गुजराती स्टाइल डबल टुकड़े टुकड़े ऐसे खास, 10 मिनट में टेस्टी ब्रेकफ़ास्ट तैयार; बच्चे-बच्चे सब चैट कर जायेंगे

गुजराती डबल चीज़ सैंडविच: कैसीनो हर किसी को पसंद होता है। ब्रेकफ़ास्ट हो, स्कूल-ऑफ़िस का टिफ़िन हो या शाम का नाश्ता, यह हर जगह चित्र-चित्र हैं। अब गुजराती स्टाइल्स डबल चीज़ सैंडविच की करें तो इसका स्वाद रेस्ट चीज़ बात से अलग और लाजवाब होती है। गुजरात में यह काफी मशहूर है। खास बात यह है कि इसे बनाने में सिर्फ 10-15 मिनट का समय लगा है और आप इसे घर की रसोई से तैयार कर सकते हैं। यह रेसिपी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है। यह डायनेमिक क्रिस्पी और चीज से भरा होता है। आप इसे एडवेंचर मेकर या टीवी पर भी बना सकते हैं। गुजराती सामान के लिए क्या-क्या चाहिए? सबसे पहले एक बड़े पैमाने पर मसाले में हीरा कटी नमक, प्याज, हरी मिर्च और अदरक मिला। इसमें जीरा पाउडर, काली मिर्च पाउडर, चाट मसाला, चिली फ्लेक्स, नमक और हरा धनिया अच्छे से मिक्स कर लें। यह स्टफिंग तैयार है. अब 2 बेडरोल लें। दोनों पर चित्रित मक्खन प्रदर्शित। फिर हरी रचना भी अच्छे से जगह। एक विकल्प पर 2 बड़े चम्मच स्टफिंग देना। ऊपर से सारा सामान बढ़िया डालकर। दूसरी बेडबिल्डिंग से ऐड-ऑन। ऊपर और नीचे दोनों तरफ मक्खन का फर्नीचर। मैकेनिक मेकर में आउटलेट बंद कर दें। गोल्डन ब्राउन और क्रिस्पी होने तक ग्रिल करें। (अगर एडवेंचर मेकर नहीं है तो दोनों तरफ से सेक लें।) बस तैयार है आपका हॉट हॉट एडवेंचर। इसे हरी चटनी या टोमैटो कैचअप के साथ सर्व करें। यह आउटसाइड फ़ास्ट फ़ार्म से बेहतर और स्ट्रेटेजी है। रासायनिक पोषण संस्थान और चीजों से स्वाद बढ़ाते हैं। तो आप इसे घर पर आसानी से बना सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)गुजराती स्टाइल डबल चीज़ सैंडविच(टी)ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)आसान रेसिपी(टी)इंस्टेंट रेसिपी(टी)डबला चीज़ सैंडविच(टी)फूड रेसिपी(टी)गुजराती सैंडविच(टी)गुजराती सैंडविच
चिंता खत्म, डाइजेशन बेहतर…सिर्फ ताली बजाने से दूर होंगी बीमारियां, क्या होता फ्लावर क्लैप, डॉक्टर से जानें

Last Updated:February 23, 2026, 23:34 IST क्या आप जानते हैं कि ताली बजाना एक संपूर्ण व्यायाम है? ‘फ्लावर क्लैप’ या पुष्प ताली एक ऐसी योग क्रिया है, जो शरीर के 340 एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को एक्टिव कर हृदय, फेफड़ों और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है. लोकल 18 ने इस बारे में चंदौली की चिकित्सक डॉ. रिद्धि पांडे से बात की. डॉ. रिद्धि बताती हैं कि ताली बजाने के कई फायदे हैं. यह कही गई बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक आधार है. जब आप ताली बजाते हैं, तो हथेलियों पर पड़ने वाला प्रेशर ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है. इससे धमनियों में जमी गंदगी साफ होने लगती है. मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ताली बजाना वरदान है. चंदौली. अपनी सेहत को बेहतर रखने के लिए लोग योग, एक्सरसाइज और डाइट का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ताली बजाना भी कई बीमारियों से बचाव में मददगार हो सकता है? इस विषय पर चंदौली की चिकित्सक डॉ. रिद्धि पांडे ने Local 18 से बातचीत में ताली बजाने के कई वैज्ञानिक फायदे बताए. डॉ. पांडे के मुताबिक, ताली बजाने के कई फायदे हैं. यह ऐसे ही कही गई बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक आधार है. हमारे हाथों में 340 से भी अधिक एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं. जब हम ताली बजाते हैं, तो इनमें से 30 से ज्यादा प्रेशर पॉइंट्स एक साथ सक्रिय हो जाते हैं. इन प्रेशर पॉइंट्स का सीधा संबंध शरीर के महत्त्वपूर्ण अंगों जैसे हार्ट, लंग्स और किडनी से होता है. जब आप ताली बजाते हैं, तो हथेलियों पर पड़ने वाला प्रेशर ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है. इससे धमनियों में जमी गंदगी धीरे-धीरे साफ होने लगती है और हार्ट को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है. तनाव