MP BJP Leaders Ignore PM Modis Appeal for Fuel Conservation

10 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए डीजल-पेट्रोल का संयमित उपयोग करने, मेट्रो और दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने, कार पूलिंग जैसी अपील की थी। पीएम मोदी की अपील पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने का . इसके बावजूद दर्जा प्राप्त मंत्री और दूसरे बीजेपी के जिम्मेदार नेता वाहनों की रैलियां निकाल रहे हैं। पीएम की अपील के बाद भी करीब 8 जगहों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें नेता वाहनों का काफिला साथ लेकर चल रहे हैं। भोपाल से दिल्ली तक हंगामा मचा तो भिंड जिला किसान मोर्चा को जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके अधिकार छीन लिए गए। दैनिक भास्कर दिखा रहा है ऐसे 8 मामले जो पीएम मोदी की अपील के बाद सामने आए हैं। इन पर हुई कार्रवाई 1. सज्जन सिंह यादव: बग्घी पर सवार होकर पहुंचे थे किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष 24 अप्रैल को बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने सज्जन सिंह यादव को भिंड किसान मोर्चा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया था। सज्जन सिंह यादव बुधवार को भिंड में वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे। करीब सौ वाहनों के काफिले में सज्जन सिंह यादव यादव बग्घी पर सवार नजर आए। मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा तो उन्हें पद से हटा दिया गया। भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव बग्घी पर सवार होकर स्वागत रैली में शामिल हुए। उनके काफिले में कारों की कतार लगी थी। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले: अवहेलना हुई इसलिए नियुक्ति रद्द किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि ग्वालियर से भिंड तक हमारे किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष वाहनों का काफिला लेकर भिंड कार्यालय तक पहुंचे थे। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब देशवासियों से अपील की है कि ईंधन की बचत की जाए। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष से गलती हुई है इसलिए हमारे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार उनकी नियुक्ति निरस्त की गई है। अनुशासन सर्वोपरि है। हमारी पार्टी के अनुशासन से दूसरे दल सीख लेते हैं। 2. सौभाग्य सिंह: 700 वाहनों का काफिला निकाला, अधिकार छीने पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर करीब 700 वाहनों का काफिला लेकर भोपाल पहुंचे थे। 11 मई को मप्र पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर करीब 700 गाड़ियों का काफिला लेकर उज्जैन से भोपाल पहुंचे। इस दौरान काफिले की वजह से उज्जैन भोपाल के बीच घंटों जाम लगा रहा और गाड़ियां रेंगती नजर आईं। मीडिया में खबरें आने के बाद सौभाग्य सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय से गुरुवार शाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसमें उनके कुछ अधिकार कम कर दिए गए। सौभाग्य से सिर्फ लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है। अब देखिए जिन पर कोई बड़ा एक्शन नहीं 1. प्रीतम लोधी: 200 गाड़ियों से मंदिर पहुंचे दो सौ गाड़ियों का काफिला लेकर करैरा जाते पिछोर विधायक प्रीतम लोधी। शिवपुरी जिले की पिछोर सीट से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी मंगलवार 12 मई को करैरा के बगीचा सरकार पहुंचे। प्रीतम दो सौ गाड़ियों के काफिले के साथ करैरा के बगीचा सरकार में चल रहे विवाद को लेकर संत समाज से मुलाकात की। पीएम मोदी की अपील के बावजूद दौ सौ गाड़ियों का काफिला लेकर चलने वाले विधायक पर पार्टी ने कोई एक्शन नहीं लिया। 2. टिकेंद्र प्रताप सिंह: किसान मोर्चा अध्यक्ष के साथ 250 वाहनों का काफिला देवास किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के स्वागत के दौरान मंच टूट गया। मंगलवार को देवास भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष टिकेंद्र प्रताप सिंह रैली निकालकर देवास भाजपा कार्यालय पहुंचे। काफिले में 60 से 70 कारें शामिल थीं। जिले के विभिन्न गांवों से काफिला गुजरा और देवास पहुंचा। कार्यालय में जिलाध्यक्ष से लेकर जिला प्रभारी और विधायक तक शामिल हुए। किसी ने भी पीएम की अपील पर ध्यान नहीं दिया। टिकेन्द्र प्रताप सिंह ने खुद स्वीकारा कि उनके काफिले में करीब 250 गाडियां थीं, लेकिन ज्यादातर वाहन हाटपिपल्या से वापस लौट गए। टिकेन्द्र से कोई सवाल-जवाब नहीं हुए। 