277 Luminaries Condemn Shirtless Protest, Call it Calculated Move Against National Dignity

Hindi News National 277 Luminaries Condemn Shirtless Protest, Call It Calculated Move Against National Dignity नई दिल्ली31 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 20 फरवरी को AI समिट 2026 में शर्टलेस प्रदर्शन किया था। भारत AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) कार्यकर्ताओं के “शर्टलेस” (कमीज उतारकर) विरोध प्रदर्शन की देश के 277 प्रमुख लोगों ने निंदा की है। इनमें पूर्व हाई कोर्ट जज, सेवानिवृत्त अफसर, पूर्व राजदूत, सेना और पुलिस के रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इन लोगों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह प्रदर्शन राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ, सोची-समझी हरकत और बिना सोच-विचार की राजनीति का उदाहरण है। बयान पर 26 पूर्व जज (जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस बी सी पटेल शामिल हैं), 102 रिटायर्ड अफसर जिनमें 11 पूर्व राजदूत,149 पूर्व सैन्य व पुलिस अधिकारियों ने दस्तखत किए हैं। प्रदर्शन का मकसद दुनिया के निवेशकों और साझेदार देशों को यह दिखाना था कि भारत में अस्थिरता है। उन्होंने ऐसी राजनीतिक संस्कृति को मिलकर अस्वीकार करने की अपील की, जो देश को बदनाम करने में गर्व महसूस करती है। AI समिट में प्रदर्शन की 2 तस्वीरें… यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए थे। इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे। प्रदर्शन देश की छवि खराब करने वाला बयान में कहा गया कि जब दुनिया के बड़े टेक्नोलॉजी नेता, उद्योगपति और विदेशी प्रतिनिधि भारत के भविष्य की भूमिका देखने के लिए जमा हुए थे, तब इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि खराब करने वाला था। दस्तखत करने वालों ने कहा कि इंटरनेशनल और हाईलेवल कार्यक्रम में इस तरह का विरोध करना दिखाता है कि कुछ लोग देश की प्रतिष्ठा से ज्यादा अपनी राजनीति को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक हुआ विरोध नहीं था, बल्कि पहले से सोची-समझी योजना थी। बयान में यह भी कहा गया कि इस तरह का प्रदर्शन देश के वैज्ञानिकों की मेहनत, इंजीनियरों की उम्मीदों और 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है। दुनिया के सामने गलत मैसेज गया बयान में कहा गया कि क्यूआर कोड के जरिए कार्यक्रम स्थल में प्रवेश कर कपड़े उतारकर नारेबाजी करना सुरक्षा और शिष्टाचार दोनों का उल्लंघन है। इसे राष्ट्रविरोधी बताया गया, जिससे दुनिया के सामने गलत मैसेज गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध करना अधिकार है, लेकिन देश को बदनाम करना सही नहीं है। असली राजनीतिक विरोध संसद और तर्क के जरिए होना चाहिए, न कि विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह के प्रदर्शन से। बयान में यह भी कहा गया कि इस घटना से भारत के विरोधियों को देश की छवि खराब करने का मौका मिला है। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। PM नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित थी। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। करीब 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें: AI समिट हंगामा- उदय भानु 4 दिन हिरासत में:पुलिस बोली- IYC प्रेसिडेंट ही मास्टरमाइंड; कांग्रेस ने कहा- गिरफ्तारी मोदी की सनक का नतीजा दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब को पटियाला कोर्ट में पेश किया। AI इम्पैक्ट समिट हंगामा मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा है। उन्हें आज सुबह तिलक मार्ग थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Haryanvi singer Masoom Sharma Jind Show Controversy Brother Vikas Apologized Former Sarpanch Media Statement Masoom Comes And Apologizes Satelment

