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गर्दन का कालापन किन बीमारियों का संकेत? घरेलू उपचार से भी न हो ठीक तो जरूर चेक करवाएं ये चीज

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Last Updated:March 01, 2026, 23:07 IST क्या आपकी गर्दन का रंग धीरे-धीरे गहरा होता जा रहा है और घरेलू उपाय करने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा. अक्सर लोग इसे धूप, गंदगी या टैनिंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार गर्दन का कालापन शरीर में चल रही किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन या थायरॉइड जैसी स्थितियां भी इसके पीछे वजह बन सकती हैं. ऐसे में अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो सिर्फ क्रीम और घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरी जांच करवाना समझदारी है. गर्दन का कालापन अक्सर लोग धूल, धूप या साफ-सफाई की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह साधारण टैनिंग या डेड स्किन की वजह से भी हो सकता है, लेकिन अगर गर्दन का रंग लगातार गहरा बना रहे और घरेलू उपायों से भी फर्क न पड़े, तो यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. इसलिए इस बदलाव को हल्के में लेना ठीक नहीं है. सबसे आम कारणों में से एक है इंसुलिन रेजिस्टेंस, जो आगे चलकर टाइप 2 डायबिटीज का रूप ले सकता है. जब शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो त्वचा के कुछ हिस्सों पर काला और मोटा पैच बनने लगता है. इसे मेडिकल भाषा में एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है. यह समस्या आमतौर पर गर्दन, बगल या कोहनी के आसपास दिखती है. अगर गर्दन का कालापन त्वचा के मोटेपन और खुरदरापन के साथ नजर आए, तो ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. हार्मोनल असंतुलन भी गर्दन के कालेपन का कारण बन सकता है. खासकर पीसीओएस जैसी स्थितियों में महिलाओं को गर्दन और अन्य हिस्सों पर पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है. थायरॉइड गड़बड़ी भी त्वचा के रंग और बनावट पर असर डाल सकती है. ऐसे मामलों में केवल स्किन क्रीम लगाने से फायदा नहीं होता, बल्कि मूल कारण का इलाज जरूरी होता है. मोटापा भी एक बड़ी वजह है. अधिक वजन के कारण शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने की संभावना रहती है, जिससे त्वचा पर काले धब्बे उभर सकते हैं. इसके अलावा लगातार रगड़, पसीना और टाइट कपड़े पहनने से भी गर्दन का रंग गहरा पड़ सकता है. हालांकि यह कारण अस्थायी हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर जांच कराना बेहतर है. कुछ मामलों में विटामिन बी12 की कमी या अन्य पोषण संबंधी समस्याएं भी त्वचा के रंग में बदलाव ला सकती हैं. अगर गर्दन के साथ-साथ थकान, कमजोरी या बाल झड़ने जैसी दिक्कतें भी हों, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. बहुत ही दुर्लभ मामलों में गर्दन का अचानक और तेजी से काला होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए लक्षणों को समझना जरूरी है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 01, 2026, 23:05 IST

केमिकल रंगीन से बाहर! घर पर गुलाब की सब्जी से हर्बल गुलाल, बच्चे भी खेलें बेफिक्र, त्वचा पर एलर्जी भी नहीं होगी

केमिकल रंगीन से बाहर! घर पर गुलाब की सब्जी से हर्बल गुलाल, बच्चे भी खेलें बेफिक्र, त्वचा पर एलर्जी भी नहीं होगी

1 मार्च 2026 को 22:14 IST पर अपडेट किया गया घर पर बने होली के रंग: होली पर गुलाब की होली का इस्तेमाल कर आप भी घर पर गुलाल खरीद कर बना सकते हैं। ये केमिकल फ्री और स्किन फ्रेंडली होता है। घरेलू तरीकों से गुलाल तैयार करने का तरीका जानें, जो बच्चों के लिए भी है सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर बने होली के रंग(टी)डीआईवाई घर पर बने होली के रंग(टी)प्राकृतिक गुलाल(टी)गुलाब के फूलों से बना प्राकृतिक गुलाल(टी)गुलाब के फूलों का गुलाल(टी)प्राकृतिक गुलाल रेसिपी(टी)घर पर बने होली के रंग(टी)गुलाब की पंखुड़ियों वाला गुलाल(टी)पर्यावरण के अनुकूल होली(टी)त्वचा के अनुकूल होली के रंग

