Monday, 06 Apr 2026 | 11:34 AM

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Chess FIDE Candidates 2026 Pairings Update; Praggnanandhaa Vs Anish Giri

Chess FIDE Candidates 2026 Pairings Update; Praggnanandhaa Vs Anish Giri

Hindi News Sports Chess FIDE Candidates 2026 Pairings Update; Praggnanandhaa Vs Anish Giri | Caruana Nakamura साइप्रस18 मिनट पहले कॉपी लिंक FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट और FIDE विमेंस कैंडिडेट्स 2026 की पेयरिंग जारी कर दी गई है। यह पेयरिंग ड्रॉ ऑफ लॉट्स के जरिए साइप्रस के पाफोस स्थित कैप सेंट जॉर्ज होटल एंड रिजॉर्ट में तय कर दी गई। शुक्रवार को साइप्रस में FIDE अधिकारियों, साइप्रस चेस फेडरेशन और सरकारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खिलाड़ियों को ड्रॉ नंबर अलॉट किए गए। टूर्नामेंट 28 मार्च से 16 अप्रैल 2026 तक खेला जाएगा। कैंडिडेट्स का विनर वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देगा। टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल राउंड-1 में प्रज्ञानानंद का मैच गिरी से होगा ओपन वर्ग में पहले ही राउंड में अमेरिका के फैबियानो कारुआना और हिकारू नकामुरा आमने-सामने होंगे। साथ ही आर प्रज्ञानानंद का मुकाबला अनीश गिरी से होगा। जबकि, सिंदारोव-एसिपेंको और ब्लूबाउम-वेई यी भी पहले दिन भिड़ेंगे। विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख का मैच हम्पी कोनेरू से होगा। जबकि आर वैशाली का मुकाबला बिबिसारा असाउबायेवा से होगा। झू जिनर बनाम तान झोंगयी जैसे मुकाबले पहले ही राउंड में देखने को मिलेंगे। 2 टूर्नामेंट एक साथ खेले जाएंगे साइप्रस में 2 टूर्नामेंट साथ-साथ आयोजित किए जाएंगे। पहला ओपन कैटेगरी में FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट और दूसरा FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट। दोनों टूर्नामेंट डबल राउंड रॉबिन के आधार पर खेला जाएगा। इसमें 14 राउंड के मुकाबले खेले जाएंगे। जहां हर खिलाड़ी हर प्रतिद्वंद्वी से दो बार खेलेगा। 10 लाख यूरो की न्यूनतम पुरस्कार राशि वाले इस टूर्नामेंट में टाई की स्थिति में प्लेऑफ से विजेता तय होगा। गुकेश ने जीता था पिछला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट पिछली बार भारत के डी गुकेश ने इसे जीतकर चीन के डिंग लिरेन को चुनौती दी थी। तब गुकेश कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बने थे। 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने 1995 में पहली बार कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था। डी गुकेश ने पिछले साल कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Katni Mobile Shop Theft | Rs 5 Lakh Looted; CCTV Footage Surfaces

Katni Mobile Shop Theft | Rs 5 Lakh Looted; CCTV Footage Surfaces

कटनी सब्जी मंडी में 5 लाख के मोबाइल चोरी हो गए हैं। घटना का CCTV सामने आया है। कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सब्जी मंडी में चोरों ने एक मोबाइल दुकान से करीब 5 लाख रुपए मूल्य के 32 मोबाइल फोन चोरी हो गए हैं। वारदात शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात की है। दरअसल, तीन नकाबपोश चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर घटना को अंजाम दिया। . शटर का ताला तोड़ दुकान में घुसे चोर दुकान संचालक गांधी हिंदुजा शुक्रवार रात अपनी दुकान बंद कर घर गए थे। रात करीब 2:30 बजे तीन चोर दुकान पर पहुंचे। उन्होंने शटर को किसी औजार की मदद से मोड़कर दुकान में प्रवेश किया और महंगे हैंडसेट चुरा लिए। सुबह सफाई कर्मियों ने टूटे शटर को देखकर दुकान मालिक और पुलिस को सूचना दी। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मुआयना किया। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर तीन संदिग्ध युवक वारदात को अंजाम देते हुए कैद हो गए हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर फुटेज के आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों ने औजार की मदद से शटर का ताला तोड़कर चोरी की वारदात की। पुलिस पर रात्रि गश्त न करने का लगाया आरोप इस घटना से सब्जी मंडी के व्यापारियों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों का आरोप है कि रात के समय इलाके में पुलिस गश्त न के बराबर होती है। उनका कहना है कि मंडी क्षेत्र में रात भर चहल-पहल रहती है, फिर भी चोरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस व्यावसायिक क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी चोरियों को रोका जा सके। कोतवाली पुलिस उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।

