहचानें? एक्सपर्ट: -डॉ. उमेश कुमार, फूड एनालिस्ट, फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश -डॉ. नरेंद्र कुमार सिंगला, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- जिंजर-गार्लिक पेस्ट में किस तरह की मिलावट की जाती है? जवाब- मिलावटखोर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इसमें कई तरह की मिलावट करते हैं। जैसेकि- खराब क्वालिटी के अदरक-लहसुन इस्तेमाल करते हैं। मात्रा बढ़ाने के लिए आलू, कद्दू, आटा और स्टार्च जैसे सस्ते फिलर्स मिलाते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल फ्लेवर मिलाते हैं। शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए प्रिजर्वेटिव्स मिलाते हैं। पेस्ट को ताजा/आकर्षक दिखाने के लिए आर्टिफिशियल कलर मिलाते हैं। गाढ़ेपन के लिए थिकनर एजेंट्स मिलाते हैं। सवाल- क्या इसमें सड़े-गले अदरक-लहसुन का इस्तेमाल होता है? जवाब- हां, कुछ मामलों में सड़े-गले या खराब क्वालिटी के अदरक-लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खराब स्मेल दबाने के लिए ज्यादा नमक, प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। सड़े माल से कलर बदलने पर आर्टिफिशियल कलर मिलाया जाता है। खराब क्वालिटी छिपाने के लिए ज्यादा तेल या स्टार्च मिलाया जाता है। ऐसे पेस्ट में बैक्टीरिया या फंगस पनप सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सवाल- इसमें आर्टिफिशियल कलर, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स क्यों मिलाए जाते हैं? जवाब- ये चीजें इसलिए मिलाई जाती हैं, ताकि- पेस्ट ज्यादा दिन तक खराब न हो। फ्रेश और नेचुरल दिखे। खुशबू, स्वाद बना रहे। खराब क्वालिटी का पता न चले। लागत कम हो। सवाल- पेस्ट की मात्रा बढ़ाने के लिए कौन-से सस्ते फिलर्स मिलाए जाते हैं? जवाब- मात्रा बढ़ाने और लागत कम करने के लिए जिंजर गार्लिक पेस्ट में सस्ते फिलर्स मिलाए जाते हैं। ये दिखने और टेक्सचर में असली पेस्ट जैसे लगते हैं, लेकिन न्यूट्रिशन और क्वालिटी घटा देते हैं। जैसेकि- कॉर्न या अन्य स्टार्च। आलू का पेस्ट। कद्दू या लौकी का पल्प। मैदा, आटा। सवाल- जिंजर-गार्लिक पेस्ट में अमूमन कौन से इंग्रीडिएंट्स होते हैं? जवाब- इसमें बेसिक और एडेड इंग्रीडिएंट्स होते हैं, जो ब्रांड और क्वालिटी के हिसाब से बदल सकते हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए– सवाल- शुद्ध और मिलावटी जिंजर-गार्लिक पेस्ट में अंतर कैसे पहचानें? जवाब- इसकी पहचान आसान संकेतों से की जा सकती है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- अनहाइजीनिक तरीके से तैयार पेस्ट से क्या हेल्थ रिस्क हो सकते हैं? जवाब- अनहाइजीनिक जिंजर-गार्लिक पेस्ट में बैक्टीरिया, फंगस और हानिकारक टॉक्सिन्स हो सकते हैं, जिससे कई तरह के हेल्थ रिस्क हो सकते हैं। सभी रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर गलती से मिलावटी पेस्ट खा लिया तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत सही कदम उठाएं। जैसेकि- साफ पानी से कुल्ला करें। खूब पानी पिएं। स्वाद बहुत खराब है तो गुनगुना पिएं। नींबू पानी या ORS लें। खिचड़ी, दही-चावल, केला जैसे सुपाच्य फूड लें। इन लक्षणों पर नजर रखें पेट दर्द, मरोड़ उल्टी, मतली दस्त (डायरिया) एसिडिटी या सीने में जलन सिर दर्द या कमजोरी तेज पेट दर्द बुखार डिहाइड्रेशन (मुंह सूखना, चक्कर आना) ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर को दिखाएं। बिना डॉक्टरी सलाह के अपने मन से कोई दवाई न लें। सवाल- पैक्ड पेस्ट खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- पैक्ड जिंजर-गार्लिक पेस्ट खरीदते समय इन बातों का ख्याल रखें- इंग्रीडिएंट्स लिस्ट देखें। केमिकल्स या एडिटिव्स ज्यादा हों तो न लें। मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट चेक करें। एक्सपायरी डेट नजदीक हो तो न लें। सील चेक करें। लीक पैकेट न लें। FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें। विश्वसनीय ब्रांड का पेस्ट खरीदें। बहुत सस्ता न खरीदें। खरीदने के बाद फ्रिज में स्टोर करें। सवाल- जिंजर-गार्लिक पेस्ट घर पर कैसे बना सकते हैं? जवाब- जिंजर-गार्लिक पेस्ट घर पर बनाना आसान, सस्ता और हेल्दी होता है। तरीका ग्राफिक में देखिए- सवाल- घर पर बना जिंजर-गार्लिक पेस्ट कितने दिन सेफ रहता है? जवाब- होममेड पेस्ट आमतौर पर फ्रिज में 5–7 दिन तक सुरक्षित रहता है, बशर्ते इसे साफ एयरटाइट कंटेनर में रखा जाए। तेल या नमक मिलाने से शेल्फ लाइफ थोड़ी बढ़ सकती है। सवाल- होममेड पेस्ट को स्टोर करने का सही तरीका क्या है? जवाब- होममेड जिंजर-गार्लिक पेस्ट को सही तरीके से स्टोर करना जरूरी है, वरना यह जल्दी खराब हो सकता है और हेल्थ रिस्क बढ़ा सकता है। ऊपर से हल्का तेल डालें। एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में स्टोर करें। सूखा