सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 82,650 पर पहुंचा:निफ्टी 130 अंक चढ़ा, 25,550 पर कारोबार कर रहा, आईटी शेयरों में खरीदारी

सेंसेक्स में आज यानी बुंधवार 25 फरवरी को तेजी है। ये 400 अंक (0.50%) चढ़कर 82,650 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 130 अंक (0.57%) की तेजी है। ये 25,550 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में खरीदारी है। एशियाई मार्केट में तेजी के साथ कारोबार अमेरिकी बाजार में 24 फरवरी को गिरावट रही विदेशी निवेशकों ने 3,483 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे IRFC में 4% हिस्सेदारी बेच रही सरकार, फ्लोर प्राइस ₹104 तय सरकार रेलवे की फाइनेंस कंपनी IRFC में अपनी 4% तक हिस्सेदारी बेच रही है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जा रही है। यह ऑफर नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए आज से खुल गया है। वहीं, रिटेल निवेशक गुरुवार, 26 फरवरी को अपनी बोलियां लगा सकेंगे। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹104 प्रति शेयर तय किया गया है। मंगलवार, 24 फरवरी को IRFC का शेयर ₹109.40 पर बंद हुआ था। यानी सरकार निवेशकों को मौजूदा कीमत से डिस्काउंट पर शेयर ऑफर किया है। हालांकि आज ये शेयर करीब 4% नीचे 105 रुपए पर आ गया है। क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी के IPO का आखिरी दिन रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस के IPO का आज आखिरी दिन है। ये 24 फरवरी तक 0.47 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी इस IPO के जरिए 3,100 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। कंपनी इस इश्यू के जरिए फ्रेश शेयर और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों लेकर आई है। सेंसेक्स कल 1069 अंक गिरकर बंद हुआ था सेंसेक्स में कल यानी मंगलवार 24 फरवरी को गिरावट रही। ये 1069 अंक (1.28%) गिरकर 82,226 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी करीब 288 अंक (1.12%) की गिरावट रही। ये 25,425 के स्तर पर आ गया है। कल के कारोबार में आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली रही।
एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, डाइटिसिशियन ने दी चेतावनी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन

X एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन Health Tips: अगर आप रोज एक चम्मच से ज्यादा नमक खा रहे है तो सावधान हो जाएं. मंडलीय अस्पताल की डाइटिसिशियन डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट बताती है कि प्रतिदिन केवल एक चम्मच नमक का सेवन पर्याप्त है, ज्यादा नमक से हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ता है. उन्होंने सलाह दी कि सलाद या फलों पर ऊपर से नमक न छिड़कें और मठरी, नमकीन व पैक्ड फूड से परहेज करें, क्योंकि इनमें नमक अधिक होता है. दैनिक उपयोग में केवल आयोडीन युक्त नमक लें. सेंधा या काला नमक नियमित रूप से उपयोग करना फायदेमंद नहीं है और इससे थायराइड व घेंघा जैसी समस्याएं बढ़ सकती है.
Himachal Nandini Thakur UPSC Geo scientist exam India topper

UPSC द्वारा आयोजित जियो साइंटिस्ट परीक्षा में टॉप करने वाली नंदिनी ठाकुर। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की नंदिनी ठाकुर ने केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित ‘कंबाइन्ड जियो साइंटिस्ट’ परीक्षा 2025 में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया। नंदिनी जियोफिजिक्स कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक-1 पर रही। . नंदिनी ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंजावर गांव की रहने वाली है। छोटे से गांव से निकली नंदिनी ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तो को दिया है। नंदिनी ने यह परीक्षा पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग के उत्तीर्ण की है। उन्होंने लिखित परीक्षा में 587 अंक और व्यक्तित्व परीक्षण (पर्सनलिटी टेस्ट) में 140 अंक प्राप्त किए, जिससे उनका कुल स्कोर 787 रहा। नंदिनी की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने बधाई देते हुए इसे पूरे हिमाचल के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि नंदिनी की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। रोजाना 14 घंटे पढ़ाई करती थीं नंदिनी ने बताया