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PM Narendra Modi France Slovakia Visit G7 Summit Photos Update

PM Narendra Modi France Slovakia Visit G7 Summit Photos Update

54 मिनट पहले कॉपी लिंक 52वां G7 समिट फ्रांस के इवियन शहर में हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में होने वाले 52वें G7 समिट में हिस्सा लेंगे। फिलहाल वे स्लोवाकिया में हैं। मोदी समिट के लिए आज ही फ्रांस लौट रहे हैं। समिट के दौरान मोदी G7 नेताओं, सहयोगी देशों के प्रतिनिधियों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत होगी। समिट से इतर, प्रधानमंत्री कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार दोपहर ही फ्रांस के इवियन शहर पहुंच गए हैं। G7 के सदस्य देशों फ्रांस, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम के नेता ईरान और यूक्रेन पर भी चर्चा कर सकते हैं। पीएम मोदी 13 जून से फ्रांस-स्लोवाकिया के 6 दिन के दौरे पर हैं। 18 जून को वे पेरिस होते हुए भारत लौट आएंगे। फ्रांस पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की। पीएम मोदी का 100वां विदेशी दौरा मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का एक हफ़्ते का मौजूदा दौरा, 12 साल पहले पद संभालने के बाद से उनका 100वां विदेशी दौरा है। PMO की वेबसाइट के मुताबिक, प्रधानमंत्री के तौर पर अपने 12 साल के कार्यकाल में मोदी अब तक 78 देशों की यात्रा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी का पहला दौरा 15 से 16 जून 2014 को भूटान का था। अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने कुल 49 विदेशी दौरे किए। दूसरे कार्यकाल में कुल 27 विदेशी दौरे किए। 13 जून से शुरू हुआ फ्रांस-स्लोवाकिया का दौरान उनके तीसरे कार्यकाल का 24वां दौरा है। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा। भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल होंगे भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है? एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं। इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं। शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया। G20 से कैसे अलग है G7 G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20 में G7 के देशों के अलावा BRICS के देश भी शामिल हैं। इन देशों में भारत के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और यूरोपीय संघ शामिल हैं। राजन कुमार के मुताबिक G20 में नई और बढ़ती हुई इकोनॉमी वाले देशों को भी शामिल किया गया है। भले ही G7 और G20 का एजेंडा एक जैसा हो, लेकिन इस समय G20 ज्यादा प्रभावी गुट है। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी G7 को बहुत आउटडेटेड ग्रुप कहा था। ————————— मोदी के फ्रांस-स्लोवकिया दौरे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भारत-फ्रांस के बीच FTA, डिफेंस और AI से जुड़े 13 बड़े समझौते हुए फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ रविवार को द्विपक्षीय बैठक की। इसमें प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए। पढ़ें पूरी खबर… पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को भारत आने का न्योता दिया; मोदी का ब्रेड-नमक से स्वागत हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड

PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron

PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron

Hindi News National PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron G7 Summit 2026 नई दिल्ली/पेरिस/ब्रातिस्लावा10 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी 7वीं बार फ्रांस जा रहे हैं। 13-14 जून को नीस शहर में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। 16 जून को मोदी फ्रांस वापस लौटेंगे। मोदी 17 जून को G7 समिट में हिस्सा लेंगे। समिट में वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नई साझेदारियों और AI के मुद्दे पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की कई वर्ल्ड लीडर्स समेत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात हो सकती है। इसके बाद मोदी पेरिस जाएंगे। दो दिन 14 से 16 जून पीएम स्लोवाकिया में रहेंगे। यहां प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भारतीय पीएम का यहां का पहला दौरा है। पीएम मोदी पिछले साल भी कनाडा में हुए G7 समिट में शामिल हुए थे। भारत इनोवेट्स क्या है ‘भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की नया ग्लोबल इनोशिएटिव है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत-फ्रांस इनोवेशन साल के उद्घाटन के दौरान की थी। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप, IITs, IISc, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वैश्विक निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संगठनों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम 14 से 16 जून तक नीस शहर में पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स (Palais des Expositions) में होगा। इस मेगा समिट का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों करेंगे। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। ये देश हैं- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी। पहले इसका नाम G-8 हुआ करता था। 2014 में रूस ने पड़ोसी देश क्रीमिया पर कब्जा कर लिया तो बाकी सदस्य देशों ने रूस को ग्रुप से बाहर कर दिया। इसका नाम G7 हो गया। G7 समिट में सबसे ज्यादा 7 बार शामिल होंगे पीएम मोदी G7 समिट के लिए आमतौर पर भारतीय प्रधानमंत्रियों को बुलाया जाता रहा है। 2004 से 2014 तक पीएम रहे मनमोहन सिंह ने पांच बार G-8 समिट में हिस्सा लिया था। पीएम मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में हुई समिट में बुलाया गया था। इसके बाद 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन अमेरिका ने तब समिट रद्द कर दी। इस एक साल को छोड़ दें तो 2019 से 2024 तक हर साल पीएम मोदी G7 समिट में शामिल हुए। 2021 में वे वर्चुअल मीडियम से इसमें शामिल हुए। 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान और 2024 में इटली में हुई G7 समिट में शामिल हुए। 2025 में कनाडा में हुई समिट में शामिल हुए। भारत के टॉप-2 हथियार सप्लायर्स में शामिल फ्रांस साल 2025 में फ्रेंच अखबार ला मोंड की खबर के मुताबिक फ्रांस ऐसे वक्त में भी भारत का साथ देता आया है, जब अमेरिका समेत दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियों ने भारत का साथ छोड़ दिया था। पोखरण में परमाणु टेस्ट के बाद अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन फ्रांस ने भारत का समर्थन किया। फ्रांस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए भारत को हथियार बेचना शुरू किया और अब वो रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 फाइटर जेट, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। फ्रांस ने इंटरनेशनल फोरम पर हमेशा भारत को सपोर्ट किया सितंबर 2023 में हुई G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन दिसंबर में उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। ऐसे वक्त में भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता भेजा। उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ्रांस ने भारत का हमेशा समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र में भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की थी। इसके अलावा फ्रांस, न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (NSG) में भी भारत को सदस्य बनाने का पक्षधर है। G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है? एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं। इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं। शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया। G20 से कैसे अलग है G7 ? G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम होते हैं। 1999 में बने G20

