दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का जाल, 513 किलो नशीली दवाएं जब्त, क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन – crime branch team busted internationl drug racket sized 513 kilogram banned substance

होमताजा खबरDelhi दिल्ली में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का जाल, 513 किलो नशीली दवाएं जब्त Last Updated:February 22, 2026, 12:51 IST नेशनल कैपिटल दिल्ली ड्रग तस्करों का अड्डा बनता जा रहा है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 513 किलो नशीली दवाएं बरामद की हैं. इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की टीम ने ऐसे की एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. देश की राजधानी में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 513 किलोग्राम नशीली दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया है. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई दवाओं में ट्रामाडोल ट्रेकैम, नाइट्रोजेप, अल्प्राजोलम, जोल्पिडेम और ट्रामाडोल ट्रेकेन जैसी प्रतिबंधित दवाएं शामिल हैं. ये दवाएं अवैध रूप से देश और विदेश में सप्लाई की जा रही थीं. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा और ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क का खुलासा किया. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था. फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है. इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में ‘स्मैक’ की आपूर्ति करने वाले एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को बताया था कि आरोपियों के कब्जे से करीब 60 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमीन खान, राशिद, बलबीर, आसिफ और इकरार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अमीन खान उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है और उसे 12 फरवरी को पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके में नोएडा लिंक रोड के पास से गिरफ्तार किया गया. वह कथित तौर पर ‘स्मैक’ की खेप पहुंचाने के लिए वहां आया था. तलाशी के दौरान उसके पास से 291 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किया गया. यूपी से जुड़ा था कनेक्शन पूछताछ के दौरान अमीन खान ने खुलासा किया कि वह बदायूं के सप्लायरों से स्मैक लाकर पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छोटी-छोटी मात्रा में बेचता था. उसने बताया कि खोडा चौक और शशि गार्डन समेत कई क्षेत्रों में वह नियमित रूप से नशीले पदार्थ की आपूर्ति करता था. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए बदायूं से उसके दो सप्लायरों राशिद और बलबीर को गिरफ्तार किया, जिनके पास से अतिरिक्त 35.85 ग्राम स्मैक बरामद हुई. जांच के दौरान पुलिस ने अमीन खान के कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिससे उसके स्थानीय संपर्कों का पता चला. इसके बाद पुलिस ने त्रिलोकपुरी निवासी उसके दो सहयोगियों आसिफ और इकरार को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी सीधे तौर पर अमीन खान के संपर्क में थे और उससे स्मैक लेकर स्थानीय स्तर पर उसकी बिक्री करते थे. पहले से थे वॉन्टेड पुलिस ने बताया कि आसिफ और इकरार पहले से ही मादक पदार्थ तस्करी के एक अन्य मामले में वांछित थे. उनके खिलाफ मयूर विहार थाने में दर्ज मामले में उद्घोषणा की कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी थी. अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा थे, जो उत्तर प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर तक मादक पदार्थों की तस्करी करता था. जांच में यह भी सामने आया है कि अमीन खान इससे पहले मेरठ में इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है. पिछले कुछ महीनों से वह दिल्ली में किराये पर रहकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : February 22, 2026, 12:43 IST