कि कड़ी मेहनत और लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करके सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस मुकाम को हासिल करने के लिए नंदिनी प्रतिदिन लगभग 14 घंटे पढ़ाई करती थीं। नंदिनी ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा बढ़ेडा राजपूतां स्कूल से हुई। उन्होंने पंजावर के सेंट मीरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से मैट्रिक और प्लस टू की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी (फिजिक्स) में स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री प्राप्त की। किसान की बेटी का कमाल नंदिनी के पिता संजय ठाकुर एक किसान हैं और उनकी माता राजरानी गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई आदित्य ठाकुर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। जियो साइंटिस्ट क्या करते हैं? UPSC की इस परीक्षा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थी भारत सरकार के वैज्ञानिक विभागों में उच्च पदों पर नियुक्त होते हैं। जियोफिजिक्स विशेषज्ञ पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अध्ययन करते हैं। वे भूकंप संबंधी गतिविधियों का विश्लेषण, भू-गर्भीय सर्वे, खनिज और ऊर्जा संसाधनों (जैसे तेल-गैस) की खोज तथा भूमिगत संरचनाओं की वैज्ञानिक जांच करते हैं। इसके अलावा, वे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं- जैसे बांध, सुरंग, सड़क और रेलवे निर्माण- में तकनीकी सलाह देते हैं। भू-सर्वेक्षण, डेटा विश्लेषण और फील्ड रिसर्च इनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान और पर्यावरणीय अध्ययन में भी इनकी अहम भूमिका रहती है। नंदिनी की उपलब्धि हिमाचल के लिए सम्मान का विषय नंदिनी ठाकुर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए सम्मान का विषय है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया जा सकता है।
पाक ISI के ₹4 लाख के लालच में ASI-होमगार्ड मर्डर:मुठभेड़ में एक आरोपी ढेर, दूसरा फरार, 5 मुलाजिम घायल; परिवार बोला- एनकाउंटर फर्जी

गुरदासपुर में पुलिस चौकी में ASI और होमगार्ड जवान का कत्ल करने वाले एक आरोपी रणजीत सिंह को पुलिस ने सुबह एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। उसका दूसरा साथी इंद्रजीत सिंह फरार हो गया। वहीं तीसरा आरोपी दिलावर सिंह पुलिस की गिरफ्त में है। एनकाउंटर के बाद DIG संदीप गोयल ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने 4 लाख रुपए का लालच देकर यह मर्डर कराया। तीनों आरोपी, रणजीत सिंह, दिलावर सिंह और इंद्रजीत सिंह पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स के टच में थे। उधर, पुलिस के एक्शन पर रणजीत सिंह के परिवार ने सवाल उठाए और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए। रंजीत की मां सुखविंदर कौर ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष है और पुलिसकर्मियों ने अपनी वाहवाही के लिए उसे झूठा फंसाया। उन्होंने कहा कि आज तड़के ही कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और बेटे को जबरन उठा कर ले गए। कुछ देर बाद उसके एनकाउंटर की खबर मिली। वहीं, पुलिस ने बताया कि एनकाउंटर बुधवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। रणजीत को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे हथियार की बरामदगी के लिए लेकर गए थे, लेकिन वहां SHO की गाड़ी पलटने से वह फरार हो गया। इसके बाद CIA की टीम ने उसे पुराना शाला इलाके में घेर लिया। पुलिस को देख उसने फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसी दौरान क्रॉस फायरिंग में रणजीत की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं CIA के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत 5 मुलाजिम घायल हो गए। CM भगवंत मान ने भी जालंधर PAP में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पुलिस चौकी में मारे जवानों का बदला ले लिया है। आरोपियों का लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ मिला। पाकिस्तान ने इनको स्पॉन्सर किया था, ताकि पंजाब में दहशत फैलाई जा सके। कुछ दिन पहले गुरदासपुर के गांव आदियां पुलिस चौकी में होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ASI की लाश कुर्सी पर और होमगार्ड की रजाई के भीतर मिली थी। DIG की जुबानी, कत्ल की साजिश-एनकाउंटर की पूरी कहानी डॉक्टर बोले- 5 पुलिसकर्मी घायल हुए सिविल अस्पताल गुरदासपुर