Salim Khan Hospitalized | Mumbai Health Update

2 दिन पहले कॉपी लिंक सलमान खान के पिता और दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को ब्रेन हेमरेज हुआ है, जिसके बाद उनकी एक छोटी सी सर्जिकल प्रोसीजर की गई है। लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पार्कर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई है। यह कोई ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक हाईक्वालिटी का एक्स-रे होता है। इसमें शरीर की नसों में हुए ब्लॉकेज को ज्यादा साफ देखा जा सकता है। इसे सेरेब्रल एंजियोग्राफी भी कहा जाता है। कुछ समय तक डॉक्टर्स की निगरानी में रहेंगे सलीम खान डॉक्टर पार्कर के अनुसार, फिलहाल सलीम खान को डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। उन्हें कुछ दिनों तक डॉक्टर्स की निगरानी में रखा जाएगा। हालांकि, उनकी हालत स्थिर है और वे रिकवरी कर रहे हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो उन्हें आज या कल तक वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया जा सकता है, लेकिन डिस्चार्ज को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। डॉ. जलील पार्कर मुंबई में एक जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट (सांस की बीमारी के स्पेशलिस्ट) हैं, जो लीलावती हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर से जुड़े हैं। अस्पताल पहुंचे परिवार के सदस्य, देखें तस्वीरें पिता से अस्पताल में मुलाकात के बाद बाहर निकलते नजर आए सलमान खान। सोहेल खान अपने पिता सलीम खान से मिलने अस्पताल पहुंचे। संगीता बिजलानी भी अस्पताल पहुंचीं। मंगलवार देर रात तक सलमान खान अस्पताल में ही रहे थे। अर्पिता खुद ड्राइव कर अस्पताल से गईं। बेटी अलवीरा खान भागते हुए अस्पताल पहुंचीं। सलमान खान की मां और सलीम खान की पत्नी सलमा खान अस्पताल पहुंचीं। सलीम खान की बेटी अर्पिता के पति एक्टर आयुष शर्मा भी अस्पताल पहुंचे। अलवीरा और अतुल के बेटे अयान भी हॉस्पिटल पहुंचे। अलवीरा और अतुल की बेटी अलीजेह भी अस्पताल पहुंचीं। सलीम खान के पोते अरहान और निर्वाण अस्पताल जाते हुए नजर आए। बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी बुधवार सुबह अस्पताल पहुंचे। सलीम खान के साथ कई फिल्में लिखने वाले जावेद अख्तर उनका हाल लेने बुधवार को भी अस्पताल पहुंचे। संजय दत्त अस्पताल से निकलते समय गंभीर नजर आए। सलीम खान के दामाद अतुल अग्निहोत्री भी हॉस्पिटल पहुंचे। सलीम खान की तबीयत बिगड़ने के बाद मंगलवार को सलमान खान शूटिंग छोड़कर अस्पताल पहुंचे। वहीं, संजय दत्त और जावेद अख्तर भी अस्पताल पहुंचे। एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए अरबाज मंगलवार को अरबाज खान अपनी पत्नी शूरा के साथ पिता से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। वहीं, बुधवार सुबह उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर एंट्री करते हुए स्पॉट किया गया। मंगलवार सुबह इमरजेंसी में लाया गया था अस्पताल प्रशासन ने बताया था कि सलीम खान को मंगलवार सुबह 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। उनके इलाज के लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है। इसमें न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनय चव्हाण, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत मेनन, न्यूरोसर्जन डॉ. नितिन डांगे और डॉ. बिनीत अहलूवालिया शामिल हैं। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। फैमिली के साथ सलीम खान की पुरानी तस्वीर। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
YouTube Down Global Outage | Something Went Wrong App Error Affects Millions

Hindi News Tech auto YouTube Down Global Outage | Something Went Wrong App Error Affects Millions नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक दुनिया का सबसे पॉपुलर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब की सर्विस अचानक ठप हो गई। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में सुबह करीब 6 बजकर 20 मिनट से लगभग 8 बजे तक लाखों यूजर्स को इसे एक्सेस करने में परेशानी हो रही थी। सबसे ज्यादा दिक्कत इसके मोबाइल एप में आई जहां यूजर्स को समथिंग वेंट रॉन्ग मैसेज दिख रहा था। हालांकि जब इसे दो-तीन बार रिफ्रेश किया तो वीडियोज दिखने लगे थे। लेकिन पूरी तरह से ये काम नहीं कर रहा था। वहीं इसकी वेबसाइट एक्सेस हो रही थी। आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के मुताबिक अमेरिका में करीब 2.83 लाख लोगों ने यूट्यूब न चलने की शिकायत की। भारत में आज सुबह 7 बजे के करीब डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों का आंकड़ा 18 हजार को पार कर गया। यहां 71% यूजर्स एप इस्तेमाल में दिक्कत हुई। यूट्यूब टीम ने कहा- रिकमेंडेशन सिस्टम में खराबी आई यूट्यूब की टीम ने इस आउटेज को लेकर आज सुबह 07:26 मिनट पर एक X पोस्ट में कहा- अगर आपको अभी यूट्यूब चलाने में दिक्कत आ रही है, तो आप अकेले नहीं हैं। हमारी टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं और जो भी अपडेट होगा, हम यहां जानकारी देंगे। इसके बाद एक और अपडेट में यूट्यूब ने कहा कि हमारे रिकमेंडेशन सिस्टम में एक खराबी की वजह से यूट्यूब के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे होमपेज, यूट्यूब एप, यूट्यूब म्यूजिक और यूट्यूब किड्स पर वीडियो नहीं दिख रहे थे। होमपेज अब ठीक हो गया है, लेकिन हम अभी भी इसे पूरी तरह ठीक करने पर काम कर रहे हैं। जल्द ही और जानकारी दी जाएगी! नॉलेज बॉक्स: क्या होता है आउटेज? आउटेज एक ऐसी स्थिति होती है जब कोई सर्विस जैसे इंटरनेट, एप, वेबसाइट अचानक काम करना बंद कर देती है या उपलब्ध नहीं रहती। यह कुछ समय के लिए हो सकता है। जैसे कुछ मिनट से लेकर घंटों तक। इसका कारण सर्वर फेल होना, नेटवर्क समस्या, रखरखाव, मौसम की मार, हार्डवेयर खराबी या ज्यादा लोड पड़ना हो सकता हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
