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तेल अवीव/तेहरान1 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए उकसाया गया। उनका दावा है कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मिलकर साजिश की। अराघची के मुताबिक ग्राहम हाल के हफ्तों में कई बार इजराइल गए और वहां की खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में ईरान से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। अराघची का कहना है कि ग्राहम ने कहा था कि उन्हें इजराइल से ऐसी खुफिया जानकारी मिलती है जो कभी-कभी अमेरिकी सरकार भी शेयर नहीं करती। इसी जानकारी के आधार पर ट्रम्प को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए राजी किया गया। अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राहम ने इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सलाह दी कि वे ट्रम्प को ईरान के खिलाफ सैन्य कदम उठाने के लिए कैसे मना सकते हैं। अराघची ने कहा कि किसी भी देश में ऐसा करना देशद्रोह जैसा माना जाएगा। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 16 फरवरी 2026 को इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। सऊदी पर मिसाइल हमले में भारतीय की मौत सऊदी अरब के अल-खार्ज इलाके में रिहायशी परिसर पर मिसाइल गिरने से एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में 12 अन्य बांग्लादेशी घायल हुए हैं। सऊदी सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक आवासीय परिसर पर मिसाइल गिरने से इससे इमारत को नुकसान पहुंचा और आसपास अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा था कि उसने अल-खार्ज समेत कई स्थानों पर रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। मिसाइल गिरने की घटना इसी इलाके में सामने आई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पहले ही सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुकी है और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… ट्रम्प कुवैत में मारे गए 6 अमेरिकियों सैनिक के शव वापसी समारोह में शामिल हुए। उनके साथ मेलानिया ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे। ईरान के इस्फहान शाहिद बेहेश्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 7 मार्च को धमाके के बाद की फुटेज। दुबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को ईरानी ड्रोन हमले का फुटेज। तेहरान में अमेरिकी-इजराइली हमले में मारी गई 2 साल की जैनब साहेबी का शनिवार को अंतिम संस्कार हुआ। ब्रिटेन में ईरान जंग खत्म करने के लिए शनिवार को मार्च निकाला गया। इस दौरान महिलाओं ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन किया। ब्रिटेन में इंटरनेशनल विमेंस डे मार्च के दौरान कुछ ईरानी महिलाओं ने अमेरिका के समर्थन में रैली निकाली। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 12:16 AM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक व्हाइट हाउस के ‘वॉर मोंटाज’ वीडियो पर अमेरिकी कैथोलिक धर्मगुरु ने की आलोचना अमेरिका के एक वरिष्ठ कैथोलिक धर्मगुरु कार्डिनल ब्लेज़ क्यूपिच ने व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक वीडियो मोंटाज को “भयावह” और “घिनौना” बताया है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर “Justice the American way” कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। लगभग 42 सेकंड के इस वीडियो में हॉलीवुड फिल्मों के दृश्यों को ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के वास्तविक फुटेज के साथ मिलाकर दिखाया गया था। जो पोप लियो XIV के करीबी कार्डिनल क्यूपिच ने अपने बयान में कहा- एक असली युद्ध, जिसमें असली मौत और असली पीड़ा है, उसे वीडियो गेम की तरह पेश करना बेहद घिनौना है। 11:58 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक कतर के प्रधानमंत्री ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने की अपील की कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच सभी पक्षों से तनाव कम करने (डी-एस्केलेशन) की अपील की है। Sky News को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम ईरानियों से बातचीत जारी रखेंगे और तनाव कम करने की कोशिश करते रहेंगे।” शेख मोहम्मद ने कहा कि हालिया घटनाओं ने ईरान के साथ संबंधों में मौजूद भरोसे को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। 