बेंगलुरु में बेवड़ी छोरियों का उत्पात: टक्कर के बाद कैब ड्राइवर की आई शामत, बीच बचाव में लोगों के छूटे पसीने

Last Updated:February 08, 2026, 19:35 IST Bangalore Drunk Women Road Rage: बेंगलुरु में नशे में धुत दो युवतियों ने शनिवार रात जमकर उत्पात मचाया. उनकी टू-व्हीलर के कैब से टकराने के बाद शुरू हुए विवाद में उन्होंने ड्राइवर को हेलमेट और लोहे की चैन से पीटा. बीच-बचाव करने आए स्थानीय लोगों पर भी हमला किया गया. पुलिस हिरासत में भी युवतियां अश्लील इशारे और गालियां देती रहीं. पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आधी रात का वक्त, शराब का नशा और टक्क्र. बेंगलुरु की सड़कों पर शनिवार रात जो मंजर दिखा उसने कानून-व्यवस्था को शर्मसार कर दिया. नशे में धुत दो युवतियों ने न केवल एक कैब ड्राइवर को हेलमेट से पीटा बल्कि बीच-बचाव करने आए आम लोगों पर भी जंजीरों से हमला बोल दिया. हद तो तब हो गई जब पुलिस की गाड़ी के भीतर से भी ये युवतियां अश्लील इशारे और गालियां देती रहीं. बेंगलुरु की पब कल्चर वाली सड़कों पर यह किसी फिल्मी विलेन जैसा खौफनाक ड्रामा था. नशे की सनक और सरेआम गुंडागर्दीपुलिस के मुताबिक, शनिवार रात लिसा और मैथ्यू नाम की दो युवतियां अपने दोस्तों से मिलकर घर लौट रही थीं. नशे में चूर इन युवतियों की टू-व्हीलर ने अहमद नामक ड्राइवर की कैब को पीछे से टक्कर मार दी. जब अहमद ने विरोध किया तो युवतियों का पारा चढ़ गया. उन्होंने ड्राइवर को गंदी गालियां देना शुरू किया और पास पड़ा हेलमेट उसके सिर पर दे मारा. मारपीट और अश्लील इशारेवहां मौजूद चश्मदीदों का दावा है कि युवतियों ने अपने हाथों पर लोहे की चैन लपेट रखी थी जिससे उन्होंने कैब ड्राइवर और वहां मौजूद लोगों पर ताबड़तोड़ वार किए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक युवती बीच सड़क पर पुरुषों को लात मारती और अश्लील इशारे करती नजर आ रही है. पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है लेकिन उनकी आक्रामकता पुलिस वैन के अंदर भी कम नहीं हुई. सवाल-जवाब बेंगलुरु में नशे में धुत युवतियों के बवाल की मुख्य वजह क्या थी?नशे में धुत दो युवतियों की टू-व्हीलर ने एक कैब को पीछे से टक्कर मार दी थी, जिसके बाद बहस मारपीट में बदल गई. नशे में धुत युवतियों की पहचान क्या है?पुलिस ने आरोपियों की पहचान लिसा और मैथ्यू के रूप में की है, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया है. बेंगलुरु में मारपीट के दौरान युवतियों ने किन हथियारों का इस्तेमाल किया?युवतियों ने कैब ड्राइवर पर हेलमेट से हमला किया और हाथ में चैन लपेटकर लोगों को मारा. बंगलुरु वायरल वीडियो में युवतियों का व्यवहार कैसा दिख रहा है?वीडियो में युवतियां भीड़ को गालियां दे रही हैं, अश्लील इशारे कर रही हैं और रोकने की कोशिश कर रहे पुरुषों को लात मार रही हैं. पुलिस ने बेंगलुरु में नशे में धुत युवतियों के मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?स्थानीय निवासियों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और दोनों युवतियों को जेल भेजकर जांच शुरू कर दी है. About the Author Sandeep Gupta पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें First Published : February 08, 2026, 19:33 IST
Delhi Gangster: 4500 KM तक पीछा, 100 होटलों में रेड, फिर मिली दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी | delhi police special cell chase 4500 km and caught two dreaded sharpshooters kapil sangwan alias nandu gang kolhapur maharashtra

