Sunday, 12 Apr 2026 | 08:48 PM

Trending :

EXCLUSIVE

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

Hindi News Lifestyle SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules 30 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब नियमित इनकम के बिना खर्च कैसे चलेगा? ऐसे में अगर पहले से प्लानिंग न की जाए तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। अगर आपने पहले से पेंशन की कोई प्लानिंग नहीं की है, तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत सरकार ने सीनियर सिटिजन्स के लिए ऐसी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनसे उन्हें हर महीने तय राशि मिलती है। इन्हीं में से एक स्कीम है– सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, जिसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को सुरक्षित रिटर्न मिलता है। इसलिए आज ‘आपका पैसा‘ कॉलम में ‘सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- इस सरकारी योजना का लाभ किसे मिल सकता है? इसमें हर महीने कितनी पेंशन मिल सकती है? एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) क्या है? जवाब- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक सरकारी बचत और पेंशन योजना है। यह खासतौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। इस सेविंग स्कीम में पैसे जमा करने पर ब्याज के साथ हर तीन महीने में पेंशन भी मिलती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनी रहती है। इसमें टैक्स में छूट भी मिलती है। इसलिए यह सीनियर सिटिजंस के लिए निवेश और पेंशन का अच्छा विकल्प है। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कौन निवेश कर सकता है? जवाब- SCSS स्कीम में निवेश करने के लिए कुछ क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी होता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितना निवेश कर सकते हैं? जवाब- इसमें आप एक बार में अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। अगर पति और पत्नी दोनों के खाते अलग हैं, तो कुल मिलाकर 60 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। इस स्कीम में कम-से-कम 1,000 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है। ध्यान देने की बात ये है कि पैसे हमेशा 1,000 के गुणांक में ही जमा किए जा सकते हैं। यानी 1000, 2000, 3000… इसमें पैसा एक साथ यानी एकमुश्त जमा करना होता है, किस्तों में नहीं दे सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम जैसे पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या ग्रेच्युटी को यहां लगाकर आप हर तिमाही अच्छे ब्याज के साथ नियमित कमाई कर सकते हैं। सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितनी ब्याज दर और कितनी पेंशन मिलती है? जवाब- इसमें वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। ब्याज हर तीन महीने में खाते में क्रेडिट हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, 30 लाख रुपए के निवेश पर सालाना 2.46 लाख रुपए यानी लगभग 20,500 रुपए प्रति माह के बराबर नियमित आय मिलती है। सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम की सभी विशेषताओं को विस्तार से समझते हैं। सुरक्षित निवेश: यह सरकारी योजना है। इसलिए इसमें लगाया गया पैसा सुरक्षित रहता है और तय समय पर निश्चित रिटर्न मिलता है। ब्याज दर: वर्तमान में 8.2% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है (वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए)। निवेश सीमा: न्यूनतम निवेश 1,000 और अधिकतम 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है। निवेश का तरीका: एक लाख रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे अधिक राशि के लिए चेक के माध्यम से भुगतान अनिवार्य है। समयावधि: योजना की मूल अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। विस्तार के लिए मैच्योरिटी के एक साल के भीतर आवेदन करना होता है। खाता ट्रांसफर सुविधा: खाता पोस्ट ऑफिस और बैंक के बीच ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है। नॉमिनी सुविधा: खाता खोलते समय या बाद में नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है। सवाल- क्या सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है? जवाब- हां, SCSS में निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है। यह छूट केवल मूल निवेश राशि पर लागू होती है। स्कीम में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है। सालाना ब्याज 50,000 रुपए से ज्यादा होने पर TDS कटता है। फॉर्म 15H/15G जमा करके TDS से राहत ली जा सकती है। टैक्स प्लानिंग के लिए SCSS उपयोगी है, लेकिन ब्याज पर टैक्स ध्यान रखें। सवाल- क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं? जवाब- हां, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर पेनल्टी लग सकती है। अगर खाता एक साल के भीतर बंद किया जाता है, तो मूलधन पर मिला ब्याज वापस लिया जाता है। 1-2 साल के बीच 1.5% और 2 साल बाद 1% की कटौती होती है। सवाल- SCSS खाता कहां और कैसे खोलें? जवाब- SCSS खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, PAN कार्ड और आयु प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं। निर्धारित फॉर्म भरकर और एकमुश्त राशि जमा करके खाता आसानी से खोला जा सकता है, जिससे तिमाही आय शुरू हो जाती है। सवाल- क्या एक से ज्यादा खाते खोल सकते हैं? जवाब- हां, एक व्यक्ति SCSS में एक से ज्यादा खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में कुल निवेश 30 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जॉइंट अकाउंट केवल लाइफ पार्टनर के साथ ही खोला जा सकता है। इस खाते में जमा राशि पहले अकाउंट होल्डर के नाम पर मानी जाती है। सवाल- क्या इसमें नॉमिनी जोड़ सकते हैं? जवाब- हां, SCSS खाते में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है। खाता खोलते समय या बाद में भी नॉमिनी नामित किया जा सकता है। एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, जिससे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में राशि का ट्रांसफर आसान और सुरक्षित हो जाता है। सवाल- क्या ब्याज दर बदल सकती है? जवाब- SCSS की ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही तय की जाती है। इसलिए समय-समय पर इसमें बदलाव हो सकता है। हालांकि एक बार जब आप निवेश