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NTR Jr Birthday Interesting Facts; Looks Trolling

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8 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक जूनियर एनटीआर के लुक्स और वजन को लेकर मजाक उड़ाया गया, आज ग्लोबल आइकन हैं। जूनियर एनटीआर आज टॉलीवुड ही नहीं, पूरे भारतीय सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाते हैं। दादा एन. टी. रामा राव की फिल्मी विरासत संभालने वाले जूनियर एनटीआर ने 13 साल की उम्र में नेशनल अवॉर्ड जीता था। कभी लुक्स और वजन को लेकर ट्रोल हुए, तो कभी उनकी एक झलक पाने के लिए लाखों फैंस उमड़ पड़े। ‘अंधरावाला’ के ऑडियो लॉन्च में कथित तौर पर 10 लाख लोग पहुंचे थे। जूनियर एनटीआर की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। उनकी शादी उस दौर की सबसे महंगी सेलिब्रिटी शादियों में गिनी गई, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपए खर्च होने की रिपोर्ट्स थीं। 2009 में चुनाव प्रचार से लौटते वक्त वह भयानक सड़क हादसे का शिकार हुए और मौत को करीब से देखा। भाई और पिता की सड़क हादसों में मौत ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया और वह फिल्मों से दूर हो गए। लेकिन चार साल बाद RRR से ऐसा कमबैक किया कि ग्लोबल स्टार बन गए। जूनियर एनटीआर के 43वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से। दादा की विरासत, राजनीति का दबदबा जूनियर एनटीआर आज पैन-इंडिया सुपरस्टार हैं, लेकिन उनकी पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। वह तेलुगु सिनेमा और आंध्र प्रदेश की राजनीति के प्रभावशाली परिवार से आते हैं। उनके दादा एनटीआर (एन. टी. रामा राव) सुपरस्टार अभिनेता होने के साथ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक और आंध्र प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री भी रहे। एनटीआर ने 1943 में बसवतारकम से शादी की थी। दोनों के 12 बच्चे हुए, जिनमें 8 बेटे और 4 बेटियां थीं। बाद में यही परिवार तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति में बेहद ताकतवर माना जाने लगा। परिवार के कई सदस्य बड़े राजनीतिक और फिल्मी नाम बने। एनटीआर के बेटे: फिल्मों, राजनीति और बिजनेस में दबदबा एनटीआर के बेटों में सबसे चर्चित नाम नंदामूरी हरिकृष्ण और नंदामूरी बालकृष्ण रहे। हरिकृष्ण अभिनेता होने के साथ TDP के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद रहे। वहीं नंदामूरी बालकृष्ण तेलुगु फिल्मों के सुपरस्टार हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। परिवार के अन्य बेटे भी अलग-अलग भूमिकाओं में जुड़े रहे। नंदामूरी रामकृष्ण सीनियर फिल्म निर्माण और प्रोडक्शन गतिविधियों से जुड़े रहे। नंदामूरी जयकृष्ण फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन और बिजनेस संभालते रहे। नंदामूरी साईकृष्ण व्यावसायिक कामकाज से जुड़े रहे। नंदामूरी मोहनकृष्ण फिल्म और बिजनेस नेटवर्क का हिस्सा रहे। नंदामूरी हरिनाथ सार्वजनिक जीवन से अपेक्षाकृत दूर रहे। नंदामूरी रामकृष्ण जूनियर पारिवारिक फिल्म और बिजनेस गतिविधियों में सक्रिय रहे। अगली पीढ़ी में जूनियर एनटीआर, कल्याण राम और दूसरे कलाकारों ने फिल्मों में नाम कमाया। बेटियां भी बड़े राजनीतिक परिवारों से जुड़ीं एनटीआर की बेटियां भी राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं। दग्गुबाती पुरंदेश्वरी भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं। भुवनेश्वरी नारा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की पत्नी हैं। लोकेश्वरी सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं। उमा महेश्वरी परिवार का हिस्सा रहीं और समय-समय पर चर्चाओं में रहीं। इसी वजह से एन. टी. रामा राव परिवार को आंध्र प्रदेश का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक-फिल्मी परिवार माना जाता है। दूसरी शादी और परिवार में बढ़ा राजनीतिक विवाद बसवतारकम के निधन के बाद एनटीआर ने 1993 में लक्ष्मी पार्वती से दूसरी शादी की थी। लक्ष्मी पार्वती लेखिका थीं और एनटीआर की जीवनी लिखने के दौरान दोनों करीब आए थे। इस शादी से उनकी कोई संतान नहीं हुई। यह रिश्ता काफी विवादों में रहा और परिवार के कई सदस्य इसके खिलाफ थे। बाद में परिवार और पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक संघर्ष हुआ। एनटीआर के निधन के बाद लक्ष्मी पार्वती ने अलग पार्टी बनाई, लेकिन उन्हें ज्यादा राजनीतिक सफलता नहीं मिली। बचपन में एक फिल्म के सेट पर जूनियर एनटीआर (बीच में) अपने दादा एन. टी. रामा राव (बाएं ओर) और पिता नंदमूरी हरिकृष्ण (दाएं ओर) के साथ। जूनियर एनटीआर किसके बेटे हैं? जूनियर एनटीआर, एनटीआर (एन. टी. रामा राव) के बेटे नंदामूरी हरिकृष्ण और शालिनी भास्कर राव के बेटे हैं। वह एनटीआर और उनकी पहली पत्नी बसवतारकम की फैमिली लाइन से पोते हैं। जूनियर एनटीआर के पिता नंदामूरी हरिकृष्ण ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी लक्ष्मी कुमारी थीं, जिनसे कल्याण राम, जनकी राम और सुहासिनी हुए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिकृष्ण की दूसरी शादी से परिवार में नाराजगी थी और दादा एन. टी. रामा राव शुरुआत में इस रिश्ते से खुश नहीं थे। हालांकि, जूनियर एनटीआर के जन्म के बाद उन्होंने शालिनी को परिवार में स्वीकार किया और अपने पोते को अपना नाम दिया। परिवार में जूनियर एनटीआर को प्यार से ‘तारक’ कहा जाता है। बाद में दादा एनटीआर ने अपने नाम से जोड़कर उनका पूरा नाम ‘नंदामूरी तारक रामा राव’ रखा। यहीं से वह ‘जूनियर एनटीआर’ के नाम से मशहूर हुए। जूनियर एनटीआर के पिता हरिकृष्ण फिल्मों और राजनीति दोनों में सक्रिय रहे। वह TDP के बड़े प्रचारक माने जाते थे और चुनावी रैलियों में भारी भीड़ जुटाते थे। यही लोकप्रियता बाद में जूनियर एनटीआर में भी दिखाई दी। फिल्म ‘ब्रह्मऋषि विश्चामित्र’ के एक सीन में जूनियर एनटीआर। 8 साल की उम्र में दादा की फिल्म से किया डेब्यू जूनियर एनटीआर का जन्म 20 मई 1983 को हुआ था। उन्होंने छोटी उम्र में फिल्मों में काम शुरू कर दिया था। महज 8 साल की उम्र में ‘ब्रह्मऋषि विश्चामित्र’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू किया। यह फिल्म उनके दादा एनटीआर ने निर्देशित की थी। फिल्म में उन्होंने राजा भरत का किरदार निभाया था। स्कूल की पढ़ाई के साथ उन्होंने कुचिपुड़ी डांस की ट्रेनिंग ली, जिसने उनकी डांसिंग स्टाइल को अलग पहचान दिलाई। 13 साल की उम्र में मिला नेशनल अवॉर्ड जूनियर एनटीआर की दूसरी बड़ी फिल्म ‘रामायणम्’ थी। इसमें उन्होंने भगवान श्रीराम का किरदार निभाया था। उस समय उनकी उम्र करीब 14 साल थी। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ बाल फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि माना गया। उसी दौर में इंडस्ट्री को एहसास हो गया था कि वह आगे चलकर बड़े स्टार बनेंगे। 18 साल की उम्र में बने लीड हीरो साल 2001 में जूनियर एनटीआर ने ‘निन्नु चूडालानी’ से बतौर लीड

