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सांसद ने कार्यकर्ताओं के साथ सुनी सुनी 'मन की बात':बुरहानपुर में बोले- पीएम मोदी ने बदला देश का आत्मविश्वास

सांसद ने कार्यकर्ताओं के साथ सुनी सुनी 'मन की बात':बुरहानपुर में बोले- पीएम मोदी ने बदला देश का आत्मविश्वास

खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने रविवार को बुरहानपुर के राजपुरा वार्ड स्थित बूथ 195 पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। इस दौरान सांसद पाटील कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर बैठे। इस आयोजन से बूथ स्तर पर संगठनात्मक एकजुटता और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। सांसद पाटील ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व आज भारत की पहचान बन चुका है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने आत्मनिर्भरता, मजबूत अर्थव्यवस्था, वैश्विक सम्मान और गरीब-कल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री आम नागरिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहभागी बना रहे हैं। सांसद ने जोर देकर कहा कि पीएम मोदी ने राजनीति को सत्ता का नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है। स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप और गरीब कल्याण जैसी योजनाओं के जरिए उन्होंने समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ा है। भ्रम फैलाने वाली राजनीति का प्रभावी जवाब सांसद पाटील ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के विचारों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बूथ स्तर से घर-घर तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ता ही विपक्ष की नकारात्मक और भ्रम फैलाने वाली राजनीति का प्रभावी जवाब हैं। कार्यक्रम के दौरान बूथ सशक्तिकरण, आगामी जनसंपर्क अभियानों और अन्य संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. मनोज माने, पूर्व अध्यक्ष दिलीप श्रॉफ, मप्र पावरलूम फेडरेशन अध्यक्ष जयंती नवलखे, महामंत्री संजय जाधव, मनोज टंडन, मंडल अध्यक्ष अमोल भगत, दिनकर पाटील, डॉ. दीपक वाभले, राम निकम, भरत मराठे, देवा नन्नौरे, कमलेश दलाल, ललित शाह, मनीष भगत, आकाश वाघमारे, हितेश भगवे, राजेश खत्री, विजय राठौर सहित वरिष्ठ पदाधिकारी, महिला मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

