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नए आपराधिक कानूनों को लेकर इंदौर में मंथन:संचालक लोक अभियोजन ने कहा-बदलते विधिक परिदृश्य में अभियोजन अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक

नए आपराधिक कानूनों को लेकर इंदौर में मंथन:संचालक लोक अभियोजन ने कहा-बदलते विधिक परिदृश्य में अभियोजन अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक

अभियोजन अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से रविवार को इंदौर संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लोक अभियोजन मध्यप्रदेश के तत्वावधान एवं संचालक लोक अभियोजन मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला ने किया। विशेष अतिथि के रूप में आरके सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नगरीय), इंदौर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संचालक लोक अभियोजन बीएल प्रजापति ने की। अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। नए आपराधिक कानून 2023 पर मार्गदर्शन अध्यक्षीय उद्बोधन में बीएल प्रजापति ने नए आपराधिक कानून 2023 के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में अभियोजन अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। मुख्य वक्ता न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला ने SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के अंतर्गत पंजीबद्ध प्रकरणों में विचारण के दौरान अभियोजन अधिकारियों की भूमिका पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रत्येक चरण में सशक्त और प्रभावी पैरवी अनिवार्य है। उन्होंने अपने न्यायिक अनुभवों के आधार पर प्रभावी पैरवी के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य व तनाव प्रबंधन पर सत्र कार्यशाला में अमित सिंह सिसोदिया (वाणिज्यिक न्यायालय, इंदौर) और चिराग अरोड़ा ने नए आपराधिक कानून 2023 के तहत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के संग्रहण और न्यायालय में प्रस्तुतीकरण विषय पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके अतिरिक्त साइकोलॉजिस्ट ईशा देशपांडे ने अभियोजन अधिकारियों को पैरवी के दौरान उत्पन्न होने वाले मानसिक दबाव एवं तनाव प्रबंधन के उपाय बताए। कार्यक्रम की शुरुआत योगाचार्य डॉ. दक्षदेव गौड द्वारा योग एवं ध्यान सत्र से हुई। प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समापन कार्यशाला में इंदौर संभाग के विभिन्न न्यायालयों में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अभियोजन अधिकारियों ने सहभागिता की। समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का नेतृत्व उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने किया। अंत में अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी आरती भदौरिया ने आभार व्यक्त किया। संचालन ज्योति आर्य द्वारा किया गया। दक्षता बढ़ाने पर जोर सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अभिषेक जैन ने बताया कि अभियोजन अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में सहायक निदेशक अभियोजन आरएस भदौरिया ने स्वागत भाषण दिया। विशेष अतिथि आरके सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली में अभियोजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अभियोजन की गुणवत्ता को मजबूत करते हैं।

