ठांय-ठांय-ठांय, जेल से बाहर आते ही गोगी गैंग के गुर्गे की गोली मारकर हत्या, टिल्लू गैंग ने लिया बदला?

Last Updated:February 14, 2026, 21:28 IST Delhi Gang War: दिल्ली के रोहिणी इलाके में कुख्यात गोगी गैंग के साहिल की गोली मारकर कर हत्या कर दी गई. दरअसल, शनिवार शाम को जेल से रिहा होने के कुछ ही देर बाद ही उसकी गोली मारकर हत्या की गई. पुलिस का मानना है कि ये बदले की भावना हुआ गैंगवार हुआ. यह हत्या गोगी और टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बीच खूनी दुश्मनी का नया अध्याय है, जिसमें पहले ही 50 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है. गैंगवार से फिर दहली दिल्ली. (स्नैप) Delhi Gang War: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर गैंगवार की खूनी रंजिश से दहल उठी है. रोहिणी (Rohini) में आज शाम यानी कि शनिवार को फिर गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी. गोगी गैंग (Gogi Gang) से जुड़ा गुर्गा जेल से रिहा होकर अभी खुली हवा में सांस भी नहीं ले पाया था कि विरोधी गैंग के बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान साहिल के रूप में हुई है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साहिल हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया था. उसे शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जेल की चारदीवारी के बाहर उसके दुश्मन घात लगाए बैठे हैं. आज शाम रोहिणी इलाके में अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया. चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने उसे एक गोली मारी, जो जानलेवा साबित हुई. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. मौके पर पुलिस तैनात घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है. सड़क पर नीले रंग के क्रेट्स (Blue Crates) बिखरे पड़े हैं और एक बाइक खड़ी है, जिसके पास ही साहिल का शव पड़ा हुआ है. मौके पर भारी भीड़ जमा है और फॉरेंसिक टीम सबूत जुटाने में लगी है. गोगी vs टिल्लू पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला गैंगवार (Gang War) का लग रहा है. शक की सुई सीधे टिल्लू ताजपुरिया गैंग (Tillu Tajpuria Gang) की तरफ घूम रही है. दिल्ली पुलिस का रिकॉर्ड गवाह है कि गोगी और टिल्लू गैंग के बीच की यह दुश्मनी अब तक 50 से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है. यह रंजिश इतनी गहरी है कि दोनों गैंग के सरगना जितेंद्र गोगी और टिल्लू ताजपुरिया मारे जा चुके हैं, लेकिन उनके गुर्गे अब भी एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं. गोगी की कोर्ट के बाहर हत्या हुई थी बता दें कि जितेंद्र गोगी की हत्या रोहिणी कोर्ट रूम के अंदर वकीलों के भेष में आए शूटर्स ने की थी. वहीं, इसका बदला लेते हुए गोगी गैंग के गुर्गों ने तिहाड़ जेल के अंदर टिल्लू ताजपुरिया को सुओं से गोदकर बेरहमी से मार डाला था. ऐसा लगा था कि सरगनाओं के खात्मे के बाद शांति होगी, लेकिन साहिल की हत्या ने साबित कर दिया है कि बदले की आग अभी भी धधक रही है. पुलिस के हाथ अब तक खाली इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साहिल की रेकी कौन कर रहा था और जेल से बाहर आने की खबर दुश्मनों तक कैसे पहुंची. क्या यह टिल्लू की हत्या का बदला है या फिर वर्चस्व की कोई नई लड़ाई? About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : February 14, 2026, 21:28 IST
कलयुगी मां ने घोंटा ममता का गला, नजायज प्रेम में हुई ऐसी अंधी, 2 बच्चों की ले ली जान, उजड़ गई हंसती-खेलती दुनिया

Last Updated:February 14, 2026, 20:15 IST Punjab Hindi News: बठिंडा के रामपुरा फूल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक कलयुगी मां ने अपने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में रुकावटें दूर करने के लिए अपने दो नाबालिग बच्चों की कथित तौर पर हत्या कर दी. आरोपी मां ने कथित तौर पर अपनी 12 साल की बेटी (जिसकी 15 दिन पहले मौत हो गई थी) और 7 साल के बेटे फतेहवीर को चूहे मारने की दवा दी, जिसकी शुक्रवार को मौत हो गई. प्यार में अंधी कलयुगी मां ने अपने बच्चों की कथित तौर पर जान ली. (फाइल फोटो) Punjab Crime News: पंजाब के बठिंडा जिले के रामपुरा फूल (Rampura Phul) से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर हर किसी का दिल दहल गया है. जिस मां के आंचल में बच्चे खुद को सबसे महफूज समझते हैं, उसी मां ने अपने अवैध प्रेम प्रसंग (Extramarital Affair) के चलते अपने ही जिगर के टुकड़ों को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने इस ‘कलियुगी मां’ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है. आरोप है कि महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए अपने 12 साल की बेटी और 7 साल के बेटे को चूहे मारने वाली दवा (Rat Poison) देकर मार डाला. इस खौफनाक साजिश का खुलासा तब हुआ जब एक ही परिवार में महज 15 दिनों के भीतर दो बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले इस महिला की 12 साल की बेटी की अचानक मौत हो गई थी. उस वक्त परिवार और गांव वालों को लगा कि शायद किसी बीमारी से ऐसा हुआ होगा, इसलिए बिना पुलिस कार्रवाई के उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. लेकिन यह तो बस शुरुआत थी. 