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India Financial Tasks Deadline March 31

India Financial Tasks Deadline March 31

Hindi News Business India Financial Tasks Deadline March 31 | PPF, Sukanya Accounts Must Be Updated नई दिल्ली48 मिनट पहले कॉपी लिंक आज 30 मार्च है। आपके पास अपने वित्तीय कामों को निपटाने के लिए अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं। 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद देश में टैक्स और बैंकिंग से जुड़े 3 बड़े कामों की डेडलाइन खत्म हो रही है। 31 मार्च की रात तक निपटाएं ये 3 काम… 1. सरकारी स्कीम्स एक्टिव रखें: PPF, NPS और सुकन्या में डालें मिनिमम बैलेंस पब्लिक पॉविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को चालू रखने के लिए हर साल ₹250 से ₹500 तक न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। अगर खाता बंद हो गया तो चालू कराने के लिए पेनाल्टी लगेगी और बैंक के चक्कर काटने होंगे। नोट: तीनों ही योजनाओं में इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट मिलती है, लेकिन निवेश की कुल सीमा ₹1.5 लाख ही रहेगी। 2. पुरानी टैक्स रिजीम में सेविंग का मौका: 80C और 80D के तहत निवेश करें पुरानी टैक्स रिजीम में टैक्स बचाने के लिए निवेश करने का कल आखिरी दिन है। सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट पाने के लिए आप PPF, लाइफ इंश्योरेंस में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों पर 1 लाथ तक की छूट मिलती है। 1 अप्रैल या उसके बाद किया गया निवेश अगले साल के खाते में गिना जाएगा। 3. सैलरी क्लास के लिए जरूरी: ऑफिस में जमा करें इन्वेस्टमेंट प्रूफ अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको अपने ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने होंगे। इसमें घर के किराए की रसीदें, बीमा प्रीमियम की रसीद, होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट शामिल हैं। अगर आप ये डॉक्यूमेंट्स समय पर नहीं देते हैं, तो कंपनी आपकी आखिरी सैलरी से ज्यादा TDS काट लेगी। इसे वापस पाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने तक का इंतजार करना होगा। अब उन 10 बदलावों की जानकारी जो 1 अप्रैल 2026 से होने वाले हैं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Financial Tasks Deadline March 31

India Financial Tasks Deadline March 31

Hindi News Business India Financial Tasks Deadline March 31 | PPF, Sukanya Accounts Must Be Updated नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक आज 30 मार्च है। आपके पास अपने वित्तीय कामों को निपटाने के लिए अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं। 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद देश में टैक्स और बैंकिंग से जुड़े 3 बड़े कामों की डेडलाइन खत्म हो रही है। 31 मार्च की रात तक निपटाएं ये 3 काम… 1. सरकारी स्कीम्स एक्टिव रखें: PPF, NPS और सुकन्या में डालें मिनिमम बैलेंस पब्लिक पॉविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को चालू रखने के लिए हर साल ₹250 से ₹500 तक न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। अगर खाता बंद हो गया तो चालू कराने के लिए पेनाल्टी लगेगी और बैंक के चक्कर काटने होंगे। नोट: तीनों ही योजनाओं में इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट मिलती है, लेकिन निवेश की कुल सीमा ₹1.5 लाख ही रहेगी। 2. पुरानी टैक्स रिजीम में सेविंग का मौका: 80C और 80D के तहत निवेश करें पुरानी टैक्स रिजीम में टैक्स बचाने के लिए निवेश करने का कल आखिरी दिन है। सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट पाने के लिए आप PPF, लाइफ इंश्योरेंस में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों पर 1 लाथ तक की छूट मिलती है। 1 अप्रैल या उसके बाद किया गया निवेश अगले साल के खाते में गिना जाएगा। 3. सैलरी क्लास के लिए जरूरी: ऑफिस में जमा करें इन्वेस्टमेंट प्रूफ अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको अपने ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करने होंगे। इसमें घर के किराए की रसीदें, बीमा प्रीमियम की रसीद, होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट शामिल हैं। अगर आप ये डॉक्यूमेंट्स समय पर नहीं देते हैं, तो कंपनी आपकी आखिरी सैलरी से ज्यादा TDS काट लेगी। इसे वापस पाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने तक का इंतजार करना होगा। अब उन 10 बदलावों की जानकारी जो 1 अप्रैल 2026 से होने वाले हैं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

