योग महिलाओं को बर्नआउट से उबरने में कैसे कर सकता है मदद? यहां जानें!

Corporate Wellness Reset: कई प्रोफेशनल महिलाओं के लिए सफलता अक्सर शांति की कीमत पर आती है. मीटिंग्स से कैलेंडर भरे रहते हैं, डेडलाइन देर रात तक खिंच जाती हैं, और खुद की सेहत धीरे-धीरे सबसे नीचे चली जाती है. लीडरशिप, देखभाल और करियर ग्रोथ हमेशा एक साथ चलती रहती है. इसका नतीजा है थकावट का एक जाना-पहचाना एहसास – ऊंची उपलब्धि के साथ कम रिकवरी. लेकिन अब धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है. वेलनेस को साल में एक बार या वीकेंड की तरह मानने के बजाय, अब ज्यादा महिलाएं इसे अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल कर रही हैं. और योग सबसे आसान और टिकाऊ तरीका बनता जा रहा है… ‘कॉर्पोरेट दुनिया में महिलाएं लगातार लीडरशिप, परिवार, सेहत और खुद की ग्रोथ को बैलेंस करती हैं, और इसी में वे खुद को सबसे पीछे रख देती हैं,’ कहते हैं सौरभ बोथरा, Habuild के को-फाउंडर और योग टीचर. उनका मानना है कि असली बदलाव तब आता है जब वेलनेस कभी-कभार की चीज न होकर रोज की आदत बन जाती है. वे बताते हैं, ‘योग इसलिए काम करता है क्योंकि यह आसान, सबके लिए और एडजस्टेबल है. जब इसे रोज किया जाए, तो यह एक एंकर हैबिट बन जाता है – एक छोटी सी रोज की कमिटमेंट जो ताकत, फोकस, इमोशनल बैलेंस और डिसीजन मेकिंग को बेहतर करती है.’ एंकर हैबिट का यही आइडिया सबसे जरूरी है. मोटिवेशन के झटकों पर निर्भर रहने के बजाय, योग एक ऐसी आदत बन जाता है जो रोजमर्रा की चीज है, जैसे दांत साफ करना. योग को अक्सर शारीरिक एक्सरसाइज के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसके फायदे इससे कहीं ज्यादा हैं. सुमी लाजर, प्राणिक हीलिंग इंस्ट्रक्टर और वर्ल्ड प्राणिक हीलिंग इंडिया की ट्रस्टी, कहती हैं कि योग इमोशनल और एनर्जी की थकावट को भी दूर करता है. ‘महिलाएं अपनी जिंदगी में कई रोल निभाती हैं. इसलिए बर्नआउट होना कोई हैरानी की बात नहीं है,’ वे बताती हैं. एडवांस्ड मेडिटेशन सिस्टम जैसे अर्हाटिक योग के जरिए, प्रैक्टिशनर्स अपनी एनर्जी फील्ड को बढ़ाते हैं और स्ट्रेस मैनेज करने की ताकत मजबूत करते हैं. ‘नियमित अभ्यास से अंदरूनी ताकत, करुणा और अंतर्ज्ञान अपने आप बढ़ता है,’ लाजर बताती हैं, ये क्वालिटीज महिलाओं को प्रोफेशनल और पर्सनल जिम्मेदारियों को आसानी और मजबूती से संभालने में मदद करती हैं. प्रैक्टिकल लेवल पर, योग बिजी शेड्यूल में भी आसानी से फिट हो जाता है. आपको एक घंटे की क्लास या परफेक्ट जगह की जरूरत नहीं है. कॉल्स के बीच कुछ गहरी सांसें या डेस्क पर स्ट्रेचिंग से नर्वस सिस्टम रीसेट हो जाता है. तारिका दवे, होलिस्टिक लाइफ कोच और योग एक्सपर्ट, कहती हैं कि योग की यही आसानी हाई परफॉर्मर्स के लिए जरूरी है. ‘यह डिकम्प्रेशन और री-कनेक्शन का टूल है. कुछ गहरी सांसें भी नर्वस सिस्टम को शांत कर सकती हैं, तनाव कम कर सकती हैं और क्लैरिटी ला सकती हैं,’ वे बताती हैं. वे जोड़ती हैं कि फायदे वहीं दिखते हैं जहां सबसे ज्यादा जरूरत होती है – तेज फोकस, स्थिर भावनाएं और आत्मविश्वास से फैसले लेना. ‘यह आपको रीचार्ज करने और अपनी महत्वाकांक्षा को बिना बर्नआउट के आगे बढ़ाने में मदद करता है,’ वे कहती हैं. इन सभी तरीकों को जोड़ता है सफलता की नई परिभाषा. ताकत अब सिर्फ काम के घंटों या हासिल किए गए गोल्स से नहीं, बल्कि टिकाऊपन से मापी जाती है – बिना दबाव के अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता. रोजाना योग धीरे-धीरे यह नींव बनाता है. समय के साथ बेहतर नींद, सुधरी हुई मुद्रा, शांत प्रतिक्रिया और साफ सोच बढ़ती जाती है, जिससे शरीर और दिमाग लंबे समय तक महत्वाकांक्षा को संभाल सकते हैं. कॉर्पोरेट वेलनेस अब भागने की बात नहीं है. यह इंटीग्रेशन की बात है. सुबह की छोटी योग फ्लो, प्रेजेंटेशन से पहले ब्रेथवर्क या शाम के स्ट्रेचेज ऐसे एंकर बन सकते हैं जो दिनभर की भागदौड़ में ठहराव लाते हैं. ये छोटे-छोटे ब्रेक तनाव को बढ़ने से रोकते हैं. जिस कल्चर में हसल को सेलिब्रेट किया जाता है, योग कुछ अलग देता है: बैलेंस. और महिलाओं के लिए, यही बैलेंस सबसे ताकतवर प्रोडक्टिविटी टूल हो सकता है. Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.