2 साल से प्रेग्नेंट बता रहे लोग:सरगुन मेहता ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, रवि दुबे संग बेबी प्लानिंग खबरों को बताया झूठ

2 साल से प्रेग्नेंट बता रहे लोग:सरगुन मेहता ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, रवि दुबे संग बेबी प्लानिंग खबरों को बताया झूठ

टीवी एक्ट्रेस सरगुन मेहता और उनके पति अभिनेता रवि दुबे के बारे में हाल ही में चल रही प्रेग्नेंसी अफवाहों ने मीडिया और सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया था। कई न्यूज पोर्टल्स पर दावा किया कि यह कपल अपनी शादी के 12 साल बाद अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाला है। हालांकि, अब खुद सरगुन ने इसपर सख्त प्रतिक्रिया दी है और इन सभी अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट साझा करते हुए सरगुन ने लिखा कि यह बिना चीजों की खबरें बहुत पहले से वायरल हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “लोगों को कैसे पता कि हम दोनों (मैं और रवि) के बारे में हमसे पहले ही प्रेग्नेंसी का पता चल गया है? कृपया इसे बंद करें।” सरगुन ने अपने नोट में यह भी मजाकिया लहजे में लिखा कि अगर मीडिया की बात मानी जाए तो वे पिछले दो साल से प्रेग्नेंट हैं- “इतनी लंबी प्रेग्नेंसी? जो कि सच से कोसों दूर है।’’ उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि कभी-कभी उनकी कैफे या सलून की फोटो को देखकर भी लोग यह मान लेते हैं कि वे प्रेग्नेंट हैं। सरगुन ने सवाल उठाया, “क्या वे मेरे डाक्टर्स को जानते हैं? या सिर्फ कुछ तस्वीरें देखकर अनाप-शनाप बातें बना रहे हैं?” उन्होंने लोगों से विनती की कि वे ऐसी अफवाहें फैलाने से पहले किसी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि करें। इससे पहले भी सरगुन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि शादी का मतलब हमेशा बच्चों की उम्मीद नहीं होती। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जिंदगी की प्राथमिकताएं अलग होती हैं। कुछ लोग जल्दी माता-पिता बनते हैं, कुछ बाद मे, यह व्यक्ति के निर्णय पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की अफवाहें शादी की पवित्रता को छोटा कर देती हैं, जबकि हर रिश्ते की अपनी एक अलग यात्रा होती है। बता दें कि सरगुन मेहता और रवि दुबे ने टीवी शो ‘12/24 करोल बाग’ की शूटिंग के दौरान एक-दूसरे को डेट किया और 7 दिसंबर 2013 को शादी रचाई। रवि दुबे जल्द ही फिल्म ‘रामायण’ में लक्ष्मण के रोल में दिखाई देंगे, जबकि सरगुन ने हाल ही में पंजाबी फिल्म ‘सौंकन सौंकने 2’ में काम किया है।

अमेजन अब सबसे बड़ी कंपनी:10 साल में पहली बार पिछड़ी वॉलमार्ट, आय के पैमाने पर टेक सपोर्टेड कंपनी आगे निकली

अमेजन अब सबसे बड़ी कंपनी:10 साल में पहली बार पिछड़ी वॉलमार्ट, आय के पैमाने पर टेक सपोर्टेड कंपनी आगे निकली