The soul finds eternal peace in Kailash Parikrama, Deepa Anappara, an Indian-origin writer living in Britain

Hindi News Happylife The Soul Finds Eternal Peace In Kailash Parikrama, Deepa Anappara, An Indian origin Writer Living In Britain लंदन2 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन में रह रहीं भारतीय मूल की लेखिका दीपा अनप्पारा। – फाइल फोटो ‘19 साल साथ रहने के बाद मैं अचानक अपने ही घर में ‘प्रोबेशन’ पर आ गई थी। यूनिवर्सिटी में पढ़ाने लगी, रात 3 बजे उठकर तिब्बत पर उपन्यास लिखती, ताकि कीबोर्ड की आवाज से पति को परेशानी न हो। फिर भी उनकी नाराजगी दूर नहीं हुई…’ ब्रिटेन में रह रहीं भारतीय मूल की लेखिका दीपा अनप्पारा कहती हैं, पति ने कहा कि वे तलाक चाहते हैं, सात महीने पहले ही बहन को खोया था। मैं किसी नए जख्म के लिए तैयार नहीं थी। बहुत कोशिशों के बाद भी रिश्ता नहीं बच पाया। शांति की तलाश में कैलाश परिक्रमा पर निकल पड़ी। इस सफर ने जिंदगी को नए अर्थ दे दिए, जानिए कैसे… ‘इसी टूटन के बीच… कुछ ही दिन बाद मैं तिब्बत में 18,471 फीट ऊंचे डोल्मा दर्रे की चढ़ाई पर खड़ी थी। हवा में इतनी चुभन थी कि हर सांस जैसे उधार की लग रही थी। अगस्त 2023 के उसी दिन मेरी शादी की 20वीं सालगिरह थी। रह-रहकर पति के शब्द कानों में गूंज रहे थे… ‘बरसों से तुम भी दुखी हो, बरसों से मैं भी, अलग हो जाना ही बेहतर है।’ सहसा गाइड की आवाज ने मुझे झकझोरा… उसने मुस्कुराकर कहा, डोल्मा दर्रा तक पहुंचने के लिए टट्टू किराए पर ले लीजिए। भारतीय ट्रैकिंग में अच्छे नहीं होते,’ मुझे यह स्टीरियोटाइप चुभा। वर्षों पहले मनाली में एक टट्टू पर बैठकर सफर पूरा किया था। इस बार तय किया था, पैदल ही जाऊंगी। चढ़ाई कठिन थी। फेफड़े जल रहे थे, दिल पिंजरे में फड़फड़ाते पक्षी जैसा लग रहा था। हर पांच कदम बाद रुकना पड़ता। पीठ पर छोटे बच्चों को लेकर गुजरतीं तिब्बती महिलाएं, मुस्कराकर ‘ताशी देलेक’ कहतीं- यानी शुभकामनाएं। मैं भी कहती, पर शब्दों के साथ सांस भी बाहर निकल जाती। रास्ते में तीर्थयात्री अपने दिवंगत प्रियजनों की तस्वीरें पत्थरों पर चिपका रहे थे। मुझे अफसोस हुआ कि मेरे पास बहन की तस्वीर नहीं थी। वह गणेश जी की छोटी मूर्तियां जमा करती थी। नीचे गौरी कुंड चमक रहा था, मान्यता है कि यहीं माता पार्वती ने गणपति को जन्म दिया। पोर्टर ने मेरे लिए वहां से पवित्र जल लाने की बात कही थी, पर मैंने मना कर दिया क्योंकि मैं जल ले जाकर देती किसे, बहन तो जा चुकी थी। ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से मैं लड़खड़ा रही थी। गाइड ने मुझे ऑक्सीजन कैन थमाया और कहा ‘लगभग पहुंच गए।’ मैंने हिम्मत जुटाई और फिर से चढ़ाई शुरू की। बीच-बीच में गाइड ने मेरी कहानी सुनी। बहन को स्टेज 4 कैंसर, फेफड़ों से दिमाग तक फैलते ट्यूमर, याददाश्त का मिटना और आखिरी दिनों की तकलीफ। चार साल तक जूझती रही। उसके लिए अचानक भारत की उड़ानें, अस्पतालों के चक्कर। फिर हिम्मत हार गई… अंत में आंसुओं के साथ विदा ली। मैंने पहली बार स्वीकार किया कि मैं अब ‘अलग’ हूं, शादी टूट चुकी है। गाइड ने कहा, ‘आपके पति ने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया। उन्हें जाने दें। धन्यवाद दें कि वे 20 साल तक साथ रहे। वह मुक्त हैं, और आप भी। मन्नत की पताकाओं के बीच मुझे पहली बार लगा कि शायद मैं भी सचमुच मुक्त हूं। उसके शब्द सख्त थे, पर कोमल भी- जैसे वह पत्थरों के ढेर पर एक और पत्थर सावधानी से रख रहा हो। अंतिम दिन मैं ज्यादातर अकेली चली। रास्ते में पत्थरों पर खुदी तिब्बती प्रार्थनाएं