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sugar health risks | sugar health problems | अत्यधिक चीनी के नुकसान | शुगर से होने वाली बीमारियां |

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Last Updated:April 05, 2026, 15:26 IST Sugar Health Risks: अगर आप भी हर छोटी खुशी में मीठा ढूंढते हैं या फिर चाय, कॉफी और मिठाइयों में अत्यधिक चीनी के शौकीन हैं, तो ठहर जाइए! यह स्वाद आपकी सेहत के लिए ‘मीठा जहर’ साबित हो सकता है. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी का अत्यधिक सेवन न केवल मोटापे को दावत देता है, बल्कि यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे लिवर, हृदय और मस्तिष्क को भी अंदरूनी रूप से खोखला कर देता है. आइए विस्तार से समझते हैं कि क्यों आज से ही आपको अपनी डाइट में चीनी की मात्रा को नियंत्रित करने की जरूरत है. चीनी के अधिक सेवन का सबसे पहला और सीधा असर हमारे रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर पर पड़ता है. शोध बताते हैं कि ज्यादा चीनी का सेवन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है. जब कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया देना बंद कर देती हैं, तो रक्त में शर्करा का स्तर अनियंत्रित हो जाता है. यही स्थिति आगे चलकर टाइप-2 मधुमेह का कारण बनती है. मधुमेह रोगियों के लिए तो चीनी का सेवन जानलेवा तक हो सकता है. चीनी में कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है, लेकिन इसमें फाइबर, विटामिन या मिनरल्स जैसे आवश्यक पोषक तत्व बिल्कुल नहीं होते. इसे ‘एम्प्टी कैलोरी’ कहा जाता है. जब हम अधिक चीनी खाते हैं, तो यह शरीर में अतिरिक्त फैट के रूप में जमा होने लगती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है और व्यक्ति मोटापे का शिकार हो जाता है. क्या आपको लगता है कि सिर्फ नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ता है? ऐसा नहीं है. अधिक चीनी का सेवन शरीर में सूजन और ट्राईग्लिसराइड्स (खून में मौजूद वसा) के स्तर को बढ़ा देता है. यह स्थिति हाई ब्लड प्रेशर को जन्म देती है, जो सीधे तौर पर दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाती है. ब्लड प्रेशर के मरीजों को हमेशा चिकित्सक की सलाह पर ही चीनी का सेवन करना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google चीनी का एक बड़ा हिस्सा लिवर द्वारा संसाधित किया जाता है. जब हम बहुत अधिक चीनी खाते हैं, तो हमारा लिवर इसे फैट में बदलने लगता है. समय के साथ यह फैट लिवर में जमा होने लगता है, जिससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है. लिवर के मरीजों को इस मामले में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि चॉकलेट खाने से दांत खराब होते हैं. इसके पीछे का विज्ञान यह है कि चीनी दांतों के हानिकारक बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करती है. इससे बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जो दांतों के इनेमल को नष्ट कर कैविटी और टूथ डिके (सड़न) का कारण बनते हैं. चीनी केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी घातक है. चिकित्सक बताते हैं कि चीनी के अत्यधिक सेवन से मस्तिष्क के रसायनों में असंतुलन पैदा हो सकता है. यह डिप्रेशन (अवसाद), चिंता और एकाग्रता में कमी का एक बड़ा कारण बन सकता है. मानसिक शांति और बेहतर फोकस के लिए चीनी का सीमित सेवन अनिवार्य है. First Published : April 05, 2026, 15:26 IST

वर्कआउट नहीं करते, फिर भी ले सकते हैं प्रोटीन सप्लीमेंट? डाइटिशियन ने बताया कब और कैसे करें सेवन