11:39 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक श्रीलंका ईरानी नाविकों को मुफ्त वीजा जारी करेगा श्रीलंका ने अपनी समुद्री सीमा के बाहर से निकाले गए ईरानी नाविकों को एक महीने का मुफ्त वीजा देने की योजना बनाई है। ये नाविक उस घटना के बाद बचाए गए थे जिसमें अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में एक अन्य जहाज डूब गया था, जिसमें 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई थी। श्रीलंका के लोक सुरक्षा मंत्री आनंदा विजेपाला ने मीडिया से कहा कि सरकार ईरानी नाविकों को “फ्री वीजा” जारी करेगी। उन्होंने कहा कि “उन्हें इस देश से जाने में कुछ समय लग सकता है।” शनिवार को 204 नाविकों को उनके जहाज IRIS Bushehr से श्रीलंकाई नौसेना के एक बेस पर स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद जहाज को श्रीलंका की हिरासत में ले लिया गया। 10:40 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक बेरूत में IRGC कुद्स फोर्स के 5 कमांडर ढेर: इजरायल इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने बेरूत में सटीक हवाई हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के पांच सीनियर कमांडरों को मार गिराया। IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” के तहत की गई। 10:09 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा नए सुप्रीम लीडर हो सकते हैं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का अगला सुप्रीम लीडर चुने जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह जानकारी एक वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरु अयातोल्ला हुसैनअली एश्केवारी ने दी, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया में शामिल थे। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के 88 सदस्यों में से एक एश्केवारी ने ईरानी मीडिया में जारी एक वीडियो संदेश में कहा- खामेनेई का नाम जारी रहेगा। ईरान में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स वह संस्था है, जो देश
वर्ल्ड अपडेट्स:किम जोंग-उन की साउथ कोरिया को चेतावनी, बोले- खतरा हुआ तो ‘पूरी तरह तबाह’ कर देंगे

नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग-उन ने साउथ कोरिया को कड़ी चेतावनी दी है। किम ने कहा है कि उनके देश की सुरक्षा को खतरा हुआ तो वे साउथ कोरिया को ‘पूरी तरह नष्ट’ कर सकते हैं। प्योंगयांग में सात दिन चली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस के समापन पर किम ने अगले पांच वर्षों के लिए परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को तेज करने का खाका पेश किया। उन्होंने पानी के भीतर से दागे जा सकने वाले इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल, सामरिक परमाणु हथियारों के विस्तार, परमाणु-संचालित पनडुब्बी, एआई-युक्त ड्रोन और उन्नत उपग्रह विकसित करने की बात कही। किम ने साउथ कोरिया को ‘स्थायी दुश्मन’ बताते हुए कहा कि उससे बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। वहीं, उन्होंने कहा कि अमेरिका यदि प्रतिबंध और दबाव की नीति छोड़े तो संवाद संभव है। कांग्रेस के बाद राजधानी में भव्य सैन्य परेड आयोजित की गई, जिसमें किम अपनी बेटी के साथ नजर आए। हालांकि परेड में अमेरिका तक मार करने में सक्षम बड़े ICBM प्रदर्शित नहीं किए गए एक्सपर्ट्स का मानना है कि किम एक ओर अपने परमाणु कार्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ भविष्य की संभावित बातचीत के लिए विकल्प भी खुले रख रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर हमला, दावा- 55 सैनिकों की मौत:19 चौकियों पर कब्जा; PAK ने भी काबुल-कंधार में एयरस्ट्राइक की, कहा- 133 लड़ाके मारे अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर गुरुवार देर रात हमला किया। कुनार प्रांत में तालिबान लड़ाकों के हमले में पाकिस्तानी सेना के 55 सैनिक मारे गए। यह जानकारी टोलो न्यूज ने तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद के हवाले से दी। अफगान सरकार का दावा है कि 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव उनके पास हैं। पाकिस्तानी सेना के एक हेडक्वॉर्टर और 19 चौकियों पर भी कब्जा कर लिया गया है। अफगानिस्तान के डिप्टी स्पोक्सपर्सन हमदुल्ला फितरत ने कहा कि कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा पकड़ लिया गया, जबकि कई हथियार, एक टैंक और एक हार्वेस्टर जब्त किया गया है। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक जवाबी कार्रवाई करते हुए PAK सरकार ने ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ शुरू किया है। पाकिस्तान की वायुसेना ने काबुल, नंगरहार प्रांत समेत कई शहरों में एयरस्ट्राइक की। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के हमले अभी भी जारी हैं। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि अब तक 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हैं। 27 तालिबान चौकियां तबाह कर दी गई हैं और 9 पर कब्जा कर लिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… आरोप- बांग्लादेश सरकार ने डिफाल्टर को सेंट्रल बैंक गवर्नर बनाया:विपक्ष बोला- ये बर्दाश्त नहीं कर सकते, देश में भीड़तंत्र चल रहा बांग्लादेश में सेंट्रल बैंक के नए गवर्नर की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि तारिक रहमान की सरकार ने एक डिफाल्टर को कारोबारी को सेंट्रल बैंक गवर्नर बना दिया है, जो देश में भीड़तंत्र की शुरुआत जैसा है। बांग्लादेश बैंक के नए गवर्नर के रूप में मोस्ताकुर रहमान की नियुक्ति के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया। जमात ए इस्लामी के प्रमुख और विपक्ष के नेता शफीकुर रहमान ने कहा कि यह फैसला पीएम की शह पर लिया गया है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले सरकार ने अहसान हबीब मंसूर का कार्यकाल अचानक खत्म कर दिया था, जिन्हें मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने नियुक्त किया था। मंसूर ने कहा कि उन्होंने न इस्तीफा दिया और न ही उन्हें हटाए जाने की कोई आधिकारिक सूचना मिली। उन्हें यह खबर मीडिया के जरिए पता चली। पूरी खबर यहां पढ़ें… कनाडाई PM आज 4 दिन के दौरे पर भारत पहुंचेंगे: निवेश-ट्रेड डील पर फोकस; कनाडाई अफसर बोले- कनाडा में अपराधों से भारत का लेना-देना नहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज 4 दिन के दौरे पर भारत पर पहुंच रहे हैं। इस दौरे का मकसद भारत और कनाडा के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए साझेदारी को मजबूत करने पर फोकस करना है। प्रधानमंत्री के तौर पर मार्क कार्नी का यह पहला भारत दौरा है। कनाडा में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कार्नी मुंबई में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में निवेश पर चर्चा होगी। कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा के अधिकारी अब भारत पर लगाए गए कुछ गंभीर आरोपों से पीछे हटते नजर आ रहे हैं। पहले कनाडा ने आरोप लगाया था कि भारत उसकी जमीन पर हस्तक्षेप कर रहा है और सीमापार दबाव जैसी गतिविधियों में शामिल है। सीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने कहा कि अगर कनाडा को लगता कि भारत उसकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल दे रहा है, तो प्रधानमंत्री भारत की यात्रा नहीं करते। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ट्रम्प बोले- ईरान के साथ बातचीत में इनडायरेक्टली शामिल रहूंगा:पिछले साल परमाणु ठिकानों पर बमबारी से इन्हें अक्ल आई; आज स्विट्जरलैंड में बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में इनडायरेक्ट रूप से शामिल रहेंगे। उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। यह बयान ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर दूसरे दौर की बातचीत से पहले आया है। अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत आज (17 फरवरी 2026) जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में हो रही है। इससे पहले ओमान में 6 फरवरी को पहली बैठक हुई थी। ट्रम्प ने कहा, ‘मैं उन बातचीत पर नजर रहूंगा।’ उन्होंने संकेत दिया कि ईरान इस बार समझौते को लेकर गंभीर है। डील की संभावना पर ट्रम्प ने कहा कि ईरान इसे लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है, लेकिन पिछले साल अमेरिका की ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी से उसे अक्ल आई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के परिणाम भुगतना चाहेंगे।’ ईरान-अमेरिका के बीच किन मुद्दों पर बातचीत होगी ईरान ने ऑपरेशनल क्षमताओं की जांच के लिए नौसैनिक अभ्यास शुरू किया एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, ईरान ने सोमवार को कुछ ही हफ्तों में दूसरी बार नौसैनिक अभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज, पर्शियन गल्फ और गल्फ ऑफ ओमान में हो रहा है। इसका मकसद खुफिया और ऑपरेशनल क्षमताओं की जांच करना है। समुद्री सुरक्षा कंपनी ईओएस रिस्क ग्रुप ने कहा कि इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों को रेडियो पर चेतावनी दी गई कि स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के उत्तरी मार्ग में मंगलवार को लाइव-फायर ड्रिल हो सकती है। हालांकि ईरानी सरकारी टीवी ने लाइव-फायर अभ्यास का जिक्र नहीं किया। जनवरी के अंत में हुए इसी तरह के अभ्यास के दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कड़ा बयान जारी किया था। उसने कहा था कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय हवाई और समुद्री क्षेत्र में पेशेवर तरीके से काम करने का अधिकार है, लेकिन वह अमेरिकी वॉरशिप या ट्रेड जहाजों को परेशान न करें। ईरान के उप विदेश मंत्री बोले- ट्रम्प प्रतिबंध हटाएं तो डील संभव व्हाइट हाउस का कहना है कि वह ऐसा समझौता चाहता है, जिससे ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। वहीं, रविवार को ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत करने की इच्छा जताई है। उन्होंने BBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाने पर बात करने को तैयार है, तो हम अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई मुद्दों पर समझौता करने के लिए तैयार है। वहीं अमेरिकी अधिकारी बार-बार कहते रहे हैं कि परमाणु वार्ता में प्रगति रुकने की वजह ईरान है, न कि अमेरिका। रवांची बोले- हमने 60% इंरिच्ड यूरेनियम घटाने का प्रस्ताव दिया ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौता एक लंबे समय से चल रही विवादास्पद बातचीत है, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है। जिससे वह परमाणु हथियार न बना सके। मजीद तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान ने 60% तक इंरिच्ड यूरेनियम को कम करने का प्रस्ताव दिया है। ईरान के पास 400 किलो से ज्यादा उच्च स्तर पर इंरिच्ड यूरेनियम का भंडार है। 2015 के परमाणु समझौते के तहत उसने अपना यूरेनियम रूस भेजा था। इस बार क्या वह ऐसा करेगा, इस पर तख्त-रवांची ने कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। रूस ने दोबारा यह सामग्री स्वीकार करने की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान अस्थायी रूप से यूरेनियम इंरिचमेंट रोकने का प्रस्ताव भी दे चुका है। बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद अटका ईरान की एक बड़ी शर्त रही है कि बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दे पर हो। तख्त-रवांची ने कहा कि उनकी समझ है कि अगर समझौता करना है तो फोकस परमाणु मुद्दे पर ही रहेगा। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। जब जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि ईरान हिजबुल्लाह, हूती जैसे प्रॉक्सी ग्रुप्स को समर्थन देना बंद करे। अमेरिका इस मुद्दे को भी शामिल करना चाहता है, लेकिन ईरान मुख्य रूप से सिर्फ परमाणु मुद्दे पर फोकस रखना चाहता है। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। रवांची बोले- हमारे अस्तित्व पर खतरा हुआ तो जवाब देंगे ईरान के उप विदेश मंत्री ने ट्रम्प के बयानों पर चिंता जताई। सार्वजनिक रूप से और निजी तौर पर अमेरिका बातचीत में रुचि दिखा रहा है, लेकिन ट्रम्प ने हाल में सत्ता परिवर्तन की बात की। तख्त-रवांची ने कहा कि निजी संदेशों में ऐसा नहीं है। उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बढ़ोतरी पर चिंता जताई और कहा कि दूसरा युद्ध सबके लिए बुरा होगा। अगर ईरान को अस्तित्व का खतरा लगा, तो ईरान जवाब देगा। ईरान ने क्षेत्रीय देशों से बात की है और सब युद्ध के खिलाफ हैं। ईरान को लगता है कि इजराइल इस वार्ता को तोड़ना चाहता है। समझौते को लेकर तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान जेनेवा में उम्मीद के साथ जाएगा और दोनों पक्षों को ईमानदारी दिखानी होगी। क्षेत्र में तैनात किए जा रहे 40,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों के बारे में पूछे जाने पर, तख्त-रावंची ने जवाब दिया, ‘ऐसी स्थिति में खेल अलग होगा।’ ईरान से तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड वहां भेज रहा है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है। रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अधिकारी के मुताबिक, जेराल्ड