थीं और चेतावनी के बोर्ड लगे थे। छोटे पक्षी चट्टानों के बिलों से उड़ते और ओझल हो जाते। इतनी ऊंचाई पर, दैवीय माहौल में मुझे लगा कि छह साल बाद पहली बार मैं सचमुच खुश हूं। मैंने समझा कि अपनी कमियों के बावजूद मैं घृणित नहीं, बस इंसान हूं। मैं खुद को माफ कर सकती थी-एक पत्नी के रूप में, एक बहन के रूप में। तीर्थयात्रियों को आकाश की ओर हाथ उठाकर सबके लिए प्रार्थना करते देख, लगा कि प्रायश्चित असंभव नहीं…। पहाड़ हमारा नजरिया साफ कर देते हैं… दीपा कहती हैं, ‘कैलाश की इस यात्रा में तूफान, सैनिकों की चौकियां और ऊंचाई पर सांसें रोक देने वाली ठंड सब बाधा बनते हैं, लेकिन असली परीक्षा इन प्राकृतिक बाधाओं की नहीं, बल्कि भीतर की भावनाओं की है- अहंकार, जुनून, संदेह, शक्ति, अपराधबोध और शोक। उस पतली हवा में, जहां सांस लेना भी तपस्या जैसा था, मैंने समझा- कभी-कभी पहाड़ हमें कुछ नया नहीं देते, बस जो पहले से था उसे साफ दिखा देते हैं… और शायद वही मुक्ति की शुरुआत है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा चुनाव से पहले गुवाहाटी में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:22 फरवरी, 2026, 12:28 IST असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा गुवाहाटी में भाजपा में शामिल हो गए। भूपेन कुमार बोरा असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा गुवाहाटी में पार्टी के असम मुख्यालय में आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं। बोरा के साथ, संजू बरुआ और सर्बनारायण देवरी सहित युवा कांग्रेस नेता भी असम भाजपा प्रमुख दिलीप सैकिया की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब 126 सदस्यीय असम विधानसभा में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कौन हैं भूपेन कुमार बोरा? अनुभवी राजनेता भूपेन बोरा पिछले 32 वर्षों से कांग्रेस पार्टी में थे। उन्होंने 2006 और 2016 के बीच लगातार दो बार असम विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। गौरव गोगोई के पूर्ववर्ती, उन्होंने 2021 और 2024 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने तरुण गोगोई के कार्यकाल के दौरान असम सरकार के प्रवक्ता और संसदीय सचिव के रूप में भी काम किया। 2013 में, उन्हें असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नामित किया गया था। शिक्षा और पृष्ठभूमि 30 अक्टूबर, 1970 को पोहुमोरा, लखीमपुर में जन्मे बोरा ने उत्तरी लखीमपुर कॉलेज और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। बोरा को डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान प्रसिद्धि मिली। केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी बोरा के साथ ही डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में पढ़ रहे थे। यह जोड़ी ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) का हिस्सा थी। बोरा ने कांग्रेस क्यों छोड़ी? भूपेन बोरा ने अपने फैसले के पीछे पार्टी सांसद रकीबुल हुसैन को प्रमुख कारण बताते हुए इस सप्ताह पार्टी छोड़ दी। बोरा ने आरोप लगाया कि असम कांग्रेस की बागडोर हुसैन के हाथों में है और गौरव गोगोई महज एक नाम मात्र हैं। हुसैन ने आरोपों पर सीधे तौर पर प्रतिक्रिया नहीं दी है और कहा है कि वह कुछ दिनों में इस मामले पर चर्चा करेंगे। इस बीच, राहुल गांधी समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बोरा से बात की और उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए मनाया। हालाँकि, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बाद में उनके आवास का दौरा किया और घोषणा की कि वह 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। बोरा के इस्तीफे के बाद, गौरव गोगोई ने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने से पार्टी की संभावनाओं को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा था, “कांग्रेस एक महासागर की तरह है; हम सब इसमें सिर्फ पानी की बूंदें हैं। हमारे पिता और पुरखों के अस्तित्व में आने से बहुत पहले से ही कांग्रेस मौजूद थी। भूपेन बोरा के जाने से विधानसभा चुनावों में हमारी पार्टी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 22 फरवरी, 2026, 12:10 IST समाचार राजनीति असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा चुनाव से पहले गुवाहाटी में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
मलाइका अरोड़ा ने रूमर्ड बॉयफ्रेंड संग मनाया वैलेंटाइन्स डे!:इटली से हर्ष मेहता के साथ तस्वीरें हुईं वायरल, एक्ट्रेस के बर्थडे में भी हुए थे शामिल

मलाइका अरोड़ा का नाम इन दिनों डायमंड मर्चेंट बिजनेसमैन हर्ष मेहता के साथ जुड़ रहा है। दोनों को कॉन्सर्ट में साथ स्पॉट किया गया था, जिसके बाद से ही दोनों के लिंक-अप की खबरें सुर्खियों में हैं। इसी बीच अप रूमर्ड कपल की इटली से एक तस्वीर वायरल हुई है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि दोनों ने साथ वैलेंटाइन्सडे सेलिब्रेट किया है। सामने आई तस्वीर में हर्ष मेहता, मलाइका अरोड़ा के साथ सेल्फी क्लिक करते नजर आ रहे हैं। ब्लैक ओवरकोट पहनीं मलाइका अरोड़ा रोमांटिक अंदाज में हर्ष के साथ पोज करती नजर आई हैं। इस दौरान सेल्फी क्लिक कर रहे हर्ष ने भी ग्रे ओवरकोट पहन रखा है। वायरल फोटो का बैकड्रॉप इटली के फेम मॉन्यूमेंट का है। कैसे शुरू हुईं मलाइका- हर्ष के रिलेशनशिप की खबरें कुछ समय पहले ही मलाइका अरोड़ा को हर्ष मेहता के साथ एक मुंबई में हुए एनरिक ग्लेसिया के कॉन्सर्ट में स्पॉट किया गया था। दोनों साथ कॉन्सर्ट में पहुंचे और कॉन्सर्ट के बीच इशारों में एक-दूसरे से बात करते नजर आए थे। इसके बाद दोनों कॉन्सर्ट के बाद एक साथ वहां से निकले। इसके बाद हर्ष मेहता, मलाइका अरोड़ा के 50वें बर्थडे सेलिब्रेशन में भी मौजूद रहे। इस पार्टी में मलाइका के बेटे भी पहुंचे थे। मलाइका अरोड़ा ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से भी बर्थडे सेलिब्रेशन की इनसाइड तस्वीरें शेयर की थीं, हालांकि उन तस्वीरों में हर्ष की साफ झलक नहीं थीं। या तो उनका चेहरा क्रॉप किया गया था, या वो छिपे हुए थे। कुछ दिनों बाद दोनों को मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया, हालांकि इस दौरान दोनों अलग-अलग एयरपोर्ट पहुंचे और मीडिया की नजरों से बचते दिखे थे। दोनों दुबई में हुए एक प्रॉपर्टी से जुड़े इवेंट में भी साथ पहुंचे थे, जिसका वीडियो भी सामने आया था। मलाइका बोलीं- लोगों का बातें करना पसंद है हाल ही में द नम्रता जकारिया शो में मलाइका अरोड़ा ने हर्ष मेहता से नाम जुड़ने पर कहा था, “लोगों को बातें करना पसंद है। अगर आपको किसी के साथ स्पॉट किया जाता, आप बाहर जाते हैं तो यह एक डिस्कशन का प्वाइंट बन जाता है। मैं बिना वजह इन बातों को हवा नहीं देना चाहती। मैं ऐसा नहीं करना चाहती क्योंकि इससे वास्तव में कोई फायदा नहीं होगा। यकीन मानिए, मैं जब भी बाहर निकली हूं, चाहे वह कोई पुराना दोस्त हो, गे फ्रेंड हो, शादीशुदा दोस्त हो, कोई पुराना दोस्त हो, मैनेजर हो या कोई भी हो…मेरा नाम तुरंत उस इंसान से जुड़ जाता हैं। हम इस पर हंसते और मजाक बनाते हैं।”
लखनऊ में संजू बाबा बोले- ओए मामू, बात सुन:पौधा लगाने का, पानी बचाने का; विधायक राजेश्वर सिंह के साथ निकाला रोड शो

