Current Affairs 25 Feb Kerala renamed keralam dolphin hunter submarine to be commitioned in Navy

Hindi News Career Current Affairs 25 Feb Kerala Renamed Keralam Dolphin Hunter Submarine To Be Commitioned In Navy 23 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी दो दिन की इजराइल यात्रा पर आज 25 फरवरी को पीएम मोदी इजराइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे। इजराइल यात्रा के दौरान पीएम मोदी तेल अवीव में इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी इजरायली संसद (सेनेट) के पूरे सेशन को संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय पीएम होंगे। यात्रा के दौरान दोनों देशों के सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए जॉइंट डिफेंस सिस्टम के प्रोडक्शन पर भी बातचीत होगी। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इनोवेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी और साइबर सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की ये दूसरी इजराइल यात्रा है। इससे पहले वे 2017 में इजराइल गए थे। 2. अभिनव बिंद्रा इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी से रिटायर हुए 23 फरवरी को भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी से रिटायर हो गए। अभिनव बिंद्रा 2018 में इस कमेटी का हिस्सा बने थे। 2026 में उनका कार्यकाल पूरा हो गया। 48 वर्षीय बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलिंपिक में 10 मीटर शूटिंग में भारत को पहला व्यक्तिगत गोल्ड दिलाया था। अभिनव को साल 2000 में अर्जुन अवॉर्ड और 2002 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरुस्कार मिला। अभिनव को 2009 में भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया। साल 2024 में ओलिंपिक मूवमेंट में हिस्सा लेने के लिए उन्हें ओलिंपिक ऑर्डर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2018 में इंटरनेशनल शूटिंग फेडरेशन ने अभिनव को ISSE ब्लू क्रॉस अवॉर्ड दिया। 3. शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ नौसेना में शामिल होगा 27 फरवरी को थर्ड एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ नौसेना में कमीशन होगा। वॉटर क्राफ्ट अंजदीप चेन्नई बंदरगाह पर कमीशन किया जाएगा। ये दिसंबर 2025 में नौसेना को सौंपा गया था। कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे। अंजदीप तटीय और उथले पानी में भारत की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता को बढ़ाएगा। अंजदीप दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और डी-एक्टटिवेट करने के लिए डिजाइन किया गया है। अंजदीप युद्धपोत को ‘डॉल्फिन हंटर’ उपनाम दिया गया है। अंजदीप एक स्वदेशी पनडुब्बी है। इसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) कोलकाता ने बनाया है। अंजदीप युद्धपोत की लंबाई लगभग 77 मीटर है। ये हाई स्पीड वॉटर जेट, सोनार, हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से लैस है। अंजदीप कोस्टल सर्विलांस, सर्च एंड रेस्क्यू और कम इंटेंसिटी वाले समुद्री अभियानों में हिस्सा ले सकता है। अंजदीप अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो और स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए ASW रॉकेट से लैस है। इसमें हुल माउंटेड सोनार (सेंसर) ‘अभय’ भी लगा है। कर्नाटक के कारवार तट के पास स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर वॉटर क्राफ्ट अंजदीप नाम रखा गया है। 4. केरल का नाम बदलकर केरलम करने को मंजूरी पीएम नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। इस बैठक में केरल राज्य का नाम केरलम करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। केरल विधानसभा से 24 जून 2024 को नाम बदलने का प्रस्ताव पास हुआ था। इस प्रस्ताव के मुताबिक, केरल का मलयाली भाषा में नाम केरलम है। हिंदी और दूसरी भाषाओं में इसे केरल कहा जाता है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद अब ‘केरल बिल, 2026’ संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केरल विधानसभा में भेजा जाएगा। विधानसभा की राय मिलने के बाद, सरकार संसद में बिल पेश करेगी। संसद से पास होने पर राज्य का नाम आधिकारिक रूप से केरलम हो जाएगा। 2010 में उड़ीसा का नाम बदलकर ओड़िशा किया गया था। 2007 में उत्तरांचल का नाम बदलकर उत्तराखंड किया गया था। केरल नाम बदलने का उद्देश्य केरल राज्य की पहचान, भाषा, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देना है। 