होली फूड: होली के दिन घर पर बाजार से भी बेहतर दही भल्ले, नोट कर लें आसान रेसिपी

होली फूड: होली के दिन घर पर बाजार से भी बेहतर दही भल्ले, नोट कर लें आसान रेसिपी

दही भल्ले रेसिपी: भारत में त्योहारों का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है, खासकर दही भल्ले जैसे पारंपरिक व्यंजन त्योहारों पर ही मिलते हैं। उत्तर भारत में होली के त्योहार पर दही भल्ले घर-घर बनाए जाते हैं। ये उड़द दाल के नर भल्ले, गाए दही और नकली के साथ इतनी लजीज शामिल हैं कि मेहमान अंगलियां चाटते रह जाते हैं। लेकिन कई बार इसे घर पर बनाना काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि भल्ले जल्दी से नर नहीं बनते या फिर बीच में ही पेट में रह जाते हैं। ऐसे में सही दही भल्ले बनाने का तरीका पता होना जरूरी है। दही भल्ले की सही रेसिपी काफी सरल है, साथ ही कुछ ट्रिक्स सिद्धांत से प्रभावकारी परिणाम भी है। हम यहां एक आसान तरीका बता रहे हैं, जो घरेलू सामग्री से तैयार होता है। यह रेसिपी उत्तर भारतीय स्टाइल की है। जानिए इसे बनाने का स्टेप बाई स्पेट का सही तरीका। दही भल्ले कैसे बनाएं? सबसे पहले उड़द और मूंग दाल को धोकर 5-6 घंटे या रात भर का समय लें। पानी से भरे मजदूर में कम पानी से पीस लें। पेस्ट प्लेसमेंट। पिसी दाल को 8-10 मिनट एक दिशा में फेंटें, जब तक फूली न हो। पानी में तैरने के लिए चेक करें, अगर तैरना है तो तैयार है। अब हींग, अदरक, काली मिर्च और नमक। आटे में पका हुआ तेल गर्म करें। प्यारे हाथों से छोटे खिलौने सोलोमन तलें। तले भल्लों को नमक-हींग वाले गुनगुने पानी में 20-30 मिनट भिगोएं, ताकि स्पंजी बनें।दही को फेंटकर चीनी मिलाएं और फ्रिज में ठंडा करें। हाउसते समय भल्लों से पानी निशानें, प्लेट में जगह। ऊपर दही, मठ और मूल तत्व। बस तैयार है आपके दही भल्ले। धनिया और सेव से सजाएं। ये रेसिपी कम तेल वाली है, जो होली की मस्ती में बैठती है। तो आप इसे होली पर ट्राई कर सकते हैं, परिवार के साथ मौजूद रहें। होली पर बनाएं ये पारंपरिक व्यंजन सभी को पसंद आएं। (टैग्सटूट्रांसलेट)दही भल्ले रेसिपी(टी)होली स्पेशल स्नैक्स(टी)सॉफ्ट दही वड़ा(टी)इंडियन स्ट्रीट फूड(टी)आसान होली रेसिपी(टी)होली फूड(टी)दही भल्ले

दलौदा कृषि मंडी से लहसुन चोरी का खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार, 75 किलो लहसुन बरामद, तफ्तीश जारी

दलौदा कृषि मंडी से लहसुन चोरी का खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार, 75 किलो लहसुन बरामद, तफ्तीश जारी

