Suit vs Military Uniform for US & Iran

12 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका के प्रतिनिधि सीजफायर वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। यहां पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने दोनों का अलग-अलग अंदाज में स्वागत किया। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने मीटिंग का नेतृत्व किया। ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त आसिम मुनीर आर्मी ड्रेस में थे। अमेरिकी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त मुनीर ने नॉर्मल सूट पहना हुआ था। इस दौरान ध्यान रखा गया कि इन हाई-लेवल मुलाकातों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बजाय आर्मी चीफ मुनीर सामने आए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं बल्कि पावर और मैसेजिंग का प्रदर्शन था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस को रिसीव करने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और गृहमंत्री मोहसिन नकवी पहुंचे। यूनिफॉर्म के जरिए अलग-अलग संदेश रिटायर्ड मेजर जनरल संजय मेस्टन के मुताबिक यह कदम मैसेज देने के लिए था। उनके मुताबिक, “मुनीर अमेरिका के सामने खुद को डिप्लोमैट और ईरान के सामने सैनिक के रूप में दिखाना चाहते हैं।” डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन ने कहा कि ईरान के साथ हालिया तनाव को देखते हुए कॉम्बैट ड्रेस (मिलिट्री यूनिफॉर्म) पहनना ताकत दिखाने की कोशिश थी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पहले मिसाइल हमले और बॉर्डर टकराव हो चुका है, इसलिए यह कदम कैमरों के लिए भी था। अमेरिका के सामने ‘राजनेता’ की छवि जेडी वेंस से मुलाकात में सूट पहनकर मुनीर ने खुद को राजनेता की तरह पेश करने की कोशिश की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे वह दिखाना चाहते हैं कि वह सिर्फ सैन्य नेता नहीं, बल्कि कूटनीतिक भूमिका भी निभा सकते हैं। इससे पहले भी वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात में सूट पहन चुके हैं। ईरान-पाकिस्तान तनाव का बैकग्राउंड 2024 में ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। उसका दावा था कि वह जैश अल-अदल नाम के आतंकी संगठन को निशाना बना रहा है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान इलाके में सैन्य कार्रवाई की थी। बाद में चीन के हस्तक्षेप के बाद तनाव कम हुआ, लेकिन रिश्तों में खटास बनी रही। पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर शुक्रवार रात ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे। सत्ता के केंद्र में खुद को दिखाने की कोशिश एक अहम बात यह रही कि इन मुलाकातों में आर्मी चीफ का मौजूद रहना प्रोटोकॉल के हिसाब से असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे मौके पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री आगे रहते हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल संजय सोई ने कहा कि पाकिस्तान में असल सत्ता सेना के पास है और मुनीर इसे खुलकर दिखा रहे हैं। उनके मुताबिक, “वह हर अंतरराष्ट्रीय बातचीत में दिखना चाहते हैं और यह जताना चाहते हैं कि फैसले वही लेते हैं।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान और अमेरिका के साथ इन बैठकों के जरिए आसिम मुनीर ने कूटनीतिक संतुलन दिखाया और यह स्पष्ट किया कि फिलहाल पाकिस्तान में असली शक्ति उनके पास ही है। ————————— ईरान जंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ईरान पर हमले के लिए कैसे माने थे ट्रम्प:नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस आकर प्लान बताया; उपराष्ट्रपति वेंस खिलाफ थे, फिर भी जंग में कूदे तारीख: 11 फरवरी जगह: व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन डीसी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुबह ही व्हाइट हाउस पहुंच चुके थे। वह कई महीनों से अमेरिका पर दबाव डाल रहे थे कि ईरान पर बड़ा हमला किया जाए। हालांकि इस बार की मुलाकात बेहद सीक्रेट थी। उन्हें बिना किसी औपचारिक स्वागत के सीधे अंदर ले जाया गया ताकि मीडिया को कुछ पता न चले। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Suit vs Military Uniform for US & Iran