Last Updated:February 08, 2026, 19:22 IST दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 4500 किलोमीटर के फिल्मी पीछा के बाद कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के दो खूंखार शार्पशूटरों, सौरभ और योगेश को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया है. हरियाणा के संदीप हत्याकांड के मुख्य आरोपी इन बदमाशों ने 100 से अधिक होटलों में छिपने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के फंदे से नहीं बच सके. नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण और साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के दो मुख्य शार्पशूटरों को गिरफ्तार कर लिया है. इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की टीम ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र तक 4500 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया. इन्हें कोल्हापुर के श्री टेम्बलई मंदिर के पास से धर दबोचा गया. सौरभ लाकड़ा और योगेश शर्मा की तलाश पुलिस को 17 जुलाई 2025 को हरियाणा के बादली में हुए सनसनीखेज संदीप उर्फ बबलू हत्याकांड में थी. संदीप जब अपने दोस्त के साथ कार में जा रहा था, तभी इन हमलावरों ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू के इशारे पर उन पर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें संदीप की मौत हो गई थी. स्पेशल सेल के डीसीपी आलाप पटेल के अनुसार, इंस्पेक्टर पवन कुमार और सुमित कादयान की टीम को जनवरी के आखिरी हफ्ते में इन बदमाशों के महाराष्ट्र में होने की सूचना मिली थी. 100 से ज्यादा होटल: पुलिस टीम ने कोल्हापुर और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक होटलों और गेस्ट हाउसों की तलाशी ली. 28-29 जनवरी की दरम्यानी रात को पुलिस ने ऊंचगांव रोड पर घेराबंदी कर दोनों को काबू किया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से खतरे के कारण मध्य प्रदेश से हथियार खरीदे थे. पुलिस ने दिल्ली में उनकी निशानदेही पर छापेमारी कर 02 पिस्टल और 02 कारतूस बरामद किए हैं. गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू का खौफकपिल सांगवान उर्फ नंदू फिलहाल विदेश में बैठकर अपना गैंग चला रहा है. वह दिल्ली के नजफगढ़ और हरियाणा के इलाकों में रंगदारी और वर्चस्व की लड़ाई के लिए जाना जाता है. योगेश और सौरभ जैसे शार्पशूटर उसके सबसे भरोसेमंद गुर्गे हैं, जो सुपारी लेकर हत्याओं को अंजाम देते हैं. कानूनी कार्रवाई और साइड इफेक्ट्सपुलिस ने इन दोनों के खिलाफ BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. इस गिरफ्तारी से नंदू गैंग को बड़ा झटका लगा है और दिल्ली-हरियाणा के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है. पुलिस अब इनके अन्य सहयोगियों और हथियारों के सप्लायरों की तलाश में जुटी है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi First Published : February 08, 2026, 19:22 IST
ghaziabad triple sisters suicide case: ghaziabad police six questions to father list | three wives why extra marital affairs | गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस में पिता से पुलिस के ये 6 सवाल, तीन बीवियां फिर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स क्यों?

Ghaziabad Triple Sisters Suicide Case: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन सगी बहनों के पिता चेतन को लेकर सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं. 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों निशिका, प्राची और पाखी की आत्महत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, गाजियाबाद पुलिस को डरावने सच से सामना हो रहा है. हर दिन नए-नए सुराग हाथ लग रहे हैं. जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है पिता चेतन कुमार का निजी जीवन. गाजियाबाद पुलिस के अनुसार चेतन ने तीन सगी बहनों सुजाता, हीना और टीना से शादी की. फिर बाद में एक पत्नी की सहेली से भी उसके संबंध हो गए, जिसकी वजह से परिवार में अक्सर झगड़े होते रहते थे. उस लिव इन पार्टनर की भी साल 2018 में तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी. पुलिस ने उस वक्त हादसा बताया था, लेकिन अब उस केस की भी फाइल फिर से खुल गई है. चेतन की पहली पत्नी सुजाता से संतान न होने पर उसने उसकी छोटी बहन हीना से शादी हुई. बाद में दो पत्नियों की तीसरी बहन टीना को भी पत्नी बनाकर घर ले आया. तीन बेटियों की मौत के बाद अब एक 13 साल का एक दिव्यांग बेटा और टीना से