जींद के मुआना गांव में मासूम शर्मा के भाई विकास ने पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा से माफी मांगी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच हुआ विवाद शांत नहीं हुआ। शनिवार शाम जींद में मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने पूर्व सरपंच से माफी मांगी और कहा कि मासूम शर्मा बाहर है। इसलिए उसकी जगह मैं आया हूं। इस विवाद को आगे नहीं बढ़ा . इस पर पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने कहा कि मैं अकेला समझौता नहीं करूंगा। मासूम शर्मा को यहां आकर माफी मांगनी पड़ेगी। उस दिन वह स्टेज पर बटेऊ बना हुआ था। उसे नखरा कम करके आना पड़ेगा और पूरी पंचायत के सामने माफी मांगनी होगी। इससे पहले कोई पंचायत नहीं होगी। दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने बताया कि विकास ने अपने फोन से मासूम शर्मा से बात कराई। मासूम ने बाहर होने की बात कही। मैंने उसे कहा कि जिस तरह उस दिन स्टेज पर ये बातें बोली थीं, उसी तरह यहां आकर लाइव माफी मांगनी पड़ेगी। 18 फरवरी को जींद में कार्यक्रम के दौरान सरपंच को स्टेज से उतरने की कहते मासूम शर्मा। पहले पढ़िए मासूम शर्मा के भाई विकास ने क्या कहा… प्रोग्राम का स्टेज छोटा था: मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने बताया कि प्रोग्राम का स्टेज काफी छोटा था। जब मासूम ने सिंगिंग शुरू की तो वहां काफी लोग आ गए। इस दौरान स्टेज पर खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र दिखाई नहीं दिए। इसके बाद मासूम ने सभी से स्टेज खाली करने की अपील की। मासूम की कोई ऐसी मंशा नहीं थी: विकास ने आगे कहा कि स्टेज के नीचे खड़े कुछ लोग जोर-जोर से हूटिंग कर रहे थे, इसी दौरान मासूम ने सरपंच जी को वहां से हटने के लिए कहा। इसी दौरान कुछ देर के लिए वहां विवाद हो गया, लेकिन मासूम की कोई ऐसी मंशा नहीं थी। विवाद को बढ़ाना नहीं चाहिए: उन्होंने कहा कि अगर मासूम की इस बात से किसी कोई ठेस पहुंची हो तो मैं उसका बड़ा भाई होने के नाते पूरे हरियाणा के सरपंचों से, सरपंच प्रतिनिधियों से और यहां बैठे सभी लोगों से माफी मांगता हूं। ये विवाद ज्यादा नहीं बढ़ना चाहिए। 18 फरवरी को कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच के समर्थकों में धक्का-मुक्की भी हुई थी। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने मामले में क्या कहा… मासूम के शब्द सरपंचों को चुभे: मुआना गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने कहा कि शादी की एनिवर्सरी प्रोग्राम में विवाद हुआ। मासूम ने उस दौरान जो शब्द कहे, वो प्रदेश और देश के सरपंच प्रतिनिधियों को चुभे। इस मामले में कई भाइयों ने पंचायत कर मेरा साथ दिया। इस मामले में किसी की कोई गलती नहीं है। मैं अकेला समझौता नहीं कर सकता: राजेंद्र शर्मा ने कहा कि इस मामले में हमारा समझौता हो गया है, लेकिन मासूम के साथ समझौता उसके आने के बाद ही होगा। क्योंकि आज मैं अकेला समझौता नहीं कर सकता। आज जो सरपंच, मंत्री मेरे साथ खड़े रहे, आज अगर समझौता कर लिया तो वहीं इसे गलत ठहराएंगे। खुद आकर मासूम को माफी मांगनी पड़ेगी: उन्होंने कहा कि 25-26 फरवरी को मासूम आ जाएगा, इसके बाद साथ में बैठकर सार्वजनिक रूप से सारा मामला हल करेंगे। हम आगे के लिए कोई भी विवाद नहीं रखना चाहते, ये रिश्तेदारी का मामला है। इस मामले में जिसे भी ठेस पहुंची हो, उनके सामने मासूम माफी मांगेगा। जब तक मासूम नहीं आ जाता तो तब तक कोई पंचायत न करें। मैं सभी 36 बिरादरियों के सरपंचों, मंत्रियों के साथ हूं। यहां मैं अकेला समझौता नहीं करूंगा। मासूम के साथ फोन पर बात हुई: पूर्व सरपंच ने कहा कि मासूम शर्मा के साथ फोन पर बात हुई है। अब दिल से समझौता होगा। मासूम को सबके सामने माफी मांगनी पड़ेगी। मासूम के बयान से सब प्रतिनिधियों को ठेस पहुंची है। आमने-सामने हम दानों लाइव आएंगे। मासूम स्टेज पर बटेऊ की तरह नखरे कर रहा था। नखरा कम कर आना पड़ेगा। उसे अब साला बनकर आना पड़ेगा। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने विवाद के बाद कहा था कि मासूम जब तक माफी नहीं मांगेगा, तब तक समझौता नहीं होगा। 18 फरवरी को जींद में हुआ था विवाद विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में हुआ। मासूम शर्मा स्टेज पर आए तो भीड़ देख भड़क गए। उन्होंने वहां खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। मासूम शर्मा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। पूर्व सरपंच ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली और कहा कि मासूम को पैसे देकर कहीं भी नचवा लो। अगर माफी नहीं मांगी तो महापंचायत बुलाई जाएगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं:दोस्त मुकेश जाजी ने गलती मानी, सरपंचों ने किया बहिष्कार हरियाणवी सिंगर मासूम का शर्मा जींद शो में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के साथ हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा। अब उनके करीबी दोस्त और हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने भी मासूम शर्मा की गलती मानी है। मुकेश जाजी ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर…