5. ECI और स्टेट इलेक्शन कमीशन का गोलमेज सम्मेलन हुआ 24 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इलेक्शन कमीशन (ECI) और स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन किया। ये गोलमेज सम्मेलन 27 सालों के बाद आयोजित किया गया। इस तरह का आखिरी सम्मेलन साल 1999 में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य चुनाव आयुक्तों ने अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ हिस्सा लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय चुनाव आयोग और राज्य-स्तरीय चुनाव निकायों के बीच उनके कानूनी ढांचे के भीतर को-ऑपरेशन को मजबूत करना है। सम्मेलन में शामिल सदस्यों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और उसमें ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत की। हाल ही में आयोग ने ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। सम्मेलन में इलेक्शन सर्विस और प्लेटफॉर्म से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई। चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू (बाएं) और डॉ. विवेक जोशी (दाएं) की मौजूदगी में सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (बीच में) ने की। 6. राष्ट्रपति मुर्मू 4 राज्यों के दौरे पर 24 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महाराष्ट्र, झारखंड और राजस्थान के चार दिवसीय दौरे पर निकलीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने पहले दिन की यात्रा में मुंबई के लोक भवन में पीडी हिंदुजा अस्पताल द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी अभियान ‘जीवन बचाने और स्वस्थ भारत का निर्माण’ का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा शेगांव, बुलढाणा में आयोजित किए जा रहे ‘राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026’ में जाएंगी। बुधवार को नागपुर में ब्रह्माकुमारीयों के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी और ‘एकता और विश्वास के जरिए से महाराष्ट्र का स्वर्ण युग’ के राज्य स्तरीय लॉन्च में भी शामिल होंगी। राष्ट्रपति जमशेदपुर के मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज का भी दौरा करेंगी और छात्रों से बातचीत करेंगी। शुक्रवार को राष्ट्रपति राजस्थान के पोखरण में एक्स वायुशक्ति का निरीक्षण करेंगी। गुरुवार को राष्ट्रपति मुर्मू जगन्नाथ मंदिर, जमशेदपुर के भूमि पूजन समारोह में भाग लेंगी। 7. शिक्षा मंत्रालय ने टीचर ऐप 2.0 लॉन्च किया 24 फरवरी को शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में भारती एयरटेल और सीके12 फाउंडेशन के सहयोग से AI द्वारा संचालित टीचर ऐप 2.0 लॉन्च किया। टीचर ऐप 2.0 के जरिए शिक्षकों का डिजिटल प्रोफाइल मैनेजमेंट किया जाएगा। स्कूलों
Pakistan World Cup Qualification Hopes; SL-NZ Clash Crucial for Pak

स्पोर्ट्स डेस्क19 मिनट पहले कॉपी लिंक इंग्लैंड टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। टीम ने मंगलवार को ग्रुप-2 में पाकिस्तान को 2 विकेट से हराया और नॉकआउट राउंड में एंट्री की। 2010 और 2022 की चैंपियन टीम ने लगातार पांचवें एडिशन के सेमीफाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर पाकिस्तान सुपर-8 स्टेज में एक भी मैच नहीं जीत सका। टीम को अब क्वालिफाई करने के लिए श्रीलंका के खिलाफ आखिरी मैच जीतने के साथ न्यूजीलैंड के हारने की दुआ भी करनी होगी। क्या भारत क्वालिफाई करेगा? ग्रुप-1 पॉइंट्स टेबल में फिलहाल वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका 2-2 पॉइंट्स के साथ टॉप-2 पोजिशन पर हैं। भारत और जिम्बाब्वे आखिरी 2 पोजिशन पर हैं, दोनों का रन रेट माइनस में है। भारत को सीधे क्वालिफाई करने के लिए आखिरी दोनों मैच जीतने होंगे, साथ ही साउथ अफ्रीका के वेस्टइंडीज के खिलाफ जीतने की उम्मीद भी करनी होगी। भारत अगर आखिरी दोनों मैच जीत गया और वेस्टइंडीज ने साउथ अफ्रीका को हरा दिया तो 3 टीमों के 4-4 पॉइंट्स हो जाएंगे। ऐसे में क्वालिफाई करने के लिए भारत को अपना रन रेट बाकी टीमों से बेहतर रखना होगा। भारत अगर एक भी मैच हारा तो टीम नॉकआउट की रेस से बाहर हो जाएगी। ग्रुप-1 में बाकी टीमों के क्या समीकरण हैं? साउथ अफ्रीका अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। टीम एक भी मुकाबला हारी तो उन्हें अपना रन रेट बेहतर रखना होगा। दोनों मैच हारने पर टीम बाहर हो जाएगी। वेस्टइंडीज को क्वालिफाई करने के लिए साउथ अफ्रीका और भारत के खिलाफ आखिरी