3. पवन पाटीदार: 24 गाड़ियों के काफिले से चले ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष थार में सवार होकर ग्वालियर में बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार की स्वागत रैली निकाली गई। बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार चंबल के दौरे पर पहुंचे तो ग्वालियर से ही वे दो दर्जन वाहनों के काफिले से चंबल क्षेत्र के दौरे पर निकले। पीएम मोदी की नसीहत का ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पर असर नजर नहीं आया। पाटीदार थार में सवार होकर ग्वालियर नगर में वाहनों के काफिले के साथ स्वागत कराते दिखे। 4. वीरेंद्र गोयल: सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष ने निकाली रैली सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के काफिले में शामिल कारें और वाहन। गुरुवार को सिंगरौली पहुंचे सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेन्द्र गोयल खुद तो ई-रिक्शे में बैठे मगर उनके पीछे 30 से ज्यादा गाड़ियां चलती दिखीं। एमपी कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर लिखा- प्रधानमंत्री दो गाड़ी में और प्राधिकरण अध्यक्ष काफिले में। झांकीबाजी की आदत भाजपाइयों से छूट नहीं रही। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आव्हान को धत्ता बताकर सिंगरोली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने जमकर झांकीबाजी और प्रदर्शन किया। देश का क्या है, चिंता फिर कर लेंगे, पहले नेताजी अपनी झांकीबाजी तो करें। 5. रेखा यादव: लग्जरी गाड़ियों का काफिला निकला छतरपुर में महिला आयोग अध्यक्ष रेखा यादव ने सैकड़ों गाड़ियों का काफिला निकाला। भाजपा कार्यालय के सामने सड़क पर लंबी कतार लगने से ट्रैफिक जाम हो गया। ट्रैफिक जाम से राहगीर परेशान होते रहे। लग्जरी गाड़ियां काफी देर तक सड़क से नहीं हटीं। राहगीरों में नाराजगी दिखी। 6. सत्येंद्र भूषण सिंह: खुद ई-रिक्शा में पीछे चलता रहा काफिला मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे। हालांकि, उनके समर्थकों का कार और बाइक काफिला साथ-साथ चलता नजर आया। समर्थकों की लंबी लाइन थी। 7. राकेश सिंह जादौन: ई-रिक्शा से आए, बाकी की जानकारी उन्हें नहीं मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे केवल तीन
किसान मोर्चा के नए अध्यक्ष ने वाहन रैली निकाली…नियुक्ति रद्द:18 दिन में ही गया भाजपा नेता का पद; पेट्रोल बचाओ अपील के बाद देश में पहली कार्रवाई

भिंड के भाजपा नेता सज्जन सिंह यादव को 100 से अधिक लग्जरी वाहनों के साथ शहर में प्रवेश करना भारी पड़ गया। नियुक्ति के 18 दिन में ही भाजपा ने उन्हें भिंड जिला भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। वे अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बुधवार शाम को शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान शहर का ट्रैफिक बाधित हुआ तो हॉर्न बजाते और नारेबाजी के कारण शोर भी हुआ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में देश में यह पहली कार्रवाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन में दो बार ईंधन बचाने की अपील कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने अपने काफिले से वाहन कम कर दिए। देश के गृह मंत्री अमित शाह, अन्य विभागों के मंत्रियों, मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्रियों ने भी काफिले से वाहन कम कर दिए। इसके बाद भी सज्जन सिंह यादव अध्यक्ष बनने के बाद शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। पार्टी ने किया था जवाब तलब मामला सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने सज्जन सिंह यादव से चर्चा की। उनसे जवाब तलब किया तो सज्जन सिंह यादव ने पार्टी नेतृत्व को सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी कार्यकर्ता या समर्थक को वाहन लेकर आने के लिए नहीं कहा था। लोग स्वेच्छा से काफिले में शामिल हुए थे और यह पार्टी के प्रति उनका उत्साह व प्रेम था। नियुक्ति रद्द होने के बाद अब कॉल रिसीव नहीं कर रहे दैनिक भास्कर ने जब इस संबंध में सज्जन सिंह यादव से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया ने कहा कि मामले में सज्जन सिंह यादव से चर्चा की। उनका कहना था कि उन्होंने किसी को काफिले के लिए आमंत्रित नहीं किया था। लोग स्वयं शामिल हुए थे। अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की जाएगी जयपाल सिंह चावड़ा ने बताया कि मंगलवार के बाद जहां-जहां से ऐसे मामले सामने आए हैं, वहां की जानकारी लेकर जिम्मेदारों से चर्चा की जा रही है। अभी भिंड का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में भिंड के जिला अध्यक्ष को दायित्व मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां भी इस तरह की अनुशासनहीनता सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त निर्णय लिए जाएंगे। इन्होंने भी की अनुशासनहीनता ………………… यह खबर भी पढ़ें सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष ई-रिक्शा से बैढ़न पहुंचे: पीछे दौड़ा 200 वाहनों का काफिला सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल गुरुवार को मोरवा स्थित अपने आवास से ई-रिक्शा में सवार होकर बैढ़न जिला मुख्यालय पहुंचे। उनकी इस यात्रा के पीछे 200 से अधिक वाहनों का लंबा काफिला भी चला। पढ़ें पूरी खबर