इजराइल की ईरान पर एयरस्ट्राइक देखें PHOTO-VIDEO:तेहरान समेत कई शहरों में धुएं का गुबार, ईरान के फाइटर जेट्स ने भी उड़ान भरी

इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमला कर दिया। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में धमाके हुए। आसमान में धुएं का गुबार छा गया। लगातार एयर अटैक सायरन बज रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे अपने नागरिकों की रक्षा के लिए उठाया कदम बताया है। हमले के बाद ईरान और इजराइल में तनाव बढ़ गया है। नीचे 10 तस्वीरों में देखिए ईरान के हालात… इजराइल की ईरान पर हमले से जुड़ी तस्वीरें… यरुशलम और तेल अवीव में सायरन सुनाई दिए…
अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर हमला किया, कई शहरों में धमाके:सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट; ट्रम्प बोले- अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए अटैक किया

इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। इजराइल डिफेंस फोर्स ने ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया है। हमले के बाद ईरान ने सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस खाली करा लिया है। इधर इजराइल में भी एयर अटैक सायरन सुनाई दे रहे हैं। संवेदनशील इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। वहीं अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है। इसके तहत ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के दफ्तर के पास हमला किया गया। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर’ (शेर की दहाड़) रखा है। यह नाम इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तय किया है। बताया गया है कि सेना ने पहले इस हमले के लिए दूसरा नाम रखा था। यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजरायल छोड़ने के लिए कहा था। हमले की तस्वीरें… ईरान-अमेरिका के बीच बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद चल रहा था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। अमेरिकी सेना पहले ही ईरान को चारों तरफ से घेर चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजराइल छोड़ने के लिए कहा था। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है। ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा। ईरान कहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी, मिसाइल या क्षेत्रीय समूहों पर नहीं। इजराइल के ईरान पर हमले से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Jammu Kashmir Ranji Trophy Title Near

स्पोर्ट्स डेस्क44 मिनट पहले कॉपी लिंक यावर हसन और शुभम पुंदीर ने पहली पारी में सेंचुरी पार्टनरशिप कर जम्मू-कश्मीर को बढ़त दिलाई। जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गया है। कर्नाटक के खिलाफ फाइनल के पांचवें दिन लंच तक टीम ने 576 रन की बढ़त बना ली। कामरान इकबाल के शतक की मदद से जम्मू ने अपनी दूसरी पारी में लंच सेशन तक 4 विकेट खोकर 285 रन बना लिए हैं। हुबली में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रन की बढ़त बना ली थी। आखिरी दिन अगर मुकाबला ड्रॉ भी रह गया तो जम्मू की टीम पहली पारी में बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी चैंपियन बन जाएगी। टीम 8 बार की विजेता कर्नाटक को हराने के करीब है। 