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Hindi News National PM Modi LIVE | Narendra Modi France Visit Speech Photos Update; Emmanuel Macron G7 Summit 2026 नई दिल्ली/पेरिस/ब्रातिस्लावा4 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हुए। पीएम मोदी 13 से 18 जून तक 6 दिवसीय यात्रा पर फ्रांस और स्लोवाकिया के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम बनने के बाद मोदी की यह 7वीं फ्रांस यात्रा है। 13-14 जून को नीस शहर में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद स्लोवाकिया रवाना हो जाएंगे। यहां वे 15 जून तक रहेंगे। 16 जून को पेरिस लौट आएंगे। मोदी 17 जून को G7 समिट में हिस्सा लेंगे। समिट में वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नई साझेदारियों और AI के मुद्दे पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की कई वर्ल्ड लीडर्स समेत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात हो सकती है। इसके बाद मोदी पेरिस जाएंगे। यहां प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भारतीय पीएम का यहां का पहला दौरा है। पीएम मोदी पिछले साल भी कनाडा में हुए G7 समिट में शामिल हुए थे। भारत इनोवेट्स क्या है ‘भारत इनोवेट्स’ शिक्षा मंत्रालय की नया ग्लोबल इनोशिएटिव है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2026 में भारत-फ्रांस इनोवेशन साल के उद्घाटन के दौरान की थी। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप, IITs, IISc, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को वैश्विक निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संगठनों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम 14 से 16 जून तक नीस शहर में पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स (Palais des Expositions) में होगा। इस मेगा समिट का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों करेंगे। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। ये देश हैं- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी। पहले इसका नाम G-8 हुआ करता था। 2014 में रूस ने पड़ोसी देश क्रीमिया पर कब्जा कर लिया तो बाकी सदस्य देशों ने रूस को ग्रुप से बाहर कर दिया। इसका नाम G7 हो गया। G7 समिट में सबसे ज्यादा 7 बार शामिल होंगे पीएम मोदी G7 समिट के लिए आमतौर पर भारतीय प्रधानमंत्रियों को बुलाया जाता रहा है। 2004 से 2014 तक पीएम रहे मनमोहन सिंह ने पांच बार G-8 समिट में हिस्सा लिया था। पीएम मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में हुई समिट में बुलाया गया था। इसके बाद 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन अमेरिका ने तब समिट रद्द कर दी। इस एक साल को छोड़ दें तो 2019 से 2024 तक हर साल पीएम मोदी G7 समिट में शामिल हुए। 2021 में वे वर्चुअल मीडियम से इसमें शामिल हुए। 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान और 2024 में इटली में हुई G7 समिट में शामिल हुए। 2025 में कनाडा में हुई समिट में शामिल हुए। भारत के टॉप-2 हथियार सप्लायर्स में शामिल फ्रांस साल 2025 में फ्रेंच अखबार ला मोंड की खबर के मुताबिक फ्रांस ऐसे वक्त में भी भारत का साथ देता आया है, जब अमेरिका समेत दुनिया की तमाम बड़ी शक्तियों ने भारत का साथ छोड़ दिया था। पोखरण में परमाणु टेस्ट के बाद अमेरिका, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन फ्रांस ने भारत का समर्थन किया। फ्रांस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए भारत को हथियार बेचना शुरू किया और अब वो रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत को फ्रांस से मिराज 2000 फाइटर जेट, राफेल फाइटर जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिल चुकी है। फ्रांस ने इंटरनेशनल फोरम पर हमेशा भारत को सपोर्ट किया सितंबर 2023 में हुई G20 समिट के दौरान PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन दिसंबर में उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। ऐसे वक्त में भारत ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को गणतंत्र दिवस में शामिल होने का न्योता भेजा। उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार भी कर लिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ्रांस ने भारत का हमेशा समर्थन किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र में भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की मांग की थी। इसके अलावा फ्रांस, न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप (NSG) में भी भारत को सदस्य बनाने का पक्षधर है। G7 समिट क्या है, इस बार इसके एजेंडे की खास बात क्या है? एक तय एजेंडे पर बातचीत के लिए हर साल G7 समिट होती है, जिसका आयोजन G7 का अध्यक्ष देश करता है। दरअसल, G7 के सभी 7 देश बारी-बारी से इसकी अध्यक्षता करते हैं। इस साल फ्रांस अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में G7 समिट फ्रांस के एवियां शहर में होगी। इस समिट के एजेंडे में जियोपॉलिटिक्स क्राइसेस (यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा, लेबनान और होर्मुज रूट की स्थिति, मध्य पूर्व की सुरक्षा चुनौतियां), वैश्विक आर्थिक सहयोग और असंतुलन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा G7 के सदस्य देशों के लीडर्स और ऑफिसर्स साल में कई बैठकें करते हैं, जिनमें कई समझौते होते हैं और दुनिया की बड़ी घटनाओं पर आधिकारिक बयान जारी किए जाते हैं। शुरुआत में G7 का एजेंडा आर्थिक चुनौतियों और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों का हल निकालना था। बाद में राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए। वैश्विक मुद्दों पर G7 के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उदाहरण के लिए G7 ने 2002 में मलेरिया और एड्स से लड़ने के लिए ग्लोबल फंड बनाया। 1998 में वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को आर्थिक मदद की। रूस-यूक्रेन जंग के दौरान रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की मदद करने का फैसला किया। G20 से कैसे अलग है G7 ? G7 का कोई स्थायी कार्यालय नहीं है और इसके सदस्य देश कोई अंतरराष्ट्रीय कानून पारित नहीं कर सकते। G20 में सबसे बड़ा मुद्दा वर्ल्ड इकोनॉमी होता है, जबकि G7 के लिए राजनीतिक मुद्दे भी अहम

Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (11 June 2026)

सोना ₹1,562 गिरकर ₹1.45 लाख का 10 ग्राम हुआ:इस महीने ₹11 हजार सस्ता हो चुका, 1 किलो चांदी की कीमत आज ₹257 बढ़ी