रिटेल की दुनिया में एक नया युग शुरू हो चुका है। दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने वार्षिक राजस्व के मामले में वॉलमार्ट को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल अमेजन के विशाल विस्तार को दर्शाती है, बल्कि बाजार में तकनीक और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते वर्चस्व का भी प्रमाण है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वॉलमार्ट ने 31 जनवरी को समाप्त हुए पिछले 12 महीनों के लिए 713.2 अरब डॉलर की बिक्री दर्ज की। इसके मुकाबले, अमेजन ने वर्ष 2025 के लिए 717 अरब डॉलर का राजस्व रिपोर्ट किया है। बेजोस द्वारा 1994 में एक गैरेज से शुरू हुआ यह सफर अब 717 अरब डॉलर की वार्षिक बिक्री तक पहुंच गया है, जो ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। अमेजन वेब सर्विसेज की बदौलत आय वृद्धि 10 गुना विशेषज्ञों का मानना है कि अमेजन की यह बढ़त शुद्ध रिटेल के बजाय तकनीक की वजह से है। -क्लाउड का दबदबा: अमेजन का क्लाउड कंप्यूटिंग व्यवसाय, ‘अमेजन वेब सर्विसेज’ (एडब्ल्यूएस), इस कामयाबी का मुख्य आधार है। -डेटा का महत्व: यदि एडब्ल्यूएस के राजस्व को हटा दिया जाए, तो अमेजन की बिक्री 588 अरब डॉलर रह जाती। यानी एआई के युग में डेटा सेंटर्स के दम पर अमेजन ने यह मुकाम हासिल किया है। -विकास की रफ्तार: पिछले एक दशक में अमेजन का राजस्व वॉलमार्ट की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ा है। दोनों दिग्गज एक-दूसरे के क्षेत्र में सेंध लगा रहे दोनों कंपनियां एक-दूसरे के मुख्य क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश में हैं – वॉलमार्ट की ई-कॉमर्स में सफलता- अमेजन द्वारा ‘होल फूड्स’ खरीदने के बावजूद, वॉलमार्ट ऑनलाइन बिजनेस विकसित करने में आगे रही। – अमेजन की डिजिटल पहुंच- अमेजन के एप और वेबसाइट पर हर माह 2.7 अरब लोग आते हैं। वॉलमार्ट सबसे बड़ा फिजिकल रिटेलर है। एक्सपर्ट व्यू- यह अमेजन की एक खोखली जीत है सांता क्लारा यूनिवर्सिटी के रिटेल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के निदेशक कीर्ति कल्याणम का कहना है, ‘यह एक खोखली जीत है। अमेजन ने वॉलमार्ट को रिटेल के खेल में नहीं हराया, बल्कि एक ऐसे नए बिजनेस (क्लाउड) के जरिए पीछे छोड़ा है, जिसमें वॉलमार्ट मौजूद ही नहीं है।’ जेफ बेजोस दुनिया के चौथे सबसे अमीर शख्स, संपत्ति 228 अरब डॉलर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस फिलहाल दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी कुल संपत्ति 228 अरब डॉलर आंकी गई है, जो मुख्य रूप से अमेजन में उनके शेयरों से जुड़ी है। मार्केट वैल्यू में एनवीडिया टॉप पर, अमेजन से दोगुनी, वॉलमार्ट से 4 गुनी राजस्व के मामले में भले ही अमेजन नंबर-1 हो, लेकिन निवेशकों की नजर में एनवीडिया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। 4.5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ एनवीडिया की वैल्यू अमेजन से दोगुनी और वॉलमार्ट से चार गुना है।

देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास रेलवे स्टेशन पर शनिवार को चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने के कारण वे ट्रेन की चपेट में आ गए। मृतक की पहचान देवास निवासी यूसुफ कमरी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यूसुफ कमरी ऊना से इंदौर जा रही हिमाचल एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन स्टेशन से चल चुकी थी और इसी दौरान डिब्बे में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन की चपेट में आ गए। यह हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जूते-चप्पल की खरीदारी के लिए जा रहे थे इंदौर मृतक यूसुफ कमरी देवास में ही रहते थे और पेशे से जूते-चप्पल का व्यवसाय करते थे। शनिवार को वे अपने इसी व्यापार के सिलसिले में खरीदारी करने के लिए ट्रेन से इंदौर जा रहे थे। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में भी यही बात सामने आई है कि चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। पड़ोसी ने कहा- सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे हादसे की दुखद खबर लगते ही मृतक के परिचित और समाज के लोग स्टेशन पहुंच गए। मृतक के पड़ोसी सादिक अली ने बताया, “यूसुफ शूज़ का व्यापार करते थे। समाज को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे हैं।” पुलिस अब इस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है।

हरदा की मंडियों में डॉलर चना औंधे भाव:10 हजार की उम्मीद पर 4-6 हजार ही दाम मिले, किसान उपज वापस लेकर लौटे

