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दवा नहीं, ये पत्ते हैं सेहत का खजाना! डायबिटीज से दिल तक फायदेमंद, जानें इसके चमत्कारी फायदे

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Last Updated:April 08, 2026, 13:21 IST आयुर्वेद में शहतूत के पत्तों को बेहद गुणकारी माना गया है. ये न सिर्फ डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य, इम्यूनिटी और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं. शहतूत के पत्ते मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं. इनमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही ये पाचन को बेहतर करते हैं और सूजन कम करने में भी लाभकारी होते हैं. इनका सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, शहतूत के पत्ते मधुमेह को नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. ये प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं और टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं. शहतूत के पत्ते हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं, क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड्स भरपूर मात्रा में होते हैं. ये कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करने, उच्च रक्तचाप को कम करने, धमनियों की सूजन घटाने और रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इससे हृदय रोगों, जैसे एथेरोस्क्लेरोसिस, के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google शहतूत के पत्ते वजन प्रबंधन के लिए एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय माने जाते हैं. इनमें मौजूद पॉलीफेनोल और फाइबर शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करते हैं, फैट के संचय को कम करने में मदद करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं. शहतूत के पत्ते विटामिन C, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इनमें सूजनरोधी और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने और पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं. शहतूत के पत्ते त्वचा और मुंह के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, C, E और एंटी-बैक्टीरियल गुण दाग-धब्बों को कम करने, त्वचा को चमकदार बनाने, सूजन घटाने और मुंह के छालों व संक्रमण से राहत देने में सहायक होते हैं. शहतूत के पत्ते त्वचा और मुंह के स्वास्थ्य के लिए वरदान माने जाते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, C, E और एंटी-बैक्टीरियल गुण दाग-धब्बों को कम करने, त्वचा को निखारने, सूजन घटाने और मुंह के छालों व संक्रमण को ठीक करने में मदद करते हैं. First Published : April 08, 2026, 13:21 IST

Poplar Leaves Benefits: मुंहासे से लेकर जोड़ों के दर्द तक…. पॉपुलर के पत्तों के चौंकाने वाले फायदे, ऐसे करें इस्तेमाल

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Last Updated:April 07, 2026, 16:36 IST पॉपुलर के पत्ते न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनके औषधीय गुण भी अद्भुत हैं. इसमें पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण मुंहासे, खुजली, घाव और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं, जिससे यह एक प्राकृतिक और रामबाण घरेलू उपचार बन जाता है. पॉपुलर के पत्ते मुख्य रूप से अपनी लकड़ी (प्लाईवुड, माचिस) के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन इसके औषधीय गुण भी कम नहीं हैं. पत्तों और छाल में सूजनरोधी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जिन्हें पारंपरिक रूप से त्वचा रोगों या दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पेड़ मुख्य रूप से व्यावसायिक उद्देश्य से उगाया जाता है और 5-7 साल में उपयोग के लिए तैयार हो जाता है. डॉक्टर विनीत शर्मा के अनुसार पॉपुलर (चिनार) के पत्ते और विशेषकर उसकी चिपचिपी कलियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं. ये श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे खांसी और ब्रोंकाइटिस, दर्द निवारण, सूजन कम करने और त्वचा के घाव ठीक करने में सहायक हैं. इनमें सैलिसिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द और गठिया में राहत देते हैं. इसके अर्क का उपयोग त्वचा की जलन और बवासीर के उपचार में भी किया जाता है. पॉपुलर के पत्ते और कलियाँ त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं. ये मुख्य रूप से सूजन, खुजली, मुंहासे और घावों को ठीक करने में मदद करती हैं. इनमें सैलिसिन, फ्लेवोनोइड्स और फिनोलिक एसिड जैसे सूजन-रोधी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा की बीमारियों और सनबर्न में राहत प्रदान करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पॉपुलर के पत्ते और पेड़ मुख्य रूप से कृषि-वानिकी के लिए फायदेमंद हैं, न कि सीधे तौर पर घरेलू उपचार के लिए. यह एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो 5-7 साल में अच्छी कमाई देता है. हालांकि, इसके पत्तों का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने (खाद के रूप में) और अन्य कृषि संबंधी लाभों के लिए किया जा सकता है. पॉपुलर के पेड़ के पत्ते और छाल का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में खांसी, जुकाम और श्वसन नली की समस्याओं को कम करने के लिए किया जाता है. यह पेट में सूजन, घाव और कुछ मामलों में जोड़ों के दर्द में भी राहत देने में सहायक माना जाता है. इसके अर्क में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो सांस लेने में आसानी प्रदान करते हैं. पॉपुलर के पेड़ के पत्ते, छाल और कलियों में दर्द और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से सैलिसिन के कारण होते हैं. यह प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है और गठिया, मांसपेशियों के दर्द और जोड़ों की सूजन में राहत प्रदान करने के लिए उपयोग किया जा सकता है. पॉपुलर के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो मुंहासे, खुजली और घाव जैसी त्वचा समस्याओं में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके पत्तों का पेस्ट या रस दाग-धब्बे कम करने, त्वचा को गहराई से साफ करने और प्राकृतिक निखार लाने में मदद करता है. यह त्वचा के रोगों में एक रामबाण घरेलू उपचार माना जाता है. First Published : April 07, 2026, 15:13 IST