West Bengal Politics: Mamata vs Modi Election Race

West Bengal Politics: Mamata vs Modi Election Race

कोलकाता2 घंटे पहलेलेखक: प्रदीप पांडेय कॉपी लिंक SIR को लेकर घमासान के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में गरमाहट बढ़ रही है। बंगाल की सियासी हवा में अभी ‘एम’ हावी है। एम यानी- महिला, मुस्लिम, मस्जिद, मंदिर, मटन, मछली, मनी पॉवर, मसल पॉवर…, ममता और मोदी। बंगाल की राजनीति यहां के दो सबसे बड़े फुटबॉल क्लबों- मोहन बागान या ईस्ट बंगाल की तरह दो ध्रुवों में बंटी है। पहले बंगाल की राजनीति कांग्रेस बनाम लेफ्ट थी, फिर 34 साल लेफ्ट का राज रहा। अब 15 साल से तृणमूल सत्ता में है और पिछले पांच साल से उसका सीधा मुकाबला भाजपा से है। टीएमसी के लिए आज भी ममता का फेस वाममोर्चा के 34 साल का ‘लाल किला’ भेदकर सीएम बनीं ममता बनर्जी डेढ़ दशक की सत्ता के बाद भी आक्रामक शैली में मोर्चे पर हैं। टीएमसी के लिए आज भी ममता का फेस, लक्ष्मी भंडार जैसी योजनाएं और मुस्लिमों का एकजुट वोट, जीत का फॉर्मूला है। वहीं, भाजपा पीएम मोदी के चेहरे, अनुशासित संगठन और ‘डबल इंजन’ के नारे के साथ मैदान में है। हालांकि, सड़क पर मुकाबले के लिए उसे अभी भी ऐसे ‘मुद्दे, मौके और स्थानीय बड़े चेहरे’ की तलाश है, जो उसकी विधानसभा सीटें 77 से 148 तक पहुंचा सके। स्थानीय स्तर पर ममता के कद के नेता की कमी बड़ी चुनौती है। इस बीच, वाममोर्चा व कांग्रेस राज्य में अपना अस्तित्व बचाने का संघर्ष कर रहे हैं। जो सड़क जीते सरकार उसी की एक बंगाली दैनिक के सीनियर पत्रकार कहते हैं कि यहां जो सड़क जीत लेता है वह चुनाव जीत लेता है और फिलहाल सड़क पर ममता ही दिख रही हैं। दूसरी ओर, कोलकाता में रेस्टोरेंट चलाने वाले यूपी मूल के एक युवक ने कहा- पिछले पांच साल में भाजपा का वोटर बेस बढ़ा है, पर पार्टी को यह भरोसा दिलाना होगा कि सरकार बदल रही है। अगर ऐसा होता है तो सपोर्ट वोट में बदल पाएगा। टीएमसी; एसआईआर से संगठन एक्टिव… अब टिकट पर मंथन ममता की सबसे बड़ी चुनौती भ्रष्टाचार, भर्ती घोटाले में मंत्रियों की गिरफ्तारी, 25 हजार से ज्यादा नियुक्तियां रद्द होना, आरजी कर जैसी घटना और डेढ़ दशक की सत्ता की एंटी इन्कंबेंसी है। हालांकि ममता के ईडी छापे के बीच घुसकर फाइल निकालने, एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने और सड़क पर मोर्चा संभालने से पार्टी का कैडर गांव-गांव तक एक्टिव हो गया। यही कारण है कि चुनाव से तीन महीने पहले पार्टी मैदान में दिख रही है। ममता के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी भाजपा के आरोपों को काउंटर करने के साथ ही संगठन का मैनेजमेंट संभाल रहे हैं। भाजपा; कई राज्यों के नेता मैदान में, अभी से डोर टू डोर भाजपा घुसपैठ, भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर ममता की घेराबंदी बढ़ा रही है। नेता प्रतिपक्ष सुभेंदु अधिकारी सड़क पर मुखर हैं तो प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्‌टाचार्य संगठन की मजबूती के साथ बंगाली भद्रलोक को साध रहे हैं। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दौरों के साथ पार्टी इस बार बूथ लेवल पर फोकस कर रही है। हर सीट पर एक-एक सीनियर नेता को लगाया गया है। यूपी, बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड सहित कई राज्यों के इन सीनियर नेताओं को डोर टू डोर दस्तक देकर हर बूथ को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… प. बंगाल में SIR,हर सीट पर औसतन 19000 नाम हटे: TMC बोली- सवा करोड़ बंगाली लाइन में लगे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो-तीन माह ही बचे हैं। यहां अभी भाषण और रैलियों का शोर नहीं है। लेकिन, सियासत भरपूर गर्म है। कोलकाता के न्यू मार्केट से चांदनी चौक, न्यू टाउन से जेसप बिल्डिंग और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बर्द्धमान तक करीब 600 किमी के सफर में साफ हो गया कि अभी वोटर लिस्ट ही चुनावी रणभूमि बनी हुई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