Hindi News Business Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (11 June 2026) | Bhopal Jaipur Gold Silver Rate नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने के दाम में आज यानी 11 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 1,562 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए हो गए हैं। 31 मई को सोना 1.56 लाख पर था। यानी 11 दिन में ही ये 11 हजार रुपए सस्ता हुआ है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत आज 257 रुपए बढ़कर 2.33 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,45,584 22 ₹1,33,355 18 ₹1,09,188 14 ₹85,167 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,45,790 मुंबई ₹1,45,640 कोलकाता ₹1,45,640 जयपुर ₹1,45,790 भोपाल ₹1,45,690 पटना ₹1,45,690 लखनऊ ₹1,45,790 रायपुर ₹1,45,640 अहमदाबाद ₹1,45,690 सोर्स: goodreturns 11 जून 2026 ऑलटाइम हाई से ₹31 हजार गिरी सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 31 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 133 दिन में चांदी 1.52 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 133 दिन में ₹31 हजार और चांदी ₹1.52 लाख सस्ती तारीख सोने की कीमत चांदी की कीमत 29 जनवरी ₹1,76,121 ₹3,85,933 31 जनवरी ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई ₹1,56,463 ₹2,63,350 11 जून ₹1,45,584 ₹2,33,540 सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Haryanvi singer Pepsi Sharma death case update

Haryanvi singer Pepsi Sharma death case update

पेप्सी शर्मा अपने पीछे पत्नी, एक बेटी, बेटा छोड़ गए हैं।-फाइल फोटो हरियाणवी सिंगर पेप्सी शर्मा के निधन के मामले में उनके भाई ने कई अहम खुलासे किए हैं। भाई ऋषिपाल का कहना है कि पेप्सी को रविवार को दिन में सीने में दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें दो बार अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद दवा . दोपहर में वह खेत स्थित ट्यूबवेल पर नहाने गए थे। शाम को घर लौटने के बाद उन्होंने शिकंजी पी और खिचड़ी खाई। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनके मुंह से पानी निकलने लगा। परिजन उन्हें तीसरी बार अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पेप्सी शर्मा का असली नाम यशपाल शर्मा था। वह गाजियाबाद के निवाड़ी क्षेत्र के पतला गांव के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी, 10 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय बेटा हैं। उन्होंने हरियाणवी डांसर और सिंगर सपना चौधरी के साथ कई रागनी कार्यक्रमों में प्रस्तुति देकर खास पहचान बनाई थी। रागनी प्रोग्रामों में पेप्सी शर्मा और सपना चौधरी की जोड़ी हिट हुई थी।-फाइल जानिए पेप्सी शर्मा के भाई ने क्या बताया… दोस्तों के साथ बैठे थे, तभी सीने में दर्द हुआ भाई ऋषिपाल ने बताया कि रविवार को पेप्सी शर्मा अपने पैतृक गांव पतला पहुंचे थे, क्योंकि उन्हें किसी शो के सिलसिले में बाहर जाना था। गांव पहुंचने के बाद वह अपनी मां से मिले और कुछ समय उनके साथ रहे। इसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सीने और शरीर में दर्द महसूस हुआ, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने साथियों को दी। जांच के बाद डॉक्टरों ने दवा देकर भेजा भाई के आगे बताया- दर्द की शिकायत के बाद उनके दोस्त उन्हें स्थानीय अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दवा दी और बताया कि कोई गंभीर समस्या नहीं है तथा आराम करने से स्थिति ठीक हो जाएगी। दवा लेने के बाद वह वापस गांव लौट आए। अस्पताल से लौटने के बाद करीब चार बजे वह गांव के खेतों में गए, जहां उन्होंने ट्यूबवेल के नीचे स्नान भी किया। इसके बाद वह दोबारा घर लौट