किचन में रखी इस दाल में छुपा है हेल्थ सीक्रेट! दिल से पाचन तक करेगी कमाल, ऐसे करें इस्तेमाल

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Last Updated:April 06, 2026, 14:02 IST भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली उड़द की दाल सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी है. इसमें मौजूद प्रोटीन, आयरन, फाइबर और कई जरूरी खनिज शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह पाचन सुधारने से लेकर दिल को स्वस्थ रखने और त्वचा-बालों को निखारने तक कई तरह से फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल (ब्लैक ग्राम) के पत्ते और दाल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और अन्य खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन सुधारने, हड्डियों को मजबूत बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं. यह पेट के लिए भी काफी पौष्टिक मानी जाती है. डॉक्टर विनीत शर्मा ने बताया कि उड़द की दाल का सेवन, विशेषकर इसके पत्ते (पौधे का भाग) और दाल, फाइबर और खनिजों से भरपूर होने के कारण पाचन में सुधार, कब्ज से राहत और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में बेहद फायदेमंद है. यह वात दोष को भी कम करती है. हालांकि, पचने में भारी (गुरु) होने के कारण इसे अदरक या लहसुन के साथ पकाना बेहतर माना जाता है. उड़द की दाल में पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करती है. इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है. यह दाल रक्त परिसंचरण में सुधार करती है और धमनियों में प्लाक जमने से रोककर दिल को मजबूत बनाए रखने में सहायक होती है. Add News18 as Preferred Source on Google उड़द की दाल आयरन, प्रोटीन, मैग्नीशियम और पोटैशियम का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर एनीमिया की समस्या को कम करने में मदद करती है और ऊर्जा स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाती है. यह थकान कम करने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और पाचन तंत्र को सुधारने में भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह आयरन, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है. यह रूखी त्वचा को नमी प्रदान करती है, मुंहासों को कम करने में मदद करती है और स्कैल्प को पोषण देकर बालों को घना व मजबूत बनाती है, जिससे झड़ने की समस्या भी कम होती है. उड़द की दाल का पेस्ट त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे, दाग-धब्बे और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं. यह प्राकृतिक रूप से त्वचा को साफ कर डेड स्किन हटाता है, जिससे चेहरा चमकदार और मुलायम बनता है. इसे रातभर भिगोकर पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है. उड़द की दाल और इसके पौधे के विभिन्न हिस्से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और आंतों की सफाई में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इसमें भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाता है. First Published : April 06, 2026, 14:02 IST