15 दिन बाद दूसरे बच्चे की मौत शुक्रवार की रात को महिला के 7 साल के छोटे बेटे फतेहवीर की भी उसी तरह संदिग्ध हालात में मौत हो गई. एक हंसते-खेलते घर के दो चिराग बुझने के बाद गांव वालों का माथा ठनका. प्रेमी के रास्ते का कांटा बन रहे थे बच्चे शनिवार सुबह गांव के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण फूल थाने पहुंचे और पुलिस के सामने अपना शक जाहिर किया. गांव के निवासी भरपूर सिंह और अन्य लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्हें बच्चों की मां पर पूरा शक है. ग्रामीणों का कहना है कि महिला के किसी और के साथ प्रेम संबंध थे और ये दोनों मासूम बच्चे उस रिश्ते में बाधा बन रहे थे. इसी ‘बाधा’ को हटाने के लिए मां ने ममता का गला घोंट दिया और बच्चों को खाने में चूहे मारने वाली जहरीली दवा दे दी. पुलिस ने दर्ज की FIR ग्रामीणों की शिकायत और शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी मां के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस साजिश में महिला के प्रेमी की क्या भूमिका थी और क्या बेटी की मौत के वक्त भी यही तरीका अपनाया गया था. इस घटना ने पूरे इलाके में सन्नाटा फैला दिया है. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें Location : Amritsar,Punjab First Published : February 14, 2026, 20:15 IST
Jharkhand Lecturer Recruitment 2026 Notification Out

7 दिन पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी AIIMS NORCET 10 का नोटिफिकेशन जारी होने की। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 24 फरवरी 2026 से की जाएगी। झारखंड में 355 लेक्चरर की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 20 फरवरी 2026 से होगी। साथ ही बिहार सेकेंड इंटर लेवल भर्ती में अब 26,426 पदों पर भर्ती। इस भर्ती में 1107 नए पदों को जोड़ा गया है। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए…. 1. AIIMS NORCET 10 का नोटिफिकेशन जारी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली की ओर से नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए संयुक्त पात्रता परीक्षा (AIIMS NORCET 10) का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए प्रीलिम्स एग्जाम का आयोजन 11 अप्रैल 2026 को होगा। वहीं मेन्स एग्जाम 30 अप्रैल 2026 को होगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग या बीएससी नर्सिंग पास किया हो। उम्मीदवारों का भारतीय या राज्य के नर्सिंग परिषद से नर्स एवं मिडवाइफ के तौर पर रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। 50 बेड वाले हॉस्पिटल में न्यूनतम 2 साल का अनुभव होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 30 साल आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट भी मिलेगी। फीस : सामान्य, ओबीसी : 3000 रुपए एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस : 2400 रुपए पीडब्ल्यूबीडी : निशुल्क सैलरी : वेतन बैंड 2 के अनुसार 9,300 – 34,800 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम एग्जाम पैटर्न : जारी नहीं ऐसे करें आवेदन : ऑफिशयल वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाएं। होम पेज पर Important Announcements में Nursing Officer Recruitment Common Eligibility Test(NORCET-6) पर क्लिक करें। नए पेज पर न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन कर लें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद लॉग इन के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। एप्लीकेशन फीस जमा करें। फॉर्म का एक प्रिंटआउट निकालकर रख लें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. झारखंड में 355 लेक्चरर की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी पॉलिटेक्निक और सरकारी महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में 355 लेक्चरर के पदों का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन की शुरुआत 20 फरवरी 2026 से होगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट jpsc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस भर्ती के जरिये 349 नियमित पद और 6 पद बैकलॉग हैं। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 14 मार्च तय की गई है। उम्मीदवार 25 मार्च तक हार्डकॉपी जमा कर सकते हैं। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या अनारक्षित 152 एसटी 90 एससी 33 बीसी वन 29 बीसी टू 18 आर्थिक रूप से कमजोर 27 कुल पदों की संख्या 349 सब्जेक्ट वाइस एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी : संबंधित विषय में बीई/बीटेक/बीएस की डिग्री। डिग्री में फर्स्ट डिवीजन होना जरूरी है। सिलेक्शन के समय उसी विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री फर्स्ट डिवीजन में होना चाहिए। साइंस एंड हयूमैनिटीज : संबंधित विषय में फर्स्ट डिवीजन के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री। UGC या CSIR द्वारा आयोजित NET एग्जाम पास की हो। UGC द्वारा मान्यता प्राप्त समान परीक्षा जैसे SLET/SET पास होना जरूरी है। एज लिमिट : अधिकतम 65 साल क्वालिफाइंग मार्क्स : जनरल : 40%. ओबीसी : 36.5%. ईबीसी : 34% एससी, एसटी, महिला : 32% सैलरी : 56,100 – 1,77,500 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी दिया जाएगा। सिलेक्शन प्रोसेस : एकेडमिक मार्क्स इंटरव्यू के बेसिस पर एग्जाम पैटर्न : एकेडमिक रिकॉर्ड एंड अचीवमेंट : 80 मार्क्स इंटरव्यू : 20 मार्क्स एग्जाम टाइप : ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या : 100 एग्जाम ड्यूरेशन : 2 घंटे ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट jssc.jharkhand.gov.in पर जाएं। “New Registration” पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। लॉग इन करके जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। सभी डॉक्यूमेंट्स सब्मिट करें। फीस जमा करके फॉर्म का प्रिंटआउट ले लें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. बिहार सेकेंड इंटर लेवल भर्ती में अब 26,426 पदों पर भर्ती बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) ने सेकेंड इंटर लेवल भर्ती में पदों की संख्या एक बार फिर बढ़ा दी है। अब इस भर्ती में 1107 नए पदों को जोड़ा गया है। इस तरह कुल पदों की संख्या 26,426 हो गई है। इससे पहले पदों की संख्या 25,311 थी। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए पहले आवेदन कर दिए थे, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 12वीं पास बिहार राज्य से बाहर के उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। एज लिमिट : अनारक्षित पुरुष : 18 – 37 साल अनारक्षित महिला : 18 – 40 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अन्य राज्य के उम्मीदवार : 100 रुपए एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी/महिला : 100 रुपए सैलरी : जारी नहीं सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम स्किल टेस्ट एग्जाम पैटर्न : प्रीलिम्स परीक्षा में 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप होंगे। ये प्रश्न जनरल नॉलेज, साइंस, मैथ्स और मेंटल एबिलिटी से संबंधित होंगे। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 15 मिनट होगी। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होगी। इसके तहत हर गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा। कैटेगरी वाइज क्वालिफाइंग मार्क्स : सामान्य : 40% पिछड़ा वर्ग : 36.5% अत्यंत पिछड़ा वर्ग : 34% अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) : 32% ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट onlinebssc.com पर जाएं। ‘इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा- 2025 के लिए आवेदन पत्र प्रक्रिया’ लिंक पर क्लिक करें। नए रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करके रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। लॉग इन करके डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करें। फॉर्म सब्मिट कर दें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। पदों की संख्या तीसरी बार बढ़ने का नोटिफिकेशन पदों की संख्या बढ़ने का नया नोटिफिकेशन पदों की संख्या दोबारा बढ़ने का नया नोटिफिकेशन ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. हरियाणा में 3112 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 15 फरवरी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने पिछले साल जुलाई में रद्द की गई तृतीय श्रेणी के 3112 पदों को भरने के लिए फिर से प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी
Regret over every thing can become the reason for worry and anger, know how to deal with it?