दोनों मैच जीतने होंगे। टीम एक भी मुकाबला हारी तो उन्हें अपना रन रेट बेहतर रखना होगा। दोनों मैच हारने पर टीम बाहर हो जाएगी। जिम्बाब्वे एक मैच हार चुकी है। टीम को क्वालिफाई करने के लिए भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी दोनों मैच जीतने ही होंगे। एक भी मैच हारने पर टीम बाहर हो जाएगी। इंग्लैंड नॉकआउट में पहुंचा, पाकिस्तान की उम्मीदें कम ग्रुप-2 में 4 पॉइंट्स के साथ इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी मैच जीतकर टीम अपने ग्रुप में नंबर-1 पर फिनिश कर सकती है। न्यूजीलैंड की टीम आज श्रीलंका से भिड़ेगी। न्यूजीलैंड जीता तो श्रीलंका बाहर हो जाएगी, फिर टीम पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी मैच जीतकर भी क्वालिफाई नहीं कर पाएगी। हालांकि, न्यूजीलैंड को क्वालिफाई करने के लिए श्रीलंका के साथ इंग्लैंड को भी हराना होगा। श्रीलंका आज जीता तो टीम के नॉकआउट में पहुंचने के चांस बढ़ जाएंगे। टीम फिर पाकिस्तान को आखिरी मैच हराकर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। वहीं न्यूजीलैंड और पाकिस्तान बाहर हो जाएंगी। पाकिस्तान को क्वालिफाई करना है तो श्रीलंका के खिलाफ आखिरी मैच जीतने के साथ न्यूजीलैंड के दोनों मैच हारने की दुआ भी करनी होगी। ———————————————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————- T20 वर्ल्डकप ब्रूक शतक लगाने वाले पहले कप्तान:बाबर लोएस्ट स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाज, इंग्लैंड लगातार 5वीं बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप में इतिहास रचते हुए लगातार 5वीं बार सेमीफाइनल में जगह बना ली। मंगलवार रात पाकिस्तान को 2 विकेट से हराकर टीम इस एडिशन के नॉकआउट में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
OTT Platforms Blocked | India Govt Action Offensive Content

नई दिल्ली39 मिनट पहले कॉपी लिंक पिछले एक साल में सरकार ने अश्लील कंटेंट बनाने वाले ऐसे ही 30 से ज्यादा OTT प्लेटफॉर्म को बैन किया है। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मंगलवार को 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) को ब्लॉक कर दिया है। जिन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई हुई, उनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया जा रहा था। यह कंटेंट आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, आईपीसी की धारा 292 और महिलाओं को गलत तरीक से दिखाने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया। यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया है। पिछले साल जुलाई में Ullu-ALTT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म बैन किए गए थे। ALTT एप अप्रैल 2017 में फिल्म और टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर ने लॉन्च किया था। वहीं ULLu एप को IIT कानपुर से ग्रेजुएट विभु अग्रवाल ने 2018 में बनाया था। इससे पहले मार्च 2024 में सरकार ने अश्लील कंटेंट को लेकर 18 OTT प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था। साथ ही 19 वेबसाइट्स, 10 एप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स भी ब्लॉक कर दिए थे। चार कानूनों के तहत OTT एप्स पर बैन IT एक्ट, 2000 (धारा 67)- इंटरनेट पर अश्लील कंटेंट प्रकाशित या फैलाना कानूनी अपराध है। IT एक्ट, 2000 (धारा 67A)- इंटरनेट पर सेक्शुअल एक्टिविटी से जुड़ा वीडियो या कंटेंट पोस्ट करना गैरकानूनी है। BNS 2023 (धारा 294)– सार्वजनिक जगहों पर अश्लील हरकत करना या गंदे शब्दों का इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। महिलाओं के अश्लील (निषेध) एक्ट 1986 (धारा 4)- किसी भी माध्यम से महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक रूप में दिखाना कानूनी अपराध है। लॉकडाउन में ALTT और Ullu एप के व्यूअर्स बढ़े 2020 के लॉकडाउन में जब OTT प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा दिया गया, उसी दौरान ALTT और Ullu एप जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट ज्यादा प्रसारित होने लगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2020 में एक एडल्ट कॉमेडी शो के लिए सर्वाधिक स्ट्रीमिंग (1.1 करोड़ ) एक दिन में ऑनलाइन ओटीटी प्लेटफॉर्म MX प्लेयर पर की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार ALTT की मई 2020 की व्यूअरशिप में 2019 की तुलना में 60% इजाफा हुआ। 