हरदा की मंडियों में डॉलर चना औंधे भाव:10 हजार की उम्मीद पर 4-6 हजार ही दाम मिले, किसान उपज वापस लेकर लौटे

हरदा जिले की मंडियों में गेहूं और चने की आवक शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को उपज के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे किसानों में निराशा है और कई किसान अपनी उपज बिना बेचे ही वापस लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने डॉलर चना अच्छी कीमतों की उम्मीद में बोया था, लेकिन सरकारी नीतियों के कारण उन्हें बहुत कम दाम मिल रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो अगले साल से किसान डॉलर चना नहीं लगाएंगे। किसानों के अनुसार, जिस डॉलर चने का दाम 10,000 रुपए प्रति क्विंटल मिलना चाहिए था, उसके भाव मात्र 6,000 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। जिले में किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं; पहले ओलावृष्टि और अब उपज के कम दाम ने उनकी लागत निकालना भी मुश्किल कर दिया है। किसान उपज वापस लेकर लौट रहे मंडियों में डॉलर चना 4,000 से 5,500 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में यह 100 रुपए प्रति किलो (10,000 रुपए प्रति क्विंटल) बिक रहा है। दाम कम मिलने के कारण किसान अपनी उपज वापस ले जा रहे हैं। ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शेंकि खनूजा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की मांग कम होने के कारण बाजार में मंदी का रुख है। वहीं, मंडी प्रशासन भी किसानों को उचित दाम दिलाने में विफल रहा है।

Marathons have increased by 30% in the country, now every third runner is Gen-G.

Marathons have increased by 30% in the country, now every third runner is Gen-G.

Hindi News Sports Marathons Have Increased By 30% In The Country, Now Every Third Runner Is Gen G. मुंबई9 मिनट पहले कॉपी लिंक स्ट्रावा ईयर इन स्पोर्ट ट्रेंड रिपोर्ट के अनुसार 2025 में रनिंग दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल बना। – प्रतीकात्मक फोटो कोविड के बाद भारत में एक बदलाव आया…… लोग जिम से बाहर निकले और सड़कों पर दौड़ने लगे। रनिंग अब शहरी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है। टाटा मुंबई मैराथन की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उनकी 2019 मैराथन में लगभग 47,000 प्रतिभागी थे जो 2025 में बढ़कर 65 हजार हो गए। यानी करीब 30% की वृद्धि। 2025 में देशभर में 1,500 से ज्यादा रनिंग इवेंट आयोजित हुए। अनुमान है कि इस पूरे इकोसिस्टम से करीब 50 करोड़ डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपए) का आर्थिक प्रभाव पड़ा। इसमें स्पोर्ट्स ब्रांड्स, कॉर्पोरेट स्पॉन्सर, होटल, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, न्यूट्रिशन और फिटनेस गैजेट मार्केट शामिल हैं, यानी रनिंग अब एक इंडस्ट्री बन चुकी है। लोकप्रियता: 2025 में रनिंग स्पोर्ट ऑफ द ईयर स्ट्रावा ईयर इन स्पोर्ट ट्रेंड रिपोर्ट के अनुसार 2025 में रनिंग दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल बना और इसमें सबसे बड़ा ग्रुप युवाओं का रहा। भागीदारी: मैराथन में जेन-जी सबसे आगे मतलब हर बड़ी कैटेगरी में लगभग एक-तिहाई या उससे ज्यादा भागीदारी जेन-जी की। – 38% 5 किलोमीटर रेस में – 39% 10 किलोमीटर में – 31% हाफ मैराथन में – 33% फुल मैराथन में ग्रोथ: 20 साल में 250 गुना बढ़े रनर्स 2004 में देश में रजिस्टर्ड रनर्स लगभग 10 हजार ही थे। 2025 तक यह संख्या 25 लाख हो गई है, यानी दो दशकों में 250 गुना वृद्धि। इवेंट: 800 टाइम्ड रेस, 700+ रन क्लब भारत में अब कम से कम 800 टाइम्ड रनिंग इवेंट होते हैं और 700 से ज्यादा रन क्लब मौजूद हैं। रनिंग अब संगठित इकोसिस्टम बन चुकी है, सिर्फ मैराथन डे इवेंट नहीं रहे. बल्कि कम्युनिटी रनिंग भी प्रचलित हो रही है। वैश्विक ट्रेंड: मैराथन ही नया ‘स्टेटस सिंबल’ न्यूयॉर्क सिटी मैराथन 2025 में 59,226 प्रतिभागी थे। इनमें से लगभग 11,000 (करीब 25%) 25–29 साल के युवा। 2022 में 30 साल से कम उम्र के फिनिशर सिर्फ 17% थे। मतलब 3 साल में युवा भागीदारी में बड़ा उछाल। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Is Earth’s Heartbeat Affecting Human Brain? What is Schumann Resonance | धरती की धड़कन तेज होने से इंसान परेशान, क्या आपके कान में भी बज रही है रहस्यमय घंटी? क्या आपका दिमाग भी हो रहा है हैक? क्या है शुमान रेजोनेंस