18 Dead, 2 Foreigners Killed

18 Dead, 2 Foreigners Killed

काठमांडू8 मिनट पहले कॉपी लिंक नदी में गिरने से बस बुरी तरह डैमेज हो गई। नेपाल के धादिंग जिले में सोमवार देर रात एक बस हाईवे से नदी में गिर गई। नेपाली मीडिया के मुताबिक हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 घायल हैं। मृतकों में एक पुरुष और एक महिला विदेशी नागरिक शामिल हैं। हालांकि, यह किस देश से थे और इनके नाम अभी सामने नहीं आए हैं। पुलिस बल (APF) के मुताबिक, अब तक 17 शव बरामद किए जा चुके हैं। बाद में एक अन्य यात्री की मौत की पुष्टि हुई, जिससे मृतकों का आंकड़ा 18 हो गया। हादसे में घायल लोगों को रेस्क्यू कर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अब तक मृतकों और घायलों की पहचान नहीं हो सकी है। बस (Ga 1 Kha 1421) पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही थी, तभी किसी कारण ड्राइवर का बस से नियंत्रण खो गया और बस त्रिशूली नदी में जा गिरी। हादसा देर रात करीब रात 1:30 बजे धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग इलाके में हुआ। फिलहाल पुलिस हादसे की अन्य वजहों की भी जांच कर रही है। पोखरा से काठमांडू जा रही बस नदी में गिर गई। इसमें 44 लोग सवार थे। बस में फंसे लोगों का रेस्क्यू करते बचावदल कर्मी। हादसे के समय बस में 44 लोग सवार थे मरने वालों में 12 पुरुषों और 6 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय बस में कुल 44 यात्री सवार थे। घायल 26 यात्रियों को बचा लिया गया है। कुछ का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है, जबकि अधिकांश को आगे के इलाज के लिए काठमांडू रैफर कर दिया गया है। यह दुर्घटना आधी रात को होने के कारण बचाव अभियान में परेशानी हुई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों ने स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर बचाव कार्य किया। बारातियों से भरी बस खाई में गिरी थी इससे पहले नेपाल के बैतड़ी जिले में 5 फरवरी को बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में 13 बारातियों की मौत हो गई, जबकि 34 लोग घायल हो गए थे। बस गांव से दुल्हन लेकर सुनकुड़ा जा रही थी। बस एक मोड़ पर चढ़ाई के दौरान अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में गिर गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हादसे ओवरलोडिंग के कारण हुआ था। वहीं, साल 2024 में लैंडस्लाइड की वजह से दो बसें त्रिशूली नदी में बह गईं थीं। दोनों बसों में चालकों समेत 63 लोग सवार थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में 7 भारतीयों और एक बस चालक की मौत हुई। 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। लैंडस्लाइड के कारण बस फिसल कर नदी में जा गिरी थी। भगवान शिव के त्रिशूल से जुड़ी है त्रिशूली नही त्रिशूली नदी नका नाम भगवान शिव के त्रिशूल से आया है। इसके पीछे एक प्रचलित कथा है कि गोसाइकुंडा (एक पवित्र जगह) में शिव जी ने अपना त्रिशूल जमीन में गाड़ा, जिससे तीन झरने निकले और ये नदी बनी। ये तिब्बत (चीन) के ग्यिरोंग काउंटी में शुरू होती है। वहाँ दो नदियाँ – क्यिरोंग त्सांगपो और लेंदे खोला से मिलकर त्रिशूली बनाती हैं। नेपाल में ये रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन जैसे जिलों से गुजरती है। पृथ्वी हाईवे के साथ-साथ बहती है, जो काठमांडू और पोखरा को जोड़ता है। आखिर में ये नारायणी नदी (गंडकी नदी) में मिल जाती है। इसकी लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है। पुराने समय में ये काठमांडू वैली और तिब्बत के बीच व्यापार का मुख्य रास्ता था। ये नदी स्थानीय लोगों के लिए पानी, सिंचाई, मछली पकड़ने और संस्कृति का हिस्सा है। पर्यटन (राफ्टिंग, ट्रेकिंग) से भी अर्थव्यवस्था को फायदा होता है। नदी के किनारे कई रिजॉर्ट्स, होटल और गांव हैं, जहां बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। ये इलाका बौद्ध और हिंदू संस्कृति का मिश्रण है। हालांकि, मानसून में तेज बहाव, लैंडस्लाइड के कारण और यहां कई दुखद घटनाएँ हुई हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें… मेक्सिकन सेना के ऑपरेशन में ड्रग-कार्टेल लीडर की मौत:भड़के समर्थकों का हिंसक प्रदर्शन, एयरपोर्ट में तोड़फोड़, गाड़ियां फूंकी; 136 करोड़ का इनामी था मेक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत देश के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल के लीडर को मार गिराया। नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था और दुनिया के मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों में शामिल था। पूरी खबर पढ़े… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मुकुल रॉय का निधन: बंगाल के मास्टर रणनीतिकार जो कभी थे टीएमसी के नंबर 2 | राजनीति समाचार

A vehicle sits charred after being set on fire, on a road in Guadalajara, Jalisco state, Mexico, Sunday, Feb. 22, 2026, after the death of the leader of the Jalisco New Generation Cartel, Nemesio Rubén Oseguera Cervantes, known as"El Mencho." (AP)