Hindi News Happylife Regret Over Every Thing Can Become The Reason For Worry And Anger, Know How To Deal With It? नई दिल्ली7 दिन पहले कॉपी लिंक छोटी-छोटी बातों पर गिल्ट होना मेंटल हेल्थ ठीक न होने की निशानी है।- सिम्बॉलिक इमेज क्या आपको दिन भर छोटी-छोटी बातों पर गिल्ट या अफसोस होता है-जैसे किसी का कॉल मिस कर देना, दोस्त का जन्मदिन भूल जाना या किसी कार्यक्रम में न जा पाना? गिल्ट एक सामान्य भावना है, लेकिन यह जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो एंग्जायटी और गुस्से का कारण बन सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जेनिफर रीड के अनुसार, गिल्ट कभी-कभी हमें बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन अनहेल्दी होने पर यह हमें मानसिक रूप से नीचे खींच सकता है। इससे निपटने के आसान तरीके 1. गलती को देखें, खुद को नहीं हम अपनी गलती को व्यक्तित्व से जोड़ लेते हैं। ‘मैंने कुछ प्रोडक्टिव नहीं किया’ को ‘मैं आलसी हूं’ मानना कॉग्निटिव डिस्टॉर्शन है। खुद को जज न करके काम पर ध्यान दें। 2. जो अच्छा किया है, उसे याद करें न्यूयॉर्क की साइकोलॉजिस्ट डेल एटकिंस सलाह देती हैं कि गिल्ट ज्यादा हो, तो कुछ मिनट अपने अच्छे कामों पर ध्यान दें। इससे गुस्सा और तनाव कम हो सकता है। 3. हर किसी को खुश करना जरूरी नहीं डॉ. रीड के अनुसार, सभी को खुश रखना नामुमकिन है। अपने फैसलों की जिम्मेदारी लें, सामने वाले की भावनाओं को समझें, लेकिन खुद को बेवजह दोष न दें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
असम चुनाव पिच: सीएम हिमंत ने पीएम मोदी के साथ अधिक नौकरियों, अवैध बस्तियों पर कार्रवाई का वादा किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:14 फरवरी, 2026, 16:42 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन करने और 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करने के लिए असम की एक दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। जबकि असम के मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार ने अपने विकास कार्यों पर प्रकाश डाला, जिसमें हरक्यूलिस सी-130 पर मोरन ईएलएफ में प्रधान मंत्री की ऐतिहासिक लैंडिंग भी शामिल थी, विपक्षी नेता अखिल गोगोई ने इसके महत्व को कम कर दिया। फ़ाइल छवि: एक्स असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी के खानापारा मैदान में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए “बूथ विजय संकल्प” बैठक को संबोधित किया और इस साल के विधानसभा चुनावों में भाजपा की वापसी का आश्वासन दिया। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में 1.56 लाख से बढ़कर 2 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया। सीएम ने अवैध बस्तियों को हटाने पर जोर देते हुए कहा कि अगले कार्यकाल में 5 लाख बीघे अतिक्रमित जमीन को मुक्त कराया जाएगा. प्रधानमंत्री ने मंच संभालते हुए कहा, ”हम सबका एक ही मंत्र है और वह है ‘भारत माता की जय’.” उन्होंने पूर्वोत्तर को “अस्तलक्ष्मी” कहा और उल्लेख किया कि क्षेत्र के विकास, आत्मनिर्भरता और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए अधिक बजट धनराशि आवंटित की गई है। पीएम ने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी पर उनकी “परीक्षा पे चर्चा” का उद्देश्य नदी पर्यटन को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन करने और 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करने के लिए असम की एक दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। पुलवामा आतंकी घटना को याद करते हुए पीएम ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी और दुनिया ने ऑपरेशन सिन्दूर सहित प्रतिक्रिया देखी है। कांग्रेस की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पार्टी ने कभी भी भारत माता का सम्मान नहीं किया और उसे हमेशा खतरे में डाला. कांग्रेस के 70 साल के शासनकाल में ब्रह्मपुत्र पर केवल तीन पुल बने। इसके विपरीत, भाजपा सरकार में 10 वर्षों में पांच पुलों का निर्माण किया गया है। प्रधान मंत्री द्वारा ब्रह्मपुत्र पर बने नए “भास्कर बरमा ब्रिज” का उद्घाटन किया गया, जो मुख्य गुवाहाटी शहर को उत्तरी गुवाहाटी से जोड़ता है। जबकि असम के मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार ने अपने विकास कार्यों पर प्रकाश डाला, जिसमें हरक्यूलिस सी-130 पर मोरन ईएलएफ में प्रधान मंत्री की ऐतिहासिक लैंडिंग भी शामिल थी, विपक्षी नेता अखिल गोगोई ने इसके महत्व को कम करते हुए कहा कि इसका विकास से कोई संबंध नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना करते हुए इसे देश के किसानों के लिए हानिकारक बताया. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 14 फरवरी, 2026, 16:41 IST समाचार राजनीति असम चुनाव पिच: सीएम हिमंत ने पीएम मोदी के साथ अधिक नौकरियों, अवैध बस्तियों पर कार्रवाई का वादा किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)बीजेपी(टी)नरेंद्र मोदी