West Asia Crisis & Oil Prices Slow Indian Economy; March 2026 Data Shows Downturn

West Asia Crisis & Oil Prices Slow Indian Economy; March 2026 Data Shows Downturn

Hindi News Business West Asia Crisis & Oil Prices Slow Indian Economy; March 2026 Data Shows Downturn नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्रालय ने मार्च 2026 की अपनी मंथली इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार अब धीमी पड़ गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। मंत्रालय ने माना है कि इन बाहरी झटकों की वजह से देश के अंदर इनपुट कॉस्ट यानी प्रोडक्शन की लागत बढ़ गई है, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर दबाव दिख रहा है। फरवरी तक स्थिति मजबूत थी, मार्च से बिगड़ने लगी रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2026 तक भारतीय इकोनॉमी काफी मजबूत स्थिति में थी। डोमेस्टिक डिमांड, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और सरकारी नीतियों की मदद से सप्लाई और डिमांड दोनों मोर्चों पर प्रदर्शन अच्छा रहा था। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में बढ़त बनी हुई थी, वहीं गाड़ियों की बिक्री और डिजिटल पेमेंट्स (UPI) में भी लगातार ग्रोथ दर्ज की गई थी। इनपुट कॉस्ट और सप्लाई चेन में दिक्कतें बढ़ीं मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 से ग्लोबल हालात बदलने लगे। वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने से एनर्जी मार्केट और लॉजिस्टिक्स (माल ढुलाई) बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसका सीधा असर भारत के प्रोडक्शन सेक्टर पर पड़ा है। रिपोर्ट में ई-वे बिल जनरेशन में आई कमी और फ्लैश PMI (परचेज मैनेजर इंडेक्स) के कमजोर आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि महीने-दर महीने आधार पर इकोनॉमी की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। इकोनॉमी पर इन 3 वजहों से बढ़ रहा है दबाव महंगा कच्चा तेल: ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ गई है। लॉजिस्टिक्स-इंश्योरेंस: समुद्री रास्तों में तनाव की वजह से माल ढुलाई का किराया और इंश्योरेंस प्रीमियम महंगा हो गया है। सप्लाई चेन: जरूरी इनपुट्स की सप्लाई में देरी होने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर असर पड़ रहा है। डिमांड अब भी बरकरार, पर ग्रामीण इलाकों में चिंता राहत की बात यह है कि देश में घरेलू मांग अभी भी बनी हुई है। व्हीकल रजिस्ट्रेशन और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आंकड़े बता रहे हैं कि लोग खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में एक रेड फ्लैग भी दिखाया गया है। मंत्रालय ने नोट किया है कि ग्रामीण इलाकों में सेंटीमेंट थोड़ा कमजोर हुआ है। मांग और सप्लाई के बीच यह अंतर बताता है कि फिलहाल सुस्ती कंजम्पशन की कमी से नहीं, बल्कि बढ़ती लागत और सप्लाई में रुकावटों की वजह से है। रिटेल महंगाई में भी उछाल के संकेत रिटेल महंगाई में भी उछाल के संकेत मिले हैं। अभी तक महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों की कीमतें थीं, लेकिन मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों का पूरा असर अभी तक घरेलू बाजार में नहीं दिखा है। अगर वैश्विक स्तर पर एनर्जी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। यह अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा रिस्क है। पिछले महीने फरवरी में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% पर पहुंच गई थी। स्टील और सीमेंट के भरोसे टिकी उम्मीद सरकार अभी भी इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल एक्सपेंडिचर को ग्रोथ का मुख्य जरिया मान रही है। स्टील और सीमेंट के प्रोडक्शन में हो रही बढ़ोतरी इस बात का सबूत है कि कंस्ट्रक्शन और सरकारी प्रोजेक्ट्स का काम तेजी से चल रहा है। वित्त मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट के में कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है, लेकिन ग्लोबल रिस्क बढ़ रहे हैं। इसलिए आने वाले समय में घरेलू और वैश्विक स्थितियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। ये खबर भी पढ़ें… अप्रैल में 14 दिन बैंकों में काम नहीं होगा: 4 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 8 दिन बैंक बंद रहेंगे अगले महीने यानी अप्रैल में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 14 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 4 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 8 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। महीने की शुरुआत यानी 1 अप्रैल को छुट्‌टी से होगी। पूरे देश में बैंक सालाना अकाउंट क्लोजिंग के कारण बंद रहेंगे। इस दिन बैंक में कोई भी ऑफलाइन काम नहीं हो पाएगा। यहां देखें अप्रैल 2026 में आपके राज्य या लोकेशन में बैंक कब-कब बंद रहेंगे। यह खबर भी पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gold Silver Price Crash Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 March 2026)