मंदसौर जिले की दलौदा थाना पुलिस ने कृषि उपज मंडी से हुई लहसुन चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 75 किलोग्राम चोरी का लहसुन बरामद किया है। यह घटना 28 फरवरी 2026 को सामने आई थी, जब दलौदा कृषि उपज मंडी के चौकीदार तूफानसिंह राजपूत ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि दो व्यक्ति मंडी परिसर से लहसुन के कट्टे चुराकर फरार हो गए थे। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर दलौदा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना दलौदा पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। विवेचना के दौरान, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इस सूचना पर रविवार को कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ईदगाह के सामने एलची रोड पर दबिश दी और वहां से दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राधेश्याम उर्फ राजेश पिता प्रेमचंद (निवासी भदवासा, थाना नामली, जिला रतलाम, हाल मुकाम एलची) और भानुप्रतापसिंह उर्फ राहुल पिता शंकर लौहार (निवासी कालुखेड़ा, जिला रतलाम) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दलौदा कृषि मंडी से चोरी किए गए लहसुन के कट्टे जब्त किए, जिनका कुल वजन लगभग 75 किलोग्राम है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि चोरी की इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल तो नहीं है।

Murshidabad-Malda 19 Lakh Documents Pending; BJP Calls It Action Against Infiltrators

Murshidabad-Malda 19 Lakh Documents Pending; BJP Calls It Action Against Infiltrators

Hindi News National Murshidabad Malda 19 Lakh Documents Pending; BJP Calls It Action Against Infiltrators कोलकाता46 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद शनिवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट के मुताबिक, राज्य के करीब 60.06 लाख वोटर्स के दस्तावेज अभी भी जांच के घेरे में हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती जिलों की है। आयोग ने राज्य की मतदाता सूची से कुल 63.66 लाख नाम हटा दिए हैं। बंगाल के कुल वोटर्स की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। वहीं भाजपा ने इसे ‘घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक जंग’ करार दिया है। मुर्शिदाबाद और मालदा पेडिंग केसेस में टॉप पर चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 11.01 लाख वोटर्स ऐसे हैं जिनकी स्क्रूटनी अभी पेंडिंग है। इसके ठीक बाद मालदा का नंबर आता है, जहां 8.28 लाख वोटर्स के दस्तावेजों की न्यायिक अधिकारियों द्वारा जांच की जानी बाकी है। 2011 की जनगणना के अनुसार मुर्शिदाबाद में 66% और मालदा में 51% मुस्लिम आबादी है और ये दोनों ही जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए हैं। बॉर्डर वाले जिलों में सबसे ज्यादा ‘संदिग्ध’ उत्तर 24 परगना (5.91 लाख), दक्षिण 24 परगना (5.22 लाख) और उत्तर दिनाजपुर (4.80 लाख) जैसे सीमावर्ती जिलों में भी पेंडिंग मामलों की संख्या काफी अधिक है। इसके उलट, राज्य के पहाड़ी और आदिवासी बहुल इलाकों जैसे कालिम्पोंग (6,790) और झाड़ग्राम (6,682) में ऐसे वोटर्स की संख्या सबसे कम पाई गई है। इन 60 लाख वोटर्स का क्या होगा? चुनाव आयोग के अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन वोटर्स का नाम ‘अंडर एडजूडिकेशन’ में रखा गया है, उन्हें फिलहाल लिस्ट से बाहर नहीं किया गया है। न्यायिक अधिकारी इन दस्तावेजों की गहन जांच करेंगे और पूरी जांच के बाद ही सुधार या नाम हटाने की प्रक्रिया होगी। आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम न कटे। इसके लिए आने वाले समय में सप्लीमेंट्री लिस्ट भी जारी की जा सकती है। भाजपा बोली- वोटर लिस्ट से घुसपैठिए साफ वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने दावा किया कि वोटर लिस्ट से हटाए गए 50 लाख से ज्यादा लोग ‘घुसपैठिए’ थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घुसपैठियों के फर्जी कागज बनवाकर उन्हें अपना वोट बैंक बनाया और कानूनी सुरक्षा दी। नवीन ने कहा कि ये घुसपैठिए भारतीयों के हक की सरकारी नौकरियों और योजनाओं का फायदा उठा रहे थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अब इन लोगों को बंगाल से बाहर करने का समय आ गया है। पूरी खबर पढ़ें… —————————- ये खबर भी पढ़ें: बंगाल SIR- फाइनल लिस्ट में 7.04 करोड़ से ज्यादा वोटर:63 लाख लोगों के नाम हटे; अब तक 11 राज्यों-UT की अंतिम मतदाता सूची जारी पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