और चिंता दूर डॉ. पांडे बताती हैं कि ताली बजाने से ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में भी मदद मिलती है. नियमित रूप से 15 से 20 मिनट ताली बजाने से हृदय संबंधी समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है, सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ताली बजाना लाभकारी है. ताली बजाने से डोपामिन जैसे ‘हैप्पी हार्मोन’ रिलीज होते हैं, जो तनाव और चिंता को कम करते हैं. इससे मानसिक स्थिति स्थिर होती है और व्यक्ति खुद को ज्यादा सकारात्मक महसूस करता है. ये आदत जरूरी डॉ. रिद्धि पांडे बताती हैं कि ताली बजाने से पाचन क्रिया में भी सुधार होता है. हथेलियों के प्रेशर पॉइंट्स सक्रिय होने से डाइजेशन बेहतर होता है. शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है. अगर लोग दिन में किसी भी समय 15–20 मिनट ताली बजाने की आदत डाल लें, तो हार्ट हेल्थ, स्ट्रेस मैनेजमेंट और पाचन से जुड़े कई फायदे मिल सकते हैं. बिना किसी खर्च और खास उपकरण के, ताली बजाना एक आसान और प्रभावी स्वास्थ्य अभ्यास है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : February 23, 2026, 23:34 IST
कब्ज के कारण और प्राकृतिक उपाय जानें, पेट साफ रखने के लिए जरूरी टिप्स.

कब्ज आजकल की लाइफस्टाइल से जुड़ी एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है. लोग इसे छोटी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सच यह है कि अगर पेट रोज साफ न हो तो शरीर में कई तरह की दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. गैस, एसिडिटी, मुंह के छाले, मुंह से बदबू, स्किन एलर्जी और सिरदर्द जैसी परेशानियां अक्सर कब्ज से ही जुड़ी होती हैं. कब्ज कोई अलग बीमारी नहीं, बल्कि हमारी बड़ी आंत यानी लार्ज इंटेस्टाइन की सुस्ती का संकेत है. इसलिए जरूरी है कि इसके कारणों को समझकर सही समय पर प्राकृतिक उपाय अपनाए जाएं. हमारी गलत आदतें ही कब्ज की सबसे बड़ी वजह बनती हैं. कम पानी पीना, फाइबर की कमी, देर रात तक जागना और खाना, सुबह देर से उठना, पूप को जबरदस्ती रोकना और टॉयलेट में मोबाइल लेकर लंबे समय तक बैठे रहना – ये सभी कारण आंतों की नैचुरल प्रक्रिया को बिगाड़ देते हैं. इसके अलावा मानसिक तनाव भी पाचन तंत्र के काम को स्लो कर देता है. जब आंतों की मूवमेंट कम हो जाती है तो स्टूल सख्त हो जाता है और बाहर निकलने में दिक्कत होती है. धीरे-धीरे यही समस्या पुरानी कब्ज का रूप ले लेती है. 1. सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीनासुबह उठते ही खाली पेट कम से कम दो गिलास गुनगुना पानी पीना बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह हमारे पाचन तंत्र को धीरे-धीरे सक्रिय करता है और आंतों की मूवमेंट को बढ़ाता है. गुनगुना पानी कोलन रिफ्लेक्स को एक्टिव करता है, जिससे स्टूल पास करना आसान हो जाता है. कई लोग पानी तो पीते हैं, लेकिन सही मात्रा और नियमितता नहीं रखते. अगर रोजाना एक ही समय पर पानी पिया जाए तो शरीर की अंदरूनी घड़ी सेट हो जाती है और पेट साफ होने की आदत बन जाती है. 2. इसबगोल यानी सिलियम हस्क का सही इस्तेमालइसबगोल में घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो स्टूल को भारी और नरम बनाता है. रात को सोने से पहले एक से दो चम्मच इसबगोल गुनगुने पानी या दूध के साथ लेने से सुबह पेट साफ होने में मदद मिलती है. यह आंतों की सफाई में सहायक होता है और लंबे समय से चल रही कब्ज में भी राहत देता है. हालांकि इसे नियमित मात्रा में ही लेना चाहिए और ज्यादा मात्रा से बचना चाहिए. यह कोलन की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. 3. फाइबर से भरपूर भोजन शामिल करेंकब्ज से बचने के लिए रोजाना के खाने में फाइबर शामिल करना बहुत जरूरी है. हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, पपीता, सेब, नाशपाती, दालें और साबुत अनाज आंतों को मजबूत बनाते हैं. फाइबर स्टूल में पानी को बनाए रखता है, जिससे वह सख्त नहीं होता और आसानी से बाहर निकल जाता है. अगर डाइट में जंक फूड ज्यादा और प्राकृतिक आहार कम है तो कब्ज की समस्या बार-बार हो सकती है. इसलिए संतुलित और फाइबर युक्त आहार अपनाना जरूरी है. 