रोहिणी कांड: रात खुले मैनहोल में गिरा, तड़प-तड़पकर गई जान; शराबी को अगले दिन याद आया दोस्त के साथ क्या हुआ था

नई दिल्ली. रोहिणी सेक्टर-32 की उस सुनसान सड़क पर सोमवार की रात मौत बिछी हुई थी, लेकिन बिरजू को इसका अंदाजा नहीं था. हाथ में हाथ डाले दो दोस्त नशे की खुमारी में अपनी झुग्गी की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक एक चीख गूंजी और बिरजू काली अंधेरी सुरंग जैसे खुले मैनहोल में समा गया. हैरानी और सिहरन पैदा करने वाली बात यह है कि उसका दोस्त इतना नशे में था कि उसे अपने साथ चल रहे साथी के गायब होने का अहसास तक नहीं हुआ. बिरजू अंदर दम घुटने और गंदे पानी के बीच जिंदगी की आखिरी जंग लड़ रहा था. जब अगले दिन सूरज की तपिश के साथ साथी का नशा उतरा, तब उसे याद आया कि बिरजू तो कल रात उसके साथ था. दोपहर के ढाई बज चुके थे यानी पूरे 19 घंटे बीत चुके थे. जब प्रशासन तक खबर पहुंची और रेस्क्यू शुरू हुआ, तो बाहर सिर्फ बिरजू की लाश निकली. समस्तीपुर का वह मजदूर जो अपनों का पेट पालने दिल्ली आया था, एक दोस्त की बेहोशी और प्रशासन की लापरवाही के बीच तड़प-तड़पकर खामोश हो गया. पीछे छूट गए तीन मासूम बच्चे और एक बूढ़ी मां, जिनके लिए दिल्ली अब सिर्फ एक ‘डेथ ट्रैप’ बनकर रह गई है. देश की राजधानी में प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर एक गरीब मजदूर के लिए काल बन गई. रोहिणी सेक्टर-32 स्थित महाशक्ति काली मंदिर के पास डीडीए (DDA) की खाली जमीन पर बिना ढक्कन के खुले पड़े एक गहरे मैनहोल ने 32 वर्षीय बिरजू कुमार राय की जान ले ली. सोमवार रात करीब 7:30 बजे बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिरजू अपने दोस्त के साथ झुग्गी लौट रहा था, तभी अंधेरे में संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे मौत के इस जाल में समा गया. हैरानी की बात यह है कि बिरजू का साथी नशे में होने के कारण रात भर चुप रहा और अगले दिन दोपहर में होश आने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी देरी हुई. इस हादसे ने दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम और संबंधित विभागों की गंभीर अनदेखी को उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों और चश्मदीदों का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी प्रशासन घंटों सुस्त बना रहा और सक्रियता तभी आई जब 112 पर दोबारा कॉल की गई. मृतक बिरजू अपने पीछे बूढ़ी मां और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, इस घटना पर सियासत भी गरमा गई है. चश्मदीद बोला- खुला था ढक्कनएक युवक ने बताया, ‘मैंने काल की थी, मुझे पता चला यहां कोई गिर गया है, पुलिस ने किसी डिपार्टमेंट को इंटीमेशन नहीं दिया था, ना फायर को किया था, मैने आकर 112 पर काल करी, मैने यहां जो अधिकारी थे उनके वीडियो बना रखी है, जो यहां पर चल रहा था, ये आदमी कल से इस गडडे मे गिरा हुआ था, 4 बजे इसके साथियो ने बताया पुलिस को, 4 बजे से 7 बजे तक कुछ नही हुआ, मेरे काल के बाद सारा प्रशासन यहां आता है और कार्रवाई होती है, वो 30-32 साल का है, बाडी रिकवर हुई है. उसका नाम है ब्रिजु कुमार है, उम्र 32 साल है, बिहार समस्तीपुर के है, लंच मे पता लगा है, ढक्कन खुला था वो बंदा रात मे गिर गया, लंच के समय मे मुझे पता चला, प्रशासन को इंफोर्म किया, परिवार मे उसकी मां है, तीन बच्चे है. वो ढक्कन खुला था, रात मे गिर गया, यही पता लगा, लंच के समय मे पता चला, हम सब आये प्रसासन को इंफोर्म किये, परिवार मे उसकी मां है, तीन बच्चे है.’ एडवोकेट तेजपाल यादव ने बताया कि मैने काल की थी, मुझे पता चला यहां कोई गिर गया है, पुलिस ने किसी डिपार्टमेंट को इंटीमेशन नहीं दिया था, ना फायर को किया था, मैने आकर 112 पर काल करी, मैने यहां जो अधिकारी थे उनके वीडियो बना रखी है, जो यहां पर चल रहा था, ये आदमी कल से इस गडडे मे गिरा हुआ था, 4 बजे इसके साथियो ने बताया पुलिस को, 4 बजे से 7 बजे तक कुछ नही हुआ, मेरे काल के बाद सारा प्रशासन यहां आता है, और कार्रवाई होती है, वो 30-32 साल का है, बाडी रिकवर हुई है. सुनील कुमार- उसका नाम है बिरजू कुमार है, उम्र 32 साल है, बिहार समस्तीपुर के है, लंच मे पता लगा है, ढक्कन खुला था वो बंदा रात मे गिर गया, लंच के समय मे मुझे पता चला, हम सब आये प्रशासन को इंफोर्म किया, परिवार मे उसकी मां है, तीन बच्चे है. सौरभ भारद्वाज ने रेखा सरकार पर उठाए सवालविपक्ष के नेता सौरभ भारद्वाज ने इसे सरकार का ‘सर्कस’ करार देते हुए तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि दो आदमी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 32 में सड़क पर जा रहे थे, चलते चलते उनके से एक गड्ढे में गिरा. जहां गिरा वो गड्ढ़ा एक गेहरा नाला था. लाश भी नहीं मिली. रेखा गुप्ता की सरकार सिर्फ़ फोटोबाज़ी और भाषणबाज़ी की नकारा सरकार है. इनको सरकार नहीं चलानी सिर्फ़ सर्कस चलाना है. फिलहाल बेगमपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है कि इस खुले मैनहोल की जिम्मेदारी किस विभाग की थी. सवालों के घेरे में व्यवस्था: कैसे हुई बिरजू की मौत?रोहिणी सेक्टर-32 में यह हादसा कब और किन परिस्थितियों में हुआ?पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सोमवार (9 फरवरी) रात करीब 7:30 बजे हुआ. बिरजू कुमार राय (32) और उसका दोस्त बुधन दास काम खत्म कर अपनी झुग्गी की ओर लौट रहे थे. रास्ते में डीडीए की जमीन पर एक गहरा मैनहोल बिना ढक्कन के खुला पड़ा था. अंधेरे के कारण बिरजू का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे उस गहरे सीवर में जा गिरा. हादसे की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने में इतनी देरी क्यों हुई?बिरजू का साथी बुधन दास उस समय नशे की हालत में था. बिरजू के गिरने के बाद उसने रात में किसी को सूचना नहीं दी. अगले दिन 10 फरवरी को दोपहर में जब उसे होश आया, तब उसने अपने मित्र आमिर हुसैन को इसकी जानकारी दी. आमिर ने दोपहर 2:36 बजे पुलिस को कॉल कर घटना की आशंका जताई. क्या पुलिस और बचाव दल की ओर से
rajpal yadav sentence cheque bounce case: rajpal yadav pay 9 crore rupees after jail | Cheque Bounce rules act punishment liability | क्या सजा काटने के बाद राजपाल यादव को नहीं देने पड़ेंगे 9 करोड़? जानिए चेक बाउंस का मायाजाल

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: क्या होता है चेक बाउंस केस, जिस मामले में देश के चर्चित कॉमेडियन राजपाल यादव को जाना पड़ा है जेल? क्या कोई शख्स चेक बाउंस की सजा जेल में रहकर काट लेता है तो उसे बकाया रकम चुकाने से आजादी मिल जाती है? या फिर जेल की सजा अदालत की अवेहलना और चेक बाउंस के लिए सुनाई जाती है? चेक बाउंस केस में किसी शख्स को कितने साल की सजा होती है? क्या है राजपाल यादव वाला केस और क्या अब जेल जाने के बाद भी उन्हें रकम वापस करनी पड़ेगी? दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर राजपाल यादव ने बीते गुरुवार को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था. वर्षों पुराने चेक बाउंस केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सख्त रुख दिखाया. राजपाल यादव अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं. जेल जाने से पहले उनकी आंखों में आंसू थे और उन्होंने बेबसी में कहा, ‘मेरे पास पैसे नहीं हैं, न ही कोई दोस्त… मैं अकेला पड़ गया हूं. करोड़ों कमाने वाला यह