‘वे मुस्लिम लीग-माओवादी बन गए हैं’: पीएम मोदी ने असम में कांग्रेस की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:14 फरवरी, 2026, 15:49 IST पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के दौरान मुस्लिम लीग ने भारत को विभाजित किया, “आज, कांग्रेस मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस बन गई है”। पीएम मोदी ने असम में एक सभा को संबोधित किया। (एएनआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर विभाजनकारी राजनीति, रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार और पूर्वोत्तर की उपेक्षा का आरोप लगाया। असम के गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के दौरान मुस्लिम लीग ने भारत को विभाजित किया, “आज, कांग्रेस मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस बन गई है और भारत को विभाजित करने की प्रक्रिया में है।” उन्होंने आगे दावा किया कि असम ने पहले कांग्रेस शासन के तहत अस्थिरता देखी थी। उन्होंने कहा, “जब मैं तीन दिनों के लिए असम आता था, तो अक्सर सात से आठ दिनों तक यहां फंस जाता था। कांग्रेस के कारण असम अस्थिर था। भाजपा ने इसे बदल दिया।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस अब उस स्थिरता को उलटना चाहती है और घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस असम को एक बार फिर से अशांत करना चाहती है। कांग्रेस इसे एक बार फिर घुसपैठियों के हवाले करना चाहती है। चाहे दिल्ली में उसका शीर्ष नेतृत्व हो या यहां के नेता, वे सभी घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वे असम की मूल पहचान को बदलना चाहते हैं।” उन्होंने आगे 2019 पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र किया और अपनी जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। पहलगाम आतंकी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया ऑपरेशन सिन्दूर पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने तब से आतंकी खतरों का जवाब देने में अपना संकल्प प्रदर्शित किया है। उन्होंने भारत की सुरक्षा प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, ”आपने हाल ही में ऑपरेशन सिन्दूर में देखा है,” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के तहत ऐसी कार्रवाई संभव नहीं होगी। “आज पुलवामा की बरसी है। मैं मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत ने दिखाया है कि कैसे प्रतिक्रिया देनी है। आपने हाल ही में ऑपरेशन सिन्दूर में देखा है। लेकिन क्या आप कांग्रेस से इसकी उम्मीद कर सकते हैं जो भारत को एक राष्ट्र के रूप में स्वीकार करने से इनकार करती है?” उसने कहा। प्रधान मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार “भ्रष्टाचार के बिना हथियारों का सौदा नहीं कर सकती”, इसकी तुलना उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के तहत पारदर्शी शासन के रूप में की। आगे उन्होंने बीजेपी की संगठनात्मक ताकत की तारीफ करते हुए कहा कि इसका श्रेय बीजेपी के कार्यकर्ताओं को जाता है. उन्होंने कहा, “आप सभी भाजपा कार्यकर्ता भाजपा की जीवनधारा और ऑक्सीजन हैं। हमारे कार्यकर्ता अथक परिश्रम करते हैं और उसी के कारण भाजपा आगे बढ़ती है… मैं गर्व से कहता हूं कि अगर मेरे पास कोई सबसे बड़ी योग्यता है, मेरे जीवन का सबसे गर्व का क्षण है, तो वह यह है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं।” #घड़ी | गुवाहाटी | पीएम मोदी कहते हैं, “…आप सभी बीजेपी कार्यकर्ता बीजेपी की प्राणवायु और ऑक्सीजन हैं। हमारे कार्यकर्ता अथक परिश्रम करते हैं और उसी के कारण बीजेपी आगे बढ़ती है… मैं गर्व से कहता हूं कि अगर मेरे पास कोई सबसे बड़ी योग्यता है, तो यह मेरे जीवन का सबसे गर्व का क्षण है… https://t.co/4U6zk73jwl pic.twitter.com/FR1JjZcPuo– एएनआई (@ANI) 14 फ़रवरी 2026 केंद्रीय बजट आवंटन पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि असम को इस वर्ष कर हिस्सेदारी के रूप में 50,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा, “बजट पूर्वोत्तर को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करता है। इस साल, असम को कर हिस्सेदारी के रूप में लगभग 50,000 करोड़ रुपये मिलेंगे… हमें अच्छी तरह से याद रखना चाहिए कि कांग्रेस सरकार के दौरान असम को कैसे भूखा रखा गया था। कांग्रेस शासन के दौरान, असम को कर हिस्सेदारी के रूप में केवल 10,000 करोड़ रुपये मिले थे। अब, भाजपा सरकार के तहत, असम को कांग्रेस सरकार की तुलना में 5 गुना अधिक पैसा मिल रहा है।” उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में असम को विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र से 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं। प्रधान मंत्री ने कहा कि नवीनतम बजट पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी और आर्थिक आत्मनिर्भरता में सुधार पर काफी हद तक केंद्रित है, जिसे उन्होंने “देवी अष्टलक्ष्मी” के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने कहा कि असम में राजमार्गों और सड़क परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। #घड़ी | गुवाहाटी | पीएम मोदी कहते हैं, “मां कामाख्या असम, उसके लोगों, देश और उसके साथी