सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का निधन:परिवार ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी, सलमान खान की फिल्म रेडी में नजर आई थीं

सीनियर एक्ट्रेस प्रवीना देशपांडे का मंगलवार को निधन हो गया। इस बात की जानकारी एक्ट्रेस के परिवार ने उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दी। जिसके बाद मंगलवार दोपहर मुंबई के अंधेरी स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक्ट्रेस समय से कैंसर से जूझ रही थीं। 2019 में उन्हें मल्टीपल मायलोमा डायग्नोज हुआ था। बोन मैरो ट्रांसप्लांट के दौरान वे 17 दिन आइसोलेशन में रहीं। बता दें कि प्रवीना देशपांडे ने सलमान खान की सुपरहिट फिल्म रेडी में शालिनी चौधरी का रोल प्ले किया था। इसके अलावा उन्होंने एक विलेन, गब्बर इज बैक और परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण जैसी फिल्मों में काम किया। हाल ही में वे इमरान हाशमी की वेब सीरीज ‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’’ में कैमियो रोल में नजर आई थीं। CINTAA ने एक्ट्रेस को श्रद्धांजलि दी एक्ट्रेस के निधन पर सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “CINTAA प्रवीना देशपांडे जी (2008 से सदस्य) के निधन पर दुख व्यक्त करता है।” एक्टर पलाश दत्ता, जिन्होंने प्रवीना देशपांडे के साथ शॉर्ट फिल्म ‘थैंक्स मॉम’ में काम किया था, ने दुख जताते हुए लिखा कि प्रवीना जी एक बेहतरीन कलाकार और प्यारी इंसान थीं। पलाश ने बताया कि वे पिछले 22 साल से उन्हें जानते थे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘थैंक्स मॉम’ की शूटिंग के दौरान प्रवीना कैंसर से जूझ रही थीं, लेकिन दर्द और कीमोथेरेपी के बावजूद उन्होंने काम पूरा किया और इसके लिए पुरस्कार भी जीते।
आंध्र प्रदेश मदनपल्ले में सात साल की बच्ची के रेप और हत्या से हड़कंप.

Last Updated:February 18, 2026, 10:05 IST Crime News: आंध्र प्रदेश में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई है. इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन व हाईवे जाम किया. मामले की जांच जारी है. आंध्र प्रदेश मदनपल्ले में सात साल की बच्ची के रेप और हत्या से हड़कंप. आंध्र प्रदेश से इंसानियत को झकझोर देने वाली वारदात हुई है. आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ले शहर में सात साल की बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या की गई. सात साल की बच्ची से रेप और मर्डर से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया. मंगलवार को बच्ची का शव एक ड्रम से बरामद हुआ. आरोपी की पहचान कुलवर्धन (30) के रूप में हुई है. वह पीड़िता के घर के पास रहता था. पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे और शराब का आदी था. पुलिस ने बताया कि कुलवर्धन ने पहले बच्ची के साथ मारपीट की और फिर उसे पानी के ड्रम में डुबो दिया. जानकारी मिली है कि उसने शव को रातभर अपने कमरे में रखा. मारने से पहले उसने बच्ची का रेप किया. सोमवार को बच्ची हुई थी लापता पीड़ित दूसरी कक्षा की छात्रा थी. सोमवार शाम को लापता हो गई थी. परिवार ने जब उसे ढूंढने की कोशिश की और नहीं मिली, तो पुलिस से संपर्क किया. इसके बाद पुलिस ने पूरे शहर में तलाश शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले. पुलिसकर्मी रात 1.30 बजे आरोपी के घर पहुंचे, लेकिन खिड़की से उसे सोता हुआ देखकर लौट गए. सुबह पुलिस फिर पहुंची, दरवाजा तोड़ा और ड्रम में बच्ची का शव मिला. आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने पहले हस्तक्षेप किया होता तो यह घटना टाली जा सकती थी. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और मदनपल्ले-चेन्नई हाईवे को घंटों जाम कर दिया. लोगों ने कुलवर्धन की गिरफ्तारी की मांग की और उसे उनके हवाले करने की मांग की. इसके अलावा बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने में देरी हुई क्योंकि परिवार ने शव देने से इनकार कर दिया. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार अड़ा रहा. देर शाम पुलिस शव को मदनपल्ले के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जा पाई. इस दुखद घटना के तुरंत बाद गांव के पास एक अलग टैंक में एक और शव मिला. स्थानीय लोगों को शक है कि यह शव कुलवर्धन का है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. मामले की जांच जारी है. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें First Published : February 18, 2026, 10:05 IST
अमेरिकी सांसद बोले- कुत्तों-मुसलमानों में से एक को चुनना आसान:फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट ने लिखा था- न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा, कुत्ते घर में नहीं रखें

अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन के एक सोशल मीडिया पोस्ट से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने मंगलवार को X पर लिखा कि अगर कुत्तों और मुसलमानों में से एक को चुनना पड़े तो यह मुश्किल फैसला नहीं है। दरअसल, रैंडी फाइन ने यह टिप्पणी न्यूयॉर्क में एक फिलिस्तीनी-अमेरिकी एक्टिविस्ट नरदीन किसवानी की पोस्ट के जवाब में की थी। किसवानी ने लिखा था कि कुत्ते अपवित्र हैं। ऐसे समय में जब न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, कुत्तों को घर के अंदर नहीं रखना चाहिए। इन्हें बैन करना चाहिए। इस पर फाइन ने कहा कि दुनिया में 57 ऐसे देश हैं, जहां शरिया कानून लागू है। अगर आप ऐसा चाहते हैं तो वहीं चले जाइए। अमेरिका 58वां मुस्लिम देश नहीं बनेगा। बाद में किसवानी ने कहा कि वह बस मजाक कर रही थीं। यह न्यूयॉर्क में सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों की गंदगी को लेकर चल रही बहस से जुड़ा था। ऐसा उन लोगों के लिए कहा गया था, जो राजनीति में मुस्लिमों के बढ़ते प्रभाव को खतरा मानते हैं। फाइन पर मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप किसवानी ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने फार्म पर एक कुत्ते को गोली मारने की बात कही थी। किसवानी ने लिखा, ‘क्रिस्टी नोएम ने अपने ही कुत्ते को गोली मारने की बात कही और ज्यादातर लोगों ने ध्यान नहीं दिया। न्यूयॉर्क में एक मुस्लिम कह दे कि शहर पालतू जानवरों के लिए सही जगह नहीं है तो उसे मौत की धमकियां मिलने लगती हैं।’ किसवानी ने फाइन पर फिलिस्तीनियों और मुसलमानों को अमानवीय दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की ओर से आ रही मुस्लिम विरोधी भाषा पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज रैंडी फाइन के इस बयान पर वॉशिंगटन में भारी विरोध हुआ है। डेमोक्रेट्स, सिविल राइट्स ग्रुप्स और कई नेताओं ने इसे इस्लामोफोबिया और घृणा फैलाने वाला बताया। अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस काउंसिल (CAIR) ने फाइन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि उनके इस्तीफे की मांग पहले से चल रही है। यास्मीन अंसारी ने हाउस स्पीकर से तुरंत निंदा करने को कहा। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने फाइन को नस्लवादी कहकर इस्तीफा देने को कहा। ब्रिटिश पत्रकार पीयर्स मॉर्गन ने भी उन्हें कड़ी फटकार लगाई। फाइन बोले- कुत्ते हमारे परिवार के सदस्य, इन्हें नहीं छोड़ेंगे फाइन ने विरोध पर पलटवार किया और कहा कि असली समस्या किसवानी का बयान है, जो लिखित रूप में था। फाइन ने न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका पोस्ट किसवानी के बयान के जवाब में था, जो शरिया लॉ (इस्लामी कानून) थोपने की कोशिश है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में कुत्ते परिवार के सदस्य हैं, और हम यूरोप की तरह शर्मिंदा होकर हार नहीं मानेंगे।’ उन्होंने कुत्तों की तस्वीरें शेयर कीं, जिन पर ‘डोंट ट्रेड ऑन मी’ (ऐतिहासिक गैड्सडेन फ्लैग का स्लोगन) लिखा था। इस पोस्ट को 42 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले, हजारों लाइक्स, रीपोस्ट्स और कमेंट्स। फाइन ने क्रिटिक्स को जवाब दिया कि किसवानी का बयान लिखित था और लाखों ने देखा। पोस्ट के तुरंत बाद वॉशिंगटन और पूरे अमेरिका में हंगामा मच गया। इसे इस्लामोफोबिया, कट्टरता और अमानवीयकरण कहा गया। फाइन पहले भी गाजा से जुड़े बयानों पर आलोचना झेल चुके हैं। 2025 में उन्होंने गाजा पर कहा था कि गाजावासियों को भूखा मरने दो जब तक इजराइली बंधक रिहा न हों। उन्होंने गाजा का हाल हिरोशिमा और नागासाकी जैसा करने की बात भी की थी। फाइन बोले- यूरोप की तरह कमजोरी नहीं दिखाएंगे फाइन का कहना है कि यूरोप के लोग मुसलमानों के सामने शर्मिंदा होकर या दबाव में आकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और आजादी को खो चुके हैं। वे नहीं चाहते कि अमेरिका में भी ऐसा हो। उनका कहना है कि अमेरिका, यूरोप जैसी कमजोरी नहीं दिखाएंगे। फाइन और उनके जैसे कई राइट-विंग ट्रम्प समर्थक अक्सर यह दावा करते हैं कि यूरोप में इस्लामिक टेकओवर हो रहा है। उनके अनुसार बड़े पैमाने पर मुस्लिम इमिग्रेशन से नो-गो जोन्स बन गए हैं, जहां स्थानीय कानून कमजोर पड़ गए हैं। यूरोपीय सरकारें पॉलिटिकल करेक्टनेस या मल्टीकल्चरलिज्म के नाम पर मुसलमानों की मांगों के आगे झुक रही हैं, जैसे कुत्तों पर प्रतिबंध या महिलाओं के अधिकारों में बदलाव। इसका नतीजा यह हो रहा है की यूरोप अपनी मूल संस्कृति और वैल्यूज खो रहा है और लोग शर्मिंदा होकर विरोध नहीं कर पा रहे। फाइन ने खुद कई बार कहा है कि शरिया अमेरिका में नहीं आएगी। अमेरिका इस्लामिक देश नहीं बनेगा। उन्होंने नो शरिया जैसा बिल भी पेश किया है। इजराइल के कट्टर समर्थक माने जाते हैं फाइन रैंडी फाइन एक अमेरिकी राजनेता हैं, जो रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े हैं। उनका जन्म 20 अप्रैल 1974 को एरिजोना के ट्यूसन शहर में हुआ था। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1996 में बीए डिग्री और 1998 में एमबीए पूरा किया। पेशे से वे बिजनेस एक्जीक्यूटिव हैं और पहले जुआ इंडस्ट्री में काम कर चुके हैं। राजनीति में उन्होंने फ्लोरिडा स्टेट हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 2016 से 2024 तक सेवा की, फिर फ्लोरिडा संसद में 2024-2025 तक रहे। अप्रैल 2025 में एक स्पेशल इलेक्शन में वे फ्लोरिडा के 6वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने गए। वे इजराइल के कट्टर समर्थक हैं और अक्सर फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष पर विवादास्पद बयान देते हैं। न्यूयॉर्क मेयर पद पर जोहरान ममदानी मुस्लिम समुदाय से हैं न्यूयॉर्क इस्लाम की ओर बढ़ रहा है, नरदीन किसवानी के इस बयान को न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी से जोड़ कर देखा जा रहा है। दरअसल, ममदानी इस पद पर आने वाले पहले मुस्लिम हैं। हालांकि, किसवानी ने ममदानी का जिक्र नहीं किया। इन्होंने 2025 में मेयर चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। वे शहर के पहले मुस्लिम और 100 साल से अधिक समय में सबसे युवा गवर्नर बने। उनका कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हुआ, जिसमें वे किराए पर रोक, निःशुल्क बस सेवा, किफायती आवास और शहर को अधिक सस्ता बनाने पर जोर दे रहे हैं। जोहरान ममदानी एक प्रमुख अमेरिकी राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। वे प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्देशक मीरा नायर के बेटे हैं।
Sensex, Nifty Trade Flat; Banking, FMCG Stocks Gain