53 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका के प्रतिनिधि सीजफायर वार्ता के लिए शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। यहां पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने दोनों का अलग-अलग अंदाज में स्वागत किया। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने मीटिंग का नेतृत्व किया। ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त आसिम मुनीर आर्मी ड्रेस में थे। अमेरिकी डेलिगेशन को रिसीव करते वक्त मुनीर ने नॉर्मल सूट पहना हुआ था। इस दौरान ध्यान रखा गया कि इन हाई-लेवल मुलाकातों में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बजाय आर्मी चीफ मुनीर सामने आए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं बल्कि पावर और मैसेजिंग का प्रदर्शन था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस को रिसीव करने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और गृहमंत्री मोहसिन नकवी पहुंचे। यूनिफॉर्म के जरिए अलग-अलग संदेश रिटायर्ड मेजर जनरल संजय मेस्टन के मुताबिक यह कदम मैसेज देने के लिए था। उनके मुताबिक, “मुनीर अमेरिका के सामने खुद को डिप्लोमैट और ईरान के सामने सैनिक के रूप में दिखाना चाहते हैं।” डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन ने कहा कि ईरान के साथ हालिया तनाव को देखते हुए कॉम्बैट ड्रेस (मिलिट्री यूनिफॉर्म) पहनना ताकत दिखाने की कोशिश थी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पहले मिसाइल हमले और बॉर्डर टकराव हो चुका है, इसलिए यह कदम कैमरों के लिए भी था। अमेरिका के सामने ‘राजनेता’ की छवि जेडी वेंस से मुलाकात में सूट पहनकर मुनीर ने खुद को राजनेता की तरह पेश करने की कोशिश की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे वह दिखाना चाहते हैं कि वह सिर्फ सैन्य नेता नहीं, बल्कि कूटनीतिक भूमिका भी निभा सकते हैं। इससे पहले भी वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात में सूट पहन चुके हैं। ईरान-पाकिस्तान तनाव का बैकग्राउंड 2024 में ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। उसका दावा था कि वह जैश अल-अदल नाम के आतंकी संगठन को निशाना बना रहा है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान इलाके में सैन्य कार्रवाई की थी। बाद में चीन के हस्तक्षेप के बाद तनाव कम हुआ, लेकिन रिश्तों में खटास बनी रही। पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर शुक्रवार रात ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे। सत्ता के केंद्र में खुद को दिखाने की कोशिश एक अहम बात यह रही कि इन मुलाकातों में आर्मी चीफ का मौजूद रहना प्रोटोकॉल के हिसाब से असामान्य माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे मौके पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री आगे रहते हैं। रिटायर्ड मेजर जनरल संजय सोई ने कहा कि पाकिस्तान में असल सत्ता सेना के पास है और मुनीर इसे खुलकर दिखा रहे हैं। उनके मुताबिक, “वह हर अंतरराष्ट्रीय बातचीत में दिखना चाहते हैं और यह जताना चाहते हैं कि फैसले वही लेते हैं।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान और अमेरिका के साथ इन बैठकों के जरिए आसिम मुनीर ने कूटनीतिक संतुलन दिखाया और यह स्पष्ट किया कि फिलहाल पाकिस्तान में असली शक्ति उनके पास ही है। ————————— ईरान जंग से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ईरान पर हमले के लिए कैसे माने थे ट्रम्प:नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस आकर प्लान बताया; उपराष्ट्रपति वेंस खिलाफ थे, फिर भी जंग में कूदे तारीख: 11 फरवरी जगह: व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन डीसी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुबह ही व्हाइट हाउस पहुंच चुके थे। वह कई महीनों से अमेरिका पर दबाव डाल रहे थे कि ईरान पर बड़ा हमला किया जाए। हालांकि इस बार की मुलाकात बेहद सीक्रेट थी। उन्हें बिना किसी औपचारिक स्वागत के सीधे अंदर ले जाया गया ताकि मीडिया को कुछ पता न चले। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Kamala Harris 2028 Election, Trump Pakistan China

29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर संकेत दिया है कि वह दोबारा चुनाव लड़ सकती हैं। न्यूयॉर्क में नेशनल एक्शन नेटवर्क की बैठक के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फिर चुनाव लड़ेंगी, तो उन्होंने कहा, “हो सकता है, मैं इस बारे में सोच रही हूं।” उनके इस जवाब पर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। हैरिस ने यह भी कहा कि वह 2028 में अपना फैसला इस आधार पर लेंगी कि अमेरिकी जनता के लिए कौन सबसे बेहतर काम कर सकता है। कमला हैरिस, जो जो बाइडेन के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति रही थीं, 2024 का राष्ट्रपति चुनाव हार गई थीं। उस चुनाव में उन्हें डोनाल्ड ट्रम्प ने हराया था। हैरिस इससे पहले कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल और अमेरिकी सीनेटर भी रह चुकी हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