2020 में इसके मंथली एक्टिव यूजर्स भी 21% बढ़े। इस ओटीटी पर एडल्ट कंटेंट ज्यादा है। ऑनलाइन कंटेंट को लेकर सरकार की मौजूदा गाइडलाइन भारत सरकार ने 2021 में ‘द इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स’ बनाया था। इसे 6 अप्रैल, 2023 को अपडेट किया गया। 30 पेज की गाइडलाइन में सोशल मीडिया, फिल्म और वेब सीरीज के लिए नियम बताए गए हैं। पेज नंबर-28 पर फिल्म, वेब सीरीज और एंटरटेनमेंट प्रोग्राम के लिए जनरल गाइडलाइंस है। इसमें टारगेट ऑडियंस के आधार पर कैटेगरी तय करना जरूरी है। ये चेतावनी देना भी जरूरी है कि आप क्या कंटेंट दिखा रहे हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक, OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्रीवांस ऑफिसर रखने होंगे। कंटेंट कानून के हिसाब से होना चाहिए। उसमें सेक्स न हो, एंटी नेशनल न हो और बच्चों-महिलाओं को नुकसान पहुंचाने वाला न हो। ———————- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- निर्देशों का पालन करेंगे: विज्ञापन कंपनियों से डेटा शेयर नहीं करेंगे ग्लोबल टेक कंपनियों मेटा और वॉट्सएप ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वे कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की प्राइवेसी और गाइडलाइंस को एडवरटाइजिंग से जुड़े डेटा शेयर करने के मामले में NCLAT के निर्देशों का पालन करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में दूसरे कार्यकाल का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देंगे। इस दौरान वे ईरान और गाजा के हालात के साथ-साथ टैरिफ के मुद्दे पर भी बयान दे सकते हैं। उनके भाषण के दौरान जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़िताएं भी संसद में मौजूद रहेंगी। इन्हें विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद चक शूमर, एमिली रैंडल, टेरेसा लेगर फर्नांडीज, जैमी रास्किन और सुहास सुब्रमण्यम ने इनवाइट किया है। ट्रम्प और एपस्टीन में लंबे समय तक दोस्ती थी, हालांकि ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन के किसी गलत काम की जानकारी नहीं थी। ट्रम्प का संबोधन सुबह 7:30 बजे शुरू होगा। इस जॉइंट सेशन में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) मेंबर, सीनेट (ऊपरी सदन) मेंबर, सुप्रीम कोर्ट के जज और राष्ट्रपति की कैबिनेट मौजूद रहती है। इस भाषण में राष्ट्रपति देश के मौजूदा हालात और अपनी सरकार की आगे की योजनाओं के बारे में बताते हैं। ट्रम्प टैरिफ नीति को देश की सुरक्षा से जोड़ सकते हैं इस बार भाषण की थीम ‘अमेरिका एट 250: स्ट्रॉन्ग, प्रॉस्पेरस एंड रिस्पेक्टेड’ रखी गई है। CNN के मुताबिक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रम्प के कुछ टैरिफ पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उन्होंने सीमित समय के लिए नया टैरिफ लागू किया है। हो सकता है वे इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए जरूरी कदम बता सकते हैं। ट्रम्प विदेश नीति पर भी खुलकर बोल सकते हैं। ईरान को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और गाजा में हालात को लेकर भी अमेरिका की भूमिका चर्चा में है। ट्रम्प खुद को मजबूत नेता के तौर पर पेश करते हुए कह सकते हैं कि सख्त रुख ही शांति का रास्ता है। यूक्रेन युद्ध भी चर्चा में रहेगा। रूस के हमले को चार साल पूरे हो गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि वह एक दिन में युद्ध खत्म कर देंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। इमिग्रेशन भी उनका प्रमुख मुद्दा रहेगा। सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर डिपोर्ट ऑपरेशन चलाया और दक्षिणी बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने 13 महीनों में लगभग 240 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के बाद इतने कम समय में इतने ज्यादा आदेश किसी राष्ट्रपति ने जारी नहीं किए। ट्रम्प किन किन मुद्दों पर भाषण दे सकते हैं… हर साल जनवरी या फरवरी में ये भाषण होता है अमेरिका में राष्ट्रपति हर साल जनवरी या फरवरी में कांग्रेस (संसद) को एक संबोधित करते हैं, जिसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा जाता है। स्टेट ऑफ द यूनियन के दिन संसद की प्रतिनिधि सभा (निचला सदन) और सीनेट (ऊपरी सदन) के सदस्य हाउस चैंबर में इकट्ठा होते हैं। स्पीकर ऑफ द हाउस और उपराष्ट्रपति जो सीनेट के अध्यक्ष भी होते हैं, राष्ट्रपति के पीछे ऊंचे मंच पर बैठते हैं। जब राष्ट्रपति संसद में पहुंचते हैं तो हाउस के सार्जेंट-एट-आर्म्स उनके आने की घोषणा करते हैं। इसके बाद स्पीकर राष्ट्रपति का परिचय कराते हैं और राष्ट्रपति कांग्रेस को अपना भाषण देते हैं। कैबिनेट का एक मेंबर कार्यक्रम में शामिल नहीं होता एक परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति के कैबिनेट का एक सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होता। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अगर कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए और राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और बाकी कैबिनेट सदस्य की मौत हो जाएं, तो जो सदस्य कार्यक्रम में नहीं आया है वह राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल सके। राष्ट्रपति अपने भाषण के लिए कुछ खास अमेरिकी नागरिकों को भी बुलाते हैं। इन लोगों को इसलिए आमंत्रित किया जाता है क्योंकि उन्होंने कोई असाधारण काम किया होता है। भाषण के दौरान राष्ट्रपति उनका परिचय कराते हैं और सम्मानित करते हैं। स्टेट ऑफ द यूनियन संदेश के बाद विपक्षी पार्टी की ओर से एक जवाबी भाषण दिया जाता है। इसमें विपक्ष के नेता राष्ट्रपति की बातों पर अपनी राय रखते हैं और देश को बेहतर बनाने के लिए अलग सुझाव देते हैं। इसे पहले ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था स्टेट ऑफ द यूनियन की परंपरा अमेरिकी संविधान से जुड़ी है। संविधान के अनुच्छेद 2 में लिखा है कि राष्ट्रपति समय-समय पर कांग्रेस को देश के हालात की जानकारी देंगे और जरूरी कदमों की सिफारिश करेंगे। शुरुआत में इस भाषण को ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन से लेकर हर्बर्ट हूवर तक सभी राष्ट्रपति इसे इसी नाम से बुलाते थे। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने अपने 1941 के भाषण में इसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा। हालांकि उनका यह भाषण ‘फोर फ्रीडम्स’ नाम से ज्यादा फेमस है। संविधान में यह नहीं बताया गया है कि यह संदेश कब और कैसे दिया जाए, लेकिन परंपरा के तौर पर राष्ट्रपति हर साल एक बार यह भाषण देते हैं। पहले यह भाषण आमतौर पर दिसंबर में दिया जाता था, लेकिन 1934 के बाद से इसे जनवरी या फरवरी में दिया जाने लगा। साल 2022 में जो बाइडेन मार्च महीने में व्यक्तिगत रूप से यह भाषण देने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 2024 में भी ऐसा ही किया। पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में इसी तरह का संबोधन दिया था। थॉमस जेफरसन ने लिखित संदेश भेजे थे एक समय ऐसा भी था जब ये स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण के रूप में नहीं बल्कि लिखित रूप में भेजा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन (1789-1797) और जॉन एडम्स (1797-1801) ने कांग्रेस के सामने जाकर भाषण दिया था, लेकिन थॉमस जेफरसन (1801-1809) ने लिखित संदेश भेजने की परंपरा शुरू की। माना जाता है कि वह अच्छे वक्ता नहीं थे। इसके बाद 1913 तक राष्ट्रपति लिखित संदेश ही भेजते रहे। फिर वुडरो विल्सन (1913-1921) ने दोबारा कांग्रेस के जॉइंट सेशन को संबोधित करने की परंपरा शुरू की। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट के बाद से ज्यादातर राष्ट्रपति भाषण देकर ही अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हैं। दो राष्ट्रपति ऐसे रहे जो यह भाषण नहीं दे पाए। विलियम हेनरी हैरिसन की 1841 में बीमारी से मौत हो गई थी और जेम्स गारफील्ड की 1881 में एक हमले में मृत्यु हो गई थी। इसलिए दोनों अपने कार्यकाल में स्टेट ऑफ द यूनियन नहीं दे सके। रॉनल्ड रीगन ने 1981 में अपने पहले
ट्रम्प आज अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे:ईरान-गाजा और टैरिफ पर बयान दे सकते हैं; एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़ित शामिल होंगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में दूसरे कार्यकाल का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देंगे। इस दौरान वे ईरान और गाजा के हालात के साथ-साथ टैरिफ के मुद्दे पर भी बयान दे सकते हैं। उनके भाषण के दौरान जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की कई पीड़िताएं भी संसद में मौजूद रहेंगी। इन्हें विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद चक शूमर, एमिली रैंडल, टेरेसा लेगर फर्नांडीज, जैमी रास्किन और सुहास सुब्रमण्यम ने इनवाइट किया है। ट्रम्प और एपस्टीन में लंबे समय तक दोस्ती थी, हालांकि ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन के किसी गलत काम की जानकारी नहीं थी। ट्रम्प का संबोधन सुबह 7:30 बजे