Gold Silver Price Crash Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 March 2026)

Hindi News Business Gold Silver Price Crash Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 March 2026) | Bhopal Jaipur Gold Rate नई दिल्ली6 घंटे पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही। सोना हफ्तेभर में 4,276 रुपए गिरकर 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 20 मार्च को 1.47 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.32 लाख किलो से गिरकर 2.21 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 10,717 रुपए कम हुई। अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से निवेशक अपनी ‘गोल्ड होल्डिंग्स’ बेचकर कैश (डॉलर) इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि बाजार की अस्थिरता से निपट सकें। इससे डॉलर डिमांड बढ़ रही है और सोने-चांदी के दाम गिर रहे हैं। इस हफ्ते सोना ₹4,276 और चांदी ₹10,717 हजार सस्ती सोना चांदी 27-Mar-26 ₹1,42,942 ₹2,21,647 25-Mar-26 ₹1,46,205 ₹2,34,814 24-Mar-26 ₹1,40,420 ₹2,24,545 23-Mar-26 ₹1,39,569 ₹2,19,260 देश के अलग-अलग शहरों में सोने की वर्तमान कीमतें मैप में देखें… अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं। खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। इससे मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं। ऑलटाइम हाई से 1.64 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 33,179 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 57 दिन में चांदी 1.64 लाख रुपए सस्ती हो गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Olympics Transgender Women Ban | Womens Category March 28 Current Affairs

Olympics Transgender Women Ban | Womens Category March 28 Current Affairs

Hindi News Career Olympics Transgender Women Ban | Womens Category March 28 Current Affairs 4 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. डॉलर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सिग्नेचर होंगे 26 मार्च को अमेरिकी ट्रेजरी ने बताया कि अमेरिका में पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर डॉलर नोट पर होंगे। अमेरिकी करेंसी पर अब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के सिग्नेचर दिखाई देंगे। यह फैसला अमेरिकी ट्रेजरी ने लिया है और सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इसकी जानकारी दी। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के सिग्नेचर के साथ ट्रम्प के सिग्नेचर नोट पर होंगे। डॉलर करेंसी 1861 में शुरू हुईं थी और अब तक किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति के सिग्नेचर करेंसी पर नहीं आए हैं। अमेरिकी करेंसी पर ट्रेजरी सेक्रेटरी और अमेरिकी ट्रेजर (कोषाध्यक्ष) के साइन होते हैं। अब कोषाध्यक्ष के साइन हटाकर राष्ट्रपति ट्रम्प के साइन होंगे। लिन मलेरबा आखिरी कोषाध्यक्ष होंगे जिनका नाम करेंसी पर है। मार्च में ही फेडरल आर्ट्स कमीशन ने ट्रम्प की तस्वीर वाले 24 कैरेट गोल्ड मेमोरियल सिक्के के डिजाइन को भी मंजूरी दी है। जून 2026 तक 100 डॉलर के बिल पर राष्ट्रपति ट्रम्प के साइन होंगे। 2. ओलिंपिक में अब ट्रांसजेंडर्स की महिला इवेंट्स में एंट्री बैन 26 मार्च को इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने ट्रांसजेंडर्स की महिला कैटेगरी के इवेंट्स में एंट्री बैन कर दी है। अब 2028 में लॉस एंजिल्स ओलिंपिक से ट्रांस महिलाओं को महिला कैटेगरी के इवेंट्स में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नई नीति के मुताबिक, अब सिर्फ बायोलॉजिकल फीमेल्स, यानी जन्म से महिला ही वुमन कैटेगरी में खेल सकेंगी। इसके लिए एक बार जीन टेस्ट (SRY जीन स्क्रीनिंग) कराना जरूरी होगा, जिससे लिंग की पुष्टि की जाएगी। जीन टेस्ट थूक, गाल के स्वैब या ब्लड सैंपल से किया जा सकता है। ऐसे एथलीट जो जन्म के समय महिला थे, लेकिन अब खुद को ट्रांसजेंडर पुरुष (Trans Men) मानते हैं, वे महिला कैटेगरी इवेंट्स में खेलना जारी रख सकते हैं। इस फैसले से पहले तक IOC ट्रांसजेंडर महिलाओं को टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने की शर्त पर खेलने की अनुमति देता था या फैसला स्पोर्ट्स यूनियन अपने विवेक से लेते थे। IOC ने कहा है कि नया नियम खेलों में फेयर कॉम्पिटिशन तय करने के लिए लागू होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल फरवरी में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पास किया था। इसमें लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में ट्रांसजेंडर महिलाओं को वीजा न देने की बात कही गई थी। 23 जून 1894 को पियरे डे कोबेर्टिन ने इंटरनेशनल ओलिंपिक की स्थापना की थी। इंटरनेशनल ओलिंपिक का हेडक्वार्टर लॉजेन, स्विट्जरलैंड में है। ये कमेटी ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन और युवा ओलिंपिक खेलों की मेजबानी करती है। IOC के मुताबिक नया नियम सिर्फ प्रोफेशनल खेलों पर लागू होगा। 3. बालेन शाह ने नेपाल के पीएम पद की शपथ ली 27 मार्च को बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम बने। बालेन ने शपथ लेने के बाद अपना पहला संदेश रैप गाने के जरिए जारी किया। इसमें उन्होंने भ्रष्टाचार, सिस्टम में बदलाव और युवाओं का जिक्र किया। अब तक नेपाल की कार्यवाहक पीएम सुशीला कार्की थीं। बालेन पहले काठमांडू के मेयर थे। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने पद से इस्तीफा दिया था और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए थे। बालेन मधेस क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री बने हैं। मधेश क्षेत्र नेपाल का वह इलाका है जो देश के दक्षिणी हिस्से में भारत की सीमा के साथ फैला हुआ है। मधेस को तराई क्षेत्र भी कहा जाता है। यहां रहने वाले लोगों को मधेशी कहा जाता है। RSP 2022 के राष्ट्रीय चुनाव में चौथी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस बार RSP को 275 में से 182 सीटें मिली। बालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च को चुनाव में जीत दर्ज की थी। 4. पेरियासामी कुमारन UK के नए हाई कमिश्नर अपॉइंट हुए 26 मार्च को विदेश मंत्रालय ने पेरियासामी कुमारन को यूनाइटेड किंगडम में भारत का हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त) अपॉइंट किया। पेरियासामी अभी विदेश मंत्रालय में सेक्रेटरी के तौर पर कार्यरत हैं। पेरियासामी 1992 बैच के IFS हैं। वे विक्रम दोराईस्वामी की जगह लेंगे। पेरियासामी 1994-1997 तक काहिरा में इंडियन एम्बेसी में सेक्रेटरी रहे। 1997 से 2000 तक त्रिपोली और 2000 से 2003 तक ब्रुसेल्स में सेक्रेटरी रहे। पेरियासामी 2005 से 2007 तक बेंगलुरु में रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर रहे। इसके साथ ही पेरियासामी ने 2007-2009 तक पाकिस्तान के इस्लामाबाद और 2009-2011 तक वाशिंगटन में काउंसलर के तौर पर भी काम किया। पेरियासामी 2014 से 2016 तक विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (काउंसलर, पासपोर्ट और वीजा डिवीजन) रहे। 2016 से 2020 तक पेरियासामी कतर में भारत के राजदूत रहे और बाद में सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त अपॉइंट हुए। जुलाई 2023 में पेरियासामी ने विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी का कार्यभार संभाला था। 5. भारतीय नौसेना ने होर्मुज पर ऊर्जा सुरक्षा ऑपरेशन शुरू किया 26 मार्च को भारतीय नौसेना ने होर्मुज के रास्ते आने वाले एनर्जी शिपमेंट (LNG, LPG, कच्चा तेल) को एस्कॉर्ट करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा ऑपरेशन शुरू किया। इस मिशन के तहत 5 से ज्यादा युद्धपोत तैनात कर, 22 से ज्यादा महत्वपूर्ण जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट और गाइड करके भारत लाया जा रहा है। ऑपरेशन के तहत ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य से अरब सागर तक सुचारू आवाजाही के लिए जहाजों को एस्कॉर्ट किया जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा ऑपरेशन के तहत अब तक तीन शिपमेंट पाइन गैस, जग बसंत, शिवालिक और नंदा देवी ने होर्मुज पार किया। होर्मुज दुनिया का एक बेहद मुश्किल चेक पोस्ट माना जाता है और इससे पूरे दुनिया में 20% ऑयल ट्रेड होता है। भारत बड़ी मात्रा में कच्चे तेल, LPG और LNG के लिए होर्मुज रूट पर निर्भर रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना जहाजी टैंकरों को पूरे रूट के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश देती है और यह तय करती है कि जहाजों के लिए पूरा रास्ता सुरक्षित हो। डीजी शिपिंग के सूत्रों के मुताबिक, जब होर्मुज से भारत की ओर जाने वाले जहाजी टैंकर निकलते हैं, तब ओमान की खाड़ी में खड़े भारतीय नौसेना के युद्धपोत उन

Gold Silver Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (27 March 2026)

Gold Silver Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (27 March 2026)

Hindi News Business Gold Silver Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (27 March 2026) | Bhopal Jaipur Gold Rate नई दिल्ली8 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3,263 रुपए घटकर 1.43 लाख रुपए रहा। इससे पहले बुधवार को यह 1.46 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 13,167 रुपए घटकर 2.22 लाख रुपए रह गई, जो 25 मार्च को 2.35 लाख रुपए पर थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 28 दिन में 16,155 और चांदी 45,053 सस्ती हुई है। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना ऑल टाइम हाई से ₹33 हजार सस्ता हुआ साल की शुरुआत में सोने में तेजी थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान जंग से गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹33 हजार सस्ता हो चुका है। चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.22 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख गिरावट का आंकड़ा: पिछले 57 दिन में चांदी ₹1.64 लाख सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: कैश पर भरोसा बढ़ा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग में निवेशक जोखिम से बचते हुए गोल्ड-सिल्वर बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि अनिश्चितता में लिक्विडिटी बनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में रिकॉर्ड कीमतों पर बड़े निवेशकों ने होल्डिंग बेची, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतें गिरीं। ब्याज दरों का असर: अमेरिका के फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से कीमती धातुओं की चमक फीकी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Avatar 3 OTT Release March 31

Avatar 3 OTT Release March 31

1 दिन पहले कॉपी लिंक जेम्स कैमरून की साइंस फिक्शन फिल्म ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ यानी अवतार 3 सिनेमाघरों में तीन महीने पूरे करने के बाद अब OTT पर रिलीज की जाएगी। बीते साल 19 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई इस फिल्म ने दुनियाभर में ₹13,070 करोड़ का रिकॉर्ड कलेक्शन किया था। सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक ‘अवतार 3’ का प्रीमियर 31 मार्च 2026 से विदेशी दर्शकों के लिए ‘Disney+’ पर होगा। हालांकि, विदेशी दर्शकों को शुरुआत के एक महीने इसे देखने के लिए रेंट (किराया) देना होगा। भारत की बात करें तो यहां यह फिल्म ‘जियो हॉटस्टार ‘ पर स्ट्रीम की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले हफ्ते से जून 2026 के बीच भारतीय फैंस इसे अपने मोबाइल या टीवी पर घर बैठे देख पाएंगे। ₹3,400 करोड़ के बजट में बनी है अवतार 3 अवतार 3′ का कुल बजट करीब 400 मिलियन डॉलर (₹3,400 करोड़) था। बॉक्स ऑफिस पर इसने $1.49 बिलियन की कमाई की। भारत में भी फिल्म का क्रेज दिखा और इसने ₹235 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया। फिल्म की बेहतरीन मेकिंग के लिए इसे 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स (Oscars 2026) में ‘बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स’ का अवॉर्ड भी मिला है। जेम्स कैमरून की यह फ्रेंचाइज दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली सीरीज है। 2031 तक आएंगी दो और फिल्में जेम्स कैमरून ने पेंडोरा की इस दुनिया को और आगे ले जाने की तैयारी कर ली है। ‘अवतार 3’ के बाद अब फैंस को ‘अवतार 4’ और ‘अवतार 5’ का इंतजार है। कैमरून के मुताबिक, चौथी फिल्म साल 2029 में और पांचवीं फिल्म साल 2031 में रिलीज की जाएगी। ‘अवतार 3’ की स्टार कास्ट में केट विंस्लेट, सिगौरनी वीवर और स्टीफन लैंग जैसे बड़े नाम शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Gwalior Property Tax Relief | 50% Discount Till March 31, 2026