हिमाचल के गर्वनर ने अपना काफिला किया आधा:हेलीकॉप्टर इस्तेमाल नहीं करने की भी घोषणा; PM मोदी की अपील पर लिया फैसला

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं करने और अपना काफिला आधा करने की घोषणा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की अपील पर यह कदम उठाया है। राज्यपाल के बाद अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर टिकी है। उन्होंने अब तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की। वहीं पश्चिम एशिया में जारी संकट और बढ़ती वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच राज्यपाल ने हिमाचल को ईंधन बचत की दिशा में मॉडल राज्य बनाने का संकल्प जताया। राज्यपाल ने घोषणा की कि अब लोक भवन को ‘फ्यूल कंजर्वेशन जोन’ के रूप में संचालित किया जाएगा। इसके तहत हर रविवार को “पेट्रोल-फ्री संडे” मनाया जाएगा। रविवार को किसी भी सरकारी वाहन में एक लीटर भी आयातित ईंधन का उपयोग नहीं होगा। रविवार के सभी सरकारी कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या संयुक्त यात्रा व्यवस्था के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। गैर-जरूरी बैठक अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी राज्यपाल ने अपने आधिकारिक काफिले (कन्वॉय) का आकार तत्काल प्रभाव से आधा करने के निर्देश दिए। साथ ही गैर-जरूरी बैठकों को अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किया जाएगा, ताकि अनावश्यक सड़क यात्रा और ईंधन खर्च को कम किया जा सके। सरकारी कार्यक्रमों और आयोजनों को भी समेकित (कंसोलिडेट) किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही कम हो। सरकारी कार्यक्रम के लिए हेलीकॉप्टर नहीं लेंगे राज्यपाल ने यह भी घोषणा की कि पश्चिम एशिया संकट खत्म होने और वैश्विक ईंधन कीमतों में स्थिरता आने तक वह किसी भी सरकारी कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब देश को ईंधन की हर बूंद बचाने का आह्वान किया जा रहा है, तब ईंधन की सबसे अधिक खपत वाले साधन का इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा। कुलपतियों से भी ईंधन बचाने की अपील प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (चांसलर) होने के नाते राज्यपाल ने कुलपतियों से भी कैंपस में ईंधन और ऊर्जा संरक्षण को संस्थागत रूप से लागू करने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए कारपूलिंग, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश देने को कहा। राज्यपाल ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे कॉलेज, हॉस्टल और अपने समुदायों में ईंधन संरक्षण अभियान के “ब्रांड एंबेसडर” बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल संरक्षण पढ़ाना ही नहीं, बल्कि उसे अपनी संस्कृति का हिस्सा भी बनाना चाहिए। साइकिल का उपयोग करें: राज्यपाल राज्यपाल ने कहा कि यह केवल ईंधन बचाने का कदम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं सहित सभी नागरिकों से कारपूलिंग अपनाने, छोटी दूरी के लिए पैदल चलने, सार्वजनिक परिवहन और साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का स्टॉक है। सप्लाई के मामले में कोई दिक्कत नहीं है। हरदीप पुरी ने दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पीएम की बचत की अपील का भी जिक्र किया। पुरी ने कहा कि पीएम ने दो दिन पहले जो बातें कहीं हैं। उसको लेकर अफरा-तफरी मचाना बेकार है। पीएम की बातों को ध्यान से सुनें। उसका मनगढ़ंत मतलब न निकालें। दरअसल पीएम मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। हरदीप पुरी बोले- तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हरदीप पुरी ने समिट में कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावटों को बोझ आम जनता पर पड़ने नहीं दिया है। तेल कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, तो भरपाई न हो पाने वाला घाटा 1,98,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने वाला है। अगर आप तिमाही के आंकड़ों को देखें तो कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपए का है। ऐसे में, आप इसे कब तक इसी तरह बनाए रख सकते हैं? तेल की कीमतें कहां पहुंच गई हैं? पहले यह लगभग $64 या $65 के आसपास हुआ करती थीं। अब यह बढ़कर $115 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। पुरी बोले- LPG उत्पादन 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन किया हरदीप पुरी ने कहा- दुनिया की कुल ऊर्जा का 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता था। हमारे कच्चे तेल के आयात का 85 प्रतिशत हिस्सा वहीं से आता था। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि हमारी LPG यानी वह सिलेंडर वाली गैस जिसे आप अपनी रसोई में इस्तेमाल करते हैं। उसका लगभग 60% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता था। अब जब वह रास्ता बंद हुआ तो हमें इसके लिए इंतजाम करने थे। मैं इस बात से हैरान हूं कि हम क्या-कुछ कर पाए। इस संकट से पहले, हमारा घरेलू LPG उत्पादन रोजाना 35,000 या 36,000 मीट्रिक टन था। हमने अपने घरेलू उत्पादन को 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया। यह अपने आप में एक हैरान कर देने वाली उपलब्धि है। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले: MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। पूरी खबर पढ़ें…
पेट्रोलियम मंत्री बोले-भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल:45 दिन का LPG स्टॉक है; पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब न निकालें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का स्टॉक है। सप्लाई के मामले में कोई दिक्कत नहीं है। हरदीप पुरी ने दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पीएम की बचत की अपील का भी जिक्र किया। पुरी ने कहा कि पीएम ने दो दिन पहले जो बातें कहीं हैं। उसको लेकर अफरा-तफरी मचाना बेकार है। पीएम की बातों को ध्यान से सुनें। उसका मनगढ़ंत मतलब न निकालें। दरअसल पीएम मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। हरदीप पुरी बोले- तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हरदीप पुरी ने समिट में कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा सप्लाई में आई रुकावटों को बोझ आम जनता पर पड़ने नहीं दिया है। तेल कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, तो घाटा 1,98,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने वाला है। अगर आप तिमाही के आंकड़ों को देखें तो कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपए का है। ऐसे में, आप इसे कब तक इसी तरह बनाए रख सकते हैं? तेल की कीमतें कहां पहुंच गई हैं? पहले यह लगभग $64 या $65 के आसपास हुआ करती थीं। अब यह बढ़कर $115 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। पुरी बोले- LPG उत्पादन 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन किया हरदीप पुरी ने कहा- दुनिया की कुल ऊर्जा का 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता था। हमारे कच्चे तेल के आयात का 85 प्रतिशत हिस्सा वहीं से आता था। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि हमारी LPG यानी वह सिलेंडर वाली गैस जिसे आप अपनी रसोई में इस्तेमाल करते हैं। उसका लगभग 60% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता था। अब जब वह रास्ता बंद हुआ तो हमें इसके लिए इंतजाम करने थे। इस संकट से पहले, हमारा घरेलू LPG उत्पादन रोजाना 35,000 या 36,000 मीट्रिक टन था। हमने अपने घरेलू उत्पादन को 36,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन तक पहुंचा दिया। यह अपने आप में एक हैरान कर देने वाली उपलब्धि है। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले: MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। पूरी खबर पढ़ें…
पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले:MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे, CM का काफिला घटा; यूपी में वर्क फ्रॉम होम

पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। उधर उत्तर प्रदेश में सांसद-विधायकों को एक दिन बस-मेट्रो से चलने का आदेश दिया गया। वहीं राज्य में जितनी भी बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हैं वहां हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र में मंत्री आशीष सेलार ने विदेश यात्रा टालने का ऐलान किया। उन्होंने सोमवार को कहा कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। 1. मध्य प्रदेश: VIP काफिलों पर ब्रेक, CM घटाएंगे गाड़ियां मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव को Z+ सुरक्षा श्रेणी प्राप्त है। इसी वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 2. उत्तर प्रदेश: सांसद-विधायक एक दिन बस-मेट्रो से चलेंगे; 2 दिन वर्क फ्रॉम होम देश में ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद यूपी में योगी सरकार ने मंगलवार को 7 बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का काफिला 50% घटेगा। हफ्ते में एक दिन इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो से चलना होगा। सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप वर्चुअल होंगी। राज्य सचिवालय की भी 50% बैठकें वर्चुअल होंगी। सीएम ने