फिल्म अभिनेता संजय दत्त रविवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने युवाओं से मुंबइया स्टाइल में कहा- ओए मामू, बात सुन। जित्ते भी मामू यहां खड़ेला हैं न? सब बात सुनने का। जिंदगी में दो काम करने का। एक- पौधा लगाने का, दूसरा- पानी बचाने का। अगर ये नहीं किया तो.. नहीं किया तो खुद की वॉट लगाने का। संजय दत्त ने सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के बुलावे पर लखनऊ आए। आशियाना के बंगला बाजार में उन्होंने पर्यावरण प्रेमियों को सम्मानित किया। इसके लिए नेट जीरो कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम स्थल पहुंचने के लिए संजय दत्त ने 1 किलोमीटर का रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ विधायक राजेश्वर सिंह भी मौजूद रहे। रोड शो के लिए संजय दत्त जैसे ही खुली जीप पर सवार हुए, तो फैंस बेकाबू हो गए। उन्हें संभालने में पुलिस का पसीना छूट गया। लोग पूरे रास्ते संजय दत्त पर फूलों की बारिश करते रहे। सड़क किनारे घरों की छतों से भी फैंस ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। संजय दत्त ने हाथ हिलाकर सबका अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद मंच से युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान विधायक राजेश्वर सिंह ने संजय दत्त को भैया कहकर फिल्म धुरंधर-2 का प्रमोशन किया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद संजय दत्त मंच से नीचे उतरकर गाड़ी की ओर बढ़े। तभी विधायक राजेश्वर सिंह खुद ही ड्राइविंग सीट पर बैठ गए और स्टेयरिंग संभाल ली। पहले संजय दत्त बीच में बैठे थे, लेकिन जैसे ही राजेश्वर सिंह को स्टेयरिंग पकड़े देखा तो वहां से उतरकर आगे की सीट पर आ गए। देखिए 6 तस्वीरें… इंस्टाग्राम पर शेयर की थी तस्वीर संजय दत्त ने 21 फरवरी को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह के साथ की तस्वीर शेयर की थी। उसके साथ लिखा था- सरोजनीनगर में राजेश्वर भैया के साथ एक विशेष पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम के लिए अपने पसंदीदा शहर लखनऊ में आकर मुझे बहुत खुशी होगी। लखनऊ और यहां के अद्भुत लोगों ने हमेशा मुझे अपार प्रेम और स्नेह दिया है। यह रिश्ता मेरे दिल के बेहद करीब है। कल आप सभी से मिलने का बेसब्री से इंतजार रहेगा। संजय दत्त के रोड शो के बारे में जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Thandai Kaise Banaye: होली स्पेशल कूली बनाने का सबसे आसान तरीका जान लें, अभी नोट करें रेसिपी

Thandai Kaise Banaye: होली का त्योहार हो और हाथों में ठंडक का गिलास न हो, तो जश्न कुछ अधूरा सा लगता है। इस त्योहार में कूलाई न केवल शरीर को शीतलता प्रदान की जाती है, बल्कि मेवों और मसालों का यह मेल स्वास्थ्य के लिए भी वरदान माना जाता है। अगर आप भी इस होली पर घर पर शुद्ध और शाही स्वाद वाली उत्पाद वाली ठंडाई बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए ही है। आइए जानते हैं कि घर पर स्वादिष्ट ठंडाई कैसे बनाएं? (टैग्सटूट्रांसलेट)ठंडाई रेसिपी हिंदी में(टी)सरल ठंडाई रेसिपी हिंदी में(टी)आसान ठंडाई रेसिपी हिंदी में(टी)बेस्ट ठंडाई रेसिपी हिंदी में(टी)ठंडई पाउडर रेसिपी हिंदी में(टी)ठंडाई रेसिपी सामग्री हिंदी में(टी)भांग वाली ठंडाई कैसे बनती है(टी)ठंडाई मसाला रेसिपी हिंदी में
देवास में असमय बारिश से रबी फसलें चौपट:तेज आंधी से गेहूं प्रभावित, भाजपा जिलाध्यक्ष की कलेक्टर से सर्वे व मुआवजे की मांग

देवास जिले में पिछले दो दिनों से हुई असमय वर्षा और तेज हवा-आंधी के कारण गेहूं सहित अन्य रबी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा से जिले के किसान वर्ग पर गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ने की आशंका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देवास के जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को एक पत्र सौंपा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का शीघ्र सर्वे कराने की मांग की है। कलेक्टर से सर्वे शुरू करने की मांग पत्र में बताया गया है कि देवास जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में असमय वर्षा और तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं और अन्य रबी फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सेंधव ने कहा कि ऐसी स्थिति में शासन द्वारा नियमानुसार फसल क्षति का सर्वे कराकर किसानों को राहत प्रदान करना आवश्यक है। जिला अध्यक्ष सेंधव ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित किसानों के हित में तत्काल सर्वे कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की मांग की है कि किसानों को उचित मुआवजा मिले, जिससे उन्हें आर्थिक संबल प्राप्त हो सके।
प्याज का रोना: प्याज की बर्बादी से क्यों आती हैं फसलें? जानें यह कारण

प्याज रोना: सब्जी की ग्रेवी बनाना हो या कीस सजाना, प्याज के बिना खाना अधूरा लगता है। लेकिन प्याज़ काटने वाले का अनुभव अक्सर ‘दर्द भरा’ होता है। जैसे ही आप चाकू मारते हैं, आंखों से टपक-टपक कर गिराते हैं।क्या आपने कभी सोचा है कि प्याज में ऐसा क्या है जो रुला हमें देता है? क्यों आती हैं काली आंखें और इसके पीछे का कारण क्या है? प्याज़ समय आँख से फूल आने का कारण (टैग्सटूट्रांसलेट)बिना रोए प्याज काटने के 10 सिद्ध तरीके(टी)बिना रोए प्याज कैसे काटें(टी)प्याज रोना(टी)क्या प्याज रोना आपके लिए अच्छा है(टी)बच्चों के लिए प्याज आपको क्यों रुलाता है(टी)क्या प्याज के आंसू आंखों के लिए अच्छे हैं(टी)क्या संपर्क प्याज को रोने से रोकते हैं(टी)प्याज आपको क्यों रुलाता है रसायन शास्त्र
अमेरिका के गुरुद्वारा साहिब से किडनैप सिख का शव मिला:2 दिन पहले जबरन कार में बैठा ले गए थे तीन लोग, रसोइए का काम करते थे

अमेरिका के ट्रेसी शहर के गुरुद्वारे से किडनैप हुए सिख व्यक्ति का आज शव मिला है। मौत किन कारणों से हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मृतक की पहचान अवतार सिंह (57) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले हैं और कई साल से कैलिफोर्निया में परिवार सहित रह रहे हैं। दमदमी टकसाल के प्रमुख बाबा हरनाम सिंह धुमा ने शनिवार शाम को अपने फेसबुक पेज पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनका शव मिल गया है। वह ट्रेसी स्थित गुरुद्वारा साहिब में रसोइए के रूप में सेवा करते थे और परिसर में ही रहते थे। परिवार ने सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज की थी। जिसके बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिली थी, जिसमें सफेद रंग की एसयूवी और गहरे कपड़े पहने तीन व्यक्ति अवतार सिंह को जबरन ले जाते दिखाई दे रहे थे। 17 फरवरी को हुए थे किडनेप पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी को शाम 8:52 बजे लापता होने की सूचना मिलने पर टीम ने डब्ल्यू ग्रांट लाइन रोड के 16000 ब्लॉक पर जांच की। पुलिस ने अवतार सिंह और संदिग्ध एसयूवी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कर लोगों से जानकारी देने की अपील की थी। अवतार सिंह को जबरन एक्सयूबी में बैठाया अमेरिकी पुलिस के अुनसार, एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिससे पता चला कि तीन अज्ञात लोगों ने अवतार सिंह को जबरन कार में बैठाया और उसके बाद वहां से चले गए। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पत्नी ने जुड़वा तीन बच्चों को जन्म दिया था पुलिस द्वारा डाली गई अवतार सिंह की पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों के कमेंट भी आए। लोग उनकी तरफ से गुरुद्वारा साहिब में की जाने वाली सेवा की प्रशंसा करते दिखे थे। वहीं कुछ लोगों ने ये भी बताया कि उनकी पत्नी ने तीन महीने पहले ही जुड़वा तीन बच्चे को जन्म दिया था।
तापसी पन्नू ने खत्म किया कंगना से झगड़ा:बी-ग्रेड और सस्ती कॉपी कहा गया, अब बोलीं- मेरी तरफ से कोई लड़ाई नहीं, वो मेरी सीनियर