PM Modi Mann Ki Baat: AI, Holi Festival Discussion

PM Modi Mann Ki Baat: AI, Holi Festival Discussion

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का आज 131वां एपिसोड प्रसारित होगा। साल 2026 का पीएम का ये दूसरा एपिसोड भी है। पीएम आज AI पर बात कर सकते हैं क्योंकि नई दिल्ली में एआई समिट का आयोजन हुआ था। मन की बात का आखिरी एपिसोड 25 जनवरी को प्रसारित हुआ था। पीएम ने सोशल मीडिया पर चल रहे 2016 की तस्वीरें शेयर करने के ट्रेंड पर बात की थी। उन्होंने अपनी सरकार के काम पर बात करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम बन चुका है। ये स्टार्टअप लीक से हटके हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि मैं अपने उन सभी युवा साथियों को सैल्यूट करता हूं, जो किसी न किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। पीएम ने भारतीय प्रडोक्ट्स को लेकर कहा कि हम सभी का एक ही मंत्र हो क्वालिटी क्वालिटी और क्वालिटी। इंडियन प्रोडक्ट का मतलब बन जाए क्वालिटी। हम संकल्प लें कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। ‘मन की बात’ के पिछले 5 एपिसोड… 130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 129वां एपिसोड: पीएम ने कहा- ICMR ने हाल ही में रिपोर्ट में बताया कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में दवाई कमजोर साबित हो रही हैं। इसकी वजह बिना सोचे दवा का सेवन हैं। आज कल लोग एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग सोचते हैं कि एक गोली ले लो बीमारी दूर हो जाएगी। मैं अपील करता हूं कि अपने मन से दवाओं का सेवन करने से बचें। पूरी खबर पढ़ें… 128वां एपिसोड: पीएम ने कहा- भारतीय खेलों के लिए यह महीना (नवंबर 2025) शानदार रहा। शुरुआत महिला टीम की ICC महिला वर्ल्ड कप जीत से हुई। भारत को कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी का भी ऐलान हुआ। टोक्यो में हुए डेफ ओलिंपिक्स में भारत ने रिकॉर्ड 20 मेडल जीते। महिला कबड्डी टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा, बॉक्सिंग कप में भी 20 मेडल पाए। पूरी खबर पढ़ें… 127वां एपिसोड: पीएम ने कहा- प्रधानमंत्री के रेडियो शो मन की बात के 127वां एपिसोड में पीएम ने छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं और लोगों से इस उत्सव में शामिल होने की अपील की। पीएम मोदी ने मन की बात में GST बचत उत्सव, सरदार पटेल की 150वीं जयंती, रन फॉर यूनिटी जैसे विषयों पर बात की थी। पूरी खबर पढ़ें… 126वां एपिसोड: पीएम ने कहा- आज लता मंगेशकर की जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत में रूचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकर अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता। उनके गीतों में वो सब कुछ है जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Kharge Alleges Govt Trapped in US Deal; Rahul Says Modi Betrayed India

Kharge Alleges Govt Trapped in US Deal; Rahul Says Modi Betrayed India

नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस ने भारत-अमेरिटा ट्रेड डील पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। अमेरिकी टैरिफ डील पर विपक्ष फिर मोदी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पीएम मोदी पर समझौता करने का आरोप लगाया। कहा कि उनका विश्वासघात अब उजागर हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि पीएम इस व्यापार समझौते में फिर से आत्मसमर्पण कर देंगे। उधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना मोदी सरकार ने इतनी जल्दबाजी में एक ट्रैप डील में शामिल क्यों हुए, जिसने भारत से भारी रियायतें छीन लीं। बता दें अमेरिका ने 2 फरवरी को भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% किया था। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 20 फरवरी को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। ट्रम्प के टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। खड़गे ने कहा- मोदीजी को सच्चाई बतानी चाहिए 1. मल्लिकार्जुन खड़गे: मोदी जी को देशवासियों के सामने खड़े होकर सच्चाई बतानी चाहिए। किसने या किन कारणों ने आपको भारत के राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने के लिए दबाव डाला? क्या यह एप्सटीन फाइल्स थीं। क्या भारत सरकार अपनी गहरी निष्क्रियता से जागेगी? क्या 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान, साथ ही किसानों, मजदूरों, छोटे व्यवसायों और व्यापारियों के हितों की रक्षा करने वाला एक निष्पक्ष व्यापार समझौता पेश करेगी। 2 . जयराम रमेश: यदि सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लिए 18 दिन और इंतजार करती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सकती थी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वास्तव में एक परीक्षा है, जिसे प्रधानमंत्री की हताशा और आत्मसमर्पण के कारण भारत पर थोपा जा रहा है। 3. मनीष तिवारी: यह फैसला दुनिया की अदालतों के लिए संदेश है कि उन्हें कार्यपालिका की ज्यादती रोकनी चाहिए। अगर न्यायपालिका अपना काम नहीं करेगी तो लोकतंत्र तानाशाही में बदल सकता है। इस फैसले से ट्रम्प प्रशासन, न्यायपालिका और विधायिका के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। 4. प्रियंका चतुर्वेदी: भारत ने इस समझौते में जल्दबाजी क्यों की? भारत को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। अभी भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ है, जबकि अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो टैरिफ, इससे डील असंतुलित दिखती है। 20 फरवरी: ट्रम्प ने सभी देशों पर 10% नया टैरिफ लगाया 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया। उन्होंने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर इसे लागू किया। यह टैरिफ 24 फरवरी को आधी रात से लागू होगा। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। ट्रम्प ने इसकी आलोचना करते हुए कहा- यह बहुत निराशाजनक है। मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रम्प ने कहा कि, इस डील में कोई बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं। हालांकि, BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय यूनियन समेत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को अब 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। यानी कि भारत पर अब टैरिफ 18% की जगह घटकर 10% रह जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… ………………….. यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं: पहले से तय समझौते पर बात आगे बढ़ेगी; वो टैरिफ देंगे, हम नहीं अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ब्राजीली राष्ट्रपति ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की:भारत-ब्राजील में क्रिटिकल मिनरल्स समझौता; प्रेसिडेंट मुर्मू ने स्टेट डिनर दिया