कहा, जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। सीएम योगी ने लोगों से 10 अपील भी की है। उन्होंने कहा कि हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे मनाया जाए। पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाएं। सजावटी लाइटें कम जलाई जाएं। पूरी खबर पढ़ें… 3. दिल्ली: मंत्री आशीष सूद पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा से कार्यक्रम में पहुंचे दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में INA से कड़कड़डूमा कोर्ट तक सफर कियाञ फिर मेट्रो स्टेशन से सूरजमल विहार में स्थित ‘CM श्री स्कूल’ तक जाने के लिए ई-रिक्शा लिया। वहां उन्होंने जोन 1 और 2 के स्कूलों के प्रमुखों के साथ एक सेशन में हिस्सा लिया। 4. महाराष्ट्र: मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे, विभाग के खर्च कम किए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने कहा वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। शेलार ने कहा- चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। दो दिन, दो जगह, पीएम ने अपील दोहराई 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें
पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले:MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे, CM का काफिला घटा; यूपी में वर्क फ्रॉम होम

पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। उधर उत्तर प्रदेश में सांसद-विधायकों को एक दिन बस-मेट्रो से चलने का आदेश दिया गया। वहीं राज्य में जितनी भी बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हैं वहां हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र में मंत्री आशीष सेलार ने विदेश यात्रा टालने का ऐलान किया। उन्होंने सोमवार को कहा कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। 1. मध्य प्रदेश: VIP काफिलों पर ब्रेक, CM घटाएंगे गाड़ियां मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव को Z+ सुरक्षा श्रेणी प्राप्त है। इसी वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 2. उत्तर प्रदेश: सांसद-विधायक एक दिन बस-मेट्रो से चलेंगे; 2 दिन वर्क फ्रॉम होम देश में ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद यूपी में योगी सरकार ने मंगलवार को 7 बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का काफिला 50% घटेगा। हफ्ते में एक दिन इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो से चलना होगा। सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप वर्चुअल होंगी। राज्य सचिवालय की भी 50% बैठकें वर्चुअल होंगी। सीएम ने कहा, जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। सीएम योगी ने लोगों से 10 अपील भी की है। उन्होंने कहा कि हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे मनाया जाए। पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाएं। सजावटी लाइटें कम जलाई जाएं। पूरी खबर पढ़ें… 3. दिल्ली: मंत्री आशीष सूद पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा से कार्यक्रम में पहुंचे दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में INA से कड़कड़डूमा कोर्ट तक सफर कियाञ फिर मेट्रो स्टेशन से सूरजमल विहार में स्थित ‘CM श्री स्कूल’ तक जाने के लिए ई-रिक्शा लिया। वहां उन्होंने जोन 1 और 2 के स्कूलों के प्रमुखों के साथ एक सेशन में हिस्सा लिया। 4. महाराष्ट्र: मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे, विभाग के खर्च कम किए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने कहा वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। शेलार ने कहा- चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। दो दिन, दो जगह, पीएम ने अपील दोहराई 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें
पीएम की बचत की अपील,महाराष्ट्र के मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे:कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेना था; सरकार बोली- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष सेलार ने सोमवार को ऐलान किया कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। पीएम मोदी ने 10 मई को तेलंगाना के हैदराबाद और फिर 11 मई को गुजरात के वडोदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए बचत की बात कही थीं। वडोदरा में मोदी ने कहा कि जैसे देश ने मिलकर कोरोना संकट का सामना किया था, वैसे ही मौजूदा संकट से भी देश बाहर निकल जाएगा। शेलार बोले- विभाग के खर्च कम किए जा रहे हैं आशीष शेलार ने कहा कि इन चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें सरकार ने कहा- पेट्रोल-डीजल और LPG की कमी नहीं पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था।