आए और अपनी मां के पास बैठकर बातचीत करने लगे। दर्द बढ़ने पर परिवार ने दूसरी बार अस्पताल पहुंचाया ऋषिपाल के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को भी तबीयत ठीक न होने और दर्द महसूस होने की बात बताई। चूंकि उनकी मां भी बीमार चल रही हैं, इसलिए परिवार ने उन्हें दोबारा अस्पताल भेजने का फैसला किया। इसके बाद वह अपने भतीजे के साथ अस्पताल पहुंचे। दूसरी बार अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें फिर दवा दी और सलाह दी कि यदि परेशानी बढ़े तो उन्हें मोदीनगर के किसी बड़े अस्पताल में ले जाया जाए। घर आकर शिकंजी पी, फिर खिचड़ी खाई भाई ने कहा- दवा लेने के बाद वह वापस घर लौट आए। घर पहुंचने से पहले ही पेप्सी शर्मा ने अपनी मां को फोन कर खिचड़ी बनाने के लिए कहा था। अस्पताल से लौटने के बाद उन्होंने पहले शिकंजी पी और परिवार से कहा कि उन्हें भूख लग रही है। इसके बाद उनके लिए खिचड़ी मंगवाई गई और साथ में दही भी लाने को कहा गया। खिचड़ी खाते हुए मुंह से पानी निकलने लगा उन्होंने कहा- थोड़ी-सी खिचड़ी खाई ही थी कि इसी दौरान उनकी भतीजी दही लेकर पहुंच गई। खिचड़ी खाते समय अचानक उनके मुंह से पानी निकलने लगा। इसके बाद उन्होंने अपनी छाती को हाथ से मलना शुरू कर दिया और उनकी बेचैनी बढ़ गई। तबीयत बिगड़ती देख परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर रवाना हुए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पेप्सी शर्मा ने स्टार प्लस के शो “यह दिल है हिंदुस्तानी” में भी परफॉर्मेंस दी थी।-फाइल पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै रागनी से फेमस हुए पेप्सी शर्मा ने हरियाणवी संगीत जगत की कई प्रसिद्ध कलाकारों के साथ लंबे समय तक काम किया। उन्होंने हरियाणवी डांसर और गायिका सपना चौधरी के साथ अनेक लाइव स्टेज शो किए। इसके अलावा, हरियाणवी गायिका राजबाला के साथ भी उन्होंने कई रागनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी गायकी का हुनर दिखाया। पेप्सी शर्मा की कई रागनियां श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय रहीं। इनमें “पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै” विशेष रूप से सुपरहिट रही। इस रागिनी पर सपना चौधरी ने कई मंचों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। यूट्यूब पर इस रागिनी को 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से अधिक बार देखा जा चुका है। एक रागनी कार्यक्रम के दौरान सपना चौधरी के साथ नागिन डांस करते हुए पेप्सी शर्मा।-फाइल पैप्पी नाम से बुलाते थे, जज के कहने पर पेप्सी रखा भाई ऋषिपाल ने बताया- यशपाल शर्मा को परिवार और गांव में बचपन से ही प्यार से “पैप्पी” कहकर बुलाया जाता था। करीब 20 साल पहले जब उन्होंने गायकी की दुनिया में कदम रखा था, उसी दौरान एक विवाद से जुड़े मामले में उनकी कोर्ट में पेशी थी। कोर्ट में दूसरी पार्टी के व्यक्ति का नाम “लौकी” था। भाई ने बताया कि जब जज ने दोनों के नाम सुने तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पैप्पी की जगह “पेप्सी” और लौकी की जगह “चुकंदर” नाम रख लो। जज की यह बात यशपाल शर्मा को पसंद आ गई और उन्होंने अपने नाम के साथ “पेप्सी” जोड़ लिया। इसके बाद वह धीरे-धीरे हरियाणा की रागनी और लोकगायन की दुनिया में “पेप्सी शर्मा” के नाम से पहचान बनाने लगे। ———————————– ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणवी कलाकार पेप्सी शर्मा का निधन:38 की उम्र में दिल का दौरा पड़ा; स्टेज पर नागिन डांस में सपना चौधरी को हराया था हरियाणवी लोक कलाकार व रागनी गायक पेप्सी शर्मा का निधन हो गया। परिजनों ने बताया कि अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पेप्सी शर्मा 38 साल के थे। उनके 10 साल की बेटी और 7 साल का बेटा है। पढ़ें पूरी खबर…