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नई दिल्ली: धरती के भीतर से निकलने वाली गूंज अब इंसानी दिमाग के लिए पहेली बनती जा रही है. हाल ही में स्पेस वेदर वॉचडॉग ने पृथ्वी की ‘धड़कन’ में एक अजीब हलचल महसूस की है. इसे शुमान रेजोनेंस कहा जाता है, जो आमतौर पर एक स्थिर लय में रहती है. लेकिन फरवरी के महीने में इसमें आए अचानक उछाल ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. माना जा रहा है कि यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक बदलाव लोगों के दिमाग और शरीर को प्रभावित कर रहा है. कई लोग बिना किसी बीमारी के भी कानों में अजीब सी घंटी बजने और सिर भारी होने का अनुभव कर रहे हैं. नासा के मुताबिक, यह फ्रीक्वेंसी धरती की सतह और आयनमंडल के बीच पैदा होती है. जब इसमें उतार-चढ़ाव आता है, तो इसका सीधा संबंध हमारे नर्वस सिस्टम से जुड़ जाता है. क्या होती है शुमान रेजोनेंस और यह क्यों बढ़ रही है? शुमान रेजोनेंस को आप धरती का नेचुरल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नेचर मान सकते हैं. यह पूरी दुनिया में होने वाली बिजली की कड़क (Lightning Strikes) से पैदा होती है और बनी रहती है. आमतौर पर इसकी फ्रीक्वेंसी 7.83 हर्ट्ज होती है, जिसे धरती की ‘दिल की धड़कन’ भी कहा जाता है. हाल ही में मीटीओ-एजेंट (MeteoAgent) नामक स्पेस ट्रैकिंग ऐप ने इस पल्स में भारी उछाल दर्ज किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष से आने वाली सौर ज्वालाओं यानी सोलर फ्लेयर ने धरती के इस रिदम को डिस्टर्ब कर दिया है. जब सूरज से निकलने वाली ऊर्जा पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराती है, तो यह फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है. इस महीने करीब चार दिन ऐसे रहे जब यह स्केल 5.0 के पार चला गया, जो संवेदनशील लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. आपके दिमाग और नींद पर इसका क्या असर होता है? इंसानी दिमाग भी बिजली की लहरों यानी ब्रेन वेव्स पर काम करता है. जब हम रिलैक्स होते हैं या सोने की कोशिश करते हैं, तो हमारा दिमाग ‘थीटा’ वेव्स पैदा करता है. इन वेव्स की फ्रीक्वेंसी 4 से 8 हर्ट्ज के बीच होती है, जो लगभग शुमान रेजोनेंस के बराबर है. जब धरती की यह फ्रीक्वेंसी अचानक तेज होती है, तो यह हमारे दिमाग के नेचुरल संतुलन को बिगाड़ देती है. इससे लोगों का सर्कैडियन रिदम यानी सोने-जागने का चक्र प्रभावित होता है. लोग अचानक रात में जाग जाते हैं या उन्हें गहरी नींद नहीं आती. इसके अलावा, ब्रेन फॉग यानी सोचने-समझने में दिक्कत और बेवजह का चिड़चिड़ापन भी इसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डिस्टर्बेंस का नतीजा हो सकता है. कानों में बजने वाली घंटी का रहस्य क्या है? आजकल बहुत से लोग ‘टिनिटस’ या कानों में लगातार गूंजने वाली आवाज की शिकायत कर रहे हैं. इसे ‘द हम’ (The Hum) भी कहा जाता है. जब शुमान रेजोनेंस की फ्रीक्वेंसी सामान्य से ऊपर जाती है, तो हमारे कान के भीतरी हिस्से और नसों पर दबाव महसूस होता है. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी बड़े ट्रांसफार्मर के पास खड़े होने पर महसूस होता है. जो लोग इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सेंसिटिविटी के शिकार हैं, उन्हें चक्कर आना और माइग्रेन जैसा दर्द महसूस हो सकता है. हालांकि विज्ञान अभी इस पर और रिसर्च कर रहा है, लेकिन जापान में हुई एक रिसर्च बताती है कि लो-फ्रीक्वेंसी बदलाव ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित कर सकते हैं. क्या वाकई यह सेहत के लिए खतरनाक है? वैज्ञानिकों के बीच इस बात को लेकर अभी एक राय नहीं है. जहां कुछ विशेषज्ञ इसे सीधे तौर पर सेहत से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि यह केवल एक इत्तेफाक हो सकता है. वैज्ञानिकों ने इस हलचल को मापने के लिए 0 से 9 तक का पैमाना बनाया है. 0 का मतलब शांति है और 9 का मतलब एक बड़ा जियोमैग्नेटिक तूफान, जो पावर ग्रिड और सैटेलाइट को भी ठप कर सकता है. इस बार यह स्तर 5 तक पहुंचा है, जो काफी गंभीर माना जाता है. भले ही इसके पुख्ता सबूत अभी जुटाए जा रहे हों, लेकिन हजारों लोगों की आपबीती इस ओर इशारा करती है कि ब्रह्मांड की यह हलचल हमारे शरीर के भीतर भी कुछ बदल रही है.