आखरी अपडेट:23 फ़रवरी 2026, 07:42 IST सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलनों के दिनों से लेकर पश्चिम बंगाल में पार्टी की सत्ता तक पहुंचने तक, रॉय ने बनर्जी के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुकुल रॉय. (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) वरिष्ठ राजनेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का रविवार रात 1.30 बजे कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे और लंबे समय से कई बीमारियों से पीड़ित थे। रॉय लंबे समय से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी और भरोसेमंद विश्वासपात्र थे। अपने संगठनात्मक कौशल और रणनीतिक कौशल के लिए बंगाल की राजनीति के “चाणक्य” के रूप में जाने जाने वाले, उन्हें अक्सर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में दूसरे नंबर के नेता के रूप में माना जाता था। सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलनों के दिनों से लेकर पश्चिम बंगाल में पार्टी के सत्ता में आने तक, रॉय ने बनर्जी के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रॉय ने दूसरी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान जहाजरानी मंत्रालय और बाद में रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनने के लिए ममता बनर्जी द्वारा रेल मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, रॉय को रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। बनर्जी ने टीएमसी के लिए रेलवे विभाग अपने पास रखने की इच्छा व्यक्त की थी और व्यक्तिगत रूप से तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह से रॉय की सिफारिश की थी। टीएमसी के गठन से पहले, रॉय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे। 2017 में उन्होंने खुद को तृणमूल कांग्रेस से अलग कर लिया और उसी साल 25 सितंबर को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बाद में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया और 11 अक्टूबर, 2017 को अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद, वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए, 2017 से 2021 तक पार्टी के साथ रहे। उन्होंने 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद टीएमसी में लौट आए। 11 जून, 2021 को वह अपने बेटे के साथ ममता बनर्जी की उपस्थिति में फिर से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। 13 नवंबर, 2025 को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दलबदल के आधार पर विधान सभा सदस्य (एमएलए) के रूप में उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। अपने राजनीतिक करियर के दौरान, रॉय से सारदा चिट फंड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी पूछताछ की थी। उनके निधन से पश्चिम बंगाल की राजनीति ने अपने सबसे प्रभावशाली रणनीतिकारों में से एक और तृणमूल कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत के प्रमुख वास्तुकार को खो दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 फ़रवरी 2026, 07:42 IST समाचार राजनीति मुकुल रॉय का निधन: बंगाल के मास्टर रणनीतिकार जो कभी थे टीएमसी के नंबर 2 अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मुकुल रॉय की मृत्यु(टी)मुकुल रॉय मृत्युलेख(टी)मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस(टी)मुकुल रॉय बीजेपी(टी)मुकुल रॉय रेल मंत्री(टी)मुकुल रॉय ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)मुकुल रॉय सारदा मामला

एलर्जी से हैं परेशान? पहाड़ों की इन 4 जड़ी-बूटियों से बनाएं ये कमाल का लेप, खुजली-जलन से मिलेगी राहत – Uttarakhand News

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Last Updated:February 23, 2026, 07:31 IST पहाड़ों की शुद्ध हवा और पानी के साथ-साथ यहां की वनस्पतियां भी औषधीय गुणों का खजाना हैं. त्वचा की जिद्दी एलर्जी, खुजली और लालिमा से परेशान लोगों के लिए पहाड़ों का एक पारंपरिक नुस्खा आज भी रामबाण माना जाता है. रतप्त्या, खोचड्या, पछपत्या और गोलपत्या जैसी चार खास जड़ी-बूटियों का यह मिश्रण बीहड़ राहत देने वाला है. पिथौरागढ़: पहाड़ न सिर्फ अपने खान-पान के लिए बल्कि औषधीय पौधों और वनस्पतियों के लिए भी बहुत प्रसिद्ध हैं. यहां की हवा, पानी और पेड़-पौधे सभी औषधीय गुणों से भरपूर माने जाते हैं. त्वचा की एलर्जी एक ऐसी समस्या है जो दिखने में भले ही छोटी लगे, लेकिन इसकी परेशानी बहुत ज्यादा होती है. यदि आप बार-बार त्वचा की खुजली, लालिमा या जलन से परेशान रहते हैं, तो पहाड़ों में प्रचलित चार खास जड़ी-बूटियों का लेप आज भी एक भरोसेमंद घरेलू नुस्खा बना हुआ है. इन चार पौधों में छिपा है एलर्जी का इलाजपहाड़ों के बुजुर्ग त्वचा संबंधी रोगों के लिए चार विशेष पौधों के मिश्रण की सलाह देते हैं. इन पौधों के स्थानीय नाम रतप्त्या, खोचड्या, पछपत्या और गोलपत्या हैं. ये पौधे पहाड़ी इलाकों की ढलानों और जंगलों में आसानी से मिल जाते हैं. स्थानीय लोगों का अटूट विश्वास है कि इन पौधों का इस्तेमाल करने से त्वचा की बीमारियों में वाकई आराम मिलता है और लोग इन्हें सालों से घरेलू उपचार के रूप में अपनाते आ रहे हैं. लेप बनाने की विधि और इस्तेमाल का तरीकाइस प्राकृतिक लेप को बनाने का तरीका बहुत ही सरल और प्रभावी है. सबसे पहले इन चारों पौधों की ताजी पत्तियां तोड़ी जाती हैं. पत्तियों को साफ पानी से धोने के बाद इन्हें सिलबट्टे या ओखली में बारीक पीस लिया जाता है. जब यह पूरी तरह पिसकर एक गाढ़ा हरा पेस्ट बन जाता है, तो इसे प्रभावित जगह पर लगाया जाता है. जहां भी एलर्जी, खुजली या सूजन हो, वहां इसे रोज कुछ दिनों तक लगाने से काफी राहत महसूस होने लगती है. क्या कहती हैं गांव की बुजुर्ग महिलाएं?गांव की रहने वाली नर्वदा देवी बताती हैं, “हम बचपन से देखते आए हैं कि घर के बड़े लोग इन्हीं जड़ी-बूटियों को पीसकर लेप बनाते थे. जब भी परिवार में किसी को खुजली या त्वचा की एलर्जी होती थी, तो सबसे पहले यही लेप लगाया जाता था और कुछ ही दिनों में आराम मिल जाता था.” आज भी बहुत से लोग बाजार की दवाओं के बजाय इस प्राकृतिक उपाय को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि यह पूरी तरह से शुद्ध है. सावधानी भी है जरूरीपहाड़ी लोगों का अनुभव भले ही इस नुस्खे को सफल बताता है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है. इसलिए किसी भी तरह का घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले किसी जानकार, स्थानीय वैद्य या डॉक्टर से परामर्श लेना हमेशा बेहतर रहता है ताकि उपचार सुरक्षित और सही दिशा में हो सके. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Pithoragarh,Uttarakhand First Published : February 23, 2026, 07:31 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