Gwalior Property Tax Relief | 50% Discount Till March 31, 2026

ग्वालियर नगर निगम ने शहर के नागरिकों को संपत्ति कर जमा करने पर विशेष छूट की घोषणा की है। 31 मार्च 2026 तक वर्तमान वर्ष का बकाया संपत्ति कर जमा करने पर करदाताओं को 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। . निगम आयुक्त संघ प्रिय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्धारित समयसीमा के बाद करदाताओं को संपत्ति कर की पूरी राशि का भुगतान करना होगा। यह निर्णय नगर निगम की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है। निगम वर्तमान में आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और उसे बड़े फंड की आवश्यकता है। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्र में जाकर नागरिकों को इस योजना की जानकारी दें और अधिक से अधिक कर वसूली सुनिश्चित करें। नगर निगम ने अब तक लगभग 101 करोड़ रुपए का संपत्ति कर वसूल किया है। 31 मार्च तक 125 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं। लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी संपत्ति कर उपायुक्तों और राजस्व निरीक्षकों को आगामी सात दिनों का विशेष लक्ष्य दिया है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वसूली नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी सूची में कई शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं जिन्होंने अपने सेवा कर अब तक जमा नहीं किए हैं। इन बकायादारों पर लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि लंबित है।

Gold Price Crash Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (23 March 2026)

Gold Price Crash Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (23 March 2026)

Hindi News Business Gold Price Crash Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (23 March 2026) | US Iran Israel War नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच सोने चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 12,077 रुपए घटकर 1.35 लाख रुपए पर आ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 40 साल में सोने के कीमत में इतनी बड़ी गिरावट हुई है। इससे पहले इसकी कीमत 1.47 लाख थी। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 30,864 रुपए घटकर 2.01 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.32 लाख रुपए किलो थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 24 दिन में 23,956 और चांदी 65,200 सस्ती हुई है। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं। खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। इससे मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.35 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल) मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹41 हजार सस्ता हो चुका है। चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.01 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑल टाइम हाई से बहुत तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त) गिरावट का आंकड़ा: पिछले 53 दिन में चांदी ₹1.84 लाख सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ब्याज दरों का असर: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने से भी कीमती धातुओं की चमक थोड़ी फीकी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Domestic Airfare Cap Lifted | Airlines Can Increase Fares From March 23

Domestic Airfare Cap Lifted | Airlines Can Increase Fares From March 23

नई दिल्ली30 मिनट पहले कॉपी लिंक अब एयरलाइन कंपनियां घरेलू फ्लाइट्स का किराया सीटों की मांग की हिसाब से बढ़ा सकेंगी। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने हवाई किराए पर लगी रोक को हटा दिया है। आदेश के मुताबिक यह फैसला 23 मार्च से लागू होगा। पिछले साल दिसंबर में इंडिगो की उड़ानों में आई रुकावटों के बाद फेयर कैप लगाया लगाया गया था। सरकार ने एयरलाइंस का अधिकतम किराया ₹18000 तय किया था। एयरलाइन इससे ज्यादा दाम नहीं ले सकती थीं। आदेश में कहा गया… पूरे सेक्टर में उड़ानों की क्षमता बहाल हो गई है तथा परिचालन सामान्य हो गया है। समीक्षा के बाद, यह फैसला किया गया है कि किराए पर लगाई गई सीमा को 23 मार्च, 2026 से हटा दिया जाएगा। दरअसल, पिछले साल DGCA ने 1 नवंबर से पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए थे। इसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया था। इसकी वजह से एयरलाइन कंपनी इंडिगो में स्टाफ की कमी हो गई जिससे हजारों फ्लाइंट्स कैंसिल हुईं थी। इस वजह से अन्य एयरलाइंस ने घरेलू फ्लाइट्स का किराया 50 हजार तक बढ़ा दिया था। मंत्रालय ने कहा- हवाई किराए पर नजर रख रहे अपने आदेश में, मंत्रालय ने यह भी कहा कि एयरलाइंस को कीमतों के मामले में अनुशासन बनाए रखना होगा और जिम्मेदारी से काम करना होगा। मंत्रालय ने कगा कि एयरलाइंस यह सुनिश्चित करेंगी कि किराया उचित, पारदर्शी और बाजार की स्थितियों के अनुरूप हो, और यात्रियों के हितों पर कोई बुरा असर न पड़े। मंत्रालय ने कहा कि किराए में किसी भी तरह की अत्यधिक या अनुचित बढ़ोतरी को गभीरता से देखा जाएगा। आदेश में कहा गया कि मंत्रालय रियल टाइम हवाई किराए के रुझानों पर नजर रख रहा है। 10 गुना तक कीमत में मिल रहे थे टिकट इंडिगो की फ्लाइट्स में बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन और देरी के बाद फ्लाइट्स का किराए में उछाल देखने को मिला था। यात्रियों को ऑप्शनल फ्लाइट्स की तलाश में सामान्य से दस गुनी कीमत पर टिकट खरीदने पड़ रहे थे। बुकिंग साइट MakeMyTrip के अनुसार, 6 दिसंबर को दिल्ली से बेंगलुरु की सबसे सस्ती फ्लाइट की कीमत 40,000 रुपए से ज्यादा थी, जबकि कुछ फ्लाइट्स का किराया 80,000 रुपए तक पहुंच गए थे। दिल्ली से मुंबई की फ्लाइट का न्यूनतम किराया 36,107 रुपए और अधिकतम 56,000 रुपए चला गया था। वहीं दिल्ली-चेन्नई की देर रात की फ्लाइट्स का किराया 62,000 से 82,000 रुपए तक पहुंच गया था। DGCA के वो नए नियम, जिससे इंडिगो में स्टाफ क्राइसिस हुई थी DGCA ने 1 नवंबर 2025 से पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए थे। इसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया। पहला चरण 1 जुलाई 2025 को लागू हुआ। वहीं 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू हुआ था। नए नियमों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने पर जोर दिया गया है। इस कारण एयरलाइन कंपनियों के पास पायलटों और क्रू मेंबर्स की अचानक कमी पड़ गई है। DGCA ने बताया था कि नवंबर में ही इंडिगो की कुल 1,232 उड़ानें कैंसिल की गईं, जिनमें FDTL नियमों के कारण 755 उड़ानें शामिल हैं।​​​​​​ 18 मार्च: 60% सीटों पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं ले सकेंगी एयरलाइंस इससे पहले बुधवार को सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने भारत में हवाई यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम जारी किए थे। नए आदेश के मुताबिक एयरलाइंस को हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के बुक होंगी। ये निर्देश घरेलू फ्लाइट्स पर लागू होंगे। इसके अलावा एक ही PNR (बुकिंग रेफरेंस) पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बिठाया जाएगा या उन्हें आस-पास की सीटें दी जाएंगी। मौजूदा नियमों में पैसेंजर्स के लिए 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज दिए बुक की जा सकती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए भुगतान करना पड़ता है। ये कदम इसलिए उठाए गए हैं क्योंकि एयरलाइंस सीट चुनने समेत कई सर्विसेस के लिए बहुता ज्यादा शुल्क वसूल रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी एयरलाइंस पंसद की सीटें चुनने पर 500 से 3000 रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़ें… एयरलाइंस बढ़ा सकती हैं हवाई किराया:बोलीं- मजबूरन लेना पड़ेगा फैसला, एक्स्ट्रा-चार्ज ना लेने के सरकार के निर्देश का विरोध कर रहीं इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइस जेट ने फ्लाइट्स की 60% सीटों पर एक्स्ट्रा चार्ज न वसूलने के सरकार के फैसले विरोध किया है। एयरलाइंस का कहना है कि इस कदम से उन्हें अपनी खोई हुई कमाई की भरपाई के लिए हवाई किराया बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। तीनों एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…