के SMO ने बताया कि हमारे पास आज सुबह 5 पुलिस वाले एडमिट हुए हैं। एक पुलिस कर्मी सीआईए स्टाफ के गुरमीत सिंह को बांह में गोली लगी है। रणजीत सिंह को गोली लगने के कारण दाखिल करवाया गया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 अन्य पुलिस वालों के माइनर इंजरी है। सभी घायल स्टेबल हैं। घायल पुलिस वालों की पहचान संदीप सिंह, बनारसी दास, निरंजन सिंह और सिमरनजीत सिंह के रूप में हुई है। जानिए ASI-होमगार्ड मर्डर में इससे पहले क्या हुआ… PAK बॉर्डर के पास चौकी में लाश मिली गुरदासपुर में 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शामिल की लाश मिली थी। वह भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी पुलिस की शुरुआती जांच के बाद वहां से करीब 4 खोल मिले। गांव के सरपंच से दोनों की मौत के बारे में पता चलते ही भारी पुलिस फोर्स वहां पहुंची। PAK बॉर्डर से नजदीक की चौकी में पुलिसकर्मियों की हत्या को लेकर BSF भी अलर्ट है। BSF के DIG एके विरदी ने चौकी पहुंचकर पूरे मामले के बारे में जानकारी ली थी। आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली घटना के बाद शाम को ASI और होमगार्ड जवान जवान की मौत की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली है। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें लिखा है- आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान की वायरल पोस्ट…. दूसरे दिन पाक डॉन ने कत्ल का वीडियो जारी किया घटना के दूसरे दिन यानी 23 फरवरी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने कत्ल का वीडियो जारी किया है। इसमें दिख रहा है कि ASI गुरनाम सिंह को सिर से सटाकर गोली मारी गई। ASI गुरनाम कुर्सी पर बैठे नींद में नजर आ रहे हैं। इसके बाद पिस्टल पर साइलेंसर लगाकर पॉइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारी गई। गोली लगते ही ASI की आंखें खुलती हैं और फिर बंद हो जाती हैं। इसमें एक आरोपी गोली मार रहा है, जबकि दूसरा वीडियो बना रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। लॉरेंस गैंग ने आतंकियों को दी धमकी इसके बाद उसी दिन यानी 23 फरवरी को ही इस मामले में लॉरेंस गैंग की भी एंट्री हो गई है। लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हमारे देश के 2 काबिल व ईमानदार अफसरों को आतंकियों ने शहीद किया है। हम इसका बदला खून से लेंगे। तुमने 2 शहीद किए हैं, हम 10 मारेंगे। इन आतंकियों का साथ देने वाले गद्दार गैंगस्टरों का गला काटेंगे। 23 फरवरी का ही CM भगवंत मान ने दोनों के परिवार के लिए 2-2 करोड़ रुपए का ऐलान किया है। मान ने कहा कि सरकार उनकी कुर्बानी को सलाम करती है।
सागर जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध:आग की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी, उल्लंघन करने पर लगेगा जुर्माना

सागर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में फसल कटाई का दौर भी शुरू हो गया है। फसल की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई में किसान आग लगाकर नष्ट करते हैं। जिससे कई बार आगजनी की घटनाएं होती हैं। जिनसे देखते हुए सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संदीप जीआर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की सीमा में गेहूं और अन्य फसलों की नरवाई (डंठलों) में आग लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उप संचालक, किसान कल्याण व कृषि विकास, जिला सागर द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में गेहूं की कटाई अधिकांश कम्बाईन्ड हार्वेस्टर से की जा रही है। जिसके बाद नरवाई जलाने की घटनाओं में तेजी आई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने इन घटनाओं की सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। राष्ट्रीय फसल अवशेष प्रबंधन नीति 2014 के अंतर्गत जिला स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन समिति का गठन भी किया गया है। आदेश में अवशेषों को नष्ट कराने के निर्देश आदेश में उल्लेखित है कि कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेषों से भूसा तैयार करने के स्थान पर उन्हें जला दिया जाता है। जबकि भूसा पशु आहार व अन्य औद्योगिक उपयोग में काम आता है। 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम तक विक्रय किया जा सकता है। पर्याप्त भूसा उपलब्ध नहीं होने से पशु हानिकारक पदार्थ खाते हैं। जिससे वे बीमार होते हैं। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है। लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं। हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है और आग अनियंत्रित होने पर जन-धन और संपत्ति की हानि की आशंका रहती है। जुर्माने का भी जिक्र कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि प्रत्येक कम्बाइंड हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर या स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसकी निगरानी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी द्वारा की जाएगी। पर्यावरण विभाग के प्रावधानों के अनुसार, नरवाई जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। 2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 5000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपए प्रति घटना देय होगा। प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विस्तार अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रत्येक विकासखंड में हैप्पी सीडर, सुपर सीडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आदेश के पालन की निगरानी के लिए उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला, 2 पुलिसकर्मी की मौत, एक दिन में अलग-अलग हमलों में 7 जाने गईं

पाकिस्तान में मंगलवार को अलग-अलग हमलों में 7 पुलिसकर्मियों की जान चली गई। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में एक सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला हुआ। पंजाब पुलिस प्रमुख अब्दुल करीम के मुताबिक इस हमले में 2 पुलिसकर्मी मारे गए। इस धमाके में 3 आम लोग भी घायल हुए, जिनमें पोलियो रोधी अभियान से जुड़े 2 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इसी दिन इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट इलाके में उग्रवादियों ने एक पुलिस गाड़ी पर हमला किया। आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि इस हमले में 5 पुलिसकर्मी, जिनमें एक वरिष्ठ अधिकारी भी थे और 2 नागरिक मारे गए। कोहाट के जिला पुलिस अधिकारी शेहबाज इलाही ने बताया कि इस हमले में 3 अन्य लोग घायल भी हुए। पिछले एक हफ्ते में खैबर पख्तूनख्वा और दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में उग्रवादियों के खिलाफ झड़पों और सुरक्षा अभियानों के दौरान कम से कम 16 सुरक्षाकर्मी, जिनमें एक सीनियर सेना अधिकारी भी शामिल थे, मारे गए हैं। सेना के मुताबिक इन अभियानों और हमलों में 53 उग्रवादी भी मारे गए। हाल के सालों में पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाएं बढ़ी हैं। खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों, पुलिस और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।
अमेरिका में बर्फीले तूफान से 11 हजार फ्लाइट रद्द:5 लाख घरों की बिजली गुल, अखबार 153 साल में पहली बार प्रिंट नहीं छाप सका

अमेरिका में भीषण तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण एयरपोर्ट पर रनवे बंद करने पड़े और कई जगह उड़ानों पर रोक लगानी पड़ी। यहां रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। सिर्फ सोमवार को ही करीब 5,600 से 5,700 उड़ानें कैंसिल हुईं, जो देशभर की उड़ानों का लगभग 20% था। यह जानकारी फ्लाइट ट्रैकिंग कंपनी फ्लाइटअवेयर ने दी। नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स के कुछ हिस्सों में लगभग 37 इंच तक बर्फ गिरी। बर्फबारी की वजह से उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से ज्यादा घरों की बिजली चली गई। सोमवार शाम तक 5,19,232 घर और ऑफिस बिना बिजली के थे। भारी बर्फबारी के कारण द बोस्टन ग्लोब अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार अखबार नहीं छाप सका क्योंकि कर्मचारी प्रिंटिंग प्रेस तक नहीं पहुंच पाए। बर्फबारी की 5 तस्वीरें… बर्फबारी से कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में रविवार से सोमवार के बीच करीब 20 इंच बर्फ दर्ज की गई, जबकि लॉन्ग आइलैंड के इस्लिप इलाके में 22 इंच से ज्यादा बर्फ पड़ी। प्रोविडेंस, रोड आइलैंड में 32.8 इंच बर्फबारी हुई, जिसने 1978 के पुराने रिकॉर्ड 28.6 इंच को तोड़ दिया। हालात इतने खराब हो गए कि कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। न्यूयॉर्क सिटी में स्कूलों, सड़कों, पुलों और हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। बाद में हालात सुधरने पर मेयर जोहरान ममदानी ने यह आदेश हटा लिया और कहा कि स्कूल मंगलवार को खुलेंगे। वहीं मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हीली ने कुछ इलाकों में ट्रैवल बैन लागू किया और लोगों से घर में रहने की अपील की। रोड आइलैंड के गवर्नर डैन मैकी ने भी पूरे राज्य में ट्रैवल बैन लगा दिया। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने भी पूरे राज्य में इमरजेंसी की घोषणा की और नेशनल गार्ड को अलर्ट पर रखा है। न्यूयॉर्क में ट्रेन सेवा भी निलंबित रही तूफान का असर सिर्फ सड़कों और हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच ट्रेन सेवा सोमवार रात तक निलंबित रही। थिएटर ब्रॉडवे के सभी शो रविवार शाम रद्द कर दिए गए। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने कहा कि यह पिछले लगभग एक दशक का सबसे शक्तिशाली नॉरईस्टर तूफान है। कई इलाकों में प्रति घंटे 2 से 3 इंच तक बर्फ गिरने की चेतावनी दी गई है और हवा की रफ्तार कुछ जगह 110 मील प्रति घंटे तक पहुंच गई। नॉरईस्टर एक तरह का तेज तूफान होता है जो अमेरिका के पूर्वी तट पर आता है। इसे नॉरईस्टर इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें हवाएं आमतौर पर उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) दिशा से चलती हैं। गर्म और नम हवा मिलकर बनाती है यह तूफान अमेरिका के उत्तर-पूर्व में आने वाला यह विंटर स्टॉर्म इसलिए बनता है क्योंकि वहां मौसम की कुछ खास स्थितियां एक साथ बन जाती हैं। सर्दियों में कनाडा की तरफ से बहुत ठंडी हवा नीचे की ओर आती है। उसी समय समुद्र की तरफ से हल्की गर्म और नम हवा ऊपर उठती है। जब ये दोनों आमने-सामने आती हैं तो मौसम अचानक बिगड़ जाता है और तेज बर्फीला तूफान बन जाता है। समुद्र भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। अटलांटिक महासागर का पानी ठंड के मुकाबले थोड़ा गर्म रहता है। इससे हवा में नमी बढ़ती है। जब यह नमी ठंडी हवा से मिलती है तो भारी बर्फ गिरने लगती है। ऊपर आसमान में तेज रफ्तार से चलने वाली हवाएं (जिन्हें जेट स्ट्रीम कहते हैं) भी इस सिस्टम को और ताकत देती हैं। अगर हालात ठीक वैसे बन जाएं, तो तूफान बहुत तेजी से बड़ा और खतरनाक हो सकता है। —————————- ये खबर पढ़ें… अमेरिका के न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर के टॉयलेट जाम: 45 मिनट लाइन में लगना पड़ रहा, मरम्मत के लिए टेक्नीशियन और सैनिकों में झड़प ईरान की तरफ बढ़ रहा अमेरिकी न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड फोर्ड एक अलग ही संकट से जूझ रहा है। जहाज के ज्यादातर टॉयलेट जाम हो चुके हैं। इससे 4,500 से ज्यादा नौसैनिकों को रोज 45 मिनट तक लाइन में लगना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
सिवनी में तेज आवाज बुलेट पर पुलिस की कार्रवाई:मॉडिफाइड साइलेंसर के लिए किया जुर्माना; चालक को सख्त हिदायत

सिवनी शहर में तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगी मोटरसाइकिलों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। ध्वनि प्रदूषण और आमजन को हो रही असुविधा को देखते हुए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में मंगलवार की रात्रि को घसियारी चौक क्षेत्र में एक बुलेट मोटरसाइकिल को तेज आवाज वाले साइलेंसर के साथ पकड़ा गया। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर तेज और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और नागरिकों, विद्यार्थियों तथा बुजुर्गों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस ने तेज आवाज कर रही बुलेट मोटरसाइकिल को रोककर जांच की। जांच में पाया गया कि वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा हुआ था। इसके बाद वाहन को थाने लाकर खड़ा कराया गया और चालक के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 120/190(2) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने चालक से 1000 रुपए का समन शुल्क वसूल किया और उसे भविष्य में इस प्रकार का उल्लंघन न करने की सख्त हिदायत दी। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि शहर में नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और अवैध मॉडिफिकेशन से बचने की अपील की, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी के साथ आरक्षक सौरभ सिंह, सिद्धार्थ दुबे और लोकेश सरेयाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
PM Modi LIVE | Narendra Modi Israel Visit Photos Update; Benjamin Netanyahu