ब्राजीली राष्ट्रपति ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की:भारत-ब्राजील में क्रिटिकल मिनरल्स समझौता; प्रेसिडेंट मुर्मू ने स्टेट डिनर दिया

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। आज उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान लूला डी सिल्वा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने यह भी कहा, ‘आतंकवाद किसी धर्म या राष्ट्रीयता से जुड़ा नहीं है।’ दूसरी ओर भारत और ब्राजील के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर समझौता हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील ने अगले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद उन्होंने शनिवार शाम इंडिया-ब्राजील बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। देर रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में लूला का औपचारिक स्वागत किया और उनके सम्मान में स्टेट डिनर दिया। लूला डी सिल्वा के भारत दौरे की 5 तस्वीरें… चीन की निर्भरता कम करने की तैयारी में भारत-ब्राजील क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स से जुड़ा समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर केंद्रित है। यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाने पर जोर देता है। ब्राजील के राष्ट्रपति के भारत दौरे से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

पीएम मोदी से आज मिलेंगे ब्राजीलियन प्रेसिडेंट डी सिल्वा:भारत-ब्राजील के बीच ट्रेड डील पर मुहर संभव, लूला बोले थे- हमारी एयरोस्पेस कंपनी यहां प्लांट खोलेगी

पीएम मोदी से आज मिलेंगे ब्राजीलियन प्रेसिडेंट डी सिल्वा:भारत-ब्राजील के बीच ट्रेड डील पर मुहर संभव, लूला बोले थे- हमारी एयरोस्पेस कंपनी यहां प्लांट खोलेगी