मुंबई3 दिन पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 18 फरवरी को बढ़त रही। सेंसेक्स 283 अंक की तेजी के साथ 83,734 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 94 अंक की बढ़त है, ये 25,819 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 19 शेयरों में बढ़त रही। वहीं निफ्टी-50 के 31 शेयरों में बढ़त रही। आज मेटल, बैंकिंग और FMCG शेयर्स में बढ़त रही। वहीं IT शेयर्स में गिरावट रही। जापान के निक्केई में बढ़त जापान का निक्केई इंडेक्स 1.02% चढ़कर 57,143 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स आज बंद हैं। अमेरिकी बाजार में 17 फरवरी को मिला-जुला कारोबार डाउ जोन्स 32 अंक (00.7%) की बढ़कर 49,533 पर बंद हुआ। टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 0.14% बढ़कर 22,578 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 3 अंक (01.0%) बढ़कर 6,843 पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों ने 999 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे विदेशी निवेशकों (FII) ने 17 फरवरी को 999 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 375 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इस महीने यानी फरवरी में अब तक FIIs ने 1,350 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इस दौरान DIIs ने 11,630 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। जनवरी 2026 में FIIs ने कुल ₹41,435 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान DIIs ने ₹69,220 करोड़ के शेयर खरीदे थे। कल बाजार में रही थी बढ़त इससे पहले कल यानी 17 फरवरी को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में करीब 42 अंक की तेजी रही, ये 25,725 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बीजेपी ने असम में बड़े बदलाव की योजना बनाई, विधानसभा चुनाव से पहले 30 विधायकों को बदला जा सकता है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:18 फरवरी, 2026, 09:17 IST नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि नामांकन तय करने में प्रदर्शन और जनता की धारणा प्रमुख मानदंड होंगे भाजपा शीर्ष पर निरंतरता की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। (पीटीआई) सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानसभा चुनाव से पहले असम में एक बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी कर रही है, पार्टी मामूली सत्ता विरोधी लहर का सामना करने वाले मौजूदा विधायकों को भी टिकट देने से इनकार करने की योजना बना रही है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा अपनी संभावनाओं को मजबूत करने और मतदाताओं की थकान का मुकाबला करने के लिए 25-30 नए उम्मीदवारों को मैदान में उतार सकती है। यह असम विधानसभा में लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की पार्टी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि नामांकन तय करने में प्रदर्शन और जनता की धारणा प्रमुख मानदंड होंगे। इस बीच पार्टी की चुनावी तैयारियां जोर पकड़ रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग मार्च के दूसरे हफ्ते में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है, जिसके बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है. घोषणा और मतदान के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर रखा जाएगा, जिससे अप्रैल की शुरुआत – संभवतः पहला सप्ताह – मतदान के लिए संभावित विंडो बन जाएगी। भाजपा शीर्ष पर निरंतरता की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनका नेतृत्व राज्य में उनकी चुनावी रणनीति के केंद्र में है। पार्टी ने प्रमुख मुद्दों को दो व्यापक श्रेणियों- मैक्रो और माइक्रो में विभाजित करके अपने अभियान फोकस की पहचान की है। व्यापक मोर्चे पर, भाजपा अवैध आप्रवासन, राज्य और केंद्र सरकारों की विकास पहल, मोदी प्रशासन के तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, हिंदुत्व, महिला सशक्तिकरण और कांग्रेस नेताओं, विशेष रूप से गौरव गोगोई के खिलाफ आरोपों को उजागर करेगी। जमीनी स्तर पर, ध्यान स्थानीय और समुदाय-विशिष्ट चिंताओं पर है। राज्य सरकार ने गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर लगभग 100 मुद्दों की पहचान की है, जिनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, चाय बागान श्रमिकों और सरकारी कर्मचारियों से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। भाजपा इन समस्याओं के समाधान में अपने रिकॉर्ड के आधार पर वोट मांगने की योजना बना रही है। अपने अभियान को और बढ़ावा देने के लिए, पार्टी ने चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद 8 से 10 रैलियों के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा है, जो एक आक्रामक आउटरीच योजना का संकेत है। पार्टी ने यह भी निर्णय लिया है कि वे नए प्रवेशकों की संख्या को सीमित करेंगे जो पूरी तरह से चुनाव टिकट मांग रहे हैं। कोई भी नई ज्वाइनिंग, यदि अत्यंत अनिवार्य हो तभी की जाएगी। नेतृत्व को भरोसा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन आगामी चुनावों में 90 से 100 सीटों के बीच सुरक्षित हो सकता है, और खुद को कार्यालय में एक और कार्यकाल के लिए मजबूती से खड़ा कर सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 18 फरवरी, 2026, 09:17 IST समाचार चुनाव बीजेपी ने असम में बड़े बदलाव की योजना बनाई, विधानसभा चुनाव से पहले 30 विधायकों को बदला जा सकता है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी असम रणनीति(टी)हिमंत बिस्वा सरमा नेतृत्व(टी)बीजेपी उम्मीदवार चयन असम(टी)असम चुनाव अभियान(टी)बीजेपी के नए उम्मीदवार असम(टी)असम मतदाता मुद्दे(टी)बीजेपी चुनाव की तैयारी असम
सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन:इंस्टाग्राम पर पिता को याद कर एक्टर ने लिखा- पापा, आपकी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी विरासत

एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा का निधन हो गया। इस बात की जानकारी मंगलवार शाम एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने पिता के साथ पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए श्रद्धांजलि दी और अपने पिता को याद किया। बता दें कि सिद्धार्थ के पिता सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कैप्टन थे। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थ के पिता का शनिवार, 14 फरवरी को दिल्ली में निधन हुआ। सिद्धार्थ ने पिता की कई तस्वीरें कीं शेयर कीं सिद्धार्थ ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर पिता के साथ अपनी बचपन से लेकर हाल के समय तक की कई तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें पिता के साथ बिताए पल दिखे। तस्वीरों में पिता के साथ उनकी मां रीमा, भाई हर्षद और पत्नी कियारा आडवाणी भी नजर आईं। पोस्ट के कैप्शन में सिद्धार्थ ने लिखा कि उनके पिता ऐसे इंसान थे, जो हमेशा मूल्यों पर टिके रहे। वे अनुशासित थे, लेकिन सख्त नहीं; मजबूत थे, पर अहंकारी नहीं। जीवन की कठिन परीक्षाओं के दौरान भी उन्होंने पॉजिटिव सोच बनाए रखी। उन्होंने आगे लिखा, “मर्चेंट नेवी कैप्टन के रूप में समुद्रों का नेतृत्व करने से लेकर बीमारी का साहस से सामना करने तक, उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। स्ट्रोक के बाद व्हीलचेयर पर होने के बावजूद उनका हौसला अडिग रहा।” सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा, “पापा, आपकी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी विरासत है। आपकी ताकत मुझे हर दिन प्रेरित करती है। आप शांति से नींद में हमें छोड़ गए, लेकिन आपकी कमी अपार है। मैं जो भी हूं, आपकी वजह से हूं।” कियारा ने भी