IPL Final LIVE | Virat Kohli; RCB Vs GT IPL 2026 Final LIVE Score Update: Shubman Gill Rajat Patidar

IPL Final LIVE | Virat Kohli; RCB Vs GT IPL 2026 Final LIVE Score Update: Shubman Gill Rajat Patidar

Hindi News Sports Cricket IPL Final LIVE | Virat Kohli; RCB Vs GT IPL 2026 Final LIVE Score Update: Shubman Gill Rajat Patidar Modi Stadium अहमदाबाद9 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 का फाइनल आज डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दोनों टीमों के पास दूसरी बार टाइटल जीतने का मौका है। बेंगलुरु ने पिछले साल पहला खिताब जीता था, जबकि गुजरात 2022 में अपने पहले सीजन में चैंपियन बनी थी। फाइनल मैच की प्रीव्यू रिपोर्ट टॉप ट्रेंड पिछले 8 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम ने जीतेपिछले 8 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम ने ही जीते हैं। वहीं, 2016 के बाद के सभी फाइनल मैच क्वालिफायर-1 खेलने वाली टीमों के बीच ही खेले गए हैं। 2016 में हैदराबाद एलिमिनेटर जीतकर चैंपियन बनी। 200+ का स्कोर यानी जीत की गारंटीपिछले 18 साल में IPL फाइनल में 200+ का स्कोर चेज नहीं हुआ है, यानी कि 200+ का स्कोर यानी जीत की गारंटी है। 2008 से 2025 तक फाइनल में 4 दफा 200+ का स्कोर बना है। जो कभी चेज नहीं हुआ। पिछली भिड़ंत क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु ने गुजरात को हराया बेंगलुरु और गुजरात में पिछला मुकाबला 26 मई को धर्मशाला के मैदान पर खेला गया था। उस मुकाबले में बेंगलुरु की टीम गुजरात पर हावी रही और मुकाबले को 92 रनों से जीता था। लीग राउंड में 2 बार दोनों टीमों का सामना हुआ है। 30 अप्रैल को गुजरात ने अपने घर में 4 विकेट की जीत हासिल की। 24 अप्रैल को बेंगलुरु ने अपने होमग्राउंड पर 5 विकेट की जीत दर्ज की। 26 मई को RCB-GT मैच के दौरान विराट कोहली विकेट सेलिब्रेट करते हुए। हेड-टु-हेड पिछले रिकॉर्ड में बेंगलुरु एक जीत से आगे प्रीवियस रिकॉर्ड में बेंगलुरु की टीम एक जीत से आगे है। दोनों के बीच अब तक 9 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें से बेंगलुरु ने 5 जीते हैं, जबकि गुजरात ने 4 में जीत अपने नाम की है। प्लेयर्स टु वॉच गुजरात के टॉप-3 प्लेयर्स शुभमन गिल: क्वालिफायर-2 में राजस्थान के खिलाफ 104 रन की शतकीय पारी खेली। इस सीजन 6 हाफ सेंचुरी भी लगाई है। 15 मैचों में 722 रन बना चुके हैं। साई सुदर्शन: राजस्थान के खिलाफ 58 रन बनाए और गिल के साथ 77 गेंद पर 167 रन की शतकीय साझेदारी की। 16 मैच में 710 रन बना चुके हैं। कगिसो रबाडा: मौजूदा सीजन में सबसे ज्यादा 28 विकेट ले चुके हैं। राजस्थान के खिलाफ 2 विकेट झटके। इनमें वैभव सूर्यवंशी (96 रन) का विकेट शामिल था। बेंगलुरु के टॉप-3 प्लेयर्स विराट कोहली: पिछले मैच में गुजरात के खिलाफ 43 रन बनाए थे। इस सीजन 600 रन बना चुके हैं। अब तक खेले 15 मैचों में एक शतक और 4 अर्धशतक लगाए हैं। रजत पाटीदार: क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ नाबाद 93 रन की पारी खेलकर टीम का स्कोर 250 पार पहुंचाया था। इस सीजन 14 मैचों में 196.76 के स्ट्राइक रेट से 486 रन बनाए थे। भुवनेश्वर कुमार: पर्पल कैप की रेस में दूसरे स्थान पर हैं। 15 मैचों में 26 विकेट हासिल कर चुके हैं। गुजरात के खिलाफ पिछले मैच में 2 विकेट लिए थे। इंजरी एंड फिटनेस राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालिफायर-2 के दौरान मोहम्मद सिराज के कंधे में परेशानी दिखी थी। उन्होंने अपना स्पेल पूरा किया, लेकिन फाइनल से पहले उनकी फिटनेस गुजरात के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले की उम्मीद हैं। यहां मौजूदा सीजन में 3 बार ही 200 का स्कोर पार हुआ है। ऐसे में गुजरात के गेंदबाज होम कंडीशंस पर बेंगलुरु की बैटर्स की परीक्षा लेंगे। इस मैदान पर दोनों टीमों का पिछला रिकॉर्ड बराबरी पर है। दोनों ने एक-एक मैच जीते हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 बेंगलुरु: विराट कोहली, वेंकटेश अय्यर, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम और रोमारियो शेफर्ड। गुजरात: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज , प्रसिद्ध कृष्णा और राहुल तेवतिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Rishabh Pant LSG Captaincy Resign Update; IPL 2026