जन्मी चार साल की एक बेटी बची है. मरने वाली बच्चियों में एक सुजाता की और दो हीना की बेटी थी. पहले कहा गया था कि सुजाता से बच्चा नहीं होने पर परिवार ने ही उसकी बहन से शादी करवा दी. लेकिन बाद में सुजाता से बच्चा फिर कैसे हो गया? अब गाजियाबाद पुलिस ने कई सवालों के साथ चेतन और तीन पत्नियों के साथ-साथ अन्य संबंधियों से पूछताछ कर रही है. आइए जानते हैं कि गाजियाबाद ने चेतन और उसके पत्नियों से क्या-क्या सवाल पूछे? गाजियाबाद पुलिस का पिता चेतन से छह सवाल 1-बच्चियों को स्कूल क्यों नहीं भेजा? बच्चियों ने कोरोना के समय में स्कूल जाना बंद कर दिया था. इसके बाद कई बार स्कूल भेजने की कोशिश की, लेकिन तीनों नहीं गए. बेटियां की निगरानी क्यों नहीं कर पाए? तीनों बेटियां एक साथ खाती, रहतीं और टॉयलेट जाती थीं. तीनों हमारे साथ सोती थीं, लेकिन मुझको नींद आते ही मोबाइल लेकर तीनों दूसरे कमरे में जाकर देखने लगती थीं. आपकी कितनी महिलाओं से संबंध रहे? पहली पत्नी सुजाता है, जिसके संतान न होने पर परिवार की मर्जी से साली हिना से शादी कर ली. सीलमपुर में ससुराल के पड़ोस में रहने वाली तब्बू से संबंध हो गए. उसे नौ साल पहले राजेंद्रनगर वाले फ्लैट में साथ रहने के लिए लाया तो घर पर झगड़े होने लगे. 2018 में यहां उसकी तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी. उस समय मैं घर में नहीं था. इसके बाद तब्बू की रिश्तेदार टीना से संबंध हो गए और उसके गर्भवती होने पर कोर्ट मैरिज कर ली. बच्चियों से मारपीट और शादी कराने की बात में क्या सच्चाई है? नहीं, कभी भी बच्चियों के साथ मारपीट नहीं किया. शादी कराने की बात उन्हें डराने के लिए कही थी, ताकि मोबाइल देखना छोड़ दें. बच्चियों को मोबाइल कब दिलाए? करीब छह सात महीने पहले दो मोबाइल दिलाए थे. दोनों फोन एक जानकार के कहने पर एक व्यक्ति को बेच दिए. दो फ्लैट किराये पर क्यों लिए? घर में ज्यादा सदस्य थे. कभी कोई मेहमान आता या कभी झगड़ा होता था तो उसके लिए दूसरा फ्लैट किराये पर लिया था. क्या बिजनेस में नुकसान हुआ? कोरोना के दौरान थोड़ा नुकसान हुआ, लेकिन दो करोड़ के कर्ज की बात गलत है. बच्चियों को क्या दिक्कत थी? विवाहित चेतन से क्यों शादी की? (पत्नियों से सवाल) सुजाता ने कहा कि उनकी गलती थी जो बच्चियों पर ध्यान नहीं दिया. इसीलिए अपनी बच्चियों को खो दिया. हिना ने कहा कि परिवार की मर्जी से शादी की. वहीं, टीना ने कहा कि संबंध हो जाने के कारण शादी कर ली. तीनों ने चेतन पर कोई भी आरोप नहीं लगाया. पुलिस अब क्या करेगी? गाजियाबाद पुलिस अब साल 2015 से उन पुरानी फाइलों को भी खंगाल रही है, जब चेतन ने एक बाद एक तीन शादियां की. फिर एक पूर्व लिव-इन पार्टनर की साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में एक इमारत की छत से गिरकर संदिग्ध मौत हुई थी. उस समय पुलिस ने उसे ‘सुसाइड’ मानकर केस बंद कर दिया था, लेकिन अब तीन बेटियों की उसी अंदाज में हुई मौत ने पुलिस को उस पुराने मामले को दोबारा खोलने पर मजबूर कर दिया है. ये कहानी है गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी की, जहां एक सामान्य दिखने वाला परिवार अंदर से टूटा-बिखरा था. एक सुसाइड नोट, जिसमें लिखे थे सॉरी पापा. लेकिन ये शब्द एक गहरी साजिश, पारिवारिक उलझनों और भावनात्मक पीड़ा की कहानी छिपाए हुए थे. परिवार में तीन पत्नियां, पांच बच्चे सभी एक ही फ्लैट में रहते हैं, लेकिन ये साथ सिर्फ दिखावा था.अब पुलिस के सामने आने वाले दिनों में कई और सवाल खड़े हैं. लगभग चार साल से घर में कोई टीवी नहीं, कोई दोस्त नहीं. तीनों बहनें पूरी तरह अलग-थलग पड़ गईं. क्या सचमुच में तीनों बहनों की दुनिया कोरियन कल्चर में बस गई थी? वे सोशल मीडिया पर कोरियन नामों से एक्टिव थीं ली नो भैया, कुइना दीदी जैसे नामों से रिश्ते जोड़तीं. कोरियन टीवी सीरीज के-पॉप म्यूजिक और गेम्स उनकी जिंदगी बन गए थे. डायरी में लिखा था- वी लव कोरियन. लव, लव, लव. कोरियन वाज अवर लाइफ. लेकिन पिता चेतन को ये पसंद नहीं था. अब गाजियाबाद पुलिस जांच कर रही है कि क्या सच में सुसाइड था या फिर कुछ और?
