उत्तराखंड के 5 जिलों में बर्फबारी, केदारनाथ में तापमान -12°C:एमपी के 3 जिलो में बूंदाबांदी, कई शहरों में कोहरा; राजस्थान में टेंपरेचर 30°C से ऊपर

उत्तराखंड में रविवार को 5 जिलों में रुक रुककर बर्फबारी हुई। इनमें रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाके शामिल हैं। इसके अलावा केदारनाथ धाम और पिथौरागढ़ स्थित मुनस्यारी तथा धारचूला की व्यास और दारमा घाटियों में दोपहर में बर्फ गिरी। केदारनाथ का तापमान माइनस 12 डिग्री रहा। प्रदेश में अगले 24 घंटे के लिए बर्फबारी की यलो अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के जबलपुर, बुरहानपुर और नर्मदापुरम में बूंदाबांदी हुई, जबकि अन्य जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रही। रविवार सुबह कई शहरों में हल्का कोहरा छाया रहा। सोमवार को कुछ जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है। राजस्थान के 10 से ज्यादा शहरों का टेंपरेचर 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहा। पिछले 24 सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बर्फबारी की 2 तस्वीरें… अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम…
कनाडा के 3 पंजाबी सांसदों की सीक्रेट विजिट पर विवाद:पूछा जा रहा- यात्रा पर खर्चा किसने किया; हथियारबंद निहंगों से मिलने पर सवाल उठ रहे

कनाडा में मुख्य विपक्षी पार्टी कंजर्वेटिव पार्टी ऑफ कनाडा के पंजाबी मूल के 3 सांसदों की पंजाब यात्रा पर सवाल उठ रहे हैं। कनाडा में सोशल मीडिया पर तीनों कंजर्वेटिव सांसदों से पूछा जा रहा है कि उनकी इस यात्रा का खर्च किसने उठाया? कनाडा के सांसद जसराज सिंह हल्लां, अमरप्रीत सिंह गिल और दलविंदर सिंह गिल पंजाब यात्रा पर आए थे। यात्रा का कारण और इस यात्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई, इस पर भी सवाल पूछे जा रहे हैं। यही नहीं, सांसदों के आसपास हथियारबंद निहंगों के होने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यात्रा से जुड़ी बातें और अन्य गतिविधियों से जुड़े फोटो-वीडियो लोगों ने सोशल मीडिया पर अपलोड किए। इसके बाद सांसदों की यात्रा का खुलासा हुआ। 15 से 17 फरवरी तक सोशल मीडिया पर चले फोटो-वीडियो सांसदों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पंजाब दौरे के वीडियो, फोटो और जानकारियां शेयर नहीं की, लेकिन जब वे 15 से 17 फरवरी तक पंजाब में रहे तो उनके बहुत से वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए। यही वीडियो कनाडा मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों तक पहुंचे। उसके बाद उन्होंने सांसदों व कंजर्वेटिव पार्टी से इस पर सवाल पूछने शुरू किए। गोल्डन टेंपल, गुरु की रसोई व परगट सिंह से मिले तीनों सांसद 15 फरवरी को अमृतसर में श्री हरमिंदर साहिब (गोल्डन टेंपल) गए और वहां माथा टेका। उसके बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (SGPC) ने उन्हें सम्मानित किया। SGPC के सदस्यों व अन्य धार्मिंक नेताओं के साथ बैठक की। उसके बाद वह कांग्रेस विधायक परगट सिंह से मिले और उनके साथ इमीग्रेशन के मुद्दे पर बातचीत की। बाद में वे होशियारपुर में गुरु की रसोई में गए। वीडियो में हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद कनाडा सरकार कट्टरपंथी व गनकल्चर को प्रमोट नहीं करती है। कनाडा में सरकार किसी को भी हथियार प्रदर्शन करने नहीं देती। कनाडा में सोशल मीडिया पर सांसदों के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें सांसद एक धार्मिक स्थल पर हैं और उनके साथ हथियारबंद निहंग हैं। निहंग सिहों के पास गन हैं। खाने की टेबल पर भी हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद सांसद जब गुरु की रसोई में गए तो वहां खाने की व्यवस्था थी। खाने की टेबल पर जहां तीनों सांसद बैठे थे, वहां बड़ी संख्या में निंहग सिंह व अन्य लोग भी बैठे थे। टेबल पर बैठे निहंग सिंहों के पास भी बंदूकें दिख रही हैं। कनाडा में इन क्षेत्रों से सांसद हैं तीनों जसराज सिंह हल्लां कैलगरी ईस्ट, अमनप्रीत सिंह गिल कैलगरी स्काईव्यू और दलविंदर सिंह गिल कैलगरी मैकनाइट से सांसद हैं। तीनों पंजाबी मूल के हैं और सिख धर्म से संबंध रखते हैं। कनाडा के अलग-अलग शहरों में पंजाबियों की संख्या काफी है। ऐसे में वे पंजाब आकर कनाडा में रहने वाले पंजाबियों में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इमीग्रेशन कानून पर की विधायक से चर्चा जालंधर से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने बतायाक कनाडा में इमीग्रेशन कानून को सख्त बनाने की बात चल रही है, जिसकी वजह से पंजाब के स्टूडेंट्स और वर्कर्स को कनाडा में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने कनेडियन सांसदों से मिलकर इमीग्रेशन कानून के कारण स्टूडेंट्स व वर्कर्स को आ रही दिक्कतों के बारे में चर्चा की। कनाडा में सांसदों के पंजाब दौरे को लेकर सवाल उठने के कारण…
एमपी में फरवरी में चौथी बार बारिश का अलर्ट:सीधी, सिंगरौली समेत 8 जिलों में गरज-चमक और आंधी की संभावना; नए सिस्टम का असर

लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और टर्फ की वजह से मध्य प्रदेश में फरवरी में चौथीं बार बारिश होगी। मौसम विभाग ने सोमवार को पूर्वी हिस्से के 8 जिलों में बारिश, गरज-चमक और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इनमें सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिले शामिल हैं। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। वहीं, यहां से एक टर्फ भी गुजर रही है। जिसका असर एमपी में भी रहेगा। रविवार को दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में मौसम बदला रहा, जबकि सोमवार को पूर्वी हिस्से में बारिश का अनुमान है। सिस्टम आगे बढ़ा, इसलिए बूंदाबांदी हुई मौसम विभाग ने पहले 22 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का अलर्ट जारी किया था, लेकिन यह सिस्टम आगे बढ़ गया। इसी बीच लो प्रेशर एरिया और टर्फ की एक्टिविटी शुरू हो गई। इसके चलते सोमवार को बारिश होने का अनुमान है। फरवरी में तीन बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार बारिश होने के आसार है। 23 फरवरी को फिर से बारिश हो सकती है। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। रविवार को सर्द हवाओं से थोड़ी राहत मिली। शनिवार-रविवार की रात में पचमढ़ी में ही पारा सबसे कम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर मे 11.5 डिग्री रहा। बाकी में पारा बढ़ा गया। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
Salim Khan Health Update; Brain Hemorrhage Reason, Risk Factors

Hindi News Lifestyle Salim Khan Health Update; Brain Hemorrhage Reason, Risk Factors | Hemorrhage Vs Stroke 6 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक बॉलीवुड के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर और सलमान खान के पिता सलीम खान को हाल ही में ब्रेन हेमरेज हुआ। वे मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। उनका एक छोटा सा सर्जिकल प्रोसीजर हुआ। अभी उनकी हालत स्थिर है और वे रिकवरी कर रहे हैं। फिलहाल उन्हें कुछ दिनों तक डॉक्टर्स की निगरानी में रखा जाएगा। ब्रेन हेमरेज का मतलब ‘ब्रेन की नस का फटना है।’ नस फटने पर ब्रेन के अंदर खून जमा होने लगता है, जिससे बने दबाव के कारण ब्रेन के सभी हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यह जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है। ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर साल ब्रेन हेमरेज के 35 लाख नए केस सामने आते हैं। ‘सेरेब्रोवस्कुलर सोसायटी ऑफ इंडिया’ के मुताबिक, भारत में हर साल 1.8 से 3.6 लाख ब्रेन हेमरेज के केस सामने आते हैं। इस कंडीशन में लगभग 40-50% लोगों की मौत हो जाती है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज ब्रेन हेमरेज की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- ब्रेन हेमरेज क्या है? ये क्यों होता है? किन लोगों को ब्रेन हेमरेज का रिस्क ज्यादा होता है? इसका इलाज क्या है? एक्सपर्ट- डॉ. राजुल अग्रवाल, डायरेक्टर, न्यूरोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- ब्रेन हेमरेज क्या होता है? जवाब- ब्रेन हेमरेज एक तरह का ब्रेन स्ट्रोक है, जिसे ‘इंट्राक्रेनियल हेमरेज’ भी कहते हैं। इसमें ब्रेन की ब्लड वेसल फटने से ब्लड रिसने लगता है। यह ब्लड ब्रेन के अंदर ही जमा होता रहता है। इस जमा खून से ब्रेन पर दबाव बनता है। हेमरेज (ब्रेन की नस का फटना) और जमा खून से बने दबाव के कारण ब्रेन तक ब्लड की सप्लाई कम हो जाती है या रुक जाती है। अगर 2-3 मिनट तक ब्रेन को ऑक्सीजन न मिले तो ब्रेन सेल्स मरने लगती हैं। इसलिए ऐसी कंडीशन में तुरंत इलाज जरूरी होता है। सवाल- ब्रेन हेमरेज क्यों होता है? जवाब- इसके कई कारण हो सकते हैं- सिर पर चोट (एक्सीडेंट, पुरानी चोट) से ब्रेन की नसें फट सकती हैं। धमनियों (आर्टरीज) में फैट जमने से ब्लड वेसल्स कमजोर हो जाती हैं। इसके कारण ये हल्की चोट से भी फट सकती हैं। ब्लड क्लॉटिंग से भी ब्लड वेसल्स ब्लॉक या डैमेज हो सकती हैं। ब्लड वेसल्स में इंफ्लेमेशन या कमजोरी से ये फट सकती हैं। जन्मजात ब्रेन में असामान्य नसें AVM (आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन) होने से ये अचानक फट सकती हैं। ब्रेन ट्यूमर के कारण भी कई बार नसें फट सकती हैं। हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) ब्रेन हेमरेज का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। स्मोकिंग और ब्लड थिनर दवाओं के सेवन से भी हेमरेज का रिस्क बढ़ता है। अधिक उम्र, प्रेग्नेंसी और ब्लड वेसल्स संबंधी बीमारियों से हेमरेज का रिस्क बढ़ता है। सवाल- ब्रेन हेमरेज कितनी तरह का होता है? जवाब- ब्रेन हेमरेज मुख्य रूप से पांच प्रकार का होता है। इसमें से तीन हेमरेज ब्रेन टिश्यू के बाहर, लेकिन खोपड़ी के अंदर होते हैं, एपिड्यूरल, सबड्यूरल और सबरैक्नॉइड। वहीं दो प्रकार के हेमरेज ब्रेन टिश्यू के अंदर होते हैं- इंट्रासेरेब्रल और इंट्रावेंट्रिकुलर। सभी तरह के ब्रेन हेमरेज और उनकी कॉमन वजह, ग्राफिक में देखिए- सवाल- इनमें से कौन सा ब्रेन हेमरेज सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है? जवाब- सभी