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Last Updated:April 05, 2026, 13:31 IST Protein Powder Safe Uses: प्रोटीन सप्लीमेंट लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और जिम जाने वाले अधिकतर लोग इनका सेवन करते हैं. डाइटिशियन रंजना सिंह के अनुसार जिम जाने वाले लोगों को भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन नहीं करना चाहिए. जो लोग जिम नहीं करते हैं, वे भी सख्ती से इन सप्लीमेंट्स को अवॉइड करें. अगर शरीर में प्रोटीन की सीवियर कमी हो या कोई बीमारी हो, तो ऐसे में डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह पर ही प्रोटीन सप्लीमेंट्स लें. डाइटिशियन की मानें तो सभी लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट्स अवॉइड करने चाहिए. When to Use Protein Powder: प्रोटीन हमारे शरीर के लिए जरूरी तत्व है. यह मसल्स की ग्रोथ के लिए सबसे जरूरी माना जाता है और शरीर की कई प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है. आजकल जिम जाने वाले अधिकतर लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे हैं. इतना ही नहीं, कई लोग बिना जिम जाए भी इन प्रोटीन सप्लीमेंट्स का यूज कर रहे हैं. लोगों को लगता है कि ये सप्लीमेंट्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की राय बिल्कुल अलग है. डाइटिशियन की मानें तो ये सप्लीमेंट्स अपनी मर्जी से इस्तेमाल नहीं करने चाहिए. जिम जाएं या न जाएं, लेकिन सप्लीमेंट अपनी मर्जी से न लें. यूपी के गाजियाबाद स्थित रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि जिम जाने वाले तमाम लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स आमतौर पर इन सप्लीमेंट्स की सलाह नहीं देते हैं. जो लोग जिम नहीं जाते हैं, उन्हें ये सप्लीमेंट्स अपनी मर्जी से बिल्कुल नहीं लेने चाहिए. बाजार में मिलने वाले तमाम सप्लीमेंट्स में खतरनाक सिंथेटिक एलीमेंट और स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हैं. इनकी वजह से किडनी, हार्ट और लिवर से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो रही हैं. लोगों को किसी भी तरह के सप्लीमेंट के बजाय प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए, ताकि नेचुरल तरीके से प्रोटीन की कमी दूर हो सके. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन रंजना के मुताबिक अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं या प्रोटीन की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं, तब आप डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेकर प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन कर सकते हैं. इसके साथ ही डाइट में प्रोटीन से भरपूर फूड्स जैसे- अंडा, पनीर, मछली, चने, दालें और सोयाबीन शामिल कर सकते हैं. इसके अलावा घर पर व्हे प्रोटीन बनाकर भी यूज करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट या सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर प्रोटीन पाउडर न खरीदें और इसका यूज करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. इसमें लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. एक्सपर्ट की मानें तो प्रोटीन पाउडर का ज्यादा सेवन करना लिवर और किडनी के लिए नुकसानदायक होता है. अगर आप वर्कआउट नहीं करते हैं और अपनी मर्जी से प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन करते हैं, तो इससे किडनी और लिवर पर दबाव बढ़ जाता है. इसके अलावा पेट की समस्या, कब्ज या अपच की कंडीशन पैदा हो सकती है. जिन लोगों को किडनी डिजीज, किडनी स्टोन, यूरिक एसिड की समस्या है, वे प्रोटीन सप्लीमेंट्स सख्ती से अवॉइड करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 13:31 IST

गर्मियों में अमृत है गन्ने का रस! ऊर्जा से भरपूर… पाचन को रखता है फिट, जानें इसके कई फायदे