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत-ब्राजील के बीच ट्रेड डील पर मुहर लग सकती है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिसमें क्रिटिकल मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, डिफेंस, एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस है। इसमें ट्रेड डील समेत कई समझौतों को फाइनल करने की संभावना जताई जा रही है। लूला प्रधानमंत्री मोदी के न्योते पर भारत आए हैं। वे 18-22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। लूला अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। मोदी से मुलाकात के बाद 22 फरवरी को वे सियोल (दक्षिण कोरिया) रवाना होंगे। भारत-ब्राजील संबंधों पर लुला ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार सिर्फ 15 अरब डॉलर है, जिसे 30-40 अरब तक बढ़ाना चाहिए। वे 260 ब्राजीलियाई व्यवसायियों के साथ आए हैं ताकि अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी हो। एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर भारत में प्लांट खोलेगी। दोनों देश ग्लोबल साउथ के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और उदाहरण पेश कर सकते हैं। लुला ने यह बात शुक्रवार को इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कही। सिल्वा ने इंडिया टुडे को दिए एक साक्षात्कार में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की। यह इंटरव्यू भारत में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुआ, जहां लुला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मित्रता की सराहना की और कहा कि दोनों देश मिलकर भारत और ब्राजील के इतिहास को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ब्रिक्स (BRICS) पर बात करते हुए लुला ने इसे पिछले तीन दशकों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ब्रिक्स ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें भारत और चीन अकेले दुनिया की आधी आबादी रखते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स से नई व्यापार नीति, सांस्कृतिक संबंध और राज्य स्तर के रिश्ते विकसित हो सकते हैं। लुला ने बहुपक्षवाद की वकालत की और कहा कि ब्राजील किसी नए शीत युद्ध नहीं चाहता, न अमेरिका-चीन के बीच। ब्राजील सभी देशों के साथ व्यापार करना चाहता है। उन्होंने ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक की तारीफ की, जो आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक से अलग तरीके से काम करता है। लुला ने ब्रिक्स के जरिए संयुक्त बयान जारी करने के उदाहरण दिए, जैसे ट्रंप के टैरिफ पर और गाजा, यूक्रेन जैसे मुद्दों पर। डॉलर से मुक्ति पर लुला ने कहा कि ब्रिक्स में कोई नई साझा मुद्रा बनाने का प्रस्ताव नहीं है। बल्कि वे अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार की संभावना तलाश रहे हैं, जैसे ब्राजील और भारत डॉलर के बजाय अपनी मुद्राओं का इस्तेमाल करें। यह रातोंरात नहीं हो सकता, लेकिन इसे आजमाना चाहिए ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो। क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ पर डील संभव आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर केंद्रित है। यह समझौता दोनों देशों को कच्चे माल के निर्यातक से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रिसाइक्लिंग में भागीदार बनाने पर जोर देता है। ब्राजील के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेयर अर्थ रिजर्व ब्राजील दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रेयर अर्थ रिजर्व वाला देश है। जिसके पास लगभग 21 मिलियन मीट्रिक टन का विशाल भंडार है। इसके अलावा लिथियम, निकल, नियोबियम, ग्रेफाइट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स प्रचुर मात्रा में हैं। ब्राजील का लक्ष्य सिर्फ रॉ मटेरियल एक्सपोर्टर न रहकर वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स (प्रोसेस्ड मिनरल्स) बनाना। भारत का लक्ष्य EV, बैटरी, सोलर और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए डाइवर्सिफाइड सप्लाई चेन बनाना। भारत पहले से ही KABIL के जरिए अर्जेंटीना, चिली आदि में सक्रिय है, और अब ब्राजील को प्राथमिकता दे रहा है। यह समझौता BRICS और ग्लोबल साउथ की रणनीति का हिस्सा है, जहां दोनों देश अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा के बीच मिडिल पावर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। लूला ने एक इंटरव्यू में कहा “ब्राजील में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स की बहुतायत है, लेकिन हम इसे सिर्फ रॉ मटेरियल सैंक्चुअरी नहीं बनाना चाहते।” वे भारत के साथ प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर जोर दे रहे हैं। दोनों देश AI में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं, जहां क्रिटिकल मिनरल्स AI हार्डवेयर (चिप्स, सर्वर्स) के लिए जरूरी हैं। द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भारत और ब्राजील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इसमें 25% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। भारत का निर्यात 8.35 अरब डॉलर और ब्राजील से आयात 6.85 अरब डॉलर रहा। ब्राजील में भारतीय निवेश 15 अरब डॉलर से ज्यादा रहा। ब्राजील का बिजनेस डेलीगेशन ऊर्जा, कृषि, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है। उम्मीद है कि इस दौरे के दौरान कई निवेश प्रस्तावों और साझेदारी समझौतों पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा यह राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा है। वे पहली बार 2004 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। आखिरी बार वे सितंबर 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे। प्रधानमंत्री मोदी जुलाई 2025 में ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया के राजकीय दौरे पर गए थे, जो 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली राजकीय यात्रा थी। नवंबर 2025 में दोनों नेता जोहान्सबर्ग में जी20 बैठक के दौरान भी मिले थे। मोदी को 2025 में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया था। भारत-ब्राजील UN और BRICS जैसे मंचों पर मिलकर काम करते हैं भारत और ब्राजील के रिश्ते बहुत अच्छे रहे हैं। साल 2006 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक

योगी बोले- पिछली सरकारों में गोलियां चलती थीं:आज जेवर देश का गहना बना, PM मोदी ने नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी

योगी बोले- पिछली सरकारों में गोलियां चलती थीं:आज जेवर देश का गहना बना, PM मोदी ने नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी

पीएम मोदी ने ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी में इंडिया चिप सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी। उन्होंने कहा- आज भारत विकसित होने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहा है। भारत के पास रुकने का समय नहीं है। 2026 की शुरुआत से ही देश ने अपनी कदम ताल तेज कर दी है। ये नई फैक्ट्री टेक्नोलॉजी पावर हाउस के रूप में काम करेगी। इंडिया चिप सेमीकंडक्टर यूनिट से यूपी के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। बीते 11 सालों में भारत ने बार-बार सिखाया है कि हम जो ठानते हैं, वो हासिल करते हैं। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में यहां गोलियां चलती थीं। आज जेवर प्रदेश ही नहीं देश का जेवर बनकर उभरा है। इस दौरान रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव भी मौजूद रहे। मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने ये सेमीकंडक्टर यूनिट लगाई है। ये कंपनी HCL और फॉक्सकॉन का जाइंट वेन्चर है। कंपनी के लिए सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी यमुना सिटी में 3706.15 करोड़ का निवेश करेगी। सबसे पहले 2 तस्वीरें देखिए… योगी बोले- पहले लोग शाम को घर से नहीं निकलते थे सीएम योगी ने कहा- पीएम ने देश को टेक्नॉलॉजी के रूप में विकसित किया है। पिछली सरकारों में यहां गोलियां चलती थी, अपहरण होते थे। अराजकता होती थी। लोग सूर्यास्त होने के बाद घर से बाहर नहीं निकल पाते थे। भारत सरकार नए विजन को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। पीएम मोदी की सकारात्मक भूमिका ही है, जिसके कारण मोबाइल और इलेक्ट्रानिक हब के रुप में विकसित हो रहा है। रेल मंत्री ने कहा- ये ऐतिहासिक दिन रेल मंत्री अश्वनी वैष्ण्व ने कहा- आज का दिन एतिहासिक है। सबसे पहला सेमी कंडक्टर प्लांट जेवर की भूमि में रख रहे हैं। सेमीकंडक्टर फांउडेशन टेक्नॉलाजी है। सेमी कंडक्टर जिस देश में होता है, वहां पर कई तरह की मैन्यूफैक्चरिंग संभव हो जाती है। साढ़े ग्यारह साल में पीएम ने किस तरह से देश को पावर हाउस बना दिया। जहां इलेक्ट्रॉनिक्स नगण्य थी, वहां 12 लाख करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स मन्युफैक्चरिंग है। सेमीकंडक्टर यूनिट कार्यक्राम का पल-पल का अपडेट जानने के लिए नीचे लगे ब्लॉग से गुजर जाइए…

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात बढ़ेगी; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, वे काफी स्मार्ट हैं

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात बढ़ेगी; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, वे काफी स्मार्ट हैं

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। दरअसल शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा। हालांकि भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18% में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया। ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही भारत आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है।वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा। ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया: कहा- जज देश के लिए कलंक हैं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात आगे बढ़ेगी; वो टैरिफ देंगे, हम नहीं

ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं:पहले से तय समझौते पर बात बढ़ेगी; पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, वे काफी स्मार्ट हैं