प्रकार के ब्रेन हेमरेज गंभीर ही होते हैं, लेकिन इंट्रासेरेब्रल हेमरेज और सबरैक्नॉइड हेमरेज को सबसे ज्यादा लाइफ थ्रेटनिंग माना जाता है। इंट्रासेरेब्रल हेमरेज: इसमें खून सीधे ब्रेन टिश्यू में जमा होने लगता है, जिससे ब्रेन पर तेजी से दबाव बढ़ता है और ब्रेन में स्थायी डैमेज हो सकता है। इससे कोमा की कंडीशन बन सकती है। सबरैक्नॉइड हेमरेज: ये अक्सर एन्यूरिज्म फटने (ब्लड वेसल की वॉल कमजोर होने से फटती है) से होता है। यह तेज सिरदर्द के साथ बेहोशी या मौत का कारण बन सकता है। समय पर इलाज न मिले तो दोनों ही कंडीशंस जानलेवा हो सकती हैं। सवाल- ब्रेन हेमरेज के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं? जवाब- कुछ मेडिकल कंडीशंस और चोट के कारण ब्रेन हेमरेज का रिस्क बढ़ सकता है। अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, सिर पर गंभीर चोट, ब्रेन की नसें कमजोर होने (एन्यूरिज्म) या ब्लड क्लॉटिंग से इसका रिस्क बढ़ जाता है। सभी रिस्क फैक्टर्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या ब्रेन हेमरेज जेनेटिक भी हो सकता है? जवाब- वैसे तो अधिकांश मामलों में ब्रेन हेमरेज का कोई जेनेटिक कनेक्शन नहीं होता है। लेकिन कुछ मामलों में देखा गया है कि लोगों की ब्लड वेसल्स जन्मजात कमजोर थीं। कमजोर ब्लड वेसल्स यानी एन्यूरिज्म। एन्यूरिज्म या वस्कुलर डिसऑर्डर जेनेटिक हो सकता है। अगर किसी के पेरेंट्स को ऐसी समस्या है तो उसे हेमरेज का जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- क्या डायबिटीज या हाइपरटेंशन से ब्रेन हेमरेज का रिस्क बढ़ जाता है? जवाब- हां, अनियंत्रित हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) ब्रेन हेमरेज का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। अगर लंबे समय ब्लड प्रेशर हाई रहे तो ब्रेन की वेसल्स की वॉल्स कमजोर हो जाती हैं। इससे उनके फटने की आशंका बढ़ जाती है। डायबिटीज में भी ब्लड वेसल्स डैमेज हो जाती हैं। अगर साथ में ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ा हुआ है तो ब्रेन हेमरेज का जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- क्या सिगरेट-शराब पीने से ब्रेन हेमरेज का रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, दोनों के सेवन से ब्रेन हेमरेज का जोखिम बढ़ता है। स्मोकिंग से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, ब्लड वेसल्स की वॉल्स कमजोर होती हैं और एथेरोस्क्लेरोसिस (वेसल्स में कोलेस्ट्रॉल या प्लाक जमना) का खतरा बढ़ता है। शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और लिवर डैमेज हो सकता है। ब्लड क्लॉटिंग कमजोर हो सकती है। ये सभी कंडीशंस ब्रेन की नसों को कमजोर करती हैं, जिससे उनके फटने का खतरा बढ़ जाता है। सवाल- ब्रेन हेमरेज और स्ट्रोक में क्या फर्क होता है? जवाब- ब्रेन हेमरेज एक तरह का ब्रेन स्ट्रोक ही है, लेकिन सभी ब्रेन स्ट्रोक हेमरेज नहीं होते हैं। दोनों में फर्क समझिए- ब्रेन हेमरेज ब्रेन की ब्लड वेसल फटने से खून रिसकर ब्रेन में ही जमा हो जाता है। इससे ब्रेन पर दबाव बढ़ता है और ऑक्सीजन सप्लाई बाधित (रुकती) होती है। स्ट्रोक ब्रेन को पर्याप्त ब्लड और ऑक्सीजन न मिलने की कंडीशन
Salim Khan Discharge Update | Salman Khan Father Hospital Visit

मुंबई2 घंटे पहले कॉपी लिंक सलमान खान के पिता और स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उम्मीद की जा रही है कि आज सलीम खान डिस्चार्ज हो सकते हैं। दरअसल, 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने सलीम खान की हेल्थ अपडेट दी थी। हालांकि, उसके बाद परिवार की ओर से मेडिकल अपडेट सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उनकी हेल्थ को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई। वहीं, ‘जी न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 फरवरी को एक्टर एजाज खान अस्पताल पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया था कि सलीम खान की हालत में सुधार हो रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार यानी 23 फरवरी तक वह डिस्चार्ज हो जाएंगे। बता दें कि सलीम खान का हाल जानने कई सेलेब्स पहुंचे। 21 फरवरी को देर शाम शाहरुख खान अस्पताल पहुंचे। इससे पहले रणवीर सिंह, फराह खान, आमिर खान और जावेद अख्तर भी आए थे। परिवार के सदस्य और करीबी अस्पताल पहुंचे, देखें तस्वीरें 22 फरवरी को सुबह-सुबह सोहेल खान अस्पताल के बाहर दिखे। 22 फरवरी को मलाइका अरोड़ा बेटे अरहान के साथ अस्पताल पहुंचीं। 22 फरवरी को सलीम खान की बेटी अर्पिता शर्मा भी अस्पताल में एंटर करती नजर आईं। 21 फरवरी को देर शाम शाहरुख खान की कार लीलावती अस्पताल से बाहर निकलती देखी गई। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। डॉ. जलील पार्कर मुंबई में एक जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट यानी सांस की बीमारी के स्पेशलिस्ट हैं, जो लीलावती हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर से जुड़े हैं। डॉक्टरों ने बताया था कि प्रक्रिया के बाद सलीम खान की हालत स्थिर रही। उन्हें कुछ समय तक निगरानी में रखने का फैसला लिया गया। मेडिकल टीम लगातार उनकी रिकवरी पर नजर बनाए हुए है। परिवार ने हेल्थ अपडेट प्राइवेट रखने को कहा वहीं, 20 फरवरी को जानकारी सामने आई कि सलीम खान का परिवार चाहता है कि उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रखी जाए। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अस्पताल के सार्वजनिक बयान से सलमान खान और उनका परिवार नाराज था। परिवार के करीबी सूत्र ने कहा कि सेहत निजी मामला है और मीडिया से बात परिवार पर छोड़नी चाहिए। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। फैमिली के साथ सलीम खान की पुरानी तस्वीर। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भारत 2023 के बाद पहली बार ICC इवेंट में हारा:बुमराह हाईएस्ट विकेट टेकर, टी-20 में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार; रिकॉर्ड्स

अहमदाबाद में भारत 2023 के बाद पहली बार किसी ICC इवेंट में मैच हार गया। टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज में साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 76 रन से हराकर उसके 12 मैचों के जीत के सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया। यह हार रन के लिहाज से टी-20 इंटरनेशनल में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार भी है। टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में चल रहे जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट लेकर भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। अफ्रीका के लिए बल्लेबाजी में डेविड मिलर ने 63 रन बनाए। उन्होंने 26 बॉल पर फिफ्टी लगा दी। पढ़िए IND Vs SA मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी हार टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। इससे पहले 2010 में ऑस्ट्रेलिया (49 रन) और 2016 में न्यूजीलैंड (47 रन) ने भारत को बड़े अंतर से हराया था। यह भारत की टी-20 इंटरनेशनल में दूसरी सबसे बड़ी हार भी है। सबसे बड़ी हार 80 रन से न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन 2019 में हुई थी। 2. भारत का टी-20 वर्ल्ड कप में तीसरा लोएस्ट टोटल साउथ अफ्रीका के खिलाफ 111 रन पर ऑलआउट होना भारत का टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का तीसरा सबसे कम स्कोर है। सबसे कम स्कोर 79 (न्यूजीलैंड, 2016) है, जबकि 2021 में दुबई में भी न्यूजीलैंड ने भारत को 110/7 तक रोका था। 3. भारत 2023 के बाद पहली बार ICC इवेंट में हारा 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद भारत ICC टूर्नामेंट में 18 मैचों तक अजेय रहा था। यह शानदार सिलसिला अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के साथ टूट गया। वहीं, मल्टी-नेशन टी-20 इंटरनेशनल टूर्नामेंट की बात करें तो भारत 2022 टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हारने के बाद पहली बार हारा। इस दौरान टीम ने 23 मैच खेले, जिसमें 21 जीते (एक जीत सुपर ओवर में), 1 मैच हारा और 1 बेनतीजा रहा। इसके अलावा, टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत का लगातार जीत का क्रम टूटा। टीम को 12 लगातार मैच जीतने के बाद हार का सामना करना पड़ा। 4. बुमराह टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले इंडियन जसप्रीत बुमराह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने 33 विकेट लेकर अर्शदीप सिंह और रविचंद्रन अश्विन (32-32 विकेट) को पीछे छोड़ा। हार्दिक पंड्या 29 विकेट के साथ चौथे और रवींद्र जडेजा 22 विकेट के साथ पांचवें स्थान पर हैं। 5. वरुण ने सबसे ज्यादा बार लगातार मैचों में विकेट लिए वरुण चक्रवर्ती ने टी-20 इंटरनेशनल में लगातार 18 पारियों में विकेट लेकर भारत के लिए नया रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने अर्शदीप सिंह (17) का रिकॉर्ड तोड़ा। इस सूची में आशीष नेहरा (13), वॉशिंगटन सुंदर (11) भी शामिल है। यानी लगातार मैचों में विकेट लेने के मामले में वरुण अब भारत के नंबर-1 गेंदबाज बन गए हैं। 6. मिलर ने भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा सिक्स लगाए डेविड मिलर भारत के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 26 पारियों में 39 छक्के जड़कर ग्लेन मैक्सवेल (38) को पीछे छोड़ दिया। निकोलस पूरन 35 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। 7. मिलर ने 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई डेविड मिलर ने 26 गेंदों में अर्धशतक लगाकर भारत के खिलाफ चौथी सबसे तेज फिफ्टी लगा दी। हालांकि उनसे पहले लिटन दास (21), हेनरिक क्लासन (23) और ट्रैविस हेड (24) तेज फिफ्टी लगा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन पहले तीनों मुकाबलों में भारत ने मैच जीता था, लेकिन मिलर की फिफ्टी वाला मैच भारत हार गया।
WI vs ZIM T20 World Cup LIVE Match Update; Sikandar Raza