2840 सिख श्रद्धालुओं का जत्था बैसाखी मनाने पाकिस्तान रवाना:ऐतिहासिक गुरुधामों के करेंगे दर्शन, 10 दिन का मिला है वीजा

बैसाखी मनाने के लिए देश से लगभग 2840 सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। ये श्रद्धालु बैसाखी मनाने के साथ पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन करेंगे। उन्हें 10 दिनों का वीजा दिया गया है। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से 1763 श्रद्धालुओं का एक जत्था भेजा गया। “बोले सो निहाल… सत श्री अकाल” के जयकारों के बीच जत्थे को रवाना किया गया। इस जत्थे की अगुवाई एसजीपीसी सदस्य सुरजीत सिंह तुगलवाल कर रहे हैं। 32 श्रद्धालुओं के आवेदन हुए रद्द एसजीपीसी ने 1795 वीजा के लिए आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 को वीजा जारी किया गया, जबकि 32 श्रद्धालुओं के आवेदन रद्द कर दिए गए। यह जत्था धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद 19 अप्रैल को भारत लौटेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी यात्रा 10 दिनों की होगी। खालसा सृजना दिवस (बैसाखी) पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए विभिन्न कमेटियों के श्रद्धालु गए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से 409, हरियाणा कमेटी से 255 और एसजीपीसी से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला है, जिससे कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान जा रहे हैं। करतारपुर साहिब का मार्ग खोलने की मांग श्रद्धालुओं ने सरकारों से अपील की है कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा जारी किए जाएं और करतारपुर साहिब का मार्ग खोला जाए।उन्होंने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को खत्म करने की भी मांग की। जिन श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिला, उनमें निराशा भी देखी गई। 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाया जाएगा और इसी संबंध में यह जत्था पाकिस्तान भेजा गया है। उन्होंने पुष्टि की कि 1795 पासपोर्ट भेजे गए थे, जिनमें से 32 रद्द हुए और 1763 श्रद्धालु यात्रा पर जा रहे हैं।
US-Iran 2-Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000-Point Surge

Hindi News Business US Iran 2 Week Ceasefire: Pakistan Stock Market Records Historic 14,000 Point Surge | KSE 100 Jumps 9.34% नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तानी शेयर मार्केट में 2 मार्च को 16,000 अंक यानी करीब 9.57% की गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज (8 अप्रैल, बुधवार) पाकिस्तान के शेयर बाजार में 14,000 अंकों की रिकॉर्ड तेजी आई। कराची स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स कराची 100 (KSE) 14,162.58 अंक यानी 9.34% बढ़कर 165,836.05 पर बंद हुआ। यह KSE-100 इंडेक्स के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले कराची स्टॉक एक्सचेंज में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई थी। इस तेजी के बाद नियमों के तहत ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। सीजफायर से पाकिस्तान के बाजार में तेजी अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग पर 2 हफ्ते के लिए ब्रेक लग गया है। दोनों देशों ने पाकिस्तान-चीन की मध्यस्थता के बाद इस सीजफायर पर सहमति जताई है। समझौते के तहत अमेरिका, इजराइल और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे, साथ ही ईरानी सेना की मदद से होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को तबाह करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से रास्ता नहीं मिला तो वह ईरान की पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान-चीन की मध्यस्थता से सीजफायर पर सहमति बनी। 