Rishabh Pant LSG Captaincy Resign Update; IPL 2026

स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक ऋषभ पंत ने IPL फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी ने बयान जारी कर कहा कि पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। लखनऊ की टीम इस सीजन में 10वें और आखिरी स्थान पर रही। पिछले सीजन में भी टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और वह सातवें नंबर पर रही थी। दो सीजन में पंत की कप्तानी में लखनऊ 28 मैचों में केवल 10 में जीत हासिल कर सकी है। फैसले आसान नहीं होते: टॉम मूडी लखनऊ के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, पंत ने इस अनुरोध के साथ फ्रेंचाइजी से संपर्क किया था और हमने इसे सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया है। खेल में इस तरह के फैसले कभी भी आसान नहीं होते हैं। मूडी ने कहा, पंत ने बतौर कप्तान इस ड्रेसिंग रूम को जो कुछ भी दिया है, उसके लिए हम उनके बेहद आभारी हैं। लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा था लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, इसलिए उनके प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। वे मौजूदा सीजन में महज 312 रन ही बना सके। पंत ने IPL 2018 में 173.60 के स्ट्राइक रेट से 684 रन बनाए थे। उसके बाद 2019 में 162.66 के स्ट्राइक रेट से 488 रन बनाए। लखनऊ के लिए उन्होंने पिछले दो सीजन में 135.74 के स्ट्राइक रेट से 581 रन बनाए। जो उनके करियर स्ट्राइक रेट (144.18) से कम है। —————————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Rishabh Pant LSG Captaincy Resign Update; IPL 2026

Rishabh Pant LSG Captaincy Resign Update; IPL 2026

स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक ऋषभ पंत ने IPL फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी ने बयान जारी कर कहा कि पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। लखनऊ की टीम इस सीजन में 10वें और आखिरी स्थान पर रही। पिछले सीजन में भी टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और वह सातवें नंबर पर रही थी। दो सीजन में पंत की कप्तानी में लखनऊ 28 मैचों में केवल 10 में जीत हासिल कर सकी है। फैसले आसान नहीं होते: टॉम मूडी लखनऊ के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, पंत ने इस अनुरोध के साथ फ्रेंचाइजी से संपर्क किया था और हमने इसे सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया है। खेल में इस तरह के फैसले कभी भी आसान नहीं होते हैं। मूडी ने कहा, पंत ने बतौर कप्तान इस ड्रेसिंग रूम को जो कुछ भी दिया है, उसके लिए हम उनके बेहद आभारी हैं। लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा था लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था, इसलिए उनके प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। वे मौजूदा सीजन में महज 312 रन ही बना सके। पंत ने IPL 2018 में 173.60 के स्ट्राइक रेट से 684 रन बनाए थे। उसके बाद 2019 में 162.66 के स्ट्राइक रेट से 488 रन बनाए। लखनऊ के लिए उन्होंने पिछले दो सीजन में 135.74 के स्ट्राइक रेट से 581 रन बनाए। जो उनके करियर स्ट्राइक रेट (144.18) से कम है। हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस छोड़ेंगे मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या अगले IPL सीजन में टीम के साथ नजर नहीं आएंगे। समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक,लगातार खराब सीजन के बाद तनाव होने की वजह से हार्दिक ने फ्रेंचाइजी को छोड़ने का मन बना लिया है। 32 साल के ऑलराउंडर ने सीजन के बीच में ही MI के टीम मैनेजमेंट को अपने इस फैसले की जानकारी दे दी थी। जैसे ही टीम प्लेऑफ से बाहर हुई हार्दिक और मुंबई इंडियंस के बीच आपसी सहमति से अलग होने का रास्ता साफ हो गया। पढ़ें पूरी खबर… —————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UKSSSC Recruitment 90 Posts | Govt Jobs Today Latest Update