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Last Updated:April 05, 2026, 13:26 IST Benefits of Sugarcane Juice: गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा देने वाले पेय की मांग तेजी से बढ़ जाती है. ऐसे में गन्ने का रस लोगों की पहली पसंद बनकर उभरता है, क्योंकि यह न सिर्फ सस्ता और आसानी से उपलब्ध है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी कई फायदे देता है. आयुर्वेद में भी इसे शरीर को ठंडक देने और ऊर्जा बढ़ाने वाला प्राकृतिक पेय माना गया है. वैद्य मालती देवी के अनुसार अगर गन्ने का रस साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए पिया जाए तो यह शरीर के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है. यह गर्मी में होने वाली कमजोरी, डिहाइड्रेशन और पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है. हालांकि उन्होंने यह भी सलाह दी है कि हमेशा स्वच्छ स्थान से ताजा रस ही पिएं और मधुमेह के मरीज सेवन से पहले डॉक्टर की राय जरूर लें. गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और ऊर्जा की जरूरत बढ़ जाती है. तेज धूप, लू और पसीने की वजह से शरीर जल्दी थक जाता है, और पानी की कमी भी हो जाती है. ऐसे में गन्ने का रस एक सस्ता प्राकृतिक और सेहतमंद पेय माना जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य मालती देवी बताती है कि अगर सही तरीके से गन्ने का रस पिया जाए तो यह शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होता है.  मालती देवी बताती है कि सबसे बड़ा फायदा यह है कि गन्ने का रस शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. इसमें प्राकृतिक शुगर (ग्लूकोज) होती है, जो शरीर में जल्दी अवशोषित होकर ऊर्जा प्रदान करती है गर्मी में जब कमजोरी या चक्कर जैसा महसूस होता है, तब एक गिलास गन्ने का रस तुरंत राहत देता है. मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक पेय है. यह शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है और तेज गर्मी के असर को कम करता है. जब लू चलती है, तब गन्ने का रस शरीर को अंदर से ठंडक देता है और हीट स्ट्रोक से बचाने में सहायक होता है. इसमें भरपूर मात्रा में पानी और प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ हाइड्रेट भी रखती है. यही वजह है कि गर्मियों में गांवों से लेकर शहरों तक लोग गन्ने का रस बड़े शौक से पीते हैं और इसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बना लेते है. Add News18 as Preferred Source on Google वैद्य मालती देवी बताती हैं कि गन्ने का रस डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाने में बेहद कारगर होता है. इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. साथ ही गन्ने के रस में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते है. ये मिनरल्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं. गर्मियों में नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर तरोताजा बना रहता है और पानी की कमी नहीं होने पाती. पेट के लिए फायदेमंद: वैद्य मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस पाचन तंत्र के लिए भी काफी लाभकारी होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसके अलावा अगर किसी को पेट में जलन या एसिडिटी की परेशानी रहती है, तो गन्ने का रस उसे शांत करने में सहायक होता है. यह पेट को ठंडक पहुंचाता है और अंदरूनी गर्मी को कम करता है, जिससे व्यक्ति को आराम महसूस होता है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से पाचन से जुड़ी दिक्कतों में सुधार देखा जा सकता है. लिवर के लिए फायदेमंद: गन्ने का रस लिवर की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालने में मदद करता है. जिससे लिवर की कार्यक्षमता बेहतर होती है. पीलिया (जॉन्डिस) के मरीजों के लिए भी गन्ने का रस लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह लिवर को मजबूती देता है और शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है. हालांकि, डॉक्टर भी इसे सीमित मात्रा में ही पीने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को फायदा मिले और कोई नुकसान न हो. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक: मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते है और बीमारियों से लड़ने की ताकत देते है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में गन्ने का रस पीने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और संक्रमण का खतरा भी कम हो सकता है. यही वजह है कि गर्मियों में इसे सेहत के लिए एक फायदेमंद प्राकृतिक पेय माना जाता है. त्वचा के लिए फायदेमंद: गन्ने का रस त्वचा की सेहत के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को अंदर से नमी प्रदान करते हैं, जिससे त्वचा मुलायम और हाइड्रेटेड बनी रहती है. इसके नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और चेहरा ताजा दिखता है. खासकर गर्मियों में होने वाली समस्याएं जैसे रूखापन, जलन और बेजान त्वचा को कम करने में गन्ने का रस मददगार साबित होता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है. First Published : April 05, 2026, 13:26 IST

गर्मी में भूलकर भी नहीं रखें फ्रिज में ये चीजें, फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान, हेल्थ एक्सपर्ट से जानें