तने से पंखुड़ियों तक, औषधीय गुणों से भरपूर ये फूल, गठिया-बुखार में तुरंत पहुंचाता है राहत

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Last Updated:March 01, 2026, 19:55 IST Sudarshan Flower Benefits: सफेद रंग का ये फूल कोई मामूली चीज नहीं है. ये प्रकृति की वो देन है, जिससे गठिया जैसी बीमारियों के लक्षणों को भी कंट्रोल किया जा सकता है. सुदर्शन फूल आयुर्वेद में मेडिसिन के रूप में सालों से इस्तेमाल होता आया है. यहां आप इसके गुणों और इस्तेमाल के तरीकों को डिटेल में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट प्रकृति की ऐसी कोई चीज नहीं है जिनका मुल्य न हो. फूल जो अपनी सुंदरता और सुगंध के लिए जाने जाते हैं, असल में औषधिय गुणों से भरपूर हो सकते हैं. हालांकि इन पौधों के बारे में लोगों के पास कम ही जानकारी होती है. लेकिन सुदर्शन पौधे के बारे में तो आप जानते ही होंगे. जितना सुंदर सुदर्शन का पौधा दिखने में लगता है, उतना ही चमत्कारी है. सुदर्शन ऐसा पौधा है, जिस पर शंख के समान फूल आते हैं. पौधे के फूल, पत्ती, और जड़ भी गुणों से भरपूर हैं, और सदियों से इसका इस्तेमाल दवा के रूप में आयुर्वेद में होता आया है. आयुर्वेद में सुदर्शन को गर्म तासीर का पौधा माना गया है, लेकिन अगर उसे चिकित्सक की सलाह के बाद इस्तेमाल किया जाए, तो इसके गुणों के जानकर आप हैरान हो जाएंगे. सुदर्शन के पौधे के फायदे महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या आम है. दवा लेने पर भी इस समस्या से छुटकारा नहीं पाया जा सकता है, लेकिन सुदर्शन के तने को दूध में पीसकर अगर लिया जाए तो लिकोरिया जैसी परेशानी से भी निजात पाई जा सकती है. इस परेशानी से महिलाओं में कमर दर्द और कमजोरी होने लगती है. सुदर्शन त्वचा से संबंधित परेशानियों में भी दवा की तरह काम करता है. चर्म रोग से जूझ रहे हैं तो उसकी पत्तियों को पीस कर प्रभावित जगह पर लगाने से आराम मिलता है. इसकी पत्तियों के लेप को घाव पर भी लगाया जा सकता है. पत्तियों में मौजूद एंटीबायोटिक गुण घाव को जल्दी भरने में सहायता करते हैं. अगर बार-बार कमजोरी महसूस होने के बाद बुखार आ जाता है, तब भी सुदर्शन के तने का प्रयोग किया जा सकता है. आयुर्वेद में पौधे के तने को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है. हालांकि, काढ़ा का प्रयोग डॉक्टरी सलाह के बाद ही करें. अगर जोड़ों या मांसपेशियों के दर्द की वजह से चलना-फिरना मुश्किल हो गया है, तब भी सुदर्शन लाभकारी है. गठिया की परेशानी में भी सुदर्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए पौधे की जड़ पीसकर लेप को जोड़ों पर लगाकर सिकाई करें. इससे दर्द में राहत मिलेगी और सूजन में भी आराम मिलेगा. लेकिन ध्यान रखें इसका इस्तेमाल हमेशा एक्सपर्ट से परामर्श के बाद ही करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 01, 2026, 19:55 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