10 चैटिंग ऐप्स से अश्लील VIDEO कॉल, 2.5 करोड़ ठगे:MP में ‘डिजिटल अरेस्ट’ बताकर ब्लैकमेल करने वाली गैंग पकड़ाई; 20 गिरफ्तार

10 चैटिंग ऐप्स से अश्लील VIDEO कॉल, 2.5 करोड़ ठगे:MP में ‘डिजिटल अरेस्ट’ बताकर ब्लैकमेल करने वाली गैंग पकड़ाई; 20 गिरफ्तार

मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर देशभर में लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह अब तक ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुका है। गिरोह HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा था। ये ऐप्स एपीके फाइल के जरिए आसानी से डाउनलोड हो जाते हैं। ऑनलाइन चैटिंग की तलाश में लोग इन्हें इंस्टॉल कर लेते थे, जिसका फायदा आरोपी उठाते थे। 7 कार, 29 मोबाइल समेत 1 करोड़ का माल जब्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 32 नामजद आरोपियों में से 20 को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 कार, 1 बाइक, 29 मोबाइल, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, एक मकान की रजिस्ट्री और 1.20 लाख रुपए नकद सहित करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। एसपी ने बताया- ऐसे फंसाते थे जाल में एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते थे। ऑनलाइन चैटिंग के इच्छुक लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते। अश्लील बातचीत और वीडियो कॉल करते। पूरी कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर लेते। फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करते। बलात्कार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देते। “डिजिटल अरेस्ट” और केस सेटलमेंट के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा लेते। सामाजिक बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से कई पीड़ित बड़ी रकम भेज देते थे। ऑपरेशन मेट्रिक्स के तहत कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश में चल रहे “ऑपरेशन मेट्रिक्स” के तहत ग्वालियर जोन के निर्देशन में की गई। जिले में 9 विशेष टीमों का गठन किया गया। एसडीओपी करैरा और पिछोर के नेतृत्व में करैरा, भौंती, अमोला, सुरवाया, सतनबाड़ा, कोतवाली, पिछोर और कोलारस थाना पुलिस ने संयुक्त दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। 32 में से 20 गिरफ्तार, 12 फरार पुलिस ने 32 आरोपियों को नामजद किया था। अब तक 20 गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक आरोपी ने ठगी के पैसों से आलीशान मकान बनवाया था, जिसकी रजिस्ट्री भी पुलिस ने जब्त कर ली है। पुलिस ने की लोगों से अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान वीडियो कॉल या अश्लील चैट से बचें। किसी भी “डिजिटल अरेस्ट” कॉल से घबराएं नहीं। तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप्स का इस्तेमाल सतर्कता से करें।

