Election 2026 LIVE Updates; West Bengal Tamil Nadu| mamata modi BJP TMC DMK AIMIM

07:03 AM19 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक तमिलनाडु में कल से 2 दिन चुनाव प्रचार करेंगे आंध्र प्रदेश के CM आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू सोमवार से तमिलनाडु में दो दिन के चुनावी दौरे पर जाएंगे। यह दौरा राज्य चुनावों से पहले NDA के तेज़ किए गए जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है। पहले दिन, दौरे की शुरुआत कोयंबटूर से करेंगे। यहां वे दोपहर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसके बाद वे होसुर जाएंगे और फिर एक जनसभा के लिए थल्ली रवाना होंगे। शाम को वे चेन्नई पहुंचेंगे और अवाडी में एक रोडशो में हिस्सा लेंगे, जहां वे लोगों और NDA समर्थकों से सीधे बातचीत करेंगे। दूसरे दिन, नायडू मदुरै जाएंगे और फिर सत्तूर के लिए रवाना होंगे। यहां वे समुदाय के नेताओं से बातचीत करेंगे और दोपहर बाद एक अहम चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
Bangladeshi Migrants Welcome by Mamata Banerjee in West Bengal

Hindi News National Assam CM Sarbananda Sonowal: Bangladeshi Migrants Welcome By Mamata Banerjee In West Bengal नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कूच बिहार की सभा में कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार बीजेपी का सरकार लाना है। क्यों लाना है आप लोग देखिए। मैंने असम में बांग्लादेशी मुसलमान आने बंद करा दिया है। असम में पूरा ताला लगा चुका हूं। एक बांग्लादेशी भी आता है तो मैं लात मारकर रात में ही वापस भेज देता हूं। लेकिन क्या करूं मैं असम से मैं भगा देता हूं तो ममताजी पश्चिम बंगाल में उनको दुल्हन की तरह बुला लेती हैं। इससे पश्चिम बंगाल और असम में धीरे-धीरे हिंदू कम हो जाएगा। तमिलनाडु चुनाव के लिए तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख और एक्टर विजय ने गुरुवार को पार्टी का मेनिफेस्टो जारी किया। इसमें महिलाओं को साल में 6 फ्री गैस सिलेंडर और 60 साल से कम उम्र की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देने का वादा किया गया है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की मदद के लिए शादी के समय 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का भी वादा किया गया है। एक्टर विजय ने नुंगमबक्कम में मेनिफेस्टो जारी करने से पहले रोड शो किया। चुनाव से जुड़े कल के 4 अपडेट्स… 1. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक स्थानों को हिंसा-संभावित घोषित किया है। यहां चुनाव और चुनावों के बाद अशांति का इतिहास रहा है। 2. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक स्थानों को हिंसा-संभावित घोषित किया है। यहां चुनाव और चुनावों के बाद अशांति का इतिहास रहा है। 3. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। 4. तमिलनाडु के मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के विरोध में तिरुचिरापल्ली में अपने आवास पर काला झंडा फहराया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक तस्वीर 8 जनवरी की है, जब बंगाल CM ममता ने कोलकाता में ED की छापेमारी के बीच मीडिया को संबोधित किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने मंगलवार को ममता बनर्जी की बंगाल सरकार से पूछा कि अगर केंद्र में आपकी सरकार होती और कोई राज्य ऐसी कार्रवाई करता तो आपका रुख क्या होता। जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने पूछा कि क्या ड्यूटी पर मौजूद ED अधिकारी अपने अधिकार खो देते हैं। कोर्ट ने बताया कि ED के कुछ अधिकारियों ने निजी तौर पर भी याचिका दायर की है। राज्य की ओर से सीनीयर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि ED के पास अन्य कानूनी विकल्प हैं, इसलिए वह आर्टिकल 32 के तहत याचिका नहीं दे सकती। जांच करना अधिकारी का मौलिक अधिकार नहीं, सिर्फ कानूनी अधिकार है। इस पर कोर्ट ने कहा कि ED अधिकारियों के मौलिक अधिकार भी हैं। सिर्फ यह न कहें कि वे अधिकारी हैं, इसलिए नागरिक नहीं हैं। उनकी याचिकाओं को भी महत्व देना होगा। कोर्ट रूम लाइव : सिब्बल- ED आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर नहीं कर सकती क्योंकि उसके पास दूसरे कानूनी उपाय मौजूद हैं। किसी अधिकारी के पास जांच करने का मौलिक अधिकार नहीं होता। यह सिर्फ कानून से मिला अधिकार है, इसलिए इसमें दखल देने को मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। सिब्बल- अगर ऐसा माना गया तो हर पुलिस अधिकारी सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने लगेगा, जिससे आपराधिक कानून की मूल संरचना प्रभावित होगी। जस्टिस मिश्रा- ED अधिकारियों के मौलिक अधिकारों पर भी ध्यान दें। सिर्फ यह न कहें कि वे अधिकारी हैं, इसलिए नागरिक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग अधिकारियों की याचिकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। ED के अफसरों ने प्रतीक के