घर के पास का ये पेड़ है औषधि का खजाना, इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर घाव भरने तक, जानिए पीपल और गूलर के फायदे

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Last Updated:April 03, 2026, 15:13 IST भारत में पीपल और गूलर के पेड़ सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि औषधीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आयुर्वेद में इनके फल, छाल, पत्ते और दूध का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है. ये पाचन सुधारने, मधुमेह नियंत्रित करने, त्वचा रोगों में राहत देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होते हैं. पीपल और गुड़हल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं. गुड़हल के फूल और पत्ते एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने, त्वचा को चमकदार रखने, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. वहीं, पीपल के कोमल पत्ते पेट की समस्याओं जैसे गैस और मरोड़ में राहत देने के लिए फायदेमंद हैं. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, पीपल के पेड़ पर अक्सर गूलर पाया जाता है, जो आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है. इसके फल, छाल और दूध में फाइबर, विटामिन A, C, एंटीऑक्सीडेंट और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह मधुमेह को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने, कब्ज से राहत दिलाने, सूजन कम करने और घाव भरने में फायदेमंद माना जाता है. पीपल का पेड़, विशेषकर इसकी कोपलें, छाल और फल, पाचन सुधारने और कब्ज से राहत पाने का पारंपरिक आयुर्वेदिक उपाय है. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन, एसिडिटी, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं, जिससे पाचन क्रिया सुचारू रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google गूलर और पीपल के औषधीय गुण, विशेषकर गूलर के फल और छाल, मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं. इसमें मौजूद फाइबर और एंटी-डायबिटिक गुण ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं. पीपल के गूलर, छाल, पत्ते और दूध सूजन और घाव के उपचार में प्रभावी माने जाते हैं. इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह घाव को जल्दी भरने, दर्द कम करने और संक्रमण को रोकने में मदद करता है. पीपल के पेड़ पर पाए जाने वाले गूलर के फल, छाल और दूध आयुर्वेद में उच्च औषधीय गुणों और इम्यूनिटी बढ़ाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और सूजनरोधी गुण होते हैं, जो पाचन, बवासीर, त्वचा रोगों और मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक हैं. पीपल और गूलर दोनों ही त्वचा रोगों के लिए अत्यंत औषधीय माने जाते हैं. पीपल की कोपलें और छाल दाद, खुजली और एलर्जी में लाभकारी हैं, जबकि गूलर का दूध, छाल और फल फोड़े-फुंसी, नासूर, चर्म रोग और घाव भरने में प्रभावी माने जाते हैं. First Published : April 03, 2026, 15:13 IST

सेम के पत्तों का कमाल! त्वचा रोग, पाचन और इम्यूनिटी के लिए हैं जबरदस्त, जानिए इसके फायदे