5वें दिन कामरान के शतक से जम्मू आगे हुआ जम्मू-कश्मीर ने 5वें और आखिरी दिन 186/4 के स्कोर से खेलना शुरू किया। कामरान इकबाल ने शतक लगाया और टीम को 200 के पार पहुंचा दिया। लंच सेशन तक टीम ने 4 विकेट खोकर 262 रन बना लिए। कामरान 124 और साहिल लोत्रा 80 रन बनाकर नॉटआउट लौटे। दोनों ने सेंचुरी पार्टनरशिप कर ली। टीम ने 576 रन की बढ़त बना ली है। शुक्रवार को मुकाबले के चौथे दिन टीम ने 4 विकेट गंवा दिए। यावर हसन 1, शुभम पुंदीर 4, कप्तान पारस डोगरा 16 और अब्दुल समद 32 रन बनाकर आउट हुए। कर्नाटक से प्रसिद्ध कृष्णा 2 विकेट ले चुके हैं। विजयकुमार वैशाख और श्रेयस गोपाल को 1-1 विकेट मिला। कामरान इकबाल ने दूसरी पारी में शतक लगाया। पहली पारी में शुभम पुंदीर का शतक गुरुवार को मुकाबले के पहले दिन जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर बैटिंग चुन ली। यावर हसन ने 88, शुभम पुंदीर ने 121, कप्तान पारस डोगरा ने 70, अब्दुल समद ने 61, विकेटकीपर कन्हैया वाधवान ने 70 और साहिल लोत्रा ने 72 रन बनाकर टीम को 584 तक पहुंचा दिया। जम्मू कश्मीर ने ढाई दिन बैटिंग की और कर्नाटक के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाया। होम टीम के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 विकेट लिए। विद्याधर पाटील, विजयकुमार वैशाख, श्रेयस गोपाल और शिखर शेट्टी ने 1-1 विकेट लिया। एक बैटर रन आउट भी हुआ। प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 विकेट लिए। कर्नाटक से मयंक अग्रवाल का शतक 584 के सामने कर्नाटक की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने 57 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। केएल राहुल 13 और कप्तान देवदत्त पडिक्कल 11 रन बनाकर आउट हुए। करुण नायर और रविचंद्रन स्मरण खाता भी नहीं खोल सके। पूर्व कप्तान मयंक अग्रवाल ने फिर श्रेयस गोपाल और कृतिक कृष्णा के साथ पारी संभाली। हालांकि, दोनों के आउट होते ही कर्नाटक की पारी बिखर गई। अग्रवाल 160 रन बनाकर आउट हुए, उनके जाते ही टीम 293 रन पर सिमट गई। इस तरह जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में 291 रन की बढ़त मिल गई। टीम से तेज गेंदबाज आकिब नबी ने 5 विकेट लिए। सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह चरक को 2-2 विकेट मिले। साहिल लोत्रा ने भी 1 विकेट लिया। सेमीफाइनल में बंगाल, क्वार्टर फाइनल में एमपी को हराया ग्रुप स्टेज में जम्मू कश्मीर ने 3 मैच जीते और 3 मुकाबले ड्रॉ खेलकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। ग्रुप में टीम को इकलौती हार मुंबई के खिलाफ मिली। क्वार्टर फाइनल में टीम ने इंदौर में होम टीम मध्य प्रदेश को 56 रन के करीबी अंतर से हरा दिया। सेमीफाइनल में फिर बंगाल को 99 पर ऑलआउट किया और 6 विकेट से मुकाबला जीत लिया। अब फाइनल में टीम कर्नाटक को हराने के करीब है। कर्नाटक 11 साल बाद फाइनल में पहुंचा था कर्नाटक ने भी ग्रुप-बी में 3 ही मुकाबले जीते और 3 ड्रॉ खेले। टीम को इकलौती हार टेबल टॉपर मध्य प्रदेश के खिलाफ मिली थी। कर्नाटक ने क्वार्टर फाइनल में मुंबई जैसी मजबूत टीम को उन्हीं के होमग्राउंड पर 4 विकेट से हरा दिया। उत्तराखंड के खिलाफ टीम ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर सेमीफाइनल जीत लिया। टीम अब पहली पारी में बढ़त नहीं ले पाने के कारण ही फाइनल हार रही है। कर्नाटक ने 11 साल बाद रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई थी। टीम ने 2013-14 और 2014-15 में लगातार 2 सीजन खिताब जीते। टीम 8 बार चैंपियन बनी और 4 बार रनर-अप भी रही। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर इतिहास में अपना पहला ही रणजी फाइनल खेल रहा है। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 कर्नाटक: देवदत्त पडिकल (कप्तान), केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, करुण नायर, स्मरण रविरचंद्रन, श्रेयस गोपाल, कृतिक कृष्णा, विद्याधर पाटिल, विजयकुमार वैशाख, शिखर शेट्टी, प्रसिद्ध कृष्णा। जम्मू-कश्मीर: पारस डोगरा (कप्तान), कमरान इकबाल, यावर हसन, शुभम पुंदीर, अब्दुल समद, कन्हैया वाधवान, आबिद मुश्ताक, आकिब नबी डार, युद्धवीर सिंह चरक, साहिल लोत्रा, सुनील कुमार। ——————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————————– टी-20 वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड ने लगातार तीसरा सुपर-8 मैच जीता, कीवियों की उम्मीदें पाकिस्तान पर टिकीं इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप के 9वें सुपर-8 मैच में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया है। इस जीत ने पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें कायम रखी हैं। वहीं, न्यूजीलैंड को पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gold Price Today; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 February 2026)