घर और ऑफिस से कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। TMC ने ED की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप का खंडन किया। वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने ED अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं, बंगाल से पहले 3 राज्यों महाराष्ट्र-दिल्ली-झारखंड में यही पैटर्न पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बढ़ती सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ED का काम आर्थिक अपराधों की जांच करना, काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाना है, लेकिन कई बार उसकी कार्रवाई की टाइमिंग सवालों के घेरे में आ जाती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
West Bengal Assam Kerala Tamilnadu Puducherry Election 2026 TMC Mamata Himanta Stalin Modi Congress

Hindi News National West Bengal Assam Kerala Tamilnadu Puducherry Election 2026 TMC Mamata Himanta Stalin Modi Congress नई दिल्ली/गुवाहाटी/कोलकाता17 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले महीने विधानसभा चुनाव हैं। सभी राज्यों नें राजनीति उठापटक जारी। रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 30 सेकेंड का एनिमेटेड टीजर जारी किया। इसमें सीएम ममता बनर्जी को बंगाली पहचान की रक्षा करने वाली आखिरी दीवार बताया गया। वीडियो में बंगाल के आसमान में मंडराते काले बादल, घबराई जनता और मुरझाए कमल वाला झंडा दिखाया गया, जिसे बीजेपी पर निशाना माना जा रहा है। वीडियो के आखिर में सीएम ममता को मजबूत और संघर्षशील नेता के तौर पर दिखाया गया। उनके साथ देवी दुर्गा, रॉयल बंगाल टाइगर की इमेज दिखाई गईं। आखिर में स्क्रीन पर ‘फाइटर दीदी’ का नारा उभरता है। ममता आवाज में कहा गया- खेला होबे। TMC का जारी टीचर देखिए… अपडेट्स 19 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा उम्मीदवार बोले- ममता सरकार ने हिंदू वोटरों के नाम कटवाए पश्चिम बंगाल में चंदिताला विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबाशीष मुखर्जी ने कहा, भारत का चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। राज्य सरकार ने कुछ हिंदू वोटरों के नाम हटा दिए हैं। BJP का रुख यह है कि एक भी नाम ऐसे लोगों का नहीं होना चाहिए जो भारतीय नहीं हैं। 29 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल चुनाव: AIMIM-हुमायूं कबीर की पार्टी में गठबंधन AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ मिलकर लड़ेगी। ओवैसी ने कहा कि वे 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। दोनों पार्टियों राज्य की 182 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगी। AIMIM 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। अब तक 18 उम्मीदवारों की सूची जारी की जा चुकी है, जिसमें हुमायूं कबीर रानीनगर सीट से, एक अन्य उम्मीदवार भगवानगोला से और मनीषा पाठक पांडे मुर्शिदाबाद सीट से चुनाव लड़ेंगी। 30 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: हिमंता की मंत्री ने भाजपा छोड़ी, टिकट कटने से नाराज थीं नंदिता गार्लोसा रविवार शाम को कांग्रेस में शामिल हुईं। वे हाफलोंग सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। असम सरकार में मंत्री भाजपा नेता नंदिता गार्लोसा पार्टी से नाराज होकर कांग्रेस में शामिल हुईं। भाजपा ने हाफलोंग सीट से गार्लोसा का टिकट काटकर नई उम्मीदवार रुपाली लांगथासा को दिया था। इससे गार्लोसा नाराज चल रही थीं। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक असम: नाराज पार्टी नेताओं को मनाने में जुटे सीएम हिमंता और प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने के बाद असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। असम में बीजेपी के भीतर नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी है। पार्टी टिकट से वंचित कई मौजूदा विधायक और दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया खुद आगे आकर नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं प्रद्युत बोरदोलोई और भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने के बाद बोरदोलोई को दिसपुर सीट से बोरा को बिहपुरिया सीट से पार्टी टिकट दिए गया है। इस फैसले से पार्टी के कई पुराने दावेदारों में नाराजगी बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Supreme Court Summons Mamata Over I-PAC Raid Entry