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3 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक जूनियर एनटीआर के लुक्स और वजन को लेकर मजाक उड़ाया गया, आज ग्लोबल आइकन हैं। जूनियर एनटीआर आज टॉलीवुड ही नहीं, पूरे भारतीय सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाते हैं। दादा एन. टी. रामा राव की फिल्मी विरासत संभालने वाले जूनियर एनटीआर ने 13 साल की उम्र में नेशनल अवॉर्ड जीता था। कभी लुक्स और वजन को लेकर ट्रोल हुए, तो कभी उनकी एक झलक पाने के लिए लाखों फैंस उमड़ पड़े। ‘अंधरावाला’ के ऑडियो लॉन्च में कथित तौर पर 10 लाख लोग पहुंचे थे। जूनियर एनटीआर की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। उनकी शादी उस दौर की सबसे महंगी सेलिब्रिटी शादियों में गिनी गई, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपए खर्च होने की रिपोर्ट्स थीं। 2009 में चुनाव प्रचार से लौटते वक्त वह भयानक सड़क हादसे का शिकार हुए और मौत को करीब से देखा। भाई और पिता की सड़क हादसों में मौत ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया और वह फिल्मों से दूर हो गए। लेकिन चार साल बाद RRR से ऐसा कमबैक किया कि ग्लोबल स्टार बन गए। जूनियर एनटीआर के 43वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से। दादा की विरासत, राजनीति का दबदबा जूनियर एनटीआर आज पैन-इंडिया सुपरस्टार हैं, लेकिन उनकी पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। वह तेलुगु सिनेमा और आंध्र प्रदेश की राजनीति के प्रभावशाली परिवार से आते हैं। उनके दादा एनटीआर (एन. टी. रामा राव) सुपरस्टार अभिनेता होने के साथ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक और आंध्र प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री भी रहे। एनटीआर ने 1943 में बसवतारकम से शादी की थी। दोनों के 12 बच्चे हुए, जिनमें 8 बेटे और 4 बेटियां थीं। बाद में यही परिवार तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति में बेहद ताकतवर माना जाने लगा। परिवार के कई सदस्य बड़े राजनीतिक और फिल्मी नाम बने। एनटीआर के बेटे: फिल्मों, राजनीति और बिजनेस में दबदबा एनटीआर के बेटों में सबसे चर्चित नाम नंदमूरी हरिकृष्ण और नंदमूरी बालकृष्ण रहे। हरिकृष्ण अभिनेता होने के साथ TDP के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद रहे। वहीं नंदामूरी बालकृष्ण तेलुगु फिल्मों के सुपरस्टार हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। परिवार के अन्य बेटे भी अलग-अलग भूमिकाओं में जुड़े रहे। नंदमूरी रामकृष्ण सीनियर फिल्म निर्माण और प्रोडक्शन गतिविधियों से जुड़े रहे। नंदामूरी जयकृष्ण फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन और बिजनेस संभालते रहे। नंदामूरी साईकृष्ण व्यावसायिक कामकाज से जुड़े रहे। नंदमूरी मोहनकृष्ण फिल्म और बिजनेस नेटवर्क का हिस्सा रहे। नंदामूरी हरिनाथ सार्वजनिक जीवन से अपेक्षाकृत दूर रहे। नंदमूरी रामकृष्ण जूनियर पारिवारिक फिल्म और बिजनेस गतिविधियों में सक्रिय रहे। अगली पीढ़ी में जूनियर एनटीआर, कल्याण राम और दूसरे कलाकारों ने फिल्मों में नाम कमाया। बेटियां भी बड़े राजनीतिक परिवारों से जुड़ीं एनटीआर की बेटियां भी राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं। दग्गुबाती पुरंदेश्वरी भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं। भुवनेश्वरी नारा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की पत्नी हैं। लोकेश्वरी सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं। उमा महेश्वरी परिवार का हिस्सा रहीं और समय-समय पर चर्चाओं में रहीं। इसी वजह से एन. टी. रामा राव परिवार को आंध्र प्रदेश का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक-फिल्मी परिवार माना जाता है। दूसरी शादी और परिवार में बढ़ा राजनीतिक विवाद बसवतारकम के निधन के बाद एनटीआर ने 1993 में लक्ष्मी पार्वती से दूसरी शादी की थी। लक्ष्मी पार्वती लेखिका थीं और एनटीआर की जीवनी लिखने के दौरान दोनों करीब आए थे। इस शादी से उनकी कोई संतान नहीं हुई। यह रिश्ता काफी विवादों में रहा और परिवार के कई सदस्य इसके खिलाफ थे। बाद में परिवार और पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक संघर्ष हुआ। एनटीआर के निधन के बाद लक्ष्मी पार्वती ने अलग पार्टी बनाई, लेकिन उन्हें ज्यादा राजनीतिक सफलता नहीं मिली। बचपन में एक फिल्म के सेट पर जूनियर एनटीआर (बीच में) अपने दादा एन. टी. रामा राव (बाएं ओर) और पिता नंदमूरी हरिकृष्ण (दाएं ओर) के साथ। जूनियर एनटीआर किसके बेटे हैं? जूनियर एनटीआर, एनटीआर (एन. टी. रामा राव) के बेटे नंदामूरी हरिकृष्ण और शालिनी भास्कर राव के बेटे हैं। वह एनटीआर और उनकी पहली पत्नी बसवतारकम की फैमिली लाइन से पोते हैं। जूनियर एनटीआर के पिता नंदामूरी हरिकृष्ण ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी लक्ष्मी कुमारी थीं, जिनसे कल्याण राम, जनकी राम और सुहासिनी हुए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिकृष्ण की दूसरी शादी से परिवार में नाराजगी थी और दादा एन. टी. रामा राव शुरुआत में इस रिश्ते से खुश नहीं थे। हालांकि, जूनियर एनटीआर के जन्म के बाद उन्होंने शालिनी को परिवार में स्वीकार किया और अपने पोते को अपना नाम दिया। परिवार में जूनियर एनटीआर को प्यार से ‘तारक’ कहा जाता है। बाद में दादा एनटीआर ने अपने नाम से जोड़कर उनका पूरा नाम ‘नंदामूरी तारक रामा राव’ रखा। यहीं से वह ‘जूनियर एनटीआर’ के नाम से मशहूर हुए। जूनियर एनटीआर के पिता हरिकृष्ण फिल्मों और राजनीति दोनों में सक्रिय रहे। वह TDP के बड़े प्रचारक माने जाते थे और चुनावी रैलियों में भारी भीड़ जुटाते थे। यही लोकप्रियता बाद में जूनियर एनटीआर में भी दिखाई दी। फिल्म ‘ब्रह्मऋषि विश्चामित्र’ के एक सीन में जूनियर एनटीआर। 8 साल की उम्र में दादा की फिल्म से किया डेब्यू जूनियर एनटीआर का जन्म 20 मई 1983 को हुआ था। उन्होंने छोटी उम्र में फिल्मों में काम शुरू कर दिया था। महज 8 साल की उम्र में ‘ब्रह्मऋषि विश्चामित्र’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू किया। यह फिल्म उनके दादा एनटीआर ने निर्देशित की थी। फिल्म में उन्होंने राजा भरत का किरदार निभाया था। स्कूल की पढ़ाई के साथ उन्होंने कुचिपुड़ी डांस की ट्रेनिंग ली, जिसने उनकी डांसिंग स्टाइल को अलग पहचान दिलाई। 13 साल की उम्र में मिला नेशनल अवॉर्ड जूनियर एनटीआर की दूसरी बड़ी फिल्म ‘रामायणम्’ थी। इसमें उन्होंने भगवान श्रीराम का किरदार निभाया था। उस समय उनकी उम्र करीब 14 साल थी। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ बाल फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि माना गया। उसी दौर में इंडस्ट्री को एहसास हो गया था कि वह आगे चलकर बड़े स्टार बनेंगे। 18 साल की उम्र में बने लीड हीरो साल 2001 में जूनियर एनटीआर ने ‘निन्नु चूडालानी’ से बतौर लीड