नागरिकों के प्रति बहुत दयालु रही हैं। उनके आशीर्वाद से, असम ने कई बच्चे दिए हैं जिन्होंने देश की रक्षा, स्वतंत्रता और देश की संस्कृति की उन्नति का समर्थन किया है। आज,… pic.twitter.com/bwgkezZsay– एएनआई (@ANI) 14 फ़रवरी 2026 गुवाहाटी में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ हालिया बातचीत का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने ब्रह्मपुत्र पर नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “पर्यटन के लिए इससे बेहतर कोई जगह नहीं है। आइए, यह मेरा असम है, यह मेरी ब्रह्मपुत्र है।” उन्होंने हाल ही में मोरान राजमार्ग पर एक विमान के उतरने का भी उल्लेख किया और इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया जिसने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को प्रदर्शित किया। उन्होंने कबीरेंद्र पुरकायस्थ को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्हें हाल ही में पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि 2014 से पूर्वोत्तर की 125 से अधिक हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा, “मां कामाख्या असम, उसके लोगों, देश और उसके साथी नागरिकों के प्रति बहुत दयालु रही हैं। उनके आशीर्वाद से, असम ने कई बच्चे दिए हैं जिन्होंने देश की रक्षा, स्वतंत्रता और देश की संस्कृति की उन्नति में योगदान दिया है।” उन्होंने कहा, “आज, मैं ऐसे ही एक महान बालक कबीरेंद्र पुरकायस्थ को सलाम करता हूं। उन्होंने अपना पूरा जीवन असम और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। इस योगदान को मान्यता देते हुए, भाजपा-एनडीए सरकार ने उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया
वैलेंटाइन डे: 86% भारतीय महिलाओं को गिफ्ट नहीं पसंद:76 फीसदी महिलाओं को सरप्राइज ट्रिप ज्यादा पसंद, इनका मानना- प्लानिंग में पुरुषों को आगे आना चाहिए

वैलेंटाइन वीक आते ही हर तरफ चॉकलेट, गुलाब और डिनर डेट की बातें शुरू हो जाती हैं। ब्रांड्स ऑफर निकालते हैं, रेस्टोरेंट्स स्पेशल मेन्यू लाते हैं और ई-कॉमर्स एप्स गिफ्ट सेक्शन से भर जाते हैं। लेकिन इस साल तस्वीर थोड़ी बदली दिख रही है। अब ट्रैवल नया ‘लव लैंग्वेज’ बन रहा है। बुकिंग डॉट कॉम के हालिया सर्वे के मुताबिक, 86% भारतीयों ने माना कि जब पार्टनर खुद पहल कर पूरी ट्रिप प्लान और बुक कर दे, तो वह उन्हें सबसे अधिक पसंद आता है। वैलेंटाइन वीकेंड पर कहां जा रहे कपल्स? ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के डेटा में इस साल बड़ा उछाल दिख रहा है। वैलेंटाइन वीक में होटल बुकिंग्स में करीब 175% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। घूमने के लिए ये डेस्टिनेशंस सबसे आगे पॉन्डिचेरी 48% ज्यादा सर्च हुई है। यहां लोगों को समुद्री किनारा, फ्रेंच गलियां और स्लो वॉक्स का आकर्षण पसंद आ रहा है। तिरुवनंतपुरम 41% उछाल दिखी। यहां का क्लिफ साइड व्यू और कैफे कल्चर युवा कपल्स के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। उदयपुर 33% बढ़त हुई है। यह यूं तो कई सालों से प्रचलित है। यहां की झीलें, महल और हेरिटेज स्टे अब भी कपल्स में फेवरेट हैं। दुबई-हॉन्गकॉन्ग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये डेस्टिनेशंस लोकप्रिय बनी हुई हैं, जबकि कोलंबो में बुकिंग्स में 65% से ज्यादा ग्रोथ दिखी है। महिलाओं के लिए ‘एफर्ट’ सबसे बड़ा गिफ्ट 76 फीसदी महिलाओं का मानना है कि छुट्टियों की प्लानिंग में पुरुषों को आगे आना चाहिए 92 फीसदी महिलाओं को उनके पार्टनर का ट्रिप प्लान करना आकर्षक लगता है। 82 फीसदी महिलाएं उन पार्टनर्स को प्राथमिकता देती हैं जो अच्छे एक्सपीरियंस रखें, सिर्फ महंगे गिफ्ट नहीं।
कॉर्पोरेट इंफ्लुएंसर्स का बढ़ा ट्रेंड:ऑफिस के तनाव-चुनौती रोचक तरीके से दिखाकर करोड़ों कमा रहे, ग्राहकों-कर्मियों से जुड़ना आसान किया

अमेरिका की नताली मार्शल ‘कॉर्पोरेट नताली’ के नाम से चर्चित हैं। वे ऑफिस की अजीब हरकतों और शब्दावली का मजाक उड़ाती हैं। अपने वीडियो में नताली ऑफिस की दिनचर्या को रोचक तरीके से पेश करती हैं। जैसे- लोग किस तरह ई-मेल पढ़कर झूठा उत्साह दिखाते हैं। या काम को ही पूरी जिंदगी बताते हैं। इसके अलावा दफ्तर में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना जो आम जिंदगी में कोई नहीं बोलता (जैसे- ‘सिनर्जी’ या ‘क्लोज द लूप’)। कॉर्पोरेट ऑफिस की बोरिंग मानी जाने वाली दुनिया सोशल मीडिया पर मनोरंजन और कमाई का नया जरिया बन गई है। नताली के वीडियो को 5 करोड़ से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। वे अकेली नहीं हैं। दुनियाभर में इंफ्लुएंसर 9टू5 व कॉरपोरेटलाइफ जैसे हैशटैग के जरिए ऑफिस लाइफ की झलक दिखा रहे हैं। कोई बैंकर की दिनचर्या दिखाता है, कोई मार्केटिंग प्रोफेशनल की। कुछ 20 घंटे का वर्कडे दिखाते हैं, तो कुछ सुबह 5 से 9 बजे तक की तैयारी। इन्हें कॉर्पोरेट इंफ्लुएंसर के तौर पर जाना जा रहा है। कॉर्पोरेट इन्फ्लुएंसर्स की लोकप्रियता को देखते हुए कंपनियां इन्हें अपने ब्रांड से जोड़ रही हैं। एक्सपर्ट कहते हैं, इनके वीडियो टीम भावना बढ़ाते हैं, कर्मचारी इन्हें साझा करते हैं। इससे ऑफिस का माहौल हल्का होता है कंसल्टिंग फर्म डेलॉय ने लारा सोफी बोथुर को इन-हाउस इन्फ्लुएंसर के तौर पर रखा। उनके लिंक्डइन अकाउंट से सालाना 118 करोड़ रु. की विज्ञापन वैल्यू जेनरेट हुई। नताली ने मार्केटिंग छोड़कर इंफ्लुएंसर्स के लिए वर्चुअल असिस्टेंट कंपनी शुरू की। 