‘धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल पर उठा सवाल:शोभा डे बोलीं- प्रमोशन में किरदार और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर किया गया पेश

‘धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल पर उठा सवाल:शोभा डे बोलीं- प्रमोशन में किरदार और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर किया गया पेश

राइटर-कॉलमिस्ट शोभा डे ने फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना के रोल को लेकर हो रही हाइप पर सवाल उठाया। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उनके रोल और डांस मूव्स को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। शोभा डे ने रेडिफ ओरिजिनल्स पॉडकास्ट में फिल्म के बारे में अपनी राय शेयर करते हुए कहा, “मुझे लगा कि जिस तरह का माहौल बनाया गया, वह थोड़ा मैनिपुलेटिव था। ऐसा दिखाया गया मानो अक्षय खन्ना रणवीर से बड़े स्टार हों और उन्होंने पूरी फिल्म को अपने दम पर संभाल लिया हो। उनके डांस को भी खास तरह से पेश किया गया। हालांकि डांस वाकई शानदार था और वायरल भी हुआ, लेकिन उसे जिस तरह प्रमोट किया गया, वह सोच-समझकर बनाई गई रणनीति जैसा लगा।” वहीं, जब पॉडकास्ट में फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर जब ऋतिक रोशन के बयान का जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें फिल्म पसंद आई, लेकिन वह इसकी राजनीति से सहमत नहीं हैं, शोभा डे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी ने ऋतिक से यह नहीं पूछा था कि वह फिल्म की राजनीति से सहमत हैं या नहीं। उनके मुताबिक, यह उनकी अपनी पसंद थी कि उन्होंने इस पहलू पर टिप्पणी की। शोभा डे ने हल्के अंदाज में कहा कि वह चाहते तो सिर्फ इतना कह सकते थे कि उन्हें फिल्म पसंद आई। राजनीति पर राय देना जरूरी नहीं था। फिल्म को लेकर ऋतिक ने क्या कहा था? बता दें कि ऋतिक ने फिल्म देखने के बाद इंस्टाग्राम पर लिखा था कि उन्हें फिल्म की स्टोरीटेलिंग पसंद आई। उन्होंने कहा था कि वह फिल्म की राजनीति से सहमत नहीं हैं, लेकिन सिनेमा के स्टूडेंट के तौर पर उन्होंने इससे बहुत कुछ सीखा। ऋतिक ने लिखा, “मुझे सिनेमा पसंद है। मुझे वे लोग पसंद हैं जो कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं। धुरंधर इसका उदाहरण है। मुझे इसकी कहानी कहने का तरीका अच्छा लगा। मैं इसकी राजनीति से सहमत नहीं हूं। फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्होंने एक्स और इंस्टाग्राम पर फिर पोस्ट किया। उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर और एक्टर रणवीर सिंह की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि फिल्म अभी भी उनके दिमाग में चल रही है। फिल्म धुरंधर 5 दिसंबर को रिलीज हुई थी। इसमें रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस बने थे। रणवीर के अलावा फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और आर माधवन भी थे। फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस किया था।

अफवाह फैलाने वालों पर होगा एक्शन:मैहर में होली-रमजान पर शांति समिति की बैठक; हुड़दंगियों पर प्रशासन सख्त

अफवाह फैलाने वालों पर होगा एक्शन:मैहर में होली-रमजान पर शांति समिति की बैठक; हुड़दंगियों पर प्रशासन सख्त