Hindi News Business Gold Price Today; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 February 2026) | Gold Silver Rate Today नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में बढ़त रही। सोना 4 हजार रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 20 फरवरी, शुक्रवार को 1,55 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी 2.50 लाख किलो से बढ़कर 2.67 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 17 हजार रुपए बढ़ी है। सोना इस साल ₹26,000 और चांदी ₹36,000 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 25,902 रुपए और चांदी 36,280 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोने-चांदी के दाम बढ़ने के 3 मुख्य कारण दुनिया में टेंशन: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान झगड़ा और रूस-यूक्रेन वार्ता फेल होने से असुरक्षा का माहौल है। लोग गोल्ड में पैसा लगा रहे हैं। फेड रेट कट की उम्मीद: अमेरिकी फेड से इस साल ब्याज दरें घटाने के संकेत दिए हैं। दरें कम होने पर गोल्ड जैसी चीजों की डिमांड बढ़ जाती है। सस्ते में खरीदारी: पिछले दिनों दोनों मेटल्स में बड़ी गिरावट के बाद दाम आकर्षक हो गए। निवेशक और ज्वेलर्स ने सस्ते में खरीदना शुरू कर दिया। 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
चंदिया कटनी बाइपास पर ट्रकों से यातायात बाधित:एक किलोमीटर तक सड़क पर खड़े रहते हैं भारी वाहन

उमरिया जिले के चंदिया नगर में कटनी बाइपास मार्ग पर अव्यवस्थित रूप से खड़े ट्रकों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। करीब एक किलोमीटर लंबे हिस्से में सड़क के दोनों किनारों पर भारी वाहनों की कतार लगने से आवागमन बाधित हो रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों को साइड देने में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे तक ट्रक सड़क घेरकर खड़े रहते हैं। मार्ग पर अंधा मोड़ होने के कारण सामने से आने वाले वाहन समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले बाइक सवार दुर्गा ने बताया कि दोनों तरफ ट्रक खड़े होने से निकलने की जगह नहीं बचती। यह शहर में प्रवेश का मुख्य मार्ग है, जिससे रात के समय आवागमन विशेष रूप से मुश्किल हो जाता है। मामले को लेकर एसडीओपी पी.एल. परस्ते ने बताया कि ट्रकों के खड़े होने से यातायात बाधित होने की शिकायत मिली है। उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एक्ट्रेस यामी गौतम ने देख ली धुरंधर 2!:बोलीं- ये ऐसा अनुभव है जिसे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे, फिल्म देखकर भावुक हो गई

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद से ही दर्शकों को फिल्म के दूसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार है, जो 19 मार्च को रिलीज होगा। इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर की पत्नी और एक्ट्रेस यामी गौतम ने फिल्म को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया, जब उन्होंने बताया कि वह धुरंधर 2 देख चुकी हैं। News18 से बातचीत में यामी गौतम ने कहा, मेरे पति ने ‘उरी’ जैसीकई बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। हाल ही में उन्होंने धुरंधर बनाई है। धुरंधर जैसी फिल्म बनाने के लिए उनमें गजब का जुनून है, वरना यह मुमकिन नहीं होता। जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या उनकी कोई फिल्म 19 मार्च को रिली हो रही है, तो उन्होंने जवाब दिया, देखिए, धुरंधर से जुड़ी कोई भी