MP में महंगी हो सकती है बिजली:10 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव; आम आदमी पर पड़ेगा 3600 रुपए सालाना का बोझ

मध्य प्रदेश के सवा करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली का एक और बड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की दरों में 10.19% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) को सौंपा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली नई दरें आम आदमी के घरेलू बजट पर असर डालेगी। अनुमान है कि इस वृद्धि से प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता पर सालाना 3600 रुपए से ज्यादा का बोझ पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोयले पर जीएसटी सेस हटने के बाद उत्पादन का खर्च कम हो चुका है। इसके बाद भी कंपनियों ने बिजली के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मंडे स्टोरी में पढ़िए बिजली कंपनियों ने दाम बढ़ाने के लिए कौन से तर्क दिए हैं और आम आदमी पर किस तरह से असर पड़ेगा…। 300 रुपए महीना बढ़ सकता है बिजली का खर्च बिजली कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में लगातार बढ़ते घाटे, परिचालन लागत में वृद्धि और अन्य वित्तीय चुनौतियों का हवाला दिया है। इस बार पावर मैनेजमेंट कंपनी ने कुल 6,044 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई के लिए यह मांग रखी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, यदि कोई परिवार हर महीने 400 यूनिट बिजली की खपत करता है, तो उसका वर्तमान बिल जो लगभग 3250 रुपये आता है, वह बढ़कर 3550 रुपये से अधिक हो जाएगा। यह सीधे तौर पर 300 रुपये की मासिक वृद्धि है। यानी सालाना हिसाब देखे तो 3600 रु. सालाना बिजली का खर्च बढ़ जाएगा। क्यों बढ़ाई जा रही हैं दरें? कंपनियों ने गिनाए ये कारण बिजली कंपनियों का तर्क है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वे भारी घाटे में चल रही हैं। प्रस्ताव पर उठे सवाल इस प्रस्ताव पर कई गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं, जो बिजली कंपनियों और सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करते हैं। 4,800 करोड़ की रुकी वसूली का अनसुलझा पेंच मामले में एक और बड़ा वित्तीय पेंच फंसा हुआ है। विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले, तत्कालीन सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए 31 अगस्त 2023 तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिलों की वसूली स्थगित कर दी थी। यह राशि लगभग 4,800 करोड़ रुपये है। विद्युत वितरण कंपनियों को इस राशि की भरपाई सरकार करने वाली थी, लेकिन अब तक नहीं हुई है। अब यह राशि उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी या कोई और विकल्प खोजा जाएगा, इसका फैसला करने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इसके अलावा, कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं से 1,373 करोड़ रुपये और कृषि उपभोक्ताओं से 2,790 करोड़ रुपये की पुरानी बकाया राशि वसूलने का भी प्रस्ताव रख रही हैं। सरकार का विरोधाभासी रुख और मंत्री का बयान दिलचस्प बात यह है कि यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार के हालिया दावों के ठीक विपरीत है। कुछ समय पहले ही अपने दो वर्ष के कार्यकाल पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा था कि सरकार का प्रयास है कि उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े और बिजली टैरिफ में कोई वृद्धि न हो। उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2028 तक प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियां घाटे से उबर जाएंगी। जब उनसे बिजली सस्ती करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्रदेश में 1 करोड़ 35 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब एक करोड़ तो सिर्फ 100 रुपए में बिजली वाली सब्सिडी स्कीम (अटल गृह ज्योति योजना) से जुड़े हैं। ऐसे में सस्ती बिजली कैसे देंगे?” 24 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रस्ताव पर सुनवाई राज्य विद्युत नियामक आयोग इस प्रस्ताव पर 24 से 26 फरवरी तक जनसुनवाई करेगा, जिसमें विभिन्न उपभोक्ता संगठन, उद्योगपति और आम नागरिक अपना पक्ष रखेंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा। यदि आयोग इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी देता है, तो 1 अप्रैल, 2026 से नई महंगी दरें पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी।आम जनता को अब आयोग के फैसले का इंतजार है, जिस पर उनके घर का बजट टिका हुआ है।

