Sunday, 31 May 2026 | 01:56 PM

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andhra pradesh vs bihar police : IPS Sunil Nayak Arrest | कौन है यह IPS अधिकारी, जिसको लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार में शुरू हो गया ‘ऐलान-ऐ-जंग’, कौन गलत कौन सही?

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पटना. बिहार कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील नायक की गिरफ्तारी को लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार आमने-सामने आ गए हैं. बिहार की राजधानी पटना में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने बिहार फायर सर्विस विभाग के आईजी सुनील नायक के आवास पर छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी साल 2021 के एक पुराने मामले से जुड़ी है, जिसमें आरोप है कि तत्कालीन सीआईडी में तैनाती के दौरान सुनील नायक ने टीडीपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधानसभा उपाध्यक्ष के. रघुरमा कृष्ण राजू को हिरासत के दौरान बुरी तरह प्रताड़ित किया था. सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस ने आईजी सुनील नायक को आईपीसी की धारा 307 हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया था. लेकिन पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की दलील को मानने से इंकार करते हुए नायक को ट्रांजिट रिमांड नामंजूर कर दिया. ऐसे में बड़ा सवाल आंध्र प्रदेश पुलिस इतनी जल्दबाजी में एक आईपीएस अधिकारी पर एक्शन क्यों लिया? क्यों नायक की गिरफ्तारी से पहले उन्हें सूचना नहीं दी गई? क्या यह मामला राजनीति से प्रेरित है? क्या एक आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी से पहले केंद्र सरकार को सूचना दी गई थी? दरअसल आंध्रप्रदेश पुलिस ने जिस अंदाज में सोमवार को पटना पहुंचकर फायर विभाग के आईजी सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार किया था, उस तरीके को कोर्ट ने गलत करार दिया है. कोर्ट ने आईजी सुनील कुमार नायक की गिरफ्तारी को ही अवैध ठहरा दिया है. कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका को खारिज कर दिया है. ट्रांजिट रिमांड के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने आवेदन किया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए जाने के कारण पटना सिविल कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया. क्या है रघुरमा कृष्ण राजू मामला? यह मामला मई 2021 का है, जब आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी. उस समय रघुरमा कृष्ण राजू वाईएसआर कांग्रेस के सांसद थे, लेकिन उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. सीआईडी ने उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था. नायक उस समय आंध्र प्रदेश में सीआईडी में तैनात थे. राजू का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उनके पैरों के तलवों पर लाठियों से प्रहार किया. नायक के वकील का दावा नायक के वकील का दावा है कि साल 2024 में आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद राजू ने प्रतिनियुक्ति पर आए सुनील नायक सहित कई अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री जगन रेड्डी के खिलाफ हत्या के प्रयास और हिरासत में प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया. क्योंकि राजू अब टीडीपी में हैं औऱ विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं. राज्य में चंद्रबाबू नायडु की सरकार है और एनडीए में होने के कारण उनका नीतीश कुमार से साथ भी रिश्ता अच्छा है. ऐसे में यह मामला राजनीतिक पुर्वाग्रह से ग्रस्त नजर आ रहा है. आईपीएस को लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश में टकराव सुनील नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद वे वापस अपने मूल कैडर बिहार लौट आए थे. आंध्र पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से बिहार पुलिस महकमे में नाराजगी देखी गई. छापेमारी के दौरान पटना के स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे, लेकिन बिहार पुलिस के कई आला अधिकारियों का मानना है कि एक सीनियर आईपीएस के खिलाफ ऐसी कार्रवाई के लिए प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. नायक के वकील ने आंध्र प्रदेश पुलिस पर राजनीतिक द्वेष के तहत काम करने का आरोप लगाया है. वकील का तर्क है कि नायक को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने उस समय अपनी ड्यूटी निभाई थी. गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही बिहार सरकार से आवश्यक अनुमति ली गई. वकील ने आरोप लगाया कि आंध्र पुलिस ने नायक के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया, जो एक सेवारत आईजी रैंक के अधिकारी की गरिमा के खिलाफ है.

how to strong your teeth, Dr. Kommalu Tejavath Reccomand | डॉ. कोमालु तेजावथ डेंटिस्ट दांतों को मजबूत कैसे करें