सितारा जेल की कोठरी तक कैसे पहुंचा और कानून के नजरिए से अब उनके पास क्या-क्या विकल्प बचे हैं? यह सारा बवाल शुरू हुआ साल 2010 में. राजपाल यादव अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ निर्देशित करना चाहते थे. फिल्म बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली के एक व्यापारी मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई और राजपाल कर्ज में डूब गए. कर्ज चुकाने के लिए राजपाल ने जो चेक दिए, वे बैंक में बाउंस हो गए. यहीं से उन पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ. जो 5 करोड़ का लोन था, वह ब्याज और जुर्माने के साथ बढ़कर अब लगभग 9 करोड़ रुपये हो चुका है. राजपाल यादव के साथ अब आगे क्या होगा? राजपाल यादव को निचली अदालत ने 6 महीने की कैद की सजा सुनाई थी. दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें कई बार मोहलत दी कि वे पैसे चुका दें, लेकिन हर बार वे नाकाम रहे. कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार राजपाल के पास अब ये विकल्प हैं: पूरी सजा काटना: अगर वे बकाया 9 करोड़ रुपये नहीं चुका पाते, तो उन्हें कोर्ट के आदेशानुसार पूरी 6 महीने की सजा जेल में काटनी होगी. सेटलमेंट (Out of Court Settlement): अगर इस दौरान वे शिकायतकर्ता (मुरली प्रोजेक्ट्स) को एक निश्चित राशि देकर समझौता कर लेते हैं, तो वे अपनी सजा को कम करने या खत्म करने के लिए हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं. अच्छे आचरण का लाभ: जेल में बेहतर आचरण (Good Conduct) होने पर जेल प्रशासन 15-20 दिन की रियायत दे सकता है, लेकिन यह जेल के नियमों पर निर्भर करता है. क्या होता है चेक बाउंस केस और कितनी होती है सजा? जब आप किसी को भुगतान के लिए चेक देते हैं और बैंक उसे ‘अपर्याप्त फंड’ (Insufficient Funds) या किसी अन्य तकनीकी कारण से रिजेक्ट कर देता है, तो इसे चेक बाउंस कहा जाता है. कानूनी नोटिस: चेक बाउंस होने के बाद, पैसा पाने वाले को 30 दिनों के भीतर आपको एक कानूनी नोटिस भेजना होता है. 15 दिन की मोहलत: नोटिस मिलने के बाद आपके पास पैसे चुकाने के लिए 15 दिन का समय होता है. सजा का प्रावधान: अगर 15 दिन में पैसे नहीं चुकाए गए, तो आप पर केस दर्ज हो सकता है. दोषी पाए जाने पर 2 साल तक की जेल या चेक की राशि का दोगुना जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. क्या जेल जाने के बाद पैसा नहीं देना पड़ेगा? यहीं पर सबसे बड़ी गलतफहमी पैदा होती है. कानूनी विशेषज्ञों और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों (जैसे कुमारन बनाम केरल राज्य) के अनुसार: सजा दंड है, सेटलमेंट नहीं: जेल की सजा आपको ‘अपराध’ के लिए दी जाती है, न कि आपके ‘कर्ज’ के बदले. कर्ज बना रहता है: जेल से बाहर आने के बाद भी लेनदार (पैसे मांगने वाला) आपसे अपनी रकम वसूलने का हकदार रहता है. संपत्ति की कुर्की: अगर आरोपी जेल काट लेता है और फिर भी पैसे नहीं देता, तो कोर्ट उसकी संपत्ति कुर्क (Seize) करने का आदेश दे सकती है ताकि लेनदार का पैसा लौटाया जा सके. क्या राजपाल यादव को 9 करोड़ देने होंगे? राजपाल यादव को 6 महीने की सजा सुनाई गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि:राजपाल यादव ने अपनी देनदारी (Liability) खुद स्वीकार की है. भले ही वे 6 महीने तिहाड़ जेल में रहें, लेकिन M/s Murali Projects का बकाया पैसा (जो अब करीब 9 करोड़ हो चुका है) उन्हें चुकाना ही होगा. जेल की सजा सिर्फ उनके द्वारा बार-बार कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने और चेक बाउंस करने के ‘जुर्म’ की सजा है. बाहर आने के बाद भी उनकी संपत्ति या भविष्य की कमाई से वह पैसा वसूला जा सकता है.