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7 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी UPSC ने 194 पदों पर निकाली भर्ती, राजस्थान में 121 टीचर की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी। साथ में JKSSB ने 130 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. उत्तराखंड में 90 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 जून से आवेदन शुरू उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने 90 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 42 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : जनरल, ओबीसी : 300 रुपए एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस : 150 रुपए पीएच कैंडिडेट्स : 150 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम सैलरी : असिस्टेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर क्लास – 1, डेवलपमेंट ब्रांच : 44,900 – 1,42,400 रुपए प्रतिमाह असिस्टेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर क्लास – 3 : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह फॉडर असिस्टेंट ग्रुप – 3 : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह क्वालिफाइंग मार्क्स : जनरल, ओबीसी : 45% एससी, एसटी : 35% एग्जाम पैटर्न : ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके पर्सनल डिटेल्स दर्ज करें। फोटो और सिग्नेचर अपलोड करके फीस जमा करें। फॉर्म डाउनलोड करें। इसका एक प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती; पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 वैकेंसी, गुजरात मेट्रो में 383 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 नौकरी की। साथ में गुजरात मेट्रो में 383 वैकेंसी की जिसकी लास्ट डेट 28 मई तय की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RPSC Ajmer Latest Update | Recruitment News 2026

RPSC Ajmer Latest Update | Recruitment News 2026

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2025 का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इन परीक्षाओं का आयोजन 12 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक निर्धारित कार्यक्रमानुसार किया जाएगा। . आयोग ने परीक्षा के लिए विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में विभाजित किया गया है। बता दें कि ये वैकेंसी 6500 पदों पर है और करीब 12 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने आवेदन किए है। एग्जाम शेड्यूल… ग्रुप-ए ग्रुप-ए में सोशल साइंस विषय रखा गया हैं। इस विषय के अभ्यर्थियों के लिए 12 जुलाई को प्रातः 10 से 12.00 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3.00 से 5.30 बजे तक सोशल साइंस विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। ग्रुप-बीग्रुप-बी में हिंदी विषय रखा गया। इस विषय के अभ्यर्थियों के लिए 13 जुलाई को प्रातः 10 से 12.00 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3.00 से 5.30 बजे तक हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। ग्रुप-सी ग्रुप- सी के अन्तर्गत साइंस एवं संस्कृत विषय रखे गए हैं। इन विषयों के सभी अभ्यर्थियों के लिए 14 जुलाई को प्रातः 10 से 12.00 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3.00 से 5.30 बजे तक साइंस विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 15 जुलाई को प्रातः 10 से 12.30 बजे तक संस्कृृत विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। ग्रुप-डी ग्रुप- डी के अन्तर्गत गणित, इंग्लिश, उर्दू, पंजाबी, सिंधी एवं गुजराती विषय रखे गए हैं। इन विषयों के सभी अभ्यर्थियों के लिए 16 जुलाई को प्रातः 10 से 12.00 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3.00 से 5.30 बजे तक गणित विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 17 जुलाई को प्रातः 10 से 12.30 बजे तक इंग्लिश तथा दोपहर 3.00 से 5.30 बजे तक उर्दू विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। 18 जुलाई को प्रातः 10 से 12.30 बजे तक पंजाबी तथा दोपहर 3.00 से 5.30 बजे तक सिंधी एवं गुजराती विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। कुल 6500 पदों पर होगी भर्ती उक्त परीक्षान्तर्गत 10 विषयों हेतु वरिष्ठ अध्यापक के कुल 6500 पदों पर भर्ती होगी। विषय- पद हिंदी – 1052 अंग्रेजी – 1305 संस्कृत – 940 गणित – 1385 विज्ञान – 1355 सामाजिक विज्ञान – 401 उर्दू – 48 पंजाबी – 11 सिंधी – 2 गुजराती – 1 ……… पढें ये खबर भी…. SI-भर्ती 2021,सभी अभ्यर्थियों को फिर करानी होगी KYC:RPSC ने 3.83 लाख कैंडिडेट्स के SSO आईडी जारी किए, फ्री में होंगे करेक्शन राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से ‘उप-निरीक्षक भर्ती री-एग्जाम 2021’ भर्ती में सभी 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थियों को दोबारा केवाईसी करानी होगी। यह परीक्षा 20 सितंबर को आयोजित की जाएगी। वहीं RPSC ने ऑनलाइन आवेदन के लिए ‘SSO आईडी’ भूल चुके और आवेदन पत्र में संशोधन या केवाईसी नहीं कर पा रहे अभ्यर्थियों के लिए उनका डेटा जारी किया है। इस डेटा में अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, एप्लीकेशन नंबर और उनकी मूल SSO आईडी है। पूरी खबर पढें