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Last Updated:February 23, 2026, 18:50 IST Dentist Recommend 5 Tips for strong Teeth: दांतों की देखभाल कोई मुश्किल काम नहीं है, बस नियमितता और थोड़ी जागरूकता की जरूरत है. अगर आप रोजाना सही तरीके से ब्रश करते हैं और कुछ बातों का ख्याल रखते हैं तो कभी दांत या ओरल हेल्थ खराब नहीं होंगे. क्लोव क्लीनिक के डेंटिस्ट डॉ. डॉ. कोम्मलु तेजावथ ने इसके लिए 5 सिंपल नुस्खे सुझाएं हैं. आइए जानते हैं. ओरल हेल्थ सही करने का तरीका. Dentist Recommend 5 Tips for strong Teeth: हम अक्सर दांतों को सिर्फ चबाने का साधन समझ लेते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गहरी है. मुंह हमारे शरीर का सबसे पहला प्रवेश द्वार है और दांत उसकी सुरक्षा की पहली दीवार. मुंह में इतने तरह के हार्मोन और रसायन निकलते हैं कि यहीं से पाचन समेत शरीर के लिए कई तरह की प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती है. अगर दांत और मसूड़े स्वस्थ नहीं हैं तो इसका असर सिर्फ मुंह तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिल, दिमाग और पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है. कई शोधों में यह सामने आया है कि मसूड़ों की बीमारी और दिल की बीमारियों के बीच संबंध हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि हम अपने दांतों को फौलाद जैसे मजबूत तो बनाए ही, साथ ही इतना साफ रखें कि कोई बीमारी न हो. इसके लिए हमने क्लोव डेंटल सीनियर कंसल्टेंट और प्रोस्थोडॉन्टिस्ट डॉ. कोम्मलु तेजावथ से बात की. संपूर्ण ओरल हेल्थ के लिए क्या करें सबसे पहले दांतों की सफाई-डॉ. कोम्मलु तेजावथ ने बताया कि दांतों को फौलान बनाने और संपूर्ण ओरल हेल्थ की सबसे पहली शर्त यह है कि दांतों को रोजाना ब्रश से साफ करें. ब्रश से साफ करने के तरीके को जानना जरूरी है. ब्रश आपका हमेशा सॉफ्ट होना चाहिए लेकिन बहुत ज्यादा सॉफ्ट नहीं. ब्रश में पेस्ट लगाकर जब दांतों को घिसे तो ब्रश को इस तरह से रखें कि 45 डिग्री को एंगल बनता रहे. हमेशा मसूड़ो में ब्रश को लगाएं और वहां से उपर की ओर दांतों को घिसे. सीधी लाइन में आगे-पीछे न करें. कोशिश ऐसी होनी चाहिए कि दो दांतों के बीच में जो गैप होता है उसमें कोई भोजन के कण न हो. इसके साथ ही आपका पेस्ट बढ़िया होना चाहिए. जिस पेस्ट में कई तरह के केमिकल हो, उसका इस्तेमाल न करें. ब्रश दो मिनट से ज्यादा न करें. यदि आपको लगता है कि दिन भर खाने-पीने के बाद दांतों में भोजन के कण जमे हुए हैं तो रात में जरूर ब्रश करें. जीभ पर ब्रश और मुंह की सफाई- यह बहुत जरूरी चीज है. जब भी ब्रश करें ब्रश को जीभ पर भी फेरे. इसे ज्यादा न फेरे लेकिन एक-दो बार जीभ पर पेस्ट लगे ब्रश को जरूर फेरे. इससे जीभ पर जो हानिकारक बैक्टीरिया होंगे, वे मर जाएंगे. क्योंकि जीभ पर बैक्टीरिया की परत जम जाती है, जिससे मुंह से बदबू आने लगती है. रोजाना ब्रश के बाद टंग क्लीनर से जीभ साफ करें. इसके अलावा अल्कोहल-फ्री माउथवॉश का उपयोग करने से मुंह के कीटाणु कम होते हैं और सांस ताजा रहती है. यह मसूड़ों को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है. हालांकि माउथवॉश ब्रश का विकल्प नहीं है, बल्कि यह अतिरिक्त सुरक्षा देता है. सप्ताह में दो तीन दिन माउथवॉश से मुंह को साफ करें. नमक-पानी का गराड़ा-डॉ. कोम्मलु तेजावथ कहते हैं कि मुंह में किसी तरह की बीमारी न पनपे, इसके लिए आप एक-दो दिनों पर नमक और पानी का गराड़ा जरूर करें. हल्का गुनगुना पानी में थोड़ा सा नमक मिला दें और इसे अगर रोज गराड़ा कर सकते हैं तो एक बार जरूर करें. इससे आपका मुंह हमेशा साफ रहेगा और दांतों की परत मटमैली नहीं होगी. इससे बैक्टीरिया या हानिकारक सूक्ष्मजीवों का बसेरा न हो पाएगा. हफ्ते में 1-2 बार करें नेचुरल क्लीनिंग- डॉ. कोम्मलु कहते हैं कि पुराने जमाने में शायद ही किसी के दांत में गंदगी होती हो या खराब होते हो. इसके कई कारण थे. पुराने जमाने में लोग नीम के डाल के दातुन बनाते थे. इसके साथ ही वे कई तरह के अन्य पेड़ से दातुन बनाते थे. यह तरीका आज भी दुरुस्त है. आप नीम के डाल से दातुन बना लें और इसके एक सिरे को घिसकर पहले इसे ब्रश की तरह सॉफ्ट कर लें फिर इससे ब्रश करें. नीम के दातुन से सप्ताह में दो बार ब्रश कर लेंगे तो मुंह से कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया का खात्मा हो जाएगा. नीम की दातुन भी एक पारंपरिक और प्रभावी तरीका है, जो मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है और बैक्टीरिया कम करता है. इससे मुंह का दुर्गंध भी कम होता है. यह कैविटी, पायरिया जैसी समस्याओं से बचाता है. साल में दो बार डेंटल चेकअप जरूर कराएं-यह एक बेहद जरूरी लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली सलाह है. चाहे आपको कोई समस्या महसूस न हो, फिर भी साल में कम से कम दो बार डेंटिस्ट से जांच जरूर कराएं. कई बार दांतों या मसूड़ों की समस्या शुरुआती चरण में दर्द नहीं देती, लेकिन अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है. समय पर जांच कराने से कैविटी, मसूड़ों की सूजन, पायरिया या अन्य संक्रमण का जल्दी पता चल जाता है और इलाज आसान हो जाता है. पेशेवर क्लीनिंग से जमी हुई टार्टर भी हट जाती है, जिसे सामान्य ब्रश से साफ नहीं किया जा सकता. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें First Published : February 23, 2026, 18:50 IST