4. नियमित व्यायाम और सुबह की सैरशारीरिक गतिविधि कम होने से भी कब्ज बढ़ती है. रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट तेज चाल से चलना, योग या हल्की एक्सरसाइज करना पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है. खासतौर पर सुबह की सैर आंतों की मूवमेंट को बेहतर बनाती है. जो लोग पूरा दिन बैठकर काम करते हैं, उन्हें बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना चाहिए. इससे पाचन तंत्र सुस्त नहीं पड़ता. 5. तनाव कम करें और सही दिनचर्या अपनाएंमानसिक तनाव सीधे तौर पर पाचन तंत्र को प्रभावित करता है. ज्यादा चिंता या तनाव होने पर आंतों की गति धीमी हो जाती है. समय पर सोना, सुबह जल्दी उठना और मल त्याग के लिए नियमित समय तय करना बहुत जरूरी है. टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें और ज्यादा देर तक न बैठें. जब दिनचर्या संतुलित होती है तो पेट भी लंबे समय तक स्वस्थ रहता है.
Delhi Police Constable Accused of Murdering Neighbor at Wedding in Wazirabad | Parliament Housekeeping Staff Ashish Shot Dead Over Dispute | शादी की जश्न में डूबा था परिवार, तभी ठायं-ठायं से मच गया हड़कंप, घर में पसर गया मातम

Last Updated:February 23, 2026, 23:04 IST दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक शादी की जश्न में मातम पसर गया. आपसी दुश्मनी में एक 24 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह संसद भवन में हाउसकीपिंग कंपनी में काम करता था. मुख्य आरोपी प्रवेश दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल है और पीड़ित का पड़ोसी है. पीड़ित को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. दिल्ली पुलिस ने अपने ही अधिकारी की भूमिका की जांच शुरू कर दी है. पुरानी रंजिश की वजह से शादी के घर में पसरा मातम (सांकेतिक तस्वीर) नई दिल्ली. राजधानी के वजीराबाद इलाके की गली नंबर 14 रविवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी. उत्तर प्रदेश के बागपत से आई एक बारात में शामिल होने आए 24 वर्षीय युवक आशीष की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का आरोप दिल्ली पुलिस में तैनात एक सिपाही प्रवेश पर लगा है. आशीष दिल्ली में पार्लियामेंट हाउसकीपिंग का काम करने वाली एक निजी कंपनी में कार्यरत था. मृतक आशीष और आरोपी प्रवेश दोनों उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कत्था गांव के रहने वाले हैं और आपस में पड़ोसी हैं. परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच रंजिश का सिलसिला रविवार सुबह गांव में हुई घुड़चढ़ी के दौरान शुरू हुआ था. आरोप है कि उस समय भी प्रवेश ने आशीष को जान से मारने की धमकी दी थी और हवा में फायरिंग की थी. हालांकि, गांव के बड़े-बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था और पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई. बारात में आमना-सामना और कत्ल रविवार रात जब दोनों पक्ष वजीराबाद में बारात के साथ पहुंचे, तो एक बार फिर इनके बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि प्रवेश ने अपना आपा खो दिया और आशीष पर गोली चला दी. गोली आशीष के शरीर के आर-पार हो गई. लहूलुहान हालत में आशीष को तुरंत पास के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल आशीष की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया है. परिजनों का कहना है कि अगर सुबह गांव में हुई घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई होती, तो शायद आज आशीष जीवित होता. उन्होंने आरोपी सिपाही प्रवेश के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस की कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और आरोपी चाहे विभाग का ही क्यों न हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और वजीराबाद में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : February 23, 2026, 23:04 IST