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Last Updated:April 02, 2026, 16:12 IST सेम के पत्ते सिर्फ एक सामान्य सब्जी नहीं, बल्कि औषधीय गुणों का खजाना हैं. ये पाचन सुधारने, त्वचा को स्वस्थ रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं सेम के पत्तों के ऐसे फायदे, जो आपको हैरान कर देंगे. सेम के पत्ते पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो पाचन, त्वचा रोगों और सूजन को कम करने में बेहद फायदेमंद हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन A, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि सेम के पत्ते चेहरे की चमक और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इसके पत्तों में मौजूद औषधीय गुण चेहरे के काले धब्बे, दाद (रिंगवर्म) और ललौसी जैसे त्वचा रोगों को ठीक करने में मदद कर सकते हैं. इसका रस त्वचा को साफ़ और स्वस्थ बनाने में सहायक माना जाता है. सेम के पत्ते पाचन सुधारने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज, पेट की सूजन, अपच और पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को कम कर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. इसके सेवन से पेट दर्द, दस्त और त्वचा की समस्याओं में भी राहत मिलती है. यह सूजन कम करने और पेट के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में कारगर हैं. Add News18 as Preferred Source on Google सेम के पत्ते पेट दर्द, मरोड़, उल्टी और दस्त में राहत देने के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इनके औषधीय गुण पाचन में सुधार, सूजन कम करने और पेट के हानिकारक बैक्टीरिया को संतुलित करने में मदद करते हैं. इनका उपयोग सब्जी, काढ़ा या पत्तियों के रस के रूप में किया जा सकता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं. एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर सेम के पत्ते दाद-खाज-खुजली (त्वचा रोग), पाचन सुधार, पेट दर्द, सूजन कम करने और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके सेवन या लेप से शरीर में जमा विषैले पदार्थ (टॉक्सिन्स) बाहर निकलने में मदद मिलती है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं. सेम के पत्ते गले की खराश और दर्द के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें सूजन-रोधी और औषधीय गुण होते हैं, जो गले में खराश, सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. सेम के पत्ते त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, खासकर दाद, खाज, खुजली और सूजन जैसी समस्याओं में. इनके पत्तों का रस या पेस्ट लगाने से ललौसी, चेहरे के काले धब्बे और फंगल इन्फेक्शन कम होने में मदद मिलती है. इनमें मौजूद प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और औषधीय गुण त्वचा को स्वस्थ और साफ बनाए रखने में सहायक होते हैं. First Published : April 02, 2026, 16:12 IST

ये मिर्च के पत्ते हैं सेहत के लिए वरदान, कई बीमारियों का करें काल, जोड़ों का दर्द और त्वचा की समस्याओं में राहत

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Last Updated:April 01, 2026, 12:55 IST मिर्च के पत्ते और फल सिर्फ खाने में स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं. ये पत्ते जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने, त्वचा को स्वस्थ रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. जानिए मिर्च के पत्तों के अद्भुत लाभ और इसे अपने आहार में शामिल करने के आसान तरीके. मिर्च के पत्ते स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें विटामिन A, C, एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया, सूजन और त्वचा की समस्याओं में राहत दिला सकते हैं. इसके अलावा, ये पाचन सुधारने, प्रतिरक्षा बढ़ाने और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में भी मददगार हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि मिर्च के पत्ते पाचन और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और विटामिन A पाए जाते हैं. ये पत्ते पेट की सूजन कम करने, भूख बढ़ाने और पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में मददगार होते हैं और पारंपरिक चिकित्सा में भी इन्हें उपयोग में लाया जाता है. मिर्च के पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, विशेषकर विटामिन A, C और एंटीऑक्सीडेंट. ये पत्ते प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, कोशिकाओं को नुकसान से बचाने और सूजन कम करने में बेहद फायदेमंद हैं. वास्तव में, मिर्च के पत्ते स्वास्थ्यवर्धक एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस हैं, जो शरीर की तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं और कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google मिर्च के पत्ते इम्यूनिटी और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन A, C, E से भरपूर होते हैं, जो शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. मिर्च के पत्ते त्वचा में कसाव लाने, कील-मुंहासे कम करने और सूजन घटाने में मदद करते हैं, साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाते हैं. मिर्च के पत्ते और फल, खासकर लाल मिर्च, अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुणों के कारण दर्द और चोट में राहत देने में बेहद फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद कैप्साइसिन नामक तत्व नसों को शांत कर दर्द को कम करता है, जिससे गठिया, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन में आराम मिलता है. मिर्च के पत्ते पोषण का पावरहाउस हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन C, विटामिन A, आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं. मिर्च के पत्ते रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सूजन कम करने, आंखों की रोशनी सुधारने और पाचन में मदद करने में कारगर हैं. इन्हें सलाद, सूप या सब्जी में पकाकर खाया जा सकता है. मिर्च के पत्ते और फल, खासकर हरी मिर्च, में मौजूद कैप्साइसिन नामक यौगिक त्वचा और नसों को आराम देने में फायदेमंद है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण नसों के दर्द के संकेतों को कम करते हैं और सूजन घटाते हैं. वहीं, पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ बनाए रखते हैं. इसका उपयोग दर्द निवारक मलहम में भी किया जाता है. First Published : April 01, 2026, 12:55 IST