‘द केरल स्टोरी 2' टीम का बड़ा दावा:30 पीड़ितों को मीडिया के सामने पेश किया, प्रोड्यूसर बोले- जबरन धर्मांतरण की सच्चाई देश को जाननी चाहिए

‘द केरल स्टोरी 2' टीम का बड़ा दावा:30 पीड़ितों को मीडिया के सामने पेश किया, प्रोड्यूसर बोले- जबरन धर्मांतरण की सच्चाई देश को जाननी चाहिए

फिल्म ‘द केरल स्टोरी-2: गोस बियॉन्डट को लेकर सोमवार को राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई। फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए फिल्म के विषय और उसके पीछे की कथित वास्तविक घटनाओं की वजह से उठा विवाद दोनों पर विस्तार से बात की। 33 पीड़ितों की मौजूदगी प्रेस कॉंफ्रेंस मेंनिर्माता विपुल शाह ने 30 से अधिक लोगों को पेश किया जिन्हें उन्होंने जबरन धर्मांतरण का वास्तविक शिकार बताया। शाह के अनुसार ये पीड़ित देश के विभिन्न भागों, जैसे बंगाल, बिहार, भिलवाड़ा, गंगापूर, राजकोट, मेयर, मुंबई, भोपाल, झारखंड, दिल्ली-एनसीआर सहित कई जिलों से आए थे। इन लोगों ने मीडिया के सामने अपनी व्यक्तिगत दर्दनाक कहानियाँ सुनाईं। पीड़ितों की आपबीती झारखंड की नेशनल शूटर तारा शाहदेव समेत कई महिलाओं ने मंच पर आकर अपनी कहानी साझा की। तारा ने बताया कि कैसे एक व्यक्ति ने उसे झांसे में लेकर शादी का झांसा दिया और बाद में सत्य सामने आने पर उसने पुलिस का सामना कर कई कानूनी जद्दोजहदें झेली। उनकी बातों से साफ हुआ कि वह खुद को मजबूर, धोखे में और अकेला महसूस कर चुकी हैं। निर्माता विपुल शाह ने क्या कहा? विपुल शाह ने कहा कि जबसे पहली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ सामने आई थी, लोग लगातार यह कहते रहे कि लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण भारत में नहीं हो रहे। शाह ने जोर देकर कहा कि यही दुनिया के सामने दिखाना उनकी अगली फिल्म का उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “हमने इन पीड़ितों को अपने साथ लाया ताकि वे खुद अपनी ज़बानी उस दर्द को दुनिया से साझा कर सकें।” निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह का बयान निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने बताया कि ऐसी जरूरतमंद महिलाएं हैं जिन्होंने महसूस किया कि वे बेबस हैं। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म इसी तरह के उन अनुभवों पर आधारित है, जिन्हें आज भी भारत में महिलाएं झेल रही हैं। विवाद की पृष्ठभूमि ‘द केरल स्टोरी-2’ रिलीज से पहले से ही विवादों की भेंट चढ़ चुकी है। ट्रेलर में एक सीन में एक महिला को जबरन गोमांस खिलाए जाने वाले दृश्य को लेकर विवाद छिड़ा है। इसे लेकर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने फिल्म को प्रोपेगैंडा बताया है और कहा कि यह समाज में विभाजन को बढ़ावा देती है। इसके अलावा, फिल्म का रिव्यू और सेंसर बोर्ड के निर्णय पर अदालत में याचिका भी दायर है, जिसमें लोग फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि फिल्म में दर्शाया गया कथानक समाज में अलग-अलग समुदायों के बीच गलतफहमियां बढ़ा सकता है। दिल्ली में हुई प्रेस कॉंफ्रेंस ने टद केरल स्टोरी-2ट को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। जहां फिल्म के निर्माता इसे वास्तविक पीड़ित कहानियों के जरिये सामाजिक समस्या पर प्रकाश डालने वाला प्रोजेक्ट बताते हैं, वहीं विरोधी इसे कट्टर-साम्प्रदायिक प्रोपेगैंडा और विभाजनकारी बताया करते हैं। विवाद जारी है, और फिल्म 27 फरवरी 2026 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने को तैयार है।