और साफ चम्मच यूज करें। स्मेल, कलर या टेक्सचर बदलने पर यूज न करें। सवाल- कैसे पहचानें कि अब पेस्ट खराब हो गया है? जवाब- जिंजर-गार्लिक पेस्ट खराब होने पर ये संकेत दिखते हैं- खट्टी, सड़ी या अजीब गंध आना। असामान्य या धब्बेदार रंग दिखना। सफेद, हरे या काले धब्बे दिखना। ऊपर फफूंदी की परत बनना। बहुत पतला या चिपचिपा हो जाना। ऊपर पानी जमा होना। बहुत खट्टा, कड़वा या अजीब स्वाद लगना। सवाल- पेस्ट में मिलावट का शक हो तो कहां शिकायत करें? जवाब- अदरक-लहसुन पेस्ट में मिलावट का शक हो तो संबंधित फूड अथॉरिटी में शिकायत कर सकते हैं। FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ एप से शिकायत दर्ज करें। FSSAI की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत करें। राज्य के फूड सेफ्टी विभाग से संपर्क करें। नजदीकी नगर निगम या फूड इंस्पेक्टर को जानकारी दें। शिकायत के समय प्रोडक्ट की फोटो, पैकेजिंग और बिल जरूर शेयर करें। ………………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- केमिकल से पके 200 किलो आम सीज: 5 तरीकों से पहचानें नेचुरल आम, खाने से पहले ऐसे करें साफ, घर पर पकाने के 6 तरीके हाल ही में ‘हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम’ (H-FAST) ने केमिकल से पके फलों की बिक्री
Health Tips: पेट दर्द से पाना है तुरंत राहत, आजमाएं ये आसान घरेलू उपाय, 5 मिनट में मिलेगा आराम

Last Updated:March 13, 2026, 09:42 IST Home Remedies for Stomach Ailments: आजकल अनियमित खानपान और बदलती जीवनशैली के कारण पेट दर्द, गैस और अपच की समस्या आम होती जा रही है. ऐसे में लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेते है, जबकि घर में मौजूद कुछ साधारण चीजें भी राहत दिला सकती है. सुल्तानपुर में 20 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त जनरल फिजिशियन डॉक्टर एस. बी. सिंह बताते है कि पेट दर्द में सबसे आसान और असरदार घरेलू नुस्खा हींग है. हींग को गर्म पानी में घोलकर पीने से गैस और अपच से होने वाला दर्द जल्दी कम हो सकता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है, जो आंतों की सूजन को कम करने में मदद करते है. डॉक्टर के अनुसार अदरक भी पाचन के लिए फायदेमंद है. अदरक का सेवन करने से गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. आज के समय में लोगों के गलत खान-पान और दिनचर्या के कारण पेट दर्द और अन्य पेट संबंधी समस्याएं आम हो गई है. अक्सर लोग इन समस्याओं के लिए अंग्रेजी दवाओं का सहारा लेते है जो तुरंत राहत तो देती है. लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी होते है. अगर आपको भी बार-बार पेट दर्द की समस्या होती है तो आज हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताएंगे जिनका इस्तेमाल करने से पेट दर्द ठीक हो जाएगा और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा. तो आइए जानते है पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या कहते है चिकित्सक. हींग है सबसे बेहतर उपायसुल्तानपुर में 20 वर्षों से अधिक अनुभव वाले जनरल फिजिशियन डॉक्टर एस बी सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि पेट दर्द के लिए हींग सबसे आसान और असरदार नुस्खा है. हींग को गर्म पानी में घोलकर पीने से गैस और अपच से होने वाला पेट दर्द तुरंत कम होता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते है जो आंतों की सूजन को घटाते है. इसी तरह अदरक का इस्तेमाल भी फायदेमंद है. अदरक की चाय या शहद के साथ अदरक का रस लेने से पाचन क्रिया सुधरती है और पेट दर्द से राहत मिलती है. पुदीना है रामबाणपुदीना भी पेट दर्द के लिए रामबाण माना जाता है. पुदीने के पत्तों का रस या पुदीना चाय गैस और अपच को दूर करने में सहायक है. इसमें मौजूद मेंथॉल आंतों को ठंडक देता है और मरोड़ कम करता है. वहीं, जीरा पानी भी बेहद फायदेमंद है. एक चम्मच जीरे को उबालकर उसका पानी पीने से अपच और एसिडिटी की समस्या खत्म होती है. यदि पेट दर्द कब्ज की वजह से है तो इसबगोल की भूसी या गुनगुना दूध लेना लाभकारी होता है. इसके अलावा हल्का गर्म पानी लगातार पीते रहना भी पेट दर्द में आराम पहुंचाता है, क्योंकि इससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है. यह है पारंपरिक तरीकापहले गांवों में पेट दर्द होने पर सौंफ और मिश्री का सेवन किया जाता था. यह पाचन को दुरुस्त करता है और गैस बनने से रोकता है. वहीं, हल्दी वाला दूध भी आंतों को संक्रमण से बचाकर पेट दर्द में राहत देता है. हालांकि, ध्यान रहे कि यदि पेट दर्द लगातार बना रहे या बहुत तेज हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. घरेलू नुस्खे केवल सामान्य दर्द, गैस, अपच और हल्के संक्रमण में ही कारगर होते है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : March 13, 2026, 09:42 IST