kanpur lamborghini accident: shivam mishra Vs salman khan high profile hit and run case | court verdict | कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में आया नया मोड़, क्या शिवम मिश्रा हो जाएगा बरी? सलमान खान सहित इन 3 घटनाओं से समझें

Kanpur Lamborghini Accident Case: कानपुर की सड़कों पर छह लोगों को अपनी तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी से रौंदने वाले शिवम मिश्रा का मामला क्या अदालती दांव-पेंच की भेंट चढ़ जाएगा? सोमवार को कानपुर के एक बड़े तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने जो दलीलें पेश कीं, उसने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है. एक तरफ पीड़ित इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वकील का दावा है कि शिवम को मिर्गी के दौरे आते हैं और कार वह नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था. शिवम के वकील का कहना है कि एक्सीडेंट के वक्त शिवम की तबीयत खराब थी. लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं. वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक्सीडेंट के तुरंत बाद बाउंसर ड्राइविंग सीट से शिवम मिश्रा को बाहर निकाल रहा है. भारत में यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई-प्रोफाइल मामले में ड्राइवर या बीमारी को ढाल बनाया गया हो. देश के कुछ बड़े एक्सीडेंट केस इस बात के सबूत हैं कि रसूख कैसे कानून को अपनी उंगलियों पर नचाता है. पहले उन मामलों को समझें, जिसमें रसूखदार लोग बड़ी आसानी से निकल गए. जबकि, सबूत चीख-चीख कर कह रहा था कि वह दोषी था. कानपुर हिट एंड रन केस में बड़ा एक्शन. देश में इस तरह के कितने हाई-प्रोफाइल मामले? सलमान खान हिट एंड रन केस 2002: इस केस में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अंत में यही तर्क दिया गया कि कार सलमान नहीं, उनका ड्राइवर अशोक सिंह चला रहा था. सबूतों के अभाव में सलमान बरी हो गए. संजीव नंदा (बीएमडब्ल्यू केस, 1999): रईस खानदान के संजीव नंदा ने दिल्ली में 6 लोगों को कुचल दिया था. इस मामले में भी गवाहों को तोड़ने और सबूत मिटाने की हर संभव कोशिश हुई, हालांकि अंत में सजा हुई लेकिन बहुत कम. पुणे पोर्श कांड (2024): एक नाबालिग रईसजादे ने दो इंजीनियरों को कुचल दिया. पुलिस और डॉक्टरों ने मिलकर ब्लड सैंपल बदले और ड्राइवर को जबरन जुर्म कबूल करने के लिए धमकाया. बाद में हाईकोर्ट की दखल से मामला खुला. कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे पर क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी न्यूज़ 18 इंडिया ने उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी अरविंद जैन से बात की. उन्होंने कहा कि शिवम मिश्रा का तुरंत मेडिकल होना चाहिए था और पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है. कानपुर में एक लैम्बोर्गिनी कार हादसे में तीन लोगों को रौंदा गया, जिसमें पुलिस ने लापरवाही की. अगर अधिकारी मौके पर जाते तो सही जानकारी मिलती. पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर को हटा दिया है. शिवम मिश्रा खुद कार चला रहा था और बाउंसर ने उसे बचाया. मौके पर जाकर सही जानकारी लेकर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी. क्या कहते हैं कानूनी जानकार? कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि शिवम को मिर्गी (Epilepsy) की बीमारी है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बना? मेडिकल नियमों के अनुसार, मिर्गी के मरीजों को ड्राइविंग की अनुमति नहीं है. यदि वह सचमुच बीमार है तो उसने गाड़ी चलाकर जानबूझकर दूसरों की जान जोखिम में डाली, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है. कानपुर पुलिस के सामने अब क्या चुनौती? अब गेंद कानपुर पुलिस के पाले में है. क्या पुलिस सीसीटीवी और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर इस दावे को झूठा साबित कर पाएगी? या फिर 100 करोड़ के साम्राज्य का वारिस शिवम मिश्रा भी इंसाफ की देरी का फायदा उठाकर बाहर घूमता रहेगा? बचाव पक्ष क्या तर्क अदालत में दे सकती है? लैंबॉर्गिनी केस पर बचाव पक्ष के वकील मृत्युंजय ने कहा, शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था. उसका ड्राइवर मोहन चला रहा था. यह एक एक्सीडेंट का मामला है. जब वह गाड़ी नहीं चला रहा था, तो उसके खिलाफ कोई केस नहीं बन सकता. इस बीच, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बाउंसर शिवम को ड्राइविंग सीट से उठाकर ले जा रहे हैं. एक्सीडेंट के 24 घंटे बाद सामने आए फुटेज में एक बाउंसर शिवम मिश्रा को लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की ड्राइवर