Bangladesh President Alleges Yunus Tried to Oust Him

Bangladesh President Alleges Yunus Tried to Oust Him

ढाका9 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने एक इंटरव्यू में अंतरिम सरकार के पूर्व मुखिया मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद बनी अंतरिम सरकार ने उन्हें हटाने की कोशिश की थी। शाहाबुद्दीन ने बताया कि 8 अगस्त 2024 को उन्होंने ही यूनुस को पद की शपथ दिलाई थी और यूनुस 16 फरवरी 2026 तक वास्तविक प्रधानमंत्री की तरह काम करते रहे। उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार ने दो बार उनके विदेश दौरे रद्द कर दिए। एक बार कोसोवो जाने से रोका गया और दूसरी बार कतर के अमीर के निमंत्रण पर विदेश मंत्रालय ने यह कहकर पत्र भेज दिया कि राष्ट्रपति व्यस्त हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें चुनाव से कुछ दिन पहले किए गए बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौते की जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी समझौते की जानकारी राष्ट्रपति को देना संवैधानिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन यूनुस ने ऐसा नहीं किया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुखिया की शपथ दिलाई थी, इससे 3 दिन पहले यानी 5 अगस्त को शेख हसीना का तख्तापलट हुआ था। शाहाबुद्दीन बोले- यूनुस ने संविधान का पालन नहीं किया शाहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि यूनुस ने संविधान के किसी प्रावधान का पालन नहीं किया और अंतरिम सरकार ने ऐसे अध्यादेश पास किए जिनकी जरूरत नहीं थी। यूनुस अपने विदेशी दौरों की जानकारी भी उन्हें नहीं देते थे और 14-15 बार विदेश गए, लेकिन कभी राष्ट्रपति को नहीं बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौते की बारीकियों के बारे में कुछ नहीं बताया गया। उन्होंने 22 अक्टूबर 2024 की उस रात का जिक्र किया जब भीड़ ने राष्ट्रपति भवन ‘बंगाभवन’ को घेर लिया था और उन्हें हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि वह रात उनके लिए बेहद डरावनी थी। PM तारिक रहमान को ईमानदार और सौम्य बताया शाहाबुद्दीन ने कहा कि जब उन्हें हटाने की कोशिश हो रही थी, तब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक सीनियर नेता ने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया। उस नेता ने कहा कि वे संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखना चाहते हैं और किसी भी असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति को हटाने के पक्ष में नहीं हैं। राष्ट्रपति ने मौजूदा प्रधानमंत्री और BNP प्रमुख तारिक रहमान को ईमानदार और सौम्य बताया। उन्होंने कहा कि BNP और उसके सहयोगियों के अलावा सेना की तीनों शाखाओं के प्रमुखों ने भी उनका पूरा समर्थन किया। उनके मुताबिक, सेना प्रमुखों ने कहा कि वे सिक्योरिटी फोर्सेज के प्रमुख हैं और उनकी हार का मतलब पूरी सेना की हार होगा। शाहाबुद्दीन का कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है। इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा था कि वे अंतरिम सरकार के दौरान खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे और चुनाव के बाद इस्तीफा देना चाहते थे। अमेरिका ने बांग्लादेश पर टैरिफ घटाकर 19% किया बांग्लादेश और अमेरिका ने फरवरी 2026 में एक नया व्यापार समझौता किया है। इसका मकसद है कि दोनों देश एक-दूसरे से ज्यादा सामान खरीदें-बेचें और व्यापार के रिश्ते मजबूत करें। यह सिर्फ टैरिफ कम करने का मामला नहीं है, बल्कि दोनों देश अपने बाजार को एक-दूसरे के लिए थोड़ा और खोलने पर भी राजी हुए हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका ने बांग्लादेश से आने वाले कई सामान पर लगने वाला टैरिफ घटाकर करीब 19% कर दिया है, जो पहले 35% तक था। इसका सीधा फायदा यह होगा कि बांग्लादेश के कपड़े और दूसरे उत्पाद अमेरिका में पहले से सस्ते बिक सकेंगे। खासकर रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिका उसका बड़ा ग्राहक है। बदले में बांग्लादेश भी अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदेगा, जैसे तेल-गैस, अनाज और कुछ सैन्य उपकरण। मतलब साफ है दोनों देशों ने तय किया है कि वे एक-दूसरे के साथ व्यापार बढ़ाएंगे। यूनुस के खिलाफ जांच आयोग बैठा सकती है रहमान सरकार यह पहली बार नहीं है जब मोहम्मद यूनुस पर इस तरह के आरोप लगे हैं। एक हफ्ते मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि मोहम्मद यूनुस के सरकार में रहते हुए उनके मंत्रियों की संपत्ति में उछाल आया था। खुद यूनुस की संपत्ति में एक साल में लगभग 11% की बढ़ोतरी हुई थी। यूनुस की संपत्ति अब कुल साढ़े 12 करोड़ रुपए हो गई है, इसमें लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए का उछाल आया है। अंतरिम सरकार के टॉप 4 मंत्रियों में सबसे ज्यादा संपत्ति की वृद्धि यूनुस की हुई है। दूसरे नंबर पर आवास मंत्री अदिलुर रहमान की संपत्ति में 1 करोड़ 23 लाख रुपए की वृद्धि हुई। यूनुस के 21 में से 18 मंत्रियों की संपत्ति बढ़ी। सूत्रों के अनुसार नए पीएम रहमान अंतरिम सरकार के मंत्रियों की संपत्ति में इजाफे की जांच के लिए कमेटी गठित कर सकते हैं। इस सब के बीच यूनुस अब फिर से पेरिस में बसने की तैयारी में हैं। बता दें कि यूनुस बांग्लादेश के एकमात्र नोबेल अवॉर्ड विजेता हैं। बांग्लादेश में माइक्रो फाइनेंस के सेक्टर में बड़ा नाम यूनुस का शेख हसीना सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए थे। लेकिन यूनुस ने अपनी सरकार बनने पर केस वापस कर लिए थे। पढ़ें पूरी खबर… —————— यह खबर भी पढ़ें… तारिक रहमान के पीएम बनते ही बांग्लादेशी सेना में फेरबदल:भारत से रक्षा सलाहकार को वापस बुलाकर प्रमोशन दिया; चीफ ऑफ जनरल स्टाफ भी बदला बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिन बाद ही तारिक रहमान ने सेना में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। रविवार को जारी आदेशों में ऑपरेशनल और इंटेलिजेंस पदों पर नई नियुक्तियां की गईं। भारत में तैनात रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल एमडी हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल पद पर प्रमोट किया गया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Delhi HC: Refuse Marriage Post-Physical Relation Offence