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Last Updated:April 05, 2026, 07:03 IST Health tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडी चीजें ज्यादा खाने लगते हैं. घर में रखा फ्रिज इस मौसम में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीज बन जाता है. कई लोग खाने-पीने की लगभग हर चीज फ्रिज में रख देते हैं, ताकि वह ज्यादा समय तक ताजा रहे. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ चीजें फ्रिज में रखना नुकसानदायक हो सकता है.  खरगोन हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संतोष मौर्य (आयुर्वेद विशेषज्ञ) बताते हैं कि हर चीज को ठंडा रखना जरूरी नहीं होता. कई फल और सब्जियां फ्रिज में रखने से उनके पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इससे शरीर को फायदा मिलने की जगह नुकसान हो सकता है. इसलिए गर्मी में खाने की चीजों को सही तरीके से रखना जरूरी है. ब्रेड को भी अक्सर लोग फ्रिज में रख देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता. फ्रिज में रखने से ब्रेड जल्दी सूख जाती है और उसका स्वाद भी खराब हो जाता है. लंबे समय तक ऐसी ब्रेड खाने से पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है. टमाटर को फ्रिज में रखने से उसका स्वाद और प्राकृतिक गुण कम हो जाते हैं. ठंडे तापमान में टमाटर जल्दी खराब भी हो सकता है. इसलिए टमाटर को सामान्य तापमान पर खुले स्थान पर रखना ज्यादा सही माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google केले, आम और पपीता जैसे फलों को भी फ्रिज में रखने से बचना चाहिए. फ्रिज में रखने से ये फल जल्दी काले पड़ जाते हैं और इनमें मौजूद पोषक तत्व कम हो जाते हैं. ऐसे फल सामान्य जगह पर रखने से ज्यादा समय तक अच्छे रहते हैं. तरबूज को भी पूरा का पूरा फ्रिज में रखना सही नहीं माना जाता. इससे उसका स्वाद बदल सकता है. तरबूज काटने के बाद ही फ्रिज में रखें और जल्दी उपयोग करें. इससे शरीर को सही पोषण मिलता है और पेट की समस्या से बचाव होता है. लहसुन, प्याज और आलू जैसी चीजों को भी फ्रिज में रखने से नुकसान हो सकता है. फ्रिज में रखने से इनका स्वाद बदल जाता है और इनमें नमी बढ़ जाती है. इससे ये जल्दी खराब हो सकते हैं और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. तेल को भी फ्रिज में रखना सही नहीं माना जाता. ठंडे तापमान में तेल गाढ़ा हो जाता है और उसकी गुणवत्ता बदल सकती है. इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि गर्मी में भी कुछ चीजों को सामान्य तापमान पर ही रखना चाहिए, ताकि शरीर स्वस्थ बना रहे. First Published : April 05, 2026, 07:03 IST

गर्मियों में गेहूं नहीं, बल्कि इन आटे की रोटी पेट के हीरा! कैल्शियम और फाइबर से भरपूर, कई रोगों में कारगर

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Last Updated:April 04, 2026, 17:51 IST सभी घरों में आमतौर पर रोटी के लिए गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन गर्मियों के दिनों में हमें ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो आसानी से डाइजेस्ट हो सके और पेट का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहे. इसके लिए आज हम आपको गेहूं के अतिरिक्त कुछ ऐसे आटे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बेहद सुपाच्य होते हैं और गर्मियों के दिनों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचाव करते हैं. रोटी एक ऐसी चीज है, जो भारत के सभी घरों में खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है या लगभग हर दिन खाने में उपयोग की जाती है. ज्यादातर लोग इस दाल या सब्जी के साथ खाना बेहद पसंद करते हैं. आमतौर पर घरों में रोटी बनाने के लिए गेहूं के आटे का उपयोग किया जाता है, लेकिन हर तरह के मौसम में हर तरह की रोटी फायदेमंद नहीं होती है. आयुर्वेदिक दवाओं के सलाहकार डॉक्टर आशीष बताते हैं कि गर्मी में खानपान का ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है. इस मौसम में हमें ऐसे खाने की आवश्यकता होती है, जो आसानी से पच सके और शरीर को ठंडा रखने में भी मददगार हो. गर्मी के तपिश में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए हल्के अनाज का चुनाव करना चाहिए. गर्मियों के दिनों में चावल के आटे की रोटी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसकी तासीर ठंडी होती है. इसके कारण इसके सेवन से शरीर अंदर से ठंडा रहता है और यह बेहद सुपाच्य होता है. खाने के बाद यह आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है. इसके अलावा यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मददगार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा गर्मी के मौसम में जौ के आटे की रोटी खाने के लिए अच्छी मानी जाती है. इसकी तासीर भी ठंडी होती है, जो गर्मी के दिनों में शरीर के तापमान को बैलेंस करने में मदद करती है. यह रोटी फाइबर से भरपूर होती है. इसके कारण डाइजेशन बेहतर बना रहता है. रागी की रोटी बेहद हल्की और पौष्टिक मानी जाती है. इसे गर्मी के दिनों में लंच या डिनर के समय में उपयोग किया जा सकता है. इसमें कैल्शियम और फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, जो शरीर को गर्मी के दिनों में ठंडा रखने में और हल्का महसूस करने में मददगार साबित हो सकती है. सबसे खास बात यह है कि यह वजन कंट्रोल करने के साथ-साथ शरीर को पूरा दिन एनर्जेटिक बनाए रखती है. गर्मियों के दिनों में हम अपने डाइट में मल्टीग्रेन आटे का उपयोग कर सकते हैं. इसमें कई तरह के आते मौजूद होते हैं, जैसे गेहूं, ज्वार, रागी, जौ, बेसन आदि कई तरह के ऑटो के मिश्रण के कारण इसमें फाइबर और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा उपलब्ध होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में और शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने में बेहद मददगार होती है. गेहूं एक ऐसा आटा है, जो भारत में रोटी के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाता है. इसमें फाइबर की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में फायदेमंद होती है. गर्मी के दिनों में इसे अपने लंच और डिनर दोनों में शामिल किया जा सकता है. यह पेट को हल्का बनाए रखने में फायदेमंद होती है. First Published : April 04, 2026, 17:51 IST

सुबह की चाय से लेकर शाम के नाश्ते तक, अगर आप हर समय खा रहे हैं ब्रेड, तो सावधान! इन बीमारियों का खतरा

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Last Updated:April 04, 2026, 16:12 IST Health News: अक्सर आपने देखा होगा कि बच्चों को सुबह चाय के साथ या फिर लंच बॉक्स में ब्रेड दिया जाता है, जो अब उनकी दिनचर्या बन गई है. लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार, ब्रेड सेहत को काफी नुकसान पहुंचाता है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ब्रेड से सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है. चंदौली: आज के आधुनिक जीवन में लोगों की खानपान की आदतों में तेजी से बदलाव आया है. व्यस्त दिनचर्या और समय की कमी के कारण लोग ऐसे खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिन्हें बनाने में कम समय लगे. इसी वजह से ब्रेड का उपयोग बेहद आम हो गया है. सुबह की चाय के साथ ब्रेड-बटर, बच्चों के टिफिन में ब्रेड, जिम के बाद स्नैक के रूप में ब्रेड हर उम्र के लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना चुके हैं. हालांकि, हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ब्रेड के अत्यधिक सेवन को लेकर चिंता जताई है. डॉक्टर रिद्धि पांडे ने इस विषय पर बातचीत करते हुए लोकल 18 से बताया कि ब्रेड मूलरूप से सुविधा के लिए बनाया गया खाद्य पदार्थ है, न कि स्वास्थ्य के लिए है. उन्होंने कहा कि लोग रोटी बनाने में लगने वाले समय और मेहनत से बचने के लिए ब्रेड का विकल्प चुनते हैं, लेकिन यह आदत लंबे समय में नुकसानदायक साबित हो सकती है. बीमारियों का बन सकता है कारण डॉक्टर पांडे ने बताया कि ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है. यदि इसे रोजाना और अधिक मात्रा में खाया जाए, तो यह शरीर में अतिरिक्त कैलोरी के रूप में जमा होने लगता है. खासकर जब लोग ब्रेड को बटर, घी या पीनट बटर के साथ खाते हैं, तो शरीर में फैट का स्तर तेजी से बढ़ता है. यह जमा हुआ फैट आगे चलकर मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है. शरीर में बढ़ाता है कोलेस्ट्रॉल कई लोग यह सोचकर ब्राउन ब्रेड का सेवन करने लगते हैं कि यह ज्यादा हेल्दी है. हालांकि डॉक्टर पांडे ने बताया कि ब्राउन ब्रेड में सफेद ब्रेड की तुलना में थोड़ा कम कार्बोहाइड्रेट हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे रोजाना बिना सोचे-समझे खाया जाए. यदि ब्राउन ब्रेड का सेवन भी नियमित रूप से बटर या अन्य फैट के साथ किया जाए, तो यह भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करता है. पौष्टिक विकल्पों को दें प्राथमिकता इसके अलावा, ब्रेड को फ्राई करके खाना या बार-बार सेवन करना पाचन तंत्र पर भी असर डाल सकता है. लंबे समय तक ऐसी आदतें अपनाने से शरीर में ऊर्जा असंतुलन और वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है. डॉक्टर ने बताया कि लोग अक्सर सुविधा के लिए ब्रेड को अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बना लेते हैं, जो सही नहीं है. उन्होंने सलाह दी कि ब्रेड का सेवन पूरी तरह से बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही खाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके बजाय, पारंपरिक और ताजा बने खाद्य पदार्थ जैसे रोटी, दलिया या अन्य पौष्टिक विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए. बता दें कि यह समझना जरूरी है कि हर आसान विकल्प स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है. ब्रेड भले ही समय बचाने में मदद करे, लेकिन इसे रोजमर्रा की आदत बना लेना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है. संतुलित आहार और सही जीवनशैली ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : April 04, 2026, 14:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

सेहत का विज्ञान- गर्मियों के लिए समर हेल्थ गाइड:हीट, डिहाइड्रेशन से बचना है तो बदलें खानपान, जानें सही डाइट, न करें 4 गलतियां

सेहत का विज्ञान- गर्मियों के लिए समर हेल्थ गाइड:हीट, डिहाइड्रेशन से बचना है तो बदलें खानपान, जानें सही डाइट, न करें 4 गलतियां

गर्मियों में सिर्फ कम खाना ही नहीं, बल्कि सही और समझदारी से खाना ज्यादा जरूरी होता है। तेज गर्मी में शरीर पसीने के जरिए पानी के साथ-साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटेशियम भी खो देता है। इससे डिहाइड्रेशन, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। साथ ही भूख कम लगना और पाचन धीमा होना भी आम समस्या है। ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ की डाइटरी गाइडलाइंस के अनुसार, इस मौसम में पानी से भरपूर, हल्का और आसानी से पचने वाला खाना शरीर को बेहतर सपोर्ट करता है। गर्मियों ये खाएं, हाइड्रेशन और पाचन सही रहेगा इन्हें कैसे और कब खाना सबसे फायदेमंद? सुबह: पानी, तरबूज, खरबूजा या नींबू पानी। मिड-मॉर्निंग: छाछ या नारियल पानी। गोंद कतीरा: भिगोकर ½–1 चम्मच, दिन में (सुबह या दोपहर)। दोपहर: हल्का खाना- दाल, दही, मौसमी सब्जी और सलाद। शाम: फल, नट्स या भुने चने और छाछ। रात: जल्दी और हल्का खाएं। सूप या दाल-चावल के साथ लौकी/तोरी या दही-चावल। ऐसी 4 गलतियां, जो गर्मियों में नहीं करनी चाहिए गर्मियों में अक्सर हम प्यास बुझाने या पेट भरने के चक्कर में ऐसी गलतियां करते हैं, जो शरीर को ठंडा रखने की बजाय बीमारी और डिहाइड्रेशन का कारण बन जाती हैं। 1. ज्यादा कैफीन से डिहाइड्रेशन मायो क्लिनिक के अनुसार, 2–3 कप तक कैफीन आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन ज्यादा मात्रा लेने पर डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। कैफीन पेशाब के जरिए शरीर से पानी और सोडियम बाहर निकालती है। इसलिए गर्मियों में ज्यादा कैफीन लेने से शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। 2. बहुत ठंडा पानी पीने से पाचन धीमा बहुत ठंडा पानी पीने से शरीर में थोड़े समय के लिए ब्लड सर्कुलेशन बदल सकता है। नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स यूके के अनुसार, ठंड से ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं और पाचन थोड़ा धीमा हो सकता है। 4-5°C का पानी पीने पर शरीर उसे सामान्य तापमान तक लाने में ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है। कुछ मामलों में ठंडा पानी माइग्रेन, ब्लोटिंग या रिफ्लक्स बढ़ सकता है। 3. ज्यादा शुगर और कोल्ड ड्रिंक्स से सुस्ती गर्मियों में ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स या मीठा खाना प्यास और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ाता है। शुगर तुरंत एनर्जी देती है, लेकिन थोड़ी देर बाद थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है। ज्यादा शुगर से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है, वजन बढ़ सकता है और हीट एग्जॉशन का खतरा भी बढ़ जाता है। 4. रात को भारी खाना न खाएं गर्मियों में रात को भारी और मसालेदार खाना पाचन पर ज्यादा दबाव डालता है और शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन अमेरिका’ की स्टडी के अनुसार, मसालेदार खाना नींद को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रात में हल्का और कम मसाले वाला खाना बेहतर रहता है, ताकि पाचन सही रहे और नींद भी अच्छी आए। रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं। @consciouslivingtips

घर के आंगन में उगने वाला यह मामूली पौधा कई बीमारियों के लिए काल! कई गंभीर बीमारियों में कारगर