जानकारी आदित्य ही देंगे। बाकी सभी की तरह मेरा भी उस दिन सिनेमा हॉल में एक जरूरी अपॉइंटमेंट है, तो आप सभी से वहीं मुलाकात होगी। यामी गौतम ने आगे बताया कि उन्होंने धुरंधर 2 देख ली है। एक्ट्रेस ने कहा, मैंने धुरंधर 2 देख ली है। यह असाधारण से भी बढ़कर है। मैं बहुत भावुक हो गई थी। उस दिन मुझे फ्लाइट पकड़नी थी, इसलिए मैं आदित्य से कुछ कह नहीं पाई। बाद में भी मैं कुछ कर नहीं पाई। मुझे स्क्रिप्ट पढ़नी थी, लेकिन पढ़ नहीं पाई कुछ देखना था, लेकिन देख भी नहीं पाई। धुरंधर 2 दर्शकों के लिए एक ऐसा अनुभव होगा, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। बता दें, ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिली होगी। इस फिल्म का क्लैश यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ से होगा। फिल्म में रणवीर सिंह लीड रोल में हैं। उनके साथ आर माधवन, अर्जुन रामपाल और संजय दत्त जैसे सितारे भी नज़र आएंगे।
पूर्व-डीजीपी पुरस्कृत, विद्रोही पद से हटा, कानूनी और स्टार शक्ति बरकरार: टीएमसी के राज्यसभा सदस्य की पसंद का खुलासा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:28 फरवरी, 2026, 09:39 IST यदि एक न्यायाधीश बेंच से राजनीतिक युद्ध के मैदान में जा सकता है, तो दीदी संकेत देती प्रतीत होती हैं, तो एक पुलिस प्रमुख भी ऐसा कर सकता है। बंगाल के डीजीपी के रूप में सेवानिवृत्त हुए अभी कुछ महीने भी नहीं हुए हैं कि राजीव कुमार संसद जा रहे हैं (छवि: पीटीआई फ़ाइल) अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के नवीनतम राज्यसभा नामांकन में सबसे स्पष्ट संकेत यहाँ है – वफादारी मायने रखती है और समय अधिक मायने रखता है। बंगाल के डीजीपी पद से रिटायर होने के कुछ महीने भी नहीं बीते हैं कि राजीव कुमार संसद की ओर बढ़ रहे हैं। एक दशक से अधिक समय से, वह राज्य के सबसे विवादास्पद पुलिस अधिकारियों में से एक रहे हैं, खासकर सारदा चिटफंड घोटाले की जांच और नाटकीय सीबीआई गतिरोध के बाद से, जिसके कारण ममता बनर्जी को उनके बचाव में धरने पर बैठना पड़ा। उसका उत्थान सूक्ष्म नहीं है; यह एक बयान है. बंगाल के राजनीतिक हलकों में कई लोग इसे भाजपा द्वारा पूर्व सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय को संसद के लिए नामांकित करने पर ममता बनर्जी की नपी-तुली प्रतिक्रिया के रूप में देखते हैं। यदि एक न्यायाधीश बेंच से राजनीतिक युद्ध के मैदान में जा सकता है, तो दीदी संकेत देती प्रतीत होती हैं, तो एक पुलिस प्रमुख भी ऐसा कर सकता है। संस्थागत तटस्थता अब खुले तौर पर परिवर्तनीय राजनीतिक पूंजी है। लेकिन कुमार डिज़ाइन का केवल एक हिस्सा हैं। वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी, जो सुप्रीम कोर्ट में अपनी सशक्त दलीलों के लिए जानी जाती हैं, ऐसे समय में कानूनी शक्ति लाती हैं जब केंद्र-राज्य तनाव अक्सर अदालत कक्षों में फैल जाता है। इसके अलावा, सार्वजनिक रूप से बाहर किए गए LGBTQ+ संवैधानिक वकील को राज्यसभा में पदोन्नत करके, बनर्जी ने एक सुविचारित राजनीतिक कदम को अंजाम देते हुए प्रतिनिधित्व की वकालत करते हुए वकालत और कौशल दोनों का संकेत दिया। अभिनेत्री कोएल मलिक टॉलीवुड की याद दिलाती हैं, जिस पर ममता लंबे समय से भरोसा करती रही हैं। देव से लेकर मिमी चक्रवर्ती, शताब्दी रॉय, तापस पॉल और नुसरत जहां तक, सेलिब्रिटी चुनावी शॉर्टहैंड बने हुए हैं। फिर बाबुल सुप्रियो हैं, जो कभी पीएम मोदी के पसंदीदा और केंद्रीय मंत्री थे, बाद में तृणमूल में शामिल हुए, राज्य कैबिनेट के सदस्य और अब उच्च सदन के माध्यम से संसद में लौट रहे हैं। राजनीतिक आख्यान का पुनर्आविष्कार पुरस्कृत है। गौरतलब है कि चार में से दो उम्मीदवार गैर-बंगाली हैं – यह एक अनुस्मारक है कि तृणमूल की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाएं अब बयानबाजी नहीं हैं। पार्टी बंगाल के मूल को मजबूत करने के साथ-साथ दिल्ली-सामना वाली प्रोफ़ाइल भी तैयार कर रही है। स्टार पावर, कानूनी मारक क्षमता, प्रशासनिक वफादारी, और