रेलवे, सड़क प्रोजेक्ट्स की हर माह होगी समीक्षा:केंद्रीय सचिव गोविल और सीएस अनुराग की बैठक में फैसला, जल्द अनुमति जारी कराएंगे अफसर

प्रदेश में रेलवे, सड़क सहित अधोसंरचना के जो भी बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उनकी प्रोग्रेस की समीक्षा हर माह की जाएगी। केंद्र सरकार के सहयोग से चलने वाले इन प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट केंद्र के अफसर भी लेंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन और केंद्रीय सचिव मनोज गोविल की मौजूदगी में मंत्रालय में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भूमि अधिग्रहण के सभी प्रकरणों के निराकरण और उनमें पारित मुआवजा राशि के वितरण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने अलग-अलग विभागों के बीच अनुमति जारी करने का काम कम से कम समय में करने के लिए कहा। मुख्य सचिव अनुराग जैन और भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय में सचिव समन्वयक मनोज कुमार गोविल ने सोमवार को मंत्रालय में संयुक्त रूप से पी.एम मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में केंद्र के महत्वपूर्ण 11 प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-सीमा अनुसार परियोजनाओं का क्रियान्वयन करें और पी.एम गति शक्ति पोर्टल पर प्रगति रिपोर्ट से नियमित अवगत कराएं। इन परियोजनाओं की समीक्षा की गई मुख्य सचिव जैन ने जबलपुर में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय ईएसआई अस्पताल के लिए शीघ्र ही भूमि आवंटन के लिए आवेदन देने के श्रम विभाग को निर्देश दिए और कहा कि आवेदन प्राप्त होने के दो-तीन माह में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। इंदौर-बुधनी नई रेललाइन, रामगंज मंडी से भोपाल नई रेललाइन परियोजना, सतना-रीवा रेलवे लाइन के दोहरी करण कार्य, इटारसी-नागपुर तीसरी रेल लाइन, रतलाम-महू-खंडवा अकोला गेज परिवर्तन कार्यों की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे भूमि अधिग्रहण के सभी प्रकरणों के निराकरण और उनमें पारित मुआवजा राशि के वितरण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच अनुमतियों आदि के लिए लगने वाले समय को न्यूनतम करने के भी निर्देश दिएं। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की जानकारी ली समीक्षा बैठक में शाहगंज बायपास से बाड़ी सेक्शन के फोर-लाइन प्रोजेक्ट की डिजाइन की समीक्षा की गई तथा अब तक भूमि के अधिग्रहण और पारित मुआवजा राशि के वितरण की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान इंदौर वेस्टर्न सिक्स लाइन बायपास निर्माण कार्य की समीक्षा की गई और धार कलेक्टर तथा उद्योग विभाग को लंबित भू-अधिग्रहण प्रकरणों को समन्वय कर निपटाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मंडलाजिले के चुटका परमाणु ऊर्जा, संयंत्र परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी विभिन्न प्रकरणें की भी समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व, वन, श्रम, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, लोक निर्माण, एन.एच.आई, एमपीआरडीसी, रेल्वे सहित इंदौर, सीहोर धार, देवास, जबलपुर और सतना जिला प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में मंडला जिले की चुटका परमाणु ऊर्जा सयंत्र के प्रस्तावित परियोजना की समीक्षा भी की गई।
झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश:रांची से दिल्ली जा रही थी, विमान में 7 लोग सवार थे

झारखंड से दिल्ली जा रहा एक चार्टेड प्लेन चतरा में क्रैश हो गया। यह एक एयर एंबुलेंस थी। प्लेन में 7 लोग सवार थे। रेडबर्ड एयरवेज की बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L मेडिकल चार्टर फ्लाइट में एक मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक, अटेंडेंट और क्रू मेंबर समेत सात लोग सवार थे। फ्लाइट ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी, 7:34 पर एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन टूट गया। थोड़ी देर बाद प्लेन झारखंड के चतरा जिले के समरिया में क्रैश हो गया। हादसे से जुड़ी 2 तस्वीरें… हम खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं
आजमगढ़ में आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा, 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सक के साथ मिलेगी बेहतर सुविधा

Last Updated:February 23, 2026, 22:30 IST आजमगढ़ जिले में मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा मिलेगी. अब सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज भी उपलब्ध होगा. पहले चरण में 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां मरीज आयुर्वेदिक दवाइयों जैसे काढ़ा, तेल और जड़ी बूटियों से इलाज करवा सकेंगे. ख़बरें फटाफट आजमगढ़. जिले में अब मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक नई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, मंडलीय अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी व पीएचसी सेंटरों पर भी अब एलोपैथ दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी. मरीज को आयुर्वेदिक उपचार के लिए शहर मुख्यालय की भाग दौड़ नहीं करनी होगी. उन्हें अब अंग्रेजी दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज उपलब्ध होगा और साथ ही दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएगी. पहले चरण में 25 अस्पतालों पर शुरू होगी यह व्यवस्थाग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सस्ता सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में जिले 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चिकित्सकों के बैठने के लिए अलग से ओपीडी कक्ष की व्यवस्था होगी, जिसमें अस्पताल में आने वाले मरीजों को एलोपैथ के अलावा आयुर्वेदिक उपचार का विकल्प भी उपलब्ध होगा. समस्याओं को बताते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सकीय सलाह प्राप्त करते हुए दवाइयां भी प्राप्त कर सकेंगे. जड़ी बूटियां से संभव होगा इलाजइसके लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पहले चरण में चयनित सीएचसी और पीएचसी में आयुर्वेदिक चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां पर आयुर्वेदिक दवाइयां काढ़ा,तेल और आवश्यक जड़ी बूटियां भी उपलब्ध होगी. इस व्यवस्था के शुरू हो जाने से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो महंगे निजी अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियां एवं त्वचा से संबंधित तमाम समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब प्राकृतिक तरीके से उपचार मिल सकेगा. जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा प्रथम चरण में उपलब्ध होगी उनमें मार्टिनगंज ब्लॉक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर ब्लॉक के अंबारी पीएससी, बिलरियागंज ब्लॉक के परशुरामपुर, बनकट और जमीन फरेंदा पीएचसी, अजमतगढ़ ब्लॉक के अवुमारी नारायणपुर, बिलरियागंज, तरवां, महानगर ब्लॉक के खरिहानी पीएससी आदि पर आयुष डॉक्टर तैनात किए जाएंगे. About the Author Monali Paul Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : February 23, 2026, 22:30 IST
स्क्रीन टाइम का खतरा: मोबाइल की लता से आंखों को लेकर दिमाग तक पर बुरा असर, होती है ये बीमारी, जानें पाने के तरीके

23 फरवरी 2026 को 22:20 IST पर अद्यतन किया गया स्क्रीन टाइम डेंजर: मोबाइल फोन की लता बड़ी बीमारी को कॉलवा है। इस आदत से नजर से लेकर दिमाग तक का बुरा असर। इससे जुड़ने के कुछ तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी मदद कर सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)मोबाइल एडिक्शन(टी)स्क्रीन टाइम साइड इफेक्ट्स(टी)स्मार्टफोन स्वास्थ्य जोखिम(टी)नीली रोशनी प्रभाव(टी)नींद विकार(टी)आंखों में तनाव(टी)सरवाइकल दर्द(टी)डिजिटल डिटॉक्स टिप्स(टी)मोबाइल के अत्यधिक उपयोग की समस्याएं(टी)स्मार्टफोन की लत का इलाज
Tamil nadu SIR final voter list publish 74 lakh voters removed

नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) 2026 के तहत तमिलनाडु की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश कर दी है। इसके मुताबिक राज्य में अब कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं जिसके बाद राज्य में 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं। अब तक कुल 8 राज्यों-UT की फाइनल लिस्ट आ चुकी है। एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और केरल की लिस्ट 21 फरवरी, लक्षद्वीप, पुडुचेरी की अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी और गुजरात की 17 फरवरी को जारी हुई थी। पश्चिम बंगाल में 28 फरवरी को लिस्ट आ सकती है। गोवा और अंडमान-निकोबार की लिस्ट भी इसी महीने आने की संभावना है। यूपी में 10 अप्रैल को फाइनल लिस्ट आएगी। चेन्नई की हार्बर विधानसभा में सबसे कम वोटर सबसे ज्यादा 5,36,991 वोटर चेंगलपट्टू जिले की विधानसभा नंंबर 27 शोझांगनल्लूर में हैं। वहीं सबसे कम 1,16,896 वोटर चेन्नई जिले की विधानसभा नंबर 18 हार्बर में दर्ज हुए हैं। पहले 7 राज्यों की लिस्ट आई 21 फरवरी- मध्य प्रदेश में कुल 5,39,81,065 वोटर के नाम दर्ज हैं। इस प्रक्रिया में राज्य में 34,25,078 वोटर के नाम कट चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान में 5,15,19,929 वोटर के नाम हैं। राज्य में 31,36,286 वोटर के नाम कट गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़ में कुल 1,87,30,914 वोटर दर्ज हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले फाइनल लिस्ट में 2,34,994 नए वोटर बढ़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… केरल में कुल 2,69,53,644 वोटर्स हैं, जबकि पिछले साल अक्टूबर में SIR शुरू होने से पहले 2,78,50,855 वोटर्स थे। 17 फरवरी- गुजरात की फाइनल वोटर लिस्ट के बाद राज्य में कुल 4,40,30,725 वोटर दर्ज हैं। 14 फरवरी- केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9,44,211 मतदाता और लक्षद्वीप में कुल 57,607 मतदाता रजिस्टर्ड हैं। 10 फरवरी: असम में फाइनल लिस्ट पब्लिश EC ने असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,58,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 2,52,01,624 थी। स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के बाद लिस्ट में 2,43,485 नाम हटाए गए हैं। अब फाइनल लिस्ट में 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिलाएं और 343 थर्ड-जेंडर शामिल हैं। नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, सुधार के लिए फॉर्म-8 भरना होगा। आवेदन ऑनलाइन, संबंधित कार्यालय में ऑफलाइन, BLO के माध्यम से या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए किया जा सकता है। 18-19 वर्ष के नए मतदाताओं और सुधार के लिए आवेदन करने वालों को EPIC स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे। कंटीन्यूअस अपडेशन प्रक्रिया 23 फरवरी से शुरू हो गई है। 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरे करने वाले पात्र नागरिक आवेदन कर सकते हैं। SIR के बारे में जानें… यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी चुनाव आयोग ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
झाबुआ में पिकअप नदी में गिरी:पुल की रेलिंग तोड़ी, ड्राइवर मौके से फरार; कोई घायल नहीं

झाबुआ के मेघनगर-मदरानी मार्ग पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। चश्मदीदों के मुताबिक, पिकअप (GJ 20Y 6069) बहुत तेज रफ्तार में थी। तेज गति की वजह से ड्राइवर ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पुल की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरी। काफी ऊंचाई से गिरने के बावजूद पिकअप पलटी नहीं, बल्कि सीधी गिरी, जिससे ड्राइवर की जान बच गई। हादसे के बाद ड्राइवर फरार दुर्घटना के समय वाहन में ड्राइवर के अलावा और कोई नहीं था। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर जमा हो गए। इस बीच मौका पाकर ड्राइवर वहां से भाग निकला। पुलिस कर रही है जांच मेघनगर टीआई दिनेश शर्मा ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक और फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।