2 मार्च को इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट आई थी पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में पिछले कुछ हफ्तों से अस्थिरता थी। KSE-100 इंडेक्स 7 अप्रैल को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। हालांकि, 2 मार्च को इसमें 16,089 अंकों यानी 9.57% की गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। यह गिरावट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण आई थी। अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में होगी आगे की बातचीत रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह युद्धविराम बातचीत का रास्ता खोलने के लिए किया गया है। संभावित बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि युद्धविराम तुरंत लागू होगा और बातचीत का उद्देश्य अंतिम समझौते तक पहुंचना है। क्रूड ऑयल 15% सस्ता, 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आया सीजफायर के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल 15% सस्ता हुआ है। बुधवार को दाम 15 डॉलर गिरकर 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। यह 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन पहले क्रूड ऑयल 109.27 डॉलर प्रति बैरल था। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। क्रूड ऑयल सस्ता होने से पाकिस्तान में घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल सस्ता होने से पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं। 3 अप्रैल को पेट्रोल 137 पाकिस्तानी रुपया और डीजल 184 रुपया महंगा किया गया था। विरोध के बाद सरकार ने पेट्रोल 80 रुपया सस्ता किया था। अभी पेट्रोल 378 रुपया प्रति लीटर और डीजल 520.35 रुपया प्रति लीटर मिल रहा है। पिछले हफ्ते पाकिस्तान में पेट्रोल ₹458 के पार पहुंच गया था पिछले हफ्ते पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे महंगा हो गया था। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 पाकिस्तानी रुपया के पार पहुंच गया। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 55% का इजाफा किया था। यह फैसला युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद लिया गया था। पाकिस्तान का 1 रुपया भारत के 33 पैसे के बराबर होता है। यानी भारत के 100 रुपए की वैल्यू पाकिस्तान में करीब 300 रुपया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और डीजल के दाम में 55% का इजाफा किया था। भारत का सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद सीजफायर के ऐलान से आज भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी आई। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। एशियाई बाजार में भी तेजी रही साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6.87% चढ़कर 5,872 पर बंद हुआ।जापान का निक्केई 5.39% चढ़कर 56,308 पर बंद हुआ।हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 3.09% चढ़कर 25,893 पर बंद हुआ।चीन का शंघाई कंपोजिट 2.69% बढ़कर 3,995 पर पहुंच गया है। अमेरिकी बाजार में 7 अप्रैल को मिला जुला कारोबार डाउ जोन्स 85 अंक (0.18%) गिरकर 46,548 के स्तर पर बंद हुआ।टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 0.098% चढ़कर 22,017 पर बंद हुआ।S&P 500 इंडेक्स 5 अंक (0.076%) बढ़कर 6,616 पर बंद हुआ। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 2946 अंक चढ़कर 77,563 पर बंद: निफ्टी 874 अंक बढ़ा; ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद आज यानी बुधवार 8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी रही। सेंसेक्स 2946 अंक (3.95%) चढ़कर 77,563 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 874 अंक (3.78%) ऊपर है, ये 23,997 पर बंद हुआ। आज ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में ज्यादा खरीदारी रही। निफ्टी का ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स 5% ऊपर बंद हुए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Pakistan China

9 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान संकट के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का X पोस्ट विवादों में आ गया है। पोस्ट की एडिट हिस्ट्री में “ड्राफ्ट- पाकिस्तानी PM का मैसेज” दिखने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। शहबाज शरीफ ने अपने पोस्ट में ट्रम्प से ईरान को लेकर तय समयसीमा दो हफ्ते बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे कूटनीति को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही ईरान से होर्मुज खोलने की भी अपील की। पोस्ट के वायरल स्क्रीनशॉट में एक पुराना वर्जन दिखा, जिसमें ड्राफ्ट लिखा था। यही लाइन विवाद का कारण बनी और सवाल उठे कि क्या यह मैसेज पहले से तैयार ड्राफ्ट था। कुछ यूजर्स ने इसे व्हाइट हाउस से जुड़े निर्देश जैसा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ट्रम्प पाकिस्तान की नीति को कंट्रोल कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। शरीफ ने अपने मैसेज में कहा था कि कूटनीतिक प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। युद्धविराम से स्थायी समाधान निकल सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Pakistan China