Sidhu Moose Wala Fans Celebrate in South Africa; Car Music & Hooting

Sidhu Moose Wala Fans Celebrate in South Africa; Car Music & Hooting

सिद्धू मूसेवाला के गीत पर मस्ती करते साउथ अफ्रीका के फैंस। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मौत के 4 साल बाद भी फैंस में उनका क्रेज कम नहीं हुआ। देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी उनके चाहने वाले बढ़ें हैं। साउथ अफ्रीका में उनका क्रेज दिखाता एक वीडियो सामने आया है, जिसमें फैंस ड्राइविंग के दौरान गाड़ी में सिद . साउथ अफ्रीका में सिद्धू के क्रेज और पंजाबी बीट के साथ ड्राइविंग का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो पर लोगों ने लिखा- पंजाब से मीलों दूर होने के बावजूद पंजाबी संगीत के प्रति यह प्यार अलग-अलग देशों और कल्चर से दिलों को जोड़ता है। मूसेवाला को लेकर यह क्रेज दिखाता है कि संगीत बॉर्डर और लैंग्वेज नहीं रोक सकते। सिद्धू मूसेवाला की आवाज आज भी लोगों में जोश भर रही है। बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की मानसा के गांव जवाहके में 29 मई 2022 को गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी। कत्ल की जिम्मेदारी गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ ने ली। मौत के बाद सिद्धू मूसेवाला के रिकॉर्डेड गीतों को उनके पिता बलकौर सिंह हर साल रिलीज करते हैं। 4 साल में सिद्धू के 9 गीत आ चुके हैं और उन्हें पहले से भी ज्यादा व्यू मिल रहे हैं। गाड़ी में लगाए सिद्धू मूसेवाला के झंडे को चूमता एक फैन। साउथ अफ्रीका की गाड़ियों में सिद्धू के झंडे इंडिया से बाहर सिद्धू मूसेवाला का क्रेज इस कद्र है कि साउथ अफ्रीकी देशों में कई फैंस ने अपनी गाड़ियों में सिद्धू मूसेवाला के झंडे लगा रखे हैं। इन पर सिद्धू मूसेवाला का चेहरा है। एक फैंस ने इसका वीडियो जारी किया है। इसमें वह सिद्धू मूसेवाला के झंडे को बार-बार चूमता है और सिद्धू को लेकर अपना प्यार जाहिर करता है। अफ्रीका का व्यक्ति गर्व के साथ सिद्धू के झंडे को प्यार से गले लगाता है। PM मोदी के बराबर पहुंचे सिदधू मूसेवाला के सब्सक्राइबर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला को इस दुनिया से गए हुए लगभग चार साल हो गए हैं, लेकिन उनका क्रेज फैंस में पहले की तरह बरकरार है। इस चीज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मूसेवाला के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर उनके सब्सक्राइबर देश के PM नरेंद्र मोदी के लगभग बराबर हो गए हैं। सिद्धू के सब्सक्राइबर इस समय 29.8 मिलियन हैं, जबकि PM मोदी के 29.9 मिलियन हैं। सिद्धू मूसेवाला के होलोग्राम शो की एक झलक। (फाइल फोटो) इस साल आने वाला है होलोग्राम शो सिद्धू मूसेवाला का इस साल होलोग्राम शो आने वाला है। फैंस को इसका बेसब्री से इंतजार है। सिद्धू के पिता होलग्राम शो की बात कह चुके हैं। इटली की टीम इस शो को डिजाइन कर रही है। इससे पहले सिद्धू का बरोटा गीत रिलीज किया गया था जिसे लोगों का भरपूर प्यार मिला। सिद्धू के पिता बलकौर का कहना है कि हर साल भी सिद्धू का गीत रिलीज करते रहे तो 30 साल निकल जाएंगे। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी के बराबर सिदधू मूसेवाला के सब्सक्राइबर:4 साल में यूट्यूब पर 19.8 मिलियन फॉलोअर्स बढे़, हत्या के बाद 13 गाने रिलीज हो चुके पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला को इस दुनिया से गए हुए लगभग चार साल हो गए हैं, लेकिन उनका क्रेज फैंस में पहले की तरह बरकरार है। इस चीज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मूसेवाला के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर उनके सब्सक्राइबर देश के PM नरेंद्र मोदी के लगभग बराबर हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Supreme Court Meta WhatsApp Privacy Hearing Today