Hindi News International PM Modi LIVE | Narendra Modi Israel Visit Photos Update; Benjamin Netanyahu Drone Missiles Deal नई दिल्ली/तेल अवीव20 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी आज सुबह इजराइल के दौरे पर रवाना हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिन के इजराइल दौरे पर रवाना हो गए हैं। यह उनकी बीते 9 साल में दूसरी इजराइल यात्रा है। इससे पहले वे जुलाई 2017 में गए थे। बुधवार को राजधानी तेल अवीव पहुंचने के बाद PM मोदी नेतन्याहू के साथ प्राइवेट बातचीत करेंगे। मोदी आज इजराइल की संसद को भी संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इसके अलावा वे भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। मोदी के इस दौरे पर भारत और इजराइल के हथियारों से जुड़ी डील पर बातचीत की संभावना है। इनमें ड्रोन और एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इससे पहले नेतन्याहू ने रविवार को कहा था कि वे अपने प्रिय मित्र के इजराइल आने का इंतजार कर रहे हैं। तस्वीर मोदी के 2017 में पहले इजराइल दौरे की है। उस वक्त नेतन्याहू खुद पीएम को लेने एयरपोर्ट पहुंचे थे। मोदी के भाषण का बहिष्कार कर सकता है इजराइली विपक्ष इजराइली संसद में होने वाला मोदी का भाषण घरेलू राजनीति के विवाद में घिर गया है। इजराइल का विपक्ष बुधवार को संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार करने की योजना बना रहा है। विवाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आइजैक अमीत को आमंत्रित न किए जाने को लेकर है। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद स्पीकर अमीर ओहाना ने विशेष सत्र में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को आमंत्रित नहीं किया है। परंपरा के मुताबिक ऐसे औपचारिक सत्रों में चीफ जस्टिस को बुलाया जाता है। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री येर लैपिड ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का बहिष्कार दरअसल विपक्ष का भी बहिष्कार है। लैपिड ने कहा कि वे भारत को शर्मिंदा नहीं करना चाहते, जहां 1.5 अरब आबादी वाले देश का प्रधानमंत्री आधी खाली संसद को संबोधित करे। लैपिड ने चेतावनी दी है कि अगर चीफ जस्टिस को नहीं बुलाया गया तो, विपक्ष संसद के सत्र में शामिल नहीं होगा। कल यहूदियों के नरसंहार से जुड़े स्मारक जाएंगे मोदी दौरे के दूसरे दिन मोदी 26 फरवरी को इजराइल के ऐतिहासिक होलोकॉस्ट स्मारक ‘यद वाशेम’ जाएंगे। यह स्मारक जर्मनी में हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख से अधिक यहूदियों की याद में बना है। इनमें करीब 15 लाख बच्चे भी शामिल थे। स्मारक परिसर में पीड़ितों के नामों, दस्तावेजों और ऐतिहासिक अभिलेखों का विशाल संग्रह है। यहां रखी ‘बुक ऑफ नेम्स’ में लाखों पीड़ितों का विवरण दर्ज है। प्रधानमंत्री इन अभिलेखों का अवलोकन करेंगे और होलोकॉस्ट के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यद वाशेम के बाद प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे। बैठक में राजनीतिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों नेता क्षेत्रीय स्थिरता, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। जर्मनी में 1941 से 1945 के बीच हिटलर के शासन को दौरान लाखों यहूदी मारे गए थे। इसे नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है। इजराइल के ‘यद वाशेम’ के म्यूजियम में होलोकॉस्ट में मारे गए लोगों से जुड़ी यादें मौजूद हैं। यहां उनके नाम और तस्वीरें लगाई गई हैं। भारत-इजराइल के बीच ड्रोन डील संभव राष्ट्रपति से मुलाकात के तुरंत बाद मोदी, नेतन्याहू के साथ बैठक में शामिल होंगे। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान भारत और इजराइल के बीच ड्रोन की खरीद और जॉइंट मैन्युफैक्चरिंग समेत कई बड़े रक्षा समझौतों पर सहमति बन सकती है। फोर्ब्स इंडिया के मुताबिक 2026 में दोनों देशों के बीच 8.6 अरब डॉलर का रक्षा समझौता संभव है। इसमें प्रिसीजन गाइडेड बम और मिसाइल सिस्टम के साथ एडवांस ड्रोन भी शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत हैरोन MK-2 MALE ड्रोन खरीदने की योजना बना रहा है। यह ड्रोन 45 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है, 470 किलोग्राम भार उठा सकता है और 35 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC), व्यापार और निवेश, एडवांस टेक्नोलॉजी व इनोवेशन