Hindu girls in Pakistan: abduction forced marriage | conversion punishment | how muslim ppc law difference bns act | पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन शादी की सच्चाई

Pakistan Hindu Girl Story: पाकिस्तान में बालिग या नाबालिग हिंदू या मुस्लिम लड़कियों का अपहरण करके बलात्कार करना, जबरन शादी करना और फिर तलाक दे देना या मार देना कितना बड़ा अपराध है? क्या पाकिस्तान में भी भारत की तरह ही कानून है या फिर अलग? क्या पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों को घर से उठाकर शादी करना या बलात्कार करने की सजा, मुस्लिमों के साथ होने वाली इस तरह की घटनाओं जैसी ही है? क्या पाकिस्तान में भी भारतीय न्याय संहिता या फिर आईपीसी और सीआरपीसी की तरह कानून है? पाकिस्तान पेनल कोड (PPC) की धारा 498B के तहत जबरन शादी को अपराध माना जाता है, इसके बाद भी हिंदू लड़कियों के साथ इस तरह की घटनाएं क्यों ज्यादा हो रही हैं? जानिए जमीनी हकीकत. पाकिस्तान में जबरन शादी करने पर कितने साल की सजा होती है? पाकिस्तान पेनल कोड की धारा 498B के तहत जबरन शादी को अपराध माना जाता है. इसमें 3 से 7 साल की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है. इसी तरह धारा 375 बलात्कार को परिभाषित करती है और धारा 365 अपहरण को. हालांकि, अल्पसंख्यक समुदायों, खासकर हिंदू और ईसाई लड़कियों के मामलों में यह पाकिस्तानी कानून कमजोर है. अक्सर धर्म परिवर्तन का दावा करके अपराध को जायज ठहरा दिया जाता है. इसी तरह अदालतें शरिया कानून का हवाला देकर पीड़िता को अपहरणकर्ता के साथ रखने का फैसला सुना देती है. पाकिस्तानी कानून भारतीय कानून से कितना अलग है? भारत में कानून ज्यादा सेकुलर हैं और अल्पसंख्यक अधिकारों की सुरक्षा बेहतर है. संविधान की धारा 15, 25 है, लेकिन दोनों देशों में सामाजिक पूर्वाग्रह और राजनीतिक दबाव से न्याय प्रभावित होता है. पाकिस्तान में धार्मिक अदालतें और राजनीतिक प्रभाव ज्यादा हैं, जबकि भारत में हाल के एंटी-कन्वर्जन लॉज को ‘लव जिहाद’ के नाम पर विवादास्पद माना जाता है. पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के साथ क्या होता है? एक कहानी से समझें- यह स्टोरी साल 2012 में पाकिस्तानी हिंदू रिंकल कुमारी पर आधारित है, जो पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन रूपांतरण का एक प्रमुख उदाहरण है. न्यूज 18 हिंदी ने इसे एक काल्पनिक कथा के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन तथ्यों पर आधारित और भारत के कानून से तुलना की है. सिंध प्रांत के छोटे से शहर मीरपुर मथेलो में रहने वाली 19 साल की रिंकल कुमारी एक साधारण हिंदू परिवार की बेटी थी. उसके पिता एक स्कूल टीचर थे और रिंकल कॉलेज जाना चाहती थी. एक रात फरवरी 2012 में कुछ लोग उसके घर में घुसे. उन्होंने रिंकल को क्लोरोफॉर्म से बेहोश किया और अपहरण कर लिया. अगले दिन, उसके परिवार को पता चला कि रिंकल को पड़ोसी नवेद शाह ने अपहरण किया है, जो मुस्लिम था. अपहरण के बाद नवेद ने कोर्ट में क्या दावा किया था? नवेद ने दावा किया कि रिंकल ने अपनी इच्छा से इस्लाम कबूल किया और उससे शादी की. लेकिन रिंकल के परिवार ने कहा कि यह जबरन था. रिंकल के पिता ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन स्थानीय प्रभावशाली नेता मियां मिथु ने नवेद का साथ दिया. पाकिस्तान में ऐसे मामलों में पीपीसी की धारा 498B के बावजूद, अगर रूपांतरण का दावा हो तो कोर्ट्स शरिया का हवाला देकर पीड़िता को अपहरणकर्ता के साथ रख सकती हैं. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? रिंकल का केस करांची हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. सुनवाई के दौरान रिंकल ने रोते हुए कहा, ‘मैं हिंदू हूं, मुझे जबरन कन्वर्ट किया गया.’ लेकिन दबाव में उसने कोर्ट में नवेद के साथ रहने का बयान दिया. सुप्रीम कोर्ट ने उसे तीन हफ्ते प्रोटेक्टिव कस्टडी में रखा, लेकिन आखिर में उसे नवेद के साथ जाने दिया. यह मामला भारत में होता तो क्या होता? जबकि, परिवार का कहना था कि रिंकल को धमकी दी गई थी. अगर वह वापस आई तो परिवार का कत्ल कर दिया जाएगा. अब भारत से तुलना करें. अगर यह मामला भारत में होता तो उस समय आईपीसी की धारा 366 के तहत अपहरण और शादी के लिए दंड 10 साल तक का होता. अगर रिंकल नाबालिग होती हालांकि वह 19 की है. लेकिन मान लीजिए 17 की होती भारत में नवेद पर POCSO एक्ट लागू होता, जिसमें स्टेट्यूटरी रेप की सजा आजीवन कारावास तक है. भारत में अल्पसंख्यक अधिकारों की सुरक्षा संविधान की किसा धारा के तहत होती है? भारत में अल्पसंख्यक अधिकारों की सुरक्षा संविधान की धारा 25 से होती और एनजीओ या हाई कोर्ट ज्यादा सक्रिय होते. पाकिस्तान में धार्मिक दबाव ज्यादा था, जबकि भारत में सेकुलर फ्रेमवर्क से न्याय की उम्मीद ज्यादा होती. रिंकल की स्टोरी हजारों हिंदू लड़कियों की तरह खत्म हुई. वह कभी घर नहीं लौटी. उसके परिवार ने पाकिस्तान छोड़ दिया और मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा, लेकिन न्याय नहीं मिला. यह दिखाता है कि कानून होने के बावजूद, सामाजिक और राजनीतिक दबाव कैसे अल्पसंख्यकों को प्रभावित करते हैं. पाकिस्तान की तरह अगर नाबालिग लड़कियों का भारत में अपहरण होता तो कितनी होती सजा? भारत की तरह पाकिस्तान में भी नाबालिग लड़की को अपहरण करके जबरन शादी करना अपराध है. पाकिस्तान में चाइल्ड मैरिज रेस्ट्रेंट एक्ट 1929 के तहत महिलाओं की शादी की न्यूनतम उम्र 16 साल है. वहीं पुरुषों के लिए 18, लेकिन सिंध प्रांत में 2013 के एक्ट और इस्लामाबाद में 2025 के नए कानून के तहत दोनों लिंगों के लिए 18 साल है. पाकिस्तान में लगभग हर साल 1,000 से अधिक अल्पसंख्यक लड़कियां अपहरण, धर्म परिवर्तन और मुस्लिम लड़के के साथ जबरन शादी का शिकार होती हैं. पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों और महिलाओं को सबसे ज्यादा अपराधों का सामना जैसे अपहरण, इस्लाम धर्म अपनाने का मजबूर करना, जबरन शादी, घरेलू दासता और यौन हिंसा से सामना करना पड़ता है. ये अपराध मुख्य रूप से सिंध प्रांत में होते हैं, जहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं.