Donald Trump Vs Emmanuel Macron; Message Leak Controversy

नई दिल्ली12 घंटे पहले कॉपी लिंक मैक्रों ने कहा कि असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। (बैकग्राउंड में मैक्रों के लीक मैसेज का स्कीनशॉट) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि देशों के बीच रिश्तों में सम्मान बहुत जरूरी होता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों नेताओं के बीच हुए प्राइवेट मैसेज लीक कर दिए। भारत के तीन दिन के दौरे पर आए मैक्रों ने भारतीय पॉडकास्टर राज शमानी के शो में यह बात कही। उनसे पूछा गया कि उनके निजी मैसेज लीक होने पर उन्हें कैसा लगा। इस पर मैक्रों ने सीधे ट्रम्प का नाम लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि कूटनीति में एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है। मैक्रों ने कहा कि देश आपस में सहमत हों या असहमत, लेकिन अपनी बात सम्मान के साथ रखनी चाहिए। असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। मैक्रों ने ट्रम्प पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता आगे बढ़ने के बजाए पीछे जाते हुए दिख रहे हैं। मैक्रों के मैसेज का स्क्रीनशॉट ट्रम्प ने 20 जनवरी को मैक्रों का निजी मैसेज लीक किया था। उस मैसेज में मैक्रों ने ट्रम्प से कहा था कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ट्रम्प ग्रीनलैंड को लेकर क्या करना चाहते हैं। उन्होंने आगे मिलकर काम करने की बात भी कही थी और G7 बैठक की मेजबानी का सुझाव दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस बैठक में यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस जैसे देशों को शामिल किया जा सकता है। मैक्रों बोले- हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं मैक्रों ने पॉडकास्ट में यह भी कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपने नेता बदलने का अधिकार होता है, इसलिए हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं है। वे समाज में नफरत भरी भाषा और हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या दुनिया को अमेरिका के मौजूदा लीडरशिप से डरने की जरूरत है, तो उन्होंने कहा कि आज के हालात में यह थोड़ा हैरान करने वाला है कि कुछ नेता आगे बढ़ने की बजाय पीछे की तरफ जाते दिख रहे हैं। ट्रम्प ने फ्रांसीसी वाइन पर 200% टैरिफ की धमकी दी थी ट्रम्प और मैक्रों के बीच लंबे समय के तल्खी रही है, लेकिन हाल में विवाद तब बढ़ा जब फ्रांस ने ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया। यह बोर्ड गाजा के विकास के लिए बनाया गया है। फ्रांस समेत कई देशों ने इस बात पर चिंता जताई कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है। इसके बाद ट्रम्प ने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी और कहा कि इससे मैक्रों पर दबाव पड़ेगा। बाद में ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दोनों के बीच हुए निजी मैसेज भी शेयर कर दिए, जिनमें मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी पर चिंता जताई थी। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले महीने दावोस में कहा था कि फ्रांस धमकी नहीं, सम्मान में भरोसा करता है। यूरोप पर और पाबंदियां लगाने की धमकी देना गलत है। फ्रांस दुनिया की वाइन राजधानी कही जाती है फ्रेंच वाइन और शैम्पेन दुनिया भर में बहुत प्रसिद्ध हैं। फ्रांस की वाइन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता हैं। फ्रांस को दुनिया की वाइन राजधानी कहा जाता है। फ्रेंच वाइन में कई तरह की रेड, व्हाइट, रोजे और स्पार्कलिंग वाइन शामिल हैं। फ्रेंच वाइन फ्रांस के विभिन्न क्षेत्रों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। फ्रेंच वाइन में आमतौर पर कोई बुलबुले नहीं होते। ये स्टिल वाइन होती हैं, जिनमें अल्कोहल 11-15% तक होता है। इनकी क्वालिटी मिट्टी, मौसम और अंगूर की किस्म पर निर्भर करती है। इटली के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश है। 