शुरू होगा। इस जॉइंट सेशन में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) मेंबर, सीनेट (ऊपरी सदन) मेंबर, सुप्रीम कोर्ट के जज और राष्ट्रपति की कैबिनेट मौजूद रहती है। इस भाषण में राष्ट्रपति देश के मौजूदा हालात और अपनी सरकार की आगे की योजनाओं के बारे में बताते हैं। ट्रम्प टैरिफ नीति को देश की सुरक्षा से जोड़ सकते हैं इस बार भाषण की थीम ‘अमेरिका एट 250: स्ट्रॉन्ग, प्रॉस्पेरस एंड रिस्पेक्टेड’ रखी गई है। CNN के मुताबिक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रम्प के कुछ टैरिफ पर रोक लगा दी थी। इसके बाद उन्होंने सीमित समय के लिए नया टैरिफ लागू किया है। हो सकता है वे इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए जरूरी कदम बता सकते हैं। ट्रम्प विदेश नीति पर भी खुलकर बोल सकते हैं। ईरान को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और गाजा में हालात को लेकर भी अमेरिका की भूमिका चर्चा में है। ट्रम्प खुद को मजबूत नेता के तौर पर पेश करते हुए कह सकते हैं कि सख्त रुख ही शांति का रास्ता है। यूक्रेन युद्ध भी चर्चा में रहेगा। रूस के हमले को चार साल पूरे हो गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि वह एक दिन में युद्ध खत्म कर देंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। इमिग्रेशन भी उनका प्रमुख मुद्दा रहेगा। सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर डिपोर्ट ऑपरेशन चलाया और दक्षिणी बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने 13 महीनों में लगभग 240 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के बाद इतने कम समय में इतने ज्यादा आदेश किसी राष्ट्रपति ने जारी नहीं किए। ट्रम्प किन किन मुद्दों पर भाषण दे सकते हैं… हर साल जनवरी या फरवरी में ये भाषण होता है अमेरिका में राष्ट्रपति हर साल जनवरी या फरवरी में कांग्रेस (संसद) को एक संबोधित करते हैं, जिसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा जाता है। स्टेट ऑफ द यूनियन के दिन संसद की प्रतिनिधि सभा (निचला सदन) और सीनेट (ऊपरी सदन) के सदस्य हाउस चैंबर में इकट्ठा होते हैं। स्पीकर ऑफ द हाउस और उपराष्ट्रपति जो सीनेट के अध्यक्ष भी होते हैं, राष्ट्रपति के पीछे ऊंचे मंच पर बैठते हैं। जब राष्ट्रपति संसद में पहुंचते हैं तो हाउस के सार्जेंट-एट-आर्म्स उनके आने की घोषणा करते हैं। इसके बाद स्पीकर राष्ट्रपति का परिचय कराते हैं और राष्ट्रपति कांग्रेस को अपना भाषण देते हैं। कैबिनेट का एक मेंबर कार्यक्रम में शामिल नहीं होता एक परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति के कैबिनेट का एक सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होता। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अगर कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए और राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और बाकी कैबिनेट सदस्य की मौत हो जाएं, तो जो सदस्य कार्यक्रम में नहीं आया है वह राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल सके। राष्ट्रपति अपने भाषण के लिए कुछ खास अमेरिकी नागरिकों को भी बुलाते हैं। इन लोगों को इसलिए आमंत्रित किया जाता है क्योंकि उन्होंने कोई असाधारण काम किया होता है। भाषण के दौरान राष्ट्रपति उनका परिचय कराते हैं और सम्मानित करते हैं। स्टेट ऑफ द यूनियन संदेश के बाद विपक्षी पार्टी की ओर से एक जवाबी भाषण दिया जाता है। इसमें विपक्ष के नेता राष्ट्रपति की बातों पर अपनी राय रखते हैं और देश को बेहतर बनाने के लिए अलग सुझाव देते हैं। इसे पहले ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था स्टेट ऑफ द यूनियन की परंपरा अमेरिकी संविधान से जुड़ी है। संविधान के अनुच्छेद 2 में लिखा है कि राष्ट्रपति समय-समय पर कांग्रेस को देश के हालात की जानकारी देंगे और जरूरी कदमों की सिफारिश करेंगे। शुरुआत में इस भाषण को ‘एनुअल मैसेज’ कहा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन से लेकर हर्बर्ट हूवर तक सभी राष्ट्रपति इसे इसी नाम से बुलाते थे। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने अपने 1941 के भाषण में इसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा। हालांकि उनका यह भाषण ‘फोर फ्रीडम्स’ नाम से ज्यादा फेमस है। संविधान में यह नहीं बताया गया है कि यह संदेश कब और कैसे दिया जाए, लेकिन परंपरा के तौर पर राष्ट्रपति हर साल एक बार यह भाषण देते हैं। पहले यह भाषण आमतौर पर दिसंबर में दिया जाता था, लेकिन 1934 के बाद से इसे जनवरी या फरवरी में दिया जाने लगा। साल 2022 में जो बाइडेन मार्च महीने में व्यक्तिगत रूप से यह भाषण देने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 2024 में भी ऐसा ही किया। पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में इसी तरह का संबोधन दिया था। थॉमस जेफरसन ने लिखित संदेश भेजे थे एक समय ऐसा भी था जब ये स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण के रूप में नहीं बल्कि लिखित रूप में भेजा जाता था। जॉर्ज वॉशिंगटन (1789-1797) और जॉन एडम्स (1797-1801) ने कांग्रेस के सामने जाकर भाषण दिया था, लेकिन थॉमस जेफरसन (1801-1809) ने लिखित संदेश भेजने की परंपरा शुरू की। माना जाता है कि वह अच्छे वक्ता नहीं थे। इसके बाद 1913 तक राष्ट्रपति लिखित संदेश ही भेजते रहे। फिर वुडरो विल्सन (1913-1921) ने दोबारा कांग्रेस के जॉइंट सेशन को संबोधित करने की परंपरा शुरू की। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट के बाद से ज्यादातर राष्ट्रपति भाषण देकर ही अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हैं। दो राष्ट्रपति ऐसे रहे जो यह भाषण नहीं दे पाए। विलियम हेनरी हैरिसन की 1841 में बीमारी से मौत हो गई थी और जेम्स गारफील्ड की 1881 में एक हमले में मृत्यु हो गई थी। इसलिए दोनों अपने कार्यकाल में स्टेट ऑफ द यूनियन नहीं दे सके। रॉनल्ड रीगन ने 1981 में अपने पहले
DGCA Tightens Rules for Chartered Plane Operators; Maintenance History Mandatory

Hindi News National DGCA Tightens Rules For Chartered Plane Operators; Maintenance History Mandatory 30 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड के चतरा में सोमवार को एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई थी। जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। एविएशन पर नजर रखने वाली संस्था DGCA ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर (चार्टेड प्लेन, एयर एंबुलेंस) के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब ऑपरेटर्स को अपनी वेबसाइट पर प्लेन की मेंटीनेंस हिस्ट्री को सार्वजनिक करना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना होगा कि विमान कितना पुराना है। दरअसल झारखंड में एक चार्टेड प्लेन के क्रैश होने के बाद DGCA ने मंगलवार को ऐसे सभी ऑपरेटरों के साथ एक मीटिंग की। मीटिंग में ऑपरेटर्स को उनके सेफ्टी रिकॉर्ड के आधार पर रैंक करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि यह रैंकिंग डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की वेबसाइट पर डाली जाएगी। DGCA ने यह फैसला पिछले एक महीने में नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर द्वारा संचालित दो चार्टेड विमानों के क्रैश होने के बाद लिया है। नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर वे एयरलाइन/कंपनियां होती हैं। जो नियमित टाइम-टेबल वाली कमर्शियल फ्लाइट नहीं चलातीं, बल्कि जरूरत या बुकिंग के आधार पर उड़ान भरती हैं। देश में पिछले 2 बड़े चार्टेड प्लेन हादसे… 23 फरवरी 2026: झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश, 7 की मौत झारखंड से दिल्ली जा रहा एक चार्टेड प्लेन चतरा में क्रैश हो गया। प्लेन में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। रेडबर्ड कंपनी का बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L एक एयर एंबुलेंस था। फ्लाइट ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी, 7:34 पर एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन टूट गया। थोड़ी देर बाद प्लेन झारखंड के चतरा जिले के समरिया के जंगलों में क्रैश हो गया। प्लेन में कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट), कैप्टन सबराजदीप सिंह ( को-पायलट), संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (परिजन), धूरू कुमार (परिजन), विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर), सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ) सवार थे। 28 जनवरी 2026: महाराष्ट्र डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का इसी साल जनवरी में प्लेन क्रैश में निधन हो गया था। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। वे 66 साल के थे। हादसे में पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की जान गई थी। पायलट ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन रनवे साफ दिखाई नहीं दिया तो वह प्लेन को दोबारा ऊंचाई पर ले गया। पहली कोशिश नाकाम रहने के बाद बारामती के रनवे-11 पर दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई। इस दौरान विमान रनवे से पहले ही गिर गया और उसमें आग लग गई। ————————- ये खबर भी पढ़ें… NCP विधायक बोले- अजित पवार का राजीव गांधी जैसा मर्डर: पूछा-क्या कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक अमोल मिटकरी ने पार्टी के मुखिया अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या पवार का मर्डर उसी तरह हुआ जैसे लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) ने राजीव गांधी का मर्डर किया था? क्या कैप्टन सुमित कपूर सुसाइड बॉम्बर बनकर आए थे? पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मंदसौर में मॉडिफाइड साइलेंसर वाली 12 बाइक जब्त:तेज आवाज और पटाखों पर पुलिस का एक्शन; बुलेट चलाने वालों पर विशेष नजर

मंदसौर जिले में पटाखे जैसी तेज आवाज निकालने वाले और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के खिलाफ पुलिस ने मंगलवार शाम से बड़ा अभियान शुरू किया है। एसपी विनोद कुमार मीना के निर्देश पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान अब तक 12 मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। इनमें 10 रॉयल एनफील्ड (बुलेट) और दो अन्य बाइक शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस इन वाहनों को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कर रही है और यह कार्रवाई पूरे जिले में निरंतर जारी रहेगी। यातायात पुलिस द्वारा मंदसौर शहर के रामटेकरी, पुलिस पेट्रोल पंप के पास और सरदार वल्लभ भाई पटेल चौराहे पर विशेष चेकिंग पॉइंट लगाए गए हैं। वहीं सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रतापगढ़ पुलिया और 10 नंबर नाका सहित विभिन्न संवेदनशील इलाकों में सर्चिंग तेज कर दी है। जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जा रही है। बुलेट के साइलेंसर की बारीकी से जांच इस अभियान के दौरान पुलिस का विशेष फोकस रॉयल एनफील्ड (बुलेट) मोटरसाइकिलों पर है। अधिकारी खुद वाहनों के साइलेंसर की जांच कर रहे हैं कि उनसे पटाखे जैसी आवाज या चिंगारियां तो नहीं निकल रही हैं। जिन भी वाहनों में नियमों के विरुद्ध मॉडिफाइड साइलेंसर पाए जा रहे हैं, उन्हें मौके पर ही जब्त किया जा रहा है। पुलिस की चेतावनी- जारी रहेगी सख्ती यातायात सूबेदार शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एसपी के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया है, जो पूरे जिले में लगातार चलेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एक ही गांव में 5 घंटे में दो सुसाइड:राजगढ़ के राजपुरा में युवक ने खाया जहर, युवती ने लगाई फांसी

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र स्थित राजपुरा गांव में मंगलवार की सुबह दो दुखद घटनाओं से मातम छा गया। यहां महज पांच घंटे के अंतराल में एक युवक और एक युवती ने आत्महत्या कर ली। 25 वर्षीय युवक भगवान तंवर ने जहां सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली, वहीं 18 वर्षीय एक युवती ने बगीचे में फांसी लगा ली। फिलहाल पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और एक ही गांव में हुई दो जवान मौतों से ग्रामीण स्तब्ध हैं। पुलिस के अनुसार, राजपुरा निवासी 25 वर्षीय भगवान तंवर ने सोमवार तड़के करीब 4 बजे अपने घर पर सल्फास का सेवन कर लिया था। तबीयत बिगड़ने और उल्टियां होने पर परिजन उसे तत्काल खिलचीपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने मंगलवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पारिवारिक विवाद और दो शादियों का मामला प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक भगवान तंवर की दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी ममता बाई पिछले करीब 7 वर्षों से अपने मायके में रह रही है। वहीं, दूसरी पत्नी पीरी बाई वर्तमान में गर्भवती बताई जा रही है। खास बात यह है कि दूसरी पत्नी ने भगवान तंवर के खिलाफ खिलचीपुर थाने में धारा 498 (दहेज प्रताड़ना) के तहत मामला दर्ज करा रखा है। पुलिस अब इस पारिवारिक विवाद और तनाव को आत्महत्या की मुख्य वजह मानकर जांच कर रही है। बगीचे में मिला युवती का शव युवक की मौत की खबर के बीच ही गांव की एक 18 वर्षीय युवती द्वारा बगीचे में फांसी लगाकर सुसाइड करने की जानकारी सामने आई। एक ही गांव में महज कुछ घंटों के भीतर हुई इन दो घटनाओं ने सनसनी फैला दी है। पुलिस इस मामले में भी परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।