Delhi HC: Refuse Marriage Post-Physical Relation Offence

Hindi News National Delhi HC: Refuse Marriage Post Physical Relation Offence | BNS Section 69 नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि फिजिकल रिलेशन के बाद शादी मना करना एक अपराध है। कोर्ट ने ये बात एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई को दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि कुंडली मेल न खाने की वजह से शादी से मना करने पर भारतीय न्याय संहिता(BNS) का सेक्शन 69 लग सकता है, जो धोखे से सेक्सुअल इंटरकोर्स को अपराध मानता है। जज ने कहा कि आरोपी ने प्रॉसिक्यूटर को बार-बार भरोसा दिलाया था कि उनकी शादी में कोई रुकावट नहीं है, जिसमें कुंडली मैच करना भी शामिल है। आरोपी ने इस आधार पर बेल मांगी कि रिश्ता आपसी सहमति से था, और दोनों एक-दूसरे को आठ साल से जानते थे। वकील ने कहा- रेप का मामला नहीं बनता आवेदक के वकील ने कहा था कि शादी का झूठा बहाना बनाकर रेप करने का मामला नहीं बनता और उसे रेगुलर बेल मिलनी चाहिए। 17 फरवरी को दिए गए अपने ऑर्डर में, कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर ने पहली कंप्लेंट नवंबर 2025 में दर्ज कराई थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी और उसके परिवार द्वारा कथित तौर पर शादी का भरोसा दिए जाने पर ही वापस ले ली गई थी, और बाद में कुंडली न मिलने के आधार पर शादी करने से मना कर दिया गया था। मौजूदा FIR जनवरी 2026 में IPC के सेक्शन 376 (रेप) और BNS के सेक्शन 69 के तहत अपराधों के लिए दर्ज की गई थी। कोर्ट ने कहा कि घटनाओं के क्रम से पता चलता है कि यह सिर्फ रिश्ते खराब होने का मामला नहीं था, बल्कि आवेदक को कुंडली मिलाने पर उसके परिवार के जोर देने के बारे में पता होने के बावजूद बार-बार शादी का भरोसा दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ इसलिए क्रिमिनल लॉ नहीं लगाया जा सकता क्योंकि कोई रिश्ता टूट जाता है या शादी नहीं हो पाती। हालांकि, इस स्टेज पर मौजूदा केस एक अलग लेवल पर है। दिल्ली हाइकोर्ट की पिछली मुख्य सुनवाई… 29 जनवरी: शादी के बाद साथ नहीं रहे तो रजिस्ट्रेशन औपचारिकता, तलाक से इनकार करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि शादी के बाद अगर पति पत्नी साथ नहीं रह रहे हैं तो शादी की रजिस्ट्रेशन एक औपचारिकता से ज्यादा कुछ भी नहीं है। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीजन बेंच ने कहा कि इसका इस्तेमाल एक साल में तलाक लेने से इनकार करने के लिए नहीं किया जा सकता। हाइकोर्ट 29 जनवरी को एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। महिला ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें शादी की तारीख से एक साल पूरा होने से पहले आपसी सहमति से तलाक के लिए ज्वाइंट याचिका पेश करने की अनुमति खारिज कर दी गई थी। पूरी खबर पढ़ें… 25 नवंबर: पत्नी प्रेग्नेंसी को ढाल नहीं बना सकती, शुरुआत से पति को मानसिक प्रताड़ना दी दिल्ली हाईकोर्ट ने एक केस में पति को तलाक की परमिशन देते हुए कहा कि प्रेग्नेंसी को पति पर हुई क्रूरता के खिलाफ ढाल नहीं बनाया जा सकता है। कोर्ट ने माना कि पत्नी के व्यवहार से पति ने मानसिक प्रताड़ना झेली और इससे वैवाहिक संबंध भी पूरी तरह टूट गए। हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस रेणु भटनागर की बेंच ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पति की तलाक याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई थी कि पति क्रूरता साबित नहीं कर सका। साथ ही 2019 की शुरुआत में पत्नी का मिसकैरेज यह दिखाता है कि रिश्ते सामान्य थे। कोर्ट ने साफ कहा कि यह तय करने के लिए कि किसी के साथ क्रूरता हुई या नहीं, पूरे रिश्ते और सारी घटनाओं को देखा जाता है। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली हाईकोर्ट बोला- बेरोजगार पत्नी आलसी नहीं, उसके काम को नजरअंदाज करना नाइंसाफी दिल्ली हाईकोर्ट ने पति-पत्नी के बीच गुजारा भत्ता से जुड़े एक मामले पर कहा कि बेरोजगार पत्नी आलसी नहीं होती। घर संभालना, बच्चों की देखभाल और परिवार की मदद करना भी काम है, भले ही वह बैंक खाते में नजर न आए। ऐसे में गुजारा भत्ता तय करते समय पत्नी के योगदान को नजरअंदाज करना गलत है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भैंसदेही पुलिस ने कार से लाखों की अवैध शराब जब्त:एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार; कार्रवाई जारी