इम्यूनिटी बढ़ानी है? खीरे के पत्तों का ये आसान तरीका कर सकता है कमाल, ऐसे करें इस्तेमाल

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Last Updated:March 30, 2026, 14:37 IST अक्सर लोग खीरे के पत्तों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये पत्ते भी किसी औषधि से कम नहीं हैं. पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर खीरे के पत्ते शरीर को डिटॉक्स करने से लेकर पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने तक कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकते हैं. खीरे के पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. ये शरीर को डिटॉक्स करने के साथ मूत्रवर्धक के रूप में काम करते हैं और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. गले की खराश और पित्त को शांत करने के लिए इनका उपयोग काढ़े या रस के रूप में किया जा सकता है. एक्सपर्ट डॉ विनीता शर्मा ने बताया कि खीरे के पत्ते और फल पाचन और कब्ज में राहत देते हैं क्योंकि इनमें 95-96% पानी और प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है. ये पेट की गर्मी को कम करते हैं, मल को नरम बनाते हैं और पेट फूलना, एसिडिटी व कब्ज से राहत दिलाते हैं. इसे सलाद या जूस के रूप में सेवन किया जा सकता है. खीरे के पत्ते गले के रोगों के लिए उपयोगी होते हैं. इसके लिए पत्तों का काढ़ा (10-20 मिली) बनाकर उसमें आधा ग्राम जीरा चूर्ण मिलाकर सेवन करने से गले के संक्रमण, सूजन और खराश में लाभ मिलता है. ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, सूजन कम करते हैं और एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google खीरे के पत्ते में ट्राइटरपेनोइड्स और कुकुरबिटासिन जैसे महत्वपूर्ण यौगिक होते हैं, जो इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम कर सकते हैं. ये यौगिक सूजन को कम करने और शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं, जिससे पुरानी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है. खीरे के पत्ते और फल दोनों ही प्राकृतिक मूत्रवर्धक होते हैं, जो शरीर से अतिरिक्त पानी और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. ये किडनी को यूरिक एसिड निकालने के लिए उत्तेजित करते हैं, मूत्र में जलन या रुकावट को कम करते हैं और किडनी के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं. खीरे के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण होते हैं, जो त्वचा की सूजन, लालिमा और जलन को कम करने में मदद करते हैं. ये पत्ते कुकुरबिटासिन और फेनोलिक्स से भरपूर होते हैं, जो सूजन पैदा करने वाली कोशिकाओं को रोकते हैं. इन्हें पीसकर पेस्ट बनाकर या अर्क के रूप में त्वचा पर लगाने से शीतलता मिलती है. खीरे के पत्ते और फल पेट की सूजन, एसिडिटी और गैस में राहत के लिए फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें सूजन-रोधी गुण और उच्च पानी की मात्रा होती है. ये शरीर को हाइड्रेट कर पेट की जलन कम करते हैं और पाचन में सुधार करते हैं. इन्हें जूस, सलाद या पानी के साथ सेवन किया जा सकता है. First Published : March 30, 2026, 14:37 IST

सड़क किनारे खड़ा यह पेड़ क्यों है इतना खास? महिलाओं और पाचन के लिए रामबाण, जानिए इसके पत्तों के फायदे

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Last Updated:March 24, 2026, 15:25 IST अशोक का पेड़ सिर्फ धार्मिक और वास्तु महत्व ही नहीं रखता, बल्कि इसके पत्ते आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी उपयोग किए जाते हैं. महिलाओं के स्वास्थ्य से लेकर पाचन, त्वचा और मधुमेह तक कई समस्याओं में इसके फायदे बताए जाते हैं, हालांकि इसके उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो मुख्य रूप से महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याओं, स्त्री रोगों, रक्तस्राव को रोकने, सूजन कम करने और पेट के कीड़ों के इलाज में फायदेमंद हैं. इनके एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण त्वचा संबंधी विकारों, किडनी की पथरी, मधुमेह और तनाव को दूर करने में भी मदद करते हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि अशोक के पेड़ के पत्ते और छाल पेट के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. यह पाचन क्रिया को सुधारने, कब्ज, पेट फूलने और पेट में मरोड़ या दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, इसके पत्ते पेट के कीड़ों को नष्ट करने में भी सहायक होते हैं. अशोक के पेड़ (सरका असोका) के पत्ते एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं. ये त्वचा की समस्याओं जैसे पिंपल्स, मुंहासे, संक्रमण और खुजली को ठीक करने में फायदेमंद हैं. इनके उपयोग से त्वचा में निखार आता है और दाग-धब्बों को कम करने के साथ सूजन को शांत करने में भी सहायक होते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google अशोक के वृक्ष के पत्ते दर्द, सूजन और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण शरीर के दर्द, जोड़ों के दर्द, फोड़े-फुंसी और घावों को ठीक करने में मदद करते हैं. इसका उपयोग काढ़े या लेप के रूप में किया जाता है. अशोक के पत्तों में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं, जो रक्त शर्करा को कम करने में मदद कर सकते हैं. आप अशोक की पत्तियों का काढ़ा या पाउडर का सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ इसका उपयोग मधुमेह प्रबंधन में सहायक हो सकता है. डॉक्टर से परामर्श जरूर लें. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय और वास्तु दोनों दृष्टियों से फायदेमंद माने जाते हैं. ये स्त्री रोगों (अनियमित पीरियड्स, ल्यूकोरिया), पेट की समस्याओं (कब्ज, सूजन), बवासीर, मधुमेह, त्वचा संक्रमण और बुखार के इलाज में उपयोगी हैं. साथ ही, इसके पत्तों का इस्तेमाल घर में नकारात्मकता दूर करने और धन वृद्धि के लिए भी किया जाता है. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय रूप से सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है. बिना चिकित्सक की सलाह के इनका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि गलत उपयोग से यह सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं. First Published : March 24, 2026, 15:25 IST

Marigold Benefits: खुशबू नहीं…. बीमारियों का दुश्मन है ये फूल, स्किन से पेट तक हर समस्या का हल, जानिए फायदे

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Last Updated:March 21, 2026, 13:18 IST गेंदे का फूल सिर्फ पूजा और सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में एक प्रभावी औषधि के रूप में भी जाना जाता है. इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा से लेकर पाचन और आंखों तक के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. सही तरीके से उपयोग करने पर यह प्राकृतिक उपचार का एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है. गेंदे का फूल आयुर्वेद में एक औषधीय खजाना माना जाता है, जो पाचन, त्वचा और सूजन जैसी समस्याओं में लाभकारी होता है. इसमें एंटीसेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. गेंदे की चाय या काढ़ा पेट की तकलीफ, एसिडिटी और बवासीर में राहत देने में मदद करता है. इसका उपयोग मुंहासों को ठीक करने और घाव भरने के लिए भी किया जाता है. एक्सपर्ट डॉक्टर विनीता शर्मा ने बताया की गेंदे का फूल आयुर्वेद में त्वचा के लिए एक चमत्कारी औषधि माना जाता है. यह एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो मुंहासे, त्वचा की जलन, सूजन, दाग-धब्बे और रूखेपन को कम करने में मदद करता है. इसके पेस्ट या तेल के उपयोग से त्वचा में निखार और प्राकृतिक चमक आती है. आयुर्वेद में गेंदे का फूल पाचन सुधार के लिए एक उत्कृष्ट जड़ी-बूटी माना जाता है. इसके कड़वे और कसैले गुण पित्त के उत्पादन को उत्तेजित करते हैं, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. यह कब्ज, एसिडिटी, गैस और पेट की सूजन (अल्सर) में राहत देने में मदद करता है. साथ ही, यह शरीर को डिटॉक्स करने और यकृत के स्वास्थ्य के लिए भी सहायक माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद में गेंदे का फूल सूजनरोधी गुणों के कारण दर्द और सूजन के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि माना जाता है. इसका उपयोग गठिया, मोच, मांसपेशियों के दर्द और चोट की सूजन को कम करने के लिए फूल और पत्तियों के लेप या तेल के रूप में किया जाता है. आयुर्वेद में गेंदे के फूल का उपयोग आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों के स्वास्थ्य के लिए किया जाता है. इसमें ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो नीली रोशनी से रक्षा करते हैं और मोतियाबिंद जैसी उम्र से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं. आयुर्वेद में गेंदे के फूल का उपयोग बवासीर (विशेषकर खूनी बवासीर) और अनियमित मासिक धर्म में लाभकारी माना गया है. इसकी पंखुड़ियों का इस्तेमाल रक्तस्राव रोकने, सूजन कम करने और दर्द से राहत देने के लिए किया जाता है. यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर बवासीर के मस्सों को सूखाने में सहायक माना जाता है. गेंदे के फूल आयुर्वेद में सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन इनका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी होता है. बिना सलाह के सेवन करने पर यह नुकसानदायक हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें. First Published : March 21, 2026, 13:18 IST

पाचन से लेकर जोड़ों तक… हल्दी के पत्तों का असर जानकर आप दंग रह जाएंगे! आप भी जरूर ट्राई करें

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Last Updated:March 20, 2026, 11:36 IST हल्दी के पत्ते सिर्फ मसाले के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी वरदान हैं. ये पाचन, जोड़ों, त्वचा और इम्यूनिटी को मजबूत करने के साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद करते हैं. आइए जानते है इसके फायदे… हल्दी के पत्ते सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. इनमें सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. ये पाचन सुधारने, जोड़ों के दर्द कम करने, त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने और प्रतिरक्षा बढ़ाने में मदद करते हैं. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर को डिटॉक्स करने और गंभीर बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होता है. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, हल्दी के पत्ते पाचन सुधारने के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक उपाय हैं. इनके सूजनरोधी गुण पेट की गैस, एसिडिटी और कब्ज को कम करने में मदद करते हैं. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है और पित्त के उत्पादन को बढ़ाकर भोजन के पाचन को आसान बनाता है. हल्दी के पत्तों और हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक सक्रिय तत्व में शक्तिशाली सूजनरोधी और दर्द निवारक गुण होते हैं. ये जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इनके नियमित सेवन या लेप के उपयोग से प्राकृतिक रूप से राहत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्दी के पत्ते एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और सूजनरोधी गुणों से भरपूर होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती से बढ़ाते हैं. इनमें मौजूद करक्यूमिन और अन्य यौगिक संक्रमण, सर्दी-खांसी और मौसमी बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं और बाहरी संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं. हल्दी के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो मुंहासे कम करने, त्वचा की सूजन और लालिमा को शांत करने और प्राकृतिक चमक बढ़ाने में मदद करते हैं. ये त्वचा को नमी प्रदान कर दाग-धब्बे और झुर्रियां कम करने में भी कारगर हैं. हल्दी के पत्तों में मौजूद सक्रिय घटक करक्यूमिन अपने सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाकर शुगर स्तर को संतुलित करता है और सीरम लिपिड स्तर सुधारकर कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होता है. हल्दी के पत्ते श्वसन संबंधी समस्याओं, जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा और श्वसन नली की सूजन में अत्यंत फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण फेफड़ों की कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करते हैं. First Published : March 20, 2026, 11:36 IST