2025 में वैश्विक वाइन उत्पादन लगभग 23.2 खरब मिलीलीटर रहा, जिसमें फ्रांस का उत्पादन 3.59 खरब मिलीलीटर है, यानी दुनिया की कुल वाइन का लगभग 15-16%। फ्रेंच वाइन फ्रांस के अलग-अलग इलाकों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। इसमें 11-15% तक अल्कोहल होता है। ट्रम्प और मैक्रों के बीच कई बार तनातनी हुई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बीच पिछले कुछ समय में कई बार तनातनी देखी गई है। 1. बोर्ड ऑफ पीस विवाद (2026) जब ट्रम्प ने गाजा के विकास के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाया, तो फ्रांस ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस समेत कई देशों ने कहा कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है। 2. ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी (2026) ग्रीनलैंड में अमेरिका की दिलचस्पी को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए। ट्रम्प ने शेयर किए गए मैसेज में मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी चिंता जताई थी। 3. ट्रेड और टैरिफ को लेकर तनाव ट्रम्प ने फ्रांस के उत्पादों, खासकर वाइन और शैम्पेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और कहा कि इससे फ्रांस पर दबाव बनेगा। इस पर फ्रांस ने नाराजगी जताई थी। 4. NATO और डिफेंस खर्च (2018–2019) ट्रम्प बार-बार कहते है कि यूरोपीय देश NATO पर कम खर्च कर रहे हैं और अमेरिका पर ज्यादा बोझ है। मैक्रों ने एक बार NATO को “ब्रेन-डेड” (दिमागी रूप से निष्क्रिय) तक कह दिया था। इस बयान पर ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और दोनों के बीच सार्वजनिक बहस हुई थी। 5. डिजिटल टैक्स विवाद (2019) फ्रांस ने बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाने का फैसला किया था। ट्रम्प ने इसे अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ कदम बताया और फ्रांसीसी सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। बाद में बातचीत के जरिए मामला कुछ हद तक सुलझ गया था। 6. ईरान परमाणु समझौता (2018) ट्रम्प ने अमेरिका को जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) से बाहर कर लिया था। यह एक एक परमाणु समझौता था, जो 2015 में ईरान और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच हुआ था। मैक्रों चाहते थे कि समझौता बना रहे और उन्होंने ट्रम्प को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन
‘गोविंदा बदलते हैं तो मैं माफ कर दूंगी’:एक्टर की पत्नी सुनीता आहूजा बोलीं- 40 साल का प्यार है, लेकिन अब दिल मजबूत है

गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा अक्सर अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। कभी दोनों के तलाक की खबरें सामने आती हैं तो कभी इन्हें अफवाह बताया जाता है। अब हाल ही में सुनीता ने अपने नए व्लॉग में एक बार फिर गोविंदा के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की। इस बार उन्होंने उन्हें माफ करने को लेकर भी रिएक्शन दिया। जब सुनीता से पूछा गया कि क्या उनकी माफी की लिस्ट में गोविंदा का नाम है, तो उन्होंने जवाब दिया, कुछ कहा नहीं जा सकता। वह मेरे बचपन का प्यार हैं। अगर वह बदल जाते हैं और मेरे नियमों के मुताबिक जीवन जीते हैं तो मैं उन्हें माफ कर दूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह खबरों में आने वाली हर बात पर ध्यान नहीं देना चाहतीं। यह वह उम्र नहीं है जब मैं इतना तनाव झेल सकूं। मैं मेनोपॉज से गुजर रही हूं। इस समय पति और बच्चों के सपोर्ट की जरूरत होती है, दबाव की नहीं। सुनीता ने आगे कहा कि गोविंदा अपनी मां से डरते थे, लेकिन उनके निधन के बाद वह ज्यादा बेफिक्र हो गए। अब वह किसी से नहीं डरते और जो चाहते हैं वही करते हैं। उनकी संगत भी अच्छी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोगों ने उनकी मासूमियत का फायदा उठाया। मैंने बहुत कुछ सहा है, लेकिन अब और नहीं। मैंने अपनी अलग पहचान बना ली है। 40 साल का रिश्ता रातोंरात नहीं टूटता, इसलिए मैं इमोशनल रहूंगी। लेकिन अब मेरा दिल मजबूत हो गया है। मैं हमेशा सच बोलती हूं। सुनीता ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। जब मेरे ससुराल वाले आसपास होते थे तो मैं चुप रहती थी, क्योंकि मैं उनका सम्मान करती थी। लेकिन अब जब गोविंदा और मैं दोस्त हैं, तो मैं क्यों चुप रहूं या डर में जीऊं?।