तापसी पन्नू ने हाल ही में कंगना रनोट से हुए झगड़े पर बात की है। एक समय में कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी पन्नू को कंगना की सस्ती कॉपी कहा था। जिसके जवाब में तापसी ने कहा था कि कंगना एक अच्छी एक्ट्रेस हैं और उनकी कॉपी होना भी अच्छी बात है। दोनों का झगड़ा तब काफी सुर्खियों में रहा था, हालांकि अब तापसी का कहना है कि उन्हें कंगना से दोस्ती करने में ऐतराज नहीं है, ये झगड़ा कभी उनकी तरफ से नहीं था। एक्ट्रेस ने ये भी कहा है कि उनके झगड़े से कुछ लोगों को फायदा पहुंचा है। तापसी पन्नू से हाल ही में शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में पूछा गया था कि क्या उनके और झगड़े से नेपोकिड्स को फायदा पहुंचा। इसके जवाब में एक्ट्रेस ने कहा है, ‘मुझे उनके बारे में तो नहीं पता, लेकिन किसी न किसी को कुछ न कुछ फायदा तो हुआ होगा। मेरी तरफ से कोई लड़ाई है नहीं। पर मुझे ये जरूर लगता है कि किसी ने कुछ जरूर जाकर वहां कुछ बोल दिया है, जो नहीं चाहता कि हम साथ आएं। क्योंकि अगर हम साथ आए तो उन्हें पता है कि बहुत जबरदस्त कुछ हो।’ पॉडकास्ट में जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या अगर उनकी कंगना से दोस्ती करवाई जाए तो वो करेंगे। जवाब में तापसी ने कहा- ‘मैंने तो हमेशा कहा है कि अगर वो आसपास मिलेंगी तो मैं जरूर जाकर बात करूंगी। टेक्निकली वो मेरी सीनियर हैं। मैं क्यों उनके पास जाकर हाय-हैलो क्यों नहीं करूं। उनका क्या जवाब होगा उसकी गारंटी मेरी नहीं है। अपने बिहेवियर की गारंटी मैं ले सकती हूं।’ कैसे शुरू हुआ था तापसी-कंगना का झगड़ा? फिल्म मनमर्जियां के प्रमोशन के दौरान तापसी पन्नू से एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि कंगना रनोट को किस प्रोडक्ट की जरुरत है। जवाब में एक्ट्रेस ने कहा, ‘डबल फिल्टर’। तापसी के बयान से कंगना और उनकी बहन काफी नाराज हुईं। कंगना की बहन रंगोली ने तब इसका जवाब देते हुए लिखा था, ‘कुछ लोग कंगना को कॉपी करके ही अपनी दुकान चलाते हैं। पिछली बार मैंने तापसी जी को ये कहते हुए सुना कि कंगना को डबल फिल्टर की जरूरत है और तापसी जी आपको सस्ती कॉपी बनने से रुकने की जरूरत है।’ कंगना ने तापसी को बताया बी-ग्रेड एक्ट्रेस इसके बाद कंगना ने रिपब्लिक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में तापसी और स्वरा भास्कर को बी-ग्रेड एक्टर बताया। साथ ही कहा था कि उन्हें (मूवी माफिया) कल तापसी पन्नू और स्वरा भास्कर जैसी 20 और जरूरतमंद आउटसाइडर्स मिल जाएंगी, जो कहेंगी सिर्फ कंगना को नेपोटिज्म से दिक्कत है। लेकिन हम करण जौहर से प्यार करते हैं। कंगना के आरोपों पर चुप नहीं रहीं तापसी इसके बाद हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में तापसी ने कहा था- यह देखकर दुख होता है कि कोई उस इंडस्ट्री में बाहरी लोगों का मजाक उड़ा रहा है, जिसने हमें बहुत कुछ दिया है। हां मुझे भी फिल्मों से निकाला गया और स्टार किड्स से रिप्लेस किया गया। लेकिन कंगना और उनकी बहन का मेरी कड़ी मेहनत को क्रेडिट न देना और मेरा नाम घसीटना भी उसी लेवल का हैरेसमेंट है। यह सब इसलिए, क्योंकि मैंने उनके सुर में सुर मिलाने से इनकार कर दिया।’ ‘क्योंकि मैंने आउटसाइडर्स के लिए झंडा उठाने वाली बनने से इनकार कर दिया। क्योंकि हम सभी उतने कड़वे नहीं हैं। क्योंकि मैंने किसी (सुशांत) की मौत का फायदा निजी बदले के लिए उठाने से इनकार कर दिया और मैंने उस इंडस्ट्री का मजाक बनाने से इनकार कर दिया, जिसने हमें रोटी और पहचान दी।’ इसके बाद से ही कंगना और तापसी एक-दूसरे पर कई बयान देती नजर आई थीं। इस समय अनुराग कश्यप ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने कंगना और तापसी की सुलह करवाने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी।