Supreme Court Meta WhatsApp Privacy Hearing Today

Hindi News National Supreme Court Meta WhatsApp Privacy Hearing Today | 213 Cr Fine Decision नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट में मेटा और वॉट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी मामले पर आज सुनवाई होगी। मेटा ने अपनी 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर उसपर लगाए गए 213 करोड़ के जुर्माने के खिलाफ याचिका दायर की थी। कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने नवंबर 2024 में मेटा पर 213.14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। 3 फरवरी को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और वॉट्सएप को उनकी प्राइवेसी पॉलिसी पर कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे। आप इस देशवासियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। मामला पर मुख्य न्यायाधीश सूर्याकांत की बेंच के सुनवाई कर रही है। बेंच में जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस एन वी अंजारिया भी शामिल हैं। इसको लेकर 9 फरवरी को सुनवाई होनी थी लेकिन वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की तबीयत खराब होने के कारण सुनवाई टाल दी गई थी। पिछली सुनवाई… 3 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट बोला- मेटा-वॉट्सएप कानून मानें या भारत छोड़ें सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मेटा और वॉट्सएप को उनकी प्राइवेसी पॉलिसी पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे। CJI सूर्यकांत ने कहा कि देश में लोगों के प्राइवेसी के अधिकार की कड़ी सुरक्षा की जाती है। कोर्ट ने कहा कि इन एप्स में गोपनीयता से जुड़ी शर्तें इतनी चालाकी से लिखी जाती हैं कि आम आदमी उन्हें समझ ही नहीं पाता। यह लोगों की निजी जानकारी चोरी करने का शालीन तरीका है। कोर्ट ने कहा कि हम आपको ऐसा करने की अनुमति नहीं देंगे। आपको इस पर साफ-साफ भरोसा दिलाना होगा, नहीं तो कोर्ट को आदेश जारी करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… ————- ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर- क्या वॉट्सएप भारत में नहीं चलेगा: प्राइवेसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चेताया; चोरी से यूजर्स का डेटा बेचने का क्या मामला 140 करोड़ की आबादी वाले हिंदुस्तान में सोशल मैसेजिंग एप ‘वॉट्सएप’ के 85 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। अब इसी वॉट्सएप को सुप्रीम कोर्ट ने भारत छोड़ने की चेतावनी दे दी है। वजह है- एड, यूजर डेटा और प्राइवेसी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत सबसे बड़े ड्रग तस्कर नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। एल मेंचो मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। एल मेंचो की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने जलिस्को और दूसरे राज्यों में कई घंटों तक सड़क जाम कर दी। आसपास खड़ी सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलिस्को के टूरिस्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। लोग डर के चलते एयरपोर्ट भाग रहे हैं। एयर कनाडा ने अनाउंस किया कि वह चल रही सिक्योरिटी सिचुएशन की वजह से प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर रहा है और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की एडवाइस दी। हिंसा के बाद की 4 तस्वीरें… ट्रम्प ने कार्टेल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था US स्टेट डिपार्टमेंट ने एल मेंचो की अरेस्ट में मदद करने वाली इन्फॉर्मेशन देने वाले को USD 15 मिलियन तक का इनाम देने का ऑफर दिया था। जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल जिसे CJNG के नाम से जाना जाता है। मैक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से बढ़ने वाले क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन में से एक है। यह कार्टेल 2009 में बना था। इसी साल फरवरी में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को एक विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक इस कार्टेल को सिनालोआ कार्टेल जितना ही ताकतवर मानता है, जो मैक्सिको के सबसे बदनाम क्रिमिनल ग्रुप में से एक है। इसकी मौजूदगी अमेरिका के सभी 50 राज्यों में है, जहां यह टनों ड्रग्स बांटता है। यह अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक है और सिनालोआ कार्टेल की तरह, फेंटानिल और मेथामफेटामाइन के प्रोडक्शन से अरबों कमाता है।