The impact of relations with Pakistan on world cricket

The impact of relations with Pakistan on world cricket

Hindi News Sports League Cricket: The Impact Of Relations With Pakistan On World Cricket लंदन3 मिनट पहले कॉपी लिंक द हंड्रेड’ लीग की जिन टीमों में भारतीय कंपनियों का निवेश है, वे पाकिस्तानी क्रिकेटरों को नहीं लेने पर विचार नहीं कर रही हैं। इंग्लैंड में 11-12 मार्च को ‘द हंड्रेड’ लीग की नीलामी होने जा रही है। 18 देशों के 711 क्रिकेटर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 63 पाकिस्तान के हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि जिन टीमों में भारतीय कंपनियों का निवेश है, वे पाकिस्तानी क्रिकेटरों को न लेने पर विचार नहीं कर रही हैं। ये हालात दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव का परिणाम हैं। 2009 के बाद से कोई भी पाकिस्तानी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का हिस्सा नहीं रहा है। यही असर इंग्लैंड में भी दिख रहा है। द हंड्रेड की 8 में से 4 फ्रेंचाइजी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स में आईपीएल टीमों का आंशिक या पूर्ण मालिकाना हक है। एक एजेंट ने बताया कि भारतीय निवेश वाली टी20 लीग्स में पाक खिलाड़ियों को न चुनना ‘अघोषित नियम’ बन गया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के वरिष्ठ अधिकारी ने एक एजेंट को संकेत दिया है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को लेकर केवल उन टीमों की ही दिलचस्पी होगी, जिनका सीधा संबंध आईपीएल मालिकों से नहीं है। जब पिछले सीजन में नए निवेशकों ने कंट्रोल नहीं लिया था, तब मोहम्मद आमिर और इमाद वसीम जैसे इंटरनेशनल स्टार्स खेले थे, जबकि शाहीन अफरीदी, शादाब खान और हारिस रऊफ भी पहले इस टूर्नामेंट का हिस्सा रह चुके हैं। स्थानीय प्रशंसकों की निराशा का डर भी; बड़े शहरों में 4-12% आबादी पाक मूल की साल 2018 में ईसीबी ने विक्रम बनर्जी के नेतृत्व में ‘साउथ एशियन एक्शन प्लान’ पेश किया था। इसका उद्देश्य 10 प्रमुख शहरों में दक्षिण एशियाई समुदायों की भागीदारी को बढ़ाना था। जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर मैनचेस्टर की 12 प्रतिशत और लीड्स की 4 प्रतिशत आबादी खुद को पाकिस्तानी मूल का मानती है। अब जिन टीमों पर भारतीय मालिकाना हक है, वे इन्हीं शहरों (मैनचेस्टर, लीड्स और लंदन) का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसे में इन फैंस को अपनी स्थानीय टीम में पाकिस्तान का कोई प्रतिनिधित्व देखने को नहीं मिलेगा। काउंटी क्रिकेट मेंबर्स ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि यदि राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों को न चुनने का कोई सामूहिक फैसला होता है, तो संबंधित बोर्डों और ईसीबी को निजी भागीदारों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। पहले से असमानता के आरोप झेल रहा इंग्लिश क्रिकेट, इससे विवाद गहराएगा 2023 की ‘इक्विटी इन क्रिकेट’ रिपोर्ट में इंग्लिश क्रिकेट में भेदभाव को ‘व्यापक’ पाया गया था। ग्लोबल प्लेयर्स यूनियन ‘वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन’ के मुख्य कार्यकारी टॉम मोफैट का कहना है कि हर खिलाड़ी को समान अवसर का अधिकार होना चाहिए और भर्ती के फैसले सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए। विदेशी टी20 लीग्स में ये ट्रेंड, पाक प्लेयर्स को मौके नहीं – दुनियाभर की फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भारतीय निवेश बढ़ने के साथ ही नया पैटर्न उभर रहा है। दक्षिण अफ्रीका की ‘एसए20’ लीग 2023 में शुरू हुई थी। इसकी सभी छह टीमें आईपीएल ग्रुप्स के पास हैं; वहां अब तक किसी पाकिस्तानी को मौका नहीं मिला है। – संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ‘आईएलटी20’ में भी एमआई ग्रुप और जीएमआर ने चार सीजन में 15 अलग-अलग देशों के क्रिकेटरों को खरीदा, लेकिन पाक के किसी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया। – इसके उलट, इसी लीग में अमेरिकी स्वामित्व वाली डेजर्ट वाइपर्स ने आठ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन किया। हाल ही में बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को भी रिलीज कर दिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