स्पोर्ट्स डेस्क4 घंटे पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप में आज वेस्टइंडीज और जिम्बॉब्वे के बीच मुकाबला होगा। दोनों टीमें सुपर-8 में अपना पहला मैच खेलने उतरेगी। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरु होगा। जिम्बाब्वे ने इस टूर्नामेंट में दो वर्ल्ड चैंपियन टीमों ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराया है। अब उसका अगला निशाना वेस्टइंडीज होगी, जिसे 16 साल पहले 2010 में हरा चुकी है। यह टी-20 इंटरनेशनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसकी एकमात्र जीत भी है। दूसरी ओर वेस्टइंडीज लीग स्टेज में अपने चारों मुकाबले जीती थी। उसका टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर शानदार फॉर्म में हैं। वहीं पेसर्स और स्पिनर्स ने भी अपना काम बखूबी किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ वेस्टइंडीज आगे टी-20 इंटरनेशनल में दोनों टीमों के बीच 4 मुकाबले खेले गए हैं। इस दौरान वेस्टइंडीज को 3 मैचों में जीत मिली है, जबकि जिम्बाब्वे की टीम केवल एक मैच जीतने में सफल रही है। टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच 2022 में खेला गया एकमात्र मुकाबला वेस्टइंडीज ने जीता था। शाई होप वेस्टइंडीज के टॉप बैटर रहे शाई होप ने इस टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 4 मैचों में 134.78 की स्ट्राइक रेट से 155 रन बनाए हैं। उनका एक पारी में बेस्ट स्कोर 75 रन है। वहीं, बॉलिंग में शमार जोसेफ ने टीम के लिए टॉप विकेट टेकर रहे हैं। उन्होंने 4 मैचों में 8.57 की इकोनॉमी से रन खर्च करते हुए 7 विकेट लिए हैं। इस दौरान 39 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है। मुजरबानी जिम्बॉब्वे के टॉप विकेट टेकर जिम्बॉब्वे के लिए ब्रायन ब्रेनेट ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 125 की स्ट्राइक रेट से 175 रन बनाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 64* रहा है। वहीं, तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने विरोधी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है। वह जिम्बॉब्वे के लिए हाईएस्ट विकेट टेकर भी रहे हैं। उन्होंने 3 मैचों में महज 5.91 की इकोनॉमी से 9 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान 17 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है। पिच रिपोर्ट वानखेड़े स्टेडियम को आमतौर पर बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन पिच माना जाता है। यहां तेज गेंदबाजों को नई गेंद से हल्की मदद मिलती है, लेकिन रन बनाना आसान रहता है। खासकर नाइट मैचों में ओस के कारण टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना अक्सर फायदेमंद साबित होता है। वानखेड़े में अब तक 15 टी-20 इंटरनेशन मुकाबले खेले जा चुके हैं। इसमें पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 7 और चेज करने वाली टीम ने 8 मैच जीते हैं। यहां का हाईएस्ट टीम स्कोर 247/9 है, जो भारत ने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 183 रन रहा है। वेदर कंडीशन मुबंई में मंगलवार को मौसम साफ और गर्म रहेगा। बारिश की संभावना बिल्कुल नहीं है। टेम्परेचर 21 से 25 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 वेस्टइंडीज: ब्रैंडन किंग, शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), शिमरॉन हेटमायर, रोस्टन चेज, शेरफेन रदरफोर्ड, रोवमन पॉवेल, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, अकिल हुसैन, गुडाकेश मोती, शमार जोसेफ। जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमनी, सिकंदर रजा (कप्तान), रायन बर्ल, डायोन मायर्स, ताशिंगा मुसेकिवा, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ब्रैड इवांस, टोनी मुनयोंगा, ग्रीम क्रेमर, ब्लेसिंग मुजरबानी। कहां देख सकते हैं मैच? इस मैच की LIVE स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स पर होगी। इसे जियोहॉटस्टार एप पर भी देखा जा सकता है। आप दैनिक भास्कर एप पर मैच का LIVE कवरेज फॉलो कर सकते हैं। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Cheese Health Benefits: Nutritional Value

Hindi News Lifestyle Cheese Health Benefits: Nutritional Value | Saturated Fat Sodium Health Risks 8 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक फर्ज करिए, आप किसी रेस्टोरेंट में गए हैं। मेन्यू कार्ड खोलते ही आपकी नजर ‘एक्स्ट्रा चीज बर्गर’, ‘एक्स्ट्रा चीज पिज्जा’, ‘एक्स्ट्रा चीज सैंडविच’ जैसे आइटम्स पर पड़ती है। नाम पढ़ते ही मुंह में पानी आ जाता है और बिना ज्यादा सोचे आप ‘एक्स्ट्रा चीज’ वाला ऑप्शन चुन लेते हैं। चीज का स्वाद लाजवाब होता है, इसलिए इसे पिज्जा, पास्ता, बर्गर और सैंडविच जैसे कई चीजों में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि जहां कुछ लोग इसे सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं तो कुछ इसे प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स मानकर खाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या चीज सच में सेहत के लिए फायदेमंद है? चलिए, आज जरूरत की खबर में हम चीज के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- चीज में कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? रोज चीज खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है? इसे कितनी मात्रा में खाना सेहत के लिए सुरक्षित है? एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- चीज (Cheese) क्या है और ये कैसे बनता है? जवाब- चीज एक डेयरी प्रोडक्ट है। इसे पालतू जानवरों के दूध से बनाया जाता है। बनाने का तरीका पॉइंटर्स से समझिए- सबसे पहले दूध को हल्का गर्म किया जाता है। इसके बाद उसमें स्टार्टर कल्चर (लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया) मिलाया जाता है, जो दूध को हल्का खट्टा बनाता है। फिर दूध को जमाने के लिए रेनेट (एक एंजाइम) डाला जाता है। कुछ लोग रेनेट की जगह नींबू का रस या विनेगर भी मिलाते हैं। दूध जमने के बाद उसे छोटे टुकड़ों में काटा जाता है, जिससे उसमें मौजूद ‘व्हे’ यानी बचा हुआ पानी अलग हो सके। जो ठोस हिस्सा बचता है, वही ‘चीज’ है। इसे दबाकर आकार दिया जाता है। कुछ चीज को हफ्तों या महीनों तक एक ‘एज’ किया जाता है। यानी इसे कुछ दिनों तक एक निश्चित तापमान में रखा जाता है, जिससे उसका स्वाद और टेक्सचर डेवलप होता है। सवाल- चीज में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं? जवाब- यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के मुताबिक, चीज प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स है। लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट और सोडियम भी होता है। नीचे दिए ग्राफिक से चीज की न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए- सवाल- चीज और पनीर में क्या फर्क है? जवाब- चीज और पनीर दोनों ही दूध से बनते हैं, लेकिन उनकी बनाने की प्रक्रिया, स्वाद, टेक्सचर और न्यूट्रिशन प्रोफाइल में अंतर होता है। पनीर दूध को नींबू के रस या विनेगर की मदद से फाड़कर तैयार किया जाता है। दूध के फटने के बाद उससे पानी अलग कर दिया जाता है। जो ठोस हिस्सा बचता है, वही पनीर कहलाता है। इसमें फर्मेंटेशन या एजिंग की प्रक्रिया नहीं होती। इसलिए इसका स्वाद हल्का और फ्रेश रहता है। वहीं चीज को बनाने की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। इसमें दूध में बैक्टीरिया या रनेट मिलाया जाता है। इससे फर्मेंटेशन और एजिंग की प्रक्रिया होती है। इसी वजह से चीज का स्वाद ज्यादा गाढ़ा, नमकीन होता है। ये कई अलग-अलग वैरायटी में भी मिलता है। न्यूट्रिशन की बात करें तो दोनों में प्रोटीन और कैल्शियम होता है। लेकिन कई तरह के चीज में फैट और सोडियम की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इसलिए सेवन करते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। सवाल- चीज के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- संतुलित मात्रा में चीज खाने के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। जैसेकि- इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों की मजबूती, ग्रोथ और रिपेयर में मदद करता है। चीज कैल्शियम और फॉस्फोरस का अच्छा सोर्स है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। इसमें मौजूद विटामिन B12 और अन्य B-विटामिन्स एनर्जी प्रोडक्शन और नर्वस सिस्टम के लिए जरूरी हैं। एज्ड चीज में प्रोबायोटिक होते हैं, जो डाइजेस्टिव और गट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। चीज में मौजूद प्रोटीन और फैट लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देते हैं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि चीज में फैट और सोडियम की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इसलिए इसे संतुलित मात्रा में और हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाकर ही खाना बेहतर है। नीचे दिए ग्राफिक से इसके हेल्थ बेनिफिट्स समझिए- सवाल- अगर रोज चीज खाएं तो शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? जवाब- रोज सीमित मात्रा में चीज खाने से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम और प्रोटीन मिलता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। जैसेकि- पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। वजन बढ़ सकता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है। ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है। सवाल- एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में कितनी मात्रा में चीज खा सकता है? जवाब- एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए लगभग 30-40 ग्राम (करीब एक स्लाइस) चीज खाना सुरक्षित है। अगर हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर या मोटापा है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सवाल- किन लोगों को चीज नहीं खाना चाहिए? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि कुछ लोगाें को चीज खाने से बचना चाहिए। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या बाजार में मिलने वाला हर चीज हेल्दी होता है? जवाब- नहीं, बाजार में मिलने वाला हर चीज हेल्दी नहीं होता। कई चीज प्रोसेस्ड होते हैं। इनमें नमक और सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। कुछ में केमिकल और प्रिजर्वेटिव भी हो सकते हैं। इसलिए बाजार से चीज खरीदते समय इंग्रीडिएंट लिस्ट जरूर देखें। सवाल- बाजार से चीज खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? फूड लेबल पर लिखे किस इंग्रीडिएंट पर गौर करना चाहिए? जवाब- बाजार से चीज खरीदते समय उसकी क्वालिटी और न्यूट्रिशनल वैल्यू देखना बहुत जरूरी है। इसके फूड लेबल पर कुछ चीजें जरूर चेक करें। इंग्रीडिएंट चार्ट में दूध, स्टार्टर कल्चर, रेनेट और नमक जैसे बेसिक इंग्रीडिएंट्स देखें। ज्यादा लंबी चौड़ी इंग्रीडिएंट लिस्ट हो तो ध्यान से पढ़ें। मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट देखें। फूला या फटे पैकेट वाला चीज न लें। हमेशा भरोसेमंद ब्रांड से ही खरीदें। ……………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- डेयरी प्रोडक्ट सेहत के लिए कितना फायदेमंद: जानें इनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू, फायदे-नुकसान, किन्हें नहीं खाना चाहिए
Salim Khan Discharge Update | Salman Khan Father Hospital Visit

मुंबई28 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान के पिता और स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उम्मीद की जा रही है कि आज सलीम खान डिस्चार्ज हो सकते हैं। दरअसल, 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने सलीम खान की हेल्थ अपडेट दी थी। हालांकि, उसके बाद परिवार की ओर से मेडिकल अपडेट सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उनकी हेल्थ को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई। वहीं, ‘जी न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 फरवरी को एक्टर एजाज खान अस्पताल पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया था कि सलीम खान की हालत में सुधार हो रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार यानी 23 फरवरी तक वह डिस्चार्ज हो जाएंगे। बता दें कि सलीम खान का हाल जानने कई सेलेब्स पहुंचे। 21 फरवरी को देर शाम शाहरुख खान अस्पताल पहुंचे। इससे पहले रणवीर सिंह, फराह खान, आमिर खान और जावेद अख्तर भी आए थे। परिवार के सदस्य और करीबी अस्पताल पहुंचे, देखें तस्वीरें 22 फरवरी को सुबह-सुबह सोहेल खान अस्पताल के बाहर दिखे। 22 फरवरी को मलाइका अरोड़ा बेटे अरहान के साथ अस्पताल पहुंचीं। 22 फरवरी को सलीम खान की बेटी अर्पिता शर्मा भी अस्पताल में एंटर करती नजर आईं। 21 फरवरी को देर शाम शाहरुख खान की कार लीलावती अस्पताल से बाहर निकलती देखी गई। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। डॉ. जलील पार्कर मुंबई में एक जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट यानी सांस की बीमारी के स्पेशलिस्ट हैं, जो लीलावती हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर से जुड़े हैं। डॉक्टरों ने बताया था कि प्रक्रिया के बाद सलीम खान की हालत स्थिर रही। उन्हें कुछ समय तक निगरानी में रखने का फैसला लिया गया। मेडिकल टीम लगातार उनकी रिकवरी पर नजर बनाए हुए है। परिवार ने हेल्थ अपडेट प्राइवेट रखने को कहा वहीं, 20 फरवरी को जानकारी सामने आई कि सलीम खान का परिवार चाहता है कि उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रखी जाए। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अस्पताल के सार्वजनिक बयान से सलमान खान और उनका परिवार नाराज था। परिवार के करीबी सूत्र ने कहा कि सेहत निजी मामला है और मीडिया से बात परिवार पर छोड़नी चाहिए। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। फैमिली के साथ सलीम खान की पुरानी तस्वीर। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Current Affairs 23 Feb Vp launches atal bihari book xbox ceo change months before gta6 launch

Hindi News Career Current Affairs 23 Feb Vp Launches Atal Bihari Book Xbox Ceo Change Months Before Gta6 Launch 38 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. यूपी में नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी 22 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ने यूपी के मेरठ में नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो की हरी झंडी दिखाकर शुरुआत की। रैपिड रेल से दिल्ली से मेरठ की 82.15 किमी दूरी सिर्फ 55 मिनट में पूरी होगी। 180 किमी प्रति घंटे डिजाइन स्पीड के साथ नमो भारत देश की पहली रैपिड रेल है। रैपिड रेल मेरठ के मोदीपुरम से शुरू होकर दिल्ली के सराय काले खां तक जाएगी। इसमें मेरठ मेट्रो के 13 स्टेशनों होंगे, जबकि पूरे नमो भारत कॉरिडोर में 24 स्टेशन होंगे। पूरे सफर में दो स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे, जबकि बाकी का सफर एलिवेटेड होगा। परियोजना पर दिल्ली मेट्रो और RRTS नेटवर्क की कुल लंबाई 743 किमी हो गई है। पीएम मोदी ने स्कूली बच्चों और डॉक्टरों के साथ रैपिड रेल में सफर किया। पीएम ने 12,930 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और मोहिउद्दीनपुर में जनसभा को संबोधित किया। 2. टिटनेस और डिप्थीरिया की स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च 21 फरवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के कसौली में टिटनेस और डिप्थीरिया की स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च की। वैक्सीन के औपचारिक लॉन्च के बाद अब इसे यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम यानी UIP में शामिल किया जाएगा। केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (CRI) अप्रैल 2026 तक UIP को 55 लाख वैक्सीन डोज उपलब्ध कराएगा। आने वाले सालों में उत्पादन और बढ़ाकर देशभर में टीकाकरण अभियान को और मजबूत किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने बताया कि भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के तहत लगभग 100 देशों को स्वदेशी कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई थी, जिसमें से 48 देशों को मुफ्त वैक्सीन दी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत ने WHO के ग्लोबल रेगुलेटरी बेंचमार्किंग सिस्टम में मैच्योरिटी लेवल 3 हासिल कर लिया है। नियुक्ति (APPOINTMENT) 3. माइक्रोसॉफ्ट Xbox की CEO बनीं आशा शर्मा 21 फरवरी को माइक्रोसॉफ्ट ने अपने गेमिंग डिविजन Xbox की CEO के तौर पर भारतीय मूल की आशा शर्मा को नियुक्त किया। इंडियन-अमेरिकन आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और CEO के तौर पर सत्य नडेला को रिपोर्ट करेंगी। आशा ने टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट और ऑपरेशन के क्षेत्र में लगभग 15 साल तक लीडरशिप रोल्स पर काम किया है। आशा ने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से पढ़ाई की है और 2011 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ी थीं। साल 2017 में आशा ने मेटा में बतौर वाइस प्रेसिडेंट प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग जॉइन किया। यहां उन्होंने मैसेजिंग और इंस्टाग्राम डायरेक्ट के हेड ऑफ प्रोडक्ट की भूमिका निभाई। आशा शर्मा ने Xbox के CEO के तौर पर फिल स्पेंसर की जगह ली, जिन्होंने लगभग 4 दशक तक ये पद संभाला था। फिल स्पेंसर फिलहाल एडवाइजर की भूमिका में बने रहेंगे। इनके अलावा मैट बूटी को एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ कंटेंट ऑफिसर बनाया गया है। गेमिंग इंडस्ट्री के सबसे एंटिसिपेटेड गेम GTA 6 का लॉन्च नवंबर 2026 में होना है। इससे पहले आशा शर्मा की नियुक्ति कंपनी का बड़ा मूव माना जा रहा है। आशा इससे पहले InstaCart की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर थीं। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. भारत-ब्राजील में MSME कोऑपरेशन के लिए MoU साइन 21 फरवरी को भारत और ब्राजील ने माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंटरप्राइजेज यानी MSMEs के क्षेत्र में एक MoU साइन किया। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा ने MoU पर साइन किए। समझौते का उद्देश्य दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजार, नीतियों और चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझना है, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ सके। भारत और ब्राजील आने वाले 5 वर्षों में 20 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार लक्ष्य रख रहे हैं। समझौते के तहत दोनों देश MSMEs से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों देशों के छोटे उद्यमों के फायदे के एक मंच देंगे। ब्राजील के राष्ट्रपति 18 फरवरी से भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 5. पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन 21 फरवरी को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कॉफी टेबल बुक ‘अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन’ का विमोचन किया। नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में कॉफी टेबल बुक ‘अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन’ का विमोचन किया गया। ये किताब पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल द्वारा लिखी गई है, जिसका विमोचन उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया है। ये किताब अटल बिहारी वाजपेयी के सार्वजनिक जीवन, सुशासन, कूटनीतिक दृष्टि और साहित्यिक जीवन पर चित्र और दस्तावेजों पर आधारित है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन पूर्व पीएम वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान 12वें और 13वें लोकसभा में सदस्य थे। पुस्तक विमोचन के मौके पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष और प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ . एम. एम. जोशी मौजूद रहे। आज का इतिहास 23 फरवरी : 1886 में अमेरिकी रसायनशास्त्री मार्टिन हेल ने एल्यूमीनियम की खोज की। 1905 में रोटरी इंटरनेशनल (Rotary International) की स्थापना हुई। और 1969 में हिंदी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस मधुबाला का निधन हो गया। ————- ये खबरें भी पढ़ें… NASA 54 साल बाद चांद पर भेजेगा इंसान, रिहर्सल सफल: गोरखपुर में बनेगा 30 हजार की क्षमता वाला क्रिकेट स्टेडियम; 21 फरवरी के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