1 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान संकट के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का X पोस्ट विवादों में आ गया है। पोस्ट की एडिट हिस्ट्री में “ड्राफ्ट- पाकिस्तानी PM का मैसेज” दिखने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। शहबाज शरीफ ने अपने पोस्ट में ट्रम्प से ईरान को लेकर तय समयसीमा दो हफ्ते बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे कूटनीति को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही ईरान से होर्मुज खोलने की भी अपील की। पोस्ट के वायरल स्क्रीनशॉट में एक पुराना वर्जन दिखा, जिसमें ड्राफ्ट लिखा था। यही लाइन विवाद का कारण बनी और सवाल उठे कि क्या यह मैसेज पहले से तैयार ड्राफ्ट था। कुछ यूजर्स ने इसे व्हाइट हाउस से जुड़े निर्देश जैसा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ट्रम्प पाकिस्तान की नीति को कंट्रोल कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। शरीफ ने अपने मैसेज में कहा था कि कूटनीतिक प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। युद्धविराम से स्थायी समाधान निकल सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘उनके घरों में घुसकर मारेंगे’: कोलकाता पर हमले की पाकिस्तान की धमकी पर टीएमसी का जवाब | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 07:30 IST अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, एचएम अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आलोचना की। अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी ने कोलकाता की धमकी पर केंद्र की आलोचना की। फ़ाइल चित्र/पीटीआई राज्य चुनावों के लिए प्रचार के बीच, अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता में पाकिस्तान की हालिया धमकी पर केंद्र की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कड़ी टिप्पणी करके राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। सिलीगुड़ी में एक रैली में बोलते हुए, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव ने कहा कि एक बार ममता बनर्जी और भारत गठबंधन केंद्र में सत्ता में आ जाएगा, “हम उनके घरों में प्रवेश करेंगे और उन्हें मार डालेंगे।” उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की टिप्पणियों का जिक्र किया, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में शत्रुता की स्थिति में कोलकाता को निशाना बनाया जा सकता है। टीएमसी ने केंद्र की चुप्पी की निंदा की अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आलोचना की. उन्होंने कहा, “दो दिन पहले पाकिस्तान के मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कोलकाता पर हमले की धमकी दी थी। पीएम मोदी चुप हैं, एचएम अमित शाह चुप हैं और रक्षा मंत्री भी चुप हैं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कागज के एक टुकड़े पर आसिफ का नाम लिखा था और कहा था, “जिस दिन केंद्र में ममता बनर्जी और भारत के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आएगी, हम उसके घर जाएंगे और उसे सबक सिखाएंगे। घर में घुस के मारेंगे।” बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर खतरे को नजरअंदाज करते हुए कूचबिहार में चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी बाहरी दुश्मनों के बजाय राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सेना और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं और नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या यह आपकी 56 इंच की छाती है?” एक अन्य चुनाव प्रचार में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कोलकाता को खुलेआम धमकी दी थी लेकिन प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने सवाल किया कि क्या पश्चिम बंगाल में लोगों का जीवन केंद्र के लिए मायने रखता है और पूछा कि क्या राज्य केवल चुनावों के दौरान ही प्रासंगिक है। “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने खुले तौर पर कोलकाता पर हमला करने की धमकी दी है। और क्या दिया है।” @नरेंद्रमोदी ने कहा? कुछ नहीं। कल कूच बिहार में प्रधानमंत्री ने एक रैली को संबोधित किया लेकिन एक प्रमुख भारतीय शहर और उसके लोगों के लिए इस गंभीर खतरे के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। क्या उनके और उनके गृह मंत्री के लिए बंगालियों का जीवन इतना कम मायने रखता है? क्या हम भारतीय संघ के एक राज्य के रूप में नहीं गिने जाते? क्या हमारे लोगों की जान कोई मायने नहीं रखती? या क्या बंगाल केवल चुनाव के दौरान वोट बटोरने के लिए उपयोगी है और जब बाहरी आक्रमण का खतरा होता है तो उसे पूरी तरह से छोड़ दिया जाता है?”, ममता बनर्जी ने कहा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने खुलेआम कोलकाता पर हमले की धमकी दी है. और क्या है @नरेंद्र मोदी कहा? कुछ नहीं। कल कूच बिहार में प्रधानमंत्री ने एक रैली को संबोधित किया लेकिन एक प्रमुख भारतीय शहर और उसके लोगों के लिए इस गंभीर खतरे के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। क्या यह… pic.twitter.com/WygaUKX5LF – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 6 अप्रैल 2026 पाकिस्तान के मंत्री ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा? ख्वाजा आसिफ ने पहले भारत को किसी भी “दुस्साहस” पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी थी। सियालकोट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर उकसाया गया तो पाकिस्तान कोलकाता को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत “झूठा झंडा” ऑपरेशन का प्रयास कर सकता है, जिसमें संभवतः भारतीय हिरासत में स्थानीय कार्यकर्ता या पाकिस्तानी शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। गुरुवार को आसिफ ने कहा था कि किसी भी हमले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया “तेज, संतुलित और निर्णायक” होगी। यह आदान-प्रदान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी के बाद आया है कि पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस पर “अभूतपूर्व और निर्णायक” प्रतिक्रिया होगी। दोनों देशों के बीच तनाव पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद से है, जिसके बाद चार दिनों तक ऑपरेशन सिन्दूर चला। पहले प्रकाशित: 07 अप्रैल, 2026, 07:28 IST न्यूज़ इंडिया ‘उनके घरों में घुसकर मारेंगे’: कोलकाता पर हमले की पाकिस्तान की धमकी पर टीएमसी का जवाब अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)अभिषेक बेनर्जी(टी)ममता बनर्जी(टी)पीएम मोदी(टी)नरेंद्र मोदी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)अभिषेक बनर्जी पाकिस्तान धमकी टिप्पणी(टी)अभिषेक बनर्जी विवाद(टी)ममता बनर्जी आलोचना(टी)कोलकाता को पाकिस्तान की धमकी(टी)ख्वाजा आसिफ चेतावनी(टी)मोदी सरकार की प्रतिक्रिया(टी)भारत पाकिस्तान तनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पाकिस्तान
World News Updates; Trump Pakistan China

12 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगला संघर्ष सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला करना) का आरोप लगाया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। आसिफ ने कहा कि अगर भारत कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान जवाबी हमला भारतीय क्षेत्र के अंदर तक करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार संघर्ष 200-250 किमी तक सीमित नहीं रहेगा, हम उनके घरों तक जाएंगे। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बसित ने भी भारत के शहरों को निशाना बनाने की बात कही थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई का नाम लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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30 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगला संघर्ष सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला करना) का आरोप लगाया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। आसिफ ने कहा कि अगर भारत कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान जवाबी हमला भारतीय क्षेत्र के अंदर तक करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार संघर्ष 200-250 किमी तक सीमित नहीं रहेगा, हम उनके घरों तक जाएंगे। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बसित ने भी भारत के शहरों को निशाना बनाने की बात कही थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई का नाम लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