इमोशनल पोस्ट शेयर की सिद्धार्थ के पिता के निधन पर कियारा ने भी इमोशनल पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा कि शुरुआत से ही पापा ने उन्हें खुले दिल से अपनाया। उनका प्यार, समझदारी और स्नेह पूरे परिवार को संभाल कर रखने वाला था। कियारा ने कहा कि वे हमेशा परिवार के साथ खड़े रहे और बिना किसी अपेक्षा के सबको प्यार देते रहे। उनकी कहानियां, हंसी, सादगी और मजबूत व्यक्तित्व हमेशा याद रहेंगे। वर्कफ्रंट की बात करें तो सिद्धार्थ आखिरी बार फिल्म परम सुंदरी में नजर आए थे। पर्सनल लाइफ की बात करें, सिद्धार्थ और कियारा की पहली संतान, बेटी सरायाह मल्होत्रा का जन्म 15 जुलाई 2025 को मुंबई के रिलायंस अस्पताल में हुआ था।
क्रिस्पी सूजी टोस्ट रेसिपी: घर में रखे सामान से 5 मिनट में तैयार करें यह कुरकुरा सूजी नाश्ता, जानिए बनाने का तरीका

क्रिस्पी सूजी टोस्ट रेसिपी: सुबह की भाग दौड़ हो या शाम की जंगली भूख, अक्सर हम ऐसे नाश्ते ढूंढते हैं जो स्वाद में लाजवाब हो और बनाना बेहद आसान हो। अगर आपके पास सिर्फ 5-10 मिनट हैं और आप कुछ चटपटा खाना चाहते हैं, तो ‘सूजी टोस्ट’ आप ट्राई कर सकते हैं। इस रेसिपी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको बाजार से कोई खास सामान लाने की जरूरत नहीं है। किचन में मौजूद बेड, सूजी और रोल से आप इसे झटपट तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इसे किस तरह बनाना है और क्या-क्या सामान रखना है? सूजी टोस्ट कैसे बनायें? (टैग्सटूट्रांसलेट)क्रिस्पी सूजी टोस्ट(टी)आसान ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)रवा टोस्ट रेसिपी(टी)हेल्दी स्नैक(टी)इंडियन ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)क्विक स्नैक आइडिया(टी)सूजी टोस्ट हिंदी रेसिपी(टी)इवनिंग स्नैक रेसिपी(टी)झटपट बनने वाली क्रिस्पी सूजी टोस्ट रेसिपी
गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट से बाहर:पहले चीनी रोबोट, फिर ड्रोन को अपना बताया; कांग्रेस बोली- सरकार ने देश की इमेज खराब की

चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया है। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। यह कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के बाद हुई है, जिसमें यूनिवर्सिटी ने एक चाइनीज कंपनी के रोबोटिक डॉग को अपनी खुद की खोज बताया था। चीनी रोबो डॉग के साथ ही यूनिवर्सिटी ने कोरियन कंपनी के एक ड्रोन को भी अपना बताया था। इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने देश की इमेज खराब की है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है। वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह कह रही हैं कि इस रोबोटिक डॉग का नाम ‘ओरियन’ है। इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ने तैयार किया है। उन्होंने ये भी कहा कि यूनिवर्सिटी AI के क्षेत्र में 350 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई टेक एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने दावा किया कि यह असल में चीनी कंपनी ‘यूनिट्री’ का ‘Go2’ मॉडल है, जो बाजार में 2-3 लाख रुपए में उपलब्ध है। वहीं एक अन्य वीडियो में यूनिवर्सिटी जिस ड्रोन को कैंपस में ‘शुरुआत से’ तैयार करने का दावा कर रही हैं, उसे यूजर्स ने ₹40 हजार वाला रेडीमेड ‘स्ट्राइककर V3 ARF’ मॉडल बताया है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने माफी मांगी AI समिट में हुई इस घटना के लिए गलगोटिया यूनिवर्सिटी माफी मांगी है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि उनके स्टॉल पर मौजूद एक प्रतिनिधि को प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। कैमरे के सामने आने के उत्साह में उस लड़की ने कुछ गलत टेक्निकल जानकारियां दे दीं, जबकि उसे मीडिया से बात करने की इजाजत भी नहीं थी। यूनिवर्सिटी ने माना था, हमने