मैहर जिले के रामनगर थाने में रविवार शाम होली और रमजान माह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने गणमान्य नागरिकों के साथ त्योहारों की व्यवस्थाओं पर चर्चा की और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में एसडीएम एसपी मिश्रा, एसडीओपी ख्याति मिश्रा, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी, तहसीलदार अनामिका सिंह, नायब तहसीलदार ललित धार्वे, रोशन लाल रावत और नगर परिषद अध्यक्ष दीपा दीपू मिश्रा मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त, क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित थे, जिन्होंने त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने पर अपने विचार साझा किए। अधिकारियों ने सभी समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और कानून व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, नशाखोरी या हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक जानकारी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के समापन पर, अधिकारियों और समाजसेवियों ने नगरवासियों से होली और रमजान के पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मनाने का आग्रह किया। उन्होंने एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से खुशियां बांटने की अपील की।

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

फरवरी महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने विदेशी निवेशकों ने ₹22,615 करोड़ के शेयर खरीदे। यह पिछले 17 महीनों में विदेशी निवेश का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले सितंबर 2024 में FPIs ने ₹57,724 करोड़ का निवेश किया था। बाजार जानकारों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील, शेयरों की कीमतों में सुधार और कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा लौटाया है। तीन महीने की भारी बिकवाली के बाद लौटे निवेशक साल 2026 की शुरुआत विदेशी निवेशकों के लिए काफी खराब रही थी। फरवरी में हुई इस खरीदारी से पहले लगातार तीन महीनों तक FPIs ने बाजार से पैसा निकाला था। कुल मिलाकर साल 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से करीब 18.9 बिलियन डॉलर यानी 1.72 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। इस बिकवाली की मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी, ग्लोबल ट्रेड टेंशन और अमेरिकी टैरिफ का डर था। ट्रेड डील और मजबूत अर्निंग्स ने बदला माहौल एंजेल वन लिमिटेड के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट जावेद खान के मुताबिक, फरवरी में इस निवेश के पीछे तीन बड़े कारण हैं… ग्रो म्यूचुअल फंड के CEO वरुण गुप्ता ने बताया कि भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और यूके के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जिससे अनिश्चितता कम हुई है। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर में बिकवाली सेक्टर के लिहाज से देखें तो विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स सेक्टर में लगाया है। वहीं दूसरी तरफ IT सेक्टर में बिकवाली जारी है। फरवरी महीने में FII ने IT शेयरों से ₹10,956 करोड़ निकाले हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, एंथ्रोपिक जैसी AI कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के डर से निवेशक IT शेयरों को बेच रहे हैं। मार्च में भी निवेश जारी रहने की उम्मीद एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च महीने में भी विदेशी निवेश पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी बनी हुई हैं… ……………. ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 कंपनियों में 9 की वैल्यू ₹2.18 लाख करोड़ घटी: एयरटेल टॉप लूजर रही, इसकी वैल्यू ₹55,852 करोड़ घटी; HDFC बैंक का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 9 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 2.18 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। एयरटेल का मार्केट कैप 55,852 करोड़ रुपए घटकर ₹10.71 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹37,580 करोड़ घटकर ₹13.65 लाख करोड़ पर आ गई। वहीं रिलायंस का मार्केट कैप 34,846 करोड़ रुपए घटकर ₹18.86 लाख करोड़ पर आ गया। पूरी खबर पढ़ें…

बालों की देखभाल: होली के बाद बालों में जमे जिद्दी रंग को 10 मिनट में साफ करें, घरेलू टिप्स से बाल मुलायम और चमकदार हो जाएंगे

बालों की देखभाल: होली के बाद बालों में जमे जिद्दी रंग को 10 मिनट में साफ करें, घरेलू टिप्स से बाल मुलायम और चमकदार हो जाएंगे

1 मार्च 2026 को 18:02 IST पर अद्यतन किया गया होली के बाद बालों में जमे जिद्दी रंग को घर बैठे आसानी से निकाला जा सकता है। ये उपाय बालों को रूखा होने से बचाते हैं और बालों का निखार भी वापस लाने में मदद करते हैं।