में जैसे मुद्दों पर भी बातचीत संभव हैं। हालांकि संभावित समझौतों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आयरन डोम डिफेंस सिस्टम पर भी बात हो सकती है इजराइल भारत के साथ अपने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम की टेक्नोलॉजी शेयर कर सकता है। यह जानकारी मुंबई में IANS को दिए इंटरव्यू में इजराइल के कॉन्सुल जनरल यानिव रेवाच ने दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एजेंडे में आयरन डोम को लेकर बातचीत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इजराइल इस टेक्नोलॉजी को भारत के साथ शेयर करने के लिए है। रेवाच ने कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से मजबूत रक्षा संबंध है। अब इसे आगे बढ़ाते हुए भारत में सैन्य उपकरणों के निर्माण पर फोकस किया जाएगा। भारत-इजराइल में FTA पर बातचीत जारी मोदी का यह दौरा ऐसे वक्त पर हो रहा है जब भारत और इजराइल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुआ है और यह 26 फरवरी 2026 तक चलेगा। नवंबर 2025 में दोनों देशों ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर साइन किए थे, जिससे यह तय हुआ कि किन मुद्दों पर बातचीत होगी और कैसे आगे बढ़ा जाएगा। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल सामान का व्यापार 3.62 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 31 हजार करोड़ रुपए रहा। दोनों देश कई क्षेत्रों में एक-दूसरे के लिए फायदेमंद हैं। यह एफटीए दोनों के बीच व्यापार बढ़ाने में मदद करेगा और कारोबारियों, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों को ज्यादा भरोसा और स्थिरता देगा। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के एक्सपर्ट्स अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इनमें गुड्स एंड सर्विसेज का व्यापार, रूल्स ऑफ ओरिजन, हेल्थ और पौधों से जुड़े नियम, व्यापार में आने वाली तकनीकी रुकावटें, कस्टम प्रोसेस, व्यापार को आसान
लंढौरा राजघराने के 'चैंपियन' का 350 कमरों वाला रंगमहल:खेल से मिली पहचान, चार बार विधायक बने; विवादों से हमेशा सुर्खियों में रहे

उत्तराखंड की राजनीति में कुंवर प्रणव सिंह ‘चैंपियन’ ऐसा नाम है, जो लंढौरा राजघराने की विरासत, शाही ठाठ और हथियारों के शौक के साथ-साथ 350 कमरों वाले ‘रंगमहल’ और अपनी अलग जीवनशैली के कारण भी चर्चा में रहा है। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाने के बाद वे राजनीति में उतरे और चार बार विधायक बने। हालांकि उनका राजनीतिक सफर उपलब्धियों के साथ-साथ विवादों से भी घिरा रहा। बगावत, पार्टी बदलने, फायरिंग और हथियारों से जुड़े वीडियो ने उन्हें हमेशा सुर्खियों में बनाए रखा। लंढौरा की गुजर रियासत के राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का बचपन रुड़की के पास स्थित पारिवारिक आवास ‘रंग महल’ में बीता। उनके पिता राजा नरेंद्र सिंह भी लक्सर से विधायक रहे और उन्हीं से उन्हें राजनीति की प्रेरणा मिली। शुरुआत में चैंपियन ने खेल को करियर बनाया और कुश्ती व आर्म रेस्लिंग में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते, जिससे उन्हें ‘चैंपियन’ नाम मिला। वर्ष 2002 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीतकर राजनीति में एंट्री की और इसके बाद कांग्रेस व भाजपा दोनों से चुनाव जीतते हुए चार बार विधायक बने। उनकी पहचान मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में बनी, लेकिन विवादों ने भी उनके करियर को लगातार प्रभावित किया। ‘चैंपियन’ के शाही पृष्ठभूमि, संपत्ति और परिवार से जुड़े तथ्य… 1. राजघराने की विरासत और ‘रंग महल’ से शाही पहचान कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन लंढौरा की गुजर रियासत के राजपरिवार से आते हैं, जिससे उनकी पहचान सिर्फ एक राजनेता नहीं बल्कि शाही विरासत से जुड़े चेहरे के रूप में भी रही है। रुड़की के पास स्थित उनका पारिवारिक आवास ‘रंग महल’ लंबे समय से चर्चा में रहा है। इसे उनकी पारंपरिक हैसियत और शाही जीवनशैली का प्रतीक माना जाता है, जो उनकी राजनीतिक छवि को भी अलग पहचान देता है। 2. घोषित संपत्ति 1.88 करोड़, कृषि भूमि-मकान शामिल 2017 के विधानसभा चुनाव हलफनामे के अनुसार चैंपियन ने अपनी कुल संपत्ति करीब 1.88 करोड़ रुपए घोषित की थी। इसमें हरिद्वार के लंढौरा क्षेत्र में 12 एकड़ कृषि भूमि, देहरादून में आवासीय मकान और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा पारिवारिक विरासत और अचल संपत्ति के रूप में दर्ज है, जबकि ‘रंग महल’ को लेकर अक्सर उनकी शाही पृष्ठभूमि की चर्चा होती रही है। 