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के दौरान पश्चिम बंगाल की सीएम के अचानक पहुंचने पर सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आपने वहां पहुंचकर ठीक नहीं किया। ऐसे असामान्य हालात में केंद्रीय एजेंसी को क्या करना चाहिए। अगर कल कोई और मुख्यमंत्री भी ऐसी छापेमारी में घुस जाए तो क्या ED के पास कोई समाधान नहीं होगा। ED ने सुप्रीम कोर्ट में ममता के I-PAC के कार्यालय और प्रतीक जैन के घर और कार्यालय से लैपटॉप, फोन और कई दस्तावेज ले जाने को सत्ता का गंभीर दुरुपयोग बताया है। एजेंसी ने मुख्यमंत्री और उनके साथ आए अधिकारियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की मांग भी की है। तस्वीर 8 जनवरी, 2026 की है, जब बंगाल CM ममता ने कोलकाता में ED की छापेमारी के बीच मीडिया को संबोधित किया था। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। कोर्ट रूम LIVE… राज्य सरकार: इस मामले में संवैधानिक ढांचे से जुड़े मूलभूत सवाल हैं, इसलिए दो जजों की बेंच इसे तय नहीं कर सकती। राज्य सरकार: ‘किसी केंद्रीय सरकारी विभाग को राज्य सरकार के खिलाफ याचिका दायर करने की अनुमति देना संघीय ढांचे के लिए खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि CBI, NCB, DRI और SFIO जैसी जांच एजेंसियों को भी स्वतंत्र रूप से मुकदमा दायर करने का वैधानिक अधिकार नहीं है। इसी तरह, राज्य स्तर की एजेंसियां CID, विजिलेंस आयोग और एंटी-करप्शन ब्यूरो के पास भी ऐसे अधिकार नहीं होते। जस्टिस मिश्रा: अगर कोई असामान्य स्थिति पैदा होती है, जैसे कोई मुख्यमंत्री केंद्रीय एजेंसी के काम में बाधा डालता है, तो क्या होगा। अगर अनुच्छेद 226 और 32 के तहत भी याचिका स्वीकार्य नहीं है, तो फिर फैसला कौन करेगा? कोई न कोई रास्ता होना चाहिए, ऐसा शून्य नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार: संविधान में उपाय मौजूद हैं और केंद्र सरकार उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर सकती है, बजाय इसके कि कोई विभाग खुद स्वतंत्र रूप से याचिका दायर करे। अलग-अलग विभागों को सीधे याचिका दायर करने की अनुमति देने से संघीय ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। सरकारों के बीच अनियंत्रित मुकदमेबाजी बढ़ सकती है। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। ED के अफसरों ने प्रतीक के घर और ऑफिस से कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। TMC ने ED की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप का खंडन किया। वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने ED अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं, बंगाल से पहले 3 राज्यों महाराष्ट्र-दिल्ली-झारखंड में यही पैटर्न पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बढ़ती सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ED का काम आर्थिक अपराधों की जांच करना, काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाना है, लेकिन कई बार उसकी कार्रवाई की टाइमिंग सवालों के घेरे में आ जाती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Assembly Election 2026 LIVE Updates; Modi Mamata Banerjee

Hindi News National Assembly Election 2026 LIVE Updates; Modi Mamata Banerjee | Bengal Assam Kerala Tamil Nadu Puducherry Vidhansabha Chunav कोलकाता/चेन्नई/दिसपुर/तिरुवनंतपुर41 मिनट पहले कॉपी लिंक इन चुनावों में 824 विधानसभा सीटों पर 17.4 करोड़ वोटर वोट डालेंगे- फोटो फाइल ECI ने रविवार को चार राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का शेड्यूल घोषित किया। इसके साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि चुनावी राज्यों में 5,173 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं ताकि शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई हो। इसके अलावा, 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) भी तैनात की गई हैं। इधर, केरल BJP के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि उम्मीदवारों की पहली लिस्ट आज पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित किए जाने की उम्मीद है। बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। केरल और असम में वोटिंग एक ही चरण में 9 अप्रैल को होगी, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पुडुचेरी में भी वोटिंग 9 अप्रैल को ही होगी। इसके अलावा गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की छह सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं। ECI ने बताया कि चारों राज्यों और पुडुचेरी में वोटों की गिनती 4 मई को होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Mamata Banerjee Alleges BJP Distributing Pamphlets at Protest Site

Hindi News National Mamata Banerjee Alleges BJP Distributing Pamphlets At Protest Site | PM Modi Rally Promo कोलकाता1 दिन पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी ने सोमवार को धरना स्थल पर रवींद्र संगीत का गाना गाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी है। आज धरना स्थल पर ममता ने रवींद्र संगीत दल के साथ गाना गाया। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आज बैठक के दौरान राज्य के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि संवैधानिक अधिकारियों द्वारा झूठी बहादुरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने आज राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ अप्रैल में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की है। ममता ने राज्य में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन (SIR) में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। धरना स्थल से 4 तस्वीरें… धरने के चौथे दिन ममता बनर्जी मंच पर पहुंचीं। ममता के साथ मंच पर पार्टी नेता और कार्यकर्ता भी मौजदू हैं। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बदले जाने के पीछे कोई राज है और वे इसकी तह तक जाकर पता लगाएंगी। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा उनके धरनास्थल पर PM की रैली के पर्चे बांट रही है। भाजपा पर पर्चे बांटने का आरोप ममता ने आरोप लगाया कि उनके धरना स्थल पर भाजपा और उसकी एजेंसियों पर्चे बांट रहे हैं। ममता ने TMC कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पर्चे बांट रहे लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दें। पर्चों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14 मार्च को कोलकाता में होने वाली रैली का प्रचार किया जा रहा है। ममता ने अपने समर्थकों से कहा, किसी अन्य राजनीतिक दल के कार्यक्रमों में ऐसे पर्चे बांटने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पकड़ो और पुलिस के पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट में 7.04 करोड़ वोटर 28 फरवरी को जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक पिछले साल नवंबर में SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से अब तक 63.66 लाख नाम, यानी वोटर्स का करीब 8.3 परसेंट, हटा दिए गए हैं, जिससे वोटर्स की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा रह गई है। इसके अलावा, 60.06 लाख से ज़्यादा वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में उनकी एलिजिबिलिटी कानूनी जांच के जरिए तय की जाएगी, यह एक ऐसा प्रोसेस है जो चुनाव क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को और बदल सकता है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें…. राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद-गृहसचिव ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी: आज शाम तक देनी होगी केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
CM Mamata Banerjee Protest Third Day Voter List Removal West Bengal SIR

कोलकाता1 घंटे पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी ने 6 मार्च से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी है। TMC सुप्रीमो ने चुनाव आयोग को वैनिश कमीशन कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ‘इलेक्टोरल रोल से सही वोटर्स के नाम हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल’ कर रही है। उनका यह कमेंट ऐसे दिन आया है जब चुनाव आयोग की पूरी बेंच राज्य विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए कोलकाता आने वाली है। ममता ने कहा – एक देश, एक नेता, एक पार्टी के पागलपन में, BJP ने जन-विरोधी इच्छाओं को पूरा करने के लिए हर लोकतांत्रिक संस्था और संवैधानिक पद को सिस्टमैटिक तरीके से हथियार बना लिया है। बनर्जी ने दावा किया कि BJP का आखिरी मकसद बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए गए संविधान को अपने पार्टी मैनिफेस्टो से बदलना है। पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने धरने के दौरान पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी की तस्वीर वाला एक बैनर दिखाया। तस्वीर में पीएम और लाल कृष्ण आडवाणी बैठे दिख रहे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हुई हैं। तसवीर 2024 की है जिसमें राष्ट्रपति आडवाणी को भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित कर रहीहैं। ममता ने राज्य में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन (SIR) में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। तीसरे दिन ममता ने क्या-क्या कहा… सालों से उन्होंने सेंट्रल एजेंसियों, नेशनल कमीशन, एक गुलाम गोदी मीडिया और ज्यूडिशियरी के एक आज्ञाकारी हिस्से को बंगाल के खिलाफ इस्तेमाल किया है। वे वोटर्स को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। BJP लीडरशिप दिल्ली की जमींदार है। हम उन्हें बंगाल को अपने अधीन करने के मिशन में कभी कामयाब नहीं होंगे। धर्मतला में हमारा धरना हर उस बांग्ला-विरोधी (बंगाल-विरोधी) एजेंडे का जवाब है जो इस राज्य के लोगों को बेइज्जत करने, डराने और परेशान करने की कोशिश करता है। BJP की एकमात्र प्राथमिकता सत्ता है, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा से राज्य की जनता रही है। धरना स्थल से 3 तस्वीरें… ममता बनर्जी ने कोलकाता के एस्प्लेनेड में रविवार को तीसरे दिन धरना दिया। बंगाल के वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और उद्योग मंत्री शशि पांजा ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरना सभा में आदिवासी लोक नर्तकों के साथ थिरकते हुए नजर आईं। SIR की फाइनल वोटर लिस्ट में क्या-क्या है 28 फरवरी को जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक पिछले साल नवंबर में SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से अब तक 63.66 लाख नाम, यानी वोटर्स का करीब 8.3 परसेंट, हटा दिए गए हैं, जिससे वोटर्स की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा रह गई है। इसके अलावा, 60.06 लाख से ज़्यादा वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में उनकी एलिजिबिलिटी कानूनी जांच के जरिए तय की जाएगी, यह एक ऐसा प्रोसेस है जो चुनाव क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को और बदल सकता है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें…. राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद-गृहसचिव ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी: आज शाम तक देनी होगी केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister

Hindi News National President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister | Bengal Conference Venue Issue कोलकाता/नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक राष्ट्रपति मुर्मू 7 मार्च को गोपालपुरा में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे में प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करने के मामले में केंद्र ने राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, गृह सचिव ने रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी नहीं था। प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कचरे से भरा था। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए। उधर, पीएम मोदी और भाजपा ने इसे राष्ट्रपति का अपमान बताया है। मोदी कहा था कि ये शर्मानाक, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। पहले पूरा मामला समझिए राष्ट्रपति मुर्मू को 7 मार्च को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया था। कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना तय था। हालांकि सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री मुझे रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें। राष्ट्रपति बोलीं- ममता मेरी छोटी बहन जैसीं; 4 बड़ी बातें ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। अगर प्रोग्राम बिधाननगर में होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह है और बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी। गोशाईपुर में जगह छोटी होने की वजह से कई लोग कार्यक्रम में नहीं आ सके। कार्यक्रम ऐसी जगह रखा गया जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल था। ऐसा लगता है कि आदिवासी समुदाय के लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका गया। ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोग इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को होने नहीं देना चाहते थे। शायद कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल समुदाय आगे बढ़े और मजबूत बने। केंद्र ने गृहसचिव ने 4 मुद्दों पर जवाब मांगा… राष्ट्रपति को रिसीव करने और विदा करने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक क्यों मौजूद नहीं थे? राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी नहीं था। प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कचरे से भरा था। दार्जिलिंग के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट इसके लिए जिम्मेदार हैं। पीएम मोदी बोले- प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विवाद पर X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा। ममता बोलीं- राष्ट्रपति पहले भाजपा शासित राज्यों की हालत देखें राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर कमेंट करने से पहले आपको BJP शासित राज्यों की हालत देखनी चाहिए। सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी की बात सुनकर कमेंट करना सही नहीं है। CM ने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर कहा कि BJP इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति को उनके कार्यक्रम में राज्य के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी के बारे में दी गई जानकारी गलत थी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… जैसलमेर में राष्ट्रपति ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में देखा सोनार किला, 25 मिनट तक आसमान में उड़ान भरी जैसलमेर में 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में करीब 25 मिनट तक उड़ान भरी। वायुसेना स्टेशन जैसलमेर से हुई इस उड़ान में वह को पायलट के रूप में शामिल रहीं। दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी साथ उड़े। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सोनार किला और पोकरण के शक्ति स्थल को आसमान से नमन किया और रेडियो के जरिए देश को संदेश दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
‘भाजपा देश की सर्वोच्च कुर्सी का दुरुपयोग कर रही है’: राष्ट्रपति विवाद को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र पर हमला बोला | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 08, 2026, 10:58 IST राष्ट्रपति मुर्मू ने सवाल किया था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका स्वागत क्यों नहीं किया और कार्यक्रम स्थल में बदलाव और कार्यक्रम में कम भीड़ की ओर भी इशारा किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (छवि: पीटीआई) द्रौपदी मुर्मू द्वारा सिलीगुड़ी दौरे के दौरान व्यवस्थाओं पर चिंता जताए जाने के बाद राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र और भारतीय जनता पार्टी पर देश के सर्वोच्च पद का अपमान करने और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति ने सवाल किया था कि मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत क्यों नहीं किया और कार्यक्रम स्थल में बदलाव और कार्यक्रम में कम भीड़ की ओर भी इशारा किया। ममता ने क्या कहा? एक सोशल मीडिया पोस्ट में, सीएम बनर्जी ने कहा कि जिला प्रशासन ने पहले ही कार्यक्रम के लिए चुने गए स्थल की व्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त कर दी थी। सिलीगुड़ी में 9वें अंतरराष्ट्रीय आदिवासी संताल सम्मेलन के लिए निजी संस्था इंटरनेशनल संताल काउंसिल की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. बनर्जी ने कहा कि उन्नत सुरक्षा संपर्क के बाद, जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति सचिवालय को लिखित रूप में सूचित किया कि आयोजक अपर्याप्त रूप से तैयार दिखाई दे रहा है। फोन पर भी चिंता से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय की अग्रिम टीम ने 5 मार्च, 2026 को दौरा किया और उन्हें व्यवस्थाओं की कमी के बारे में बताया गया, लेकिन कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा। मुख्यमंत्री कहते हैं, ‘कोई प्रोटोकॉल चूक नहीं।’ ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति के सचिवालय द्वारा साझा किए गए अनुमोदित लाइनअप के अनुसार सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त ने राष्ट्रपति का स्वागत किया और उन्हें विदा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री लाइनअप या मंच योजना का हिस्सा नहीं थीं और उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रोटोकॉल में कोई चूक नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, “भाजपा अपनी पार्टी के एजेंडे के लिए देश की सर्वोच्च कुर्सी का अपमान और दुरुपयोग कर रही है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।” राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आम तौर पर किसी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को राष्ट्रपति के स्वागत के लिए मौजूद रहना चाहिए. उन्होंने कहा, “आम तौर पर जब राष्ट्रपति आ रहे हों तो मुख्यमंत्री को स्वागत करना चाहिए और अन्य मंत्रियों को भी मौजूद रहना चाहिए। लेकिन वह नहीं आईं। राज्यपाल बदल गए हैं और नहीं आ सके। लेकिन तारीख तय हो गई थी इसलिए मैं आई हूं।” राष्ट्रपति ने आयोजन स्थल के चयन पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह ऐसी जगह पर स्थित है जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि क्या राज्य सरकार ने आदिवासी समुदायों को कार्यक्रम में भाग लेने से रोका था। मुर्मू ने कहा कि ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन की तरह हैं और वह खुद भी बंगाल की बेटी हैं। प्रधानमंत्री ने घटना को बताया ‘शर्मनाक’ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घटनाक्रम को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” बताया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करते हैं वे बेहद निराश हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के अपमान के लिए उसका प्रशासन जिम्मेदार है। मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। राजनीतिक आदान-प्रदान बढ़ता है यह आदान-प्रदान तब हुआ है जब आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर लिखा, “पश्चिम बंगाल के लोग बनाम बीजेपी + ईसीआई + ईडी + आईटी + सीबीआई + एनआईए + सीएपीएफ + राज्यपाल + 20 केंद्रीय मंत्री + 10 सीएम + प्रधान मंत्री + आदरणीय राष्ट्रपति जी + गोदी मीडिया। जब पूरा प्रतिष्ठान बंगाल के खिलाफ खड़ा होता है, तो बंगाल मजबूत खड़ा होता है। आगे बढ़ें।” पहले प्रकाशित: मार्च 08, 2026, 10:58 IST समाचार राजनीति ‘बीजेपी देश की सर्वोच्च कुर्सी का दुरुपयोग कर रही है’: ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति विवाद पर केंद्र पर हमला किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी(टी)ममता(टी)ममता बनर्जी ने केंद्र(टी)अध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू(टी)द्रौपदी मुर्मू(टी)द्रौपदी मुर्मू सिलीगुड़ी पर हमला किया।संथाल दिवस