नहीं बनाया ये डॉग वीडियो वायरल होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कहा- हमने लगातार कैंपस में बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाने की कोशिश की है। क्यों? क्योंकि जब छात्र नई चीजें देखते हैं, तभी उनकी सोच विकसित होती है। और यही सोच नए रचनाकारों को जन्म देती है। हाल ही में यूनिट्री से लिया गया रोबोटिक डॉग इसी सफर का एक हिस्सा है। यह सिर्फ दिखाने के लिए रखी गई कोई मशीन नहीं है, यह एक चलता-फिरता क्लासरूम है। हमारे छात्र इस पर प्रयोग कर रहे हैं, इसकी क्षमताओं को परख रहे हैं और इस प्रक्रिया में अपना ज्ञान बढ़ा रहे हैं। हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि गलगोटिया ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे। इनोवेशन की कोई सीमा नहीं होती। सीखने की भी नहीं होनी चाहिए। हम दुनियाभर से बेहतरीन टेक्नोलॉजी लाना जारी रखेंगे ताकि हमारे छात्र उनका अध्ययन कर सकें, उन्हें चुनौती दे सकें और उनमें सुधार कर सकें और अंत में वर्ल्ड-क्लास समाधान तैयार कर सकें। नेहा सिंह बोलीं- जोश में बात साफ नहीं कह पाई प्रोफेसर नेहा ने कहा कि यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि बातें साफ तौर पर नहीं रखी गईं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेती हूं। यह सब बहुत जोश और उत्साह में बहुत जल्दी-जल्दी हुआ। एक्स ने यूनिवर्सिटी के दावे को गलत बताया यूनिवर्सिटी के स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने इस पोस्ट पर एक ‘कम्युनिटी नोट’ जोड़ दिया। इसमें कहा गया कि यूनिवर्सिटी का यह दावा कि उन्होंने इसे अपना नहीं बताया, भ्रामक है। एक्स का कम्युनिटी नोट एक ऐसा फीचर है, जिसमें आम यूजर्स ही किसी भ्रामक पोस्ट पर सही जानकारी और संदर्भ जोड़कर उसे फैक्ट-चेक करते हैं। कांग्रेस बोली- मोदी सरकार ने दुनिया में देश का मजाक बनवाया कांग्रेस ने इस मामले पर कहा कि मोदी सरकार ने AI के मामले में दुनिया भर में भारत का मजाक बनवाया है। AI समिट में चीन के रोबोट्स को हमारा बताकर दिखाया जा रहा है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि मोदी के मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इसी झूठ में शामिल हैं और भारतीय समिट में चीन के रोबोट्स को प्रमोट कर रहे हैं। मोदी सरकार ने देश की छवि को ऐसा नुकसान पहुंचाया है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। वहीं नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय, यह AI समिट एक ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ बनकर रह गया है। यानी एक ऐसा इवेंट जिसे बड़ी इमेज बनाने (PR) के लिए बहुत बढ़ा-चढ़ाकर आयोजित किया गया हो, लेकिन खराब मैनेजमेंट की वजह से वह तमाशा बन जाए। नॉलेज बॉक्स: क्या है यूनिट्री Go2 रोबोटिक डॉग रोबोटिक डॉग और ह्युमनॉइड रोबोट बनाती है यूनिट्री यूनिट्री चीन की एक मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो हाई-परफॉर्मेंस वाले रोबोटिक डॉग और ह्युमनॉइड रोबोट बनाने के लिए दुनियाभर में जानी जाती है। यह कंपनी मुख्य रूप से किफायती और एडवांस सेंसर वाली रोबोटिक्स तकनीक विकसित करती है, जिसका इस्तेमाल रिसर्च, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल कामों के लिए किया जाता है। 2011 में शुरू हुई थी गलगोटिया यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी 2011 में शुरू हुई थी। ये यूनिवर्सिटी 20 अलग-अलग स्कूलों के जरिए डिप्लोमा से लेकर पीएचडी तक के 200 से ज्यादा कोर्स कराती हैं। सुनील गलगोटिया यूनिवर्सिटी के चांसलर और ध्रुव गलगोटिया CEO हैं। अब दिल्ली में चले रही AI समिट के बारे में जानें… ————————————————- ये खबर भी पढ़े… सुंदर पिचाई ने PM मोदी से मुलाकात की:AI समिट में शामिल होंगे गूगल CEO, मोदी बोले-2030 तक $400 बिलियन का होगा आईटी सेक्टर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज यानी 18 फरवरी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पिचाई ‘ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। 20 फरवरी को वे इस समिट में की-नोट एड्रेस (मुख्य भाषण) देंगे। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय मूल के श्रेयस मोव्वा कनाडा टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज:जहां टर्फ विकेट तक नहीं, उस बर्फ की धरती पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रेयस ने जिंदा रखा सपना

जहां ‘आइस हॉकी’ सबसे लोकप्रिय खेल है और साल के छह महीने बर्फ की चादर बिछी रहती है, वहां एक भारतीय मूल का खिलाड़ी अपने क्रिकेट के सपनों को सींच रहा है। यह कहानी है श्रेयस मोव्वा की, जो कनाडा की टीम के भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और टी-20 वर्ल्ड कप में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। कनार्टक से अंडर-23 भी खेले कर्नाटक में जन्मे श्रेयस का सपना कर्नाटक राज्य की टीम के लिए खेलना था। उन्होंने 2015 में अंडर-23 क्रिकेट खेला, जहां उनके साथ अभिनव मनोहर और प्रवीण दुबे जैसे खिलाड़ी थे, जो बाद में IPL के सितारे बने। हालांकि, कर्नाटक की मुख्य टीम में जगह न मिल पाने के कारण श्रेयस ने मां का सपना पूरा करने की ठानी। साल 2016 में वे पढ़ाई के लिए कनाडा चले गए और मॉन्ट्रियल की कॉनकॉर्डिया यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया कनाडा के क्यूबेक प्रांत में क्रिकेट खेलना किसी संघर्ष से कम नहीं है। श्रेयस बताते हैं, ‘वहां गर्मी का मौसम मई से सितंबर-अक्टूबर तक ही रहता है। उसके बाद कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के कारण हमें इंडोर नेट्स में अभ्यास करना पड़ता है, जहां मैच जैसी परिस्थितियां बनाना मुश्किल होता है। वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के टर्फ विकेट नहीं हैं। अब भी टर्फ विकेट की जरूरत है, क्योंकि अधिकतर मुकाबले मैटिंग विकेट पर खेले जाते हैं।’ इन बाधाओं के बावजूद, 2021 में श्रेयस 2009 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले क्यूबेक के पहले खिलाड़ी बने थे। 32 साल के श्रेयस सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं। दिन में क्रिकेट खेलते हैं और रात में करते हैं काम वे बताते हैं, ‘जब मैं टीम से बाहर था, तब मेरी नौकरी ने मुझे मानसिक रूप से टूटने से बचाया। मेरी कंपनी मुझे खेलने की अनुमति देती है और मैं अक्सर रात में काम करके इसकी भरपाई करता हूं। क्रिकेट मेरा जुनून है और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मेरा पेशा; मैं दोनों को जारी रखना चाहता हूं।’ कनाडा के लिए 24 वनडे और 26 टी-20 खेल चुके श्रेयस वर्ल्ड कप में खुद को साबित कर रहे हैं। अब उनकी टीम का आखिरी मैच अफगानिस्तान के खिलाफ है। चेन्नई की स्पिन पिचों पर श्रेयस के पास ‘क्लास’ दिखाने का अंतिम मौका है। उनके लिए यह वर्ल्ड कप केवल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उस जिद की जीत है जो कर्नाटक से शुरू होकर क्यूबेक की बर्फ को चीरते हुए वैश्विक मंच पर चमक रही है। —————————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें
केसर रसमलाई रेसिपी: घर पर असली हलवाई जैसी केसर की रसमलाई, फट ही मुंह में बदल जाएगी, बनाना भी है बेहद आसान

18 फरवरी 2026 को 08:35 IST पर अपडेट किया गया केसर रसमलाई रेसिपी इन हिंदी: अब बाजार से छूट की जगह आप घर पर हलवाई जैसी स्वाद वाली रसमलाई घर पर तैयार कर सकते हैं। आखिरी मिनट में घर आए दुश्मनों के लिए यह रेसिपी आप टिकट जरूर लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)केसर रसमलाई रेसिपी(टी)केसर रसमलाई(टी)केसर रसमलाई रेसिपी इन हिंदी(टी)केसर रसमलाई बनाने का आसन तारिका(टी)केसर रसमलाई(टी)केसर रसमलाई रेसिपी