20 लाख फॉलोअर वाले कॉनर हबर्ड एनालिस्ट का काम छोड़कर इन्फ्लुएंसर बन गए हैं। ये लोग नौकरी करने वाले कर्मचारी नहीं रहे, बल्कि अपने नाम व काम को ब्रांड बनाकर खुद का करियर गढ़ रहे हैं। ये वास्तविकता दिखाते हैं, लोग खुद को जोड़ पाते हैं: एक्सपर्ट कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में कम्युनिकेशन एवं डिजिटल मीडिया की प्रोफेसर ब्रुक डफी कहती हैं,‘लोग इंफ्लुएंसर पर ब्रांड्स से ज्यादा भरोसा करते हैं क्योंकि वे रोजमर्रा की जिंदगी को असली अंदाज में दिखाते हैं। कॉर्पोरेट इंफ्लुएंसर ऑफिस की चुनौतियां, तनाव और मजाक को सामने लाते हैं, जिससे दर्शक खुद को उनसे जोड़ पाते हैं। ब्रुक कहती हैं फिल्मों में ऑफिस लाइफ को ग्लैमराइज किया जाता है, लेकिन ये इन्फ्लुएंसर असलियत दिखाते हैं। कंपनियों ने भी इनकी अहमियत समझ ली है। इसलिए इन्हें मौके दे रही हैं। इनका तर्क है कि ग्राहकों और कर्मचारियों से जुड़ने और दूरियां मिटाने में ये इंफ्लुएंसर मददगार साबित हो रहे हैं।’ भारत में भी बढ़ रहा प्रभाव इंफ्लुएंसर मार्केटिंग कंपनी कोफ्लुएंस के अनुसार भारत में कॉपोर्रेट इंफ्लुएंसर सोशल मीडिया पर कंटेट बनाने वाले लोग नहीं रहे, बल्कि बिजनेस लीडर, ब्रांड बिल्डर और प्रेरक व्यक्तिक बन चुके हैं। उनकी बढ़ती संख्या व प्रभाव दिखाता है कि भविष्य में कॉर्पोरेट कल्चर और मार्केटिंग रणनीतियों में इंफ्लुएंसर्स की भूमिका और भी मजबूत होगी।
‘अगर मंत्री नहीं, तो…’: तेलंगाना कांग्रेस विधायक को कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद, सीएम पद की महत्वाकांक्षा के संकेत | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:14 फरवरी, 2026, 08:12 IST उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यदि वादा किया गया मंत्री पद नहीं मिला तो वह भविष्य में मुख्यमंत्री पद का लक्ष्य रखेंगे। तेलंगाना कांग्रेस नेता कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी (क्रेडिट: इंस्टाग्राम) तेलंगाना कांग्रेस नेता कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी ने कहा है कि वह इंतजार कर रहे हैं कि पार्टी उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने के आश्वासन का सम्मान करेगी। मुनुगोडे विधायक ने कहा कि उन्हें जल्द ही मंत्री पद की शपथ लेने की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि प्रतिबद्धता सम्मानपूर्वक पूरी की जाए। रेड्डी ने विश्वास जताया कि वह जल्द ही राज्य स्तर पर जिम्मेदारियां संभालेंगे। उन्होंने समर्थकों से निर्वाचन क्षेत्र के मामलों की देखभाल करने के लिए कहा, जबकि वह व्यापक राजनीतिक कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि वादा किया गया मंत्री पद नहीं मिला, तो वह भविष्य में मुख्यमंत्री पद का लक्ष्य रखेंगे। उनकी टिप्पणियाँ कैबिनेट भूमिका की उनकी अपेक्षा और पार्टी के भीतर उनकी बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं दोनों को रेखांकित करती हैं। उन्होंने कहा, “आपने अपना वचन दे दिया, अब उस पर कायम रहें। मंत्री नहीं तो सीधे मुख्यमंत्री बनने की ओर चलें।” तेलंगाना कांग्रेस के विधायक कोमाटिरेड्डी राज गोपाल रेड्डी का कहना है कि उन्हें वादे के मुताबिक कैबिनेट में शामिल किए जाने की उम्मीद है, और यदि नहीं, तो वह मुख्यमंत्री पद पर अपनी नजरें जमाएंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र का ख्याल रखने का आग्रह किया, और जोर देकर कहा… pic.twitter.com/DV85DnXydF – वाणी मेहरोत्रा (@vani_mehrotra) 14 फ़रवरी 2026 रेड्डी ने जोर देकर कहा कि नेतृत्व को मंत्री पद के संबंध में अपने शब्दों पर कायम रहना चाहिए और इसे एहसान के बजाय प्रतिबद्धता का मामला बताया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तेलंगाना, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 14 फरवरी, 2026, 08:10 IST समाचार राजनीति ‘अगर मंत्री नहीं, तो…’: तेलंगाना कांग्रेस विधायक को कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद, सीएम पद के लिए महत्वाकांक्षा का संकेत अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के किसान सम्मेलन के वीडियो को खारिज किया, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ‘फर्जी कथन’ का खंडन किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:14 फरवरी, 2026, 05:29 IST मंत्री ने जिसे उन्होंने ‘राहुल जी की जालसाजी’ कहा था, उसका जवाब देने के लिए एक विस्तृत वास्तविकता जांच की पेशकश की। गोयल ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां आंतरिक रूप से किसान कल्याण से जुड़ी हैं। (फाइल फोटो: पीटीआई) केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भारत के कृषक समुदाय को भड़काने के उद्देश्य से “फर्जी कहानी” रचने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को विपक्ष के नेता द्वारा सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए, गोयल ने इस बातचीत को एक मंच-प्रबंधित प्रदर्शन के रूप में खारिज कर दिया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वास्तविक किसान नेताओं के रूप में प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह बातचीत हाल ही में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सुरक्षा उपायों के बारे में जनता को गुमराह करने के लिए तैयार की गई एक पूर्व निर्धारित स्क्रिप्ट का पालन करती है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि ”कोई भी व्यापार सौदा जो किसानों की आजीविका छीनता है या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करता है, वह किसान विरोधी है।” वह द्विपक्षीय व्यापार के लिए हाल ही में संपन्न भारत-अमेरिका रूपरेखा समझौते की ओर इशारा कर रहे थे, जिस पर मार्च के अंत तक बदलावों के बाद हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। पीयूष गोयल ने जिसे उन्होंने “राहुल जी की फर्जीवाड़ा” कहा था, उसका मुकाबला करने के लिए एक विस्तृत वास्तविकता जांच की पेशकश की, जिसमें यह बताया गया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अन्नदाताओं, मछुआरों, एमएसएमई और कारीगरों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से स्पष्ट किया कि सोयामील और मक्का जैसी संवेदनशील फसलों को समझौते में किसी भी तरह की रियायत नहीं दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि घरेलू किसान प्रतिस्पर्धी दबाव से बचे रहें। उन्होंने ग्रामीण आबादी के बीच अनावश्यक भय पैदा करने के प्रयास में “निराधार आरोप” दोहराने के लिए विपक्ष की आलोचना की। सेब और अखरोट के आयात के संबंध में विशिष्ट दावों को संबोधित करते हुए, मंत्री ने संरक्षणवादी उपायों का तकनीकी विवरण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि जबकि भारत पहले से ही उच्च घरेलू मांग के कारण सालाना लगभग 550,000 टन सेब आयात करता है, नया अमेरिकी सौदा असीमित प्रवेश की अनुमति नहीं देता है। इसके बजाय, एक सख्त कोटा स्थापित किया गया है, जो मौजूदा आयात स्तर से काफी नीचे है, और 80 रुपये प्रति किलोग्राम के न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) के अधीन है। 25 रुपये के अतिरिक्त शुल्क के साथ, अमेरिकी सेब की लैंडिंग लागत लगभग 105 रुपये प्रति किलोग्राम होगी – जो कि अन्य देशों की वर्तमान औसत लैंडिंग लागत 75 रुपये प्रति किलोग्राम से काफी अधिक है – जिससे यह सुनिश्चित होगा कि भारतीय उत्पादकों को कटौती नहीं करनी पड़ेगी। इसी तरह, अखरोट के लिए, अमेरिका को भारत की 60,000 मीट्रिक टन की कुल वार्षिक आयात आवश्यकता के मुकाबले 13,000 मीट्रिक टन का मामूली कोटा पेश किया गया है, जिससे स्थानीय उत्पादकों को नुकसान पहुंचाना इस सौदे के लिए असंभव हो गया है। गोयल ने कांग्रेस पार्टी के मौजूदा रुख की विडंबना की ओर इशारा करते हुए उसके ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए काल के दौरान, भारत ने डेयरी वस्तुओं सहित लगभग 20 बिलियन डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों का आयात किया था, जिसे वर्तमान प्रशासन ने अमेरिकी समझौते से सख्ती से बाहर रखा है। उन्होंने राहुल गांधी को “किसानों के साथ विश्वासघात” बताने की चुनौती दी और सवाल किया कि विपक्ष कब तक मनगढ़ंत कहानियां फैलाने का इरादा रखता है। “किसान सुरक्षित देश विकसित” नारे के साथ समापन करते हुए, गोयल ने दोहराया कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां आंतरिक रूप से किसान कल्याण से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका समझौता एक संतुलित ढांचा है जो देश की कृषि रीढ़ को सुरक्षित रखते हुए बासमती चावल और मसालों जैसे भारतीय निर्यात के लिए नए बाजार खोलता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 फरवरी, 2026, 05:29 IST समाचार राजनीति पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के किसान सम्मेलन के वीडियो को खारिज किया, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ‘फर्जी कथन’ का खंडन किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत-अमेरिका व्यापार समझौता(टी)संयुक्त राज्य अमेरिका(टी)व्यापार समझौता(टी)व्यापार(टी)राहुल गांधी(टी)अमेरिका-भारत व्यापार समझौता(टी)वाणिज्य(टी)किसान(टी)पीयूष गोयल