RPSC Factory Inspector Recruitment | Withdraw Application By Feb 28

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से निकाली गई कारखाना एवं बायलर्स निरीक्षण विभाग भर्ती-2025 में बिना इंजीनियरिंग की विशिष्ट डिग्री के बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स ने आवेदन किए। इस बात का खुलासा आयोग की रैंडम जांच में हुआ है। . ऐसे में बिना इंजीनियरिंग डिग्री के आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स को ऑनलाइन आवेदन 28 फरवरी तक विड्रॉ करने का अंतिम अवसर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर अपात्र पाए गए अभ्यर्थियों के खिलाफ आयोग कार्रवाई करेगा। गलत जानकारी देने पर होगी कड़ी कार्रवाई आयोग द्वारा की गई रैंडम जांच में सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों ने आवश्यक योग्यता और अनुभव नहीं होने के बावजूद आवेदन कर दिया है। आयोग द्वारा जारी की गई सूची से यह स्पष्ट होता है कि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किया है जिनके पास केवल बीए, बीकॉम तथा बीएससी जैसी डिग्रियां हैं, जबकि संबंधित पदों के लिए इंजीनियरिंग की विशिष्ट डिग्री अनिवार्य है। कानूनी कार्रवाई- गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना और पात्रता न होने पर भी आवेदन वापस न लेना भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। तीन साल का बैन- यदि काउंसलिंग या इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थी अपात्र पाया जाता है, तो उसका आवेदन निरस्त करने के साथ-साथ उसे आगामी 3 साल के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार कर दिया जाएगा। विज्ञापित पद अनुसार यह है योग्यता निरीक्षक (कारखाना एवं बॉयलर्स) – 12 पद- मैकेनिकल/प्रोडक्शन/पावर प्लांट या मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग में डिग्री के साथ बॉयलर संचालन, मरम्मत या निरीक्षण में 2 साल का अनुभव अनिवार्य है। निरीक्षक (कारखाना – रसायन) – 1 पद- बी.ई. (केमिकल) की डिग्री अनिवार्य है। ……….. पढ़ें ये खबर भी… RPSC ने एईएन मेंस एग्जाम की डेट में किया बदलाव:अब 22 और 23 मार्च को होगी परीक्षा; 1036 पदों पर होनी है भर्ती राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से कार्मिक विभाग में एईएन मुख्य परीक्षा अब 22 और 23 मार्च को ली जाएगी। इस परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम आयोग ने जारी कर दिया। पूर्व में यह परीक्षा 15 और 16 मार्च को ली जाने थी। पूरी खबर पढें
Brazil President Lula Visit India

Hindi News International Brazil President Lula Visit India | Live Update 14 Ministers, 260 Companies Attend AI Summit नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा बुधवार दोपहर भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। वह यहां इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने आए हैं। दिल्ली पहुंचने पर उनका स्वागत विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा ने किया। वे 18 से 22 फरवरी तक भारत में रहेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री पीएम मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है। इस बार राष्ट्रपति लूला अपने साथ 260 कंपनियों के मालिकों और अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं। उनके साथ करीब 14 मंत्री भी पहुंचे हैं। राष्ट्रपति लूला 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में हो रहे दूसरे AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। इससे इतर मर्कसुर-भारत मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए पर भी बात हो सकती है। मर्कसुर दक्षिण अमेरिका का एक बड़ा व्यापारिक समूह है, जिसमें ब्राजील समेत कई देश शामिल हैं। पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे राष्ट्रपति लूला की 21 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इस बैठक में दोनों देश अपने रिश्तों की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। पीएम मोदी उनके सम्मान में एक लंच का आयोजन भी करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला की बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा खासकर नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और दवाइयां, महत्वपूर्ण खनिज और रेयर अर्थ मिनरल्स, विज्ञान और तकनीक, नवाचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और लोगों के बीच कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इनमें बहुपक्षीय मंचों में सहयोग, ग्लोबल रूल ऑर्डर में सुधार, ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे, संयुक्त राष्ट्र (UN) सुधार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस दौरे के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति लूला से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में एक राजकीय भोज देंगी। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी उनसे मिलेंगे। राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा यह राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा है। वे पहली बार 2004 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। आखिरी बार वे सितंबर 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे। प्रधानमंत्री मोदी जुलाई 2025 में ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया के राजकीय दौरे पर गए थे, जो 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली राजकीय यात्रा थी। नवंबर 2025 में दोनों नेता जोहान्सबर्ग में जी20 बैठक के दौरान भी मिले थे। राष्ट्रपति लूला 2004 में भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। भारत-ब्राजील UN और BRICS जैसे मंचों पर मिलकर काम करते हैं भारत और ब्राजील के रिश्ते बहुत अच्छे रहे हैं। साल 2006 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया। दोनों ही देश लोकतंत्र में भरोसा रखते हैं और दुनिया में शांति और बराबरी की बात करते हैं। भारत और ब्राजील BRICS, G20, UN और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ मिलकर काम करते हैं। रक्षा के मामले में दोनों देशों के बीच 2003 में समझौता हुआ था, जिसे 2006 में मंजूरी मिली। जुलाई 2025 में संयुक्त रक्षा समिति की बैठक ब्राजील में हुई। दोनों देशों के सैन्य अधिकारी एक-दूसरे के यहां आते-जाते रहते हैं। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी दोनों साथ काम कर रहे हैं। भारत ने 2021 में ब्राजील का उपग्रह Amazonia-1 लॉन्च किया था। तेल और गैस के मामले में ब्राजील, अमेरिका महाद्वीप में भारत का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट सेंटर है। बॉयो फ्यूल के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। ब्राजील ग्लोबल बॉयोफ्यूल अलायंस का सह-संस्थापक सदस्य है। कृषि, फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन भी दोनों देशों के सहयोग के अहम क्षेत्र हैं। भारत की गिर और कांकरेज जैसी गायों की नस्लें पहले ब्राजील भेजी गई थीं, जिन्हें वहां की जरूरत के हिसाब से विकसित किया गया। कई ब्राजीली छात्र और अधिकारियों ने भारत आकर ट्रेनिंग ली हेल्थ सेक्टर में 2020 में दोनों देशों ने समझौता किया। ब्राजील की स्वास्थ्य नीति में आयुर्वेद और योग को वैकल्पिक इलाज के तौर पर जगह दी गई है। डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में भी 2025 में समझौता हुआ, जिसके तहत दोनों देश बड़े स्तर पर लागू डिजिटल सिस्टम और समाधान एक-दूसरे से साझा करेंगे। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी भारत और ब्राजील साथ काम कर रहे हैं। ब्राजील में हुए संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन में भारत ने सक्रिय भाग लिया। तकनीकी सहयोग और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के तहत कई ब्राजीली छात्र और अधिकारी भारत आकर ट्रेनिंग ले चुके हैं। सांस्कृतिक रिश्ते भी काफी मजबूत हैं। ब्राजील में भारतीय संस्कृति, योग, ध्यान और शास्त्रीय नृत्य को लोग पसंद कर रहे हैं। साओ पाउलो में 2011 में भारत का पहला सांस्कृतिक केंद्र खोला गया था। ब्राजील के कई शहरों में महात्मा गांधी की प्रतिमा लगी है महात्मा गांधी को ब्राजील में काफी सम्मान दिया जाता है। रियो डी जेनेरियो, साओ पाउलो और ब्रासीलिया जैसे शहरों में उनकी प्रतिमाएं लगी हुई हैं। 2025 में ब्राजील के आचार्य जोनस मासेट्टी को भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया। भारतीय फिल्में भी ब्राजील में पसंद की जाती हैं और 2024 में साओ पाउलो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारत को फोकस कंट्री बनाया गया। ब्राजील में करीब 4,000 भारतीय रहते हैं। ज्यादातर लोग साओ पाउलो और रियो डी जेनेरियो में बसे हैं। ये लोग कारोबार, नौकरी और रिसर्च जैसे कामों से जुड़े हुए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘हमें ताकत मिलती है…’: फारूक अब्दुल्ला मंच पर भावुक हो गए, पिनाराई विजयन ने गर्मजोशी से गले लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:18 फरवरी, 2026, 06:02 IST फारूक अब्दुल्ला ने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि दक्षिण उन सांप्रदायिक ताकतों से मुक्त है जो देश का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को गले लगाया। (छवि: एक्स) जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को अपने राज्य के लोगों की शांति और सम्मान के लिए लड़ने के लिए राष्ट्रीय एकता की अपील की। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री के भावनात्मक रूप से भरे भाषण को उत्सुकता से सुना और संबोधन के बाद अपनी सीट पर लौटने पर उन्हें गर्मजोशी से गले लगाया। अब्दुल्ला तिरुवनंतपुरम में केरल राज्य योजना आयोग द्वारा विकास और लोकतंत्र पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार विज़न-2031 के समापन समारोह में बोल रहे थे। “हम आपकी ओर देखते हैं और खुद से कहते हैं, अल्लाह, आप कब जागेंगे ताकि हम भी स्वतंत्र रूप से चल सकें, स्वतंत्र रूप से बात कर सकें, स्वतंत्र रूप से सोच सकें। यही लोकतंत्र है – लोगों का, लोगों के लिए, लोगों द्वारा। हमारे बच्चे और हमारे लोग जो पीड़ित थे, वे अब भी उत्तर में पीड़ित हैं, हाँ, उन्हें पाकिस्तानी कहा जा रहा है,” उन्होंने भाषण के दौरान कहा। “स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले हमारे बच्चों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। यह कब खत्म होगा?” नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पूछा, उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे और उनकी आवाज रुंध गई थी। अब्दुल्ला ने आगे भगवान को धन्यवाद दिया कि दक्षिण उन सांप्रदायिक ताकतों से मुक्त है जो देश का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। “मैंने 90 साल की उम्र में यह यात्रा की, आपको यह बताने के लिए कि हमारे बारे में सोचें, हमारे लिए प्रार्थना करें ताकि हम इस त्रासदी से बाहर निकल सकें जिसका हम आज उत्तर में सामना कर रहे हैं। भगवान का शुक्र है कि दक्षिण अभी भी स्वतंत्र है, और मुझे आशा है कि यह स्वतंत्र रहेगा, विकसित होगा और मजबूत होगा। हमें आपसे ताकत मिलती है,” अब्दुल्ला ने कहा। अनुच्छेद 370 पर फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनावी जीत के लिए देश के लोगों को “सांप्रदायिक रूप से विभाजित” करने की कोशिश करने के लिए भाजपा और आरएसएस की आलोचना की। अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने से आतंकवाद का अंत नहीं हुआ है। अब्दुल्ला ने पूछा, “लेकिन अब मैं आपसे पूछता हूं, क्या अगस्त 2019 के बाद से आतंकवाद गायब हो गया है? क्या वह चला गया है? क्या आप पुलवामा भूल गए हैं, जहां हमारे 40 बहादुर सैनिक मारे गए? क्या आप पहलगाम भूल गए हैं? क्या आप हाल ही में उधमपुर भूल गए हैं?” उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा कहती रही कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का कारण अनुच्छेद 370 है। अब्दुल्ला ने कहा, “उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370, जो कश्मीर को दिया गया था, ने आतंकवाद पैदा किया। यह उनका मुख्य कारक था। और क्या हुआ, उन्होंने पूरे देश में यह ढोल बजाया और आपने इसे खरीद लिया।” उन्होंने कहा कि उनके राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया है और विधानसभा पूरी तरह से शक्तिहीन हो गई है। अब्दुल्ला ने हर चीज को केंद्रीकृत करने और राज्य सरकारों की शक्तियों में “असंवैधानिक हस्तक्षेप” करने के केंद्र सरकार के कथित प्रयास पर हमला किया। (एजेंसी इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 18 फरवरी, 2026, 06:01 IST समाचार राजनीति ‘हमें ताकत मिलती है…’: फारूक अब्दुल्ला मंच पर भावुक हो गए, पिनाराई विजयन ने गर्मजोशी से गले लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