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Last Updated:April 03, 2026, 20:26 IST Barabanki News: पत्थरचट्टा का पौधा सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. पत्थरचट्टा का उपयोग लंबे समय से पारंपरिक घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. इसकी पत्तियों और तने में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से राहत देने में मददगार माने जाते हैं.  बाराबंकी: हमारे आसपास कई ऐसे पेड़-पौधे पाए जाते हैं, जिनमें प्राकृतिक औषधीय गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इन्हीं में से एक है पत्थरचट्टा का पौधा, जिसे आयुर्वेद में बेहद उपयोगी माना जाता है. यह पौधा आसानी से घरों, बगीचों, पार्कों और खुले स्थानों पर देखने को मिल जाता है. पत्थरचट्टा का उपयोग लंबे समय से पारंपरिक घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. इसकी पत्तियों और तने में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से राहत देने में मददगार माने जाते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसका सेवन सब्ज़ी और घरेलू नुस्खों के रूप में भी करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, यह पौधा शरीर को अंदर से मजबूत बनाने, सूजन कम करने और कई सामान्य परेशानियों से बचाव में सहायक माना जाता है. पत्थरचट्टा का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है. ये जोड़ों के दर्द, गठिया, अल्सर, लीवर, चेहरे के दाग, धब्बे, एलर्जी, सूजन, पथरी और त्वचा संबंधित कई गंभीर बीमारियों में काफी कारगर है. पत्थरचट्टा पौधे के औषधीय गुणआयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन ने बताया कि वैसे तो आयुर्वेद में पत्थरचट्टा का पौधा बेहद लाभकारी माना गया है. इसके पत्तों मे बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. अगर किसी को जोड़ों मे दर्द या गठिया की समस्या है या स्वेलिंग आ जाती है, उन लोगों को इसके पत्तों को तीन से चार बार इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे काफी फायदा होता है. साथ ही साथ अगर किसी को घाव है या चेहरे पर रेशेज हैं या स्किन में जलन की समस्या है, वही मौसम बदलने से एलर्जी हो जाती है, वहां पर इसके पत्तों का लेप बनाकर लगाने से बहुत ही जल्दी राहत मिलती है. एक-दो घंटे बाद एक गिलास पानी का इस्तेमालवहीं अगर किडनी स्टोन है, तो इसकी 5 पत्तियों को खाली पेट सेवन करना चाहिए. दिनभर में एक-दो घंटे बाद एक गिलास पानी का इस्तेमाल जरूर करें, इससे किडनी स्टोन में काफी फायदा होता है. वहीं अगर किसी को अल्सर या लीवर की समस्या होती है, उन्हें इसके पत्तों का रस पानी के साथ सेवन करना चाहिए, जिससे काफी लाभ होता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Bara Banki,Uttar Pradesh First Published : April 03, 2026, 20:26 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Skin Care : झाइयों ने कर रखा है परेशान? पत्थर पर घिसकर दूध के साथ लगाइये ये चीज, खिल उठेगा मुरझाया चेहरा

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Last Updated:April 03, 2026, 17:59 IST Skin care tips : अक्सर महिलाएं झाइयों से परेशान रहती हैं. अगर आपकी त्वचा भी संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. लोकल 18 से देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. जायफल की मदद से चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. किचन में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाला जायफल सिर्फ जायका नहीं बढ़ाता बल्कि त्वचा की कई समस्याओं को जड़ से खत्म करने वाला एक शक्तिशाली तत्व भी है. इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाकर उसे पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं. जब जायफल को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है, तो यह त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ उसे गहरा पोषण भी देता है. इसकी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है. ये गुण त्वचा पर होने वाली सूजन और बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक हैं. अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या अक्सर लालिमा की समस्या रहती है, तो जायफल का लेप उसे ठंडक पहुंचाने और हील करने का काम करता है. मुंहासों से परेशान महिलाओं के लिए जायफल किसी वरदान से कम नहीं है. देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक शालिनी जुगरान बताती हैं कि इसमें मिरिस्टिसिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है, जो जिद्दी मुंहासों को दूर करने में बेहद कारगर होता है. इसके नियमित उपयोग से न केवल नए मुंहासे आना बंद हो जाते हैं, बल्कि पुराने दाग-धब्बों में भी धीरे-धीरे कमी आने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्किन को हेल्दी रखने के साथ-साथ जायफल में एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण भी समाहित हैं. यह त्वचा के संक्रमण को रोकने में मदद करता है और बाहरी प्रदूषण व हानिकारक तत्वों से एक सुरक्षा कवच की तरह लड़ता है. दूध के साथ इसका मिश्रण एक प्राकृतिक क्लींजर और मॉइस्चराइजर दोनों का काम करता है. इस पेस्ट को चेहरे पर करीब 20 मिनट तक लगा रहने दें. जब यह हल्का सूख जाए, तो गुनगुने पानी की मदद से चेहरे को हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. यह प्रक्रिया त्वचा को उचित हाइड्रेशन प्रदान करती है, जिससे चेहरा बेजान दिखने की बजाय खिला-खिला और चमकदार नजर आता है. अगर आप झाइयों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेद का पुराना नुस्खा अपना सकते हैं. इसके लिए एक साबुत जायफल को कुछ घंटों के लिए दूध में भिगो दें. इसके बाद एक साफ पत्थर जैसे सिलबट्टे पर इसे दूध के साथ रगड़कर पेस्ट तैयार करें. इस ताजे पेस्ट को इफेक्टेड एरिया पर लगाने से झाइयां तेजी से कम होती हैं. इसके नियमित उपयोग से असमय आने वाली झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा लंबे वक्त तक जवां और सुंदर बनी रहती है. बिना किसी केमिकल के अपनी खूबसूरती बढ़ाने का यह एक सुरक्षित और किफायती नुस्खा है. First Published : April 03, 2026, 17:59 IST