सीट से खींचता हुआ दिख रहा है. बैकग्राउंड में स्थानीय लोगों को लोगों से वीडियो रिकॉर्ड करने की अपील करते हुए सुना जा सकता है. इस मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है. अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण में लापरवाही बतरने के आरोप में ग्वालटोली थाना के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है. वहीं बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा भी जांच के दायरे में है. अधिकारियों ने बताया कि रविवार को ग्वालटोली इलाके में वीआईपी मार्ग पर दोपहर करीब सवा तीन बजे करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी. कार ने कई लोगों को कुचल दिया था. इस घटना में कम से कम छह लोग जख्मी हो गए थे.
घर के आगे से किडनैप हुआ प्रॉपर्टी डीलर, बदमाशों ने मांगी 2 लाख की फिरौती, पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी

Last Updated:February 10, 2026, 12:00 IST Bikaner News: बीकानेर के लूणकरणसर कस्बे में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र पीरतानी के अपहरण से हड़कंप मच गया. कैम्पर सवार बदमाश घर के बाहर से उन्हें जबरन उठा ले गए. घटना के बाद पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया. अपहरण के कुछ समय बाद ही बदमाशों ने दो लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन किया. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. इलाके में दहशत का माहौल है. ख़बरें फटाफट बीकानेर में कैम्पर सवार बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर का कर लिया अपहरण बीकानेर. लूणकरणसर कस्बे से मंगलवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण कर लिया गया. कैम्पर सवार अज्ञात बदमाश घर के बाहर से सुरेंद्र पीरतानी को जबरन उठाकर ले गए. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों में दहशत का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र पीरतानी मंगलवार सुबह अपने घर के बाहर खड़े थे. इसी दौरान एक कैम्पर वाहन वहां आकर रुका, जिसमें सवार 4 से 5 बदमाशों ने अचानक उन पर हमला कर दिया. बदमाशों ने सुरेंद्र को जबरन वाहन में डाला और मौके से फरार हो गए. घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बदमाश भाग निकले. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने चेहरे ढक रखे थे और वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया. घर के आगे से उठा ले गए प्रोपर्टी डीलर लूणकरणसर में प्रोपर्टी डीलर के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. वार्ड नंबर 37 से कैंपर में सवार बदमाशों ने व्यापारी सुरेन्द्र का घर के आगे से अपहरण कर लिया. आरोपियों ने युवक के अपहरण के बाद 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी. परिजनों की ओर से बातचीत के बाद सुरेन्द्र के भाई ने दो लाख रुपये की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की, जिसके बाद बदमाशों ने देर रात युवक को करीब 20 किलोमीटर दूर छोड़ दिया. घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और दो नामजद सहित तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और अपहरण की साजिश के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. दो लाख की मांगी गई है फरौती घटना की सूचना मिलते ही बीकानेर के लूणकरणसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से जानकारी जुटाई. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं. साथ ही जिलेभर में नाकाबंदी कर संभावित रास्तों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है. पुलिस की कई टीमें गठित कर बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है. इधर, अपहरण के कुछ समय बाद ही सुरेंद्र पीरतानी के भाई के पास बदमाशों का फोन आया, जिसमें दो लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई. बदमाशों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई या किसी तरह की चालाकी की गई, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी. साइबर सेल और तकनीकी टीम की ली जा रही मदद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है. कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रेस कर बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. साइबर सेल और तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया है. प्राथमिक जांच में मामला आपसी रंजिश या लेन-देन से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है. फिलहाल पुलिस बदमाशों की गिरफ्तारी और अपहृत की सुरक्षित बरामदगी के लिए लगातार दबिश दे रही है. इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस घटना से सहमे हुए हैं. पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें Location : Bikaner,Rajasthan First Published : February 10, 2026, 07:30 IST