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पटना2 दिन पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रनों की पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे, जिसने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। इस मुकाबले की चर्चा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी खूब हुई। खासकर ईशान किशन की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की गई। इतना ही नहीं जब ईशान बैटिंग कर रहे थे, उस दौरान से लेकर अब तक पाकिस्तान में गूगल पर सबसे ज्यादा उन्हें सर्च किया जा रहा है। गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक, मैच के दौरान और उसके बाद ‘ईशान किशन की उम्र’, ‘बैकग्राउंड’, ‘हाइट’, ‘गर्लफ्रेंड/वाइफ, ‘फैमिली’ और ’रिलीजन’ जैसे कीवर्ड्स तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। यहां तक ईशान किशन की संपत्ति कितनी है और ‘उनकी नेटवर्थ क्या है’ जैसे सवालों के जवाब भी जमकर खोजे गए। सोशल मीडिया पर उनकी बल्लेबाजी को लेकर कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। पाकिस्तान के यूजर्स ने ईशान किशन की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “सवा 5 फीट का लड़का पूरी टीम पर भारी पड़ गया।” गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक, पाकिस्तानी यूजर्स में उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी दिलचस्पी दिखी, जिसके बाद ईशान की पर्सनल लाइफ को लेकर सर्च किया गया। गूगल पर सर्च- ईशान किशन की गर्लफ्रेंड कौन? गूगल ट्रेंड्स के अनुसार ‘ईशान किशन की गर्लफ्रेंड कौन है?’ यह सवाल खूब ट्रेंड करता रहा। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत में ईशान के दादा राम अनुग्रह पांडेय ने जयपुर की मॉडल अदिति हुंडिया का नाम बताया था। कहा था कि ईशान की पसंद, हमारी पसंद है। पूरी खबर पढ़ें… उनकी पारी का असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरहद पार भी लोग उनकी प्रोफाइल और निजी जिंदगी के बारे में जानने को उत्सुक दिखे। ईशान की गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया हैं। वे पेशे से मॉडल हैं और जयपुर की रहने वाली हैं। शोएब अख्तर ने कहा- मैच के हीरो ईशान किशन ईशान के शानदार प्रदर्शन की वजह से इंडिया टीम ने पाकिस्तान को 61 रन से हरा दिया था। टूर्नामेंट के इतिहास में यह भारत की पाकिस्तान पर रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत थी। ईशान की इस जोरदार पारी की चर्चा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में खूब हुई। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर भी ईशान किशन की बैटिंग के मुरीद हो गए। उन्होंने कहा- इस बात को स्वीकार करना पड़ेगा कि जहां इतने बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे, वहां ईशान ने कमाल का खेल दिखाया। हम बाकी खिलाड़ियों की बात करते रहे, अभिषेक शर्मा की बात करते रहे, लेकिन मैच के हीरो ईशान किशन ही रहे। पाकिस्तान के पत्रकार शहजार इकबाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘दो महीने पहले तक टी 20 वर्ल्ड कप के लिए ईशान किशन प्लान का हिस्सा भी नहीं थे, लेकिन अब उन्होंने भारत के लिए पाकिस्तान के गेंदबाजी अटैक की हालत खराब कर दी। क्या कमाल का कमबैक है।’ वहीं, पाकिस्तान के खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार ने X पर लिखा, ‘अब तमाम मुश्किलों का सामना करने के बाद ईशान किशन एक बेहतर क्रिकेटर बन गए हैं। ईशान को खुद को गहराई से समझना पड़ा और नए सिरे से पहचानना पड़ा।’ ईशान अपने किट बैग में रखते थे श्रीमद्भगवद्गीता दो साल बाद ईशान किशन की भारतीय टीम में वापसी हुई थी। वह इससे पहले टीम से बाहर थे। अपने खराब फॉर्म और मानसिक तनाव से उबरने के दौरान वो अपने किट बैग में श्रीमद्भगवद्गीता की एक छोटी प्रति साथ लेकर चलते थे। उनकी मां ने उन्हें तनाव से निपटने के लिए गीता पढ़ने की सलाह दी थी। यह सलाह उनके मन में बस गई, जिसे पढ़कर उन्होंने मानसिक स्पष्टता हासिल की। शानदार फॉर्म में वापसी की। हाल ही में, ईशान की कप्तानी में झारखंड ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीती थी। अब ईशान किशन के परिवार और गर्लफ्रेंड को देखें… ईशान किशन (ऊपर बाएं) अपने बड़े भाई राज (बाएं), नीचे बाएं से मां-दादी और पिता के साथ। 2 साल बाद T-20 वर्ल्डकप में ईशान किशन की वापसी ईशान किशन पिछले डेढ़ साल से टीम इंडिया से बाहर थे। इस दौरान वे करियर के मुश्किल दौर में रहे। लेकिन अब ईशान ने जोरदार कमबैक किया है। ईशान का बल्ला लगभग हर मुकाबले में चलता नजर आ रहा है। ईशान के हर मैच में अदिति भी नजर आ रही हैं। ईशान ने क्रिकेट के लिए स्कूल छोड़ दिया था इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले ईशान किशन ने खेल के लिए स्कूल छोड़ दिया था। ईशान की क्रिकेट के प्रति दीवानगी से टीचर भी परेशान थे। बार-बार क्लास में खड़ा किए जाने के बाद भी ईशान ग्राउंड में टिके रहते। टीचर ने साफ कह दिया कि पढ़ाई और क्रिकेट एकसाथ नहीं चल सकता, ईशान को दोनों में से एक रास्ता चुनना होगा। ईशान ने टीचर से साफ कह दिया कि वे खेल के लिए पढ़ाई भी छोड़ सकते हैं। ईशान के बचपन के दोस्त यशस्वी सिंह बताते हैं कि ईशान के जैसा क्रिकेट का दीवाना नहीं देखा। वह खाना-पीना सब भूल जाते थे। ऐसा लगता था कि ईशान के लिए क्रिकेट से बढ़कर कुछ भी नहीं। वह कब खेलने के लिए पटना से रांची पहुंच जाते थे, कुछ पता ही नहीं चलता था। स्कूल से बाहर कर दिए जाने के बाद भी ईशान को कोई तकलीफ नहीं थी, क्योंकि वह जानते थे कि उनका बल्ला एक न एक दिन भारत के लिए इतिहास बनाएगा। यशस्वी बताते हैं कि वे क्लास 9 में ईशान के साथ डीपीएस पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। इस स्कूल से ईशान को निकाल दिया गया था। बाद में ईशान ने फुलवारी के एक प्राइवेट स्कूल से मैट्रिक किया था। 7 साल की उम्र में पकड़ा था बल्ला पटना के बेली रोड के आशियाना में 7 साल की उम्र में ही बल्ला पकड़ने वाले ईशान बेहतरीन विकेटकीपर और बैट्समैन हैं। वे झारखंड की ओर से रणजी खेलते थे। ईशान का टैलेंट कोच और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में निखरा और उन्हें अंडर-19 टीम की कप्तानी का मौका
Pak Don Shehzad Bhatti On Lawrence Gang Threat

लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर की धमकी के बाद पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने भी एक ऑडियो जारी कर जवाब दिया है। भट्टी ने कहा कि उसके पास एक वीडियो पहुंची है, जिसमें एक व्यक्ति हथियारों के साथ बैठकर कह रहा है कि वह शहजाद भट्टी को मार देगा। . इस पर भट्टी ने जवाब देते हुए कहा कि जितने हथियार सामने रखकर वीडियो बनाई जा रही है, उतने हथियार तो उसके पास बेकार पड़े हैं। उसने यह भी कहा कि जैसा तुम्हारा मालिक लॉरेंस है, वैसे ही तुम भी हो। कुत्तों के बारे में बोलने का मन नहीं करता है, इन्हें याद दिलाने के लिए बोलना पड़ता है कि ये कोई गैंगस्टर नहीं हैं। भट्टी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर वीडियो बनानी है, तो चेहरा दिखाकर और अपनी लोकेशन बताकर बनाओ, ताकि पता चले कि तुम सच में गैंगस्टर हो या नहीं। उसने कहा कि लॉरेंस उसे अच्छी तरह जानता है और आज तक उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाया, क्योंकि वह भट्टी को समझता है। गौरतलब है कि लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने भट्टी को धमकी दी थी। उसने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें हथियार दिखाए। बॉक्सर ने कहा था कि जिस दिन चाहेंगे तेरा सिर कलम कर देंगे। हमारे पास इतने हथियार हैं, इतनी गोली मारेंगे कि गोलियां गिन कर तेरा खानदान करोड़पति हो जाएगा। लॉरेंस बाप था और बाप रहेगा। पाकिस्तानी डॉन भट्टी की बड़ी बातें… दो-दो पिस्तौल रखकर वीडियो बना रहे: भट्टी ने तंज कसते हुए कहा- आजकल लोग दो-दो पिस्तौल रखकर वीडियो बना रहे हैं, जबकि पहले लॉरेंस मुझसे 10-10 पिस्तौल मांगता था। अब उनकी औकात सिर्फ दो पिस्तौल तक रह गई है। लोग बेवजह डरते हैं, क्योंकि ये लोग असली गैंगस्टर नहीं, बल्कि फिरौती मांगने वाले हैं और असली गैंगस्टरों का नाम खराब कर रहे हैं। असली गैंगस्टर अपने लोगों का पूरा ख्याल रखता: भट्टी ने कहा- असली गैंगस्टर अपने लोगों का पूरा ख्याल रखते हैं, लेकिन तुम लोग अपने साथियों से काम करवाकर जब वे जेल चले जाते हैं, तो उनका हाल तक नहीं पूछते। मेरा एक भी आदमी ऐसा नहीं है, जो कहे कि भट्टी पीछे हट गया। अब तक मेरे 3 आदमी गिरफ्तार हुए हैं और आज भी उनके परिवारों को पूरा पैसा मिल रहा है, उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हिम्मत है, तो मारकर दिखाए: भट्टी ने कहा- अगर गैंगस्टर बनने का शौक है, तो चेहरा दिखाकर और लोकेशन बताकर सामने आओ। तब पता चलेगा। मैं हर मुल्क में खुलेआम घूमता हूं, फ्लाइट में सफर करता हूं। अगर किसी में हिम्मत है, तो मारकर दिखाए। मैंने तुम्हारी औकात से ज्यादा दिया था: भट्टी ने कहा- अब तुम लोग एक-दो पिस्तौल से काम चला रहे हो, यही तुम्हारी औकात है। मैंने तुम्हें तुम्हारी औकात से ज्यादा दिया था, लेकिन अब तुम औकात से बाहर हो गए हो। पहले अपने दुबई वाले साथी का बदला ले लो, जिसे बकरे की तरह काट दिया गया था और जिसे तुमने मेरी रेकी करने के लिए दुबई भेजा था। ये लोग कोई गैंगस्टर नहीं हैं: भट्टी बोला- मेरा बार-बार इन कुत्तों के बारे में बोलने का मन नहीं करता, लेकिन इन्हें याद दिलाने के लिए बोलना पड़ता है कि ये कोई गैंगस्टर नहीं हैं। जो लोग इनके साथ खड़े हैं, उन्हें भी इन्हें छोड़ देना चाहिए, क्योंकि जिस दिन तुम फसोगे, ये तुम्हारे पीछे नहीं आएंगे। जो करना है कर लो, तुम्हारी पूरी जिंदगी पड़ी: भट्टी ने दावा किया कि ये लोग दो-तीन-चार पिस्तौल के लिए उससे मिन्नतें किया करते थे। ये न वीडियो में सामने आते हैं और न कहीं जाते हैं, बस बिलों में छिपे रहते हैं। खुद बाहर नहीं निकलते। भट्टी ने कहा- मैं हर जगह घूमता हूं, फ्लाइट में भी सफर करता हूं। जो करना है कर लो, तुम्हारे पास पूरी जिंदगी पड़ी है। अगर कोई खुद को गैंगस्टर कहता है और जेल में बैठा है, तो ऐसे डॉन और गैंगस्टर पर लानत है। बाहर आओ, पैसा लगाओ और दिखाओ कि गैंगस्टर किसे कहते हैं। ****************** ये खबर भी पढ़ें: लॉरेंस गैंग की पाकिस्तानी डॉन को धमकी: हथियार दिखाए, कहा- जिस दिन चाहेंगे तेरा सर कलम कर देंगे, भट्टी ने चैलेंज किया था लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी को धमकी दी। उसने एक वीडियो जारी किया, जिसमें हथियार दिखाए। बॉक्सर ने कहा कि जिस दिन चाहेंगे तेरा सर कलम कर देंगे। हमारे पास इतने हथियार हैं, इतनी गोली मारेंगे कि गोलियां गिन कर तेरा खानदान करोड़पति हो जाएगा। लॉरेंस बाप था और बाप रहेगा। (पढ़े पूरी खबर)
Supreme Court Packaged Food Warning; FSSAI Mandatory FOPL Update; Front-of-Package Nutrition Labeling

Hindi News Lifestyle Supreme Court Packaged Food Warning; FSSAI Mandatory FOPL Update; Front of Package Nutrition Labeling 3 दिन पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक हम अक्सर चिप्स, कुकीज या नमकीन का पैकेट खरीदते हैं और खा लेते हैं। बहुत कम लोग पैकेट को पलटकर उसके पीछे देखते हैं कि जो फूड वो खा रहे हैं, उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है। उसमें कितना शुगर, नमक या फैट है। पैकेट पर लिखी ये इंफॉर्मेशन ही बताती है कि फूड कितना हेल्दी है या कितना अनहेल्दी। लेकिन अगर यह जानकारी पैकेट के फ्रंट पर रंगों और ग्राफिक्स के साथ आसान तरीके से लिखी हो तो एक ही नजर में बहुत आसानी से ये जानकारी हमें मिल जाएगी। हमारे लिए हेल्दी फूड का चुनाव भी आसान हो जाएगा। इसे ‘फ्रंट‑ऑफ‑पैक लेबलिंग’ कहते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) और केंद्र सरकार को एक जरूरी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पैकेज्ड फूड पर “फ्रंट-ऑफ-पैक वॉर्निंग लेबल” लगाने पर विचार किया जाए। यह लेबल पैकेट के सामने ही जरूरी जानकारी दिखाएगा ताकि कंज्यूमर खरीदने से पहले ही जान सकें कि उसमें कितना शुगर, नमक और फैट है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- फ्रंट‑ऑफ‑पैक लेबलिंग क्या है? फ्रंट‑ऑफ‑पैक लेबलिंग क्यों जरूरी है? कैसे यह गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है? एक्सपर्ट: डॉ. नरेंद्र कुमार सिंगला, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ क्या है? जवाब- फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग (FOPL) वह लेबल है, जो किसी फूड प्रोडक्ट के पैकेट के आगे के हिस्से में लिखा रहता है। इसमें खाने के मेन इंग्रीडिएंट्स जैसे शुगर, नमक और फैट की जानकारी को आसान और जल्दी समझ आने वाले तरीके से दिखाया जाता है। इसका मकसद ये है कि ग्राहक तुरंत समझ सके कि वो जो फूड खरीद रहा है, वह स्वास्थ्य के लिए कितना सही है। ये जानकारी पैकेट के बैक पर लिखे लंबे‑चौड़े न्यूट्रिशनल फैक्ट्स से अलग होती है। इसमें सिर्फ जरूरी जानकारी को सरल ग्राफिक्स या रंगों के जरिए दिखाया जाता है। सवाल- मौजूदा पैकेज्ड फूड पर फूड से जुड़ी न्यूट्रिशनल जानकारी कहां लिखी होती है? जवाब- यह आमतौर पर पैकेज्ड फूड के पीछे या किनारे पर एक टेबल के फॉर्म में लिखी होती है। यह जानकारी प्रोडक्ट के 100 ग्राम, 100 मिलीलीटर या हर सर्विंग में मौजूद न्यूट्रिशनल वैल्यू जैसे- कैलोरी, फैट, प्रोटीन, शुगर और सोडियम की मात्रा बताती है। सवाल- ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ से क्या पता चलता है? जवाब- फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग से पता चलता है कि फूड हेल्दी है या अनहेल्दी। उसमें कितनी कैलोरी, शुगर, नमक और फैट है और क्या वह स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। डिटेल नीचे ग्राफिक में देखें– सवाल- ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ क्यों जरूरी है? जवाब- ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ इसलिए जरूरी है ताकि लोग पैकेज्ड फूड खरीदते समय जल्दी और स्पष्ट रूप से उसके हेल्थ इम्पैक्ट को समझ सकें। इससे उनके लिए हेल्दी ऑप्शन्स चुनना आसान हो जाएगा और अनहेल्दी फूड के अधिक सेवन को रोका जा सकेगा। सवाल- ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ से हमें क्या फायदा होगा? जवाब- फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग का मकसद न्यूट्रिशन की जटिल जानकारी को सरल बनाना है, ताकि ग्राहक खरीदते समय ही बेहतर फैसला ले सकें और अनहेल्दी विकल्पों से बच सकें। नीचे दिए ग्राफिक से इसके फायदे समझिए- सवाल- ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ से लोगों की सेहत पर क्या प्रभाव पड़ेगा? जवाब- न्यूट्रिशनल वैल्यू पढ़कर लोग तय कर पाएंगे कि उनके लिए वो फूड कितना हेल्दी है। साथ ही इससे कई गंभीर बीमारियों का रिस्क कम हो सकेगा, जैसेकि मोटापा, डायबिटीज, हार्ट डिजीज। यह हेल्दी ईटिंग हैबिट्स को भी बढ़ावा देगा। नीचे दिए ग्राफिक से सेहत पर इसका प्रभाव समझिए- सवाल- सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) को यह निर्देश क्यों दिया है कि वह हरेक पैकेज्ड खाद्य पदार्थ पर ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ लगाने पर विचार करें? जवाब- देश में लाइफस्टाइल बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। इसकी बड़ी वजह अनहेल्दी खान-पान है। पैकेज्ड और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड में मौजूद अधिक शुगर, नमक और फैट की मात्रा इन बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से कहा है कि वह पैकेज्ड फूड पर ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ लागू करने पर गंभीरता से विचार करे, ताकि लोग खरीदते समय ही संभावित हेल्थ रिस्क समझ सकें। ग्राफिक से समझते हैं कि भारत में लाइफस्टाइल बीमारियों की स्थिति कितनी गंभीर है- सवाल- ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ से ये पता लगाने में कैसे मदद मिलेगी कि कोई पैकेज्ड फूड कितना हेल्दी है? जवाब- फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग फूड की हेल्थ ग्रेडिंग की तरह काम करती है। जैसे ‘हाई शुगर’ वाला लेबल आपको चेतावनी देता है कि यह फूड बार-बार खाने के लिए हेल्दी नहीं है। वहीं ‘लो फैट/लो सॉल्ट’ वाला संकेत हेल्दी विकल्प चुनने में मदद करता है। इस तरह ग्राहक को एक नजर में ही यह समझ आता है कि कोई पैकेज्ड फूड हेल्थ के लिए सुरक्षित, संतुलित या जोखिम भरा है। साथ ही कई देशों में ‘फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग’ को तीन अलग रंगों से दिखाया जाता है। जिस फूड में सॉल्ट, शुगर फैट की मात्रा ज्यादा होती है, उस पर रेड लेबल होता है और जिसमें कम होती है, उस पर ग्रीन लेबल होता है। ऐसे में लोग बिना न्यूट्रिशन डिटेल्स पढ़े सिर्फ रंग देखकर यह जान सकते हैं कि फूड हेल्दी है या अनहेल्दी। आंख मूंदकर वे ग्रीन लेबल वाले फूड खरीद सकते हैं या ये तय कर सकते हैं कि रेड लेबल वाले फूड महीने में एक–दो बार ही खाना है। सवाल- क्या यह लेबलिंग मोटापा, डायबिटीज और हाई BP जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है? जवाब- लेबलिंग हमें सिर्फ जागरूक करने में मदद करती है। ये इस बात की गारंटी नहीं है कि अब गंभीर बीमारियां नहीं होंगी। लेबलिंग सिर्फ हमें यह बताएगी कि फूड अनहेल्दी है, लेकिन अगर फिर भी हम उसे खाते हैं तो हम बीमारियों का रिस्क बढ़ा रहे होंगे। ये जरूर कहा जा सकता है कि लोग जो भी फैसला करें, वह एक
Tunisha Sharma Death Case: Sheezan Khans Mother Allegations

3 दिन पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक तुनिषा डेथ केस के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे 24 दिसंबर 2022 को टीवी शो के सेट पर फांसी लगा ली, जिसके बाद उनके एक्स बॉयफ्रेंड और को-एक्टर शीजान खान की गिरफ्तारी हुई। जांच में सामने आया कि मौत से ठीक पहले तुनिषा ने उस मेकअप रूम में शीजान से 15 मिनट बात की थी। तुनिषा की मां ने दावा किया कि शीजान ने अचानक तुनिषा से ब्रेकअप किया, उन्हें थप्पड़ मारा। वो उन्हें धोखा भी दे रहे थे। जांच के अनुसार, शीजान के मोबाइल से वाकई एक सीक्रेट गर्लफ्रेंड का खुलासा हुआ, जिनके साथ उनकी चैट डिलीट कर दी गई थी। इस बात पर भी सवाल उठे कि मौत से पहले तुनिषा ने अली नाम के जिस लड़के से वीडियो कॉल पर बात की थी वो कौन था। और फिर शीजान के परिवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनकी मां ने एक्ट्रेस का गला घोटने की कोशिश की थी। तुनिषा डेथ केस पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- तुनिषा की मां के शीजान के परिवार पर आरोप शीजान की गिरफ्तारी के बाद तुनिषा की मां वनीता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि शीजान का पहले ही एक लड़की से अफेयर था। इसके बावजूद उन्होंने तुनिषा से नजदीकियां बढ़ाईं। एक्ट्रेस की मौत से 3 महीने पहले शीजान पूरी तरह उन पर निर्भर थे। शीजान के पास खुद की कार नहीं थी, वो तुनिषा की कार से आया-जाया करते थे। तुनिषा सेट पर घर से ही शीजान के लिए भी खाना ले जाती थीं। वो उनसे पैसे भी लिया करते थे। तुनिषा की मां ने ये भी बताया कि बेटी ने उन्हें बताया था कि शीजान सेट पर ड्रग लेते थे। वो और उनका परिवार कई बार एक्ट्रेस को साथ में दरगाह ले जाते थे, जिसका सबूत वो तस्वीरें हैं, जिनमें एक्ट्रेस हिजाब में दिखी थीं। दरअसल, शीजान की बहन फलक नाज भी तुनिषा की बेहद करीब थीं। तुनिषा उन्हें बड़ी बहन मानती थीं। यही वजह थी कि उनका शीजान के घर पर आना-जाना लगा रहता था। हालांकि तुनिषा की मां का कहना था कि वो लोग मिलकर तुनिषा को परिवार से दूर कर रहे थे। शीजान की बहन फलक के साथ तुनिषा। मौत से पहले अली नाम के लड़के को किया वीडियो कॉल 9 जनवरी 2023 को शीजान की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान एक्टर के वकील शैलेंद्र मिश्रा ने कोर्ट में कहा कि शीजान से ब्रेकअप के बाद तुनिषा अली नाम के एक लड़के को डेट कर रही थीं। वो अली से ऑनलाइन डेटिंग एप टिंडर पर मिली थीं। मौत से 2 दिन पहले तक तुनिषा लगभग हर दिन उनसे मिलती थीं। वकील के अनुसार, तुनिषा 21, 22 और 23 दिसंबर को अली के साथ ही थीं। उनकी कॉल रिकॉर्डिंग से ये भी साफ है कि मौत से ठीक पहले तुनिषा ने अली से वीडियो कॉल पर बात की थी। अली का नाम आने से केस को नया मोड़ मिला, लेकिन शीजान को तब भी बेल नहीं दी गई। अली को पूछताछ के लिए बुलाया गया। अली का नाम आने के बाद तुनिषा की मां ने सफाई में कहा कि अली, तुनिषा का पिछले 3 सालों से जिम ट्रेनर था। वो पिछले कुछ दिनों से बतौर दोस्त उससे मिलती थीं। वो एक्ट्रेस के अंतिम संस्कार में भी आया था। एक्ट्रेस की मां ने कहा कि शीजान और उनका परिवार खुद पर लगे आरोपों से बचने के लिए उनकी बेटी का नाम बदनाम कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में तुनिषा के मुंह बोले मामा पवन कुमार कहते हैं, ‘अली को मैं जानता हूं। वह बहुत अच्छा लड़का है। वह सिर्फ तुनिषा का दोस्त था। तुनिषा के कई दोस्त थे विशाल, सुमेद, अवनीत, जन्नत, और भी कई टीवी एक्टर्स। सबके साथ उसकी अच्छी बॉन्डिंग थी। अगर उसने किसी दोस्त से 10 मिनट पहले भी बात की हो, तो उससे क्या साबित होता है? अली के बयान हो चुके हैं। उसने साफ बताया है कि क्या बात हुई थी। उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।’ ‘अगर शीजान खुद कहता है कि वह उससे प्यार करता था और आखिरी 15 मिनट वह उसके साथ था, तो उसे पता होना चाहिए कि क्या हुआ। अली से बात करके कोई अचानक आत्महत्या नहीं कर लेता, खासकर जब वह उससे महीनों में एक-दो बार ही बात करती थी।’ शीजान के परिवार ने मां पर लगाए आरोप बार-बार बेल याचिका खारिज होने के बीच शीजान के परिवार ने वकील के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उन पर लगे सभी आरोपों पर सफाई दी। साथ ही परिवार ने तुनिषा की मां पर संगीन आरोप लगाए। शीजान के परिवार के बयान के अनुसार, तुनिषा की मां वनीता संजीव कौशल नाम के शख्स के साथ रहती थीं, तो कथित तौर पर तुनिषा के सौतेले पिता थे। उनका तुनिषा से रिश्ता ठीक नहीं था। संजीव, एक बार जबरदस्ती तुनिषा को चंडीगढ़ ले जाना चाहते थे, जब एक्ट्रेस ने जाने से इनकार किया तो मां ने उनका गला दबाया और उनका मोबाइल तोड़ दिया। मां वनीता के साथ तुनिषा की तस्वीर। शीजान के वकील के बयान के अनुसार, संजीव कौशल तुनिषा के सौतेले पिता थे। वो उन्हीं के साथ चंडीगढ़ में रहती थीं, लेकिन 2016 में संजीव कौशल ने उन्हें और मां को घर से निकाल दिया, जिसके बाद वो मुंबई आकर बस गए। मुंबई में पवन कुमार सिंह तुनिषा के मैनेजर बने, जो तुनिषा के साथ बुरा सलूक करते थे और खुद को उनका मामा कहते थे। तुनिषा ने सेट पर को-स्टार को दिखाई फांसी के फंदे की तस्वीर शीजान के परिवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये भी कहा कि 24 दिसंबर 2022 को आत्महत्या करने से ठीक एक दिन पहले 23 दिसंबर को तुनिषा ने को-स्टार पार्थ को हंसते हुए फांसी के फंदे की तस्वीर दिखाई थी। जैसे ही ये बात शीजान को पता चली, उन्होंने सबके सामने तुनिषा को डांटा। इसके बाद शीजान ने खुद तुनिषा की मां को कॉल कर इसकी जानकारी दी और उन्हें सेट पर बुलाया। हालांकि तुनिषा की मां ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि वो सेट पर शीजान को पैच-अप के लिए मनाने आई
Is Personal Space Demand a Crime? Expert Relationship Advice for Mother Wife

Hindi News Lifestyle Is Personal Space Demand A Crime? Expert Relationship Advice For Mother Wife 2 दिन पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी शादी को 4 साल हो चुके हैं। 2 साल का बच्चा है। बीते कुछ दिनों से मेरे भीतर अजीब सा अलगाव पैदा हो रहा है। ऐसा लग रहा है, जैसे मैंने पिछले कुछ सालों में अपने लिए कुछ किया ही नहीं है। अब मुझे अकेले रहना ज्यादा अच्छा लगता है। जब मैं ये बात हसबैंड से शेयर करती हूं तो उन्हें लगता है कि मैं उनसे दूर जाना चाहती हूं। वो मुझे समझ ही नहीं पा रहे हैं। मुझे डर है कि कहीं हमारी केमिस्ट्री न खराब हो जाए। क्या रिश्ते में स्पेस मांगना गलत है? मुझे क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- मैं अपने जवाब की शुुरुआत एक फिल्म से करना चाहूंगी। एक जॉर्जियन फिल्म है, “माय हैप्पी फैमिली।” इसमें एक शादीशुदा, भरे–पूरे परिवार वाली महिला आपकी ही तरह पर्सनल स्पेस चाहती है। थोड़ा अकेले रहना, थोड़ा अपने साथ वक्त बिताना, थोड़ा खुद से बातें करना। सोचिए, हिंदुस्तान से लेकर जॉर्जिया तक औरतें ये करना चाहती हैं। लेकिन बहुत कम में यह हिम्मत होती है कि वो आपकी तरह सवाल लिखकर अपने दिल की बात कहें। आपका सवाल ही बता रहा है कि आप एक संजीदा इंसान हैं। आप खुद को जानने-समझने की यात्रा तय करना चाहती हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। भारतीय समाज की मुश्किलें मुश्किल ये है कि हमारे समाज ने खुद के बारे में सोचने को स्वार्थ से जोड़ दिया है। महिलाओं के लिए तो ये और भी मुश्किल है। अगर कोई महिला कहती है कि उसे अकेले रहना अच्छा लगता है या उसे थोड़ा स्पेस चाहिए तो उस पर तुरंत सवाल खड़े कर दिए जाते हैं। क्या रिश्ता ठीक नहीं है? क्या शादी में प्यार कम हो गया है? क्या पति से दूर जाना चाहती हो? जबकि सच्चाई यह है कि खुद के लिए समय मांगना, खुद को समझना, खुद के साथ रहना, ये सब रिश्ता तोड़ने के लिए नहीं, उसे बचाने के लिए की गई कोशिशें हैं। शादी का मतलब ‘सेल्फ’ का मर जाना नहीं हमारे समाज और संस्कृति में शादी की बुनियादी परिभाषा ही गलत है। हमें लगता है कि शादी होने का मतलब है, अब महिला की अपनी कोई निजता नहीं रह गई है। उसकी पहचान ही यही है कि वो पत्नी है, मां है, बहू है। लेकिन वो एक इंसान नहीं है, जो आजादी और एजेंसी चाह सकती है। शादी और उसमें भी खासतौर पर छोटे बच्चों की जिम्मेदारी बहुत डिमांडिंग जॉब है। अमूमन औरतों को उतनी मदद नहीं मिलती, जिसकी उन्हें जरूरत है। इन और ऐसे ही तमाम कारणों से अक्सर शादी में दूरियां आ जाती हैं। खुद को जानना है जरूरी इस दुनिया में हर इंसान का अपना अस्तित्व होता है। यहां पर अस्तित्व यानी “मैं कौन हूं, मुझे क्या अच्छा लगता है, मुझे किस चीज से खुशी मिलती है।” यह जानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि दुनिया का हर रिश्ता इसके बाद ही आता है। भले ही वह रिश्ता पति-पत्नी का हो, माता-पिता का हो या मां-बच्चे का। अगर कोई इंसान अंदर से खुश नहीं है, संतुष्ट नहीं है, तो वह रिश्तों में भी खुशी नहीं बांट सकता है। स्पेस मांगने में गिल्ट क्यों? अपने लिए स्पेस मांगते हुए बिल्कुल भी संकोच या गिल्ट नहीं फील करना चाहिए। यह अकेलेपन की मांग नहीं, खुद के लिए स्पेस की चाहत है। रिश्ते में स्पेस मांगने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने पति से दूर जाना चाहती हैं। इसका मतलब यह है कि आप खुद के करीब आना चाहती हैं। यह फर्क समझना बहुत जरूरी है। पर्सनल स्पेस में इंसान अपने इमोशंस को बेहतर ढंग से प्रोसेस करना सीखता है। वह खुशी और दुख को पहचानकर उनसे डील करना सीखता है। नकारात्मकता और एंग्जाइटी से निपटना सीखता है। इसका सकारात्मक असर उसके सभी रिश्तों पर पड़ता है। पर्सनल स्पेस के फायदे ग्राफिक में देखिए- कंपैशन और जिम्मेदारी से कहें अपनी बात बहुत मुमकिन है कि जब आप अपने हसबैंड से ये बात शेयर करेंगी तो उन्हें लगे कि आप उनसे दूर जाना चाहती हैं। यह उनकी गलतफहमी हो सकती है, लेकिन उनकी अपनी भावनाएं भी जायज हैं। इसलिए ऐसे मामले में बातचीत बहुत सोच-समझकर करनी चाहिए। ऐसी बातें भावनाओं में बहकर नहीं, समझदारी और थोड़ी डिप्लोमेसी के साथ करनी चाहिए। डिप्लोमेसी का मतलब चालाकी से नहीं, बल्कि सही भाषा से है। हसबैंड से पूछें ये सवाल क्या आपने कभी खुद के लिए समय निकाला है? क्या आप दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं? क्या आप क्रिकेट देखते हैं, अपने शौक पूरे करते हैं? क्या आप यह सब करते हुए खुद को कम पति या कम पिता (पति या पिता का कम दायित्वबोध) महसूस करते हैं? जब वह इन सवालों का जवाब देंगे तो उन्हें धीरे-धीरे समझ आएगा कि जैसे उन्हें अपने तरीके से रिचार्ज होने का हक है, वैसे ही आपको भी हक है। यह तुलना नहीं, जरूरी उदाहरण है। असली समस्या न भूलें बात करते हुए यह न भूलें कि असल समस्या क्या है। उन्हें यह समझाने की कोशिश करें कि अगर आप खुद को नहीं संभालेंगी तो आगे चलकर इसका असर रिश्ते पर पड़ सकता है। बताएं कि आपको इसी बात का डर है। यहां ये समझना भी जरूरी है कि जब आप स्पेस मांगेंगी तो सामने वाला इंसान असहज हो सकता है। कुछ लोग इसे समझते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अपने इगो पर ले लेते हैं। यह भी संभव है कि आपके पति साइलेंट ट्रीटमेंट देने लगें, आपसे बात करना कम कर दें, इंटिमेसी से दूरी बनाने लगें। आपको यह जताने लगें कि जैसे उन्हें आपकी जरूरत ही नहीं है। मानसिक रूप से तैयार रहें पति के इस तरह के रिएक्शंस उनकी अपनी असुरक्षा के कारण हो सकते हैं। उन्हें यह डर हो सकता है कि उनका आप पर कोई कंट्रोल नहीं रहेगा। इसलिए जरूरी है कि आप मानसिक रूप से तैयार रहें कि शुरुआत में सब कुछ स्मूद नहीं होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आप गलत हैं। यहां आपको इमोशनल नहीं, लॉजिकल रहना पड़ेगा। अगर वो आपसे कहें कि तुम ऐसा करोगी