क्रॉस-पार्टी धर्मान्तरण – ये नामांकन नियमित संसदीय नियुक्तियाँ नहीं हैं। वे दीदी की ओर से राजनीतिक संदेश हैं, और इसमें तीखे, जानबूझकर और स्पष्ट रूप से ममता तत्व शामिल हैं। पहले प्रकाशित: 28 फरवरी, 2026, 09:39 IST समाचार राजनीति पूर्व-डीजीपी को इनाम, विद्रोही को हटाया गया, कानूनी और स्टार पावर बरकरार: टीएमसी के राज्यसभा सदस्य की पसंद का खुलासा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा नामांकन(टी)ममता बनर्जी राजनीतिक रणनीति(टी)राजीव कुमार संसद(टी)मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट(टी)कोयल मलिक टॉलीवुड(टी)बाबुल सुप्रियो तृणमूल(टी)बंगाल राजनीति(टी)तृणमूल की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाएं
हरदा में जलकर बढ़ोतरी पर घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल:प्रस्ताव लाने वाले बीजेपी उपाध्यक्ष ही अब कर रहे पुनर्विचार की मांग

हरदा में जलकर की बढ़ी हुई दर को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नगर पालिका परिषद की सामान्य बैठक में जलकर 75 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया। परिषद में बताया गया कि प्रति कनेक्शन करीब 563 रुपये प्रतिमाह खर्च आ रहा है, इसी आधार पर दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि जलकर बढ़ाने का प्रस्ताव नगर पालिका उपाध्यक्ष अंशुल गोयल ने ही रखा था। उन्होंने शुरुआत में 300 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन चर्चा के बाद 200 रुपये प्रतिमाह की दर बहुमत से पारित कर दी गई। कांग्रेस ने किया था विरोध बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने 75 रुपये से सीधे 200 रुपये करने का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि दर बढ़ानी है तो उसे 100 रुपये प्रतिमाह किया जाए। यह आपत्ति परिषद की कार्यवाही में दर्ज है और इसके वीडियो प्रमाण भी मौजूद हैं। अब वही उपाध्यक्ष अंशुल गोयल मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर जलकर की दर कम करने या फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप: दोहरी राजनीति नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि जब प्रस्ताव खुद उपाध्यक्ष ने रखा और बहुमत से पारित कराया, तो अब दर कम करने की मांग किस आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले बहुमत का उपयोग कर फैसला करती है और अब जनता के दबाव में खुद को हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है। परिषद बैठक बुलाने की मांग कांग्रेस ने मांग की है कि यदि वास्तव में जलकर कम करना है तो परिषद की विशेष बैठक बुलाकर औपचारिक प्रस्ताव लाया जाए और दर 100 रुपये प्रतिमाह तय की जाए। उनका कहना है कि केवल पत्र लिखना पर्याप्त नहीं है। जलकर वृद्धि को लेकर शहर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर नगर पालिका परिषद की अगली बैठक और प्रशासन के फैसले पर टिकी है।
हाईकोर्ट ने पूछा-दिव्यांगों के रिक्त पद क्यों नहीं भरे?:जीएडी के प्रमुख सचिव और एमपीडब्ल्यूएलसी के प्रबंध निदेशक को नोटिस, 22 हजार पदों का मामला

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला एवं मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 30 जनवरी 2024 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट की जाए। कोर्ट ने दिए थे पद भरने के निर्देश दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर कर बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के करीब 22 हजार पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इस संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने सरकार को रिक्त पद भरने के निर्देश दिए थे। वकील बोले-अफसर अवमानना कर रहे सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को छह माह की मोहलत दी थी। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिवम त्रिपाठी ने इसे अवमानना से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।