Health Tips: अगर खाते हैं बैंगन की सब्जी तो हो जाएं सावधान, हो सकता है नुकसान

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Last Updated:April 03, 2026, 16:48 IST Health Tips: कई बार होता है कि हम अनजाने में ऐसा खाना खा रहे होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है. हमें लगता है कि ये हेल्दी सब्जी है, पर असलियत कुछ और ही होती है. अब डॉक्टर की माने तो बैंगन भी ऐसी सब्जी है, जिसे खाने से आपकी सेहत पर गलत असर पड़ सकता है. आइए जानते हैं कैसे… सुल्तानपुर: वैसे तो ज्यादातर सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद बताई जाती हैं. मगर, इन्हीं सब्जियों में कुछ ऐसी सब्जियां भी होती हैं जिनको खाने का नुकसान भी होता है. डॉक्टर भी उनसे परहेज करने के लिए कहते हैं. उन्हीं सब्जियों में से एक है बैंगन. आज हम जानेंगे कि बैगन की सब्जी खाने के क्या नुकसान है और किन लोगों को बैंगन की सब्जी खाने से परहेज करना चाहिए. गर्भावस्था में हो सकता है नुकसान सुल्तानपुर के नगर पालिका स्थित अब्दुल हमीद चिकित्सालय में कार्यरत जनरल फिजिशियन डॉक्टर एसबी सिंह ने लोकल 18 से बात की. उन्होंने कहा कि सबसे पहले बात करें बैंगन की तो वो तासीर में गरम और गैस पैदा करने वाला होता है. यही वजह है कि यह पाचन तंत्र पर दबाव डालता है. जिन लोगों को एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या रहती है, उनके लिए बैंगन का सेवन नुकसानदायक हो सकता है. खासकर गर्भवती महिलाओं को बैंगन खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. बैंगन में मौजूद फाइटोहॉर्मोन गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है, जिससे गर्भपात और अन्य समस्याएं हो सकती हैं. खासकर शुरुआती महीनों में बैंगन खाने से बचना चाहिए. जोड़ों के दर्द में नुकसानदायक जिन लोगों को आर्थराइटिस या जोड़ों के दर्द की समस्या है उनके लिए भी बैंगन सही नहीं माना जाता है. क्योंकि इसमें सोलानेन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो जोड़ों में सूजन और दर्द को बढ़ा सकता है. इसी वजह से गठिया के मरीजों को बैंगन खाने से परहेज करना चाहिए. बढ़ाता है स्टोनइसके साथ ही बैंगन में ऑक्सलेट्स पाए जाते हैं, जो किडनी स्टोन की समस्या बढ़ा सकते हैं. जिन लोगों को पहले से पथरी की शिकायत है, उन्हें बैंगन का सेवन कम या बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ऐसे में जो लोग ज्यादा मात्रा में बैगन कहते हैं उन्हें सावधान होने की जरूरत है क्योंकि उनको किडनी की समस्या हो सकती है और इससे किडनी में बढ़ते हुए स्टोन से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. About the Author काव्‍या मिश्रा Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : April 03, 2026, 16:48 IST