भैंसदेही पुलिस ने कार से लाखों की अवैध शराब जब्त:एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार; कार्रवाई जारी

बैतूल। भैंसदेही पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 लाख 44 हजार रुपये से अधिक मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर की गई, जिन्होंने जिले में अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 4 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि धामनगांव की ओर से एक स्कॉर्पियो वाहन (क्रमांक MP 04 CK 5106) में भारी मात्रा में शराब भैंसदेही की ओर लाई जा रही है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन में सवार एक व्यक्ति संगीत अमरुते निवासी चिचोलीढाना को गिरफ्तार कर लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 30 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 262.64 लीटर है। जब्त शराब का अनुमानित मूल्य 3 लाख 44 हजार 112 रुपये आंका गया है। पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन सहित शराब को जब्त कर आरोपी संगीत अमरुते के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सातनकर के नेतृत्व में उप निरीक्षक आशीष कमरे, आरक्षक नारायण जाट और तनवीर खान की टीम शामिल थी। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पर्वों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विशेष निगरानी रख रही है और हर स्तर पर तत्पर है।

Banks Told to Stop Selling Insurance, Focus on Core Business

Banks Told to Stop Selling Insurance, Focus on Core Business

Hindi News Business RBI New Rules: Banks Told To Stop Selling Insurance, Focus On Core Business नई दिल्ली47 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बैंकों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने बैंकों द्वारा इंश्योरेंस जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की गलत तरीके से बिक्री (मिसेल-सेलिंग) पर नाराजगी जताई और उन्हें अपने मुख्य कामकाज पर ध्यान देने की सलाह दी। वित्त मंत्रालय ने भी बैंकों और बीमा कंपनियों को कहा है कि वे ग्राहकों को गलत पॉलिसी न बेचें। बैकों का ज्यादा ध्यान इंश्योरेंस पॉलिसी पर RBI के सेंट्रल बोर्ड को संबोधित करने के बाद सीतारमण ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बैंकों को अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस करना चाहिए… मेरी हमेशा से यह शिकायत रही है कि आप उन इंश्योरेंस पॉलिसी को बेचने में ज्यादा समय बिता रहे हैं जिनकी जरूरत ही नहीं है। और मजे की बात यह है कि यह मामला (RBI और IRDAI के बीच) अधर में लटका रहा। मिसेल-सेलिंग को लेकर ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी हुई थी इससे पहले 11 फरवरी को, RBI ने मिसेल-सेलिंग को लेकर ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें कहा गया है कि अगर बैंक गलत तरीके से कोई प्रोडक्ट या सर्विस बेचते हैं, तो उन्हें ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी रकम वापस करनी होगी। साथ ही, बैंक की पॉलिसी के हिसाब से ग्राहक को हुए नुकसान का मुआवजा भी देना होगा। इस पर आम जनता 4 मार्च तक अपनी राय दे सकती है। क्या होती है मिस-सेलिंग? कई बार जब कोई ग्राहक बैंक में FD कराने या लोन लेने जाता है, तो बैंक कर्मचारी उसे लाइफ इंश्योरेंस या हेल्थ इंश्योरेंस लेने के लिए मजबूर करते हैं। कई बार ग्राहकों को बताया जाता है कि पॉलिसी लेना अनिवार्य है, जबकि ऐसा कोई नियम नहीं होता। इसी को ‘मिस-सेलिंग’ कहा जाता है। बैंक कर्मचारी अपना टारगेट पूरा करने के लिए ग्राहकों को गलत या अधूरी जानकारी देकर ये प्रोडक्ट्स बेच देते हैं। शिकायतों में से 22% मामले गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के हाल ही में आई IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ दर्ज होने वाली कुल शिकायतों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है। FY25 का डेटा: साल 2024-25 में कुल 1,20,429 शिकायतें दर्ज हुईं, जो पिछले साल (1,20,726) के लगभग बराबर हैं। UFBP शिकायतें: अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस (UFBP) यानी गलत तरीके से कारोबार करने की शिकायतें 23,335 से बढ़कर 26,667 हो गई हैं। हिस्सेदारी बढ़ी: कुल शिकायतों में गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के मामलों की हिस्सेदारी 19.33% से बढ़कर अब 22.14% हो गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

arjun bark for heart health | Hearth Health Tips | दिल के लिए अर्जुन की छाल के फायदे | दिल का ख्याल कैसे रखें |

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Last Updated:February 23, 2026, 17:37 IST आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खानपान ने कम उम्र में ही ‘हार्ट अटैक’ के खतरे को बढ़ा दिया है. ऐसे में अपने दिल को फौलाद जैसा मजबूत बनाने के लिए आपको महंगे सप्लीमेंट्स नहीं, बल्कि आयुर्वेद की एक जादुई औषधि की जरूरत है. देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. शालिनी जुगरान ने एक ऐसे नेचुरल ‘हार्ट टॉनिक’ की विधि साझा की है, जो न केवल धमनियों में जमा गंदगी को साफ करता है बल्कि खराब कोलेस्ट्रॉल को भी जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है. अपने दिल की लंबी उम्र के लिए जानिए इस बेहद आसान और असरदार टॉनिक बनाने का पूरा तरीका. देहरादून: खराब जीवनशैली और गलत खानपान के चलते अब छोटी उम्र में भी हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी बीमारियां आम होती जा रही हैं. यदि आप अपने दिल को बीमारियों से बचाकर मजबूत रखना चाहते हैं, तो घर पर ही तैयार किया गया एक नेचुरल ‘हार्ट टॉनिक’ आपके लिए वरदान साबित हो सकता है. इस टॉनिक का सबसे मुख्य हिस्सा है ‘अर्जुन की छाल’, जिसे आयुर्वेद में हृदय रोगों के लिए किसी जादुई औषधि से कम नहीं माना जाता. क्यों खास है अर्जुन की छाल और इसके फायदे देहरादून की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. शालिनी जुगरान बताती हैं कि आयुर्वेद में अर्जुन की छाल को दिल के लिए सबसे शक्तिशाली औषधि का दर्जा दिया गया है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और कार्डियो-प्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो सीधे दिल की मांसपेशियों को मजबूती देते हैं. यह न सिर्फ शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करती है, बल्कि रक्त संचार को भी बेहतर बनाती है. नियमित सेवन से दिल की पंपिंग क्षमता बढ़ती है और धमनियों में जमा होने वाली गंदगी जिसे प्लाक कहते हैं, वह भी साफ होने लगती है. कैसे तैयार करें यह जादुई हार्ट टॉनिकडॉ. जुगरान के अनुसार इस होममेड टॉनिक को बनाना बेहद सरल है और इसे रसोई में मौजूद चीजों से तैयार किया जा सकता है. इसके लिए आपको अर्जुन की छाल का टुकड़ा या उसका पाउडर और एक गिलास पानी या दूध की आवश्यकता होगी. सबसे पहले एक बर्तन में पानी या दूध लें और उसमें एक चम्मच अर्जुन की छाल का पाउडर अच्छी तरह मिला लें. अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक कि यह पककर आधा न रह जाए. इसके बाद इसे छलनी से छान लें और जब यह हल्का गुनगुना रह जाए, तब आप इसमें स्वाद के लिए एक चुटकी दालचीनी या थोड़ा गुड़ मिला सकते हैं. ध्यान रहे कि इसमें चीनी का उपयोग बिल्कुल न करें क्योंकि वह इसके गुणों को कम कर सकती है. सेवन का सही समय और जरूरी सावधानियां इस हार्ट टॉनिक का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे रोज सुबह खाली पेट पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. डॉ. जुगरान बताती हैं कि खाली पेट सेवन करने से इसके पोषक तत्व सीधे हृदय की कोशिकाओं तक पहुंचते हैं और शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त करते हैं. इस टॉनिक को पीने के बाद कम से कम आधे घंटे तक कुछ भी न खाएं और न ही कुछ पिएं, ताकि यह शरीर के भीतर अपना काम बेहतर ढंग से कर सके. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : February 23, 2026, 17:37 IST

‘कांग्रेस नेता तय कार्यक्रम के अनुसार शामिल होंगे’: हिमंत सरमा कहते हैं कि बीजेपी 2029 चुनावों की तैयारी कर रही है | राजनीति समाचार

Zimbabwe vs West Indies Live Cricket Score, T20 World Cup 2026: Stay updated with ZIM vs WI Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Mumbai. (Picture Credit: AFP)

आखरी अपडेट:23 फ़रवरी 2026, 17:31 IST मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद आई है, जो राज्य चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि कई कांग्रेस नेता “पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम” के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लिए तैयार हैं, उन्होंने कहा कि पार्टी ने 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए तैयारी शुरू कर दी है। गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि चुनावी तैयारी भाजपा के लिए एक सतत प्रक्रिया बनी हुई है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए, सभी चुनाव महत्वपूर्ण हैं। बीजेपी ने पहले ही 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।” उन्होंने कहा कि जिन कांग्रेस नेताओं के पाला बदलने की उम्मीद है, वे “कार्यक्रम का पालन करेंगे।” मुख्यमंत्री की टिप्पणी असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद आई, जो राज्य में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकास का प्रतीक है। बोरा को रविवार को असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया की उपस्थिति में गुवाहाटी में पार्टी के राज्य मुख्यालय, वाजपेयी भवन में भाजपा में शामिल किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मंजूरी के बाद उन्हें शामिल किया गया। पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद, बोरा को भाजपा की असम इकाई के राज्य कार्यकारी सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री सरमा ने उन्हें असम कांग्रेस में “अंतिम हिंदू नेता” के रूप में वर्णित किया और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में उनकी संभावनाओं को बढ़ाने के लिए बोरा को “अनुकूल सीट” पर समायोजित किया जाएगा। बोरा को उनके गृह निर्वाचन क्षेत्र लखीमपुर जिले के बिहपुरिया से संभावित भाजपा उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है। अपने शामिल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, बोरा ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस में 32 साल बिताए हैं लेकिन पार्टी की वफादारी से ऊपर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए पाला बदलने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ”देश, मेरी भूमि और इसके लोगों का हित व्यक्तिगत या पार्टी हित से कहीं ऊपर है।” उन्होंने कहा कि वह असम और राष्ट्र के लिए काम करने के लिए भाजपा में शामिल हुए हैं। बोरा ने भी सरमा की प्रशंसा करते हुए उन्हें पूर्वोत्तर का सबसे प्रभावशाली नेता बताया और कहा कि वह सम्मान के साथ भाजपा में शामिल होने के इच्छुक निराश कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक पुल के रूप में काम करेंगे। महाभारत से प्रेरणा लेते हुए, उन्होंने ऐसे नेताओं की तुलना कर्ण से की और उन्हें “पांडव” कहे जाने वाले लोगों के साथ जुड़ने का आग्रह किया। बोरा का पार्टी में स्वागत करते हुए सरमा ने कहा कि पूर्व कांग्रेस नेता भाजपा की विचारधारा के अनुरूप एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू कर रहे हैं और उन्हें पार्टी के भीतर सम्मान और समर्थन का आश्वासन दिया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 23 फ़रवरी 2026, 17:31 IST समाचार राजनीति ‘कांग्रेस नेता तय कार्यक्रम के अनुसार शामिल होंगे’: हिमंत सरमा कहते हैं कि बीजेपी 2029 चुनावों की तैयारी कर रही है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)कांग्रेस

Delhi NCR Air Pollution; Coal Power Plants Shifting

Delhi NCR Air Pollution; Coal Power Plants Shifting

नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या कोयले से चलने वाले उद्योगों को NCR से बाहर शिफ्ट किया जा सकता है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने दिल्ली से 300 किलोमीटर के अंदर नए कोयला आधारित पावर प्लांट खोलने पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर सरकार से जवाब भी मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्माण और तोड़-फोड़ (डिमोलिशन) के काम से उड़ने वाली धूल को कैसे रोका जाए, इस पर भी सभी पक्ष अपनी राय दें। इसके लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कुछ उपाय सुझाए हैं। बेंच ने सभी पक्षों को 12 मार्च से पहले अपनी-अपनी रिपोर्ट और प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि CAQM के सुझावों के आधार पर 12 मार्च को गाड़ियों से होने वाले एयर पॉल्यूशन के मुद्दे की जांच करेगा। कोर्ट के अन्य आदेश… कोर्ट ने कहा कि इन नोटिसों को ही आधिकारिक सूचना माना जाएगा। राज्यों को मिले सुझावों के आधार पर आगे का एक्शन प्लान भी कोर्ट में जमा करना होगा। कोर्ट ने पर्यावरण, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और ऊर्जा मंत्रालय से कहा कि वे मिलकर एक ऐसा प्रस्ताव तैयार करें, जिसमें NCR के कोयला आधारित उद्योगों को धीरे-धीरे बंद करने की योजना हो। इस योजना में यह भी बताया जाए कि कौन-कौन से उद्योग प्रभावित होंगे, उन्हें कौन सा वैकल्पिक ईंधन दिया जा सकता है, और यह बदलाव किस तरह से और कितने समय में होगा। कोर्ट ने दिल्ली सरकार (GNCTD) से भी कहा कि वह CAQM की लंबे समय वाली सिफारिशों को लागू करने के लिए अपनी डिटेल योजना पेश करे। सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई की खबरें… 17 दिसंबर 2025: सरकार लॉन्ग टर्म प्लान बनाए:स्टेट बॉर्डर के 9 टोल प्लाजा बंद करें; पुराने वाहनों पर बैन को मंजूरी दी सुप्रीम कोर्ट ने NHAI और MCD को आदेश दिए कि दिल्ली बॉर्डर पर बने 9 टोल प्लाजा थोड़े समय के लिए बंद किए जाएं या किसी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएं। कोर्ट ने कहा कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और पॉल्यूशन पर कंट्रोल होगा। कोर्ट ने MCD को एक हफ्ते में अपना फैसला लेने का समय दिया। पूरी खबर पढ़ें… 1 दिसंबर 2025: दिल्ली-NCR प्रदूषण के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं, सरकार एक्शन प्लान पर दोबारा विचार करे सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को फटकार लगाई। अदालत ने वायु प्रदूषण के लिए सिर्फ किसानों को जिम्मेदार ठहराने पर आपत्ति जताई। सुप्रीम कोर्ट ने एमसी मेहता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पराली जलाना नया नहीं है। 4-5 साल पहले कोविड और लॉकडाउन के दौरान भी पराली जलाई जा रही थी फिर भी आसमान साफ और नीला दिखाई देता था, अब क्यों नहीं? पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…