Delhi Piragarhi Case | Mystery Baba Role in Piragarhi Case- मौत से पहले दिखा था रहस्यमयी ‘तांत्रिक’, कौन था वो, पीरागढ़ी केस में क्या रोल? 3 लाशों का केस उलझा

Delhi Piragarhi Case: देश की राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने का मामला अब और रहस्यमय होता जा रहा है. शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए खुलासे सामने आने लगे हैं. सबसे चौंकाने वाला पहलू एक रहस्यमयी ‘तांत्रिक’ का सामने आना है, जिसे मौत से पहले तीनों मृतकों के साथ देखा गया था. पुलिस ने इस तांत्रिकको हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच से पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. तीनों शव कार के अंदर मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. यह घटना रविवार दोपहर सामने आई जब पुलिस को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास खड़ी एक कार में तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर तीनों को मृत पाया. कार के दरवाजे अंदर से लॉक थे और शवों के पास शराब की बोतलें और डिस्पोजेबल ग्लास मिले. दो शवों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहर या किसी रसायन के सेवन की आशंका जताई जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है. पुलिस ने रणधीर और शिव नरेश का पोस्टमार्टम करा लिया है. पीरागढ़ी में तीनों लोगों की मौत कैसे हुई? शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि तीनों ने जहर मिला पेय पदार्थ पिया हो सकता है. शवों के पास शराब की बोतल और डिस्पोजेबल ग्लास मिले हैं. दो मृतकों के मुंह से उल्टी भी मिली, जिससे जहरीले पदार्थ के सेवन की संभावना जताई जा रही है. हालांकि पुलिस फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. इसके बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट हो पाएगा. इस मामले में रहस्यमयी तांत्रिक की भूमिका क्या है? पुलिस जांच में सामने आया है कि मौत से पहले तीनों मृतक एक तांत्रिक से मिले थे. सीसीटीवी फुटेज में तांत्रिक को कार की फ्रंट सीट पर बैठे देखा गया है. पुलिस को शक है कि तांत्रिक इस मामले की अहम कड़ी हो सकता है. फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तांत्रिक का तीनों से क्या संबंध था. तीनों मृतकों के बीच क्या संबंध था? पुलिस के अनुसार रणधीर और शिव नरेश पिछले कई सालों से एक-दूसरे को जानते थे और प्रॉपर्टी कारोबार में जुड़े हुए थे. लक्ष्मी देवी बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ा काम करती थीं. जांच में सामने आया है कि तीनों एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे, लेकिन परिवार के कुछ लोगों को लक्ष्मी के बारे में जानकारी नहीं थी. इससे मामले में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस इस मामले की जांच कैसे कर रही है? पुलिस ने तीनों मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और चैट की जांच की जा रही है. इसके अलावा कार के रूट पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस तांत्रिक से पूछताछ के साथ-साथ जहर या साजिश के एंगल पर भी जांच कर रही है. फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है. पुलिस जांच में सामने आया है कि रविवार सुबह तीनों पीरागढ़ी इलाके से निकले थे और बाद में उत्तर-पूर्वी दिल्ली गए थे. इसी दौरान उनकी तांत्रिक से मुलाकात हुई थी. दोपहर में वे फिर पीरागढ़ी लौटे और बाद में उनकी लाश कार में मिली. फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर जांच कर रही है. परिवार के सदस्यों ने आत्महत्या की संभावना को खारिज किया है. रणधीर के परिवार का कहना है कि वह खुशमिजाज व्यक्ति थे और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था. परिवार का दावा है कि रणधीर सामान्य तरीके से घर से निकले थे और उन्होंने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था. इससे पुलिस के सामने मामला और उलझता नजर आ रहा है. पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने रणधीर और शिव नरेश का पोस्टमार्टम करा लिया है, जबकि लक्ष्मी का पोस्टमार्टम बाकी है. तीनों का विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिससे शरीर में मौजूद रसायनों की जांच की जाएगी. रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण और मामले की असली सच्चाई सामने आ सकती है. पुलिस ने कहा है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है.
Seychelles First Blind Woman Judge Thanya

Hindi News Career Seychelles First Blind Woman Judge Thanya | Current Affairs 2026 11 दिन पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. भारत सरकार सेशेल्स को 1587 करोड़ रुपए देगी 9 फरवरी को पीएम मोदी ने भारत की ओर से सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर यानी 1587 करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज देने का ऐलान किया। ये घोषणा नई दिल्ली में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक और पीएम मोदी की मुलाकत के दौरान हुई। इस पैकेज का उपयोग सेशेल्स में सोशल हाउसिंग, ई-मोबिलिटी, बिजनेस ट्रेनिंग और हेल्थ सिस्टम की बेहतरी के लिए किया जाएगा। भारत और सेशेल्स ने स्वास्थ्य, मौसम विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और गुड गवर्नेंस समेत 7 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर भी साइन किए हैं। 5 फरवरी को राष्ट्रपति पैट्रिक 5 दिन के दौरे पर भारत आए हैं। सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी देश है। पैट्रिक की भारत यात्रा, भारत- सेशेल्स के डिप्लोमेटिक रिलेशनशिप के 50 साल पूरे होने के मौके पर है। 2. थान्या नाथन सी. देश की पहली 100% ब्लाइंड महिला जज बनेंगी थान्या नाथन सी. केरल राज्य की पहली 100% ब्लाइंड जज बनेंगी। ज्यूडिशियल एग्जामिनेशन में पर्सन विथ डिसेबिलिटी लिस्ट में नाथन ने टॉप किया है। जज बनने से पहले तक थान्या कन्नूर जिले के तालिपरम्बा में एक लॉयर के तौर पर प्रैक्टिशनर लॉयर थीं। 24 वर्षीय थान्या देश और अपने राज्य की पहली 100% ब्लाइंड जज होंगी। साल 2013 में राजस्थान के ब्रह्मानंद शर्मा पहले ब्लाइंड जज बने थे। दुनिया के पहले 100% ब्लाइंड जज सर जॉन एंथोनी वॉल माने जाते हैं। सर जॉन एंथोनी 1991 में यूनाइटेड किंगडम में चांसरी डिवीजन में हाइकोर्ट न्यायालय के डिप्टी मास्टर नियुक्त किए गए थे। अक्टूबर 2025 में जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और आर. महादेवन की बेंच ने एक सुनवाई पर फैसला देते हुए कहा था, ‘ब्लाइंडनेस किसी कैंडिडेट् की जज बनने की योग्यता को कम नहीं कर सकती।’ सुप्रीम कोर्ट ने 25 नवंबर 2024 को 100% दृष्टिहीन लॉ स्टूडेंट को 1 दिसंबर को होने वाली कॉमन लॉ एंट्रेंस टेस्ट (CLAT) पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा 2024-25 में शामिल होने की अनुमति दी थी। थान्या ने कन्नूर विश्वविद्यालय से एलएलबी में फर्स्ट रैंक के साथ ग्रेजुएशन किया। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. साने ताकाइची दूसरी बार जापान की पीएम बनीं 8 फरवरी को हुए आम चुनाव में पीएम साने ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने बड़ी जीत हासिल की। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। LDP के गठबंधन को 465 में से 352 सीटें मिली हैं। LDP ने ही 316 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के लिए काफी ज्यादा हैं। ताकाइची शुरुआत में राजनीति में आईं। उसके बाद उन्होंने 1996 में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) जॉइन की। ताकाइची अक्टूबर 2025 में देश की पहली महिला पीएम बनीं थीं। 2025 में पहले वे LDP की लीडर बनीं। फिर जापानी डाइट ने उन्हें पीएम के तौर पर चुना। जापान की संसदीय प्रणाली में पीएम को जनता सीधा नहीं चुनती है, बल्कि नेशनल डाइट (संसद) के भीतर मेम्बर्स कैंडिडेट नॉमिनेट करते हैं और पीएम चुना जाता है। पहली बार 1993 में ताकाइची जापान की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटिव बनीं थी। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. इंडियन आर्मी ने IDFC फर्स्ट बैंक के साथ MOU साइन किया 8 फरवरी को इंडियन आर्मी ने IDFC फर्स्ट बैंक के साथ MOU साइन किया। इस MoU के तहत आर्मी में शामिल सभी कार्ययत और रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर्स को IDFC फर्स्ट बैंक, बैंकिंग सर्विस जैसे पर्सनल लोन, नॉमिनी कवर जैसी सुविधाएं देगा। इस MoU के तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा में सैलरी प्रूफ या पेंशन क्रेडिट के बगैर 60 लाख तक का कवरेज दिया जाएगा। MoU के तहत हवाई दुर्घटना बीमा 1 करोड़ रुपए तक का कवर होगा और बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए 4 लाख रुपए तक मिलेंगे। साथ ही लड़की की शादी के लिए 2 लाख तक लोन दिया जाएगा। इंडियन आर्मी और IDFC फर्स्ट बैंक ने ये MoU फरवरी 2029 तक के लिए किया है। 5. भारतीय सेना ने नेपाल को आर्मी की मदद के लिए व्हीकल दिए भारतीय सेना ने भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सेना को 50 सैन्य वाहन सौंपे। काठमांडू में एक समारोह के दौरान नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ऑफिशियली ये वाहन अलॉट करेंगे। इंडियन आर्मी ने वाहन नेपाली सेना की मदद और क्षमता बढ़ाने के लिए भेजे हैं। ये दोनों सेनाओं के बीच दोस्ती, विश्वास और करीबी सहयोग के लिए हैं। सैन्य वाहन भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए किया गया है। भारत और नेपाल ने दिसंबर 2025 में सूर्यकिरण संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किया था। इससे पहले 20 जनवरी को भी भारत ने नेपाल सरकार को 650 वाहनों में से 60 पिकअप की पहली खेप सौंपी थी। ये पिकअप चुनावी मदद के लिए भेजी गईं थीं। इसकी पहली किश्त नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल को काठमांडू में भारतीय दूतावास के प्रभारी डॉ. राकेश पांडे ने सौंपी थी। इन व्हीकल को भेजने का उद्देश्य इलेक्शन में मैनेजमेंट की मदद करना था। ये नेपाल के मुश्किल रास्तों के लिए मददगार होंगी। नेपाल ने संघीय संसदीय और प्रांतीय चुनावों में बेहतर ट्रांसपोर्ट के लिए भारत से पिकअप वाहन की मदद मांगी थी। 5 मार्च को नेपाल में 275 सीटों पर चुनाव होंगे। वहीं भारत और नेपाल के बीच वाहन मदद की एक पुरानी परंपरा रही है। भारत 2008 से नेपाल को चुनाव के दौरान मदद देता रहा है। भारत ने पिछले कुछ सालो में नेपाल मंत्रालयों और विभागों को लगभग 2,400 वाहन उपहार में दिए हैं। साल 2022 में भारत ने नेपाल को चुनाव में मदद के लिए 200 वाहन उपहार में दिए थे, जिनमें लगभग 120 सुरक्षा बलों के लिए और 80 चुनाव आयोग के लिए दिए गए थे। भारतीय सेना ने भारत-नेपाल सीमा पर 50 आर्मी यूटिलिटी व्हीकल सौंपे हैं। आज का इतिहास 1616- ब्रिटेन के राजदूत सर थॉमस, जहांगीर के दरबार में अजमेर आए थे। 1929 – जे.आर.डी. टाटा को भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था। 1921- ड्यूक ऑफ कनॉट ने दिल्ली में इंडिया गेट की नींव रखी थी। 1931- नई