3. पत्नी राजनीति में सक्रिय, बेटे ने खेल में दिलाया सम्मान चैंपियन का परिवार भी राजनीति और खेल दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। उनकी पत्नी देवयानी सिंह 2022 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुकी हैं, जबकि उनके बेटे दिव्य प्रताप सिंह ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर परिवार को नई पहचान दिलाई। समर्थक उन्हें निडर और प्रभावशाली नेता मानते हैं, जबकि विरोधी उनकी आक्रामक शैली और विवादों को लेकर आलोचना करते रहे हैं। यही विरोधाभास उनकी राजनीतिक छवि को हमेशा चर्चा में बनाए रखता है। 5 प्वाइंट्स में पढ़िए खेल से राजनीति तक ऐसे बने चैंपियन… 1. राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में बनाई पहली पहचान कुंवर प्रणव सिंह ने युवा अवस्था में कुश्ती और आर्म रेस्लिंग में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाई। वर्ष 1989 से 1994 के बीच उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पदक जीते। खेल के मैदान में मिली इस सफलता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई और यहीं से उन्होंने अपने नाम के साथ ‘चैंपियन’ उपनाम जोड़ लिया, जो बाद में उनकी स्थायी पहचान बन गया। 2. खेल छोड़कर सार्वजनिक जीवन और राजनीति में एंट्री 1995 में सक्रिय खेल करियर छोड़ने के बाद उन्होंने सामाजिक और स्थानीय गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया। राजघराने की पृष्ठभूमि और जनसंपर्क के कारण वे जल्द ही क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हो गए। लोगों के बीच उनकी मजबूत पकड़ और आक्रामक शैली ने उन्हें एक उभरते हुए युवा नेता के रूप में पहचान दिलाई। 3. निर्दलीय जीत से शुरू हुआ विधायक बनने का सफर वर्ष 2002 में उत्तराखंड के पहले विधानसभा चुनाव में उन्होंने लक्सर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर राजनीति में मजबूत एंट्री की। इसके बाद 2007 में कांग्रेस के टिकट पर फिर लक्सर से विधायक बने। 2012 में सीट बदलकर खानपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव और बढ़ गया। 4. भाजपा से चौथी जीत, कैबिनेट रैंक का पद भी मिला 2017 में भाजपा के टिकट पर खानपुर से चुनाव जीतकर वे चौथी बार विधायक बने। इससे पहले 2012 में कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया, जिसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने वन विभाग और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। 5. बगावत, निष्कासन और वापसी ने बनाए रखा चर्चा में 2016 में उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ बगावत कर दी, जिसके बाद उन्हें विधायक पद से अयोग्य घोषित किया गया। बाद में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने फिर चुनाव जीता। हालांकि 2019 में हथियारों के साथ वायरल वीडियो के बाद भाजपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया, लेकिन लिखित माफी के बाद उनकी पार्टी में वापसी हुई। इन घटनाओं ने उनके राजनीतिक करियर को लगातार चर्चा में बनाए रखा। हाल के वर्षों में इन विवादों से घिरे… हथियार लहराते हुए नाचने का वीडियो सामने आया 2019 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें चैंपियन हथियार लहराते हुए नाचते नजर आए। इस वीडियो के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने लिखित माफी दी और पार्टी में उनकी वापसी हुई। खानपुर विधायक के कार्यालय में फायरिंग का आरोप जनवरी 2025 में चैंपियन पर खानपुर विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय में समर्थकों के साथ पहुंचकर फायरिंग करने का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए और पुलिस ने चैंपियन को गिरफ्तार भी किया। इस विवाद ने राज्यभर में राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। समर्थकों के बीच नोट उड़ाने का वीडियो वायरल 2026 में एक कार्यक्रम के दौरान कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का समर्थकों के बीच नोट उड़ाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस घटना के बाद उनकी जीवनशैली और सार्वजनिक आचरण को लेकर नई बहस छिड़ गई। समर्थकों ने इसे जश्न का हिस्सा बताया, जबकि विरोधियों ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ