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले और ट्रम्प के दोबारा नए टैरिफ के ऐलान के बाद भारत-यूएस ट्रेड डील पहले की तरह रहेगी। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि, भारत के साथ होने जा रहे समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहले की तरह आगे बढ़ेगा। दरअसल शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह एक आदेश पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ पहले से लगाए जा रहे बेसलाइन टैरिफ के ऊपर होगा। यानी जो टैरिफ अभी लिया जा रहा है, उसके अलावा यह नया 10% एक्स्ट्रा टैरिफ होगा। हालांकि भारत के साथ डील में यह अतिरिक्त टैरिफ शामिल होगा, या पहले से तय 18% में ही एडजस्ट किया जाएगा। इस पर ट्रम्प ने कोई बयान नहीं दिया। ट्रेड डील फरवरी के अंत तक फाइनल होगी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका के साथ ‘अंतरिम व्यापार समझौता’ फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा। मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे, वहीं अप्रैल से ये समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में भारत दुनिया के बड़े देशों साथ व्यापारिक समझौतों पर अंतिम मुहर लगाएगा। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट शुरू होने की उम्मीद है। 23 फरवरी को फाइनल होगा कानूनी ड्राफ्ट 23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का मकसद 7 फरवरी को जारी ‘जॉइंट स्टेटमेंट’ के आधार पर कानूनी ड्राफ्ट तैयार करना है। वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद है कि टैक्स में 25% से 18% की कमी का आधिकारिक आदेश इसी हफ्ते या अगले हफ्ते तक आ जाएगा। इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर को सीधा फायदा होगा। 7 फरवरी को ट्रेड डील का ऐलान हुआ था कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा। अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदेगा भारत इसके अलावा भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। भारत और अमेरिका का इस व्यापार समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर खास फोकस है। ये बाधाएं टैरिफ नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को मुश्किल बनाती हैं। अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियम, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी रुकावटों का सामना करना पड़ा रहा था। अप्रैल में ब्रिटेन और ओमान के साथ हुई डील लागू होगी भारत-ब्रिटेन पिछले साल जुलाई में हुए FTA के बाद अब इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में ‘जीरो ड्यूटी’ पर एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटेन से आने वाली कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैक्स कम करेगा। ओमान के साथ भी अप्रैल में डील लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय सामान की पहुंच आसान होगी। ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया: कहा- जज देश के लिए कलंक हैं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के 3 घंटे के अंदर डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

India-US Deal Looks Like India Giving More, Getting Less

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नई दिल्ली11 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर PM नरेंद्र मोदी पर फिर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि इस समझौते से ऐसा लगता है जैसे भारत ज्यादा दे रहा है और बदले में कम पा रहा है। राहुल ने इसे अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक जाना बताया। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में अपने भाषण में जिउ-जित्सु (एक खेल) का उदाहरण इसलिए दिया था, क्योंकि उस खेल में किसी को पकड़कर या दबाकर काबू किया जाता है। उनका कहना है कि राजनीति में भी ऐसे दबाव होते हैं जो बाहर से दिखाई नहीं देते। राहुल की पोस्ट: राहुल ने ये सवाल उठाए: किसानों का नुकसान क्यों होने दिया गया? अमेरिका से तेल और दूसरी चीजें ज्यादा खरीदने पर सहमति क्यों दी गई? हर साल 100 अरब डॉलर का आयात बढ़ाने की बात क्यों मानी गई? भारत का डेटा (जानकारी) विदेशी कंपनियों को क्यों दिया जा रहा है? भारत डेटा कॉलोनी बन सकता है राहुल ने कहा कि इस समझौते से भारत डेटा कॉलोनी बन सकता है। यानी देश का डेटा दूसरे देश के हाथ में चला जाएगा। भारत का डेटा बहुत कम कीमत पर अमेरिकी कंपनियों को दिया जा रहा है। राहुल ने अमेरिका में चल रहे अडानी मामले और एपस्टीन मामले का जिक्र किया और कहा कि कुछ फाइलें जारी नहीं की गई हैं, जिनसे जुड़े नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि PM मोदी पर अलग-अलग तरह के दबाव हैं। एक तरफ अमेरिका का दबाव और दूसरी तरफ चीन सीमा पर खड़ा है। राहुल के मुताबिक, इन दबावों की वजह से यह समझौता हुआ। कांग्रेस का कहना है कि यह समझौता किसानों, कपड़ा उद्योग और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। पार्टी ने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते में देश के हित और आजादी से समझौता नहीं होना चाहिए। ————————— ये खबर भी पढ़ें: राहुल बोले-ट्रेड डील में किसानों के साथ धोखा हो रहा:पीएम मोदी से 5 सवाल किए; शाह बोले- राहुल झूठ फैला रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से पांच सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील के नाम पर भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा है। गांधी ने कहा कि यह मुद्दा देश की कृषि के भविष्य से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…