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिको में सेना ने ड्रग तस्कर को मार गिराया:समर्थक भड़के; एयरपोर्ट में तोड़फोड़ की, सड़क पर सैकड़ो गाड़ियों में आग लगाई

मैक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत सबसे बड़े ड्रग तस्कर नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। एल मेंचो मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। एल मेंचो की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने जलिस्को और दूसरे राज्यों में कई घंटों तक सड़क जाम कर दी। आसपास खड़ी सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलिस्को के टूरिस्ट शहर प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। लोग डर के चलते एयरपोर्ट भाग रहे हैं। एयर कनाडा ने अनाउंस किया कि वह चल रही सिक्योरिटी सिचुएशन की वजह से प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर रहा है और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की एडवाइस दी। हिंसा के बाद की 4 तस्वीरें… ट्रम्प ने कार्टेल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था US स्टेट डिपार्टमेंट ने एल मेंचो की अरेस्ट में मदद करने वाली इन्फॉर्मेशन देने वाले को USD 15 मिलियन तक का इनाम देने का ऑफर दिया था। जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल जिसे CJNG के नाम से जाना जाता है। मैक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से बढ़ने वाले क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन में से एक है। यह कार्टेल 2009 में बना था। इसी साल फरवरी में ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को एक विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया। अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक इस कार्टेल को सिनालोआ कार्टेल जितना ही ताकतवर मानता है, जो मैक्सिको के सबसे बदनाम क्रिमिनल ग्रुप में से एक है। इसकी मौजूदगी अमेरिका के सभी 50 राज्यों में है, जहां यह टनों ड्रग्स बांटता है। यह अमेरिकी मार्केट में कोकीन के मुख्य सप्लायर में से एक है और सिनालोआ कार्टेल की तरह, फेंटानिल और मेथामफेटामाइन के प्रोडक्शन से अरबों कमाता है।

एमपी-छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट:राजस्थान-झारखंड के 3 जिलों में पारा 34°C पार; सिक्किम में बर्फबारी, त्सांगू में 350 टूरिस्ट गाड़ियां फंसी

उत्तराखंड के 5 जिलों में बर्फबारी, केदारनाथ में तापमान -12°C:एमपी के 3 जिलो में बूंदाबांदी, कई शहरों में कोहरा; राजस्थान में टेंपरेचर 30°C से ऊपर

देश में फरवरी के आखिरी हफ्ते में 3 तरह का मौसम चल रहा है। उत्तरभारत में बर्फबारी और कोहरे का असर है। मैदानी राज्यों में दिन में 34 का आंकड़ा पार गया है। वहीं पूर्व और पश्चिम के 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के बाड़मेर, झारखंड के सरायकेला और चाईबासा में फरवरी में ही पारा 34 डिग्री का आंकड़ा क्रॉस कर गया है। इधर, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के कारण 23 फरवरी को 10 राज्यों में बारिश की संभावना है। नॉर्थ ईस्ट में सिक्किम में रविवार को भारी बर्फबारी हुई। इसके कारण राज्य के शेरेथांग इलाके में जवाहरलाल नेहरू रोड पर सिप्सू और 16th माइल के बीच त्सांगू के पास करीब 350 टूरिस्ट गाड़ियां फंसी हुई हैं। बच्चों समेत करीब 46 टूरिस्ट को कुछ समय के लिए रहने और सुरक्षा के लिए 17th माइल पर आर्मी ट्रांज़िट कैंप में भेज दिया गया है। सेना ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है। मौसम विभाग ने आज असम, मेघालय, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बर्फबारी की तस्वीरें… अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम…